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बाजार से खरीदा गया आम बाहर से अच्छा दिखने के बावजूद कई बार अंदर से खराब निकल जाता है. ऐसे में आम की गुणवत्ता और उसके पकने की स्थिति की पहचान एक आसान घरेलू तरीके से की जा सकती है. कृषि विज्ञान केंद्र पलामू के कृषि वैज्ञानिक दिलीप पांडे के अनुसार, इसके लिए एक बाल्टी या टब में साफ पानी भरकर आम को उसमें डालें. यदि आम सीधे पानी में डूबकर नीचे बैठ जाता है, तो इसका मतलब है कि वह अभी पूरी तरह पका नहीं है.
पलामू: गर्मी का मौसम आते ही बाजार में आम की मांग बढ़ जाती है. आम को फलों का राजा कहा जाता है और शायद ही कोई ऐसा घर हो जहां गर्मियों में आम न खाया जाता हो. हालांकि आम खरीदते समय लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि कौन सा आम अच्छा और मीठा होगा और कौन सा अंदर से खराब निकलेगा. कई बार बाहर से देखने में सुंदर और पका हुआ लगने वाला आम काटने पर खराब निकल जाता है. ऐसे में आम की गुणवत्ता और उसके पकने की सही स्थिति जानने के लिए एक बेहद आसान और घरेलू तरीका अपनाया जा सकता है, जिसमें केवल पानी की जरूरत होती है.
कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) पलामू के कृषि वैज्ञानिक दिलीप पांडे के अनुसार, आम की गुणवत्ता जांचने के लिए सबसे पहले एक बाल्टी या टब में साफ पानी भर लें. इसके बाद आम को पानी में डालकर देखें कि वह किस तरह व्यवहार करता है. आम का पानी में डूबना या तैरना उसके पकने और गुणवत्ता के बारे में काफी हद तक जानकारी दे सकता है.
उन्होंने बताया कि यदि कोई आम पानी में डालते ही सीधे नीचे तली में बैठ जाता है, तो इसका मतलब है कि वह अभी पूरी तरह से कच्चा है. ऐसे आमों को कुछ दिनों तक घर में रखने के बाद पकाया जा सकता है. वहीं अगर आम पूरी तरह पानी की सतह पर तैरने लगे, तो यह संकेत हो सकता है कि उसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं है. ऐसे आमों में अंदरूनी खराबी, बीमारी या अन्य गुणवत्ता संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.
कृषि वैज्ञानिक के अनुसार, सबसे अच्छे आम की पहचान यह है कि वह न तो पूरी तरह पानी में डूबे और न ही पूरी तरह ऊपर तैरे. यदि आम पानी की सतह के ठीक नीचे दिखाई दे या सतह को हल्के से छूते हुए रहे, तो उसे अच्छी गुणवत्ता वाला आम माना जाता है. ऐसे आम सामान्य रूप से स्वस्थ, स्वादिष्ट और खाने के लिए उपयुक्त होते हैं.
उन्होंने बताया कि आम एक क्लाइमेक्टेरिक फल है. इसका मतलब है कि पेड़ से तोड़े जाने के बाद भी उसमें पकने की प्रक्रिया जारी रहती है. यही कारण है कि कच्चे आम समय के साथ अपना रंग, स्वाद और सुगंध बदलते रहते हैं. यदि कोई आम पानी की सतह से थोड़ा नीचे रहता है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि वह पकने की अवस्था में है और जल्द ही खाने के लिए तैयार हो जाएगा.
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल पानी वाला परीक्षण ही पर्याप्त नहीं है. आम खरीदते समय उसकी खुशबू, रंग, छिलके की स्थिति और फल की नरमी पर भी ध्यान देना चाहिए. यदि आम से अच्छी खुशबू आ रही हो, उसका रंग प्राकृतिक दिख रहा हो और वह हल्का नरम महसूस हो, तो उसके अच्छे और स्वादिष्ट होने की संभावना अधिक होती है.
विशेषज्ञों के मुताबिक इन आसान उपायों को अपनाकर लोग बाजार से अच्छे, ताजे और स्वादिष्ट आम चुन सकते हैं. इससे न सिर्फ खराब आम खरीदने से बचा जा सकता है, बल्कि पैसे और समय दोनों की बचत भी होगी.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें