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PSPCL Punjab Govt Jobs 6289 Posts

17 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी पंजाब में 6,289 पदों पर निकली भर्ती, UPSSSC में 1829 पदों का नोटिफिकेशन जारी होने की। साथ में C-DAC में 951 पदों पर भर्ती और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स में 495 वैकेंसी की। इन जॉब्स के बारे में जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. पंजाब में 6,289 पदों पर निकली भर्ती, एज लिमिट 37 साल पीएसपीसीएल ने असिस्टेंट लाइनमैन के 6,289 पदों पर भर्ती निकाली है। आवेदन 15 जून 2026 से शुरू होंगे। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट www.pspcl.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : 10वीं पास, लाइनमैन ट्रेड में आईटीआई (ITI) सर्टिफिकेट या नेशनल अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट (NAC)। 10वीं में पंजाबी एक विषय के रूप में जरूर पढ़ी हो और उसमें पास हुआ हो। सैलरी : 19,990 रुपए प्रतिमाह एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 37 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल टेस्ट फीस : जनरल, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी और अन्य : 1,416 रुपए + बैंक शुल्क एससी, पीडब्ल्यूडी : 885 रुपए + बैंक शुल्क ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट www.pspcl.in पर जाएं। होम पेज पर भर्ती से संबंधित रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। संबंधित नोटिफिकेशन को सिलेक्ट करें। न्यू रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करें। रजिस्टर्ड कैंडिडेट्स पर क्लिक करके आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। फीस जमा करें। भरे हुए फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक असिस्टेंट लाइनमैन की 3000 पोस्ट के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक असिस्टेंट लाइनमैन की 3289 पोस्ट के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. UPSSSC में 1829 पदों का नोटिफिकेशन जारी, सैलरी 92,300 तक UPSSSC ने 1829 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। आवेदन की शुरुआत 14 जुलाई से की जाएगी। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट https://upsssc.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : यूपीएसएसएससी पीईटी 2025 स्कोर कार्ड बैचलर डिग्री NIELIT ‘O’ लेवल सर्टिफिकेट एज लिमिट : न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 40 साल यूपी सरकार के नियमों के अनुसार उम्र में छूट दी जाएगी। सैलरी : 29,900 – 92,300 रुपए प्रतिमाह सिलेक्शन प्रोसेस : PET स्कोर मेन एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन फीस : सभी के लिए 25 रुपए ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाएं। होमपेज पर “Live Advertisement” सेक्शन में संबंधित विज्ञापन पर क्लिक करें। PET-2025 रजिस्ट्रेशन नंबर से लॉगिन करें। आवेदन फॉर्म में जरूरी जानकारी भरें। मांगे गए डिटेल्स दर्ज करें। फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें। फीस का भुगतान करें। फॉर्म सब्मिट कर प्रिंटआउट निकाल लें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. C-DAC में 951 पदों पर भर्ती, सैलरी डेढ़ लाख से ज्यादा सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) ने 951 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट cdac.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : आईटीआई,बीई/बी.टेक,एमई/एम टेक, एमबीए, सीए की डिग्री। एज लिमिट : अधिकतम 56 साल सिलेक्शन प्रोसेस : मेरिट लिस्ट रिटन एग्जाम पर्सनल इंटरव्यू डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सैलरी : 20,200 -1,60,000 रुपए प्रतिमाह ऐसे करें आवेदन : CDAC की ऑफिशियल वेबसाइट www.cdac.in पर जाएं। करियर बटन पर क्लिक करने के बाद Registration Form लिंक पर क्लिक करें। अगले पेज पर न्यू रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करें। जरूरी डिटेल्स दर्ज करके डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 4. मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स में 495 वैकेंसी, 10वीं पास करें अप्लाई मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में अप्रेंटिस के 495 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट mazagondock.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : 10वीं पास, आईटीआई की डिग्री। एज लिमिट : अधिकतम : 21 साल सिलेक्शन प्रोसेस : कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल टेस्ट स्टाइपेंड : अप्रेंटिस एक्ट के अनुसार ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट mazagondock.in पर जाएं। होम पेज पर Recruitment बटन पर क्लिक करें। यहां एक नया पेज खुलेगा जहां अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें। आपके सामने एक फॉर्म ओपन होगा। यहां मांगी गई सभी जानकारी दर्ज करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंट आउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक सरकारी नौकरी की ये खबर भी पढ़ें आज की सरकारी नौकरी: गुजरात में 8,917 पदों पर निकली भर्ती; 12वीं पास को मौका, सैलरी के साथ अलाउंस भी मिलेंगे गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) ने कंडक्टर और ड्राइवर के 8,917 पदों पर भर्ती निकाली है। इसमें कंडक्टर के लिए 4318 और ड्राइवर के लिए 4599 पद शामिल है। उम्मीदवार GSRTC की ऑफिशियल वेबसाइट ojas.gujarat.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

झारखंड

गुमला में सांप के काटने से युवक की मौत:पहले झाड़फूंक का लिया...

गुमला के बिशनपुर प्रखंड अंतर्गत लापू गांव के रहने वाले 22 वर्षीय साल के रोशन भगत की सांप काटने से मौत हो गई। उसके पिता का नाम भुवनेश्वर भगत है। परिजनों के अनुसार, रोशन रात करीब 11 बजे शौच के लिए घर से बाहर खुले मैदान की ओर गया था। इसी दौरान वहां जहरीले सांप ने उसके पैर में काट लिया। सांप के काटने के बाद किसी तरह रोशन घर पहुंचा। परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल इलाज के लिए प्रयास शुरू किया गया। पहले झाड़फूंक का लिया सहारा, फिर ले गए अस्पताल घटना के बाद परिजन रोशन को गांव के एक ओझा के पास ले गए, जहां झाड़फूंक के जरिए इलाज कराने की कोशिश की गई। हालांकि, समय बीतने के साथ उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। स्थिति गंभीर होते देख परिजन उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिशनपुर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। रात करीब ढाई बजे रोशन को सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इलाज शुरू करने से पहले ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना मिलने पर सदर थाना के एसआई अरविंद कुमार ने अस्पताल पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। Source link

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Exclusive Settebello Indian Crew Member aditya sharma Last Message : दहाड़ पड़ा...

तेहरान: ईरान पर अटैक करने के चक्कर में अमेरिका बेकाबू हो चुका है. हाल ही में अमेरिकी नेवी ने ओमान कोस्ट के पास एक कार्गो शिप MT Settebello पर अटैक किया था, जिसमें भारतीय क्रू मौजूद था. इस अटैक में 3 भारतीयों की मौत हो गई है. जिसके बाद भारत सरकार ने अमेरिका को हड़काया है. इसी अटैक में भारतीय क्रू मेंबर आदित्य शर्मा की भी जान गई है, जिनके पिता ने जहाज के मालिकों और सुरक्षा व्यवस्था पर बेहद तीखे और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने बताया कि अटैक से पहले सोमवार की रात आया आदित्य का आखिरी मैसेज आया, पिता ने इस मैसेज को भी पढ़कर सुनाया. अमेरिकी हमले में बेटा खोने वाले पिता ने पूछा सवाल राजेश शर्मा ने रुंधे गले से बताया कि उनका बेटा आदित्य पिछले साल नवंबर के महीने से इस कार्गो शिप पर तैनात था. शुरुआत में सब कुछ बिल्कुल ठीक चल रहा था. जहाज के रूट सुरक्षित थे और वो चीन, सिंगापुर और श्रीलंका जैसे देशों के शांत समुद्री रास्तों पर काम कर रहा था. परिवार भी निश्चिंत था कि बेटा सुरक्षित है और अपनी ड्यूटी कर रहा है लेकिन, कहानी में ट्विस्ट तब आया जब जहाज को अचानक ओमान भेजा गया. पिता के मुताबिक, ओमान पहुंचने के बाद बिना किसी ठोस वजह या सुरक्षा गारंटी के, जहाज को अचानक ईरान के उस रूट पर बढ़ने के आदेश दे दिए गए, जहां पहले से ही युद्ध जैसे हालात बने हुए थे और चारों तरफ से घेराबंदी थी. राजेश शर्मा का सवाल है कि जब वो इलाका एक नो-गो जोन था, तो जहाज के ऑपरेटरों ने इतनी बड़ी लापरवाही कैसे की? MT Settebello का कैप्टन बन गया था बेटा पिता ने बताया कि रविवार को आदित्य ने घर पर फोन भी किया था. उस आखिरी फोन कॉल में उसकी आवाज में थोड़ी घबराहट थी. उसने अपने पिता को बताया था कि उनके जहाज के बिल्कुल पास मौजूद एक दूसरे शिप पर भयानक हमला हुआ है. हालांकि, राहत की बात ये थी कि उस जहाज पर मौजूद भारतीय क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया था. आदित्य ने कहा था कि ‘पापा, पास वाले जहाज पर हमला हुआ है, डर का माहौल है लेकिन भारतीय सुरक्षित निकाल लिए गए हैं’. इस खबर को सुनने के बाद से ही भारत में बैठे आदित्य के पूरे परिवार की सांसें अटक गई थीं. उनकी चिंता इतनी बढ़ गई थी कि वे हर पल टीवी पर नजरें गड़ाए बैठे थे और भगवान से बेटे की सलामती की दुआएं मांग रहे थे. कैप्टन बेटे का आखिरी मैसेज सोमवार की रात को आदित्य का एक आखिरी टेक्स्ट मैसेज आया. उसने बताया था कि जहाज पर एक नए कैप्टन ने कार्यभार संभाल लिया है और अब वो आगे के सफर के लिए तैयार हैं. परिवार को क्या पता था कि नए कैप्टन के आते ही ये सफर आदित्य का आखिरी सफर बन जाएगा. इस मैसेज के कुछ ही समय बाद, इंटरनेशनल वॉटर में MT Settebello पर एक जोरदार मिसाइल आकर गिरी. धमाका इतना जबरदस्त था कि जहाज का एक हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया और इसी हमले में भारत के इस होनहार लाल, आदित्य शर्मा की जान चली गई. पिता राजेश शर्मा ने बेहद भावुक होकर सवाल उठाया, ‘जब क्षेत्र में लगातार खतरा मंडरा रहा था, रोज हमलों की चेतावनी आ रही थी, तो जहाज को आगे बढ़ाने का आत्मघाती फैसला आखिर क्यों और किसके इशारे पर लिया गया’? अमेरिकी सेना ने बिना वॉर्निंग किया अटैक इस पूरे मामले में एक बहुत बड़ा अंतरराष्ट्रीय मोड़ तब आ गया जब MT Settebello के प्रबंधक, IOS Marine-F.Z.E ने एक आधिकारिक बयान जारी किया. कंपनी ने इस हमले के लिए किसी आतंकी संगठन को नहीं, बल्कि सीधे तौर पर अमेरिकी नौसेना को जिम्मेदार ठहराया है! कंपनी ने साफ-साफ कहा है कि इस हमले में तीन बेगुनाह नाविकों की जान गई है और इसके लिए अमेरिकी सेना सीधे तौर पर जवाबदेह है. प्रबंधक ने अमेरिकी पक्ष के उस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि जहाज को चेतावनी दी गई थी लेकिन उसने निर्देशों की अनदेखी की. कंपनी का कहना है कि हमले से पहले जहाज के साथ किसी भी तरह का रेडियो संपर्क या चेतावनी स्थापित नहीं की गई थी और अगर अमेरिका के पास इसका कोई सबूत है, तो वह उसे पूरी दुनिया के सामने सार्वजनिक करे. न ईरान से वास्ता न उसके तेल से! जहाज के प्रबंधकों ने इस बात को पूरी तरह साफ किया है कि MT Settebello का ईरान या ईरान के तेल व्यापार से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था. ये अंतरराष्ट्रीय वॉटर्स में पूरी तरह से कानूनी और व्यावसायिक गतिविधि में लगा एक आम नागरिक व्यापारिक जहाज था. बयान के मुताबिक, जहाज पिछले लगभग 10 दिनों से समुद्र में एक ही जगह पर शांति से खड़ा था और उसकी तरफ से कोई भी ऐसी आक्रामक या संदेहास्पद गतिविधि नहीं की जा रही थी जिससे अमेरिकी नौसेना को कोई खतरा महसूस हो. प्रबंधकों ने अब इस पूरे नरसंहार की एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है ताकि मृतकों के परिवारों को न्याय मिल सके. Source link

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भारत में पहली बार यहीं शुरू हुई थी जंगल सफारी, बेतला नेशनल...

Last Updated:June 11, 2026, 19:55 IST झारखंड का बेतला नेशनल पार्क आज देश-विदेश के पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है. घने जंगल, जंगली जानवरों और वॉच टावरों के लिए प्रसिद्ध यह पार्क पर्यटकों को खास अनुभव देता है. हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में संगठित रूप से जंगल सफारी और वन्यजीव पर्यटन की शुरुआत बेतला से ही हुई थी. बेतला को देश में वन्यजीव पर्यटन की शुरुआती और ऐतिहासिक जगहों में गिना जाता है. पलामू: झारखंड का बेतला नेशनल पार्क आज देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बन चुका है. घने जंगल, वन्यजीवों की मौजूदगी और जंगल सफारी का रोमांच यहां हर साल हजारों पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में संगठित रूप से जंगल सफारी और वन्यजीव पर्यटन की शुरुआत बेतला से ही हुई थी. जंगल पर्यटन की एक नई अवधारणावन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. डी.एस. श्रीवास्तव के अनुसार, वर्ष 1966 के आसपास बेतला में जंगल पर्यटन की एक नई अवधारणा पर काम शुरू किया गया था. उस समय बेतला का जंगल वन्यजीवों से भरा हुआ था. यहां बड़ी संख्या में बाघ, हिरण, भालू और कई दुर्लभ जानवर पाए जाते थे. इसी वजह से यह इलाका ‘टाइगर कंट्री’ के नाम से भी जाना जाता था. जंगल सफारी की शुरुआततत्कालीन वन अधिकारियों एस.पी. शाही, जे. मिश्रा और आर.सी. सहाय ने यह सोच विकसित की कि आम लोगों को जंगल और वन्यजीवों से जोड़ने के लिए पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए. इसके बाद बेतला में योजनाबद्ध तरीके से जंगल सफारी की शुरुआत की गई. जंगल के भीतर सड़कें बनाई गईं और उनके आसपास घास के मैदान तैयार किए गए, ताकि पर्यटक आसानी से वन्यजीवों को देख सकें. रोमांच से भरपूर यह जंगल सफारीपर्यटकों की सुविधा के लिए बैगापानी, हतबजवा, मधुचुआं और चतुर्भथवा जैसे स्थानों पर वॉच टावर भी बनाए गए. यहां से लोग सुरक्षित तरीके से जंगली जानवरों को देख सकते थे और उनकी तस्वीरें भी ले सकते थे. उस समय जंगल सफारी मुख्य गेट से शुरू होकर बाघ केव तक जाती थी. लगभग पांच से छह किलोमीटर का यह सफर रोमांच से भरपूर माना जाता था. दो हथिनियों को भी लाया गया थावन विभाग ने गाइड, कैंटीन और निजी वाहनों की एंट्री जैसी सुविधाएं भी शुरू की थीं. सफारी के लिए मात्र 20 से 25 रुपये शुल्क लिया जाता था. इसके अलावा सोनपुर मेले से ‘जूही’ और ‘अनारकली’ नाम की दो हथिनियों को भी लाया गया था, जिन पर बैठकर पर्यटक जंगल की सैर करते थे. बेतला केवल एक नेशनल पार्क नहींडॉ. श्रीवास्तव का कहना है कि बेतला केवल एक नेशनल पार्क नहीं, बल्कि भारत में जंगल सफारी और वन्यजीव प्रबंधन की शुरुआती प्रयोगशाला रहा है. आज देश के कई नेशनल पार्कों में जो पर्यटन मॉडल देखने को मिलता है, उसकी नींव दशकों पहले बेतला की धरती पर रखी गई थी. यही वजह है कि बेतला आज भी झारखंड की वन्यजीव विरासत का एक गौरवशाली अध्याय माना जाता है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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चतरा में युवक की हत्या का खुलासा:कारतूस के विवाद में दोस्त ने...

चतरा जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में अपहृत युवक प्रमोद कुमार की हत्या का खुलासा हो गया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। मृतक का शव नदी के बालू से बरामद किया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की इस साजिश को मृतक के एक करीबी दोस्त ने ही अंजाम दिया था। अवैध कारतूस के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में प्रमोद की गला घोंटकर हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पथेल निवासी सुनील कुमार (19) और सुनील कुमार भोक्ता (21) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है। पिता ने दर्ज कराई थी अपहरण की रिपोर्ट सदर एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि गड़िया गांव निवासी देवलाल यादव का पुत्र प्रमोद कुमार 5 जून से लापता था। 7 जून को देवलाल यादव ने राजपुर थाने में प्रमोद कुमार के अपहरण की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात अपराधियों ने उनके बेटे का अपहरण कर लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चतरा एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ सन्नी वर्धन के नेतृत्व में एक त्वरित छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जब अनुसंधान की गति बढ़ाई, तो गड़िया पुल से करीब 200 मीटर उत्तर दिशा में नदी के बालू के अंदर गाड़ा गया प्रमोद कुमार का शव बरामद हुआ, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने के बाद पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी शाखा के सहयोग से पेशेवर तरीके से जांच को आगे बढ़ाया। दरअसल, प्रमोद कुमार की हत्या पथेल गांव के उसके एक दोस्त ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर की थी। हत्या के पीछे की वजह अवैध हथियार और जिंदा कारतूस की खरीद-बिक्री को लेकर हुआ विवाद था। देसी कट्‌टा और कारतूस नहीं दिलाने पर हुई हत्या प्रमोद ने अवैध हथियार और 10 राउंड जिंदा कारतूस दिलाने के नाम पर दोस्तों से 40 हजार पैसा लिया था। प्रमोद 7 राउंड जिंदा कारतूस दिला भी दिया था। लेकिन देसी कट्टा और 3 राउंड जिंदा कारतूस नहीं दिलाया। दोस्तों ने अपने पैसे रिटर्न मांगे तो वो वापस नहीं कर रहा था। इसीलिए आरोपियों ने 5 जून की रात करीब 8 बजे फोन कर बुलाया और फिर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया गमछा, रस्सी का टुकड़ा, मृतक का आईफोन, 3 अन्य मोबाइल फोन और 7 जिंदा कारतूस (राउंड) बरामद कर लिए हैं। Source link

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देवघर साइबर थाना ने चार अपराधी किए गिरफ्तार:फर्जी कस्टमर केयर बनकर ठगी...

देवघर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर ऑनलाइन ठगी करते थे। एसपी देवघर के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। साइबर डीएसपी कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में एक टीम गठित कर सारठ थाना क्षेत्र के डकाय जंगल इलाके में छापेमारी की गई। गिरफ्तार अपराधी खुद को फ्लिपकार्ट, अमेज़न, एयरटेल पेमेंट बैंक या गूगल पे के कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताते थे। वे कैशबैक, खाता बंद होने या सहायता के बहाने लोगों से जानकारी लेकर ठगी करते थे। आरोपियों की पहचान कमरुद्दीन अंसारी (लगभग 21 वर्ष), अब्दुल करीम अंसारी (लगभग 30 वर्ष), समीर अंसारी (लगभग 21 वर्ष) और वसीम अंसारी (लगभग 21 वर्ष) के रूप में हुई है। ये सभी सारठ थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से सात मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में जब्त मोबाइल और सिम से साइबर ठगी में उनकी संलिप्तता सामने आई है। पुलिस अब तकनीकी जांच के जरिए इनके अन्य साथियों और पूरे ठगी नेटवर्क का पता लगा रही है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी फर्जी एपीके फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस लेते थे और बैंकिंग संबंधी जानकारी चुराकर ठगी करते थे। वे फर्जी एयरटेल पेमेंट बैंक अधिकारी बनकर भी लोगों को निशाना बनाते थे। देवघर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें। Source link

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Telangana voter list pre SIR impact: बंगाल के बाद कांग्रेस के गढ़...

याद कीजिए पश्चिम बंगाल में जब एसआईआर हुआ तो करीब 70 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हो गए. यानी ऐसे वोटर जिनका हकीकत में कोई वजूद ही नहीं था या जो फर्जी थे. नतीजा क्या हुआ? ममता बनर्जी की अजेय मानी जाने वाली सरकार भरभरा कर ढह गई. अब ठीक वैसा ही ज‍िन्‍न कांग्रेस के गढ़ तेलंगाना में बाहर आया है. बंगाल में तो फिर भी एसआईआर में लाखों नाम कटे थे, तेलंगाना में तो प्री-एसआईआर यानी शुरुआती जांच में ही 89 लाख फर्जी या गड़बड़ वोटर पाए गए हैं. अगर छंटनी हुई तो तेलंगाना की स‍ियासत में भूचाल आना तय है. क्या है ये 89 लाख का गड़बड़झाला? तेलंगाना में पिछले कई महीनों से चुनाव आयोग के अधिकारी एक खास मिशन पर लगे हुए थे. इसे तकनीकी भाषा में प्री-एसआईआर मैपिंग कहा गया. अध‍िकार‍ियों ने साल 2002 की वोटर लिस्ट उठाई और उसे आज की वोटर ल‍िस्‍ट से म‍िलान करवाया. मकसद था ये देखना कि वोटर लिस्ट में जो नाम दर्ज हैं, वो असली हैं या सिर्फ कागजों पर वोट डाल रहे हैं. गुरुवार को तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुदर्शन रेड्डी ने इसकी ड‍िटेल्‍स सामने रखी. तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया क‍ि वोटर ल‍िस्‍ट में 11 तरह की गड़बड़‍ियां पाई गई हैं. अब तक कुल मिलाकर लगभग 89 लाख गड़बड़‍ियां सामने आ चुकी हैं. मतलब साफ है क‍ि 89 लाख वोटरों के डेटा में कुछ न कुछ ऐसा झोल है, जो सामान्य नहीं है. अब चुनाव आयोग इन सभी संदिग्ध वोटरों को नोटिस थमाएगा और उनसे पूछेगा कि तुम्हारा वजूद क्या है? जरा सबूत तो दिखाओ! 11 गड़बड़‍ियां क‍िस-क‍िस तरह की? बाप-बेटे की उम्र में 15 साल से कम का अंतर: वोटर लिस्ट बता रही है कि कई मामलों में माता-पिता और उनके बच्चों की उम्र के बीच 15 साल से भी कम का अंतर है. यानी, कागज के हिसाब से कोई 13 या 14 साल की उम्र में ही माता-पिता बन गया. दो भाई-बहनों के बीच 9 महीने से कम का अंतर: दो बच्चों के जन्म के बीच कम से कम 9 महीने का फासला होता है (जुड़वा बच्चों को छोड़कर). लेकिन तेलंगाना की वोटर लिस्ट में ऐसे हजारों भाई-बहन हैं, जिनके जन्म के बीच 9 महीने से भी कम का गैप है. बाप-बेटे की उम्र में 50 साल से ज्यादा का अंतर: एक तरफ 15 साल से कम का अंतर है, तो दूसरी तरफ ऐसे वोटर भी हैं जहां माता-पिता और संतान की उम्र में 50 साल से ज्यादा का फासला दर्ज है. दादा और पोते की उम्र में 40 साल से कम का अंतर: दादा और पोते के बीच कम से कम दो पीढ़ियों का फासला होता है. लेकिन यहां वोटर लिस्ट में दादा और पोते की उम्र के बीच 40 साल से भी कम का अंतर है. रिश्तों का बदल जाना : सबसे मजेदार झोल ये है कि मौजूदा वोटर लिस्ट और पुरानी लिस्ट का जब मिलान किया गया, तो पता चला कि वोटर का नाम तो वही है, लेकिन उसके रिश्तेदारों के नाम या रिश्ते का प्रकार ही बदल गया है. जो पिछली लिस्ट में पिता था, वो नई लिस्ट में पति बन गया! अब होगा दूध का दूध-पानी का पानी सवाल ये कि इन 89 लाख संदिग्धों का क्या होगा? इसके लिए चुनाव आयोग SIR करने जा रहा है. तेलंगाना इससे पहले साल 2002 में एसआईआर हुआ था. यानी 22 साल बाद फिर से वोटर लिस्ट का पूरा पोस्टमार्टम होने जा रहा है. 25 जून से 24 जुलाई के बीच ‘बूथ लेवल ऑफिसर’ तेलंगाना के हर घर का दरवाजा खटखटाएंगे. वो एक फॉर्म देंगे, उसे भरवाएंगे, चेक करेंगे कि जो वोटर लिस्ट में लिखा है, वो आदमी हकीकत में उस घर में रहता भी है या नहीं. अगर दादा और पोते की उम्र में 30 साल का अंतर है, तो BLO पूछेगा कि ये कौन सा चमत्कार है! अगर जवाब नहीं मिला या वोटर गायब मिला, तो उसका नाम लिस्ट से काट दिया जाएगा. तेलंगाना का गणित समझ‍िए तेलंगाना की कुल आबादी लगभग 3.5 से 4 करोड़ के बीच है. यहां कुल वोटरों की संख्या करीब 3 करोड़ 20 लाख के आसपास बैठती है. अब अगर 3.2 करोड़ वोटरों में से 89 लाख वोटर यानी करीब 27-28% वोटर संदिग्ध हैं, तो ये कोई छोटी-मोटी बात नहीं है. अगर इस 89 लाख में से छंटनी के बाद 40 या 50 लाख वोटर भी फर्जी पाए गए और उनके नाम काटे गए, तो पूरा का पूरा चुनावी समीकरण बदल जाएगा. जीत-हार का मार्जिन तेलंगाना विधानसभा चुनावों में कई बार हार-जीत का अंतर 2,000 से 5,000 वोटों का होता है. अगर हर विधानसभा क्षेत्र से 30,000 से 40,000 फर्जी वोट कट जाएं, तो उन सीटों पर नतीजे पूरी तरह से पलट सकते हैं. Source link

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सिर्फ आटे से बनता है रांची का ये खास स्नैक, बच्चे भूल...

X सिर्फ आटे से बनता है रांची का ये खास स्नैक, बच्चे भूल जाएंगे बाजार के कुरकुरे   रांची में लोग एक खास तरह का देसी स्नैक्स बनाते हैं, जिसे स्थानीय भाषा में देसी कुरकुरे भी कहा जाता है. यह स्वादिष्ट स्नैक मुख्य रूप से आटे से तैयार किया जाता है और लंबे समय तक खराब नहीं होता. इसे बनाना भी बेहद आसान है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में आटा लें. इसमें रिफाइंड तेल, अजवाइन, मंगरैला (कलौंजी) और स्वादानुसार नमक मिलाएं. चाहें तो धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और मिक्स मसाला भी डाल सकते हैं. इसके बाद सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर आटा गूंध लें. अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर बेलन की मदद से बड़ी रोटी की तरह बेल लें. फिर चाकू से इसे अपनी पसंद के अनुसार पतले या मोटे टुकड़ों में काट लें. इसके बाद कड़ाही में तेल गर्म करें और कटे हुए टुकड़ों को सुनहरा होने तक तल लें. जब कुरकुरे अच्छी तरह फ्राई हो जाएं तो उन्हें निकाल लें. इसके ऊपर लाल मिर्च पाउडर, ओरिगैनो या अपनी पसंद के मसाले छिड़क सकते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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गुमला में अंधविश्वास में 62 वर्षीय वृद्ध की हत्या:मारपीट के बाद आरोपी...

गुमला जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोटेंग सेरा गांव निवासी 62 वर्षीय पातू खड़िया की अंधविश्वास में हत्या कर दी गई। उन्हें डायन का आरोप लगाकर बेरहमी से मारपीट कर मौत के घाट उतारा गया। मृतक के परिजन मंगरा खड़िया ने बताया कि बुधवार-गुरुवार की देर रात करीब 9-10 बजे गांव का बहुरा उरांव कुछ अन्य लोगों के साथ नशे की हालत में पातू खड़िया के घर पहुंचा। उसने गाली-गलौज करते हुए पातू खड़िया के साथ मारपीट की, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। मंगरा खड़िया के अनुसार, घटना के समय पातू खड़िया घर में अकेले थे। आरोपी बहुरा उरांव के बच्चे अक्सर बीमार रहते थे, जिसके चलते वह पातू खड़िया पर जादू-टोना करने का आरोप लगाता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था, और इसी वजह से बहुरा उरांव ने इस वारदात को अंजाम दिया। सूचना मिलने पर गुमला सदर थाना की एसआई वशिता कुमारी मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने गुरुवार को शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन छानबीन में जुट गई है। Source link

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सिमडेगा में स्कॉर्पियो पेड़ से टकराई, पांच की मौत:मृतकों में माता-पिता और...

सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड स्थित अधरमा गांव के पास गुरुवार को एक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक ही परिवार के तीन बच्चे भी शामिल हैं। इस घटना में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया है। घटना के पीछे का कारण पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस छानबीन कर रही है। हालांकि आशंका जाहिर की जा रही है तेज आंधी के कारण स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। देखिए हादसे से जुड़ी तस्वीरें लोहरदगा से सिमडेगा जा रहा था परिवार मृतकों की पहचान लोहरदगा जिले के राहत नगर निवासी मो. मुस्तफा, उनकी पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों के रूप में हुई है। यह परिवार लोहरदगा से सिमडेगा के लसिया की ओर जा रहा था। वाहन में कुल आठ लोग सवार थे। हादसे के बाद घायलों को बसिया रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद तीन लोगों को रिम्स रेफर कर दिया गया। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया दुर्घटना के बाद स्कॉर्पियो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों और मृतकों को एंबुलेंस व निजी वाहनों से रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। Source link

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