Indians Dominate Global Visa Programs Report | अमेरिका से यूएई तक भारतीयों...
होमताजा खबरदेश मोदी सरकार में अमेरिका से UAE तक जलवा, ग्लोबल वीजा प्रोग्राम्स में भारत नंबर 1 Last Updated:June 11, 2026, 16:55 IST Indians Dominate Global Visa Programs: एक नई रिपोर्ट के अनुसार ग्लोबल वीजा प्रोग्राम्स में भारत का दबदबा कायम है. अमेरिका के एच-1बी और यूएई के गोल्डन वीजा में भारतीय सबसे आगे हैं. विदेशी कंपनियां सस्ते लेबर की जगह अब हाई-स्किल टैलेंट पर फोकस कर रही हैं. यही कारण है कि भारतीयों को लोकल कर्मचारियों से ज्यादा सैलरी मिल रही है. इसके साथ ही प्रोफेशनल्स के वापस भारत लौटने की उम्मीद भी बढ़ रही है. विदेशी कंपनियों में भारतीय टैलेंट की भारी डिमांड. नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रोफेशनल्स अपनी काबिलियत का लोहा मनवा रहे हैं. डील वर्कफोर्स मैनेजमेंट की नई रिपोर्ट में यह सामने आया है. दुनिया के प्रमुख वीजा प्रोग्राम्स में भारत टॉप पर है. अमेरिका के एच-1बी वीजा में भारतीय सबसे बड़ा सोर्स हैं. ब्रिटेन के स्किल्ड वर्कर वीजा में भी भारतीय काफी आगे हैं. आज विदेशी कंपनियां कॉस्ट कटिंग पर फोकस नहीं कर रही हैं. वे हाई-स्किल टैलेंट के लिए ज्यादा पैसा खर्च करने को तैयार हैं. यही वजह है कि भारत ग्लोबल लेवल पर टैलेंट सप्लाई करने वाला लीडर बन गया है. भारतीय प्रोफेशनल्स ग्लोबल ट्रेंड्स का पूरा फायदा उठा रहे हैं. यह रिपोर्ट 150 देशों के डाटा पर आधारित है. आखिर यूएई और अमेरिका में भारतीयों को कितनी ज्यादा सैलरी मिल रही है? विदेशी कंपनियां टैलेंट की कमी दूर करने के लिए भारतीयों को लोकल स्टाफ से बड़ा पैकेज दे रही हैं. रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में एच-1बी वीजा होल्डर्स की औसत सैलरी 1.40 लाख डॉलर है. वहीं समान पद पर अमेरिकी नागरिकों की सैलरी 1.30 लाख डॉलर है. ब्रिटेन में स्किल्ड वर्कर वीजा वालों की कमाई 96 हजार पाउंड है. वहां लोकल लोगों को 87 हजार पाउंड मिलते हैं. यूएई में भी यही ट्रेंड दिख रहा है. वहां गोल्डन वीजा होल्डर्स की इनकम 6.05 लाख दिरहम है. सामान्य वीजा वालों को 4.59 लाख दिरहम मिलते हैं. दुनिया के किन नए देशों में सबसे तेजी से बढ़ रही है भारतीयों की डिमांड? अब भारतीय टैलेंट सिर्फ कुछ देशों तक सीमित नहीं है. नए मार्केट्स में भी इनकी जबरदस्त मांग देखी जा रही है. डील के डाटा में सबसे तेज ग्रोथ ऑस्ट्रेलिया में दर्ज की गई है. वहां पिछले साल के मुकाबले 724 प्रतिशत का उछाल आया है. ब्रिटेन में 142 प्रतिशत और अमेरिका में 139 प्रतिशत की ग्रोथ दिखी है. जर्मनी की ‘अवसर कार्ड’ योजना में भी भारतीयों का जलवा है. इसमें बिना जॉब ऑफर के जर्मनी जाने की परमिशन मिलती है. इसके एक-तिहाई परमिट सिर्फ इंडियंस को मिले हैं. क्या ग्लोबल डिमांड के बीच अब भारत वापस लौटेंगे हमारे टॉप प्रोफेशनल्स? दुनिया भर में इंजीनियरिंग और एआई की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. डिजिटल सर्विसेज में भी भारतीय टेक्नोक्रेट्स छाए हुए हैं. यूएई अभी भी भारतीयों के लिए सबसे बड़ा डेस्टिनेशन बना हुआ है. इसके बाद सिंगापुर और कनाडा का नंबर आता है. डील की इकोनॉमिस्ट लॉरेन थॉमस ने इस पर अपनी राय रखी है. थॉमस ने कहा, ‘टैलेंट अब दुनिया के कई नए मार्केट्स की ओर जा रहा है’. लेकिन रिपोर्ट में एक बड़ा इशारा भी किया गया है. भारत में घरेलू मौके बढ़ रहे हैं. ऐसे में विदेशी अनुभव वाले प्रोफेशनल्स जल्द भारत लौट सकते हैं. About the Author दीपक वर्माDeputy News Editor दीपक वर्मा (Deepak Verma) की गिनती हिंदी डिजिटल मीडिया के तेजी से उभरते चेहरों में होती है. वह News18हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज़ एडिटर की भूमिका में जुड़े हैं. प्रिंट से डिजिटल का रुख करने वाले दीपक के पास पत्र…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link







