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महराजगंज-नेपाल की सीमावर्ती निचलौल-बहुआर सड़क जर्जर, लोगों को आवागमन में भारी परेशानी

Last Updated:July 06, 2026, 15:41 IST महराजगंज जिले की निचलौल–बहुआर सड़क जो सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित गांवों को निचलौल टाउन से जोड़ती है. उसकी जर्जर स्थिति ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन चुकी है. यह सड़क एक बहुत ही महत्वपूर्ण सड़क है लेकिन जगह-जगह टूटने की वजह से सड़क में बहुत सारे गड्ढे बन चुके हैं. जिसकी वजह से इस सड़क से होकर गुजरने वाले लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है. निचलौल–बहुआर रोड की बात करें तो यह सड़क एक लंबे समय से मरम्मत का इंतजार कर रही है. महराजगंज: जिले के निचलौल–बहुआर सड़क की जो अपनी जर्जर स्थिति में बनी हुई है. महराजगंज जिले की बात करें तो जिले का एक बड़ा हिस्सा भारत–नेपाल सीमा क्षेत्र में आता है और इन क्षेत्रों में जिले की एक बड़ी जनसंख्या रहती है. निचलौल–बहुआर रोड ऐसे ही एक बड़े सीमावर्ती क्षेत्र को निचलौल टाउन से जोड़ती हैं. सड़क खराब होने की वजह से प्रतिदिन लोगों को आवागमन के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है. गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क ना सिर्फ आवागमन में एक बड़ी समस्या बन रही है बल्कि छोटी–बड़ी दुर्घटनाओं की एक वजह भी बनकर सामने आ रही है जहां लोगों को उसका शिकार होना पड़ रहा है. निचलौल–बहुआर रोड बनने का कर रहा है इंतजार महराजगंज जिले की निचलौल–बहुआर सड़क जो सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित गांवों को निचलौल टाउन से जोड़ती है. उसकी जर्जर स्थिति ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन चुकी है. यह सड़क एक बहुत ही महत्वपूर्ण सड़क है लेकिन जगह-जगह टूटने की वजह से सड़क में बहुत सारे गड्ढे बन चुके हैं. जिसकी वजह से इस सड़क से होकर गुजरने वाले लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है. निचलौल–बहुआर रोड की बात करें तो यह सड़क एक लंबे समय से मरम्मत का इंतजार कर रही है. मुसीबत तो तब होती है जब एक तरफ से कोई चार पहिया वाहन आती है और दूसरी तरफ से लोगों को गुजरना होता है. सड़क की स्थिति खराब होने की वजह से सड़क से बिना उतरे उसे पास देना बहुत मुश्किल हो जाता है क्योंकि शायद ही ऐसा हो कि सड़क से बिना उतरे कोई चार पहिया वाहन गुजर जाए. अंधेरा होने के बाद इस सड़क से गुजरना काफी खतरनाक हो जाता है क्योंकि टूटी सड़क और सड़क के दोनों और कच्चे रास्ते आने जाने वाले लोगों के लिए ना सिर्फ एक मुसीबत है बल्कि घटनाओं का एक बड़ा वजह के रूप में भी दिखता है. स्कूल जाने वाले छात्रों को होती है परेशानी निचलौल–बहुआर सड़क खराब होने से सबसे ज्यादा परेशानी विद्यार्थियों को होती है. सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित ग्रामीण इलाकों से यह बच्चे पढ़ाई करने के लिए स्कूल और कॉलेज जाते हैं और उन्हें इस सड़क से होकर गुजरना होता है. ऐसे में उन्हें इस खराब हो चुकी सड़क से प्रतिदिन आना जाना होता है और ज्यादातर बच्चे ऐसे हैं जो साइकिल चलाते हुए आते जाते हैं. जैसे ही कोई चार पहिया वाहन सड़क से होकर गुजरती है उन्हें तुरंत ही कच्चे रास्तों पर उतरना होता है. बरसात के समय में स्थिति ऐसी हो जाती है कि सड़क के दोनों और जो कच्चे रास्ते हैं वह बहुत ही खराब हो जाते हैं जिसकी वजह से कई छोटी बड़ी दुर्घटनाएं भी हो जाते हैं. बरसात के समय में सड़क में हुए गड्ढों की वजह से कहीं-कहीं पानी भी इकट्ठा हो जाता है जिससे इस रोड से होकर गुजरने वाले लोगों के बीच दुर्घटना की आशंका और भी बढ़ जाती है. यह सड़क सीमावर्ती क्षेत्र के बहुत से गांवों को निचलौल तहसील से जोड़ती और उन्हें छोटे-बड़े कामों के लिए यहां आना होता है लेकिन सड़क खराब होने की वजह से उन्हें प्रतिदिन बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Maharajganj,Mahrajganj,Uttar Pradesh Source link

झारखंड

जिस नंबर का ऑटो चलाते थे पापा, बेटे ने उसी नंबर प्लेट...

Last Updated:July 06, 2026, 13:47 IST Viral Success Story:’सबका वक्त आता है, लेकिन उसका दौर आ गया’ यह बात झारखंड के लाल गौतम झा पर फिट होती है. कभी पिता ऑटो चलाते थे, मां भी काम करती थीं. गरीबी में जैसे-तैसे परिवार ने गुजारा किया, लेकिन बेटे ने वक्त ही बदला डाला. पापा जिस नंबर का ऑटो चलाते थे अब बेटे ने उसी नंबर की स्पोर्टस् कार खरीद ली. गौतम झा का वीडियो वायरल हो रहा है. रांचीः कभी पिता ऑटो चलाकर परिवार का गुजारा करते थे. मां कम सैलरी वाली नौकरी के लिए रोज कई किलोमीटर पैदल चलती थीं. आर्थिक तंगी के बीच पले-बढ़े गौतम झा ने संघर्ष को अपनी ताकत बनाया. उसी गरीब घर के गौतम बिजनेस का साम्राज्य खड़ा कर दिया. हाल ही में उनका एक वीडियो वायरल हुआ. जिसमें उन्होंने 90 लाख रुपये की लग्जरी कार खरीदी. उसकी नंबर प्लेट पर वही नंबर दर्ज है, जो कभी उनके पिता के ऑटो का हुआ करता था. गौतम झा झारखंड के रहने वाले हैं. उन्होंने एक यू-ट्यूब चैनल पर अपनी कहानी सुनाई. उन्होंने सीधे ट्रेडिंग से शुरुआत नहीं की थी. सबसे पहले मोबाइल फोन की फ्लैश सेल में फोन खरीदकर उन्हें रीसेल करने का काम किया. इसके बाद म्यूजिक स्टूडियो और अन्य क्रिएटिव बिजनेस में भी हाथ आजमाया. हालांकि, उन्हें महसूस हुआ कि इन कारोबारों में ग्रोथ की एक सीमा है. इसके बाद उन्होंने शेयर बाजार और ट्रेडिंग को अपना करियर बनाने का फैसला किया. View this post on Instagram Source link

झारखंड

ढाई घंटे की मशक्कत के बाद वारंटी पकड़ा:जमशेदपुर में छतों पर भागते...

जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में एक वारंटी को पकड़ने के दौरान हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। पुलिस टीम नीतिबाग कॉलोनी स्थित आरोपी अभिषेक कुमार के घर उसे गिरफ्तार करने पहुंची थी। पुलिस को देखते ही आरोपी ने घर का दरवाजा बंद कर लिया और तेजी से छत पर चढ़ गया। वहां से उसने पुलिस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उसे पकड़ने की कोशिश की गई तो वह छत से कूद जाएगा। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने संयम बरतते हुए इलाके को घेर लिया। उसे सुरक्षित पकड़ने की रणनीति बनाई। इस दौरान आसपास के लोग भी घटना को देखने के लिए अपने घरों से बाहर निकल आए, जिससे इलाके में हलचल बढ़ गई। छह छतें पार कर भागा, संकरी गली में फंसा पुलिस के दबाव को देखते हुए अभिषेक छतों के रास्ते भागने लगा। वह एक के बाद एक करीब छह मकानों की छतों को पार करता हुआ आगे बढ़ता रहा, जबकि पुलिसकर्मी भी उसका पीछा करते हुए छतों पर चढ़ गए। जल्दबाजी में भागने के दौरान वह दो मकानों की दीवारों के बीच बनी संकरी जगह में फंस गया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। इस पूरे घटनाक्रम में करीब ढाई घंटे का समय लगा। भागने के दौरान उसे हल्की चोटें भी आईं, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। चेन स्नैचिंग मामले में था वांछित थाना प्रभारी आनंद मिश्रा ने बताया कि आरोपी अभिषेक कुमार रविवार रात भुइयांडीह चौक के पास रहने वाली एक महिला से चेन स्नैचिंग की घटना में शामिल था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे उसकी पहचान हुई। जांच में यह भी सामने आया कि उसके खिलाफ मारपीट, चोरी और अन्य आपराधिक मामलों सहित कई केस विभिन्न थानों में दर्ज हैं। गिरफ्तारी अभियान में सीतारामडेरा थाना के साथ-साथ सिदगोड़ा और गोविंदपुर थाना की पुलिस भी शामिल रही। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में है। Source link

शिक्षा

RPSC APP Recruitment 371 Posts

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा निकाली गई सहायक लोक अभियोजक-APP (गृह विभाग-अभियोजन) के 371 पदों पर भर्ती के लिए प्रोसेस जारी है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की लास्ट डेट कल (7 जुलाई) है। . वहीं आयोग की ओर से सीनियर साइंटिस्ट ऑफिसर भर्ती की तीन पदों के लिए प्रक्रिया भी जारी है, जिसकी लास्ट डेट 10 जुलाई है। APP भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 2 सितंबर को किया जाना प्रस्तावित है। आयु सीमा 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम 21 साल और अधिकतम 40 साल से कम होनी चाहिए। इसके बाद आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर की गई। हालांकि, इन पदों के लिए कोई विज्ञापन जारी नहीं किया। इसलिए अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। अभ्यर्थियों का सिलेक्शन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षा दो चरणों में प्रारंभिक परीक्षा व मुख्य परीक्षा के रूप में ली जाएगी। यह रहेगा परीक्षा शुल्क सामान्य (अनारक्षित) और राजस्थान के क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग के आवेदक के लिए 600 रुपए। राजस्थान के नॉन क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांग के लिए 400 रुपए। वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी भर्ती- 10 जुलाई लास्ट डेट राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (Senior Scientific Officer) के कुल 3 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा निकाली गई इस भर्ती के तहत टॉक्सिकोलॉजी, फिजिक्स और बैलिस्टिक्स डिवीजन में 1-1 पद शामिल हैं। इसके लिए योग्य अभ्यर्थी 10 जुलाई की रात 12 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यदि कोई अभ्यर्थी एक से अधिक डिवीजन (पद) के लिए योग्यता रखता है और आवेदन करना चाहता है, तो उसे प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग आवेदन फॉर्म भरना होगा। परीक्षा-2026 का आयोजन 13 अक्टूबर 2026 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच में किया जाएगा। आयोग ने परीक्षा कम्पयूटर बेस्ड रिक्रूटमेंट टेस्ट (सीबीआरटी) के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसका शेड्यूल तय समय पर जारी कर दिया जाएगा। ……… पढें ये खबर भी…. राजस्थान बोर्ड-10वीं-12वीं एग्जाम के लिए आज से भरे फार्म:इस साल से 200 रुपए फीस बढ़ाई, जानिए-कब से कब तक क्या रहेगी फीस राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 10वीं-12वीं एग्जाम के लिए आवेदन फार्म आज से भरे जा सकते हैं। इस बार 200 रुपए की फीस बढ़ा दी गई है। 6 अगस्त तक 850 रुपए फीस होगी। बिना लेटफीस एक माह का समय दिया गया है। पूरी खबर पढें Source link

झारखंड

कोडरमा शहर में हाथियों की दस्तक:बाउंड्रीवॉल तोड़ी, सब्जियां नष्ट; वन विभाग ने...

कोडरमा में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय रहने वाले हाथियों ने शहरी इलाकों की ओर रुख कर लिया है, जिससे लोगों में भय का माहौल बन गया है। रविवार देर रात सदर थाना क्षेत्र के कोलटेक्स के समीप हाथियों का एक झुंड पहुंच गया। इस दौरान हाथियों ने माहेश्वरी पांडे के घर की बाउंड्रीवॉल को ध्वस्त कर दिया। आसपास लगी साग-सब्जियों को भी रौंद दिया। अचानक हुए इस नुकसान से परिवार के साथ-साथ आसपास के लोग भी सहम गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय हाथियों की आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकल आए, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वन विभाग ने संभाली स्थिति हाथियों के शहरी क्षेत्र में प्रवेश की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। हालांकि, वन विभाग की टीम ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया। अधिकारियों ने लोगों को सतर्क करते हुए हाथियों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कोई भी व्यक्ति हाथियों के पास जाने, उन्हें छेड़ने या फोटो-वीडियो बनाने के लिए भीड़ न लगाए, क्योंकि इससे खतरा और बढ़ सकता है। साथ ही रात के समय ऐसे इलाकों में अनावश्यक रूप से आवाजाही न करने की सलाह दी गई है। पहले भी तिलैया बस्ती में दिखे थे हाथी इससे पहले रविवार शाम को भी हाथियों की गतिविधि सामने आई थी, जब तीन हाथियों का एक झुंड झुमरीतिलैया के वार्ड संख्या 02 स्थित तिलैया बस्ती के आसपास देखा गया था। स्थानीय युवकों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ दिया गया। लगातार हो रही इन घटनाओं से यह स्पष्ट है कि क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही बढ़ गई है, जो लोगों के लिए खतरे का संकेत है। प्रशासन ने ग्रामीणों और शहरी लोगों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। Source link

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रेगिस्तान में प्रकृति का चमत्कार! नागौर के वेटलैंड्स बने हजारों पक्षियों का...

Last Updated:July 06, 2026, 14:41 IST Nagaur Hindi News: नागौर जिला जिसकी पहचान कभी केवल रेत और शुष्क भूभाग से होती थी, आज अपने वेटलैंड्स के कारण प्रकृति प्रेमियों और पक्षी प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र बन रहा है. इन आर्द्रभूमियों में स्थानीय ही नहीं, बल्कि प्रवासी पक्षियों की भी बड़ी संख्या देखने को मिल रही है. जलभराव और अनुकूल वातावरण ने इन वेटलैंड्स को पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रय बना दिया है. यहां सुबह और शाम का प्राकृतिक नजारा पर्यटकों, फोटोग्राफरों और बर्ड वॉचर्स को खासा आकर्षित कर रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि वेटलैंड्स का संरक्षण जैव विविधता बनाए रखने के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है. नागौर के ये प्राकृतिक स्थल अब इको-टूरिज्म की नई पहचान बनते जा रहे हैं. राजस्थान को अक्सर रेगिस्तान और सूखे प्रदेश के रूप में देखा जाता है, लेकिन यही धरती अब लाखों प्रवासी जलपक्षियों की सबसे सुरक्षित शरणस्थली भी बन रही है. राज्य के 117 आर्द्र क्षेत्रों (वेटलैंड्स) में इस वर्ष 3.11 लाख से अधिक जलपक्षियों की मौजूदगी दर्ज हुई है. यहां की झीलें और जलाशय वैश्विक जैव विविधता के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है. यह आंकड़ा संरक्षण प्रयासों की सफलता का भी संकेत है. राजस्थान के वेटलैंड्स दुनिया के प्रमुख प्रवासी पक्षी मार्ग सेंट्रल एशियन फ्लाईवे का अहम हिस्सा हैं. मध्य एशिया और पूर्वी यूरोप से हजारों किलोमीटर की कठिन उड़ान भरकर पक्षी हर सर्दी में यहां पहुंचते हैं. भरतपुर का केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, सांभर झील, डीडवाना, पचपदरा, जवाई बांध, मानसागर और उदयपुर की झीलें इन मेहमान पक्षियों के लिए सुरक्षित पड़ाव साबित हो रही हैं. इस बार की गणना में सबसे बड़ा आकर्षण लेसर फ्लेमिंगो रहे, जिनकी संख्या करीब 1.47 लाख दर्ज की गई. इसके अलावा ग्रेटर फ्लेमिंगो, कॉमन कूट, कैटल एग्रेट, ग्रेट कॉर्मोरेंट, नॉर्दर्न शोवेलर, लिटिल कॉर्मोरेंट, ब्लैक-विंग्ड स्टिल्ट, कॉमन टील और पाइड एवोसेट जैसी प्रमुख प्रजातियां भी बड़ी संख्या में दिखाई दी. कुल 112 प्रजातियों की उपस्थिति ने राजस्थान के वेटलैंड्स की समृद्ध जैव विविधता को और मजबूत किया है. Add News18 as Preferred Source on Google यह पक्षी गणना केवल संख्या जुटाने का अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति के स्वास्थ्य का वैज्ञानिक आकलन भी है. एशियन वॉटरबर्ड सेंसस के तहत वन विभाग, वैज्ञानिक संस्थान, पक्षी विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक मिलकर जलपक्षियों की गणना करते हैं. इसे एशिया का सबसे बड़ा सिटीजन साइंस कार्यक्रम माना जाता है, जिसमें आम लोगों की भागीदारी भी संरक्षण को नई ताकत देती है. इस सर्वे से मिलने वाले आंकड़े भविष्य की संरक्षण योजनाओं की दिशा तय करते हैं. इन्हीं के आधार पर रामसर साइट के चयन, वेटलैंड संरक्षण, जल प्रबंधन और जैव विविधता से जुड़ी नीतियां तैयार की जाती हैं. साथ ही प्रदूषण, जल संकट, अतिक्रमण और अवैध खनन जैसे खतरों की पहचान कर समय रहते आवश्यक कदम उठाने में भी यह सर्वे बेहद उपयोगी साबित हो रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वेटलैंड्स सुरक्षित रहेंगे तो प्रवासी पक्षियों की संख्या आने वाले वर्षों में और बढ़ सकती है. बदलती जलवायु, घटते जल स्रोत और मानव गतिविधियों का असर पक्षियों के प्रवास पर भी पड़ता है. ऐसे में राजस्थान के आर्द्र क्षेत्रों का संरक्षण केवल पर्यावरण नहीं, बल्कि वैश्विक पारिस्थितिकी संतुलन के लिए भी आवश्यक माना जा रहा है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें| Source link

झारखंड

पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव से ED की पूछताछ,...

Last Updated:July 06, 2026, 13:50 IST झारखंड के कथित शराब घोटाले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है. ईडी के दूसरे समन पर कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव से ईडी अधिकारियों ने इस घोटाले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अन्य दस्तावेजों को लेकर पूछताछ शुरू की. पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव से ED की पूछताछ रांची. झारखंड में बहुचर्चित कथित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच तेज करते हुए प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (ED) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. वहीं, ईडी के दूसरे समन पर पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव आज रांची स्थित ईडी के जोनल ऑफिस पहुंचे, जहां जांच अधिकारियों ने उनसे शराब घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन को लेकर पूछताछ की. बताया जाता है कि रोहित उरांव अपने साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी लेकर ईडी कार्यालय पहुंचे, जिनकी जांच एजेंसी के अधिकारियों ने बारीकी से की बता दें कि ईडी ने झारखंड के कथित शराब घोटाले में रोहित उरांव को पूछताछ के लिए दूसरा नोटिस जारी किया था. पहले समन पर उपस्थित न होने के बाद, दूसरे समन की तामील करते हुए रोहित उरांव आज रांची के हिनू स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक, जांच अधिकारियों ने उनके पहुंचते ही शराब कारोबार से जुड़े उनके संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन और निवेश को लेकर सवालों की झड़ी लगा दी. 23 अगस्त 2023 की छापेमारी से जुड़े हैं तार दरअसल, रोहित उरांव पर ईडी का यह शिकंजा अचानक नहीं कसा है, बल्कि इसकी पृष्ठभूमि साल 2023 में ही तैयार हो गई थी. मालूम हो कि 23 अगस्त 2023 को प्रवर्तन निदेशालय ने एक बड़ा अभियान चलाते हुए झारखंड के चार प्रमुख जिलों- रांची, दुमका, देवघर और गोड्डा में एक साथ लगभग 34 ठिकानों पर सघन छापेमारी की थी. उस दौरान ईडी की टीमों ने कांग्रेस नेता डॉ. रामेश्वर उरांव के रांची स्थित निजी आवास और उनके बेटे रोहित उरांव के व्यावसायिक और निजी ठिकानों को भी खंगाला था. शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग का क्या है पूरा मामला ईडी की यह पूरी कार्रवाई झारखंड में हुए कथित शराब घोटाले और उसके जरिए की गई मनी लॉन्ड्रिंग (काले धन को सफेद करना) की जांच से जुड़ी है. जांच एजेंसी का आरोप है कि राज्य की नई उत्पाद नीति और शराब के थोक व्यापार के आवंटन में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां की गईं और इस सिंडिकेट के जरिए करोड़ों रुपये के अवैध धन का लेन-देन हुआ. छापेमारी के दौरान मिले डिजिटल साक्ष्यों और बैंक दस्तावेजों के आधार पर ही रोहित उरांव का नाम इस मामले में सामने आया था. दस्तावेजों के पुलंदे के साथ पहुंचे रोहित मिली जानकारी के अनुसार, ईडी पूछताछ के दौरान रोहित उरांव अपने साथ एक बड़ा बैग और कई अहम दस्तावेज लेकर पहुंचे. इन दस्तावेजों में उनके बैंक खातों की डिटेल, इनकम टैक्स रिटर्न की कॉपियां और कुछ व्यावसायिक संपत्तियों के कागजात शामिल बताए जा रहे हैं. ईडी के अधिकारी इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि क्या शराब घोटाले से अर्जित अवैध धन को रोहित उरांव या उनसे जुड़ी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किया गया था. झारखंड की सियासत पर पड़ेगा इस पूछताछ का असर हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल पूछताछ का असर झारखंड के सियासी गलियारों में भी साफ देखा जा सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि डॉ. रामेश्वर उरांव राज्य के कद्दावर कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री रह चुके हैं. ऐसे में उनके बेटे से ईडी की यह पूछताछ सीधे तौर पर राज्य की गठबंधन सरकार और कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका मानी जा रही है. विपक्षी बीजेपी जहां इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जरूरी कार्रवाई बता रही है, वहीं सत्ता पक्ष इसे केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करार दे रहा है. About the Author Vijay jha पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

देवघर में डॉक्टर पर चाकू से हमला:खाने के पैसे को लेकर हुआ...

देवघर जिले के पथरोल थाना क्षेत्र में एक होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. निर्मल प्रमाणिक पर चाकू से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। यह घटना एक रेस्टोरेंट में हुई, जहां कथित तौर पर करीब 41 हजार रुपए की लूट भी हुई है। डॉ. प्रमाणिक मधुपुर थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, संबंधित रेस्टोरेंट उनके साले द्वारा किराए के मकान में संचालित किया जाता है। आरोप है कि मकान मालिक सनोज पासी अक्सर बिना भुगतान किए रेस्टोरेंट में भोजन करते थे, जिसको लेकर पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हो चुका था। बीती रात इसी मुद्दे को लेकर एक बार फिर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। बीच-बचाव करने पहुंचे डॉक्टर पर हमला बताया गया कि विवाद बढ़ने के दौरान मकान मालिक और रेस्टोरेंट संचालक के बीच मारपीट शुरू हो गई। इसी बीच डॉ. निर्मल प्रमाणिक मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराने का प्रयास कर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान उन पर चाकू से हमला कर दिया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान रेस्टोरेंट के गल्ले से करीब 41 हजार रुपए निकाल लिए गए। अचानक हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने किसी तरह स्थिति को संभालने का प्रयास किया और पुलिस को सूचना दी गई। एम्स देवघर में चल रहा इलाज घटना की सूचना मिलते ही पथरोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल डॉक्टर को तत्काल मधुपुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए एम्स देवघर रेफर कर दिया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। रेस्टोरेंट संचालक ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। Source link

झारखंड

गिरिडीह में नवविवाहिता की हत्या का खुलासा:पति ने चरित्र संदेह में गला...

गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र में नवविवाहिता की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। हरकटवा नाला से सड़े-गले अवस्था में शव बरामद होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ आबिद खान के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मृतका के पति मुन्नालाल किस्कू को गिरफ्तार कर लिया। पीरटांड़ थाना में 5 जुलाई 2026 को कांड संख्या 23/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई और पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश किया। प्रेम विवाह के बाद बढ़ा शक जांच के दौरान आरोपी मुन्नालाल किस्कू ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि 9 मार्च 2026 को उसने प्रेम प्रसंग के बाद भावनपुर की युवती से विवाह किया था। शादी के बाद से ही उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था और वह अक्सर उसे लेकर शंकित रहता था। घटना वाले दिन पत्नी के मोबाइल पर किसी अन्य युवक का फोन आया, जिससे वह आक्रोशित हो गया। गुस्से में आकर उसने अपनी पत्नी का गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव को हरकटवा नाला में ले जाकर घास से ढंक दिया, ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद वह घर लौटकर सामान्य व्यवहार करता रहा, जिससे किसी को घटना की भनक नहीं लगी। पुलिस ने बरामद किए साक्ष्य, जेल भेजा गया आरोपी पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या स्थल को चिन्हित किया और आसपास की झाड़ियों से मृतका की गुलाबी रंग की चप्पल भी बरामद की। इसके अलावा आरोपी का ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जो जांच में अहम साक्ष्य माना जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी 19 वर्षीय मुन्नालाल किस्कू है। उसके पिता का नाम गोराचंद किस्कू है। वह धावाटांड, टोला हरकटवा का निवासी है। छापेमारी दल में एसडीपीओ आबिद खान, थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। Source link

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Last Updated:July 06, 2026, 13:40 IST Mumbai-Pune Expressway News Today: मुंबई, ठाणे और पालघर में भारी बार‍िश कहर बनकर टूट पड़ी है. हर ओर पानी के सैलाब ने लोगों को मुश्‍क‍िल में डाल द‍िया है. ट्रेंनें देरी से चल रही हैं, या रद्द हो रही हैं. फ्लाइटों को डायवर्ट क‍िया जा रहा है या देरी हो रही है. सड़कों पर भारी ट्रैफ‍िक जाम ने तबाही मचा दी है, लोग घंटों जाम में फंसकर परेशान हैं. मुंबई में भारी बारिश का कहर जारी है. सड़कों पर पानी उफान मार रहा है. कई जगहों पर भूस्खलन और पानी के सैलाब के चलते एक्सप्रेसवे और हाइवेज बंद हो गए हैं. ऐसे में लोगों को आने-जाने में बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. इतना ही नहीं बारिश का असर ट्रेनों और हवाई यात्राओं पर भी पड़ रहा है, जिससे मुंबई सहित कई शहरों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है. जबर्दस्त बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. आईएमडी ने सोमवार सुबह मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था लेकिन हालात को देखते हुए इसे रेड अलर्ट में तब्दील कर दिया. विभाग ने बहुत भारी बारिश और 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं (गस्ट) का पूर्वानुमान जताया है और लोगों से ज्यादा यात्रा न करने की अपील की है. मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बारिश के चलते बड़ा हादसा हो गया. यहां कनेक्टिंग लिंक-मिसिंग लिंक के बीच के हिस्से में एक कंक्रीट का खंभा (पिलर) सड़क पर गिर जाने के कारण पूरा यातायात ठप हो गया और पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर जाम लग गया. अभी तक इसे ठीक नहीं किया जा सका है, ऐसे में पुणे-मुबई एक्सप्रेसवे को लगभग बंद कर दिया गया है और लोगों को दूसरे रास्ते तलाशने पड़ रहे हैं. Add News18 as Preferred Source on Google पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ही एक अन्य घटना में मलबा सड़क पर गिर गया, जिससे आसपास का इलाका पूरी तरह प्रभावित हो गया. बता दें कि मिसिंग लिंक टनल पर भूस्खलन होने के कारण पूरा यातायात ठप हो गया.खोपोली-कुसगांव मिसिंग लिंक के टनल 2 के एग्जिट के पास पुणे से मुंबई जाने वाली साइड पर मलबा (Debris) फिसलकर गिर गया. यह बाईपास सिर्फ दो महीने पहले ही ट्रैफिक के लिए खोला गया था, लेकिन इसे फिर बंद कर दिया गया है. पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पूरे इलाके की जान है. ऐसे में इस रास्ते पर बारिश से आई रुकावटों ने दोनों शहरों के बीच होने वाली यात्रा को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. लिहाजा लोग अब वैकल्पिक रास्तों की तलाश कर रहे हैं. हालांकि सबसे खराब बात है कि इसके ज्यादा विकल्प नहीं हैं. पुराना पुणे-मुंबई हाईवे भी बंद हो गया है. कई जगहों पर पानी उफान मार रहा है और मावल व ताम्हिणी घाट में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. इस वजह से दोनों शहरों के बीच साफ-सुथरा कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं बचा है.<br />(फाइल फोटो) लोगों को थोड़ी राहत देने के लिए लोनावला रूट पर डायवर्जन किया गया था लेकिन भारी भीड़ के चलते यह भी जाम का शिकार हो गया. प्रशासन के मुताबिक मिसिंग लिंक सुबह 4 बजे बंद होने के बाद लोनावला रूट ही इकलौता विकल्प बचा था, लेकिन वह खुद समस्या बन गया. यहां लोगों के साथ ऐसा ही हो गया कि आसमान से गिरे और खजूर पर अटके क्योंकि वे भीषण जाम में फंस गए. भूस्खलन की एक और घटना में पूरा परिवार फंस गया. तीन रेल लाइनें बंद हो गईं. सेंट्रल रेलवे के पीआरओ स्वप्निल नीला के मुताबिक थाकुरवाड़ी के पास और खंडाला-मंकी हिल के बीच हुए भूस्खलन से कर्जत-लोनावला खंड पर ऊपर, नीचे और मध्य तीनों रेल लाइनें प्रभावित हो गई हैं. लोहगढ़ किले के पास पाटन गांव में अलग एक भूस्खलन की घटना में एक परिवार फंस गया है. फिलहाल उन्हें निकाला जा रहा है. बारिश के चलते डेक्कन क्वीन, डेक्कन एक्सप्रेस, इंद्रायणी एक्सप्रेस और कई सीएसएमटी-पुणे सेवाएं रद्द कर दी गई हैं तो कुछ को बीच में ही रोक दिया गया है. मुंबई लोकल ट्रेनें देरी से चल रही हैं.मुख्य लाइन और हार्बर लाइन पर केवल मामूली देरी हुई हुई जबकि ट्रांस-हार्बर और उरण-बेलापुर ट्रेनें समय पर चल रही हैं. मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ानों में भी देरी हो रही है. कुछ उड़ानें डायवर्ट की गई हैं. एक दिन पहले तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण रनवे पर रोक लगाई गई थी, जिसका असर आज भी जारी है. इससे 330 से ज्यादा उड़ानों में देरी हुई और 22 उड़ानें रद्द कर दी गईं. कुछ उड़ानों को सूरत और अहमदाबाद डायवर्ट किया गया. बारिश के चलते मुंबई, ठाणे और पालघर में स्कूल बंद हैं. दफ्तर खुले हैं. बारिश अभी मुंबई को और रुलाएगी. अभी राहत की उम्मीद कम है. मौसम विभाग ने<br />यात्रियों को सलाह दी है कि गैर जरूरी यात्राओं को टाल दें. अभी बारिश से हालात काफी खराब हैं. लगातार मौसम का अपडेट लेते रहें. बाहर निकलने से पहले सभी रूट एक बार चेक कर लें. Source link

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