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शिक्षा

RPSC SI Re-Exam 2021: All Candidates Can Apply

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने 20 सितंबर 2026 को प्रस्तावित एसआई भर्ती-2021 के री-एग्जाम में आवेदन करने वाले सभी कैंडिडेट्स शामिल हो सकेंगे। . एग्जाम में शामिल होने के इच्छुक सभी कैंडिडेट्स को आज से आवेदन फार्म अपडेट करना होगा। इसके लिए लास्ट डेट 22 जुलाई रखी गई है। पूर्व में अपडेट कर चुके कैंडिडेट्स को दोबारा संशोधन की जरूरत नहीं होगी। बता दें कि इस भर्ती परीक्षा के लिए 7 लाख 97 हजार कैंडिडेट्स ने आवेदन किया था। 3 लाख 83 हजार 97 कैंडिडेट्स पिछले एग्जाम में शामिल हुए थे। एग्जाम रद्द होने के बाद फिर से एग्जाम कराने का निर्णय हुआ तो केवल पहले एग्जाम में शामिल होने वाले लोगों को ही मौका दिया। री-एग्जाम के लिए इन 3.83 लाख कैंडिडेट्स को पहले भरे गए आवेदन पत्रों में सुधार और अपडेट करने का अवसर दिया गया था। इसमें 1 लाख 53 हजार ने ही रुचि दिखाई। दो लाख 30 हजार कैंडिडेट्स ने किनारा कर लिया। कैंडिडेट्स को आवेदन में ये अपडेट करने होंगे आयोग के अनुसार आवेदन अपडेट करने से पहले कैंडिडेट्स को अपने वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) में केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसमें लाइव फोटो, अंगूठे का निशान और हस्ताक्षर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा। इसके बाद आवेदन में संशोधन कर स्वघोषणा पत्र स्वीकार करते हुए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से सत्यापन करना होगा। यह प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। कैंडिडेट्स एसएसओ आईडी से लॉगिन कर माय रिक्रूटमेंट सेक्शन में जाकर आवेदन अपडेट कर सकते हैं। जिनका ओटीआर नई एसएसओ आईडी में माइग्रेट हो चुका है, वे फेच एप्लीकेशन फॉर्म विकल्प का उपयोग कर सकेंगे। यदि आवेदन ट्रांसफर में तकनीकी समस्या आती है तो कैंडिडेट्स 15 जुलाई तक आयोग के कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। परीक्षा का सिलेबस भी 22 मई 2026 को जारी प्रेस नोट के अनुसार रहेगा। आवेदन में केवल मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, पत्राचार का पता, लाइव फोटो, अंगूठे का निशान और हस्ताक्षर ही बदले जा सकेंगे। आयु, शैक्षणिक योग्यता और आरक्षण जैसी मूल जानकारी में कोई बदलाव नहीं होगा। यह निर्णय राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ के 2 जुलाई 2026 के अंतरिम आदेश के बाद लिया गया है। आयोग ने कहा है कि 2021 भर्ती के सभी कैंडिडेट्स को फिलहाल अनंतिम रूप से री-एग्जाम में शामिल होने की अनुमति दी गई है। हालांकि, ओटीआर में उपयोग किए गए फोटो, हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान के उपयोग की सहमति देकर ओटीपी सत्यापन के साथ आवेदन फाइनल सब्मिट करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने वाले कैंडिडेट्स का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। एसआई भर्ती-2021 में बड़ी गिरफ्तारियां… 1. पूर्व RPSC मेंबर और बेटे-बेटी अरेस्ट- सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में RPSC के पूर्व सदस्य रामूराम राईका, उसके बेटे देवेश राईका और शोभा राईका की भी गिरफ्तारी हुई थी। देवेश राईका और शोभा राईका को जमानत मिल चुकी है। रामूराम राईका को 4 जुलाई 2018 को तत्कालीन बीजेपी सरकार (वसुंधरा राजे सरकार) के दौरान RPSC का मेंबर बनाया गया था। राईका 4 जुलाई 2022 तक मेंबर रहा था। रामूराम राईका अब भी जेल में है। रामूराम राईका और उसके बेटे-बेटी को अरेस्ट किया गया था। 2. बाबूलाल कटारा से रामूराम राईका ने लिया था पेपर: सीनियर टीचर पेपर लीक मामले में गिरफ्तार निलंबित RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा भी SI भर्ती पेपर लीक में शामिल था। रामूराम राईका ने एसओजी को बताया था कि वह अपने बेटे-बेटी के लिए बाबूलाल कटारा से पेपर लेकर आया था। बाबूलाल कटारा ने रामूराम राईका को बेटे-बेटी के लिए पेपर दिया था। 3. पूर्व सीएम गहलोत के PSO भी अरेस्ट: पूर्व सीएम अशोक गहलोत के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) राजकुमार यादव और उसके बेटे भरत यादव को भी एसओजी ने गिरफ्तार किया था। राजकुमार यादव ने बेटे के लिए पेपर खरीदा था। इसके बाद अपने दूधवाले को भी पेपर बेचा था। आरोपी राजकुमार 8 अगस्त 2025 को पकड़ा गया था। पूर्व सीएम अशोक गहलोत के पीएसओ और उसके बेटे को भी पेपर लीक में पकड़ा गया था। Source link

झारखंड

एसआईआर : बोकारो में वरीय अधिकारियों ने किया क्षेत्र भ्रमण, बीएलओ को...

सिटी रिपोर्टर| बोकारो एसआईआर-2026 अभियान के तहत जिले की मतदाता सूची को शत-प्रतिशत अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को सभी वरीय व जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने क्षेत्र भ्रमण किया। अधिकारियों ने अपने-अपने आवंटित विधानसभा क्षेत्रों और प्रखंडों का दौरा कर अभियान की प्रगति का जायजा लिया और मतदान केंद्रों पर पहुंचकर बूथ लेवल अफसरों (बीएलओ) के कार्यों का निरीक्षण किया। भ्रमण के क्रम में जिले के शीर्ष अधिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों की कमान संभाली थी। बोकारो विधानसभा में डीडीसी शताब्दी मजूमदार व प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन ने निरीक्षण किया। इसके साथ ही सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा सुचिता किरण और जिला खेल पदाधिकारी हेमलता बून ने भी बीएस सिटी क्षेत्र का दौरा किया। चंदनकियारी विधानसभा में डीपीएलआर पूर्णिमा कुमारी ने कार्यों का जायजा लिया। बेरमो विधानसभा में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ. सुमन गुप्ता ने पेटरवार व जरीडीह का और डीटीओ मारुति मिंज ने बेरमो व चंद्रपुरा प्रखंड का भ्रमण किया। गोमिया विधानसभा में जिला पंचायती राज पदाधिकारी मो. शफीक आलम ने निरीक्षण किया। वहीं डुमरी विधानसभा अंश (नावाडीह/चंद्रपुरा) में जिला कृषि पदाधिकारी मो. शाहिद ने प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान पदाधिकारियों ने बीएलओ, सुपरवाइजर और वॉलंटियर्स से घर-घर सर्वेक्षण, मतदाता सत्यापन, दस्तावेजों के संकलन और ऑनलाइन प्रविष्टियों की जानकारी ली। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि नए पात्र मतदाताओं के नाम समय पर जोड़े जाएं तथा मृत, स्थानांतरित या दोहरे नाम वाले मतदाताओं का नियमानुसार सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। सभी बीएलओ को आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता, शुद्धता और समयबद्धता के साथ कार्य करने तथा अभिलेखों को त्रुटिरहित रखने को कहा। Source link

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Baruipur Case: बंगाल में बरुईपुर रेप-मर्डर कांड के आरोपी का एनकाउंटर, 12...

Baruipur Rape-Murder Case: पश्चिम बंगाल के बरुईपुर रेप-मर्डर केस में बड़ा एक्शन हुआ है. 12 साल की बच्ची से दरिंदगी करने वाले रेपिस्ट का एनकाउंटर हो गया है. जी हां, बंगाल पुलिस ने बरुईपुर रेप और मर्डर के मुख्य आरोपी को आज यानी बुधवार को एनकाउंटर में गोली मारकर ढेर कर दिया. आरोपी का एनकाउंटर तब हुआ, जब उसे सीन रिक्रिएट करने के लिए क्राइम सीन पर ले जाया जा रहा था. आरोपी का नाम प्रभाष मंडल था. पुलिस के मुताबिक, बरुईपुर रेप-मर्डर केस के आरोपी को पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली मारी. 12 साल की बच्ची की हत्या के आरोपी को क्राइम सीन को फिर से समझने के लिए घटना वाली जगह पर ले जाया गया था, तभी उसने कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी की सर्विस गन छीन ली और पुलिस पर गोली चलाने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी. यह घटना मंगलवार देर रात की है. पुलिस ने बताई एनकाउंटर की कहानी पुलिस ने एनकाउंटर पर कहा, ‘रात करीब 12:45 बजे बरुईपुर पुलिस स्टेशन के केस नंबर 1350/26 के जांच अधिकारी अपनी टीम और आरोपी प्रभाष मंडल के साथ बरुईपुर पुलिस स्टेशन से निकले. वे बरुईपुर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले सूर्यपुर में घटना वाली जगह पर क्राइम सीन का रिकंस्ट्रक्शन करने जा रहे थे. सूर्यपुर में घटना वाली जगह पर क्राइम सीन का रिकंस्ट्रक्शन शुरू करने से ठीक पहले आरोपी प्रभाष मंडल ने एक पुलिसकर्मी से हथियार छीन लिया. इसके बाद हमारी टीम पर एक राउंड गोली चलाई और मौके से भागने की कोशिश की. पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी प्रभाष मंडल घायल हो गया और उसे तुरंत बारुईपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है.’ बरुईपुर रेप-मर्डर केस क्या है गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के बरुईपुर इलाके में 5 जुलाई को एक तालाब से 12 साल की लड़की का शव मिला था. वह 4 जुलाई से लापता थी. मृतक लड़की के परिवार वालों का आरोप है कि उसके साथ रेप हुआ और फिर उसकी हत्या कर दी गई. हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस आरोप की पुष्टि नहीं की है. पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक और विसरा रिपोर्ट मिलने पर ही इसकी पुष्टि होगी. नाबालिग लड़की के शव का पोस्टमार्टम 5 जुलाई की रात को पूरा हुआ. सोमवार, 6 जुलाई को बारुईपुर पुलिस जिले ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले तीन पुलिस थानों के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी. निषेधाज्ञा लागू होने के साथ ही, इन तीन पुलिस थानों के इलाकों में एक ही समय और जगह पर पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है. इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. रविवार को बारुईपुर में एक तालाब से नाबालिग लड़की का शव मिलने के बाद तनाव फैल गया था. पुलिस ने बताया कि क्या हुआ था उस दिन पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि आशंका है कि आरोपियों में से एक बच्ची को एक झोपड़ी में ले गया था, जहां दो अन्य आरोपी पहले से मौजूद थे और इसके बाद कथित रूप से वारदात को अंजाम दिया गया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है. वहीं, जांचकर्ता फॉरेंसिक और विसरा की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपियों में से एक नाबालिग बच्ची को कथित तौर पर उस झोपड़ी में ले गया, जहां दो अन्य आरोपी पहले से मौजूद थे. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात से पहले तीनों आरोपियों ने नशीले पदार्थों का सेवन किया था. प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं. जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि ये चोटें कैसे लगीं. रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.’ पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या मिला इस बीच, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘एंटे-मॉर्टम डूबने’ के संकेत मिले हैं जिसका अर्थ है कि तालाब में फेंके जाने के समय बच्ची जीवित थी. जांचकर्ताओं का मानना है कि तालाब में फेंके जाने से पहले चोटों के कारण बच्ची बेहोश हो गई थी. पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फेफड़ों और पेट में पानी मिलने का उल्लेख है, जिसकी जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि बच्ची को तालाब में फेंकने के बाद तीनों आरोपी अलग-अलग वहां से चले गए. परिजन ने क्या कहा? पीड़िता के माता-पिता द्वारा लगाए गए इस आरोप पर कि शनिवार को बच्ची के गुमशुदा होने के बाद बार-बार अनुरोध करने के बावजूद पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की, डीजीपी ने कहा, ‘हम इस पहलू की भी जांच करेंगे. यदि यह पाया गया कि पुलिस की प्रतिक्रिया में देरी हुई थी, तो इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी.’ लड़की का शव सुर्ज्यापुर हाट इलाके में एक बोरी में मिला था. रविवार को शव मिलने के कुछ घंटों बाद गुस्साई भीड़ ने लड़की की मौत में शामिल होने के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. Source link

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300 साल पुराना झारखंड का श्री बंशीधर मंदिर, जहां विराजमान है 32...

पलामू: जहां आस्था की बात होती है, वहां पौराणिक मान्यताएं उभर का सामने आती हैं. झारखंड के गढ़वा जिले में स्थित बंशीधर नगर का श्री बंशीधर मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है. यह मंदिर अपनी अद्भुत मान्यता और भगवान श्रीकृष्ण की 32 मन शुद्ध सोने से बनी दुर्लभ प्रतिमा के कारण पूरे देश में विशेष पहचान रखती है. कहा जाता है कि इतनी विशाल शुद्ध स्वर्ण प्रतिमा विश्व में भी बेहद दुर्लभ है, जो इस मंदिर को अनोखा बनाती है. 300 साल पुराना है मंदिर बता दें कि मंदिर की स्थापना लगभग 300 वर्ष पहले नगर उंटारी रियासत के तत्कालीन राजा भवानी सिंह ने कराई थी. पुजारी कृष्ण पांडे ने बताया कि विक्रम संवत के 1827 को जन्माष्टमी के व्रत के दौरान रानी शिवमानी कुंवर को स्वप्न में भगवान कृष्ण आए और कनहर नदी के पास महुरिया के निकट ‘शिवपहाड़ी’ से अपनी प्रतिमा निकाल कर स्थापित करने का आदेश दिया. इसके बाद खुदाई में भगवान कृष्ण की दिव्य प्रतिमा प्राप्त हुई और उसी स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया. तभी से यह मंदिर श्रद्धा और विश्वास का प्रमुख केंद्र बन गया. बांसुरी धारण किए हैं भगवान श्रीकृष्ण इस मंदिर के गर्भगृह में विराजमान भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा बांसुरी धारण किए हुए मनमोहक स्वरूप में स्थापित है. भगवान के साथ-साथ राधा रानी की प्रतिमा भी विराजमान है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से यहां की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती है. दूर-दूर से आने वाले भक्त अपने परिवार की सुख-समृद्धि, संतान, स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति के लिए भगवान बंशीधर के चरणों में शीश झुकाते हैं. मंदिर में 19 सालों से पूजा कर रहे पुजारी ने बताया पुजारी ने आगे बताया कि वह पिछले 19 वर्षों से भगवान बंशीधर की सेवा और पूजा-अर्चना कर रहे हैं. उनके अनुसार, मंदिर की स्थापना विक्रम संवत 1885 में हुई थी, जो आज से लगभग 300 वर्ष पहले की बात है. लोकमान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण की 32 मन शुद्ध सोने की दिव्य प्रतिमा उत्तर प्रदेश के एक पहाड़ी क्षेत्र में भूमि के भीतर दबी हुई थी. रियासत की रानी को स्वप्न में भगवान ने दर्शन देकर अपनी प्रतिमा को वहां से निकालकर स्थापित करने का आदेश दिया. इसके बाद खुदाई में प्रतिमा प्राप्त हुई और उसे हाथी पर सवार कर नगर लाया जाने लगा. जब यात्रा के दौरान हाथी वर्तमान मंदिर स्थल पर आकर बैठ गया और आगे बढ़ने से इंकार कर दिया, तब विद्वानों और संतों ने इसे भगवान की इच्छा माना. उन्होंने कहा कि प्रभु इसी स्थान पर विराजमान होना चाहते हैं. इसके बाद यहीं भव्य मंदिर का निर्माण कर भगवान बंशीधर की प्रतिमा की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई. जन्माष्टमी के दिन रहता है भव्य नजारा उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर यहां का नजारा अत्यंत भव्य और आध्यात्मिक होता है. हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में जुटते हैं. पूरे मंदिर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाता है. भजन-कीर्तन, रासलीला और विशेष पूजा-अर्चना से वातावरण भक्तिमय हो उठता है. इस दौरान भगवान के दिव्य दर्शन के लिए लंबी कतारें लगती हैं. मंदिर में लगती है श्रद्धालुओं की भीड़ पुजारी श्री कृष्ण पांडे बताते हैं कि स्थापना काल से ही मंदिर में प्रतिदिन त्रिकाल पूजा की परंपरा चली आ रही है, जो आज भी पूरी श्रद्धा और वैदिक विधि-विधान के साथ निभाई जाती है. उनका कहना है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन और अटूट विश्वास के साथ भगवान बंशीधर के दरबार में अपनी मनोकामना लेकर आते हैं, उनकी प्रार्थना अवश्य स्वीकार होती है. जानें मंदिर और खुलने और बंद होने का समय साथ ही कहा कि मंदिर का पट प्रतिदिन सुबह 5 बजे खुलता है. सुबह 5 बजे से 7 बजे तक भगवान की विशेष पूजा, आरती और श्रृंगार होता है. इसके बाद सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकते हैं. दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक मंदिर का पट विश्राम के लिए बंद रहता है. इसके बाद दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक पुनः दर्शन की व्यवस्था रहती है, जहां दूर-दूर से आने वाले हजारों श्रद्धालु भगवान बंशीधर के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. इस मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद मजबूत है. भगवान की स्वर्ण प्रतिमा की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाती है. इसके बावजूद मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को शांति और भक्ति का अद्भुत अनुभव कराता है. Source link

झारखंड

एसकेएमयू में स्नातक नामांकन के लिए 34 हजार से अधिक आवेदन, आवेदन...

भास्कर न्यूज |दुमका सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय (एसकेएमयू) के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-29 में स्नातक पाठ्यक्रमों में नामांकन को लेकर विद्यार्थियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम तक कुल 34,100 विद्यार्थियों ने चांसलर पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन शुल्क जमा कर आवेदन प्रक्रिया पूरी की है, जबकि लगभग 3,946 आवेदन शुल्क भुगतान नहीं होने के कारण अभी भी लंबित हैं। आवेदन की अंतिम तिथि आज बुधवार 8 जुलाई निर्धारित की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार नामांकन प्रक्रिया के अगले चरण में 11 जुलाई को प्रथम मेरिट सूची प्रकाशित की जाएगी, जबकि 13 जुलाई से चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन एवं नामांकन प्रक्रिया संबंधित महाविद्यालयों में शुरू होगी। विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों से निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। एसकेएमयू के अंतर्गत संथाल परगना प्रमंडल के छह जिलों दुमका, देवघर, साहिबगंज, पाकुड़, जामताड़ा और गोड्डा में स्थित कुल 43 महाविद्यालयों में नामांकन प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिनमें 27 अंगीभूत तथा 16 संबद्ध कॉलेज शामिल हैं। अंगीभूत कॉलेजों में 13 पुराने डिग्री कॉलेज, 5 नए डिग्री कॉलेज, 4 महिला कॉलेज तथा 5 मॉडल कॉलेज शामिल हैं। कॉलेजवार आंकड़ों में देवघर के ए.एस. कॉलेज को सबसे अधिक 3,627 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके बाद ए.एन. कॉलेज को 2,891 तथा पथरगामा के एस.बी.एस.एस.पी.एस.जे . कॉलेज को 2,870 आवेदन मिले हैं। वहीं देवघर कॉलेज में 2,644 और संथाल परगना कॉलेज, दुमका में 2,599 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। इसके अलावा के.के.एम. कॉलेज को 2,272, मधुपुर कॉलेज को 2,140, बरहरवा के बी.एस.के. कॉलेज को 1,807 तथा साहिबगंज कॉलेज को 1,805 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सबसे कम आवेदन एम.ए. कलाम आजाद डिग्री कॉलेज, बसंतराय तथा मधुस्थली इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर ट्रेनिंग को मिले हैं, जहां अब तक एक भी भुगतान किया गया आवेदन दर्ज नहीं हुआ है। विषयवार आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस वर्ष भी मानविकी संकाय के विषय विद्यार्थियों की पहली पसंद बने हुए हैं। इतिहास विषय में सर्वाधिक लगभग 8,600 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है, जबकि हिंदी विषय में लगभग 6,900 और राजनीति विज्ञान में लगभग 5,000 आवेदन प्राप्त हुए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी कर ली गई है, ताकि नए शैक्षणिक सत्र का संचालन निर्धारित समय पर किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार अंतिम तिथि तक आवेदन संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है, क्योंकि कई विद्यार्थी अभी भी आवेदन शुल्क जमा करने की प्रक्रिया में हैं। Source link

झारखंड

जमीन कारोबारी से प्रिंस खान के नाम पर रंगदारी मांगी:बरियातू के रानी...

बरियातू थाना क्षेत्र के रानी बागान में रहने वाले जमीन कारोबारी विजेंद्र सिंह से मंगलवार को कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के नाम पर एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने फोन करने वाले अज्ञात मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिकी के अनुसार, विजेंद्र सिंह के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को प्रिंस खान बताते हुए एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी। रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। कॉल करने वाले ने यह भी कहा कि वह कारोबारी और उसके परिवार की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। कौन कब और कहां जा रहा है, इसकी पूरी जानकारी उसे है। धमकी दी कि पैसा नहीं देने पर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें। धमकी के बाद सहमे कारोबारी ने सुरक्षा मांगी धमकी भरा कॉल मिलने के बाद विजेंद्र सिंह और उनका परिवार सहमा हुआ है। परिवार को भी निशाना बनाने की चेतावनी के बाद उन्होंने पुलिस से तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। प्राथमिकी में कहा है कि उन्हें सुरक्षा दी जाए, ताकि वे निर्भीक होकर अपना कारोबार कर सकें। Source link

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सुप्रीम कोर्ट के चक्कर से मिलेगी राहत, फिरोजाबाद में आपसी समझौते से...

फिरोजाबाद: सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मामलों के निस्तारण के लिए फिरोजाबाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गांव-गांव जागरूकता अभियान चला रहा है. इस अभियान के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में लंबित ऐसे मामलों का जनपद न्यायालय में आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराया जाएगा. इसके लिए जिला जज के निर्देशन में प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता वाहन रवाना किए गए हैं. इन वाहनों के माध्यम से तहसीलों, ब्लॉकों और गांवों में लोगों को कानूनी सहायता तथा समाधान दिवस की जानकारी दी जाएगी. सुप्रीम कोर्ट में लंबित कुछ मामलों का चयन भी किया गया है, जिनका निस्तारण अगस्त में आयोजित समाधान दिवस के दौरान कराया जाएगा. अगस्त में होगा विशेष समाधान दिवस का आयोजन फिरोजाबाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव योगेश शिवा ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार जिले के ऐसे मामले, जिनका निस्तारण आपसी सुलह-समझौते से किया जा सकता है, लेकिन वे वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं, उनके लिए अगस्त में जनपद न्यायालय में विशेष समाधान दिवस का आयोजन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि फिरोजाबाद जिले के लगभग 18 मामलों का चयन किया गया है. इनमें टैक्स संबंधी मामले, पारिवारिक विवाद तथा अन्य ऐसे प्रकरण शामिल हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश सरकार भी पक्षकार है. इन मामलों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से किया जा सकता है. 18 मामलों का होगा आपसी सुलह-समझौते से निस्तारण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य ऐसे मामलों को अदालतों में लंबी सुनवाई के बजाय आपसी सहमति से समाप्त कराना है. इसी उद्देश्य से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने मामलों के समाधान के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से संपर्क कर सकें. गांव-गांव पहुंचेगी कानूनी जागरूकता, नहीं लगाने होंगे सुप्रीम कोर्ट के चक्कर विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि फिरोजाबाद जनपद न्यायालय में अगस्त माह में तीन दिवसीय समाधान दिवस का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कई मामलों का निस्तारण किया जाएगा. इस अभियान का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए तीन जागरूकता वाहनों को गांव-गांव भेजा गया है. तीन जागरूकता वाहन देंगे कानूनी सलाह उन्होंने बताया कि जिला जज बब्बू सारंग के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तीनों गाड़ियां गांवों में जाकर लोगों को कानूनी सहायता, आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से मामलों के निस्तारण और समाधान दिवस की जानकारी देंगी. इस पहल से लोगों को बार-बार सुप्रीम कोर्ट और अन्य अदालतों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी, साथ ही समय और धन दोनों की बचत होगी. Source link

झारखंड

चिकन पीसेस और अरवा चावल से बनता है झारखंड का देसी सुपरफूड,...

Last Updated:July 08, 2026, 08:12 IST Jharkhandi Dish Murga Pitha: झारखंड की तरफ एक खास पारंपरिक डिश बनती है जिसे मुर्गा पीठा कहते हैं. इसमें भिगोए हुए अरवा चावल के मिक्सचर में मसाला लगे चिकन के पीस डाले जाते हैं और पत्तों के बीच में इस मिश्रण को फैलाकर तवे पर सेंका जाता है. बिना तेल और कम मसालों से बनी यह डिश खाने में शानदार और हेल्दी होती है. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. झारखंड की पहचान सिर्फ उसकी प्राकृतिक सुंदरता और आदिवासी संस्कृति से ही नहीं, बल्कि यहां के पारंपरिक खानपान से भी है. ग्रामीण इलाकों में आज भी कई ऐसे व्यंजन बनाए जाते हैं, जो स्वाद के साथ-साथ भरपूर पोषण भी देते हैं. इन्हीं में से एक है मुर्गा पीठा, जिसे गांवों में बड़े चाव से खाया जाता है. हाट-बाजार, मेला और त्योहारों के दौरान इसकी मांग काफी बढ़ जाती है. कम कीमत और शानदार स्वाद के कारण यह लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. अरवा चावल और चिकन से होता है तैयारमुर्गा पीठा बनाने की प्रक्रिया काफी दिलचस्प होती है. सबसे पहले अरवा चावल को अच्छी तरह साफ कर भिगोया जाता है. इसके बाद उसे पीसकर मुलायम आटे जैसा मिश्रण तैयार किया जाता है. दूसरी ओर, चिकन के छोटे-छोटे टुकड़ों में हल्दी, नमक, लहसुन, अदरक और दूसरे देसी मसाले मिलाकर स्वादिष्ट मिश्रण तैयार किया जाता है. यही मसालेदार चिकन इस व्यंजन की जान माना जाता है. बिना तेल के बनता हैजब चावल का मिश्रण और चिकन तैयार हो जाता है, तब इसे खास तरीके से साल के पत्ते में लपेटा जाता है. साल के पत्ते की खुशबू और प्राकृतिक गुण इस व्यंजन का स्वाद कई गुना बढ़ा देते हैं. पत्ते में लपेटने के बाद इसे भाप में पकाया जाता है. धीरे-धीरे पकने से चावल और चिकन का स्वाद आपस में अच्छी तरह मिल जाता है, जिससे एक अनोखा और लाजवाब स्वाद तैयार होता है. कम मसाले हैं रेसिपी की जानग्रामीण इलाकों में यह सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि परंपरा का हिस्सा है. गांवों के हाट और मेलों में लोग परिवार और दोस्तों के साथ बैठकर मुर्गा पीठा का आनंद लेते हैं. त्योहारों और विशेष अवसरों पर भी इसे खूब बनाया जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें तेल-मसालों का उपयोग अपेक्षाकृत कम होता है, जिससे यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी माना जाता है. कीमत भी कमआज के समय में, जहां फास्ट फूड का चलन बढ़ रहा है, वहीं मुर्गा पीठा लोगों को देसी और हेल्दी ऑप्शन देता है. चावल और चिकन से बना यह व्यंजन शरीर को एनर्जी और प्रोटीन दोनों देता है. यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरों के लोग भी अब इसे पसंद करने लगे हैं. सबसे खास बात इसकी कीमत है. बाजारों और हाटों में एक मुर्गा पीठा आमतौर पर करीब 20 रुपये में मिल जाता है. आकार में बड़ा होने के कारण एक पीस खाने के बाद ही पेट भर जाता है. कम खर्च में स्वाद, पोषण और पारंपरिक झारखंडी संस्कृति का अनुभव करना हो, तो मुर्गा पीठा जरूर चखना चाहिए. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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पदोन्नति के लिए फैकल्टी से 1 हफ्ते में गोपनीय रिपोर्ट मांगी

रिम्स में लंबित फैकल्टी पदोन्नति प्रक्रिया को गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। रिम्स प्रशासन ने रिम्स नियमावली-2014 के तहत लागू असेसमेंट प्रमोशन स्कीम के अंतर्गत साल 2026 की प्रस्तावित पदोन्नति के लिए सभी पात्र शिक्षकों से उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। डीन कार्यालय की ओर से जारी पत्र में सभी विभागाध्यक्षों और डेंटल कॉलेज के प्राचार्य को निर्देश दिया गया है कि पात्र सहायक प्राध्यापक, सहयोगी प्राध्यापक और अतिरिक्त प्राध्यापक निर्धारित प्रारूप में अपनी गोपनीय रिपोर्ट भरकर एक सप्ताह के भीतर विभागाध्यक्ष के माध्यम से जमा करें। रिम्स में फैकल्टी की पदोन्नति असेसमेंट प्रमोशन स्कीम के तहत होती है, जो एम्स नई दिल्ली की व्यवस्था के अनुरूप लागू है। इस प्रणाली में निर्धारित सेवा अवधि, शोध कार्य, प्रकाशन, शिक्षण अनुभव और गोपनीय रिपोर्ट के मूल्यांकन के आधार पर पदोन्नति दी जाती है। स्वीकृत पदोन्नति 1 जुलाई से प्रभावी मानी जाएगी: हर वर्ष होगी पात्रता की समीक्षा एपीएस के तहत प्रत्येक वर्ष असेसमेंट बोर्ड पात्र शिक्षकों का मूल्यांकन करेगा। 30 जून तक आवश्यक सेवा अवधि पूरी करने वाले शिक्षकों की पात्रता पर विचार किया जाएगा और स्वीकृत पदोन्नति 1 जुलाई से प्रभावी मानी जाएगी। फैकल्टी को जो गोपनीय प्रतिवेदन भरना है, उसमें शैक्षणिक उपलब्धियां, शोध कार्य, अध्यापन का विवरण देना होगा। विभागाध्यक्ष और उच्च अधिकारी इसके आधार पर मूल्यांकन करेंगे। Source link

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झारखंड में अब भी 32% कम बारिश:10 जुलाई से 4 डिग्री तक...

रांची समेत पूरे झारखंड में पिछले 48 घंटे से जारी झमाझम बारिश का दौर फिलहाल थम गया है। मंगलवार दोपहर बाद राजधानी रांची सहित कई जिलों में मौसम साफ हुआ और धूप खिली हुई निकली। जबकि शाम में फिर हल्की फुहारें दर्ज की गईं। हालांकि बीते 24 घंटे के आंकड़ों पर नजर डालें तो कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई है। रामगढ़ क्षेत्र में सबसे अधिक 96.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, वहीं रांची में 45 मिमी, जमशेदपुर में 40.6 मिमी, बोकारो थर्मल में 75.6 मिमी और पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में 42.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब आगे बढ़ चुका है, जिससे फिलहाल बारिश में कमी आई है। 10 जुलाई से बदलेगा मौसम, 4 डिग्री तक चढ़ेगा पारा मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 10 जुलाई से राज्य के मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण रांची समेत कई जिलों में तापमान सामान्य से नीचे चला गया था। रांची का अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री कम है। वहीं, सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सरायकेला में रिकॉर्ड हुआ। न्यूनतम तापमान की बात करें तो रांची के कांके में 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। 11 से फिर सक्रिय होगा मानसून, यलो अलर्ट मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 11 जुलाई से झारखंड में एक बार फिर तेज बारिश का दौर लौट सकता है। राज्य के अधिकांश जिलों में 13 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश, मेघ गर्जन और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है। इसे लेकर सभी जिलों के लिए यलो अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम केंद्र का कहना है कि मानसूनी ट्रफ और अरब सागर से मिल रही नमी के कारण अगले चार दिनों तक मानसून सक्रिय बना रहेगा। हालांकि पूरे राज्य में एक साथ बारिश नहीं होगी, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में इसका असर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा। अब तक 172.5 मिमी बारिश हुई रिकॉर्ड एक जून से सात जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार झारखंड में अब तक कुल 172.5 मिमी वर्षा हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 255.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में अब भी करीब 32 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। सबसे ज्यादा कमी गोड्डा में 77 प्रतिशत है। गढ़वा में 67 प्रतिशत, चतरा में 65 प्रतिशत और पाकुड़ में 64 प्रतिशत दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से इस कमी में कुछ हद तक सुधार हो सकता है, लेकिन फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में समय लगेगा। Source link

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