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Operation Sindoor Anniversary | New Terror Camp in Pakistan: नहीं सुधरेगा पाक!...

होमफोटोदेश नहीं सुधरेगा पाक! बॉर्डर के पास फिर खड़े किए आतंकी कैंप, देख लीजिए डर्टी प्लान Last Updated:May 07, 2026, 08:52 IST Operation Sindoor Anniversary: ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुए आतंकी ठिकानों को पाकिस्तान फिर से खड़ा करने में जुट गया है. बहावलपुर, मुजफ्फराबाद और पीओके के कोटली इलाके में नए कैंप, बंकर और लॉन्च पैड बनाए जाने की जानकारी सामने आई है. सैटेलाइट तस्वीरों और खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, ISI और पाक सेना इन गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. भारत की सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. पहलगाम हमले के बाद भारत ने जब ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों को तबाह किया था, तब माना जा रहा था कि इस कार्रवाई से आतंक के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. लेकिन एक साल बाद सामने आई नई सैटेलाइट तस्वीरें अलग कहानी बयां कर रही हैं. पाकिस्तान एक बार फिर उन्हीं तबाह हो चुके आतंकी ढांचों को खड़ा करने में जुट गया है. बहावलपुर से लेकर पीओके के कोटली तक निर्माण गतिविधियां तेज हो चुकी हैं. खुफिया सूत्रों का दावा है कि यह सिर्फ पुनर्निर्माण नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ एक नए ‘डर्टी प्लान’ की तैयारी है. तस्वीरों में कई जगह नए बंकर, अस्थायी लॉन्च पैड और हाई-टेक ट्रेनिंग कैंप दिखाई दे रहे हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार आतंकियों के ठिकाने पहले से ज्यादा छिपे हुए और आधुनिक बनाए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद अपने सबसे बड़े ठिकाने जामिया सुब्हान अल्लाह कॉम्प्लेक्स को फिर से तैयार कर रहा है. यही वह कैंप था, जिसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने भारी नुकसान पहुंचाया था. सैटेलाइट इमेज में अब वहां दोबारा निर्माण सामग्री, नई इमारतों की नींव और सुरक्षा घेरा दिखाई दे रहा है. माना जा रहा है कि पाकिस्तान की सेना और ISI इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रही हैं. आतंकी ढांचे को सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं दी जा रही, बल्कि आसपास सुरक्षा तंत्र भी मजबूत किया गया है. यही वजह है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां अब इन गतिविधियों को बेहद गंभीरता से देख रही हैं. इस बार पाकिस्तान की रणनीति भी बदली हुई नजर आ रही है. पहले बड़े-बड़े कैंप बनाए जाते थे जिन्हें सैटेलाइट या ड्रोन से पहचानना आसान था. लेकिन अब छोटे और मिनी टेरर कैंप तैयार किए जा रहे हैं. ये कैंप घने जंगलों, पहाड़ी इलाकों और दुर्गम क्षेत्रों में बनाए जा रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि इनमें हाई-टेक कम्युनिकेशन सिस्टम और अंडरग्राउंड बंकर जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जा रही हैं. इसका मकसद साफ है भारतीय निगरानी से बचना और जरूरत पड़ने पर आतंकियों को तेजी से लॉन्च करना. सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि आने वाले समय में ये छोटे कैंप बड़े खतरे में बदल सकते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google बहावलपुर के अलावा मुजफ्फराबाद और मुरिदके में भी हलचल तेज हो गई है. मुरिदके को लश्कर-ए-तैयबा का बड़ा गढ़ माना जाता है. यहां फिर से ट्रेनिंग गतिविधियां शुरू होने की खबरें हैं. खुफिया रिपोर्टों के अनुसार कई पुराने आतंकियों को दोबारा सक्रिय किया जा रहा है और नए लड़ाकों को ट्रेनिंग देने का काम चल रहा है. दूसरी तरफ अफगानिस्तान सीमा से लगे खैबर पख्तूनवा इलाके में भी कुछ ट्रेनिंग कैंप शिफ्ट किए गए हैं. माना जा रहा है कि पाकिस्तान भारत की एयर स्ट्राइक से बचने के लिए आतंकी ढांचे को ज्यादा फैलाकर चला रहा है, ताकि एक जगह हमला होने पर पूरा नेटवर्क खत्म न हो. POK का कोटली इलाका भी एक बार फिर चर्चा में है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यहां भारतीय कार्रवाई में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था. अब इसी इलाके में नए बंकर और लॉन्च पैड बनाए जाने की जानकारी सामने आई है. LOC के करीब स्थित यह इलाका लंबे समय से घुसपैठ का रास्ता माना जाता रहा है. स्थानीय सूत्रों का दावा है कि रात के समय निर्माण गतिविधियां तेज हो जाती हैं और इलाके में सेना की आवाजाही भी बढ़ गई है. तस्वीरों में कई जगह नई खुदाई और अस्थायी ढांचे दिखाई दे रहे हैं. यह संकेत है कि पाकिस्तान फिर से सीमा पार आतंकवाद को सक्रिय करने की तैयारी कर रहा है. भारतीय एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. सूत्रों के मुताबिक, सैटेलाइट इमेज, ड्रोन निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस के जरिए हर गतिविधि ट्रैक की जा रही है. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को आतंक के खिलाफ दिखाता है लेकिन जमीन पर तस्वीर बिल्कुल उलट है. यही वजह है कि भारत अब किसी भी गतिविधि को हल्के में नहीं लेना चाहता. पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर ने जिस तरह आतंकी नेटवर्क को झटका दिया था, उसके बाद पाकिस्तान अब ज्यादा चालाकी से अपने कार्ड खेल रहा है. सीमा पर बढ़ती हलचल और आतंकी ढांचों के पुनर्निर्माण की खबरों ने एक बार फिर सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं. सवाल सिर्फ नए कैंपों का नहीं है, बल्कि उस सोच का है जो हर कार्रवाई के बाद फिर सिर उठाने लगती है. पाकिस्तान की यह नई रणनीति बताती है कि वह सीधे टकराव से बचते हुए प्रॉक्सी वॉर को जिंदा रखना चाहता है. ऐसे में आने वाले महीनों में एलओसी और पीओके की गतिविधियां भारत के लिए बेहद अहम रहने वाली हैं. सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं और माना जा रहा है कि भारत भी हर हरकत का जवाब देने की तैयारी में जुटा हुआ है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

Success Story: 10वीं पास परफ्यूम इंजीनियर! घर से ₹1 नहीं लिया, फिर...

Last Updated:May 07, 2026, 08:28 IST Ranchi Perfume Engineer Dharma: रांची के परफ्यूम इंजीनियर धर्मा की कंपनी धर्म स्पिरिचुअल लिमिटेड का टर्नओवर 2 करोड़ से ज्यादा है. आज उनके पास 40 से अधिक कर्मचारी हैं. अनुराग बसु और कार्तिक आर्यन भी इनके परफ्यूम के फैन हैं. आइये जानते हैं धर्मा की सफलता के बारे में. ख़बरें फटाफट रांची: झाराखंड की राजधानी रांची के धर्मा जो की परफ्यूम बनाने का काम करते हैं और लोग उन्हें परफ्यूम इंजीनियर बोलते हैं. आपकी आंखों के सामने ही वह आपको परफ्यूम बनाकर दे देंगे. इसकी सबसे खास बात यह है कि जो भी महक आपको चाहिए अब बस इनको बता दीजिए. वह तुरंत फार्मूला तैयार करके आपके सामने आपको बना कर दे देंगे. वह बड़े-बड़े ब्रांड को एक मिनट में कॉपी कर लेते हैं. धर्मा की आज खुद की फैक्ट्री है और टर्न ओवर 2 करोड़ से अधिक है. इसकी सबसे खास बात यह है कि वह खुद 10वीं पास हैं. धर्मा बताते हैं उनकी खुद की कंपनी है, जिसका नाम धर्म स्पिरिचुअल लिमिटेड है. इस कंपनी के तहत वह अपने हाथों से सारे परफ्यूम को मैन्युफैक्चर करते हैं. आप मुझे बाहर से एक पत्ता या फिर एक फूल तोड़ कर दे दीजिए और बोलिए कि इसका सुगंध तैयार कर दीजिए, वह 1 मिनट में तैयार करके दे देंगे. 40 लोग करते हैं इनके कंपनी में काम धर्मा बताते हैं कि वह 10वीं पास हैं और घर से ₹1 भी नहीं लिया था. किसी से कोई सहायता नहीं मिली. परफ्यूम का ऐसा नशा था कि बचपन में जो पॉकेट मनी मिलता था. लोग उसे लेकर रेस्टोरेंट जाते या इधर-उधर मेले में जाते थे और वह परफ्यूम की दुकान तलाशते थे और वहां से अलग-अलग सुगंध को समझता थे कि यह क्या है और यह कैसे बनता है. इस तरह से उनकी दीवानगी थी. उन्होंने परिवार को बताया भी कि परफ्यूम बनाना चाहता हैं, तो लोगों ने कहा कि ये पागल है. ऐसे में उन्होंने खुद ही 4 साल सिर्फ और सिर्फ परफ्यूम बनाने में लगा दिया. उन्हें 4 साल लगा अपने आप को एक्सपर्ट करने में ट्रेनिंग भी ली, लेकिन, ट्रेनिंग से अधिक खुद की मेहनत रंग लाई. वह हर दिन 10 -12 घंटा परफ्यूम बनाते थे और आज आलम यह है कि उनकी खुद की फैक्ट्री है और साथ में वर्कर भी हैं. जहां 40 लोग काम करते हैं. बॉलीवुड सेलिब्रिटीज भी है दीवानें उन्होंने बताया कि इतना ही नहीं, बॉलीवुड के डायरेक्टर अनुराग बसु और एक्टर कार्तिक आर्यन तक उनसे परफ्यूम ले चूके हैं. अपने इंस्टाग्राम ऑफिशल हैंडल में उन्होंने इसका वीडियो भी डाला है. जहां एक बोतल की कीमत ₹300 से शुरू होकर 30,000 तक जाता है. लोग डिमांड करके 30,000 का बोतल ले जाते हैं. ऐसे में उन्हें लगता है कि अगर किसी एक चीज के प्रति अगर आप पूरी तरह समर्पित हो जाएं और पूरी ईमानदारी से तो आपको सफल होने से कोई रोक नहीं सकता है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

व्यापार

1 लाख रुपये में शुरू करें ये बिजनेस, हर महीने होगा 40000...

होमताजा खबरमनी 1 लाख रुपये में शुरू करें ये बिजनेस, हर महीने होगा 40000 से ज्यादा का मुनाफा Last Updated:September 19, 2021, 08:25 IST आज फिर हम आपके लिए एक शानदार कमाई वाला आइडिया लेकर आए हैं. जिससे आप हर महीने 40 से 45 हजार रुपए कमा सकते हैं. सरकार की मदद से शुरू करें ये कारोबार नई दिल्ली. हम आपको बता रहे हैं एक खास बिज़नेस के बारे (Business Idea) में. जिसे आप कम पैसों में शुरू कर ज्यादा मुनाफा कमा (Earn Money) सकते हैं. हम बात कर रहे हैं बिस्किट की, जी हां बिस्किट एक ऐसी चीज है जो हमेशा डिमांड में रहता है. इसकी मांग में कभी कमी नहीं आती. लॉकडाउन के दौरान जब सभी उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुए उस समय पारले जी बिस्कुट की इतनी अधिक बिक्री हुई है कि पिछले 82 सालों का रिकॉर्ड टूट गया है. ऐसे में बेकरी प्रोडक्ट बनाने की यूनिट लगाना बेहतर विकल्प हो सकता है. अगर आप बेकरी इंडस्ट्री में खोलना चाहते हैं तो इसके लिए आपकी मदद खुद मोदी सरकार कर रही है. मुद्रा स्कीम के तहत बिजनेस शुरू करने के लिए आपको सिर्फ 1 लाख रुपये निवेश करना होगा. कुल खर्च का 80 फीसदी तक फंड की मदद सरकार से मिल जाएगी. इसके लिए सरकार ने खुद प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की है. सरकार ने जो बिजनेस की स्ट्रक्चरिंग की है, उस हिसाब से आपको सभी खर्च काटने के बाद हर महीने 40 हजार रुपये से ज्यादा मुनाफा हो सकता है. कितना आएगा खर्चप्रोजेक्ट लगाने में कुल खर्च: 5.36 लाख रुपए इसमें आपको खुद के पास से सिर्फ 1 लाख रुपये लगाना होगा. मुद्रा स्कीम के तहत आपका सेलेक्शन होता है तो बैंक से टर्म लोन 2.87 लाख रुपये और वर्किंग कैपिटल लोन 1.49 लाख रुपये मिल जाएगा. प्रोजेक्ट के तहत आपके पास 500 वर्गफुट तक का खुद का स्पेस होना चाहिए. अगर नहीं है तो इसे रेंट पर लेकर प्रोजेक्ट फाइल के साथ दिखाना होगा. कितना होगा मुनाफासरकार ने जो प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की है, उस लिहाज से 5.36 लाख रुपए में कुल सालाना उत्पादन और उसकी बिक्री का अनुमान कुछ इस तरह से लगाया गया है. 4.26 लाख रुपये: पूरे साल के लिए कास्ट ऑफ प्रोडक्शन20.38 लाख रुपये: पूरे साल में इतना प्रोडक्ट बन जाएगा कि उसे बेचने पर 20.38 लाख रुपए मिल जाएंगे. बता दें कि इसमें बेकरी प्रोडक्ट की बिक्री कीमत मार्केट में मिलने वाले दूसरे आइटम्स के रेट के आधार पर कुछ कम करके तय किए गए हैं.6.12 लाख रुपये: ग्रॉस ऑपरेटिंग प्रॉफिट70 हजार: एडमिनिस्ट्रेशन और सेल्स पर खर्च60 हजार: बैंक के लोन का ब्याज60 हजार: अन्य खर्चनेट प्रॉफिट: 4.2 लाख रुपए सालाना मुद्रा स्कीम में करें अप्लाईइसके लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आप किसी भी बैंक में अप्लाई कर सकते हैं. इसके लिए आपको एक फॉर्म भरना होगा, जिसमें ये डिटेल देनी होगी… नाम, पता, बिजनेस एड्रेस, एजुकेशन, मौजूदा इनकम और कितना लोन चाहिए. इसमें किसी तरह की प्रोसेसिंग फीस या गारंटी फीस भी नहीं देनी होती. लोन का अमाउंट 5साल में लौटा सकते हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : September 19, 2021, 08:24 IST Source link

झारखंड

वित्त मंत्री ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को लिखा पत्र:कार्यालय में खुद के...

झारखंड कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने लगातार तीसरे दिन पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। पहले दो पत्र प्रदेश प्रभारी को भेजने के बाद तीसरा पत्र उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को लिखा है। इस बार उन्होंने सीधे प्रदेश कांग्रेस की नई कमेटी के आकार और गठन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर इतनी बड़ी कमेटी की जरूरत क्यों पड़ी। वित्त मंत्री ने अलग-अलग राज्यों की विधानसभा सीटों और वहां की प्रदेश कमेटियों का उदाहरण देते हुए कहा कि झारखंड में जरूरत से ज्यादा लंबी टीम बनाई गई है। उन्होंने यह भी पूछा कि किन नेताओं के परिजनों को संगठन में जगह दी गई, इसकी जानकारी कार्यकर्ताओं को दी जानी चाहिए। ‘बोइंग 737 जैसी कमेटी’ टिप्पणी से बढ़ी तल्खी राधाकृष्ण किशोर ने अपने पत्र में कांग्रेस भवन की व्यवस्था पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष खुद 8×8 के कमरे में बैठते हैं, तो 314 पदाधिकारी आखिर कहां बैठेंगे। उन्होंने नई टीम की तुलना बोइंग 737 विमान से करते हुए लिखा कि क्या कुछ बड़े नेताओं को खुश करने के लिए इतनी लंबी कमेटी बनाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार में साझेदार होने के बावजूद प्रदेश नेतृत्व मुख्यमंत्री से नया कार्यालय भवन तक नहीं दिला पाया। इस टिप्पणी के बाद पार्टी के भीतर बहस और तेज हो गई है। संगठन के कई नेता अब खुलकर प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं। वहीं कुछ नेताओं का मानना है कि वित्त मंत्री ने जिन सवालों को उठाया है, उन पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। पार्टी का पक्ष- पुरानी कमेटी से छोटी है नई टीम प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सह मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने वित्त मंत्री के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नई कमेटी 314 नहीं बल्कि 269 सदस्यीय है। यह पिछली 280 सदस्यीय कमेटी से छोटी है। उन्होंने कहा कि इस बार सभी सदस्यों को जिम्मेदारी भी दी गई है। कार्यालय भवन के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री से मिलकर जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह कर चुके हैं। इस संबंध में पत्र भी दिया गया है और सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिला है। मामला अभी प्रक्रिया में है। मंत्री-विधायकों में चुप्पी, लेकिन अंदरखाने समर्थन भी वित्त मंत्री के लगातार पत्रों ने कांग्रेस के भीतर नई बहस छेड़ दी है। हाल के दिनों में उन्होंने एससी आयोग, जेटेट नियमावली में अंगिका और भोजपुरी को क्षेत्रीय भाषा का दर्जा देने और हजारीबाग दुष्कर्म मामले में भी प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। अब पार्टी के मंत्री और विधायक खुलकर बोलने से बच रहे हैं। कांग्रेस कोटे की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, डॉ. इरफान अंसारी समेत कई विधायकों ने टिप्पणी से इनकार किया। हालांकि कुछ विधायकों ने माना कि वित्त मंत्री द्वारा उठाए गए मुद्दों की जांच होनी चाहिए। इससे साफ है कि कांग्रेस में असंतोष की आवाज अब दब नहीं रही, बल्कि संगठन के भीतर ‘कमेटी वार’ का रूप लेती जा रही है। Source link

झारखंड

नए शैक्षणिक सत्र के लिए इको क्लब गठित, दिलाई गई शपथ

भास्कर न्यूज | मझिआंव नगर पंचायत क्षेत्र स्थित आर.के.पब्लिक स्कूल उचरी मझिआंव में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इको क्लब का गठन किया गया। इस दौरान विद्यालय की सुबह की सभा में प्राचार्य केआर झा ने इको क्लब के सभी सदस्यों को शपथ दिलाई। साथ ही उन्होंने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को संबोधित करते हुए इको क्लब के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और कहा कि यह पहल सदस्यों में सतत विकास के प्रति जिम्मेदारी और नेतृत्व की भावना विकसित करेगी। पर्यावरण की सुरक्षा, पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और अधिक से अधिक पौधारोपण करना इस क्लब के मुख्य कार्य हैं। प्राचार्य ने प्रदूषण से बचने के लिए छात्रों को “कम उपयोग, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण “पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने जल और ऊर्जा बचाने का भी सुझाव दिया। आरके ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष शिक्षाविद् अलखनाथ पांडे ने स्कूल के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां छात्रों को जिम्मेदार नागरिक बनाएंगी, जो समय की मांग है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थी और शिक्षक-शिक्षिकाएं के अलावे कोमल मिश्रा, अनन्या वर्मा, आयुष पांडे,जानवी आनंद,जिया पांडे, ऋषिका कुमारी, निधि प्रिया, खुशबू कुमारी, अंतरा कुमारी, इशिका विश्वकर्मा, आध्या कुमारी, इशु शर्मा, अनुष्का कुमारी, सिंधु कुमारी, अकदास नाज, अमित कुमार, आकृति शर्मा, श्रेया पांडे, सचिन कुमार, अनन्या रानी, अंशिका निधि, संध्या दुबे, अभिषेक राज, दिव्यांग कुमार, रिनी पोंगल, आयुष मुंगन, पलवी सिंह, प्रतीक पांडे, अदिति पांडे एवं रूही सिंह आदि इको क्लब के सदस्य मौजूद थे। Source link

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Operation Sindoor Anniversary Live: ऑपरेशन सिंदूर के 1 साल पूरे, सेना ने...

होमताजा खबरदेश LIVE: ऑपरेशन सिंदूर के 1 साल पूरे, सेना ने दिखाई सर्जिकल स्ट्राइक की झलक Last Updated:May 07, 2026, 07:52 IST Operation Sindoor Anniversary Live: ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर भारतीय सेना ने एक खास वीडियो जारी किया है. इसमें पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक की झलक दिखाई गई है. यह ऑप…और पढ़ें ऑपरेशन सिंदूर के 1 साल पूरे. Operation Sindoor Anniversary Live: कई सैन्य अभियान सिर्फ ऑपरेशन नहीं होते वे देश की सामूहिक याद और संकल्प का हिस्सा बन जाते हैं. ऑपरेशन सिंदूर भी ऐसा ही एक नाम है जिसने पिछले साल भारत की आतंकवाद के खिलाफ नीति को नई धार दी थी. अब इस ऑपरेशन के एक साल पूरे होने पर भारतीय सेना ने एक खास वीडियो जारी किया है. इस वीडियो ने एक बार फिर उस रात की याद ताजा कर दी जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया था. यह वीडियो सिर्फ सैन्य कार्रवाई की झलक नहीं दिखाता, बल्कि उस संदेश को भी दोहराता है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ ‘नो टॉलरेंस’ की नीति पर आगे बढ़ रहा है. वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान भी शामिल किया गया है, इसमें उन्होंने कहा था कि भारत आतंकियों और उनके समर्थकों को पहचान कर सजा देगा. सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे भारत की सैन्य ताकत और रणनीतिक क्षमता का प्रतीक बता रहे हैं. ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई 2025 की रात ठीक 1:05 बजे हुई थी. यह वही समय था, जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर हमला बोला था. यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी. भारतीय सेना के मुताबिक सिर्फ 25 मिनट के भीतर आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया और 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया. इस ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के कैंप्स को निशाना बनाया गया था. सेना ने वीडियो में याद दिलाया ‘राष्ट्रीय संकल्प’ भारतीय सेना द्वारा जारी वीडियो की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान से होती है, जिसमें उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख दिखाया था. वीडियो में पहलगाम आतंकी हमले की तस्वीरें भी दिखाई गई हैं और फिर उन 9 आतंकी ठिकानों का जिक्र किया गया है, जिन्हें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निशाना बनाया गया था. भारतीय वायुसेना ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, ‘India forgives nothing.’ खास बात यह रही कि सेना ने वीडियो उसी समय जारी किया, जिस समय पिछले साल ऑपरेशन लॉन्च किया गया था. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के 10 रिश्तेदारों के मारे जाने की भी खबर सामने आई थी. इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने जवाबी कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने उसके एयरबेस और कई अहम ठिकानों को निशाना बनाकर जवाब दिया. दुनिया ने भी माना ऑपरेशन सिंदूर का दम डिफेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर भारत के सबसे सटीक और सफल सैन्य अभियानों में गिना जाता है. दुनिया भर के सैन्य विश्लेषकों ने इसकी प्लानिंग और एक्जीक्यूशन की तारीफ की थी. भारतीय सेना का कहना है कि आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा. Operation Sindoor Anniversary Live: ऑपरेशन सिंदूर की बरसी से पहले जम्मू में सुरक्षा कड़ी ऑपरेशन सिंदूर एनिवर्सरी लाइव: ऑपरेशन सिंदूर की बरसी से पहले जम्मू में सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है. अधिकारियों के मुताबिक कानून-व्यवस्था मजबूत रखने के लिए कई जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. भारतीय सेना ने यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया था. पहलगाम हमले में 26 लोगों की जान गई थी. इस दौरान बड़े आतंकी संगठनों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया था. अब सीमा से जुड़े इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जा रहा है. Operation Sindoor Anniversary Live: ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर राजनाथ सिंह का सलाम ऑपरेशन सिंदूर एनिवर्सरी लाइव: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और बलिदान को नमन किया. उन्होंने कहा कि सेना के जवानों का साहस और समर्पण लगातार देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है. राजनाथ सिंह ने X पर अपने पोस्ट में कहा ऑपरेशन के दौरान सेना की कार्रवाई ने बेजोड़ सटीकता, तीनों सेनाओं के बीच शानदार तालमेल और गहरी समन्वय क्षमता का प्रदर्शन किया, जिसने आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए एक नया मानक स्थापित किया. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर राष्ट्रीय संकल्प और तैयारी का मजबूत प्रतीक बनकर उभरा है, जिसने दिखाया कि भारतीय सशस्त्र बल जरूरत पड़ने पर निर्णायक कार्रवाई के लिए हमेशा तैयार हैं. रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि यह अभियान भारत के आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार बढ़ते कदमों का प्रमाण है, जिसने देश की सैन्य क्षमता को मजबूत करने के साथ उसकी क्षमता भी बढ़ाया है. Operation Sindoor Anniversary Live: ऑपरेशन सिंदूर एनिवर्सरी पर CM योगी का संदेश ऑपरेशन सिंदूर एनिवर्सरी लाइव: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर देशवासियों को बधाई देते हुए भारतीय सेना के जवानों का अभिनंदन किया. उन्होंने कहा कि 145 करोड़ भारतीयों की एकजुटता, अदम्य इच्छाशक्ति, सशस्त्र सेनाओं के असाधारण पराक्रम और भारत की स्पष्ट नीति की गौरवशाली अभिव्यक्ति ऑपरेशन सिंदूर है. CM योगी ने इसे नए भारत के आत्मविश्वास, साहस और निर्णायक नेतृत्व का प्रतीक बताते हुए कहा कि इस अभियान ने दुनिया को साफ संदेश दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और सम्मान से कोई समझौता नहीं करता. उन्होंने कहा कि वीर जवानों का शौर्य, त्याग और तप ही भारत की अजेय शक्ति है और राष्ट्र सदैव उनका ऋणी रहेगा. सीएम योगी ने ऑपरेशन सिंदूर को केवल इतिहास नहीं, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा भी बताया. Operation Sindoor Anniversary Live: ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर सेना का संदेश Operation Sindoor Anniversary Live: भारतीय सेना ने जारी किए गए वीडियो में आतंकवाद के खिलाफ देश के ‘राष्ट्रीय संकल्प’ को

झारखंड

सड़क किनारे बेकार पड़ी लकड़ियों में जीवन फूंकते हैं प्रेम भसीन, बनाते...

Last Updated:May 07, 2026, 07:30 IST Palamu Artist Prem Bhasin: जिन लकड़ियों को लोग बेकार समझकर फेंक देते हैं, उनसे इतने सुंदर आइटम तैयार होते हैं कि हजारों में बिक्री होती है. पलामू के बेलवाटिका निवासी प्रेम भसीन 26 साल से बेकार लकड़ियों से सिंगल वुड कलाकृतियां बना रहे हैं. उनकी कला के लिए प्रेम को कई बार सम्मानित भी किया गया है. ख़बरें फटाफट पलामू. पलामू जिले में एक ऐसे कलाकार हैं, जिनकी नजरें सड़क किनारे पड़ी बेकार लकड़ियों में भी कला की संभावनाएं खोज लेती हैं. आम लोग जिस लकड़ी को जलाने या फेंकने लायक समझते हैं, उसी लकड़ी को बेलवाटिका निवासी प्रेम भसीन अपनी कल्पना और हुनर से जीवंत आकृतियों में बदल देते हैं. कोई लकड़ी उनके हाथों में साधु बन जाती है तो कोई जड़ों से बना टेबल, ये सब लोगों को हैरान कर देता है. पिछले 26 वर्षों से वह सिंगल लकड़ी से अनोखे और उपयोगी आइटम तैयार कर रहे हैं. उनकी खासियत यह है कि वे ज्यादातर बिना किसी जोड़ के एक ही लकड़ी से पूरी आकृति तैयार करते हैं. सड़क पर गिरे पेड़ से शुरू हुआ सफरप्रेम भसीन ने लोकल18 को बताया कि वर्ष 2000 में उन्होंने ठेकेदारी का काम छोड़ दिया था. खाली समय में एक दिन उन्होंने सड़क किनारे गिरे आम के पेड़ को देखा. लकड़ी का आकार उन्हें किसी मेंढक जैसा दिखाई दिया. बस वहीं से उनके भीतर कलाकार जाग उठा. उन्होंने उसी लकड़ी से मेंढक की आकृति बनाई. यह उनकी पहली कलाकृति थी, जिसे कोलकाता के एक व्यक्ति ने 21 हजार रुपये में खरीद लिया. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार नई-नई आकृतियां बनाते चले गए. लकड़ी खुद बता देती है आकृतिप्रेम भसीन ने कहा कि वे लकड़ी को देखकर ही समझ जाते हैं कि उससे क्या बनाया जा सकता है. किसी लकड़ी में उन्हें आदमी का चेहरा दिखाई देता है तो किसी में जानवर की आकृति. उनका मानना है कि प्रकृति पहले से ही आकार तैयार कर देती है, कलाकार सिर्फ उसे उभारने का काम करता है. यही वजह है कि उनकी 90 प्रतिशत कलाकृतियां सिंगल वुड से तैयार होती हैं. फर्नीचर जैसी कुछ चीजों में ही मजबूरी में दूसरी लकड़ी का इस्तेमाल करना पड़ता है. 250 से अधिक अनोखे आइटम बना चुकेअब तक प्रेम भसीन 250 से अधिक अलग-अलग कलाकृतियां तैयार कर चुके हैं. इनमें जड़ों से बने टेबल, जानवरों की आकृतियां, साधु की प्रतिमाएं और कई सजावटी सामान शामिल हैं. उन्होंने छह फीट ऊंचा जिराफ भी बनाया, जो आज पलामू के रोटरी स्कूल में लगा हुआ है. इसके अलावा उनके बनाए 15 से अधिक आइटम उसी स्कूल में हैं, जबकि गुरु गोविंद सिंह पब्लिक हाई स्कूल और सेसा संस्थान में भी उनकी कई कलाकृतियां लगी हुई हैं. बच्चों में जागरूकता फैलाना है उद्देश्यप्रेम भसीन अपनी कला को सिर्फ कमाई का जरिया नहीं मानते. वे अक्सर अपनी बनाई कलाकृतियां स्कूलों को भेंट कर देते हैं ताकि बच्चों में रचनात्मक सोच विकसित हो सके. उनका कहना है कि घर में पड़ी बेकार चीजों को अगर थोड़ी कल्पना और मेहनत से देखा जाए तो उनसे उपयोगी और सुंदर सामान बनाया जा सकता है. वे लोगों को प्रेरित करते हैं कि बेकार वस्तुओं को फेंकने के बजाय उन्हें नए रूप में इस्तेमाल करें. कला के लिए मिल चुके कई सम्मानप्रेम भसीन को जिला स्तर पर कला से जुड़े कई पुरस्कार मिल चुके हैं. वर्ष 2012 में उन्होंने दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित प्रदर्शनी में अपनी कलाकृतियां प्रदर्शित की थीं. उस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने उनकी कला की सराहना करते हुए सम्मानित भी किया था. आज भी प्रेम भसीन उसी जुनून के साथ सड़क पर पड़ी लकड़ियों में नई जिंदगी तलाश रहे हैं और अपनी कला से लोगों को प्रकृति से जुड़ने का संदेश दे रहे हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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नौकरी की है टेंशन तो शुरू करें ये बिजनेस, हर महीने होगी...

होमताजा खबरमनी नौकरी की है टेंशन तो शुरू करें ये बिजनेस, हर महीने होगी 70000 रुपये की बचत Last Updated:September 22, 2021, 10:21 IST अगर आपको हर समय नौकरी के टेंशन सताती रहती हैं तो आप डेयरी प्रोडक्ट्स (Dairy Product Business) का कारोबार शुरू कर सकते हैं. डेयरी प्रोडक्ट्स का बिजनेस (Dairy Product Business) नई दिल्ली. अगर आपको हर समय नौकरी के टेंशन सताती रहती हैं तो आप डेयरी प्रोडक्ट्स (Dairy Product Business) का कारोबार शुरू कर सकते हैं. डेयरी प्रोडक्ट ऐसे होते हैं जो रोजमर्रा में उपयोग होने वाला सामना है. इसमें नुकसान ना के बराबर होने की गुंजाइश होती है. डेयरी प्रोडक्ट्स के बिजनेस में सिर्फ 5 लाख रुपए के निवेश से हर महीने 70 हजार रुपए तक कमाया जा सकता है. इस बिजनेस को शुरू करने के लिए केंद्र सरकार भी मदद कर रही है. अगर आप भी इस बिज़नेस को शुरू करना चाहते हैं तो पहले इसकी पूरी प्लानिंग कर लें. आइए आपको बताते हैं इस बिज़नेस को किस तरह से शुरू किया जा सकता है. मुद्रा लोन योजना के तहत मिल जाएगा लोनकिसी भी बिजनेस को शुरू करने के लिए सबसे पहले पैसों की जरूरत होती है. इसके लिए घबराने की जरूरत नहीं, मोदी सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना से पूंजी का इंतजाम आराम से किया जा सकता है. इस बिजनेस के लिए सरकार आपको पैसे के साथ प्रोजेक्ट के बारे में पूरी जानकारी देती है ताकि आप आराम से बिजनेस शुरू कर सकें. कुल निवेश का 70% मिलेगा लोनजब आप डेयरी प्रोडक्टस का बिजनेस शुरू करेंगे तो सरकार के मुद्रा लोन से कुल लागत का 70 प्रतिशत बैंक से मिलेगा. 5 लाख रुपए लगाने होंगे खुद कोप्रोजेक्ट प्रोफाइल के अनुसार इस बिजनेस का प्रोजेक्ट करीब 16 लाख 50 हजार रुपए तक तैयार किया जा सकता है. इसमें व्यक्ति को सिर्फ 5 लाख रुपए खुद लगाना होगा. इस तरह होगा प्रोजेक्टअगर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के प्रोजेक्ट के मुताबिक देखा जाए तो इस बिजनेस में साल में 75 हजार लीटर फ्लेवर्ड मिल्क का कारोबार हो सकता है. इसके अलावा 36 हजार लीटर दही, 90 हजार लीटर बटर और 4500 किलोग्राम घी बना कर भी बेचा जा सकता है. उस हिसाब से करीब 82 लाख 50 हजार रुपए का टर्नओवर हो जाएगा. जिसमें लगभग 74 लाख रूपए की कॉस्टिंग होगी जबकि 14 फीसदी ब्याज निकालने के बाद भी आपको लगभग 8 लाख की बचत हो सकती है. कारोबार शुरू करने के लिए पड़ेगी इतनी जगह की जरुरतइस कारोबार को शुरू करने के लिए 1000 स्कवायर फीट जगह की जरूरत पड़ेगी. जिसमें 500 स्कवायर फीट की जगह प्रॉसेसिंग एरिया में, 150 स्कवायर फीट में रेफ्रिजरेशन रूम, 150 स्कवायर फीट में वॉशिंग एरिया, 100 स्कवायर फीट में ऑफिस, टॉयलेट व दूसरी सुविधाओं के लिए जरूरत पड़ेगी. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : September 22, 2021, 10:21 IST Source link

झारखंड

By December, 3500 electricity workers including JEs will be appointed, now tubular...

रांची2 घंटे पहले कॉपी लिंक जेबीवीएनएल में जेई की कमी की खबर दैनिक भास्कर में प्रकाशित होने के बाद राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, ऊर्जा सचिव सह ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी श्रीनिवासन ने बिजली अफसरों के साथ बैठक की। दिसंबर तक 3500 पदों पर बहाली होगी, जिसमें कनीय अभियंता, लाइन मैन, स्किल्ड और अनस्किल्ड स्विच बोर्ड ऑपरेटर की बहाली होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पर सहमति दे दी है। इसके लिए जल्द ही नियमावली बनाकर बहाली प्रक्रिया आरंभ करने का निर्देश मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने दिया है। बैठक में रांची सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में अप्रैल से लेकर जून तक होने आंधी-पानी से बिजली पोल गिरने की समस्या पर चर्चा हुई। जिसमें तय किया गया कि इससे बचने के लिए अब ट्यूबलर बिजली पोल का इस्तेमाल होगा। बैठक में एमडी जेबीवीएनएल के. श्रीवानिवासन, एमडी संचरण निगम केके. वर्मा, एमडी उत्पादन निगम रंजीत लाल, निदेशक पीके. श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। एक फीडर से 20 से 22 घंटे तक बिजली आपूर्ति करनी होगी, नहीं देने पर बताना होगा कारण बैठक में कहा गया कि प्रत्येक फीडर से 24 घंटे में 20 से 22 घंटे तक बिजली आपूर्ति करनी होगी। इससे कम करने पर संबंधित फील्ड के अधिकारियों को मुख्यालय में वजह बतानी होगी। एरिया बोर्ड के मुख्य अभियंता को इसके लिए जवाबदेह बनाया गया है। एमडी संचरण निगम केके. वर्मा ने बताया कि ड्यूटी से बेवजह अनुपस्थित रहनेवाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये गए हैं। निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है। आंधी-पानी व दुर्घटना में ट्यूबलर पोल ज्यादा कारगर आंधी-पानी में बिजली पोल गिरने की समस्या से निपटने के लिए अब ट्यूबलर पोल लगाए जाएंगे। ये स्टील के खोखले पाइप होते हैं, जो ऊपर पतले और जमीन में गहराई तक गाड़े जाते हैं, जिससे पकड़ मजबूत रहती है। जिंक कोटिंग (गैल्वेनाइज) होने से जंग नहीं लगता और उम्र 35 से 40 साल होती है। पीसीसी पोल की तुलना में टूटने का खतरा कम और मेंटेनेंस भी कम है। 11 केवी व 33 केवी लाइनों में यह ज्यादा प्रभावी है, जिससे लाइन लॉस, फॉल्ट, ट्रिपिंग व ब्रेकडाउन कम होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई स्थिर होगी। शुरुआती लागत अधिक, पर लंबी अवधि में किफायती है। अस्पतालों में पावर न कटे, 3 स्रोतों से करें बिजली आपूर्ति केके वर्मा ने बताया कि मुख्य सचिव ने कहा है कि राज्य के सभी सदर और अनुमंडल अस्पतालों में दो सोर्स से बिजली आपूर्ति करें। ताकि कहीं भी एक लाइन डिस्टर्ब होने पर दूसरी लाइन से बिजली मिलती रहे। इसके अलावा जेरेडा भी वहां सोलर बिजली की व्यवस्था करे, ताकि हाइब्रिड मोड पर बिजली कभी कटे ही नहीं। अस्पतालों द्वारा लगाये गए जेनरेटर व वायरिंग की नियमित मॉनीटरिंग ऊर्जा विभाग के वर्कर्स डिवीजन की ओर से किया जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी स्थिति में अस्पतालों में बिजली नहीं कटनी चाहिए। बिजली की वजह से ऑपरेशन में कोई बाधा नहीं आए। डीवीसी कमांड एरिया के 50 % क्षेत्र में जेबीवीएनएल का नेटवर्क तैयार एमडी संचरण निगम केके. वर्मा ने बताया कि डीवीसी कमांड एरिया के 50 प्रतिशत क्षेत्र में जेबीवीएनएल व झारखंड ऊर्जा संचरण निगम का नेटवर्क स्थापित हो गया है। चतरा के हंटरगंज में दो अतिरिक्त सब-स्टेशन बनाने का निर्देश दिया गया है, ताकि निर्बाध बिजली की आपूर्ति हो सके। इससे पूरे इटखोरी व आसपास के इलाकों में निर्बाध बिजली की आपूर्ति हो सकेगी। वर्मा ने बताया कि अमरापाड़ा व कुरेडा ग्रिड तैयार हो गया है। जल्द ही मुख्यमंत्री दोनों ग्रिड का उद्घाटन करेंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

झारखंड

आज झारखंड में बदला रहेगा मौसम:रांची, खूंटी, गुमला सहित 8 जिले में...

झारखंड में आज मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। राज्य के कई जिलों में आंशिक बादल छाए रहेंगे। हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने राजधानी रांची समेत खूंटी, गुमला, सिंहभूम, देवघर, दुमका, गोड्डा और साहिबगंज सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, आज 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। लगातार पड़ रही गर्मी के बीच मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। सिमडेगा में सबसे अधिक बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, सबसे अधिक 34.2 मिमी बारिश सिमडेगा में हुई। इसके अलावा पश्चिमी सिंहभूम में 21 मिमी, बेड़ो में 16.5 मिमी और खूंटी में 9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बुधवार देर शाम से रांची, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, कोडरमा और कोल्हान के कई हिस्सों में घने बादल छाए रहे और तेज हवा के साथ बारिश हुई। कई स्थानों पर बादलों की गड़गड़ाहट भी सुनाई दी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के कारण अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है। पलामू और गढ़वा में गर्मी बरकरार जहां एक ओर राज्य के कई हिस्सों में मौसम सुहावना बना हुआ है, वहीं पलामू और गढ़वा जैसे पश्चिमी जिलों में आज भी गर्मी का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों का अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं रांची, खूंटी, गुमला और लोहरदगा में न्यूनतम तापमान 20 से 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। राजधानी रांची का अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। बारिश वाले इलाकों में तापमान में गिरावट के कारण लोगों को उमस और तपिश से राहत मिली है। 11 मई तक बारिश के आसार, मिलेगी राहत मौसम विभाग ने 11 मई तक राज्य में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। विभाग का कहना है कि इस दौरान झारखंड के अधिकांश जिलों में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। बारिश से किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि खेतों में नमी बढ़ेगी और फसलों को राहत मिलेगी। हालांकि विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर वज्रपात और तेज हवा के समय खुले स्थानों में नहीं रहने की अपील की गई है। फिलहाल मौसम का यह बदला रूप झारखंडवासियों को गर्मी से राहत देने वाला साबित हो रहा है। Source link

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