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Indians Dominate Global Visa Programs Report | अमेरिका से यूएई तक भारतीयों...

होमताजा खबरदेश मोदी सरकार में अमेरिका से UAE तक जलवा, ग्लोबल वीजा प्रोग्राम्स में भारत नंबर 1 Last Updated:June 11, 2026, 16:55 IST Indians Dominate Global Visa Programs: एक नई रिपोर्ट के अनुसार ग्लोबल वीजा प्रोग्राम्स में भारत का दबदबा कायम है. अमेरिका के एच-1बी और यूएई के गोल्डन वीजा में भारतीय सबसे आगे हैं. विदेशी कंपनियां सस्ते लेबर की जगह अब हाई-स्किल टैलेंट पर फोकस कर रही हैं. यही कारण है कि भारतीयों को लोकल कर्मचारियों से ज्यादा सैलरी मिल रही है. इसके साथ ही प्रोफेशनल्स के वापस भारत लौटने की उम्मीद भी बढ़ रही है. विदेशी कंपनियों में भारतीय टैलेंट की भारी डिमांड. नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रोफेशनल्स अपनी काबिलियत का लोहा मनवा रहे हैं. डील वर्कफोर्स मैनेजमेंट की नई रिपोर्ट में यह सामने आया है. दुनिया के प्रमुख वीजा प्रोग्राम्स में भारत टॉप पर है. अमेरिका के एच-1बी वीजा में भारतीय सबसे बड़ा सोर्स हैं. ब्रिटेन के स्किल्ड वर्कर वीजा में भी भारतीय काफी आगे हैं. आज विदेशी कंपनियां कॉस्ट कटिंग पर फोकस नहीं कर रही हैं. वे हाई-स्किल टैलेंट के लिए ज्यादा पैसा खर्च करने को तैयार हैं. यही वजह है कि भारत ग्लोबल लेवल पर टैलेंट सप्लाई करने वाला लीडर बन गया है. भारतीय प्रोफेशनल्स ग्लोबल ट्रेंड्स का पूरा फायदा उठा रहे हैं. यह रिपोर्ट 150 देशों के डाटा पर आधारित है. आखिर यूएई और अमेरिका में भारतीयों को कितनी ज्यादा सैलरी मिल रही है? विदेशी कंपनियां टैलेंट की कमी दूर करने के लिए भारतीयों को लोकल स्टाफ से बड़ा पैकेज दे रही हैं. रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में एच-1बी वीजा होल्डर्स की औसत सैलरी 1.40 लाख डॉलर है. वहीं समान पद पर अमेरिकी नागरिकों की सैलरी 1.30 लाख डॉलर है. ब्रिटेन में स्किल्ड वर्कर वीजा वालों की कमाई 96 हजार पाउंड है. वहां लोकल लोगों को 87 हजार पाउंड मिलते हैं. यूएई में भी यही ट्रेंड दिख रहा है. वहां गोल्डन वीजा होल्डर्स की इनकम 6.05 लाख दिरहम है. सामान्य वीजा वालों को 4.59 लाख दिरहम मिलते हैं. दुनिया के किन नए देशों में सबसे तेजी से बढ़ रही है भारतीयों की डिमांड? अब भारतीय टैलेंट सिर्फ कुछ देशों तक सीमित नहीं है. नए मार्केट्स में भी इनकी जबरदस्त मांग देखी जा रही है. डील के डाटा में सबसे तेज ग्रोथ ऑस्ट्रेलिया में दर्ज की गई है. वहां पिछले साल के मुकाबले 724 प्रतिशत का उछाल आया है. ब्रिटेन में 142 प्रतिशत और अमेरिका में 139 प्रतिशत की ग्रोथ दिखी है. जर्मनी की ‘अवसर कार्ड’ योजना में भी भारतीयों का जलवा है. इसमें बिना जॉब ऑफर के जर्मनी जाने की परमिशन मिलती है. इसके एक-तिहाई परमिट सिर्फ इंडियंस को मिले हैं. क्या ग्लोबल डिमांड के बीच अब भारत वापस लौटेंगे हमारे टॉप प्रोफेशनल्स? दुनिया भर में इंजीनियरिंग और एआई की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. डिजिटल सर्विसेज में भी भारतीय टेक्नोक्रेट्स छाए हुए हैं. यूएई अभी भी भारतीयों के लिए सबसे बड़ा डेस्टिनेशन बना हुआ है. इसके बाद सिंगापुर और कनाडा का नंबर आता है. डील की इकोनॉमिस्ट लॉरेन थॉमस ने इस पर अपनी राय रखी है. थॉमस ने कहा, ‘टैलेंट अब दुनिया के कई नए मार्केट्स की ओर जा रहा है’. लेकिन रिपोर्ट में एक बड़ा इशारा भी किया गया है. भारत में घरेलू मौके बढ़ रहे हैं. ऐसे में विदेशी अनुभव वाले प्रोफेशनल्स जल्द भारत लौट सकते हैं. About the Author दीपक वर्माDeputy News Editor दीपक वर्मा (Deepak Verma) की‍ गिनती हिंदी डिजिटल मीडिया के तेजी से उभरते चेहरों में होती है. वह News18हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज़ एडिटर की भूमिका में जुड़े हैं. प्रिंट से डिजिटल का रुख करने वाले दीपक के पास पत्र…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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परदेस में मजदूरी करते थे सुमन, फिर ट्रेनिंग ले शुरू किया मुर्गा...

होमताजा खबरकृषि परदेस में मजदूरी करते थे सुमन, फिर शुरू किया मुर्गा पालन, अब लाखों में है कमाई Last Updated:June 11, 2026, 16:31 IST Koderma Man Earning Well With Poultry: कोडरमा के सुमन लाल दूसरे राज्यों में मजदूरी करते थे पर इनकम इतनी कम थी कि परिवार का गुजारा नहीं होता था. फिर उन्होंने गांव लौटकर मुर्गा पालन शुरू किया और अब हर महीने लाखों की कमाई कर रहे हैं. प्रशिक्षण लेकर शुरू किए गए इस काम से उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है. ख़बरें फटाफट कोडरमा. जिले के डोमचांच प्रखंड के मसनोडीह निवासी सुमन लाल मेहता आज ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं. कभी दूसरे राज्यों में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले सुमन ने गांव लौटकर स्वरोजगार का रास्ता चुना और मुर्गा पालन के व्यवसाय से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर ली. आज वह सभी खर्च निकालने के बाद हर महीने करीब एक लाख रुपये की आमदनी कर रहे हैं. सुमन लाल मेहता बताते हैं कि पहले मजदूरी करने पर उन्हें हर महीने केवल 15 से 20 हजार रुपये की आय होती थी, जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल था. इसी दौरान उन्होंने कृषि एवं पशुपालन विभाग द्वारा बरही के गौरियाकर्मा में आयोजित आठ दिवसीय मुर्गा पालन प्रशिक्षण में हिस्सा लिया. प्रशिक्षण से मिली जानकारी ने उन्हें इस व्यवसाय को अपनाने के लिए प्रेरित किया. गांव की खाली जमीन पर शुरू किया मुर्गा पालनप्रशिक्षण के बाद उन्होंने गांव की खाली जमीन पर करीब 15 हजार वर्ग फीट का शेड तैयार किया और व्यावसायिक स्तर पर मुर्गा पालन शुरू किया. वर्तमान में उनके शेड में लगभग 10 हजार मुर्गे तैयार हो रहे हैं. उनके अनुसार एक चूजे को बाजार से करीब 35 रुपये में खरीदा जाता है और उसे तैयार होने में 35 से 40 दिनों का समय लगता है. इस दौरान मुर्गे के दाने, दवा और देखभाल सहित प्रति चूजा करीब 100 रुपये का खर्च आता है. तैयार होने पर एक मुर्गे का वजन एक किलो या उससे अधिक हो जाता है, जिसकी बिक्री करीब 110 रुपये प्रति किलो के हिसाब से होती है. खास बात यह है कि उन्हें बाजार में बिक्री के लिए भटकना नहीं पड़ता, बल्कि मुर्गी फार्म संचालक खुद उनके शेड पर आकर मुर्गे खरीदकर ले जाते हैं. अब एक लाख महीने की आमदनी, युवाओं को स्वरोजगार से जुड़ने की सलाहसुमन ने बताया कि सभी खर्चों को निकालने के बाद उन्हें प्रति मुर्गा लगभग 10 रुपये का शुद्ध लाभ होता है. इस हिसाब से 10 हजार मुर्गों के पालन पर उन्हें करीब एक लाख रुपये की मासिक आय होती है. यह आमदनी उनके पुराने मजदूरी के काम से कई गुना अधिक है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि रोजगार के लिए सिर्फ शहरों की ओर पलायन करने के बजाय सरकार की योजनाओं और प्रशिक्षण का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाएं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kodarma,Kodarma,Jharkhand Source link

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जमशेदपुर में ऑटो किराया बढ़ेगा:टेंपो चालक-संचालक संघ ने 5 रुपए बढ़ोतरी की...

जमशेदपुर में ऑटो का सफर 12 जून से महंगा हो सकता है। शिक्षित बेरोजगार टेंपो चालक-संचालक संघ ने विभिन्न रूटों पर ऑटो किराए में 5 रुपए तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है। हालांकि, इस बढ़ी हुई दर पर अंतिम निर्णय प्रशासन की स्वीकृति के बाद ही स्पष्ट होगा। संघ ने इस संबंध में उपायुक्त को पत्र सौंपकर संशोधित किराया लागू करने की जानकारी दी है। संघ के अध्यक्ष श्याम किनकर झा ने बताया कि डीजल और सीएनजी की कीमतों में वृद्धि, वाहन रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स और अन्य परिचालन खर्च बढ़ने के कारण किराया बढ़ाना आवश्यक हो गया है। संघ के अनुसार, वर्ष 2021 के बाद यह पहली बार है जब किराए में संशोधन किया गया है। महीने में करीब 300 रुपए तक का अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा किराए में वृद्धि से शहर के हजारों दैनिक यात्रियों, छात्रों और कर्मचारियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। नई दरें लागू होने पर यदि कोई यात्री रोजाना आने-जाने के लिए दो बार ऑटो का उपयोग करता है, तो उसे प्रतिदिन लगभग 10 रुपए अतिरिक्त खर्च करने होंगे। इस हिसाब से महीने में करीब 300 रुपए तक का अतिरिक्त खर्च बढ़ सकता है। Source link

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Dumka Girlfriend Murder | Dam Accused Arrested 2026

दुमका जिले के मसानजोर थाना क्षेत्र स्थित मसानजोर डैम में तीन महीने पहले एक अज्ञात युवती का शव मिला था। पुलिस ने अब जाकर युवती के आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। . मृतका की पहचान रीना के रूप में और आरोपी की पहचान देवघर निवासी केतन कुमार मंडल के रूप में की गई। शादी के दबाव से बचने के लिए केतन ने रीना की हत्या की थी। 4 मार्च 2026 को वह रीना को बाइक से मसानजोर डैम के सेल्फी ब्रिज पर घुमाने और फोटो लेने के बहाने ले गया। डैम पर दोनों ने कई सेल्फी भी लीं, जिसके बाद केतन ने रीना को डैम में धक्का देकर मार डाला। इधर, रीना के परिजनों ने नगर थाना, दुमका में एक युवक के खिलाफ हत्या कर शव को डैम में फेंकने के साथ एक मोबाइल नंबर भी दर्ज कराया था। जांच के दौरान दर्ज मोबाइल नंबर राजीव रंजन मंडल के नाम पर पाया गया, लेकिन इसका इस्तेमाल उनके बेटे केतन कुमार मंडल द्वारा किया जा रहा था। तकनीकी और मानवीय साक्ष्य के आधार पर केतन कुमार मंडल को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। दुमका एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी केतन कुमार मंडल ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि रीना कुमारी और उसके बीच पिछले एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। रीना लगातार केतन पर शादी के लिए दबाव बना रही थी, लेकिन केतन शादी के लिए तैयार नहीं था। Source link

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Video: बीच सड़क पर बैठी थी मासूम बच्ची, बस ड्राइवर ने पूरी...

होमताजा खबरदेश Video: बीच सड़क पर बैठी थी बच्ची, बस ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर बचाया Last Updated:June 11, 2026, 15:55 IST जब मौत और उस मासूम के बीच सिर्फ एक सेकेंड का फासला बचा था, तब बस के बस ड्राइवर ने वो जांबाजी दिखाई जिसने पूरे देश को उनका मुरीद बना दिया. केरल के मलप्पुरम से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर अच्छे-अच्छों के रोंगटे खड़े हो जाएं और दिल हलक में आ जाए! जरा सोचिए, एक अंधा मोड़, तेज रफ्तार में आती एक प्राइवेट बस और मोड़ मुड़ते ही अचानक सड़क के ठीक बीचों-बीच बैठा हुआ एक साल से भी छोटा मासूम बच्चा! कोई भी ड्राइवर होता तो शायद उसके हाथ-पैर फूल जाते, लेकिन येां बस के ड्राइवर और कंडक्टर किसी ‘फरिश्ते’ की तरह आए और पलक झपकते ही मासूम की जिंदगी बचा ली. अंधा मोड़, गीली सड़क और सामने साक्षात मौत!ये रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना बुधवार सुबह की है. मलप्पुरम के कोंडोटी के पास पुलिक्कल किनारुपडी रोड पर एक प्राइवेट बस अपने रूटीन रूट पर दौड़ रही थी. सुबह का वक्त था, बारिश की वजह से सड़क गीली थी. जैसे ही बस के ड्राइवर रामचंद्रन ने वलियापरंबा चेरुमुट्टम रोड पर एक तीखा मोड़ काटा, उनके और अगली सीट पर बैठे यात्रियों के होश उड़ गए. सामने सड़क के बिल्कुल बीचों-बीच एक साल से भी कम उम्र की मासूम बच्ची बैठी थी और सीधे बस की तरफ ही देख रही थी. बस और मौत के बीच चंद सेकंड का फासला था. ड्राइवर का गजब रिफ्लेक्स, कंडक्टर की कड़क फुर्तीनजारा बेहद खौफनाक था, लेकिन ड्राइवर रामचंद्रन ने गजब का हौसला और दिमाग दिखाया. बिना एक पल गंवाए उन्होंने पूरी ताकत से इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए और बस बच्ची से चंद कदम की दूरी पर जाकर रुक गई. बस रुकते ही कंडक्टर ‘नवास’ बिजली की फुर्ती से नीचे कूदा, दौड़कर सड़क के बीच गया और उस रोती हुई मासूम बच्ची को अपनी गोद में उठा लिया. बस के भीतर लगे CCTV कैमरे में ये पूरी घटना कैद हुई है, जिसका फुटेज देखकर किसी की भी रूह कांप जाए. घर का खुला रह गया था दरवाजा और…बाद में जब कंडक्टर नवास बच्ची को लेकर पास के घरों की तरफ भागा, तो पता चला कि पास में ही रहने वाले एक परिवार की ये बच्ची थी. घर का दरवाजा गलती से खुला रह गया था और घुटनों के बल चलते-चलते ये मासूम बच्ची कब रिंग रेंगते हुए हाईवे के बीचो-बीच पहुंच गई, घर वालों को भनक तक नहीं लगी. जब कंडक्टर बच्ची को सही-सलामत लेकर पहुंचा, तब जाकर माता-पिता की जान में जान आई. मंत्रियों से लेकर पुलिस तक ने ठोकी पीठ, कहा- ‘सैल्यूट है बॉस!’इस जांबाज बस क्रू के इस कारनामे की गूंज अब पूरे देश में है. केरल के परिवहन मंत्री सी. पी. जॉन और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री बिंदु कृष्णा ने खुद ड्राइवर रामचंद्रन और कंडक्टर नवास को फोन घुमाया और उनकी इंसानियत और सूझबूझ की जमकर तारीफ की. यही नहीं, केरल मोटर वाहन विभाग और मलप्पुरम जिला पुलिस ने भी अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया पेज पर इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘हमेशा अनहोनी के लिए तैयार रहें… ड्राइवर रामचंद्रन और कंडक्टर नवास को उनकी इस मुस्तैदी के लिए हमारा कड़क सैल्यूट!’ News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें ड्राइवर का गजब रिफ्लेक्स, कंडक्टर की कड़क फुर्तीनजारा बेहद खौफनाक था, लेकिन ड्राइवर रामचंद्रन ने गजब का हौसला और दिमाग दिखाया. बिना एक पल गंवाए उन्होंने पूरी ताकत से इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए और बस बच्ची से चंद कदम की दूरी पर जाकर रुक गई. बस रुकते ही कंडक्टर ‘नवास’ बिजली की फुर्ती से नीचे कूदा, दौड़कर सड़क के बीच गया और उस रोती हुई मासूम बच्ची को अपनी गोद में उठा लिया. बस के भीतर लगे CCTV कैमरे में ये पूरी घटना कैद हुई है, जिसका फुटेज देखकर किसी की भी रूह कांप जाए. घर का खुला रह गया था दरवाजा और…बाद में जब कंडक्टर नवास बच्ची को लेकर पास के घरों की तरफ भागा, तो पता चला कि पास में ही रहने वाले एक परिवार की ये बच्ची थी. घर का दरवाजा गलती से खुला रह गया था और घुटनों के बल चलते-चलते ये मासूम बच्ची कब रिंग रेंगते हुए हाईवे के बीचो-बीच पहुंच गई, घर वालों को भनक तक नहीं लगी. जब कंडक्टर बच्ची को सही-सलामत लेकर पहुंचा, तब जाकर माता-पिता की जान में जान आई. मंत्रियों से लेकर पुलिस तक ने ठोकी पीठ, कहा- ‘सैल्यूट है बॉस!’इस जांबाज बस क्रू के इस कारनामे की गूंज अब पूरे देश में है. केरल के परिवहन मंत्री सी. पी. जॉन और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री बिंदु कृष्णा ने खुद ड्राइवर रामचंद्रन और कंडक्टर नवास को फोन घुमाया और उनकी इंसानियत और सूझबूझ की जमकर तारीफ की. यही नहीं, केरल मोटर वाहन विभाग और मलप्पुरम जिला पुलिस ने भी अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया पेज पर इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘हमेशा अनहोनी के लिए तैयार रहें… ड्राइवर रामचंद्रन और कंडक्टर नवास को उनकी इस मुस्तैदी के लिए हमारा कड़क सैल्यूट!’ खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें login Source link

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आसान है आप पहचानने का देसी तरीका, कृषि वैज्ञानिक से जानिए 1...

Last Updated:June 11, 2026, 15:32 IST बाजार से खरीदा गया आम बाहर से अच्छा दिखने के बावजूद कई बार अंदर से खराब निकल जाता है. ऐसे में आम की गुणवत्ता और उसके पकने की स्थिति की पहचान एक आसान घरेलू तरीके से की जा सकती है. कृषि विज्ञान केंद्र पलामू के कृषि वैज्ञानिक दिलीप पांडे के अनुसार, इसके लिए एक बाल्टी या टब में साफ पानी भरकर आम को उसमें डालें. यदि आम सीधे पानी में डूबकर नीचे बैठ जाता है, तो इसका मतलब है कि वह अभी पूरी तरह पका नहीं है. पलामू: गर्मी का मौसम आते ही बाजार में आम की मांग बढ़ जाती है. आम को फलों का राजा कहा जाता है और शायद ही कोई ऐसा घर हो जहां गर्मियों में आम न खाया जाता हो. हालांकि आम खरीदते समय लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि कौन सा आम अच्छा और मीठा होगा और कौन सा अंदर से खराब निकलेगा. कई बार बाहर से देखने में सुंदर और पका हुआ लगने वाला आम काटने पर खराब निकल जाता है. ऐसे में आम की गुणवत्ता और उसके पकने की सही स्थिति जानने के लिए एक बेहद आसान और घरेलू तरीका अपनाया जा सकता है, जिसमें केवल पानी की जरूरत होती है. कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) पलामू के कृषि वैज्ञानिक दिलीप पांडे के अनुसार, आम की गुणवत्ता जांचने के लिए सबसे पहले एक बाल्टी या टब में साफ पानी भर लें. इसके बाद आम को पानी में डालकर देखें कि वह किस तरह व्यवहार करता है. आम का पानी में डूबना या तैरना उसके पकने और गुणवत्ता के बारे में काफी हद तक जानकारी दे सकता है. उन्होंने बताया कि यदि कोई आम पानी में डालते ही सीधे नीचे तली में बैठ जाता है, तो इसका मतलब है कि वह अभी पूरी तरह से कच्चा है. ऐसे आमों को कुछ दिनों तक घर में रखने के बाद पकाया जा सकता है. वहीं अगर आम पूरी तरह पानी की सतह पर तैरने लगे, तो यह संकेत हो सकता है कि उसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं है. ऐसे आमों में अंदरूनी खराबी, बीमारी या अन्य गुणवत्ता संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. कृषि वैज्ञानिक के अनुसार, सबसे अच्छे आम की पहचान यह है कि वह न तो पूरी तरह पानी में डूबे और न ही पूरी तरह ऊपर तैरे. यदि आम पानी की सतह के ठीक नीचे दिखाई दे या सतह को हल्के से छूते हुए रहे, तो उसे अच्छी गुणवत्ता वाला आम माना जाता है. ऐसे आम सामान्य रूप से स्वस्थ, स्वादिष्ट और खाने के लिए उपयुक्त होते हैं. उन्होंने बताया कि आम एक क्लाइमेक्टेरिक फल है. इसका मतलब है कि पेड़ से तोड़े जाने के बाद भी उसमें पकने की प्रक्रिया जारी रहती है. यही कारण है कि कच्चे आम समय के साथ अपना रंग, स्वाद और सुगंध बदलते रहते हैं. यदि कोई आम पानी की सतह से थोड़ा नीचे रहता है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि वह पकने की अवस्था में है और जल्द ही खाने के लिए तैयार हो जाएगा. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल पानी वाला परीक्षण ही पर्याप्त नहीं है. आम खरीदते समय उसकी खुशबू, रंग, छिलके की स्थिति और फल की नरमी पर भी ध्यान देना चाहिए. यदि आम से अच्छी खुशबू आ रही हो, उसका रंग प्राकृतिक दिख रहा हो और वह हल्का नरम महसूस हो, तो उसके अच्छे और स्वादिष्ट होने की संभावना अधिक होती है. विशेषज्ञों के मुताबिक इन आसान उपायों को अपनाकर लोग बाजार से अच्छे, ताजे और स्वादिष्ट आम चुन सकते हैं. इससे न सिर्फ खराब आम खरीदने से बचा जा सकता है, बल्कि पैसे और समय दोनों की बचत भी होगी. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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पारिवारिक विवाद में बुजुर्ग ने खुद को लगाई आग:पेट्रोल लेकर पहुंचे थे...

जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर पारिवारिक विवाद से परेशान एक बुजुर्ग ने खुद को आग लगा ली। मौके पर मौजूद लोगों और एक युवक की सूझबूझ से उनकी जान बच गई, हालांकि वे गंभीर रूप से झुलस गए हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। यह घटना धातकीडीह तालाब के पास हुई। धातकीडीह ए ब्लॉक निवासी सत्तार खान दोपहर में पेट्रोल लेकर तालाब के पास पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया इसी दौरान तालाब के पास वाहन धोने का काम करने वाले मो. इस्लाम ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और गंभीर रूप से झुलसे बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाला गया। शरीर काफी हद तक झुलस गया घटना की सूचना मिलते ही बिष्टुपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायल बुजुर्ग को तत्काल टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर बताई है। उनका शरीर काफी हद तक झुलस गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सत्तार खान लंबे समय से पारिवारिक विवाद के कारण मानसिक तनाव में थे। सूचना मिलने के बाद उनके परिजन भी अस्पताल पहुंच गए हैं। पुलिस ने घटनास्थल से जले हुए कपड़े और अन्य अवशेष बरामद किए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि आत्मदाह के प्रयास के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। Source link

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76 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ 6 आरोपी गिरफ्तार:जसीडीह में अवैध कारोबार...

देवघर जिले के जसीडीह थाना क्षेत्र में ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री में शामिल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 76.19 ग्राम ब्राउन शुगर, 63 हजार रुपये नकद और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई देवघर पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूचना थी कि जसीडीह स्टेशन के पास रुड्या धर्मशाला के पीछे खुले मैदान में कुछ महिला और पुरुष ब्राउन शुगर का कारोबार करने की तैयारी में हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुलदीप कुमार के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर छह संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से सफेद पारदर्शी प्लास्टिक और खैनी के पैकेट में रखा ब्राउन शुगर जैसा मादक पदार्थ बरामद हुआ। इसके साथ ही 63 हजार रुपये नकद और छह मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गिरफ्तार गुल मोहम्मद उर्फ चाचा और इस्माइल अंसारी उर्फ राजू खान कथित तौर पर रेल और अन्य माध्यमों से ब्राउन शुगर लाकर देवघर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई करते थे। पुलिस के अनुसार, दोनों का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है। गिरफ्तार आरोपियों में गुल मोहम्मद उर्फ चाचा, रवि झा, बबलू चौधरी, अजय कुमार महथा, खुशबू देवी और इस्माइल अंसारी उर्फ राजू खान शामिल हैं। सभी के खिलाफ जसीडीह थाना में एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। Source link

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Liquor Price Hike: बीयर ₹40 और शराब ₹90 महंगी, सरकारी खजाने में...

होमफोटोदेश बीयर ₹40 और शराब ₹90 महंगी, लेकिन जेब पर असर नहीं! विजय सरकार का नया प्लान Last Updated:June 11, 2026, 14:54 IST Liquor Price Hike: तमिलनाडु सरकार ने शराब और बीयर कंपनियों पर नया अतिरिक्त शुल्क लगा दिया है. अब शराब की हर पेटी पर कंपनियों को TASMAC को ज्यादा रकम चुकानी होगी. स्पिरिट पर 90 रुपए, बीयर पर 40 रुपए और वाइन पर 20 रुपए अतिरिक्त लिए जाएंगे. सरकार का दावा है कि इससे हर साल करीब 1000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा. हालांकि ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि शराब की दुकानों पर कीमतें नहीं बढ़ेंगी और आम लोगों को अतिरिक्त पैसा नहीं देना होगा. तमिलनाडु सरकार ने शराब कारोबार को लेकर ऐसा दांव चला है जिसने शराब कंपनियों की टेंशन बढ़ा दी है, लेकिन आम ग्राहकों को फिलहाल राहत मिली हुई है. राज्य सरकार ने बीयर और शराब बनाने वाली कंपनियों पर नया अतिरिक्त शुल्क लगा दिया है. अब TASMAC यानी तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन को सप्लाई की जाने वाली हर शराब की पेटी पर कंपनियों को ज्यादा पैसे चुकाने होंगे. खास बात यह है कि सरकार ने साफ कर दिया है कि दुकानों पर शराब खरीदने वाले लोगों को इसके लिए एक भी रुपया अतिरिक्त नहीं देना पड़ेगा. यानी झटका कंपनियों को लगेगा, ग्राहक को नहीं. तमिलनाडु देश के उन राज्यों में शामिल है जहां शराब की बिक्री पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में होती है. TASMAC राज्यभर में 4 हजार से ज्यादा शराब की दुकानों का संचालन करता है. अब नई नीति के तहत स्पिरिट यानी हार्ड शराब की हर पेटी पर कंपनियों को अतिरिक्त 90 रुपए देने होंगे. बीयर कंपनियों पर प्रति केस 40 रुपए और वाइन कंपनियों पर 20 रुपए अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है. यह रकम सीधे सरकार के खाते में जाएगी. सरकार का मानना है कि शराब बिक्री से जुड़ा पूरा आर्थिक फायदा अब तक राज्य खजाने तक पूरी तरह नहीं पहुंच रहा था. तमिलनाडु सरकार का दावा है कि इस नए मॉडल से हर साल करीब 1000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा. दिलचस्प बात यह है कि सरकार ने टैक्स बढ़ाने या MRP में बदलाव करने के बजाय पूरा बोझ कंपनियों पर डाल दिया है. इससे आम ग्राहकों के बीच नाराजगी का खतरा भी कम रहेगा. राजनीतिक जानकार इसे ‘राजस्व बढ़ाओ लेकिन जनता को नाराज मत करो’ वाली रणनीति बता रहे हैं. Add News18 as Preferred Source on Google राज्य सरकार ने साफ किया है कि TASMAC दुकानों पर शराब और बीयर की कीमतें फिलहाल नहीं बढ़ेंगी. यानी अगर कोई ग्राहक पहले जितने पैसे देकर बीयर या शराब खरीद रहा था, उसे आगे भी उतने ही पैसे देने होंगे. हालांकि बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबे समय में कंपनियां इस अतिरिक्त बोझ की भरपाई दूसरे तरीकों से करने की कोशिश कर सकती हैं. फिलहाल सरकार और कंपनियों के बीच इस फैसले को लेकर अंदरखाने चर्चाएं तेज हो गई हैं. तमिलनाडु में शराब कारोबार हमेशा से बड़ा राजनीतिक और आर्थिक मुद्दा रहा है. TASMAC के जरिए हर साल हजारों करोड़ रुपए की कमाई होती है. राज्य की करीब 4048 सरकारी दुकानों में सिर्फ लाइसेंस प्राप्त कंपनियों की शराब बिकती है. सरकार का कहना है कि नया शुल्क मॉडल शराब वितरण व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और राजस्व केंद्रित बनाएगा. इससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी. देशभर में कई राज्य नए राजस्व स्रोत तलाश रहे हैं. ऐसे समय में तमिलनाडु का यह मॉडल दूसरे राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है. खासकर वे राज्य जहां शराब बिक्री सरकारी नियंत्रण में है, वहां इस तरह के अतिरिक्त शुल्क मॉडल पर चर्चा शुरू हो सकती है. सरकारें चाहती हैं कि टैक्स सीधे जनता पर डाले बिना खजाना मजबूत किया जाए और यही वजह है कि कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ाया जा रहा है. फिलहाल शराब कंपनियों के लिए यह फैसला बड़ा झटका माना जा रहा है. एक तरफ बिक्री पहले से सरकारी नियंत्रण में है और दूसरी तरफ अब अतिरिक्त शुल्क का बोझ भी बढ़ गया है. लेकिन सरकार को उम्मीद है कि इससे राज्य की कमाई बढ़ेगी और आम लोगों पर सीधा असर नहीं पड़ेगा. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनियां इस फैसले को कैसे संभालती हैं और क्या भविष्य में इसका असर शराब बाजार की रणनीतियों पर भी दिखाई देगा. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

जमशेदपुर में गुलबर्ग-सोनमर्ग वाली फीलिंग! हरियाली, शांति, होम स्टे और लोकल फूड…नहीं...

X जमशेदपुर में गुलबर्ग-सोनमर्ग वाली फीलिंग! हरियाली, शांति, होम स्टे और लोकल फूड   जमशेदपुर के आसपास घूमने की जगह की तलाश में हैं तो शहर से करीब 60-70 किमी दूर ढाई कुसुम गांव आ सकते हैं. यहां के नजारे किसी फिल्मी सेट जैसे लगते हैं. इतनी हरियाली, इतनी शांति कि आने के बाद यहां से जाने का दिल नहीं करेगा. स्टे करना हो, लॉन्ग ड्राइव पर आना हो या केवल वीकेंड के लिए, यह जगह हर लिहाज से परफेक्ट है. यहां का तापमान इतना अच्छा होता है कि पंखा, एसी, कूलर किसी की जरूरत नहीं पड़ती. बैग पैक करिए और यहां के होम स्टे में रुककर कुछ दिन बिताइये. नेचर से ऐसा कनेक्शन महसूस करेंगे कि दिल-दिमाग दोनों तरोताजा हो जाएंगे. बंगाल की सीमा पर होने के कारण यहां कोलकाता से भी टूरिस्ट आते हैं. लोकल खाने का स्वाद भी मिलेगा और सुकून भी. जमशेदपुर से घाटशिला हाईवे की ओर बढ़ते हुए दालभूमगढ़ चौक के गोल चक्कर से बाईं ओर मुड़ने पर इस गांव का रास्ता जाता है.  Source link

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