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व्यापार

पटना ज्वेलरी मार्केट में सोना-चांदी सस्ता, जानें आज के भाव

Last Updated:November 06, 2025, 07:11 IST Patna Gold Silver Price: पटना के ज्वेलरी बाजार में सोना 1500 रुपये और चांदी 2000 रुपये सस्ती हुई है. शादी से पहले दाम गिरना ग्राहकों के लिए फायदेमंद हो गया है. गोल्ड-सिल्वर के एक्सपर्ट्स इस समय खरीदारी को सही बता रहे हैं. ख़बरें फटाफट पटना: बिहार की राजधानी पटना के ज्वेलरी मार्केट में 4 दिनों से गोल्ड और सिल्वर की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई थीं, लेकिन गुरुवार को प्राइस में गिरावट दर्ज की गई. बुधवार के मुकाबले आज सोने के दाम में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. आज गोल्ड की कीमतें करीब 1500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक नीचे आ गया. वहीं, चांदी के रेट में भी गिरावट देखने को मिली है. चांदी की कीमत आज 2000 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हुई है. गोल्ड-सिल्वर खरीदने का बढ़िया मौका वेडिंग सीजन शुरू होने से पहले सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट ग्राहकों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है. दीपावली के बाद गोल्ड-सिल्वर के दामों में काफी गिरावट हुई है. इसीलिए एक्सपर्ट मानते हैं कि शादियों के लिए ज्वेलरी खरीदने के लिए यह हफ्ता बेस्ट माना जा रहा है. कुछ ग्लोबल कारणों से अगले हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आने की संभावना है. जानें सोने-चांदी की लेटेस्ट कीमत आज पटना के ज्वेलरी बाजार में 24 कैरेट सोने का दाम 122,500 रूपये से घटकर 121,000 रूपये प्रति 10 ग्राम हो गया. अगर जीएसटी जोड़ दिया जाए तो इसकी कीमत 124,630 रूपये प्रति 10 ग्राम हो जाती है. वहीं, बिना जीएसटी जोड़े 22 कैरेट सोना 112,000 रूपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना 92,000 रूपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है. चांदी में भी भारी गिरावट पटना के ज्वेलरी बाजार में एक किलो चांदी की बिक्री 1,53,000 रूपये से घटकर 151,000 रूपये प्रति किलो है. इस तरह एक किलो हॉल मार्क वाले चांदी के आभूषणों बिक्री फिलहाल 149,000 रूपये प्रति किलो हो रही है. अगर जीएसटी जोड़ दिया जाए, तो इसकी कीमत 153470 रूपये हो जाती है. जानें आभूषणों का एक्सचेंज रेट 22 कैरेट वाले सोने के पुराने आभूषणों का एक्सचेंज रेट 109,000 रूपये है. जबकि 18 कैरेट सोने के पुराने आभूषण 89,000 रूपये में एक्सचेंज हो रहे हैं. वहीं, चांदी में हॉलमार्क आभूषणों का एक्सचेंज रेट 145 रूपये प्रति ग्राम है. जबकि बिना हॉलमार्क वाले आभूषणों का एक्सचेंज रेट 143 रूपये प्रति ग्राम है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ संप्रति News.in में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : November 06, 2025, 07:11 IST Source link

झारखंड

हाथियों ने 400 आम के पेड़ को किया बर्बाद:कोडरमा में किसानों को...

कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड स्थित पपलो पंचायत में हाथियों के झुंड ने बीती रात जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान हाथियों ने 4 एकड़ भूमि में लगे करीब 400 फलदार आम के पेड़ों को नष्ट कर दिया, जिससे किसानों को लगभग 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। पपलो निवासी श्याम बिहारी यादव उर्फ लालू यादव ने बताया कि हाथियों का झुंड रात में पपलो पंचायत से सटे किसानों की आम की बागवानी में घुस गया। उन्होंने बताया कि हाथियों ने बलजीत यादव के डेढ़ एकड़ में लगे लगभग 150 आम के पेड़, बिरंची यादव के 2 एकड़ में लगे 200 आम के पेड़ और उनके अपने आधे एकड़ में लगे 40 से 45 आम के पेड़ पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिए। इस उत्पात में बलजीत यादव को करीब 6 लाख रुपए, बिरंचि यादव को लगभग 8 लाख रुपए और श्याम बिहारी यादव को करीब 3 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। खंडराडीह निवासी गोपाल यादव ने भी बताया कि हाथियों के झुंड ने उनके खेतों में लगे सोलर पंप के सेट को भी नष्ट कर दिया। इससे उन्हें लगभग ढाई लाख रुपए का नुकसान हुआ है। लोग भय के साए में जीने को मजबूर कोडरमा जिले में बीते दो वर्षों से हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाथियों द्वारा फसल, झोपड़ी और बागवानी को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोग भय के साए में जीने को मजबूर हैं। बताते चलें कि उक्त आम के बागवान में 2020 में मनरेगा योजना के तहत पौधे लगाए गए थे। इसमें बड़े पैमानें पर आम के फल लदे हुए थे। वहीं, सोलर पम्प सेट को कुशुम योजना अंतर्गत खेतों में फसलों के पटवन के लिए लगाया गया था। सोलर सिस्टम के हाथीयों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद किसानो को अब खेतों में लगे फसलो के पटवन की चिंता सताने लगी है। इधर, उपरोक्त सभी किसानों ने वन विभाग से इनके बागवानी में हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग की है। Source link

शिक्षा

Schools will teach parents to recognize changing behavior in children

Hindi News Career Schools Will Teach Parents To Recognize Changing Behavior In Children नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक स्कूलों में बच्चों के व्यवहार में बदलाव, एंग्जायटी को पहचानने के लिए पैरेंट्स को ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया के जोखिम, गेमिंग एडिक्शन व स्क्रीन टाइम मैनेजमेंट पर गाइडेंस दी जाएगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शिक्षा की पारंपरिक परिभाषा को बदलते हुए क्रांतिकारी कदम उठाया है। सत्र 2026-27 के लिए बोर्ड ने अपना नया ‘पैरेंटिंग कैलेंडर’ लॉन्च किया है, जिसका मकसद अभिभावकों को पीटीएम (पैरेंट-टीचर मीटिंग) के महज औपचारिक दर्शक से बदलकर बच्चे के विकास में एक ‘सक्रिय भागीदार’ बनाना है। यह पहल नई शिक्षा नीति के उस विजन का हिस्सा है, जहां पढ़ाई का मतलब सिर्फ रटना और बेहतर अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चे का मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास भी है। जानिए महत्वपूर्ण पहलू… सपोर्ट ग्रुप बनाएंगे ताकि पैरेंट्स एक-दूसरे से सीख सकें, बच्चों के लिए इवेंट्स भी कैलेंडर में पहली बार उन मुद्दों को स्कूल सिस्टम का हिस्सा बनाया गया है, जिन्हें अब तक ‘घर का मुद्दा’ माना जाता था। बच्चों के व्यवहार में बदलाव, एंग्जायटी को पहचानने के लिए पैरेंट्स को ट्रेनिंग दी जाएगी। एनसीबी के साथ नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए अध्याय जोड़ा गया है। सोशल मीडिया के जोखिम, गेमिंग एडिक्शन व स्क्रीन टाइम मैनेजमेंट पर गाइडेंस दी जाएगी। नर्सरी से 12वीं तक हर उम्र के लिए अलग नुस्खा ’सीबीएसई ने इस कैलेंडर को बच्चों की उम्र के हिसाब से अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है। बाल वाटिका(नर्सरी से छोटी क्लास) – यहां फोकस बच्चे की आदतों, भावनात्मक विकास और स्क्रीन टाइम पर होगा। मिडिल क्लास – दोस्ती के प्रति रुझान, डिजिटल व्यवहार पर चर्चा होगी। सीनियर क्लास – 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए कॅरिअर की चिंता, बोर्ड परीक्षा का तनाव और लाइफ स्किल्स को प्राथमिकता दी गई है। पैरेंट्स से व्यवस्थित संवाद – ​स्कूलों में सिर्फ पीटीएम नहीं बल्कि व्यवस्थित संवाद होगा। नियमित वर्कशॉप में पैरेंट्स बच्चों का व्यवहार व मानसिक स्थिति समझना सीखेंगे। अनुभव साझा करने के लिए सपोर्ट ग्रुप बनेंगे। प्रोजेक्ट्स, ओपन हाउस जैसे इवेंट्स से पैरेंट्स व बच्यों के बीच ‘ऑफलाइन जुड़ाव’ बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। समस्या सुलझाने पर जोर – बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया स्क्रीन एडिक्शन व कॅरिअर का दबाव बच्चों को अकेला कर रहा है। ऐसे में स्कूल, टीचर और पैरेंट्स के बीच तालमेल जरूरी है। कैलेंडर से यह संदेश देने की कोशिश है कि जरूरत पड़ने पर तुरंत पैरेंट्स टोचर मीटिंग बुलाई जाए, ताकि समस्या को गंभीर होने से पहले सुलझाया जा सके। ‘4 आर’ का सिद्धांत – नया कैलेंडर ‘4आर’ के सिद्धांत पर बनाया गया है, जो माता-पिता व बच्चों के रिश्ते को नई गहराई देगा। रिफ्लेक्शन – परवरिश के तरीकों पर विचार करना । रीइंफोर्समेंट – सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देना । रिलेशनशिप – पैरेंट्स व बच्चे के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत करना। रिजॉइसिंग – बच्चे की छोटी-छोटी उपलब्धियों और साथ बिताए पलों का जश्न मनाना। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

झारखंड

चाईबासा में स्कॉर्पियो की टक्कर से छात्रा की मौत:ट्यूशन से घर लौटते...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के पंड्रासाली ओपी अंतर्गत भोया के पास कैप्टन चौक पर एक सड़क हादसे में 15 वर्षीय छात्रा श्रेया हेंब्रम की मौत हो गई। वह कक्षा 10 की छात्रा थी। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उसकी साइकिल को टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, श्रेया हेंब्रम पंड्रासाली से ट्यूशन पढ़कर अपनी छह सहेलियों के साथ साइकिल से जोंकोंससन गांव लौट रही थी। रास्ते में एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उसे जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो चालक और स्थानीय लोगों ने घायल छात्रा को तुरंत चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। छात्रा की मौत की पुष्टि होते ही चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर परिजन सदर अस्पताल पहुंचे। इस घटना से पूरे इलाके में दुख का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। Source link

ताज़ा खबर

क्या आपने चखा..? एक प्लेट के लिए घंटों इंतजार! जानिए क्यों जयपुर...

Last Updated:April 30, 2026, 11:59 IST Bheege Kulche Jaipur: पाकिस्तान के मुल्तान की प्रसिद्ध डिश ‘भींगे कुल्चे’ (Bheege Kulche) ने अब जयपुर के स्ट्रीट फूड मार्केट में अपनी खास जगह बना ली है. अपनी अनूठी रेसिपी और लजीज स्वाद के कारण यह डिश देखते ही देखते ‘गुलाबी नगरी’ के फूड लवर्स की पहली पसंद बन गई है. सड़क किनारे लगी छोटी-छोटी दुकानों पर अब हर दिन खाने के शौकीनों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं. मुल्तान से प्रेरित यह कॉन्सेप्ट न केवल स्वाद में अनोखा है, बल्कि जयपुर के पारंपरिक स्ट्रीट फूड कल्चर में एक नया और चटपटा अध्याय जोड़ रहा है. यह जायका अब शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. ख़बरें फटाफट जयपुर: जयपुर अपने स्वादिष्ट जायके के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं जहां वर्षों पुरानी छोटी-छोटी दुकानों से लेकर सड़कों पर स्ट्रीट फूड का स्वाद लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी रहती हैं. खासतौर पर जयपुर का चारदीवारी बाजार जहां की हर सड़क पर स्वाद का अनोखा जायका लोगों को मिलता हैं. सड़कों पर ही ठेले-रेडीयों पर लोगों को ऐसा स्वाद मिलता हैं, वैसा स्वाद बड़ी-बड़ी हॉटलों को भी मात दे देता हैं ऐसे जयपुर के जौहरी बाजार में स्थित नंदलाल जी के फेमस भीगे कुलचे जो पिछले 50 सालों से जयपुर में अपने स्पेशल छोले-कुलचे के लिए प्रसिद्ध हैं जहां लाजवाब जायके से तैयार भीगे कुलचे का स्वाद लेने के लिए दूर-दूर से लोगों की यहां भीड़ उमड़ती हैं. लोकल-18 ने नंदलाल जी छोले-कुलचे के इस ठेले पर पहुंच कर यहां वर्षों से इस जायके को तैयार करने वाले मोहित कुमार बताते हैं भीगे कुलचे के इस खास जायके की शुरुआत उनके दादा जी ने की जो बंटवारे के समय पाकिस्तान के मुल्तान से राजस्थान आए थे, वहां के भीगी रोटी के जायके से ही उन्हें अलग-अलग प्रकार की चाट और छोले कुलचे का जायका मुल्तानी रेसीपी के आइडिया के साथ शुरू किया जिसका स्वाद लोगों को खूब पंसद आया और फिर उन्होंने छोले-कुलचे के टेस्ट को भीगे कुलचे के जायके के साथ शुरू किया जो अब जयपुर का सबसे फेमस स्ट्रीट फूड हैं जहां लोग सुबह से शाम तक हमारे भींगे कुल्चे का स्वाद लेने के लिए यहां दूर-दूर से आते हैं. दादाजी के सीक्रेट जायके और मसालों के स्वाद की बादशाहत लोकल-18 से बात करते हुए मोहित बताते हैं पूरे जयपुर में वैसे तो हर जगह लोगों को सामान्य छोले-कुलचे या अमृतसरी कुल्चों का स्वाद मिल जाता हैं लेकिन पूरे जयपुर में सिर्फ हम ही भींगे कुल्चे के इस जायके का स्वाद लोगों को देते हैं जिसके लोग दीवाने हैं. हमारे यहां के भीगे कुल्चे ख़ासतौर पर बेहतरीन मसालों और दादाजी के सीक्रेट जायके से तैयार होते हैं जिसका स्वाद सबसे अलग-अलग होता हैं. खासतौर हमारे छोले जो बेहतरीन गाढ़े मसालों के साथ हम इन्हें तैयार करते हैं जिसमें अलग-अलग प्रकार की खास चटनियों के फ्लेवर के साथ भीगे कुल्चे ग्राहकों को सर्व करते हैं जिसका स्वाद बेहद खास होता हैं साथ ही कुल्चे का साइज इतना बड़ा होता हैं लोग एक बार में सिर्फ एक ही प्लेट खा सकते हैं. भीगे कुल्चे के खास स्वाद में सबसे खास बात यह हैं ये जायका सिर्फ कोयले की बिगड़ी पर तैयार होता है जिसके चलते इसका स्वाद ओर भी लाजवाब बन जाता हैं. मोहित का कहना हैं हमारे यहां स्थानीय लोग वर्षों से भींगे कुल्चे का स्वाद लेने आते हैं इसलिए हमें ग्राहकों का कभी इंतजार नहीं करना पड़ता साथ ही विदेशी पर्यटक और जयपुर घूमने आने वाले पर्यटक भी जयपुर में कही भी घूमने आए एक बार हमारे भीगे कुलचे का स्वाद लेने यहां जरूर आते हैं. भीगे कुल्चे के स्वाद के लोग सबसे ज्यादा दीवाने सुमित बताते हैं वैसे तो हम सामान्य छोले-कुलचे, पाव छोले, आलू टिक्की, भीगा पाव चाट जैसी अलग-अलग रेसीपी तैयार करते हैं लेकिन लोगों में सबसे ज्यादा हमारे भीगे कुलचे की सबसे ज्यादा डिमांड रहती हैं क्योंकि भीगे कुलचे का स्वाद सबसे खास हैं स्वाद के साथ ही हमारे ठेले पर चटपटे स्वाद की सजावट भी खास होती हैं जिसे चलती सड़क पर देखकर ही लोग कंट्रोल नहीं कर पाते और अपने आप भीगे कुल्चे की चटपटी खूशबू उन्हें यहां तक खीच लाती हैं. अगर बात करें हमारे भीगे कुल्चे की एक प्लेट की कीमत तो 140 रूपए की हैं जिसमें 2 कुल्चे ग्राहकों को हम सर्व करते हैं जो ग्राहक पूरा भी नहीं खा सकते हैं. हर दिन हमारे यहां 30 से 40 किलों भीगे कुल्चे की डिमांड रहती हैं जिसके चलते सुबह से रात तक लोग यहां भीगे कुल्चे का स्वाद लेने के लिए भीड़ लगाएं खड़े रहते हैं. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jaipur,Rajasthan First Published : April 30, 2026, 11:49 IST Source link

झारखंड

देवघर के एक ही टूर में पहाड़, नदी, भोलेनाथ का दर्शन, यहां...

Last Updated:April 30, 2026, 11:04 IST  देवघर की रोड ट्रिप में एक ही सफर में मिलेंगे बाबाधाम ज्योतिर्लिंग की आस्था, त्रिकुट पहाड़ का एडवेंचर और पुनाशी डैम का सुकून.अगर आप भी वीकेंड को बनाना चाहते हैं यादगार, तो देवघर का हम आपको एक शानदार रूट बताने जा रहे हैं. इसी रास्ते में तपोवन पहाड़ भी आता है, जो अपने रहस्यमयी गुफाओं और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है. यहां कुल 11 रहस्यमयी गुफाएं और 9 मंदिर हैं, जो इसे और भी खास बनाते हैं. पहाड़ पर चढ़ने के लिए करीब 300 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. यहां स्थित तपोनाथ मंदिर और पत्थरों के बीच बना बजरंगबली मंदिर लोगों को खास आकर्षित करता है. अगर आपको मंदिर और पहाड़ एकसाथ घूमना पसंद है तो यहां रोड ट्रिप कर जरूर पहुंचें. यह शहर से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. अगर आप शाम के समय शांत और सुकून भरा माहौल पसंद करते हैं तो पुनासी डैम का रोड ट्रिप आपके लिए एकदम परफेक्ट है. यह डैम शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर पुनासी गांव के पास स्थित है. खासकर गर्मी के दिनों में यहां का नजारा बेहद खूबसूरत हो जाता है. डैम के किनारे बैठकर ठंडी हवा का आनंद लेना और डूबते सूरज को देखना मन को एक अलग ही शांति देता है. आसपास का प्राकृतिक दृश्य और शांत वातावरण इसे एक बेहतरीन रिलैक्सिंग स्पॉट बनाता है, जहां लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ सुकून भरे पल बिताने आते हैं. सबसे पहले बात करते हैं बाबा बैद्यनाथधाम ज्योतिर्लिंग की, जो देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. यह मंदिर जसीडीह रेलवे स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यहां देशभर से श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है. रोड ट्रिप के जरिए यहां पहुंचना बेहद आसान है और रास्ते का सफर भी उतना ही सुखद होता है. इसी रास्ते में तपोवन पहाड़ भी आता है, जो अपने रहस्यमयी गुफाओं और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है. यहां कुल 11 रहस्यमयी गुफाएं और 9 मंदिर हैं, जो इसे और भी खास बनाते हैं. पहाड़ पर चढ़ने के लिए करीब 300 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. यहां स्थित तपोनाथ मंदिर और पत्थरों के बीच बना बजरंगबली मंदिर लोगों को खास आकर्षित करता है. अगर आपको मंदिर और पहाड़ एकसाथ घूमना पसंद है तो यहां रोड ट्रिप कर जरूर पहुंचें. यह शहर से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. Add News18 as Preferred Source on Google इसके बाद आप जा सकते हैं बासुकीनाथ धाम, जो दुमका जिले में स्थित है और देवघर से लगभग 55 किलोमीटर दूर है. कहा जाता है कि बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के बाद यहां पूजा करना जरूरी होता है तभी आपकी यात्रा पूर्ण मानी जाती है. रास्ते में हरियाली और ग्रामीण परिवेश आपका मन मोह लेगा, जिससे सफर भी यादगार बन जाता है. जो भी भक्त देवघर पूजा करते हैं वो बासुकीनाथ धाम पूजा करने जरूर आते हैं. अगर आप भी रोड ट्रिप के शौकीन हैं, तो देवघर आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. देवों की नगरी के नाम से मशहूर यह शहर आस्था, प्रकृति और एडवेंचर का शानदार संगम है. यहां सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं, बल्कि खूबसूरत पहाड़, हरियाली और शांत वातावरण भी आपका दिल जीत लेते हैं. खास बात यह है कि यहां हर जगह सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है, जिससे रोड ट्रिप का मज़ा दोगुना हो जाता है. वहीं अगर आप हरियाली और जंगल के बीच घूमने का शौक रखते हैं, तो देवघर बायोडायवर्सिटी पार्क आपके लिए शानदार विकल्प है. यह पार्क देवघर-जमुई हाईवे पर शहर से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. घने जंगलों के बीच बना यह पार्क प्रकृति प्रेमियों को खूब आकर्षित करता है. यहां की साफ-सुथरी पगडंडियां, पेड़-पौधों की विविधता और शांत वातावरण आपको शहर की भीड़-भाड़ से दूर एक नया अनुभव देता है. रोड ट्रिप करके यहां पहुंचना आसान है और एक दिन की सैर के लिए यह जगह बिल्कुल उपयुक्त मानी जाती है. दुमका पहुंचने के बाद दुमका का मसानजोर डैम घूमना ना भूलें जो हरी भरी वादियों के बीच में डैम के ठीक किनारे इकोकॉटेज ठहरने के लिए बनाया गया है. साथ ही यहां नौकाविहार का लुफ्त उठा सकते हैं. इसके साथ ही सेल्फी ब्रिज दुमका घूमना बिल्कुल न भूलें खासकर शाम के समय यह जगह बेहद खूबसूरत लगती है. चारों तरफ पहाड़, जंगल और ठंडी हवा आपको एक अलग ही सुकून का एहसास कराती है. यहां लोग दूर-दूर से घूमने और यादगार तस्वीरें लेने आते हैं. वापसी के दौरान त्रिकुट पहाड़ जरूर जाएं, जो देवघर से लगभग 17 किलोमीटर दूर है. यहां कभी झारखंड का पहला रोपवे हुआ करता था, लेकिन अप्रैल 2022 मे हादसा होने के बाद फिलहाल अभी तक बंद है. आज भी लोग पैदल ट्रैकिंग कर पहाड़ की चोटी तक पहुंचते हैं. ऊपर भगवान शिव का मंदिर और चारों ओर फैली वादियां इस जगह को खास बनाती हैं. यहां का एडवेंचर और प्राकृतिक सुंदरता हर किसी को आकर्षित करती है. यहां बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली आदि जगहों से सैलानी घूमने आते हैं. First Published : April 30, 2026, 11:04 IST Source link

व्यापार

गांव में शुरू करें हर्बल साबुन यूनिट, धमतरी की महिलाओं की तरह...

X Business Idea: गांव में शुरू करें हर्बल साबुन यूनिट, लाखों की होगी कमाई,   Herbal soap unit business idea: धमतरी जिले के कंडेल गांव की सत्या ढीमर और उनकी 8 सदस्यीय टीम नींबू, गुलाब, एलोवेरा, नीम, तुलसी, लेवेंडर और चारकोल फ्लेवर वाले हर्बल साबुन बनाकर हर साल एक लाख रुपए से अधिक कमा रही हैं. महिलाएं पापड़, मुरकू, कैंडल भी तैयार कर मेला-मड़ाई में बेचती हैं. यह समूह गांव में आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गया है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

रामगढ़ में सगाई समारोह के दौरान हादसा:निर्माणाधीन दीवार गिरने से दुल्हन समेत...

रामगढ़ जिले के भदानीनगर ओपी क्षेत्र अंतर्गत मतकमा चौक स्थित राजनंदनी मैरेज पैलेस एंड रेस्टोरेंट में एक सगाई समारोह के दौरान अचानक बड़ा हादसा हो गया। सेंट्रल सौंदा निवासी ममता कुमारी और चितरपुर रजरप्पा प्रोजेक्ट निवासी विशाल कुमार की सगाई धूमधाम से चल रही थी। परिजनों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में पुरोहित द्वारा विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई जा चुकी थी। अंगूठी पहनाने की तैयारी हो रही थी। इसी बीच दुल्हन ममता को कपड़े बदलने के लिए परिजन कमरे में ले गए। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले ही पल खुशियां मातम में बदल जाएंगी। समारोह में अफरातफरी मच जाएगी। निर्माणाधीन दीवार गिरी, मलबे में दबे लोग जैसे ही ममता अपने परिजनों के साथ कमरे में पहुंची, उसी समय बगल में स्थित राजघराना बिल्डिंग मटेरियल मॉल की निर्माणाधीन दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार की ऊंचाई अधिक होने के कारण उसका मलबा एस्बेस्टस की छत को तोड़ते हुए सीधे कमरे में आ गिरा। अंदर मौजूद लोग मलबे में दब गए। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। समारोह में शामिल लोग बचाव के लिए दौड़ पड़े। काफी मशक्कत के बाद परिजनों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल भुरकुंडा सीसीएल अस्पताल पहुंचाया। इस दुर्घटना में दुल्हन ममता कुमारी को सिर में गंभीर अंदरूनी चोट लगी। वहीं 2 वर्षीय कियांश और डेढ़ वर्षीय बच्ची फुचकी को भी गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा करिश्मा कुमारी, आरती कुमारी, रानी कुमारी समेत कई अन्य लोग घायल हुए, जबकि बचाव के दौरान आर्यन का हाथ जख्मी हो गया। संचालक और स्टाफ फरार, मुआवजे पर बनी सहमति हादसे के तुरंत बाद मैरेज हॉल का संचालक और वहां मौजूद स्टाफ मौके से फरार हो गया, जिससे परिजनों का गुस्सा भड़क उठा। परिजनों ने आरोप लगाया कि मलबे में गिरे लोहे के एंगल में करंट दौड़ रहा था, लेकिन बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई। जिससे फंसे लोगों को करंट का झटका लगता रहा। सूचना मिलते ही पतरातू इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह, भदानीनगर ओपी प्रभारी मो. अख्तर अली और एसआई सोमाय सोय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजन लगातार संचालक को बुलाने और जिम्मेदारी तय करने की मांग करते रहे। करीब तीन घंटे बाद संचालक के पहुंचने पर घायल लोगों के इलाज और समारोह में हुए खर्च की भरपाई को लेकर सहमति बनी, जिसके बाद मामला शांत हुआ। Source link

शिक्षा

विशाखापत्तनम में देश का पहला AI हब बनेगा:जूनियर वेटलिफ्टिंग में भारत ने...

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1.विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इक्वाडोर की गैब्रिएला से मुलाकात की 29 अप्रैल को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इक्वाडोर की रक्षा मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड से मुलाकात की। गैब्रिएला 3 दिन की यात्रा पर भारत आईं हैं। 2. Google विशाखापत्तनम में देश का पहला AI हब बनाएगा 28 अप्रैल को आंध्र प्रदेश के सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू ने विशाखापत्तनम में Google AI हब की आधारशिला रखी। Google AI हब बनाने के लिए गूगल 2026 से 2030 तक 15 अरब डॉलर इंवेस्ट करेगा। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. UAE OPEC ऑर्गेनाइजेशन से अलग हुआ 28 अप्रैल को यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) को कच्चे तेल का उत्पादन और निर्यात करने वाले देशों के ऑर्गेनाइजेशन ओपेक (OPEC) और ओपेक प्लस से अलग होने का ऐलान किया है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. जूनियर वेटलिफ्टिंग में भारत ने 3 गोल्ड जीते 28 अप्रैल को कॉमनवेल्थ यूथ एंड जूनियर वेटलिफ्टिंग में भारत ने 4 गोल्ड मेडल जीते। ये कॉमनवेल्थ गेम्स समोआ के अपिया में चल रहे हैं। मिसलीनियस (Miscellaneous) 5. विदेश मंत्रालय सचिव सिबी जॉर्ज ने चीन के जेनमिन से मुलाकात की 28 अप्रैल को विदेश मंत्रालय में सचिव (साउथ) सिबी जॉर्ज ने नई दिल्ली में क्लाइमेट चेंज के लिए चीन के विशेष दूत लियू जेनमिन से मुलाकात की। भारत ने हाल ही में 2031-2035 के लिए अपने नए क्लाइमेट टारगेट (NDCs) तय किए हैं, इसमें भारत ने अपनी विकास की जरूरतों के साथ तालमेल बिठाते हुए ये लक्ष्य रखे हैं। आज का इतिहास ————— ये खबर भी पढ़ें.. गंगा एक्सप्रेसवे का आज उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी:चंद्रकांता एक्टर भरत कपूर का निधन, 29 अप्रैल करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं…पूरी खबर पढ़ें Source link

झारखंड

रांची सहित 12 जिलों में आज भी बारिश:गर्मी से मिली राहत, अगले...

बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और बांग्लादेश में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर मध्यप्रदेश से झारखंड तक है। जिससे रांची सहित पूरे राज्य में हुई बारिश ने गर्मी से राहत दी है। कई क्षेत्रों में ओले भी गिरे। गिरिडीह के तिसरी में ठनका गिरने से दो युवकों की मौत हो गई, मृतकों में चंदौरी निवासी स्व. प्रीतम तुरी के पुत्र नुनमुनि कुमार (24) और तनेश्वर उर्फ ठाकुर के पुत्र अमन कुमार (12) शामिल हैं। लोहरदगा के भंडरा में भी ठनका से महिला की मौत हो गई। रांची में सुबह-सुबह हुई बारिश इधर, रांची में सुबह 4.30 बजे से गरज के साथ बारिश हुई। दोपहर तक तीन से चार बार बारिश हुई। ओलावृष्टि भी हुई। कांके में 12.2 मिमी. बारिश दर्ज की गई। वहीं, धनबाद और बोकारो में 60-70 किमी. की रफ्तार से आंधी चली। हालांकि, सबसे अधिक बारिश खूंटी में 34.5 मिमी. और बेरमो में 30 मिमी. दर्ज की गई। बारिश से कई जिलों का पारा गिर गया। जमशेदपुर का अधिकतम तापमान सबसे अधिक 4.2 डिग्री गिरकर 37.5 डिग्री पर आ गया, पर रांची का 38.6 डिग्री पर बना हुआ है। खूंटी और बेरमो में सबसे अधिक वर्षा झारखंड के विभिन्न जिलों में हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक वर्षा खूंटी में 34.5 मिमी और बेरमो में 30.5 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा कांके में 12.2 मिमी, हजारीबाग में 11.8 मिमी, बरही में 10.2 मिमी और नवाडीह में 10.0 मिमी बारिश हुई। वहीं धनबाद में 5.2 मिमी, बोकारो में 2.6 मिमी, डुमरी में 2.1 मिमी तथा पुटकी और गुमला में 2.0-2.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। कोडरमा में सबसे कम 1.8 मिमी बारिश हुई। बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए भी यह फायदेमंद साबित हो रही है। अलनीनो से मानसून में बारिश होगी कम वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बनी नमी की वजह से बारिश हो रही है। इसे प्री मानसून की वर्षा भी कह सकते हैं। इसका लाभ खेतों को होगा। किसानों को चाहिए कि ऐसी स्थिति में खेत की गहरी जुताई कर जमीन को खोलकर छोड़ दें। इससे अधिक वर्षा जल जमीन के नीचे जाएगा और ग्राउंड वाटर लेवल रिचार्ज होगा। खेत खुला रहने से धूप जमीन के अंदर तक पड़ेगी। इससे बीज एवं कीट-फंगस के अंश नष्ट हो जाएंगे। इस बार अलनीनो का असर दिखेगा। मानसून में बारिश कम होगी। ऐसे में किसानों को अभी से वर्षा जल सहेजने की जरूरत है। रांची समेत 12 जिलों में आज भी बारिश मौसम विभाग के रांची केंद्र के अनुसार, अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है। 30 अप्रैल को रांची, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्‌डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, गिरिडीह, धनबाद और बोकारो में आंधी के साथ ओले गिर सकते हैं। 50 से 60 किमी. की रफ्तार से आंधी चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 1 से 5 मई के बीच रांची सहित कई जिलों में बारिश हो सकती है। Source link

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