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zubeen garg murder| shyamkanu mahanta| SC| जुबिन गर्ग के मुख्य आरोपी को...

Singer Zubeen Garg Murder case: असम के चर्चित दिवंगत संगीतकार और सिंगर जुबिन गर्ग मर्डर केस की सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट में हुई. सिंगर की मौत के मुख्य आरोपी श्यामकानु महंत की ओर से सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई थी. जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने असम सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिकाकर्ता सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में कहा, ‘जुबिन गर्ग की मौत डूबने से मौत हुई थी. याचिकाकर्ता का देश छोड़कर भागने का कोई खतरा नहीं है, क्योंकि मेरे पास पैसे नहीं हैं, मेरा पासपोर्ट जमा है.’ अब सुप्रीम कोर्ट जुलाई के अंतिम सप्ताह में मामले की अगली सुनवाई करेगा. बता दें कि इससे पहले गुवाहाटी हाई कोर्ट ने मुख्य आरोपी श्याम कानू महंत को यह कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया था कि जमानत मिलने के बाद आरोपी के फरार होने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने की आशंका है. कौन है गिरफ्तार आरोपी श्याम कानू महंत? बता दें कि जुबिन गर्ग मौत मामले के मुख्य आरोपी श्यामकानु, असम के पूर्व पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत का छोटा भाई है. आरोपी श्यामकानु के बड़े भाई ननी गोपाल महंत असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्वा शर्मा के शिक्षा सलाहकार भी रह चुके हैं. वहीं श्यामकानु महंत (Shyamkanu Mahanta) खुद असम के एक प्रमुख सांस्कृतिक और बुनियादी ढांचा सलाहकार, उद्यमी और ‘नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल’ के मुख्य आयोजक रह चुके हैं. भास्कर ज्योति महंत असम राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त भी रह चुके हैं. गुवाहाटी विश्वविद्यालय के कुलपति ननी गोपाल महंत उनके बड़े भाई हैं.ननी गोपाल महंत यानी आरोपी के बड़े भाई असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के शिक्षा सलाहकार भी रह चुके हैं. ऐसे में काफी रसूखदार परिवार से जुड़े श्यामकानू महंत को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से पहले राज्य सरकार से जवाब मांगा है. बता दें कि सितंबर 2025 में प्रसिद्ध संगीतकार जुबीन गर्ग की सिंगापुर में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में उसे मुख्य आरोपी बनाया गया है. Source link

झारखंड

JTET 2026 Preparation: मैथ्स की तैयारी में छूटता है पसीना? नोट कर...

Last Updated:June 23, 2026, 12:50 IST JTET 2026 Math Preparation: जेटीईटी परीक्षा के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 20 जुलाई तक बढ़ा दी गई है और अब कैंडिडेट्स के पास तैयारी का कुछ ज्यादा समय है. इस एग्जाम की गणित विषय की तैयारी के लिए पलामू की विशेषज्ञ श्वेता कुमारी ने जरूरी टिप्स दिए. ख़बरें फटाफट पलामू. झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) के लिए आवेदन प्रक्रिया भरने की तिथि फिर से बढ़ा दी गई है. अब आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई कर दी गई है, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिला है. वहीं, JTET के पेपर-1 और पेपर-2 में गणित एक महत्वपूर्ण विषय है. विशेष रूप से पेपर-1 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए गणित अनिवार्य विषय है, जबकि पेपर-2 में गणित एवं विज्ञान समूह चुनने वाले अभ्यर्थियों को भी इस विषय पर अच्छी पकड़ बनानी होगी. इस विषय की तैयारी के लिए कुछ खास ट्रिक अपना सकते हैं. रोजाना दें कम से कम डेढ़ घंटे का समयविशेषज्ञ श्वेता कुमारी ने लोकल18 को बताया कि गणित में अच्छे अंक पाने के लिए हर दिन एक से डेढ़ घंटे का समय केवल गणित विषय को देना चाहिए. नियमित अभ्यास से प्रश्नों को हल करने की गति बढ़ती है और कठिन लगने वाले टॉपिक भी धीरे-धीरे आसान हो जाते हैं. गणित ऐसा विषय है, जिसमें केवल पढ़ना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि लगातार प्रश्नों का अभ्यास करना जरूरी होता है. इन टॉपिक पर बनाएं मजबूत पकड़उन्होंने बताया कि JTET की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को संख्या पद्धति (Number System), भिन्न (Fraction), दशमलव, प्रतिशत, लाभ-हानि, अनुपात एवं समानुपात, औसत, समय और कार्य, क्षेत्रमिति (Mensuration), ज्यामिति (Geometry), बीजगणित (Algebra) तथा डेटा हैंडलिंग जैसे टॉपिक पर विशेष ध्यान देना चाहिए. कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 स्तर के कई विषय समान होते हैं, हालांकि प्रश्नों का स्तर अलग-अलग हो सकता है. लेकिन रोजाना प्रैक्टिस करके इसे क्रैक कर सकते हैं. गणित पेडागॉजी भी है बेहद महत्वपूर्णउन्होंने यह भी बताया कि कई अभ्यर्थी केवल गणितीय सवालों की तैयारी करते हैं, जबकि परीक्षा में गणित शिक्षण पद्धति (Mathematics Pedagogy) से भी महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे जाते हैं. इसमें बच्चों को गणित सिखाने की विधि, सीखने की प्रक्रिया, समस्या समाधान आधारित शिक्षण, मूल्यांकन तकनीक तथा गतिविधि आधारित शिक्षण से जुड़े प्रश्न शामिल होते हैं. इसलिए विषय ज्ञान के साथ-साथ पेडागॉजी की तैयारी भी जरूरी है. मॉडल पेपर और पुराने प्रश्नपत्रों का लें सहारावे आगे कहती हैं कि गणित में सफलता के लिए पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और मॉडल सेट हल करना काफी फायदेमंद साबित होता है. इससे परीक्षा का पैटर्न समझने और समय प्रबंधन में मदद मिलती है. अगर अभ्यर्थी नियमित अभ्यास, अवधारणाओं की स्पष्ट समझ और गणित पेडागॉजी की बेहतर तैयारी पर ध्यान दें, तो जेटीईटी में अच्छे अंक प्राप्त कर शिक्षक बनने के सपने को साकार कर सकते हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

झारखंड

चाईबासा में सांप काटने से महिला की मौत:इलाज के दौरान चाईबासा सदर...

पश्चिमी सिंहभूम के मंझारी थाना क्षेत्र अंतर्गत अंगारडीहा गांव में सर्पदंश से 49 वर्षीय बेलमाई सुंडी की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात बेलमाई सुंडी अपने घर में सो रही थी। तभी किसी विषैले सांप ने उन्हें काट लिया। घटना के कुछ ही देर बाद उनके पैर में तेज जलन और असहनीय दर्द शुरू हो गया। दर्द बढ़ने पर उन्होंने अपनी बहू संगीता सोय को आवाज देकर जगाया। बहू के अनुसार, रात करीब 12 बजे उनकी सास ने अचानक तेज दर्द और जलन की शिकायत की। घर में अंधेरा होने के कारण सांप की पहचान नहीं हो सकी। परिजनों ने टॉर्च की मदद से सांप को खोजने का प्रयास किया, लेकिन वह कहीं नजर नहीं आया। शुरुआती स्तर पर घरेलू उपाय के तहत बहू ने उनके पैर की मालिश भी की। इलाज के दौरान हो गई मौत घटना के कुछ ही समय बाद बेलमाई सुंडी की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। उनके शरीर में बेचैनी बढ़ने लगी और कमजोरी महसूस होने लगी। स्थिति गंभीर होते देख परिजनों ने आसपास के ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों की मदद से उन्हें तत्काल उपचार के लिए चाईबासा सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन तब तक सांप का जहर उनके शरीर में काफी फैल चुका था। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। अंततः मंगलवार तड़के करीब तीन बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने मांगी सरकारी सहायता इस घटना के बाद मृतका के परिवार में मातम पसरा हुआ है। पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित सरकारी सहायता प्रदान करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं तेजी से बढ़ जाती हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल रहता है। उन्होंने प्रशासन से जागरूकता अभियान चलाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक जैसे अंधविश्वासों से बचें और तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर इलाज कराएं। Source link

झारखंड

कोडरमा में मायके में नवविवाहिता ने की आत्महत्या:चार महीने पहले हुई थी...

कोडरमा के जयनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत लतबेधवा गांव में एक नवविवाहिता ने फंदे से झूल अपनी जीवनलीला खत्म कर ली। मृतका की पहचान 23 वर्षीय संजना कुमारी, पति अमर सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार संजना का विवाह चार माह पहले मरकच्चो निवासी अमर सिंह के साथ लव मैरिज हुई थी। यह शादी दोनों परिवारों की सहमति से हुआ था। शादी के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था। पांच दिन पूर्व संजना अपने मायके लतबेधवा आई हुई थी। घटना की रात वह अपने परिवार के साथ गिरिडीह के झारखंडी धाम में एक शादी समारोह में शामिल होकर लौटी थी। रात करीब 11 बजे घर लौटने के बाद उसने अपने पति से फोन पर बातचीत की और फिर अपने कमरे में सोने चली गई। दरवाजा तोड़ा तो दिखी झूलती लाश मंगलवार सुबह जब संजना की मां संगीता देवी घर की सफाई कर रही थीं, तब उन्होंने बेटी के कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह होने पर उन्होंने संजना के मोबाइल पर कॉल किया, परंतु कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने घर के पीछे जाकर कमरे की खिड़की से झांका तो अंदर का दृश्य देख सभी सन्न रह गए। संजना पंखे से फंदे के सहारे लटकी हुई थी। इसके बाद परिजनों ने तत्काल दरवाजा तोड़कर अंदर गए और उसे नीचे उतारा। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना तुरंत जयनगर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। वहीं ससुराल पक्ष को भी घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद वे भी गांव पहुंचे। दामाद पैसे के लिए कर रहा था प्रताड़ित मृतका के पिता बसंत नारायण सिंह ने जयनगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए अपने दामाद अमर सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि अमर सिंह पिछले कुछ दिनों से लगातार संजना को फोन कर 50 हजार रुपए की मांग कर रहा था। सोमवार को भी उसने कई बार फोन कर पैसे के लिए दबाव बनाया था। पिता का आरोप है कि इसी मानसिक प्रताड़ना के कारण उनकी बेटी ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इधर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी है। Source link

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BRICS summit | Ajit Doval BRICS | दुनिया संकट में है, खतरे...

होमताजा खबरदेश दुनिया संकट में है, बदल रहे खतरे… BRICS के मंच से डोभाल ने क्यों दी चेतावनी Last Updated:June 23, 2026, 12:08 IST ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में एनएसए अजित डोभाल ने ईरान और अमेरिका शांति समझौते का स्वागत किया और साथ ही कहा कि होर्मुज का खुलना एक स्वागत योग्य कदम है. इसके साथ ही उन्होंने दुनियाभर में उभरी नई सुरक्षा चुनौतियों को लेकर गंभीर चिंता जताई. चीनी विदेश मंत्री वांग यी भी इस बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली आए हैं. ख़बरें फटाफट ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की 16वीं बैठक के लिए चीनी विदेश मंत्री वांग यी भी दिल्ली आए हैं. भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने मंगलवार को ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की 16वीं बैठक में नई सुरक्षा चुनौतियों को लेकर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय सैन्य संघर्षों, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, आर्थिक दबावों और तेजी से विकसित हो रही नई तकनीकों के कारण बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है. ऐसे समय में ब्रिक्स देशों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है. एनएसए अजित डोवल ने इस दौरान ईरान और अमेरिका शांति समझौते का स्वागत किया और साथ ही कहा कि होर्मुज का खुलना एक स्वागत योग्य कदम है. नई दिल्ली में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए डोभाल ने कहा कि दुनिया भर में सुरक्षा के खतरे लगातार जटिल होते जा रहे हैं. पारंपरिक खतरों के साथ-साथ अब गैर-पारंपरिक चुनौतियां भी तेजी से उभर रही हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय सीमाओं की परिभाषा को लगभग अप्रासंगिक बना दिया है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के नए और अधिक छिपे हुए रूप, साइबर हमले और डिजिटल तकनीकों का दुरुपयोग वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी हैं. अजित डोभाल ने कहा कि आज दुनिया ऐसे दौर में खड़ी है जहां संघर्षों को सुलझाने के लिए मौजूद संस्थागत तंत्र और पारंपरिक उपकरण लगातार कमजोर पड़ते दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने चिंता जताई कि बहुपक्षवाद (Multilateralism) का प्रभाव घट रहा है, जबकि वैश्विक समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं. ऐसे में देशों के बीच सहयोग और संवाद पहले से अधिक जरूरी हो गया है. एनएसए ने ब्रिक्स को एक ‘विशेष गठबंधन’ बताते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक सहयोग का मंच नहीं है, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था है जो शांति, विकास, प्रगति और सहयोग में विश्वास रखने वाले देशों को एक साथ लाती है. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की ताकत लगातार बढ़ रही है और यह समूह वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. डोभाल ने कहा कि ब्रिक्स की स्थापना उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक मंच देने और अधिक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी. आज जब दुनिया तेजी से बदल रही है और संघर्षों के समाधान के पारंपरिक तरीके कमजोर पड़ रहे हैं, तब ब्रिक्स देशों के सामने एक विशेष जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि विभिन्न महाद्वीपों और अलग-अलग अनुभवों वाले देशों का यह समूह वैश्विक स्थिरता और सहयोग को नई दिशा दे सकता है. बैठक के दौरान आतंकवाद-रोधी सहयोग, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित उपयोग और साइबर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई. डोभाल ने कहा कि इन क्षेत्रों में सदस्य देशों के बीच समन्वय और साझा रणनीति समय की जरूरत है. About the Author Saad Omar साद बिन उमर को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जिनमें से 12 साल उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता को दिए है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने आज तक, एनडीटीवी, पीटीआई और नया इंडिया जैसे प्र…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi एनएसए ने ब्रिक्स को एक ‘विशेष गठबंधन’ बताते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक सहयोग का मंच नहीं है, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था है जो शांति, विकास, प्रगति और सहयोग में विश्वास रखने वाले देशों को एक साथ लाती है. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की ताकत लगातार बढ़ रही है और यह समूह वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. डोभाल ने कहा कि ब्रिक्स की स्थापना उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक मंच देने और अधिक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी. आज जब दुनिया तेजी से बदल रही है और संघर्षों के समाधान के पारंपरिक तरीके कमजोर पड़ रहे हैं, तब ब्रिक्स देशों के सामने एक विशेष जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि विभिन्न महाद्वीपों और अलग-अलग अनुभवों वाले देशों का यह समूह वैश्विक स्थिरता और सहयोग को नई दिशा दे सकता है. बैठक के दौरान आतंकवाद-रोधी सहयोग, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित उपयोग और साइबर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई. डोभाल ने कहा कि इन क्षेत्रों में सदस्य देशों के बीच समन्वय और साझा रणनीति समय की जरूरत है. इस बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लिया. बैठक की शुरुआत सभी प्रतिनिधियों के स्वागत और समूह फोटो के साथ हुई. भारत वर्ष 2026 में चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है. इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में भी ब्रिक्स की कमान संभाल चुका है. इस बार भारत की अध्यक्षता का विषय ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ रखा गया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मानवता प्रथम’ दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है. फिलहाल ब्रिक्स में 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं, जिनमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं. बदलते वैश्विक परिदृश्य में इस समूह को दुनिया की सबसे प्रभावशाली बहुपक्षीय व्यवस्थाओं में से एक माना जा रहा है. खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें login Source link

झारखंड

खेती हुई हाईटेक! फसल को कब क्या चाहिए, अब सीधे किसान के...

होमताजा खबरकृषि खेती हुई हाईटेक: फसल को कब क्या चाहिए, अब सीधे किसान के मोबाइल पर आएगा मैसेज Last Updated:June 23, 2026, 09:24 IST रांची के कृषि छात्रों ने एक खास सेमीकंडक्टर चिप बनाई है. इसे खेत की मिट्टी में लगाया जाएगा. यह चिप पौधों की जरूरत को पहचानती है. फसल को कितना पानी और खाद चाहिए, इसकी सटीक जानकारी अब सीधे मोबाइल पर मिलेगी. इस तकनीक से कृषि उत्पादों की बर्बादी रुकेगी. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड के किसान अब पारंपरिक खेती को छोड़कर डिजिटल तकनीक अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. रांची के रामकृष्ण मिशन एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कृषि वैज्ञानिक छात्रों ने ‘स्मार्ट खेती’ को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद आधुनिक मॉडल तैयार किया है. छात्रों ने एक ऐसी सेमीकंडक्टर चिप बनाई है, जो किसानों को उनके मोबाइल और लैपटॉप पर ही खेत की हर छोटी-बड़ी रिपोर्ट दे देगी. मिट्टी के अंदर लगेगी यह जादुई चिपयूनिवर्सिटी के कृषि वैज्ञानिक आशीष ने बताया कि इस सेमीकंडक्टर चिप को किसान अपने खेत की मिट्टी के अंदर लगा सकते हैं. यह चिप सीधे इंटरनेट और मोबाइल ऐप से जुड़ी होगी. इस चिप के जरिए किसानों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां घर बैठे मिल जाएंगी: आज मौसम कैसा रहने वाला है और बारिश कब होगी. खेत की मिट्टी की उर्वरा शक्ति (फर्टिलिटी) कैसी है. फसल को किस खास पोषक तत्व या खाद की जरूरत है. खेत में पानी की मात्रा कितनी है (पानी कम है या ज्यादा). क्या होगा इसका फायदा?इस तकनीक की मदद से किसान कीटनाशक, खाद और पानी की एकदम सटीक मात्रा का उपयोग कर पाएंगे. इससे लागत में कमी आएगी और किसी भी चीज की बर्बादी नहीं होगी. सब कुछ एकदम बैलेंस रहेगा. खेत के चारों तरफ होगी स्मार्ट वायरिंग, जानवरों से मिलेगी सुरक्षाकृषि वैज्ञानिक आशीष के अनुसार, इस मॉडल में फसलों को जंगली और आवारा पशुओं से बचाने का भी खास इंतजाम किया गया है. इसके लिए खेत के चारों ओर एक विशेष वायरिंग (बाड़) की जाएगी. हल्का झटका: यदि कोई पशु या अज्ञात व्यक्ति खेत के अंदर घुसने की कोशिश करेगा, तो उसे एक बहुत हल्का और सुरक्षित बिजली का झटका लगेगा. इससे पशु को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन वह डरकर दूर भाग जाएगा. फोन पर अलर्ट: जैसे ही कोई खेत के पास आएगा, तुरंत किसान के स्मार्टफोन पर एक अलर्ट मैसेज आ जाएगा कि कोई आपके खेत में घुसने का प्रयास कर रहा है. इससे जंगली जानवरों द्वारा फसल बर्बाद होने की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी. सिर्फ आपके खेत और मिट्टी के हिसाब से मिलेगी सलाहइस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी सामान्य मौसम पूर्वानुमान की तरह काम नहीं करता. यह सिर्फ आपके अपने खेत और आपकी फसल के आधार पर कस्टमाइज्ड जानकारी देता है. आमतौर पर कृषि कार्यालयों में अधिकारी खेत की मिट्टी देखे बिना ही सामान्य सलाह देते हैं. लेकिन यह चिप आपकी मिट्टी, आपके लोकल माहौल और वहां के वातावरण के इनपुट को प्रोसेस करती है. इसके बाद आपने जो फसल लगाई है, यह सटीक रूप से केवल उसी के लिए सलाह जारी करती है. AI और ऐप से मिलेगी मददइस पूरे सिस्टम की कोडिंग बेहद आधुनिक तरीके से की गई है. इसमें AI का इस्तेमाल किया गया है. किसान चैट या वॉयस के जरिए एआई से अपनी फसल से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं. सिस्टम उनकी मिट्टी की सेहत को ध्यान में रखकर ही सही जवाब देगा. छात्र अब इस पूरे सिस्टम को और आसान बनाने के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन डेवलप करने में जुटे हैं, ताकि कम पढ़े-लिखे किसान भी इसका आसानी से फायदा उठा सकें. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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पाकुड़ के महेशपुर में देर रात सड़क हादसा:अज्ञात वाहन की टक्कर से...

पाकुड़ के महेशपुर थाना क्षेत्र में हुए सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा दुमका-डंगाल चौक स्थित मुख्य सड़क पर हुआ, जहां तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। घटना के तुरंत बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। अस्पताल में एक युवक मृत घोषित, दूसरे की हालत नाजुक सूचना मिलते ही महेशपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेशपुर पहुंचाया। वहां तैनात चिकित्सक डॉ. अंजनी भगत और स्वास्थ्यकर्मियों ने जांच के बाद एक युवक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है, जिससे पुलिस को शिनाख्त में परेशानी हो रही है। वहीं दूसरे गंभीर रूप से घायल युवक को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए दुमका के फूलों झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया है। चिकित्सकों के अनुसार घायल युवक की स्थिति नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक बाइक संख्या JH16K-8013 पर सवार होकर देवीनगर की ओर जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। पोस्टमार्टम के लिए भेजी गई बॉडी घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी रवि शर्मा, एएसआई अजय महतो, नर्वदेश्वर सिंह और काली प्रसाद साह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर मंगलवार को पोस्टमार्टम के लिए सोनाजोड़ी सदर अस्पताल भेज दिया है। साथ ही अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों में जांच अभियान शुरू कर दिया गया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय भारी वाहन तेज गति से चलते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। Source link

झारखंड

असुरक्षित बच्चे… आग लगने पर कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा के नहीं हैं...

बोकारो : जिले के बोकारो स्टील टाउनशिप (शहरी क्षेत्र) में ही लगभग 45 कोचिंग सेंटर चलते हैं। वहीं चास, बेरमो समेत जिले के अन्य छोटे-मोटे स्थानों पर लगभग 50 कोचिंग संस्थानों का संचालन होता है। अधिकांश कोचिंग संस्थानों के पास वैध फायर (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं है। घाटशिला : एक कोचिंग सेंटर है। वहां फायर सेफ्टी की व्यवस्था है। सरायकेला : सरायकेला एवं कुछ अन्य प्रखंडों के कोचिंग सेंटर (लगभग 25-30) के पास एनओसी नहीं है। जामताड़ा : पांच कोचिंग सेंटर हैं। फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं है। गिरिडीह : जिले के किसी भी कोचिंग संस्थान में आग से सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। जिले में कुल 40 कोचिंग सेंटर हैं। लातेहार : जिले में छोटे-छोटे 20 से अधिक कोचिंग संस्थान हैं। किसी भी कोचिंग संस्थान में आग से निपटने की कोई व्यवस्था नहीं है। पलामू : मुख्यालय मेदिनीनगर में 25 कोचिंग संस्थान हैं। पूरे जिले में 100 से अधिक कोचिंग संस्थान हैं। किसी ने लाइसेंस नहीं लिया है। गढ़वा : जिले में आठ कोचिंग सेंटर है, एक में भी कोई व्यवस्था नहीं है। कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है गढ़वा, पलामू, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, कोडरमा और चतरा जैसे जिलों में राज्य सरकार की नई कोचिंग सेंटर नियमावली और फायर सर्विस एक्ट के तहत प्रशासन बेहद सख्त रवैया अपना रहा है। फिर भी स्थिति में खास परिवर्तन नहीं दिख रहा है। कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था मानकों के अनुसार नहीं है। गौरतलब है कि लखनऊ के अलीगंज (पुरानिया इलाका) में स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत की दूसरी मंजिल पर चल रहे ‘लर्निंग स्पेस’ लाइब्रेरी व कोचिंग सेंटर और ‘हेडहॉपर स्टूडियो’ एनिमेशन सेंटर में सोमवार दोपहर आग लग गई। इसमें 15 छात्र-छात्राओं की मौत की पुष्टि हुई है। भास्कर न्यूज | गढ़वा राज्य के अधिकांश जिलों के स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में दमकल की व्यवस्था नहीं है। संकट आने पर जानमाल की अधिक क्षति होने की आशंका रहती है। प्रशासनिक सख्ती के बावजूद, कई छोटे कोचिंग संस्थान और स्कूल अभी भी बिना किसी ठोस फायर सेफ्टी सिस्टम या बिना किसी दूसरे निकास के चल रहे हैं। दुमका, देवघर, पलामू और हजारीबाग जैसे जिलों में बड़े ब्रांडेड संस्थानों में फायर सेफ्टी के उपकरण लगे हैं। छोटे और घरेलू स्तर पर चल रहे ट्यूशन सेंटरों में अभी भी अग्नि सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की जा रही है। ऐसे संस्थानों को चिह्नित करने के लिए जिला उपायुक्तों ने अनुमंडल स्तर पर टीमों का गठन किया है। राज्य में यह है फायर सेफ्टी का नियम नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 के तहत राज्य के हर स्कूल और कोचिंग संस्थान के लिए उपयुक्त प्राधिकारी से अग्निशमन सुरक्षा प्रमाणपत्र लेना कानूनी रूप से आवश्यक है। बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की स्थिति में बाहर निकलने के लिए दूसरी सीढ़ी या इमरजेंसी एक्जिट होना अनिवार्य है। हर छात्र के लिए क्लासरूम में न्यूनतम एक वर्ग मीटर का स्थान होना चाहिए, ताकि आपातकाल के समय भगदड़ न मचे। बेसमेंट से कोचिंग या स्कूल चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। Source link

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अमृतत्व केवल कर्म, धन या वंश से प्राप्त नहीं होता, बल्कि… डॉ....

होमताजा खबरदेश अमृतत्व केवल कर्म, धन या वंश…डॉ. मुखर्जी के बलिदान दिवस पर PM की श्रद्धांजलि Last Updated:June 23, 2026, 10:57 IST Dr. shyama prasad mukherjee sacrifice day: पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स पर एक श्लोक साझा कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है. इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई अन्य नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है. पीएम मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उनको श्रद्धांजलि दी है. Dr. shyama prasad mukherjee sacrifice day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक्स पर संस्कृत सुभाषित शेयर किया. इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि भी दी. पीएम मोदी ने पोस्ट में लिखा- निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र और समाज की सेवा में आजीवन समर्पित रहे देश की महान विभूति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को उनके बलिदान दिवस पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि. उनके प्रखर विचार और आदर्श देश की हर पीढ़ी को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे. प्रधानमंत्री ने एक श्लोक “न कर्मणा न प्रजया धनेन त्यागेनैके अमृतत्वमानशुः. परेण नाकं निहितं गुहायां विभ्राजते यद्यतयो विशन्ति॥” भी साझा किया है. इसका हिंदी अर्थ है कि अमृतत्व केवल कर्म, धन या वंश से प्राप्त नहीं होता, बल्कि त्याग और उच्च आदर्शों के प्रति पूर्ण समर्पण से प्राप्त होता है. जो यतिजन राष्ट्र, समाज और सत्य के लिए अपने स्वार्थों का त्याग करते हैं, उनका जीवन, काल की सीमाओं से परे जाकर जनमानस में अमर हो जाता है. प्रधानमंत्री ने आगे लिखा- उनका अटूट संकल्प, सार्वजनिक जीवन में साहस और राष्ट्रीय हित के प्रति समर्पण पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा. डॉ. मुखर्जी का बलिदान हमारी सामूहिक स्मृति में सदैव अंकित रहेगा. हम उन मूल्यों से प्रेरित होकर एक सशक्त और विकसित भारत के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं, जिन्हें उन्होंने अपने अंतिम क्षणों तक अपनाया और जिनके लिए कार्य किया. दिल्ली की सीएम ने दी श्रद्धांजलि मुखर्जी की पुण्यतिथि पर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता समेत अन्य नेताओं ने भी श्रद्धांजलि दी. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ​​और अन्य भाजपा नेताओं ने इस मौके पर पौधारोपण भी किया. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं हम सभी के प्रेरणास्रोत श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर आज दिल्ली गेट स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित रहा. भारत की अखंडता के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और समर्पण का अमर प्रतीक है. इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा के साथ पार्क में पौधारोपण भी किया. कार्यक्रम में वरिष्ठ पदाधिकारीगण, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में साथी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही. राष्ट्र की सेवा और समर्पण के अमर प्रतीक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को कोटि-कोटि नमन. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा- आज, इस बहुत ही महत्वपूर्ण मौके पर हम भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा हुए हैं. चाहे हम सरकार में काम कर रहे हों या संगठन में, भाजपा के सभी कार्यकर्ता और नेता आज जिस विचारधारा, नीतियों और विजन के साथ सेवा करते हैं, उसकी नींव उन्होंने ही रखी थी. हर्ष मल्होत्रा ​​ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष थे. उन्होंने भारत को एकजुट रखने के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाया, तो उस बलिदान का सही अर्थ सार्थक हुआ. इसके परिणामस्वरूप, जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया और अब भारत का संविधान सीधे जम्मू-कश्मीर पर लागू होता है. About the Author संतोष कुमार न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

Beauty Tips: बर्फीले पानी का कमाल, रोज सुबह चेहरा 20 बार डुबोएं,...

Last Updated:June 23, 2026, 10:41 IST Beauty Tips: हर कोई चाहता है कि उसकी त्वचा लंबे समय तक खूबसूरत और जवां दिखे. इसके लिए लोग महंगे-महंगे प्रोडक्ट्स और फेशियल का सहारा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक छोटा सा घरेलू उपाय आपको फाइन लाइंस और झुर्रियों से हमेशा के लिए छुटकारा दिला सकता है? रांची की ब्यूटी एक्सपर्ट कविता बताती हैं कि अगर आप लंबे समय तक यूथफुल स्किन चाहती हैं, तो सुबह उठने के साथ ही आपको बस एक छोटा सा काम करना होगा. आपको बर्फीले ठंडे पानी में अपना चेहरा दो से तीन बार डुबाना होगा। हर दिन ऐसा करने से स्किन के पोर्स (रोमकूप) टाइट होते हैं और चेहरे पर गजब का निखार आता है. ब्यूटी एक्सपर्ट कविता के अनुसार, इस आसान ट्रीटमेंट को आप घर पर ही दो आसान स्टेप्स में कर सकती हैं. इसके लिए आपको बहुत ज्यादा तैयारी करने की जरूरत नहीं है. सुबह उठते ही एक बड़ा बाउल (कटोरा) लें, जिसमें आपका चेहरा आसानी से डूब सके. उसमें साधारण पानी भरकर फ्रीजर में रख दें और उसे एकदम ठंडा होने दें. पानी इतना ठंडा होना चाहिए कि उंगली डालते ही वह सुन्न होने लगे. यदि आपके पास सुबह पानी ठंडा करने का समय नहीं है, तो आप दूसरा तरीका अपना सकती हैं. फ्रीजर से आइस क्यूब्स (बर्फ के टुकड़े) निकालें, उन्हें एक बड़े कटोरे में डालें और ऊपर से थोड़ा सा साधारण पानी मिला दें. सिर्फ 1 मिनट में आपका बर्फीला ठंडा पानी तैयार हो जाएगा. पानी तैयार होने के बाद अपने चेहरे को इस ठंडे पानी में कुछ सेकंड के लिए डुबाएं और फिर बाहर निकालें. इस प्रक्रिया को सुबह-सुबह कम से कम 15 से 20 बार दोहराएं. दरअसल, जब इतना ठंडा पानी अचानक चेहरे की त्वचा के संपर्क में आता है, तो यह स्किन पोर्स को तुरंत सिकोड़कर टाइट कर देता है. इससे त्वचा में कसाव आता है, चेहरे की पफनेस (सूजन) दूर होती है और फाइन लाइंस धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं. Add News18 as Preferred Source on Google ब्यूटी एक्सपर्ट कविता का कहना है कि यह ट्रीटमेंट 25 साल से ऊपर की महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है. क्योंकि इसी उम्र के बाद चेहरे पर फाइन लाइंस और बढ़ती उम्र के लक्षण दिखने शुरू होते हैं. छोटे बच्चों को यह ट्रीटमेंट नहीं करना चाहिए. इस आइस वॉटर थेरेपी का असर आपको पहली बार में ही महसूस होने लगेगा. आप चाहें तो हैवी मेकअप लगाने से ठीक पहले भी यह उपाय कर सकती हैं। इससे चेहरे का एक्स्ट्रा ऑयल कंट्रोल होता है और आपका मेकअप कम से कम 4 घंटे तक बिना खराब हुए टिका रहता है. किसी पार्टी या फंक्शन में जाने से पहले इसे करने से चेहरे पर तुरंत इंस्टेंट ग्लो आ जाता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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