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सुई-धागे का जादू… देवघर का अनोखा दर्जियों का बाजार, जहां घंटों में...

देवघर: सुबह की पहली किरण के साथ ही देवघर के कृष्णा टॉकीज परिसर में सुई-धागे का संसार जाग उठता है. चारों तरफ सिलाई मशीनों की घर्र-घर्र आवाज गूंजने लगती है, मानो हर मशीन अपने हुनर की एक नई कहानी बुन रही हो. यहां कपड़े सिर्फ सिले नहीं जाते, बल्कि हर टांके में वर्षों का अनुभव, भरोसा और ग्राहकों की पसंद को आकार दिया जाता है. टावर चौक के अंदर स्थित कृष्णा टॉकीज कंपाउंड वर्षों से लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. यहां 2, 5 या 10 नहीं, बल्कि करीब 30 से 40 टेलरों की दुकानें हैं, जहां हर दिन सैकड़ों लोग अपने पसंदीदा कपड़े सिलवाने पहुंचते हैं. इसकी सबसे खास बात यह है कि यहां कई दुकानें ऐसी हैं, जो दशकों पुरानी हैं और आज भी उसी विश्वास के साथ ग्राहकों की सेवा कर रही हैं. घंटो त्यार कर देते हैं कपड़ों को आकार इस परिसर की सबसे बड़ी पहचान इसकी तेज और बेहतरीन सेवा है. आज के दौर में जहां कपड़े सिलवाने के लिए कई दिनों का इंतजार करना पड़ता है. वहीं, कृष्णा टॉकीज परिसर के कई दर्जी महज कुछ घंटों में कपड़े तैयार कर देते हैं. किसी को शादी में जाना हो, किसी को अचानक किसी कार्यक्रम में शामिल होना हो या फिर किसी विशेष अवसर के लिए नया परिधान चाहिए हो तो यहां के कारीगर कम समय में शानदार फिटिंग के साथ कपड़े तैयार कर देते हैं. यही वजह है कि देवघर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी लोग यहां पहुंचते हैं. शादी के भी सिले जाते हैं कपड़े यहां सिर्फ शर्ट-पैंट की सिलाई ही नहीं होती, बल्कि शेरवानी, सूट, ब्लेजर, लहंगा, कुर्ता-पायजामा और यहां तक कि छोटे-छोटे कपड़ों की सिलाई का काम भी किया जाता है. ग्राहकों की जरूरत और पसंद के अनुसार डिजाइन तैयार किए जाते हैं. आधुनिक फैशन के साथ-साथ पारंपरिक पहनावे को भी यहां के दर्जी खूबसूरती से तैयार करते हैं. सबसे खास बात यह है कि इतनी अच्छी गुणवत्ता और फिटिंग के बावजूद यहां सिलाई की कीमत आम लोगों की पहुंच में है. शर्ट-पैंट की सिलाई लगभग 500 रुपये से शुरू हो जाती है, जिसके कारण हर वर्ग के लोग यहां बेझिझक आते हैं. जानें क्या कहते है ट्रेलर जुगनू टेलर के मालिक मोहम्मद अशरफ बताते हैं कि उनका परिवार वर्षों से इस पेशे से जुड़ा हुआ है. वह पिछले 40 वर्षों से इसी दुकान में काम कर रहे हैं और अब इस परंपरा की दूसरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. उनके अनुसार कृष्णा टॉकीज परिसर सिर्फ कारोबार की जगह नहीं, बल्कि दर्जियों की एक ऐसी पहचान है, जिसने हजारों परिवारों को रोजगार दिया है. उन्होंने बताया कि यहां आने वाला ग्राहक कभी निराश नहीं लौटता, क्योंकि हर दुकान का उद्देश्य बेहतर काम और ग्राहक की संतुष्टि होता है. यहां कपड़ा सिलवाने वालों की लगती है लंबी लाइन समय के साथ फैशन बदलता रहा, है, लेकिन कृष्णा टॉकीज परिसर की लोकप्रियता कम नहीं हुई. नई-नई रेडीमेड दुकानों और ऑनलाइन फैशन के दौर में भी यहां के दर्जियों पर लोगों का भरोसा कायम है. इसका सबसे बड़ा कारण है वर्षों का अनुभव, बेहतरीन फिटिंग और ग्राहकों के साथ बना विश्वास. यही वजह है कि देवघर में जब भी किसी को कपड़ा सिलवाना होता है, तो सबसे पहले कृष्णा टॉकीज परिसर का रास्ता याद आता है. यह जगह आज भी देवघर की टेलरिंग संस्कृति की पहचान बनी हुई है, जहां सुई-धागे से सिर्फ कपड़े नहीं, बल्कि भरोसे और परंपरा की कहानी भी बुनी जाती है. Source link

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चतरा में सड़क हादसे में युवक की मौत:9 घंटे से चतरा-सिमरिया सड़क...

चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, संदली गांव निवासी प्रदीप बाखला (पुत्र स्वर्गीय सोहर बाखला) की जबड़ा चेकनाका के पास सड़क किनारे खड़ी एक गाड़ी से बाइक टकराने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। प्रदीप बाइक से अपने घर की ओर जा रहा था, तभी अचानक खड़ी वाहन से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्का जाम घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने रात 11 बजे से ही चतरा-सिमरिया मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। बुधवार सुबह तक भी जाम जारी रहा, जिससे करीब 9 घंटे तक इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्री बीच रास्ते में फंसे रहे। रात में भी ग्रामीण सड़क पर डटे रहे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। जाम के कारण दैनिक कामकाज के लिए निकलने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मुआवजे और सड़क सुरक्षा की मांग पर अड़े ग्रामीण ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि मृतक के परिजनों को आपदा प्रबंधन के तहत तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, हाईवे पर बेलगाम दौड़ने वाले भारी वाहनों पर नियंत्रण और सड़क किनारे अवैध रूप से खड़ी गाड़ियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि सिमरिया क्षेत्र में यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इधर, सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों और परिजनों से वार्ता कर रही है। प्रशासन का कहना है कि संवाद के जरिए जल्द ही जाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। Source link

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सेरेब्रल पाल्सी को मात देकर फैजान ने हासिल किया 93.8% अंक, सम्मानित

सेरेब्रल पाल्सी जैसी चुनौती के बावजूद गोड्डा के मो. फैजान उल्लाह ने जैक 10वीं बोर्ड परीक्षा में 93.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मिसाल पेश की है। बताया जा रहा है कि जैक के इतिहास में किसी दिव्यांग छात्र द्वारा हासिल किया गया यह अब तक का सर्वाधिक स्कोर है। मंगलवार को फैजान, उनके माता-पिता और संसाधन शिक्षक जितेंद्र कुमार का सीआरसी, रांची में सम्मान किया गया। अधिकारियों, लाभार्थियों और परिजनों ने उनकी उपलब्धि को प्रेरणादायी बताया। फैजान की सफलता ने साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और सही मार्गदर्शन से हर चुनौती को पार किया जा सकता है। Source link

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गोंडा के राजेश वर्मा ने 2 बीघा में की तरबूज की खेती,...

Last Updated:June 10, 2026, 10:19 IST Watermelon Cultivation: राजेश के अनुसार इस समय वे सागर किंग वैरायटी के तरबूज की खेती कर रहे है. यह किस्म गोंडा के मौसम में अच्छी तरह अनुकूल हो गई है, इसकी पैदावार भी अच्छी है, स्वाद में काफी मीठी है और अंदर से पूरी तरह लाल रहती है. राजेश बताते हैं कि तरबूज की यह फसल कुल 100 दिन की होती है और बुवाई के लगभग 60 दिन बाद फल आना शुरू हो जाता है. गोंडा: गोंडा जिले के विकासखंड मनकापुर के एक किसान ने पारंपरिक फसलों से हटकर तरबूज की खेती अपनाई और अब इस फसल से बेहतर कमाई कर रहे है. उनकी सफलता आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है. किसान का कहना है कि कम समय में तैयार होने वाली इस फसल से उन्हें बेहतर उत्पादन के साथ अच्छा मुनाफा मिल रहा है. लोकल 18 से बातचीत में प्रगतिशील किसान राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि पहले वे गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलें उगाते थे. लेकिन लागत और कम मुनाफे को देखते हुए उन्होंने तरबूज की खेती शुरू करने का फैसला लिया. उन्होंने खेत की अच्छी जुताई की. आधुनिक कृषि तकनीकों का इस्तेमाल किया और तरबूज की बुवाई की. समय पर सिंचाई और सही देखभाल की वजह से फसल बेहतरीन तैयार हुई. गर्मी के मौसम में तरबूज की मांग काफी बढ़ जाती है. ऐसे में बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिल जाती है. राजेश का कहना है कि फसल तैयार होते ही व्यापारी सीधे खेत पर आकर खरीदारी कर लेते है. जिससे उन्हें अपनी उपज बेचने में कोई दिक्कत नहीं होती. राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि तरबूज की खेती में मेहनत तो लगती है, लेकिन वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर अच्छा लाभ मिलता है. इस फसल से उनकी आय पारंपरिक फसलों की तुलना में कहीं ज्यादा है. यही वजह है कि अब वे हर साल अपने खेत के बड़े हिस्से में तरबूज की खेती कर रहे है. राजेश ने बताया कि पहले वे पारंपरिक खेती ही करते थे. जिसमें लागत तो कम थी और मुनाफा भी बहुत कम मिलता था. फिर मनकापुर के कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक राम लखन यादव ने उन्हें तरबूज की खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी. इसके बाद उन्होंने थोड़ी जमीन पर तरबूज की खेती शुरू की. जहां से उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ. लाभ देखकर उन्होंने तरबूज की खेती का रकबा बढ़ा दिया. राजेश ने बताया कि वे मल्चिंग विधि से तरबूज की खेती कर रहे है. इस तकनीक में फल मिट्टी के सीधे संपर्क में नहीं रहता और पानी की सतह पर होने के कारण तरबूज दिखने में सुंदर लगता है तथा रोग लगने की संभावना भी कम हो जाती है. राजेश के अनुसार इस समय वे सागर किंग वैरायटी के तरबूज की खेती कर रहे है. यह किस्म गोंडा के मौसम में अच्छी तरह अनुकूल हो गई है, इसकी पैदावार भी अच्छी है, स्वाद में काफी मीठी है और अंदर से पूरी तरह लाल रहती है. राजेश बताते हैं कि तरबूज की यह फसल कुल 100 दिन की होती है और बुवाई के लगभग 60 दिन बाद फल आना शुरू हो जाता है. राजेश के मुताबिक तरबूज एक नगदी फसल है, जिसकी खेती केवल गर्मी के मौसम में की जाती है. गर्मियों में इसकी मांग बहुत अच्छी रहती है. वे बताते है कि उनके यहां से ही माल की सप्लाई हो जाती है, उन्हें खुद बाजार में जाकर बेचने की जरूरत नहीं पड़ती. राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि वे लगभग 2 बीघा में तरबूज की खेती कर रहे है और इस पर करीब 10 से 15000 रुपये तक की लागत आई है. वर्तमान में तरबूज 12 से 13 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है और उनके यहां से रोजाना लगभग 5 क्विंटल तरबूज की बिक्री हो रही है. इस तरह उन्हें तरबूज की खेती से अच्छी-खासी आमदनी होने की उम्मीद रहती है. About the Author Manish Rai काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Gonda,Uttar Pradesh Source link

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एक Gen-Z ऐसी भी..! मौज-मस्ती की उम्र में गरीब बच्चों को मुफ्त...

Last Updated:June 10, 2026, 10:12 IST Jamshedpur News: जमशेदपुर की ग्रेजुएशन की छात्रा अंशिका आज की पीढ़ी के लिए बड़ी प्रेरणा हैं. इस उम्र में जब बच्चे मौज-मस्ती या अपना करियर सेट करने में लगे रहते हैं, ऐसे में अंशिका गरीब बच्चों को मुफ्त में शिक्षा देती हैं. उनके पास रोज 20 से 25 बच्चे पढ़ने आते हैं. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. आज के दौर में जहां अधिकांश युवा अपनी पढ़ाई और करियर को लेकर व्यस्त रहते हैं, वहीं जमशेदपुर की होनहार बेटी अंशिका समाज के लिए एक ऐसी मिसाल पेश कर रही हैं, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है. ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहीं अंशिका न केवल पढ़ाई में अव्वल रही हैं, बल्कि समाज के वंचित बच्चों के जीवन में भी शिक्षा की रोशनी पहुंचाने का काम कर रही हैं. 10वीं और 12वीं की परीक्षा में टॉपर्स की सूची में शामिल रह चुकी अंशिका का मानना है कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो किसी भी व्यक्ति का भविष्य बदल सकती है. जरूरतमंदों की करती हैं मददअंशिका फिलहाल आर्ट्स विषय से स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं. इसके साथ ही वह घर पर ट्यूशन भी पढ़ाती हैं. अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद वह प्रतिदिन करीब दो घंटे उन बच्चों के लिए निकालती हैं, जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं. इनमें ऐसे बच्चे भी शामिल हैं, जिनके पास न रहने के लिए पक्का घर है, न पढ़ने के लिए संसाधन और कुछ बच्चों के सिर से माता-पिता का साया भी उठ चुका है. शुरुआत में थी चुनौतीउन्होंने बताया कि कई बार सड़क किनारे या झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों को देखकर उन्हें महसूस हुआ कि अगर इन बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जाए, तो उनका भविष्य बेहतर हो सकता है. इसी सोच के साथ उन्होंने करीब चार से पांच महीने पहले बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाना शुरू किया. शुरुआत में बच्चों को एक जगह बैठाकर पढ़ाना भी चुनौती थी, लेकिन धीरे-धीरे उनका प्रयास रंग लाने लगा. रोज 20-25 बच्चे पढ़ने आते हैंआज स्थिति यह है कि हर दिन 20 से 25 बच्चे उनके पास पढ़ने आते हैं. अंशिका बच्चों को सिर्फ अक्षर ज्ञान ही नहीं देतीं, बल्कि उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी जगाती हैं. जिन बच्चों को पहले एबीसीडी, गिनती या हिंदी वर्णमाला तक नहीं आती थी, वे अब आसानी से पढ़ और लिख रहे हैं. बच्चे कविताएं सुनाते हैं, गिनती बोलते हैं और पढ़ाई में रुचि भी दिखा रहे हैं. पॉकेट मनी से सामान भी खरीदती हैंसबसे खास बात यह है कि अंशिका अपने छोटे-छोटे पॉकेट मनी को बचाकर बच्चों के लिए कॉपी, पेंसिल, रंग और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्री भी खरीदती हैं. उनका मानना है कि यदि बच्चों को सही माहौल और थोड़ा सहयोग मिल जाए, तो वे भी जीवन में बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं. समाज में ऐसे आता है बदलावअंशिका की यह पहल साबित करती है कि समाज में बदलाव लाने के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि बड़े इरादों की जरूरत होती है. उनकी मेहनत और समर्पण न केवल इन बच्चों का भविष्य संवार रही है, बल्कि समाज के अन्य युवाओं को भी शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में आगे आने की प्रेरणा दे रही है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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जयराम ने दी श्रद्धां​जलि, कहा- आज अपने ही शोषक बन गए

रांची|जेएलकेम के केंद्रीय अध्यक्ष सह डुमरी विधायक जयराम महतो ने भी भगवान बिरसा के समाधि स्थल पर जाकर श्रद्धांजलि दी। मौके पर जयराम ने कहा िक उलगुलान के महानायक बिरसा मुंडा का का संघर्ष, त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा। लेकिन आज भी उनका सामना अधूरा है। ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह झारखंड का उपनिवेश की तरह शोषण बदस्तूर जारी है। खनिज उस समय भी लूटे जा रहे थे, आज भी लूटे जा रहे थे। फर्क बस इतना है कि उस सामने गोरे थे, आज अपने ही शोषक बन अपनों का शोषण कर रहे हैं। Source link

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सरकारी राशि की अवैध निकासी पर शिकंजा:सीआईडी अब रांची, देवघर व रामगढ़...

ट्रेजरी घोटाले की अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने जांच तेज कर दी है। सीआईडी अब रांची, देवघर और रामगढ़ में दर्ज मामलों को अपने हाथ में लेने की तैयारी में है। इन तीन मामलों के जुड़ने के बाद जांच का दायरा करीब 52 करोड़ रुपए की अवैध निकासी तक पहुंच जाएगा। नए मामलों के शामिल होने के बाद इस चर्चित ट्रेजरी घोटाले में सीआईडी के पास दर्ज मामलों की संख्या बढ़कर छह हो जाएगी। इससे पहले बोकारो, हजारीबाग और चाईबासा में पुलिस अधीक्षक कार्यालयों से जुड़े अवैध निकासी के तीन मामलों की जांच सीआईडी कर रही है। पहले के तीन मामलों में सिपाहियों और अन्य कर्मियों के नाम पर सरकारी राशि की अवैध निकासी किए जाने का आरोप है। वहीं, रांची, देवघर और रामगढ़ के नए मामले अलग-अलग सरकारी विभागों में वेतन एवं अन्य मदों में हेराफेरी से जुड़े हैं। इनमें पशुपालन और स्वास्थ्य विभाग शामिल हैं। रांची में पशु स्वास्थ्य संस्थान में 2.94 करोड़ की हेराफेरी रांची के कोतवाली थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सदर के कार्यपालक दंडाधिकारी मो. जफर हसनात ने 14 अप्रैल को मामला दर्ज कराया था। यह मामला कांके स्थित पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान से जुड़ा है। आरोप है कि संस्थान के लेखापाल मुनिन्द्र कुमार और कर्मी संजीव कुमार ने कुबेर पोर्टल पर वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के वेतन विपत्रों में छेड़छाड़ की। दोनों ने मूल वेतन राशि में हेरफेर कर निर्धारित सीमा से अधिक राशि अपने निजी बैंक खातों में हस्तांतरित करा ली। जांच में सामने आया कि मुनिन्द्र कुमार ने 1.52 करोड़ रुपए और संजीव कुमार ने 1.41 करोड़ रुपए की अवैध निकासी की। इस तरह कुल 2.94 करोड़ रुपए की हेराफेरी हुई। इस मामले में रांची पुलिस मुनिन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि दूसरा आरोपी फरार है। Source link

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PM Modi LIVE Updates: ‘तप, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा का सम्मान’ पीएम मोदी...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. वह सबसे लंबे समय तक लगातार देश की सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं. पीएम मोदी ने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया. नेहरू ने जहां 13 मई 1952 को पहली बार निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी और लगातार 4398 दिन प्रधानमंत्री रहे थे. वहीं नरेंद्र मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री आज 4399 दिन पूरे करते हुए सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं. पीएम मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और तब से उनका ये सफर लगातार जारी है. PM Modi LIVE Updates: दशकों लंबे समर्पित नेतृत्व का सशक्त प्रमाण – पीएम मोदी के रिकॉर्ड पर अमेरिकी राजदूत की बधाई भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है. अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई. यह उपलब्धि उनके दशकों लंबे समर्पित सार्वजनिक जीवन और नेतृत्व का सशक्त प्रमाण है. मैं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं.’ सर्जियो गोर ने अपने संदेश में पीएम मोदी के लंबे राजनीतिक सफर और नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया. उनका यह संदेश ऐसे समय आया है जब प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार 4,399 दिन तक पद पर रहते हुए भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है. PM Modi LIVE Updates: प्रधानमंत्री के रूप में अलग पहचान बनाई… एकनाथ शिंदे ने पीएम मोदी को दी बधाई महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 10 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बनने पर कहा, ‘देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री जी का अभिनंदन और ढेर सारी शुभकानाएं देता हूं, अब तक के इतिहास में नेहरू जी के कार्यकाल से आगे निकल जाएंगे ये बहुत गर्व और खुशी की बात है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 12 साल से इस देश को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं. एक भी दिन छुट्टी ना लेने वाला प्रधानमंत्री के रूप में अलग पहचान बनाई है.’ PM Modi LIVE Updates: पीएम मोदी का कार्यकाल भारत के लिए परिवर्तनकारी – अमेरिकी सिनेटर ने दी बधाई अमेरिका के वरिष्ठ रिपब्लिकन सांसद और टेक्सास से सीनेटर जॉन कॉर्निन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है. जॉन कॉर्निन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 4,399 दिनों का नेतृत्व 140 करोड़ भारतीयों के भरोसे और लगातार तीन लोकतांत्रिक जनादेशों के दम पर हासिल किया है. कॉर्निन ने कहा कि पीएम मोदी का कार्यकाल भारत के लिए परिवर्तनकारी रहा है. उन्होंने अपने संदेश में दावा किया कि मोदी सरकार के दौरान 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया और भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है. अमेरिकी सीनेटर ने भारत-अमेरिका संबंधों का भी जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दोनों देशों के रिश्ते पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं. उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व को भारत के विकास और वैश्विक प्रभाव में बढ़ोतरी का महत्वपूर्ण कारक बताया. PM Modi LIVE Updates: ‘भारत के सच्चे युगपुरुष हैं मोदी’, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री को दी बधाई भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई दी है. उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण की यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया. उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह उपलब्धि केवल लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि भारत के परिवर्तन और विकास के एक महत्वपूर्ण दौर का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, सामाजिक सशक्तीकरण, तकनीकी प्रगति और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. राधाकृष्णन ने कहा कि इतिहास अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन को मानव गरिमा और दास प्रथा के अंत के लिए याद करता है, वहीं प्रधानमंत्री मोदी को 25 करोड़ से अधिक लोगों को अत्यंत गरीबी से बाहर निकालने और करोड़ों परिवारों में आशा, अवसर तथा सम्मान का संचार करने के लिए याद किया जाएगा. उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी के सांस्कृतिक और सभ्यतागत दृष्टिकोण की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि भारत की विरासत का सम्मान, गुमनाम नायकों को पहचान, सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण और औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति दिलाने जैसे प्रयासों ने देशवासियों में नया आत्मविश्वास पैदा किया है. उन्होंने काशी तमिल संगमम, सौराष्ट्र तमिल संगमम, नए संसद भवन में सेंगोल की स्थापना और विदेशों से ऐतिहासिक धरोहरों की वापसी जैसे कदमों का विशेष उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा तमिल संत कनियन पूंगुंद्रनार के प्रसिद्ध वचन ‘यादुम ऊरे, यावरुम केलिर’ का उल्लेख भारत की ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना का प्रभावशाली संदेश था, जिसने दुनिया के सामने भारत की सभ्यतागत सोच को मजबूती से प्रस्तुत किया. उपराष्ट्रपति ने अपने संदेश के अंत में कहा कि इतिहास के एक निर्णायक दौर में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, अथक परिश्रम और ‘राष्ट्र प्रथम’ की प्रतिबद्धता के जरिए भारत की क्षमताओं और आकांक्षाओं में नया विश्वास जगाया है. उन्होंने प्रधानमंत्री को ‘समकालीन भारत का सच्चा युगपुरुष’ बताते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में उनकी निरंतर राष्ट्रसेवा के लिए शुभकामनाएं दीं. PM Modi LIVE Updates: श्रीलंका समेत कई देशों को प्रेरित करता है प्रधानमंत्री मोदी का विजन- दिसानायके ने दी बधाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर दुनिया के कई नेताओं ने उन्‍हें बधाई दी. अलग-अलग देशों के नेताओं ने प्रधानमंत्री के बदलाव लाने वाले शासन, ग्लोबल साउथ के लिए उनके समर्थन और सबको साथ लेकर चलने वाले और आर्थिक रूप से गतिशील भारत के उनके विजन की तारीफ की. श्रीलंका के राष्ट्रपति

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पिता सिक्योरिटी गार्ड… बेटा ईशान किशन से भी महंगा बिका, JPL में...

Last Updated:June 10, 2026, 07:48 IST रांची में आज से झारखंड प्रीमियर लीग (JPL) शुरू हो रही है. इसमें पहले आदिवासी आईपीएल क्रिकेटर रॉबिन मिंज को कोलांचल टीम ने 15.4 लाख में खरीदा है. वे स्टार खिलाड़ी ईशान किशन से भी महंगे बिके हैं. रॉबिन के पिता रांची एयरपोर्ट पर सुरक्षाकर्मी हैं. कभी बैट खरीदने की तंगी झेलने वाला यह खिलाड़ी अब इतिहास रच रहा है. झारखंड की राजधानी रांची में आज, 10 जून से झारखंड प्रीमियर लीग की शुरुआत हो रही है। इस लीग में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। कोलांचल की टीम ने युवा खिलाड़ी रॉबिन मिंज को 15.4 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि में खरीदा है. रॉबिन मिंज ने स्टार क्रिकेटर ईशान किशन को भी पीछे छोड़ दिया है. जिन्हें 14.7 लाख रुपये मिले हैं। मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके रॉबिन मिंज आईपीएल इतिहास के पहले आदिवासी क्रिकेटर हैं. रॉबिन मिंज के पिता फ्रांसिस मिंज रांची एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी गार्ड हैं. एक समय उनके पास बैट खरीदने तक के पैसे नहीं थे. उन्होंने बताया कि रॉबिन को पांच साल की उम्र से ही क्रिकेट का जुनून था. वह प्लास्टिक के बल्ले से लंबे छक्के मारता था. तंगी के कारण रॉबिन ने कभी पिता से ₹1 की भी फरमाइश नहीं की. आज उसी मेहनत की बदौलत वह झारखंड प्रीमियर लीग के सबसे महंगे खिलाड़ी बने हैं. रॉबिन की सफलता देख उनके पिता बेहद खुश हैं. दिग्गज क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी भी रॉबिन की तारीफ कर चुके हैं.। धोनी ने एक बार भरोसा देते हुए कहा था कि अगर आईपीएल में रॉबिन को कोई नहीं खरीदेगा, तो चेन्नई सुपर किंग्स उन्हें खरीदेगी. रॉबिन धोनी को अपना आदर्श मानते हैं और उन्हीं से प्रेरणा लेकर आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं. धोनी का यह सपोर्ट उनके लिए बेहद खास रहा. Add News18 as Preferred Source on Google बचपन से ही रॉबिन पढ़ाई और रोजाना 8-9 घंटे की क्रिकेट प्रैक्टिस अकेले ही बैलेंस करते थे. खाने में सिर्फ चिकन-चावल के शौकीन रॉबिन ने कभी कोई दूसरी फरमाइश नहीं की. मुंबई इंडियंस का हिस्सा रह चुके रॉबिन अब झारखंड प्रीमियर लीग में कोलांचल टीम के लिए खेलेंगे. उनकी इस बड़ी कामयाबी पर पिता भावुक होकर कहते हैं कि आज उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वे चांद पर पहुंच गए हैं. पिता फ्रांसिस कहते हैं कि रॉबिन का ईशान किशन से भी महंगा बिकना गर्व की बात है, लेकिन अभी उसे बहुत कुछ सीखना है. वे आज भी एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं. उन्हें बेहद गर्व महसूस होता है जब शुभमन गिल जैसे बड़े खिलाड़ी खुद उनके पास रुकते हैं, रॉबिन की तारीफ करते हैं और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं. ऐसे मौके जीवन में बहुत कम मिलते हैं. Source link

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राज्यसभा चुनाव; निर्दलीय प्रत्याशी नाथवानी के नामांकन पर सवाल:कांग्रेस ने 5 बिंदुओं...

राज्यसभा चुनाव के लिए मंगलवार को हुए नामांकन पत्रों की जांच में एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के पर्चे में त्रुटियां मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद उनके नामांकन को होल्ड पर रख दिया गया है। उन्हें आपत्तियों पर जवाब देने के लिए आज सुबह 11 बजे तक का समय दिया गया है। वहीं झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के नामांकन सही पाए गए। कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से पार्टी के विधायक नमन बिक्सल कोनगाड़ी ने रिटर्निंग अफसर विधानसभा के प्रभारी सचिव रंजीत प्रसाद को लिखित रूप से आपत्ति दर्ज कराई। नामांकन को किया गया होल्ड दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2008 के राज्यसभा चुनाव में इनका नाम परिमल नाथवानी था तो फिर 2026 में ये नाथवानी परिमल कैसे हो गए। नामांकन पत्र में प्रत्याशी के अविभाजित परिवार से संबंधित जानकारी वाला कॉलम भी अधूरी है। वहीं प्रत्याशी के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों से जुड़े कॉलम में भी अधूरी जानकारी दी गई है। इस शिकायत की जानकारी मिलते ही परिमल नाथवानी विधानसभा पहुंचे और आपत्तियों का जवाब दिया। इसके बाद रिटर्निंग अफसर ने केंद्रीय चुनाव आयोग से परामर्श मांगते हुए इसे होल्ड पर रख दिया। गौरतलब है कि नाथवानी ने नामांकन पत्र में लगाए स्टांप ड्यूटी में अपना नाम परिमल नाथवानी लिखा है। जबकि नामांकन पत्र में नाथवानी परिमल लिखा है। क्या भाजपा का सुरक्षा कवच बचाएगा नामांकन छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र पर सवाल उठाया।-कहा कि नाथवानी के नामांकन पत्र में त्रुटि होने की सूचना है। इस संबंध में की गई शिकायत पर सुनवाई चल रही है। अब यह देखना होगा कि वे इसलिए चुनाव मैदान में बने रहते हैं क्योंकि उन्हें भाजपा का सुरक्षा कवच प्राप्त है, या फिर उन पर भी वही नियम लागू होंगे जो अन्य उम्मीदवारों पर लागू होते हैं। यदि नियमों का निष्पक्ष पालन हुआ तो अनैतिकता की हार होगी। नाथवानी बोले- आप​त्तियों का जवाब दे दिया गया है कांग्रेस विधायक की आपत्तियों पर परिमल नाथवानी ने कहा कि उन्होंने इन आपत्तियों का जवाब दे दिया है। उनके वकील फिर से रिटर्निंग अफसर को सारी सही सूचनाएं उपलब्ध करा देंगे। गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी की आपत्तियों पर परिमल नाथवानी को आज सुबह 11 बजे तक जवाब देने का समय दिया गया है। इन बिंदुओं पर जताई आपत्ति आठ जून को दाखिल किया था नामांकन परिमल नाथवानी ने आठ जून को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था। उन्हें एनडीए विधायकों का समर्थन प्राप्त है। नामांकन के दौरान उन्हें समर्थन देने वाले सभी विधायक मौजूद थे। झामुमो और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने भी सोमवार को ही पर्चा दाखिल किया था। Source link

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