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NEET UG 2026 Refund Update: रिफंड का पैसा आना शुरू! बैंक डिटेल्स...

Last Updated:July 06, 2026, 12:40 IST NEET UG 2026 Refund Update: एनटीए ने नीट यूजी 2026 के अभ्यर्थियों के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है. नीट यूजी फॉर्म के रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसके लिए बैंक डिटेल्स अपडेट करने की आखिरी तारीख कल यानी 7 जुलाई 2026 (रात 11:50 बजे) तक ही है. नीट यूजी रिफंड प्रोसेस से जुड़े अपडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर चेक कर सकते हैं. NEET UG 2026 Refund: नीट यूजी अभ्यर्थियों के अकाउंट में रिफंड आना शुरू हो गया है नई दिल्ली (NEET UG 2026 Refund Update). एनटीए ने नीट यूजी 2026 देने वाले अभ्यर्थियों के लिए बेहद जरूरी नोटिस जारी किया है. अगर आप भी रिफंड के पैसों का इंतजार कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए ही है. एनटीए ने बैंक डिटेल्स कन्फर्म करने वाले उम्मीदवारों के खातों में पैसे भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. लेकिन जिन अभ्यर्थियों की बैंक डिटेल्स में कोई गड़बड़ी है या जिन्होंने अब तक अपनी जानकारी अपडेट नहीं की है, उनके पास अपनी भूल सुधारने के लिए बहुत ही कम समय बचा है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के नोटिस के मुताबिक, नीट यूजी 2026 रिफंड के लिए बैंक डिटेल्स को ऑनलाइन सुधारने या अपडेट करने की आखिरी तारीख कल यानी 7 जुलाई 2026 (रात 11:50 बजे तक) तय की गई है. अगर आप तब तक अपनी डिटेल्स दुरुस्त नहीं करते हैं तो आपका रिफंड अटक सकता है. अब तक सिर्फ 829,510 उम्मीदवारों ने ही अपने बैंक खातों की जानकारी अपडेट की है. बचे हुए अभ्यर्थियों को बिना किसी देरी के ऑफिशियल पोर्टल neet.nta.nic.in पर डिटेल्स री-चेक करने की सलाह दी जाती है. रिफंड की प्रक्रिया शुरू: किसे मिल रहा है पैसा? एनटीए ने स्पष्ट कर दिया है कि रिफंड का पैसा नीट यूजी 2026 के उन सभी योग्य उम्मीदवारों के बैंक खातों में ट्रांसफर होना शुरू हो चुका है, जिनकी बैंकिंग डिटेल्स पोर्टल पर बिल्कुल सही पाई गई हैं. अगर आपकी जानकारी पहले से सही थी तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. आपका पैसा बहुत जल्द आपके खाते में क्रेडिट हो जाएगा. सिर्फ इतने अभ्यर्थियों ने अपडेट की जानकारी एनटीए ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बेहद महत्वपूर्ण आंकड़ा शेयर किया है. इसके अनुसार, अब तक सिर्फ 829,510 अभ्यर्थियों ने ही अपनी बैंक डिटेल्स को सही या अपडेट किया है. इसका मतलब है कि अभी भी बड़ी संख्या ऐसे अभ्यर्थियों की है, जिन्होंने अपनी डिटेल्स चेक नहीं की हैं या वे इस जरूरी अपडेट से अब तक बेखबर हैं. Refunds have already started for candidates who have confirmed their bank account details. कल रात 11:50 बजे तक ही खुला है पोर्टल अगर आपके बैंक अकाउंट नंबर, आईएफएससी (IFSC) कोड या नाम में कोई भी छोटी-मोटी गलती है तो आपके पास कल रात तक का ही मौका है. एनटीए का करेक्शन पोर्टल 7 जुलाई 2026 को रात 11:50 बजे बंद कर दिया जाएगा. इसके बाद किसी भी स्थिति में बैंक डिटेल्स सुधारने का दूसरा मौका नहीं मिलेगा और न ही किसी ऑफलाइन आवेदन को स्वीकार किया जाएगा. बैंक डिटेल्स कहां और कैसे अपडेट करें? नीट यूजी रिफंड हासिल करने के लिए अपनी बैंक डिटेल्स को सुरक्षित तरीके से अपडेट करने के लिए ये आसान स्टेप्स फॉलो करें: एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाएं. होमपेज पर दिए गए ‘Update Bank Details for Refund’ वाले लिंक पर क्लिक करें. अपना लॉगिन क्रेडेंशियल (एप्लिकेशन नंबर और पासवर्ड) दर्ज करके अकाउंट में जाएं. बैंक खाता संख्या, खाताधारक का नाम और सही आईएफएससी (IFSC) कोड दर्ज करें. पूरी जानकारी को ध्यान से री-चेक करके सबमिट बटन पर क्लिक कर दें. About the Author Deepali PorwalSenior Sub Editor Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

खरीफ फसल के ये हैं 5 बड़े दुश्मन खरपतवार! समय रहते नहीं...

बोकारो: खरीफ का मौसम किसानों के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण खेती का समय माना जाता है. इस मौसम में धान, मक्का, अरहर, सोयाबीन समेत कई प्रमुख फसलों की बुवाई होती है, लेकिन अच्छी पैदावार का सपना अक्सर खेतों में उगने वाले खरपतवार बिगाड़ देते हैं. क्योंकि खरपतवार पानी, खाद, धूप और पोषक तत्वों जमीन से सोखते है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है. आइये आज इसके उपाय के बारे में जानते हैं. बोकारो कृषि विज्ञान केंद्र पेटरवार की कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुषमा ने किसानों को 5 प्रमुख खरपतवारों के बारे में जानकारी दी, जो खरीफ सीजन में सबसे अधिक नुकसान पहुंचाते हैं. उन्होंने कहा कि समय रहते इनकी पहचान और नियंत्रण कर लिया जाए तो फसल की उपज और किसानों की आय दोनों बढ़ाई जा सकती हैं. इससे खेती में बंपर पैदावार की जा सकती है. जानें सबसे खतरनाक खरपतवार डॉ. सुषमा के अनुसार, सबसे पहला मोथा घास है. जो खरीफ सीजन का सबसे जिद्दी खरपतवार माना जाता है. इसकी जड़ों में गांठनुमा कंद बन जाते हैं, जिससे इसे पूरी तरह खत्म करना मुश्किल होता है. कई किसान केवल ऊपर की पत्तियों पर खरपतवारनाशी का छिड़काव करते हैं, जिससे पत्तियां तो सूख जाती हैं, लेकिन जमीन के अंदर मौजूद कंद सुरक्षित रह जाते हैं और कुछ ही दिनों में दोबारा नई घास उग आती है. ऐसे में इससे स्थायी रूप से छुटकारा पाने के लिए खेत की गहरी जुताई कर जड़ों और कंदों को निकालकर नष्ट करना जरूरी है. जानें दूसरा खतरनाक खरपतवार दूसरा सवा घास है, जो मुख्य रूप से धान और गेहूं की फसल में दिखाई देती है. इसके तने काफी कठोर होते हैं और इसकी बालियां रागी जैसी दिखती हैं. यह फसल के साथ पोषक तत्व और नमी का उपयोग करती है, जिससे पैदावार प्रभावित होती है और इसके नियंत्रण के लिए किसान धान की रोपाई के बाद खरपतवारनाशी दवा छिड़काव कर इसे नियंत्रित कर सकते हैं. तीसरा है ये खरपतवार तीसरा गाजर घास है. जो खेतों के साथ-साथ सड़क किनारे और खाली जमीनों पर भी तेजी से फैलती है. इसके सफेद फूल आने के बाद इसके बीज हवा के जरिए दूर-दूर तक फैल जाते हैं, जिससे इसे नियंत्रित करना काफी मुश्किल हो जाता है. यह न केवल फसल के पोषक तत्वों को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि इंसानों में एलर्जी, चर्म रोग और अस्थमा जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकती है. इसलिए फूल आने से पहले ही गाजर घास को जड़ सहित उखाड़कर नष्ट कर देना चाहिए. जानें चौथी खरपतवार इसके अलावा दूधी घास भी किसानों के लिए बड़ी समस्या है. यह लगभग पूरे साल बड़ी पैमाने पर खेतों में उगती रहती है और लगातार मिट्टी से पोषक तत्व और नमी सोखती रहती है, जिससे फसल का विकास प्रभावित होता है. ऐसे में समय पर इसे नहीं हटाया जाए तो यह खेत की उर्वरता पर भी असर डाल सकती है. ये है पांचवी सबसे खतरनाक खरपतवार वहींं, जंगली चौलाई भी खरीफ की कई फसलों में तेजी से फैलने वाला खरपतवार है. जो बहुत हि तेजी से फैलती है और इसे मौजूद कांटेदार पौधे पूरे खेत में फैल जाते है और पोषक तत्वों को सोखते है और उत्पादन में कमी लाती है इसलिए इसकी शुरुआती अवस्था में ही पहचान कर इसे खेत से निकाल देना चाहिए. Source link

झारखंड

लातेहार के सुग्गा बांध में डूबने से युवक की मौत:दोस्तों के साथ...

लातेहार जिले के गारू प्रखंड अंतर्गत बारेसांढ़ थाना क्षेत्र स्थित सुग्गा बांध में नहाने के दौरान 25 वर्षीय युवक आयुष कुमार तिवारी की डूबने से मौत हो गई। आयुष गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र के करकोमा गांव का रहने वाला था। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। जानकारी के अनुसार, वह अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए लातेहार आया था। सभी युवक सुग्गा बांध के उस स्थान पर नहाने पहुंचे, जहां पानी का बहाव तेज और गहराई अधिक रहती है। इसी दौरान आयुष अचानक गहरे पानी में चला गया और बाहर नहीं निकल सका। बचाने की कोशिश में एक और युवक फंसा बताया गया कि आयुष अपने दोस्तों आर्यन किशोर, जेपी और एक अन्य साथी के साथ सुबह बाइक से घर से निकला था। परिजनों के अनुसार, वह अक्सर रविवार को दोस्तों के साथ घूमने जाता था। शाम करीब चार बजे सभी युवक सुग्गा बांध के फॉल के पास नहाने गए थे। इसी दौरान आयुष गहराई में चला गया और डूबने लगा। घटना की जानकारी मिलते ही एक साथी युवक दौड़कर पास के लोगों को बुलाने गया। स्थानीय दुकानदार भोला यादव के अनुसार, करीब पांच बजे उन्हें घटना की सूचना मिली, जिसके बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। आयुष को बचाने के प्रयास में एक अन्य युवक भी पानी में फंस गया, लेकिन उसे समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। काफी मशक्कत के बाद आयुष को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों को दी गई सूचना घटना की जानकारी मिलते ही बारेसांढ़ थाना प्रभारी शशि कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में इसे हादसा माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई। बताया जा रहा है कि आयुष ने पंजाब से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। हाल ही में हिमाचल प्रदेश की एक निजी कंपनी में कार्यरत था। पिछले कुछ महीनों से वह घर से ही ऑनलाइन काम कर रहा था। Source link

झारखंड

कोडरमा रेल ट्रैक पर युवती की मौत::हटिया-आसनसोल इंटरसिटी एक्सप्रेस से टकराई, लोको...

कोडरमा के नवलशाही थाना क्षेत्र अंतर्गत कोडरमा-गिरिडीह रेलखंड पर नवादा रेलवे पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर एक युवती का शव पड़ा मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रात करीब 8 बजे हटिया-आसनसोल इंटरसिटी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 13514) इस रेलखंड से गुजर रही थी। उसी दौरान युवती ट्रेन की चपेट में आ गई। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोको पायलट ने दी सूचना घटना के तुरंत बाद ट्रेन के लोको पायलट ने धनबाद रेलवे विभाग को इसकी सूचना दी। लोको पायलट के अनुसार, नवादा रेलवे पुल के पास अचानक एक युवती ट्रैक के बीच आ गई। जिससे टक्कर हो गई और हादसा हो गया। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने नजदीकी स्टेशन और नवलशाही थाना पुलिस को अलर्ट किया। इसके बाद नवलशाही पुलिस और रेलवे के ट्रैक मैन मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक प्रक्रिया शुरू की। आसपास के लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। पहचान नहीं हो सकी, पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल कोडरमा भेज दिया है। फिलहाल मृतका की पहचान नहीं हो सकी है, लेकिन उसकी उम्र लगभग 25 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस आसपास के गांवों और थानों में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है, ताकि शव की शिनाख्त हो सके। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। Source link

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Diljit Dosanjh Satluj | Satluj Movie | Satluj Ban | दिलजीत दोसांझ...

होमताजा खबरदेश दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ OTT से क्यों हटाई गई, फिल्म को बैन करने का क्या मकसद? Last Updated:July 06, 2026, 11:34 IST Diljit Dosanjh Satluj News: दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. ‘सतलुज’ फिल्म भारत में OTT प्लेटफॉर्म से हट गई है. इसे हटाने का फैसला विस्तृत समीक्षा के बाद लिया गया.सरकारी सूत्रों के मुताबिक, आशंका थी कि फिल्म की कुछ सामग्री का इस्तेमाल भारत विरोधी तत्व गलत तरीके से कर सकते हैं. इसी वजह से भारत में इसकी स्ट्रीमिंग रोकने का निर्णय लिया गया. दिलजीत दोसांझ की ‘सतलज’ पर विवाद हो रहा है. Diljit Dosanjh Satluj: दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर संग्राम है. सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 से भारत में हटा दी गई है. ओटीटी पर रिलीज के महज 48 घंटे के भीतर ही यह फिल्म भारत में हटा दी गई. इसे लेकर खूब विवाद हो रहा है. यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी पर आधारित है. फिल्म को ओटीटी से भी बैन करने के फैसले से दिलजीत दोसांझ दुखी हैं. सोशल मीडिया पर इस फिल्म और इसे ओटीटी से हटाने को लेकर तरह-तरह की बातें कही जा रही हैं. अब सवाल है कि आखिर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को हटाने का फैसला क्यों और कैसे किया गया? दरअसल, News18 को सूत्रों से पता चला है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 से दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को हटाने का फैसला यूं ही नहीं हुआ है. पहले इस ‘सतलुज’ फिल्म की बारीकी से समीक्षा की गई. इसके कंटेंट को अच्छे से देखा और समझा गया. उसके बाद ही इसे ओटीटी से हटाने का फैसला लिया गया. अधिकारियों ने चिंता जताई थी कि फिल्म ‘सतलुज’ के कुछ हिस्सों का भारत-विरोधी तत्व गलत इस्तेमाल कर सकते हैं. ओटीटी से क्यों हटी सतलुज सूत्रों ने बताया कि ‘सतलुज’ को शुरू में सिनेमाघरों में रिलीज करने के लिए मंजूरी मांगी गई थी, लेकिन जिस रूप में इसे सेंसर बोर्ड के सामने पेश किया गया था, उसे मंजूरी नहीं मिली. इसके बाद ‘सतलुज’ को सिनेमाघरों में रिलीज करने के बजाय सीधे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया. सूत्रों के अनुसार, ओटीटी रिलीज के बाद फिल्म के कुछ हिस्सों को लेकर चिंताएं जताई गईं. उन्होंने कहा कि भारत-विरोधी तत्व फिल्म सतलुज के इन हिस्सों का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं. यही कारण है कि अधिकारियों ने इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाने के लिए कहा. क्या है ओटीटी पर रिलीज का नियम मौजूदा नियमों के तहत सीधे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाले कंटेंट के लिए पहले से सर्टिफिकेशन की ज़रूरत नहीं होती है. हालांकि, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म एक ‘सेल्फ़-रेगुलेटरी मैकेनिज़्म’ यानी खुद नियम बनाने और पालन करने की व्यवस्था के तहत काम करते हैं और संवेदनशील या संभावित रूप से नुकसानदेह कंटेंट के मामलों में सरकार की निगरानी में रहते हैं. Satluj may have paused. But the conversation it started hasn’t. Source link

झारखंड

न होटल, न रेस्तरां… झारखंड के इस हाट में लोग खुद पकाते...

जमशेदपुर: झारखंड में जमशेदपुर के डिमना क्षेत्र में लगने वाला साप्ताहिक हाट अपनी अनोखी परंपरा और खास अंदाज के कारण लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है. आमतौर पर हाट बाजारों में लोग सब्जियां, फल, कपड़े या घरेलू सामान खरीदने पहुंचते हैं, लेकिन डिमना हाट की पहचान कुछ अलग ही है. यहां आने वाले लोगों को सिर्फ खरीदारी का ही नहीं, बल्कि अपने हाथों से खाना पकाने और उसे दोस्तों-परिजनों के साथ खाने का भी अनूठा अनुभव मिलता है. यही वजह है कि हर शुक्रवार इस बाजार में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. जानें कब-कब लगती है बाजार डिमना हाट सप्ताह में दो दिन, मंगलवार और शुक्रवार को लगता है. मंगलवार को यहां मुख्य रूप से घरेलू सामान, सब्जियां और अन्य जरूरत की वस्तुओं की खरीदारी के लिए लोग आते हैं. वहीं, शुक्रवार का दिन पूरी तरह अलग माहौल लेकर आता है. इस दिन बाजार में नॉनवेज प्रेमियों की खास भीड़ देखने को मिलती है. सुबह से ही लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ यहां पहुंचने लगते हैं और बाजार का माहौल किसी छोटे फूड फेस्टिवल जैसा नजर आने लगता है. मिट्टी के चूल्हे पर लोग  बनाते हैं खाना इस हाट की सबसे खास बात यह है कि यहां स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बनाए गए मिट्टी के छोटे-छोटे चूल्हे उपलब्ध कराए जाते हैं. साथ ही खाना पकाने के लिए जरूरी बर्तन भी दिए जाते हैं. इसके लिए लोगों को मात्र 50 रुपये का शुल्क देना पड़ता है. इसके बाद ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार चिकन, मछली, बतख या अन्य नॉनवेज सामग्री, मसाले, तेल और अन्य जरूरी सामान खुद खरीदकर लाते हैं और फिर खुले माहौल में अपने हाथों से खाना बनाते हैं. पिकनिक की तरह एंजॉय करते हैं लोग यहां पहुंचने वाले लोगों का कहना है कि अपने हाथों से भोजन तैयार करने का आनंद किसी होटल या रेस्तरां में खाने से बिल्कुल अलग होता है. लोग अपने स्वाद और पसंद के अनुसार मसालों का इस्तेमाल करते हैं और फिर ताजा तैयार भोजन का लुत्फ उठाते हैं. कई परिवार इसे एक छोटे पिकनिक की तरह एंजॉय करते हैं, जबकि युवा दोस्तों के समूह के साथ यहां समय बिताने पहुंचते हैं. यही वजह है कि शुक्रवार को हाट में काफी चहल-पहल रहती है. डिमना हाट स्थानीय ग्रामीणों के लिए भी रोजगार का एक अच्छा माध्यम बन गया है. मिट्टी के चूल्हे बनाने वाले कारीगर, बर्तन उपलब्ध कराने वाले लोग, मछली और चिकन बेचने वाले दुकानदार तथा मसाला विक्रेता सभी को इस बाजार से अच्छी आमदनी होती है. ग्रामीणों की मेहनत और पारंपरिक हुनर ने इस हाट को एक अलग पहचान दिलाई है. जानें कब उमड़ती है भीड़ अगर आप भी खाने के शौकीन हैं और कुछ नया अनुभव करना चाहते हैं, तो डिमना का यह अनोखा हाट आपके लिए बेहतरीन जगह साबित हो सकता है. यहां आप सिर्फ खाना नहीं खाते, बल्कि उसे बनाने की पूरी प्रक्रिया का हिस्सा बनते हैं. शायद यही वजह है कि हर शुक्रवार इस बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है और डिमना हाट जमशेदपुर की सबसे दिलचस्प और अनोखी जगहों में से एक बन जाता है. Source link

झारखंड

राजद के 30वें स्थापना दिवस पर संगठन विस्तार पर दिया जोर

भास्कर न्यूज | गढ़वा राष्ट्रीय जनता दल का 30वां स्थापना दिवस रविवार को कृषक प्रशिक्षण भवन, चामा में जिला कमेटी की ओर से मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कार्यकारी अध्यक्ष करीब अंसारी ने की। कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मझिआंव-विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश प्रसाद सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल सामाजिक न्याय, गरीबों, किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ता रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने तथा जनसमस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी की 30 वर्षों की यात्रा संघर्ष, सामाजिक समरसता और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक रही है। राजद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष जमीरउद्दीन अंसारी ने संगठन की मजबूती और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं वरिष्ठ नेता वासुदेव निराला ने कार्यकर्ताओं से पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान पार्टी की विचारधारा, संगठन विस्तार और आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा जनता के बीच सक्रिय रहकर पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। मौके पर भंडरिया प्रखंड अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर, कांडी प्रखंड अध्यक्ष जगदीश यादव, बरडीहा प्रखंड अध्यक्ष बबलू रजवार, डंडा प्रखंड से नरेश राम, उपेंद्र ठाकुर, मझिआंव नगर पंचायत अध्यक्ष इमरान खान, विधायक प्रतिनिधि भानु प्रसाद, अजीज अंसारी, कृष्णा राम, सेराज अंसारी, निसार अंसारी, हाफिज युसूफ राजा, सुनील चंद्रवंशी, हृदय यादव, राजकुमार यादव, तालीम अंसारी, जियाउल्लाह अंसारी, परवेज आलम, खालिद अंसारी, कलामुद्दीन आदि पार्टी के पदाधिकारी-कार्यकर्ता मौजूद थे। Source link

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भंडारीडीह में जर्जर पीसीसी सड़क ने बढ़ाई परेशानी

भास्कर न्यूज |गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 8 स्थित गौश बाबा गली, भंडारीडीह में एडवोकेट बबलू अंसारी के घर के पास पीसीसी सड़क पूरी तरह टूटकर उखड़ गई है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाम होते ही गली में अंधेरा छा जाता है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पीसीसी सड़क करीब पांच वर्ष पहले ही क्षतिग्रस्त हो गई थी। अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। सड़क के जिस स्थान पर पीसीसी उखड़ी हुई है, वहीं एक पुलिया भी है। पुलिया के दोनों ओर नाली पर स्लैब नहीं है। इस कारण राहगीरों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। रात के समय पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं होती। अंधेरा छा जाता है। इससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। Source link

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गुरुग्रामः पत्नी को गर्लफ्रेंड के कमरे पर ले गया शख्स, फिर हत्या...

Last Updated:July 06, 2026, 10:38 IST हरियाणा की गुरुग्राम पुलिस ने एक युवती की गोली मारकर हत्या करने के आराप में 25-वर्षीय पति और उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार किया है. आरोपी पति अपनी पत्नी को झांसे से गर्लफ्रेंड के कमरे में ले गया था और फिर उसे मार कर बाथरूम में शव छिपा दिया था. मधू का शव गली सड़ी हालत में मिला था. ख़बरें फटाफट 21 मई को अंकित ने अपनी नई नवेली दुल्हन मधू की हत्या कर दी थी. गुरुग्राम. हरियाणा के गुरुग्राम में शादी के तीन महीने बाद पत्नी की हत्या करने वाले पति और उसकी प्रेमिका को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. करीब डेढ़ महीने बात आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है. फिलहाल, पुलिस ने पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है. जानकारी के अनुसार, इस हत्याकांड से जुड़ी कहानी वैसे तो 3 साल पहले से शुरू होती है. 25 साल के अंकित और उससे 13 साल बड़ी रजनी के बीच तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था. हालांकि, इस बीच अंकित की शादी किसी और महिला यानी मधु के साथ हो गई. आरोपियों की पहचान गुरुग्राम के मानेसर निवासी अंकित (25) और हरियाणा के झज्जर जिले के औरंगाबाद गांव निवासी रजनी देवी (38) के रूप में हुई है. मामले का खुलासा 22 मई को हुआ, जब एक शिकायतकर्ता महिला ने मानेसर थाने में शिकायत दर्ज करायी कि उसकी 22-वर्षीय बेटी 21 मई से लापता है, जिसकी शादी फरवरी 2026 में अंकित से हुई थी. महिला ने बताया कि परिवार ने उसकी तलाश की और ससुराल पक्ष से भी संपर्क किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला. अधिकारियों ने बताया कि पति और उसके परिवार पर संदेह होने पर उसने पुलिस से शिकायत की. शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया. पुलिस ने बताया कि 22 मई को लापता महिला का शव मानेसर स्थित एक कमरे से बरामद हुआ. जांच में पता चला कि उसकी गोली मारकर हत्या की गई थी, जिसके बाद मामले में हत्या की धाराएं भी जोड़ दी गईं. गुरुग्राम के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में सामने आया कि अंकित मानेसर में तंबाकू की दुकान चलाता है, जबकि उसकी प्रेमिका रजनी देवी वहीं एक ब्यूटी पार्लर में काम करती थी. उन्होंने बताया कि काम के दौरान दोनों की पहचान हुई और पिछले करीब तीन वर्षों से उनके बीच प्रेम संबंध थे. रजनी लंबे समय से मानेसर में किराये के मकान में रह रही थी. अधिकारी ने बताया, ‘‘जांच में पता चला कि 21 मई को अंकित पूर्व नियोजित साजिश के तहत अपनी पत्नी को रजनी के किराये के कमरे में ले गया, जहां उसने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी. यह भी सामने आया कि हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल अंकित ने घटना से करीब दो महीने पहले उत्तर प्रदेश से खरीदी थी.’’ अधिकारी ने बताया, ‘‘हत्या के बाद अंकित और रजनी पहले हरिद्वार भागे और वहां से नेपाल चले गए. तीस जून को भारत लौटने पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया.’’ दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें आगे की पूछताछ और साक्ष्य बरामद करने के लिए पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. About the Author Vinod Kumar Katwal Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Gurgaon,Gurgaon,Haryana Source link

झारखंड

अब बिना लाइन लगे, मिनटों में खुद करें स्पीड पोस्ट, जानें तरीका

Last Updated:July 06, 2026, 09:22 IST जमशेदपुर प्रधान डाकघर में स्पीड पोस्ट सेल्फ बुकिंग कियॉस्क शुरू हुआ है. अब लोग बिना लाइन में लगे खुद पार्सल बुक कर सकेंगे. यह मशीन डिजिटल तकनीक पर आधारित है. इसमें पार्सल का वजन और डिजिटल भुगतान खुद किया जा सकता है. इस सुविधा से लोगों के समय की बड़ी बचत होगी. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर: डिजिटल भारत अभियान के तहत जमशेदपुर के प्रधान डाकघर में एक नई और आधुनिक सुविधा की शुरुआत की गई है. यहां स्पीड पोस्ट सेल्फ बुकिंग कियॉस्क के नाम से जाना जाता है.  यह सुविधा लोगों के लिए डाक सेवाओं को पहले से अधिक आसान, तेज और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है. डाक विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से लोगों का समय बचेगा और उन्हें बेहतर सेवा मिल सकेगी. अब तक किसी भी चिट्ठी, दस्तावेज या पार्सल को स्पीड पोस्ट से भेजने के लिए लोगों को डाकघर के काउंटर पर जाकर लाइन में लगना पड़ता था. कई बार भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता था. लेकिन इस नए कियॉस्क के शुरू होने के बाद लोगों को लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वे खुद ही अपने पार्सल या दस्तावेज की बुकिंग कर सकेंगे. सेल्फ बुकिंग कियॉस्क डिजिटल तकनीक पर आधारितयह सेल्फ बुकिंग कियॉस्क पूरी तरह डिजिटल तकनीक पर आधारित है. इसकी मदद से कोई भी व्यक्ति बहुत आसानी से अपने पार्सल का वजन कर सकता है. इसके बाद उसे स्क्रीन पर दिए गए आसान निर्देशों का पालन करते हुए प्राप्तकर्ता का पता और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करनी होती है. पूरी प्रक्रिया सरल रखी गई है ताकि आम लोग भी बिना किसी परेशानी के इसका उपयोग कर सकें. बुकिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भुगतान भी डिजिटल माध्यम से किया जा सकता है. इसके लिए यूपीआई, क्यूआर कोड स्कैनिंग और कार्ड पेमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. भुगतान होते ही मशीन से रसीद निकल जाती है, जिसे ग्राहक अपने पास सुरक्षित रख सकता है. इस पूरी प्रक्रिया में किसी कर्मचारी की सहायता की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे काम तेजी से पूरा हो जाता है. यह सुविधा किनके लिए उपयोगी?डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी जो व्यवसाय करते हैं या नियमित रूप से दस्तावेज और पार्सल भेजते हैं. इससे उनका समय बचेगा और वे अपनी सुविधा के अनुसार जल्दी बुकिंग कर सकेंगे. साथ ही डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने से लेन-देन भी अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनेगा. जानकारी देते हुए डाक सहायक निशांत कुमार ने कहा कि यह सुविधा जमशेदपुर के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे प्रधान डाकघर पहुंचकर इस नई सेवा का लाभ उठाएं और डिजिटल भारत की इस पहल का हिस्सा बनें. उनका कहना है कि यह कियॉस्क न केवल डाक सेवाओं को आसान बनाएगा बल्कि लोगों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का भी काम करेगा. आने वाले समय में ऐसी सुविधाएं डाक सेवाओं को और अधिक प्रभावी तथा जनहितकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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