भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Author name: scsmdos@gmail.com

झारखंड

कन्या राशि वालों को आज व्यापार और करियर में मिलेगी तरक्की, फंसा...

Last Updated:July 08, 2026, 02:32 IST Aaj ka Kanya Rashifal 8 July 2026: पारिवारिक जीवन की बात करें तो आज घर का माहौल काफी सुखद और शांतिपूर्ण रहेगा. परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और आपसी समझ बढ़ेगी. लंबे समय से चली आ रही छोटी-मोटी नाराजगी भी दूर हो सकती है. खासकर जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे…… ख़बरें फटाफट परमजीत/देवघर: दैनिक राशिफल ग्रहों की चाल, नक्षत्र, तिथि और शुभ-अशुभ योग के आधार पर तैयार किया जाता है. सबसे खास नजर चंद्रमा के गोचर पर रहती है, क्योंकि चंद्रमा का राशि परिवर्तन व्यक्ति के स्वभाव, निर्णय और पूरे दिन के घटनाक्रम पर सीधा असर डालता है. आज ऋषिकेश पंचांग के अनुसार आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है. इसके साथ ही अश्विनी नक्षत्र और सुकर्मा योग का शुभ संयोग बन रहा है. चंद्रमा मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे. ऐसे ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कन्या राशि के जातकों के लिए कई मामलों में राहत और नई उम्मीद लेकर आई है. क्या कहते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्यदेवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने लोकल 18 से खास बातचीत में बताया कि आज का दिन कन्या राशि के लोगों के लिए करियर के लिहाज से काफी अच्छा रहने वाला है. अगर लंबे समय से नौकरी में किसी अवसर का इंतजार कर रहे हैं या नई जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं तो आज आपको कोई अच्छी खबर मिल सकती है. ऑफिस में आपके काम की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारी भी आपके प्रदर्शन से संतुष्ट नजर आएंगे. मेहनत का परिणाम मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा और आगे बढ़ने का रास्ता भी साफ होगा. आज सोच समझ कर लें फैसलाव्यापार और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी दिन लाभदायक रहने वाला है. नए ग्राहकों से संपर्क बन सकता है और कारोबार में अच्छी आमदनी के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि, एक बात का विशेष ध्यान रखना होगा. यदि आपका कोई पुराना पैसा बाजार में फंसा हुआ है या किसी से लेन-देन अटका हुआ है, तो वही बात पूरे दिन आपके मन को परेशान कर सकती है. इसलिए जल्दबाजी में कोई बड़ा आर्थिक फैसला लेने से बचें और धैर्य के साथ अपने कार्यों को आगे बढ़ाएं. समय आने पर अटका हुआ धन मिलने की भी संभावना बन रही है. जीवनसाथी के साथ जा सकते हैं कहीं यात्रा परपारिवारिक जीवन की बात करें तो आज घर का माहौल काफी सुखद और शांतिपूर्ण रहेगा. परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और आपसी समझ बढ़ेगी. लंबे समय से चली आ रही छोटी-मोटी नाराजगी भी दूर हो सकती है. खासकर जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे आपके कई अधूरे काम आसानी से पूरे हो जाएंगे. यदि काफी दिनों से कहीं घूमने या धार्मिक यात्रा की योजना बना रहे थे तो आज उसका योग बन सकता है. यह यात्रा आपके लिए शुभ फल देने वाली रहेगी और मानसिक शांति भी प्रदान करेगी. पिछले दिनों की तुलना में स्वास्थ्य आज रहेगा उत्तमस्वास्थ्य के लिहाज से भी आज का दिन राहत भरा रहने वाला है. यदि पिछले कुछ दिनों से शरीर में थकान, कमजोरी या किसी छोटी-मोटी परेशानी से जूझ रहे थे तो उसमें सुधार देखने को मिलेगा. मन प्रसन्न रहेगा और ऊर्जा का स्तर भी पहले से बेहतर रहेगा. साथ ही आज किसी पुराने मित्र या करीबी से मुलाकात होने के भी प्रबल योग बन रहे हैं. यह मुलाकात पुरानी यादों को ताजा करेगी और आपके चेहरे पर मुस्कान ले आएगी. कुल मिलाकर ग्रह-नक्षत्रों की चाल कन्या राशि के जातकों के लिए आज सकारात्मक संकेत दे रही है. समझदारी, धैर्य और मेहनत के साथ आगे बढ़ेंगे तो दिन आपके लिए सफलता और खुशियों से भरा साबित हो सकता है. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

झारखंड

एसयूवी और बाइक में टक्कर, पति-पत्नी व बेटी गंभीर

गिरिडीह| पचंबा थाना क्षेत्र के जमुआ-चितरडीह मुख्य सड़क पर पथला नवाडीह गांव के पास सोमवार शाम करीब 6 बजे एक इनोवा कार और बाइक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक सवार पति, पत्नी और उनकी 3 साल की बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। पचंबा पुलिस ने सभी घायलों को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए धनबाद स्थित पीएमसीएच रेफर कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार घायलों में पीरटांड़ थाना क्षेत्र के कठवारा गांव निवासी शिवनंदन दास (26), उनकी पत्नी कविता देवी (22) और 3 वर्षीय बेटी रुही कुमारी शामिल हैं। बताया गया कि शिवनंदन दास अपनी पत्नी और बेटी के साथ बाइक से पत्थरा नवाडीह किसी काम से जा रहे थे, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार इनोवा कार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों सड़क पर गिरकर लहुलुहान हो गए। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने इनोवा कार को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। Source link

झारखंड

Chairman threatens indefinite work stoppage, expresses displeasure over DC’s working style

. गुमला नगर परिषद में टेंडर को लेकर चल रहा विवाद अब एक बड़े गतिरोध में बदल गया है। इस विवाद के कारण शहर का विकास कार्य पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गया है। मामले में ताजा मोड़ तब आया जब नगर परिषद की अध्यक्ष शकुंतला उरांव ने आधिकारिक पत्र जारी कर 9 जुलाई से कार्यालय की सभी सेवाओं और कार्यों (केवल एसआईआर को छोड़कर) को अनिश्चित काल के लिए बंद करने का ऐलान कर दिया है। अध्यक्ष द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी को लिखे पत्र के अनुसार नगर परिषद द्वारा निकाली गई साढ़े पांच करोड़ की 32 योजनाओं की निविदा से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर 2 जुलाई को खुद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और वार्ड पार्षदों ने उपायुक्त के समक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रखी थी। अध्यक्ष का आरोप है कि इस बैठक को बीते कई दिन हो चुके हैं। लेकिन अब तक उपायुक्त द्वारा इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और न ही परिषद को किसी प्रकार की सूचना दी गई है। पत्र में नाराजगी जताते हुए कहा गया है कि उपायुक्त की यह उदासीनता जन प्रतिनिधियों की मांगों की अनदेखी करने और नगर परिषद के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने जैसी है। इसी से क्षुब्ध होकर परिषद ने तालाबंदी जैसा कड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। अब देखना यह है कि अध्यक्ष की इस चेतावनी के बाद जिला प्रशासन और उपायुक्त इस मामले में क्या मध्यस्थता करते हैं ताकि टेंडर का यह पेच सुलझ सके और शहर का विकास कार्य पटरी पर लौट सके। प्रशासनिक और राजनीतिक घमासान के बीच सबसे बुरी मार स्थानीय ठेकेदारों पर पड़ रही है। टेंडर विवाद और उसके बाद शुरू हुई जांच के नाम पर कई चालू विकास कार्यों को बीच में ही रुकवा दिया गया है। ठेकेदारों का कहना है कि काम बंद होने से उन्हें रोजाना भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। साइट पर मंगाई गई निर्माण सामग्री खराब हो रही है और मजदूरों को बिना काम के भुगतान करना पड़ रहा है या वे काम छोड़कर जा रहे हैं। ठेकेदारों में इस बात को लेकर भारी असमंजस है कि आखिर यह विवाद कब सुलझेगा और वे अपना काम दोबारा कब शुरू कर पाएंगे। जांच पूरी, पर रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं: बताया जा रहा है कि टेंडर की जांच हो चुकी है। लेकिन अभी तक अधिकारिक तौर पर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। डीसी, विधायक और नगर परिषद के बीच मध्यस्थ कराने की कोशिश में है। ताकि विकास प्रभावित न हो। पर अब तक वे सफल नहीं हो सके है। Source link

ताज़ा खबर

262 जिले, 15 मंत्रालय… अल नीनो पर PMO में महाबैठक, खेती से...

होमताजा खबरदेश अल नीनो पर PMO में महाबैठक, खेती से लेकर महंगाई तक, केंद्र ने बनाया बड़ा प्लान Last Updated:July 07, 2026, 22:30 IST El Nino PMO Meeting: खरीफ सीजन के दौरान अल नीनो के संभावित खतरे को देखते हुए पीएमओ में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी के मिश्रा की अध्यक्षता में 15 से अधिक मंत्रालयों ने खेती, महंगाई और स्वास्थ्य से जुड़ी तैयारियों पर महामंथन किया. सरकार ने संवेदनशील 262 जिलों के लिए विशेष योजना बनाई है. इसके तहत जलाशयों के जल प्रबंधन, निर्बाध खाद्य आपूर्ति और राज्यों के साथ जिला स्तर तक कड़ा समन्वय रखने के निर्देश दिए गए हैं. पीएमओ में अहम बैठक हुई. नई दिल्ली. खरीफ सीजन के बीच अल नीनो के संभावित खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है. प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी के मिश्रा की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में एक बेहद महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अल नीनो के कारण कृषि, अर्थव्यवस्था और आम जनता पर पड़ने वाले असर को कम करना और समय रहते ठोस कदम उठाना है. बैठक में कृषि, बिजली, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, मौसम विभाग (IMD), उपभोक्ता मामले और जल संसाधन समेत 15 से अधिक मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. मानसून की स्थिति और अल नीनो का अनुमान• देरी से दस्तक: गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मानसून करीब 10 दिन की देरी से पहुंचा था.• बारिश में सुधार: जुलाई के पहले सप्ताह में उम्मीद से बेहतर बारिश दर्ज की गई है. 7 जुलाई तक हुई इस अच्छी मानसूनी बारिश के कारण देश में वर्षा की कुल कमी घटकर अब महज 12 प्रतिशत रह गई है.• आईएमडी का आकलन: मौसम विभाग के मुताबिक, जुलाई और अगस्त के महीनों में हल्के से मध्यम स्तर का अल नीनो सक्रिय रहने की संभावना है. हालांकि, विशेषज्ञों ने साफ किया कि अल नीनो का मतलब यह कतई नहीं है कि पूरे देश में सूखा पड़ेगा या हर हिस्से में कम बारिश होगी. 262 संवेदनशील जिलों के लिए मास्टर प्लानकृषि और खाद्य आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने जिला स्तर तक कमर कस ली है. कृषि मंत्रालय ने बैठक में बताया कि देश के सबसे संवेदनशील 262 जिलों की पहचान कर उनके लिए एक विशेष आकस्मिक योजना तैयार की गई है. इसके तहत केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर हर हफ्ते बारिश की स्थिति, फसलों के पैटर्न, जलाशयों के जलस्तर, बीज-खाद की उपलब्धता और फसलों में लगने वाले कीट-रोगों की गहन समीक्षा कर रही है. किसान कल्याण और पशुधन की सुरक्षा पर जोर1. वित्तीय सुरक्षा: ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ (PMFBY) और ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ (KCC) का दायरा तुरंत बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि विपरीत परिस्थितियों में किसानों को आर्थिक संबल मिल सके.2. चारे का प्रबंधन: पशुपालन विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे देश भर में मवेशियों और पशुओं के लिए चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें, ताकि डेयरी सेक्टर पर इसका कोई बुरा असर न पड़े. स्वास्थ्य और महंगाई पर पैनी नजरबैठक में सिर्फ खेती ही नहीं बल्कि आम जनजीवन और बाजार की सुरक्षा पर भी कड़े फैसले लिए गए:• हेल्थ अलर्ट: स्वास्थ्य मंत्रालय को अत्यधिक गर्मी (लू), उमस (ज्यादा नमी) और डेंगू-मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों पर पैनी नजर रखने और राज्यों के लिए समय पर चेतावनी जारी करने को कहा गया है.• महंगाई पर लगाम: उपभोक्ता मामलों और उर्वरक मंत्रालय को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाजार में जरूरी खाद्य वस्तुओं (दाल, चीनी, तेल) और यूरिया-डीएपी जैसी खादों की पर्याप्त सप्लाई बनाए रखें ताकि कीमतों में उछाल न आए. पीने का पानी सबसे बड़ी प्राथमिकतासरकार ने साफ किया है कि जिन जिलों में अल नीनो का खतरा सबसे ज्यादा है, वहां पीने के साफ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना, जलाशयों के पानी का विवेकपूर्ण इस्तेमाल और राज्यों के साथ पल-पल का समन्वय केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

झारखंड

जहर खाकर तीन लोगों ने िकया आत्महत्या का प्रयास, सभी सदर अस्पताल...

गुमला|शहर के जशपुर रोड स्थित टंगरा मार्केट के पास से एक ऑटो चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पीड़ित ऑटो चालक ने स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। चोरी की इस वारदात से क्षेत्र के वाहन चालकों और व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार कलिगा निवासी भुनेश्वर साहू, जो ऑटो चलाने के साथ-साथ सब्जी व्यवसाय से भी जुड़े हैं, सोमवार की सुबह जशपुर रोड स्थित सब्जी मंडी में टमाटर की थोक खरीदारी करने पहुंचे थे। भुनेश्वर ने अपना ऑटो टंगरा स्कूल के पास खड़ा किया और मंडी के भीतर चले गए। ​जब वे कुछ देर बाद टमाटर लेकर वापस लौटे, तो वहां अपना ऑटो न पाकर दंग रह गए। उन्होंने आसपास मौजूद दुकानदारों और लोगों से पूछताछ की, लेकिन ऑटो का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। काफी खोजबीन करने के बाद भी जब वाहन का पता नहीं चला, तो पीड़ित ने गुमला थाना में अज्ञात चोरों के खिलाफ लिखित आवेदन सौंपा। गुमला|जिले के अलग-अलग प्रखंडों में रविवार रात अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों ने कीटनाशक का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया। सभी को गंभीर अवस्था में परिजनों द्वारा तत्काल सदर अस्पताल, गुमला में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। राहत की बात यह है कि तीनों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार डिढौली निवासी 19 वर्षीय मनोज खड़िया, सिसई थाना क्षेत्र की 15 वर्षीय एक नाबालिग किशोरी व बरीसा असनी निवासी 21 वर्षीय अभिषेक एक्का ने अलग-अलग कारणों से कीटनाशक का सेवन कर लिया। बताया गया कि मनोज खड़िया और अभिषेक एक्का ने घर में हुए आपसी विवाद से आहत होकर आवेश में यह कदम उठाया। वहीं, नाबालिग किशोरी ने माता-पिता की डांट-फटकार से नाराज होकर गुस्से में कीटनाशक पी लिया। कीटनाशक सेवन के बाद तीनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों ने बिना देर किए उन्हें सदर अस्पताल, गुमला पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार समय पर इलाज मिलने से तीनों की जान बच गई और फिलहाल सभी की स्थिति खतरे से बाहर है। Source link

झारखंड

शूटिंग रेंज को विश्वस्तरीय बनाने को प्रभावी योजना बनाएं: सीएम:खेलगांव में शूटिंग...

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को खेलगांव स्थित टिकैत उमराव सिंह शूटिंग रेंज परिसर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की आधारभूत संरचनाओं के रख-रखाव की बदहाल स्थिति और खिलाड़ियों को दी जा रही सुविधाओं में कमियां देखकर कड़ी नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने मौके पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए व्यवस्था में तुरंत सुधार करने और पूरी व्यवस्था का आधुनिकीकरण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने परिसर के 10 मीटर, 25 मीटर और 50 मीटर शूटिंग रेंज का बारीकी से जायजा लिया। खिलाड़ियों की सुरक्षा, प्रशिक्षण मानकों, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने खेलकूद विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि शूटिंग रेंज के विश्वस्तरीय विकास के लिए प्रभावी और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जाए। सीएम ने स्वयं भी शूटिंग राइफल से निशाना साधा- अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों से समस्याओं को जाना इस दौरान सीएम ने स्वयं भी शूटिंग राइफल से निशाना साधा और अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों से उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने परिसर में लगे फायर एक्सटिंगिवीशर और फायर हाइड्रेंट की सुरक्षा जांचने के लिए समय-समय पर मॉक ड्रिल कराने तथा सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने की हिदायत दी। प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना राज्य सरकार का संकल्प निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड खेल प्रतिभाओं की धरती है। यहां के युवाओं ने हॉकी,आर्चरी, निशानेबाजी समेत कई खेल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का मान बढ़ाया है। सरकार का संकल्प है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले होनहार खिलाड़ियों को भी विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और संसाधन मिलें। खेल सिर्फ प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि युवाओं में अनुशासन और आत्मविश्वास जगाने का माध्यम है। इस अवसर पर सीएम के साथ विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, खेलकूद विभाग के सचिव मुकेश कुमार आदि मौजूद थे। Source link

ताज़ा खबर

GK: पीएम मोदी जो वाद्ययंत्र बजा रहे हैं उसका नाम क्‍या है?

Last Updated:July 07, 2026, 22:50 IST पीएम मोदी ने इंडोनेशिया में पारंपरिक वाद्ययंत्र ‘अंगक्लुंग’ बजाया. यह बांस से बना है और यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में शामिल है. सोशल मीड‍िया में इसके बारे में खूब सर्च क‍िया जा रहा है. लोग पूछ रहे हैं क‍ि यह बनता कैसे है और इसे बजाया कैसे जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेश‍िया का पारंपर‍िक वाद्ययंत्र Angklung बजाते हुए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां जाते हैं, वहां की पारंपर‍िक चीजों से जरूर जुड़ने की कोश‍िश करते हैं. उनका यही रूप इंडोनेशिया की यात्रा के दौरान देखने को म‍िला. लगातार मीटिंग के बीच जब ब्रेक म‍िला तो इंडोनेश‍िया के प्रेस‍िडेंट प्रबावो सुब‍ियांतो ने पीएम मोदी को एक पारंपर‍िक वाद्ययंत्र भेंट क‍िया, ज‍िसे पीएम मोदी आनंद से बजाते नजर आए. वीड‍ियो वायरल हुआ तो लोग पूछने लगे क‍ि इस वाद्ययंत्र का आख‍िर नाम क्‍या है? इस वाद्ययंत्र का नाम अंगक्लुंग है. पहली नजर में अंगक्लुंग देखने में साधारण बांस का एक फ्रेम लगता है, लेकिन इसकी खासियत इसे दुनिया के सबसे अनोखे वाद्य यंत्रों में शामिल करती है. यह पूरी तरह बांस से बनाया जाता है और इसमें अलग-अलग लंबाई की बांस की नलियां लगी होती हैं. जब इसे हल्के से हिलाया जाता है तो नलियां कंपन करती हैं और मधुर संगीत पैदा होता है. इसे बजाने के लिए किसी डंडी या हथौड़े की जरूरत नहीं होती. सिर्फ हाथों की हल्की गति से इसकी सुरीली ध्वनि निकलती है. कई अंगक्लुंग एक साथ बजाने पड़ते हैं अंगक्लुंग की सबसे दिलचस्प बात यह है कि एक अकेला वाद्य यंत्र पूरा संगीत नहीं बजा सकता. आमतौर पर एक अंगक्लुंग केवल एक या दो सुर ही निकालता है. इसलिए जब कोई धुन बजानी होती है तो कई कलाकार अलग-अलग सुर वाले अंगक्लुंग लेकर एक साथ प्रदर्शन करते हैं. यही वजह है कि इसे केवल संगीत का साधन नहीं, बल्कि टीमवर्क, सामंजस्य और एकता का प्रतीक भी माना जाता है. Sedikit cerita pagi tadi… Di sela pertemuan, Presiden Prabowo memberikan oleh-oleh diplomasi berupa satu set angklung kepada PM Narendra Modi. Angklung, alat musik tradisional khas Jawa Barat, menjadi simbol persahabatan sekaligus kekayaan budaya Indonesia.. Source link

झारखंड

निजी वेंडर से छपवाए होलोग्राम, जीपीएस बंद कर 20 हजार करोड़ रुपए...

पीएजी की 2021-25 अवधि की परफॉर्मेंस ऑडिट में कई और गड़बड़ियां उजागर हुईं; ऑडिट रिपोर्ट पर 3 महीने से कुंडली मारकर बैठे हैं अफसर, जवाब नहीं दे रहे… सीएजी की स्वीकृति के बाद प्रधान महालेखाकार (पीएजी) की 2021 से 2025 तक की परफॉर्मेंस ऑडिट में झारखंड के उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग में नीतिगत गड़बड़ियों का बड़ा खुलासा हुआ है। ऑडिट में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक के राजस्व नुकसान और शराब की अवैध खरीद-बिक्री की आशंका जताई गई है। अप्रैल में उत्पाद सचिव को भेजी गई गोपनीय रिपोर्ट पर तीन महीने बाद भी विभाग ने अपना पक्ष नहीं दिया है। पीएजी ने परफॉर्मेंस ऑडिट के आधार पर तैयार यह गोपनीय रिपोर्ट इसी साल अप्रैल में राज्य सरकार के उत्पाद सचिव को भेजी थी। रिपोर्ट में सामने आई अनियमितताओं पर विभाग का पक्ष और मंतव्य मांगा गया था, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है और न ही कोई अधिकारी इस पर औपचारिक रूप से बोलने को तैयार है। ऑडिट के दौरान विभाग से पूरे दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके बावजूद पीएजी की टीम ने जांच नहीं रोकी। टीम ने रांची, धनबाद, जमशेदपुर, बोकारो, देवघर और दुमका में जमीनी पड़ताल कर गड़बड़ियों से जुड़े पुख्ता साक्ष्य जुटाए। रिपोर्ट के मुताबिक मामला केवल फाइलों की अनियमितताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे राज्य के खजाने को सीधे नुकसान पहुंचने की आशंका है। रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि गड़बड़ियों की जड़ें काफी गहरी हैं। राजस्व का ‘ब्लैक होल’: ऐसे खाली होता गया सरकारी खजाना 1 होलोग्राम का खेल… शराब की बोतलों पर लगने वाले सुरक्षा होलोग्राम का काम सरकारी सिक्योरिटी प्रिंटिंग प्रेस (नासिक) के बजाय प्रिज्म नामक निजी वेंडर को सौंप दिया गया। ऑडिट में इसे वित्तीय नियमों के उल्लंघन का मामला बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार इससे नकली होलोग्राम के जरिए अवैध शराब की बिक्री और राजस्व चोरी का रास्ता खुला। 2 जीपीएस निगरानी बंद… डिस्टलरी से गोदाम और दुकानों तक शराब ले जाने वाले ट्रकों की जीपीएस ट्रैकिंग व्यवस्था प्रभावी ढंग से संचालित नहीं की गई। इससे यह निगरानी संभव नहीं रही कि शराब तय गंतव्य तक पहुंची या रास्ते में ही उसकी हेराफेरी हुई। 3 वैट वसूली में बड़ी चूक…नियम के मुताबिक मूल्य वर्धित कर (वैट) की वसूली आपूर्ति के हर चरण में होनी थी, लेकिन विभाग ने केवल शुरुआती स्तर पर ही कर लिया। ऑडिट के मुताबिक इससे सिंडिकेट को मनमाने तरीके से शराब बेचने और उत्पाद शुल्क व वैट के अंतर का फायदा उठाने का अवसर मिला, जिससे बड़े राजस्व नुकसान की आशंका बनी। गड़बड़ियों के दौरान विभाग की कमान किसके पास रही सचिव: विनय कुमार चौबे मई 2020 से जनवरी 2024 तक उत्पाद सचिव रहे। कुछ अवधि तक उत्पाद आयुक्त और जेएसबीसीएल के प्रबंध निदेशक (एमडी) का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। उनके कार्यकाल में 2022 की नई उत्पाद नीति लागू हुई। 2025 में नीति में बदलाव के बाद खुदरा शराब दुकानें निजी हाथों में दी गईं, जबकि थोक कारोबार जेएसबीसीएल के पास रखा गया। मंत्री जगरनाथ महतो: जनवरी 2020-अप्रैल 2023 बेबी देवी: जुलाई 2023-नवंबर 2024 योगेंद्र प्रसाद: दिसंबर 2024 से वर्तमान ऑडिट टीम को नहीं मिले जरूरी दस्तावेज जून 2025: सीएजी ने झारखंड की उत्पाद नीति, उसके क्रियान्वयन और राजस्व वसूली की परफॉर्मेंस ऑडिट को मंजूरी दी। जुलाई की जगह सितंबर: उत्पाद सचिव और पीएजी के बीच प्रस्तावित एंट्री कॉन्फ्रेंस दो महीने टालकर सितंबर में कराई गई। एसीबी का हवाला: ऑडिट टीम ने 2014-22 के रिकॉर्ड मांगे तो विभाग ने कहा कि सभी दस्तावेज एसीबी के पास हैं। फाइलें नहीं मिलीं: नवंबर के तीसरे सप्ताह में एसीबी पहुंची ऑडिट टीम को जांच लंबित होने का हवाला देकर रिकॉर्ड देने से मना किया। अनुमति का पेंच: एसीबी ने विभाग को बताया कि दस्तावेज महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं और मंत्रिमंडल निगरानी विभाग की अनुमति के बिना नहीं दिए जा सकते। इसके बाद विभाग ने अनुमति लेने की पहल ही नहीं की। जांच जारी रही: जरूरी दस्तावेज नहीं मिलने पर भी पीएजी टीम ने छह जिलों में जमीनी जांच कर साक्ष्य जुटाए। चुनिंदा कंपनियों और व्यक्तियों को फायदा पहुंचाने के लिए बार-बार बदली गईं नीतियां रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्षों में शराब नीति और उसके क्रियान्वयन में कई ऐसे बदलाव किए गए, जिनसे कुछ चुनिंदा कंपनियों और व्यक्तियों को सीधा लाभ पहुंचाने के आरोप लगे हैं। टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के साथ ठेकों के आवंटन में भी पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं। इन्हीं गड़बड़ियों से जुड़े मामलों में पहले कई अधिकारी जेल जा चुके हैं, जबकि मामले की जांच अभी एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहे हैं। सीधी बात- – योगेंद्र प्रसाद, उत्पाद मंत्री मंत्री बनने के पहले के फैसले पर टिप्पणी नहीं करूंगा उत्पाद विभाग में एक बार फिर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है? -मुझे कोई जानकारी नहीं है। ऑडिट रिपोर्ट में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक के नुकसान की बात है। तीन महीने पहले पक्ष मांगा गया था। जवाब क्यों नहीं दिया गया? -विभागीय सचिव से पक्ष मांगा गया होगा। मैं जानकारी लेता हूं। अनियमितता सामने आने पर उचित कार्रवाई होगी। निजी वेंडर को होलोग्राम छापने का काम क्यों दिया गया? -अभी सरकारी सिक्योरिटी प्रिंटिंग प्रेस, नासिक से ही होलोग्राम लिया जा रहा है। मेरे मंत्री बनने से पहले की अवधि के फैसलों पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। Source link

झारखंड

राष्ट्रीय जनजातीय आयोग ने रिम्स-2 मामले की सुनवाई की:राष्ट्रीय जनजातीय आयोग ने...

प्रशासन से अधिग्रहीत जमीन, मुआवजा सहित पूरी रिपोर्ट एक माह में माँगी राज्य सरकार द्वारा नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 के निर्माण पर राष्ट्रीय जनजातीय आयोग ने सुनवाई पूरी होने तक रोक लगा दी है। इसके साथ ही आयोग ने रांची जिला प्रशासन और राजस्व अधिकारियों से एक महीने के भीतर 222 एकड़ भूमि अधिग्रहण की पूरी रिपोर्ट माँगी है। आयोग ने पूछा है कि कितने रैयतों की जमीन अधिग्रहीत की गई, कितनों को मुआवजा मिला और किसे कितनी जमीन के बदले कितना भुगतान किया गया। जिन रैयतों को अब तक मुआवजा नहीं मिला, उसका भी पूरा ब्यौरा देने को कहा गया है। आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने सोमवार को सुनवाई के बाद प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने और मामले की सुनवाई पूरी होने तक रिम्स-2 से जुड़ा कोई निर्माण कार्य नहीं होगा। सोमवार को आयोग ने कुल 15 शिकायतों की सुनवाई की। इनमें रांची, गढ़वा, पलामू, बोकारो, जामताड़ा समेत कई जिलों के मामले शामिल थे। सुनवाई में संबंधित जिलों के अधिकारी और शिकायतकर्ता भी मौजूद रहे। सरकार को सुझाव… खूंटी, सिमडेगा या गुमला में बने रिम्स-2 आशा लकड़ा ने सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि रिम्स-2 को खूंटी, सिमडेगा या गुमला जिले में बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रांची में पहले से ही रिम्स मौजूद है, इसलिए जिले में अलग से रिम्स-2 की जरूरत नहीं है। अगर रिम्स-2 बनाना ही हो तो खूंटी, सिमडेगा या गुमला में बने, जहाँ पर भारी संख्या में आदिवासी समुदाय निवास करते हैं, जिन्हें इलाज के लिए रांची आना पड़ता है। अगर रिम्स-2 इन स्थानों पर बन जाए तो रिम्स का लोड कम होगा और स्थानीय लोगों को बहुत अधिक लाभ होगा। उन्होंने कहा कि गुमला, चैनपुर, डुमरी और अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में आज भी आने-जाने के लिए एम्बुलेंस से लेकर डॉक्टरों तक का अभाव है। वहाँ चिकित्सीय सुविधा बढ़े। जनजातीय समुदाय की उपजाऊ भूमि को उजाड़कर ही अस्पताल बने, यह जरूरी नहीं है। रिम्स-2 को लेकर अब तक क्या-क्या हुआ? सरकार आगे बढ़ चुकी, राशि भी मंजूर: इधर, रिम्स-2 को लेकर सरकार काफी आगे बढ़ चुकी है। अधिग्रहीत भूमि का सीमांकन कार्य भी शुरू हो चुका है। कैबिनेट की पिछली बैठक में इसके निर्माण के लिए 4,189.41 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी भी प्रदान कर दी गई है। यानी कि सरकार के स्तर पर इसके निर्माण को लेकर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। विरोध भी तेज, राजनीतिक दल भी शामिल: रिम्स-2 निर्माण का विरोध पिछले एक साल से हो रहा है। कई बार प्रदर्शन उग्र हुए। एक मौके पर पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा था। भाजपा शुरू से ही इस परियोजना का विरोध कर रही है। पूर्व सीएम चंपई सोरेन व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी भी आंदोलन का समर्थन कर चुके हैं। आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने भी रिम्स-2 के खिलाफ बड़े आंदोलन की घोषणा कर दी है। आईआईएम की आदिवासी छात्रा की शिकायत पर बैठक आज राष्ट्रीय जनजातीय आयोग की सदस्य 7 जून को आईआईएम पुंदाग के प्रबंधन के साथ बैठक करेंगी। आईआईएम की एक आदिवासी छात्रा प्रियंका कुजूर ने प्रबंधन पर आदिवासी होने के कारण भेदभाव की शिकायत आयोग से की है। प्रियंका कुजूर आईआईएम में पीएचडी (PhD) स्कॉलर छात्रा हैं। वह सोमवार को माता-पिता के साथ सर्किट हाउस पहुंचीं और आशा लकड़ा के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने कहा है कि बीआईटी मेसरा से ग्रेजुएट होने के बावजूद, उन्हें अक्सर ताने मारे जाते हैं और कमजोर कहा जाता है। उन्होंने संस्थान में मार्क्स देने में भी भेदभाव का आरोप लगाया। प्रियंका के माता-पिता ने चिंता जताते हुए कहा कि आईआईएम मैनेजमेंट का रवैया उनकी बेटी को डिप्रेशन में धकेल सकता है। छात्रा की शिकायत सुनने के बाद डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि वह मंगलवार को आईआईएम रांची में होने वाली समीक्षा बैठक के दौरान इस शिकायत के बारे में जरूर जानकारी लेंगी। Source link

ताज़ा खबर

Sushant Sinha Desh ki Pathshala: मुस्लिम देश में PM मोदी का रौला…...

प्रधानमंत्री मोदी इस वक्त दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया गए हुए हैं… और वहां… एक मुस्लिम देश में भी भारत का रौला दिख रहा है… मोदी-मोदी हो रहा है… धाकड़ डील्स हो रही हैं… लेकिन अगर आप अपने यहां विपक्ष को सुन लीजिएगा तो माथा पीट लीजिएगा, क्योंकि इनके हिसाब से नरेंद्र मोदी तो विदेश में मौज करने गए हैं. उन्हें तो बस एक अवॉर्ड दिखा दो, वे भागे-भागे विदेश चले जाएंगे. ये लोग कहते रहते हैं कि मोदी को विदेश नीति नहीं आती, पूरी विदेश नीति फेल है. खैर, ये लोग जितनी मर्जी छाती पीट लें… उधर भारत इंडोनेशिया में वो सब कर रहा है कि पाकिस्तान से लेकर चीन तक आंखें फाड़-फाड़कर देख रहे होंगे. आप ये भी सोचिए कि इंडोनेशिया वो देश है, जहां 24-25 करोड़ मुसलमान रहते हैं. दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश इंडोनेशिया है. करीब 90 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है. लेकिन इंडोनेशिया में जब से नरेंद्र मोदी पहुंचे हैं, वहां मोदी-मोदी हो रहा है. भारत-भारत हो रहा है. मुस्लिम देश में भारत की सांस्कृतिक विरासत, भारत की टेक्नोलॉजी और भारत के हथियारों का डंका बज रहा है. पीएम मोदी ने बताया कि भारत की मिड-डे मील योजना और पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम का मॉडल भी इंडोनेशिया के साथ साझा किया जाएगा. यानी भारत में जो-जो बेहतरीन काम हो रहे हैं, चाहे वह UPI हो या मिसाइल सिस्टम, इंडोनेशिया उनमें दिलचस्पी दिखा रहा है. खुद इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने माना कि वे पीएम मोदी को फॉलो करते हैं और उनकी योजनाओं से सीख लेते हैं. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने मजाक में यह भी कहा कि अच्छी बात है, पीएम मोदी अपनी योजनाओं पर कॉपीराइट नहीं लगाते. इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने कॉपीराइट की बात की, तो पीएम मोदी ने भी इसका जवाब दिया. इंडोनेशिया में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत का मंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास है. यहां कॉपीराइट की कोई बात नहीं है. पीएम मोदी के कामों और योजनाओं की दुनिया इसलिए नकल कर रही है क्योंकि भारत की ताकत अब पूरी दुनिया देख रही है. डील ज‍िसने बढ़ाई चीन पाक की टेंशन आज इंडोनेशिया ने भारत से ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल खरीदने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है. ब्रह्मोस मिसाइल का जलवा तो दुनिया ऑपरेशन सिंदूर में पहले ही देख चुकी है. अब पीएम मोदी ने अपने इस दौरे से वैश्विक मंच पर भारत की स्वदेशी अस्त्र मिसाइल की भी एंट्री करा दी है. अब दुनिया में ब्रह्मोस के साथ-साथ भारत की अस्त्र मिसाइल की भी चर्चा हो रही है. आप सोचिए… एक समय था जब दुनिया के बड़े-बड़े रक्षा उपकरण निर्माता भारत के चक्कर लगाते थे कि किसी तरह भारत को हथियार बेचकर बड़ी डिफेंस डील कर लें. लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. अब दुनिया के देश भारत से हथियार खरीदने के लिए लाइन लगा रहे हैं. और ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि… एक तरफ पीएम मोदी भारत में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत कर रहे हैं… दूसरी तरफ भारत अपने हथियारों की ताकत भी दुनिया को दिखा चुका है. ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने एक साथ दो काम कर दिए. पहला… दुनिया को भारतीय स्वदेशी हथियारों की ताकत दिखा दी. दूसरा… पाकिस्तान को करारा जवाब देकर यह साबित कर दिया कि भारत के हथियार सिर्फ प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि युद्ध के मैदान में भी बेहद प्रभावी हैं. अब देखिए… जिस ब्रह्मोस मिसाइल ने पाकिस्तान की नींद उड़ाई, उसी मिसाइल को खरीदने के लिए आज भारत और इंडोनेशिया के बीच बड़ा समझौता हुआ है. इस समझौते के तहत भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल उपलब्ध कराएगा. इंडोनेशिया अपनी ब्रह्मोस मिसाइल क्षमता को और मजबूत कर सकेगा. इसके लिए भारत अतिरिक्त मिसाइल बैटरियां भी उपलब्ध कराएगा. समझौते में मिसाइल सिस्टम, सपोर्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेटर ट्रेनिंग, मेंटेनेंस सर्विस और टेक्निकल असिस्टेंस भी शामिल है. अलग-अलग रिपोर्टों के मुताबिक भारत और इंडोनेशिया के बीच यह डील करीब 4,200 करोड़ रुपये की हो सकती है. ब्रह्मोस मिसाइल को अपने बेड़े में शामिल करने से चीन के खिलाफ इंडोनेशिया की समुद्री सुरक्षा और मजबूत होगी. ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस मिसाइल ने जिस तरह पाकिस्तान को झटका दिया, उसके बाद दुनिया के कई देशों की नजर अब इस मिसाइल पर है. भारत में बने हथियारों पर भरोसा समंदर में चीन की बढ़ती दादागीरी से परेशान देश अपनी सुरक्षा के लिए भारत की ओर देख रहे हैं. वे भारत में बने हथियारों पर भरोसा जता रहे हैं. इंडोनेशिया से पहले फिलीपींस और वियतनाम भी ब्रह्मोस मिसाइल में रुचि दिखा चुके हैं. इसके अलावा यूएई समेत करीब छह देश ब्रह्मोस खरीदने में दिलचस्पी दिखा चुके हैं. फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया, भारत से ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा आसियान (ASEAN) देश बन सकता है. मलेशिया और थाईलैंड जैसे देश भी ब्रह्मोस में रुचि दिखा रहे हैं. यदि ये देश भी ब्रह्मोस खरीदते हैं, तो दक्षिण चीन सागर में एक तरह की ब्रह्मोस बेल्ट तैयार हो जाएगी.यानी ऐसे देशों का एक सुरक्षा नेटवर्क, जो भारत के हथियारों पर भरोसा करेगा. भारत से हथियार खरीदकर ये देश अमेरिका और चीन के बीच की रणनीतिक खींचतान से भी काफी हद तक स्वतंत्र रह सकेंगे. क्‍यों यह डील बेहद खास यह डील ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिका की सुरक्षा के भरोसे बैठी कई खाड़ी देशों पर ईरान ने हमला कर दिया और अमेरिका उन्हें पूरी तरह सुरक्षा नहीं दे सका. इस घटना के बाद समुद्र में चीन से निपटने के लिए अमेरिका पर निर्भर कई देशों को भी यह एहसास हुआ कि अब केवल एक देश के भरोसे नहीं रहा जा सकता. अब वे भारत को एक मजबूत, भरोसेमंद और उभरते हुए रणनीतिक साझेदार के रूप में देख रहे हैं. यही वजह है कि चीन के प्रभाव वाले इलाके में अब धीरे-धीरे ‘ब्रह्मोस बेल्ट’ तैयार होती दिखाई दे रही है. इंडोनेशिया को अक्सर इंडो-पैसिफिक का जियोस्ट्रैटेजिक हब कहा जाता है. दक्षिण-पूर्व एशिया भारत के लिए बेहद अहम इलाका है. अब यह भी समझिए कि आखिर दक्षिण-पूर्व एशिया के देश ब्रह्मोस में इतनी दिलचस्पी क्यों दिखा रहे हैं. ब्रह्मोस क्‍यों आ रही पसंद दरअसल, ब्रह्मोस लंबी दूरी की सुपरसोनिक एंटी-शिप क्रूज़

Scroll to Top