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झारखंड

Jharkhand Weather Alert: Monsoon Entry Expected June 15-17

रांची15 मिनट पहले कॉपी लिंक झारखंड में आज से मौसम का मिजाज बदलने वाला है। रांची समेत राज्य के कई जिलों में बादल छाए रहेंगे। दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार आज 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, रामगढ़ और लोहरदगा सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 36 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। 14 जिलों में जारी किया ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 11 जून के लिए रांची, खूंटी, रामगढ़, धनबाद, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज और बोकारो में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा, आंधी और वज्रपात के साथ बारिश होने की संभावना है। 12 जून को भी कई जिलों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। यह स्थिति 15 जून तक बने रहने की संभावना जताई गई है। संताल परगना से मानसुन प्रवेश की उम्मीद मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और 15 से 17 जून के बीच इसके संताल परगना के रास्ते झारखंड में प्रवेश करने की संभावना है। वर्तमान में मानसून बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है। अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु के साथ झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ तक इसके पहुंचने की उम्मीद है। मानसून के सक्रिय होने के बाद राज्य में गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। कहीं मिलेगी राहत तो कहीं लगेगी गर्मी जहां एक ओर दक्षिणी और पूर्वी जिलों में बारिश से मौसम सुहावना रह सकता है, वहीं पलामू, गढ़वा और चतरा में भीषण गर्मी का असर बना रहेगा। डाल्टनगंज में तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम को ध्यान में रखते हुए खेती के कार्य करने की अपील की गई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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Nizam of Hyderabad Net Worth | एलन मस्क से भी अमीर था...

होमफोटोदेश इतनी दौलत कि एलन मस्क भी रह जाएं पीछे! कौन था हैदराबाद का आखिरी निजाम? Last Updated:June 10, 2026, 07:17 IST Mir Osman Ali KhanNet Worth: हैदराबाद के 7वें निज़ाम मीर उस्मान अली खान इतिहास के सबसे अमीर भारतीय थे. आज के हिसाब से उनकी कुल संपत्ति लगभग $630 बिलियन आंकी गई है, जो एलन मस्क और मुकेश अंबानी से भी कहीं अधिक है. साल 1937 में TIME मैग्जीन ने उन्हें दुनिया का सबसे अमीर व्यक्ति घोषित किया था. उनके पास शुतुरमुर्ग के अंडे जितना बड़ा 185 कैरेट का जैकब डायमंड था, जिसे वे पेपरवेट की तरह इस्तेमाल करते थे. उनके पास 50 रोल्स-रॉयस कारें और अकूत सोने-चांदी का खजाना था, जो अब भारत सरकार के पास पूरी तरह सुरक्षित है. आज जब हम दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की बात करते हैं, तो एलन मस्क, जेफ बेजोस या मुकेश अंबानी जैसे नाम सामने आते हैं. लेकिन भारतीय इतिहास में एक ऐसा शासक भी हुआ है जिसकी अमीरी और आलीशान जीवनशैली के सामने आज के आधुनिक अरबपति भी फीके नजर आते हैं. हम बात कर रहे हैं हैदराबाद रियासत के सातवें और अंतिम निज़ाम, मीर उस्मान अली खान की, जिनकी असीमित दौलत का अंदाजा लगाना भी आम इंसान के लिए लगभग असंभव था. यह बात साल 1937 की है, जब दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका TIME ने मीर उस्मान अली खान को अपने कवर पेज पर जगह दी थी. इस पत्रिका ने उन्हें आधिकारिक तौर पर दुनिया का सबसे अमीर इंसान घोषित किया था. उस दौर में उनकी अकूत संपत्ति और शाही ठाट-बाठ की चर्चा सात समंदर पार तक फैली हुई थी. निज़ाम की इस बेहिसाब दौलत की खबरों ने उस समय पूरी दुनिया के बड़े-बड़े दिग्गजों और शासकों को हैरान कर दिया था. निज़ाम की इस असीमित संपत्ति का सबसे बड़ा स्रोत हैदराबाद की ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध गोलकुंडा हीरा खदानें थीं. ये वही खदानें हैं जिन्होंने दुनिया को कोहिनूर जैसे नायाब हीरे दिए हैं. अर्थशास्त्रियों और इतिहासकारों के अनुसार, यदि निज़ाम की उस समय की कुल संपत्ति का वर्तमान बाजार मूल्य के हिसाब से मूल्यांकन किया जाए, तो वह लगभग $630 बिलियन (अरब डॉलर) के बराबर बैठती है. Add News18 as Preferred Source on Google निज़ाम की रईसी का सबसे हैरान कर देने वाला किस्सा उनके कार्यालय से जुड़ा है. उनके पास 185 कैरेट का जैकब डायमंड था, जो आकार में शुतुरमुर्ग के अंडे जितना बड़ा और दुनिया के सबसे महंगे हीरों में से एक माना जाता था. जहाँ दुनिया भर के लोग ऐसे कीमती रत्नों को कड़ी सुरक्षा और तिजोरियों में रखते हैं, वहीं निज़ाम इसका उपयोग अपने दफ्तर की मेज पर उड़ते हुए कागजों को दबाने के लिए एक साधारण पेपरवेट की तरह किया करते थे. लक्ज़री गाड़ियों के शौकीन निज़ाम के काफिले में एक या दो नहीं, बल्कि करीब 50 आलीशान रोल्स-रॉयस कारें शामिल थीं. इसके अलावा उनके निजी खजाने में अनगिनत सोने की ईंटें, बेशकीमती हरे पन्ने, समुद्र से निकले दुर्लभ मोती और रूबी जैसे रत्नों का पूरा समंदर था. उनकी तिजोरियां ऐसे शाही जवाहरातों से ठसाठस भरी रहती थीं, जिनकी सही कीमत का आकलन करना लगभग नामुमकिन था. निज़ाम के बड़प्पन और दरियादिली का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को उनकी शादी के अवसर पर हीरों का एक शानदार हार उपहार में दिया था, जिसे आज भी ‘निज़ाम ऑफ हैदराबाद नेकलेस’ के नाम से जाना जाता है. साल 1948 में हैदराबाद के भारत में विलय के बाद, निज़ाम के इस ऐतिहासिक और अमूल्य खजाने का एक बड़ा हिस्सा भारत सरकार ने अपने संरक्षण में ले लिया था, जो आज भी हमारी राष्ट्रीय धरोहर के रूप में सुरक्षित है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

जनता दरबार… कैंसर से पीड़ित आवेदक को मिला आय प्रमाण पत्र

जिला प्रशासन द्वारा मंगलवार को जिले के विभिन्न अंचल एवं प्रखंड कार्यालयों में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक ्त मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया तथा राजस्व एवं प्रमाण-पत्र संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। जनता दरबार के दौरान कई जरूरतमंदों को तत्काल राहत मिली। सिल्ली अंचल कार्यालय में सविता देवी को आय प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया, वहीं कैंसर से पीड़ित एक आवेदक को आवश्यक कार्य के लिए विविध आय प्रमाण-पत्र निर्गत किया गया। मांडर अंचल में ग्राम करगे निवासी हसन अंसारी के म्युटेशन आवेदन पर कार्रवाई करते हुए संबंधित भूमि मामले में शुद्धि पत्र प्रदान किया गया। विभिन्न अंचलों में बड़ी संख्या में आवेदनों का निष्पादन हुआ। नगड़ी अंचल में 190, रातू में 151, नामकुम में 129, राहे में 119, अनगड़ा में 111, चान्हो में 94, खलारी में 65, सिल्ली में 64 तथा बुंडू अंचल में 45 मामलों का निपटारा किया गया। इनमें जाति, आय, आवासीय, पारिवारिक सदस्यता, दाखिल-खारिज, पंजी सुधार, लगान भुगतान, पेंशन व अन्य राजस्व संबंधी मामले शामिल रहे। जिला प्रशासन ने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन कर कराने का निर्देश दिया है। जन शिकायतों के लिए व्हाट्सएप नंबर 9430328080 जारी है। Source link

झारखंड

मोरहाबादी में 16 जून से कृषि मेला, देश के 50 कृषि वैज्ञानिक...

रांची| कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मंगलवार को बताया कि राज्य में पहली बार तीन दिवसीय कृषि मेला 16 से 18 जून तक रांची के मोरहाबादी मैदान में लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इसका उद््घाटन करेंगे। देश के 50 से अधिक कृषि वैज्ञानिक भाग लेंगे। मंत्री ने बताया कि झारखंड के कृषि परिदृश्य को बदलने और राज्य के किसानों को आधुनिक तकनीक से लैस करने के उद्देश्य से सरकार की यह महत्वाकांक्षी पहल है। यह मंच हमारे किसानों को बेहतर उत्पादन, उन्नत फसल प्रबंधन और कृषि आधारित रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने का काम करेगा। Source link

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‘पेपर आसान था, सफर मुश्किल हो गया’, DDU जंक्शन पर अभ्यर्थियों ने...

Last Updated:June 10, 2026, 06:10 IST UP Police Bharti Exam: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं अपने घर लौटने के लिए ट्रेनों का इंतजार करते नजर आए. हालात ऐसे रहे कि सामान्य कोच ही नहीं, बल्कि एसी कोचों तक में अभ्यर्थियों की भीड़ दिखाई दी. चंदौली: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा की दूसरी पाली समाप्त होने के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं अपने घर लौटने के लिए ट्रेनों का इंतजार करते नजर आए. हालात ऐसे रहे कि सामान्य कोच ही नहीं, बल्कि एसी कोचों तक में अभ्यर्थियों की भीड़ दिखाई दी. स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 और 8 पर यात्रियों का लगातार आना-जाना लगा रहा और अधिकांश ट्रेनों में क्षमता से अधिक भीड़ देखने को मिली. बहुत आसान था प्रश्नपत्र  परीक्षा देकर लौट रहे बलिया निवासी गोपी कुमार ने लोकल 18 से बताया कि प्रश्नपत्र बहुत आसान था. उन्होंने कहा कि सामान्य अध्ययन (जीएस) का हिस्सा थोड़ा कठिन लगा, जबकि रीजनिंग, गणित और हिंदी के प्रश्न सरल थे. उनका परीक्षा केंद्र बबुरी में पड़ा था, जहां व्यवस्थाएं संतोषजनक रहीं. उन्होंने बताया कि अब वे वाराणसी जंक्शन के लिए रवाना हो रहे हैं, लेकिन ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ होने के कारण सफर चुनौतीपूर्ण हो गया है. छात्रों को हो रही परेशानी  वहीं, बलिया के ही करण गुप्ता ने लोकल 18 से बताया कि उनका परीक्षा केंद्र चंदौली में था. परीक्षा के बाद वे वाराणसी होते हुए बलिया जाने की योजना बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्टेशन पर छात्रों की संख्या बहुत अधिक है और ट्रेनों में इतनी भीड़ है कि कई अभ्यर्थी समय पर ट्रेन नहीं पकड़ पा रहे हैं. स्टेशन पर मौजूद एक युवक ने बताया कि उसने स्वयं भर्ती परीक्षा का फॉर्म नहीं भरा है, अपनी बहन को परीक्षा दिलाने आए है. उसकी बहन का परीक्षा केंद्र आजमगढ़ में पड़ा है. उसने कहा कि वे बनारस एक्सप्रेस का इंतजार कर रहा हैं, लेकिन भीड़ के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सभी ट्रेनों में उमड़ी भीड़  सतपाल यादव ने लोकल 18 से बताया कि उनका परीक्षा केंद्र बबुरी में था, जहां पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं अच्छी थीं. उन्होंने कहा कि अभी-अभी स्टेशन पहुंचे हैं और वाराणसी जाने के लिए बनारस इंटरसिटी ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जो ट्रेन अभी निकली उसमें अत्यधिक भीड़ थी, जिससे उसमें चढ़ना संभव नहीं हो सका. बता दें कि पुलिस भर्ती परीक्षा के बाद डीडीयू जंक्शन पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ ने रेलवे प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन की चुनौती खड़ी कर दी. हालांकि अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं को लेकर संतोष जताया, लेकिन घर वापसी के दौरान ट्रेनों में उमड़ी भीड़ ने उनकी परेशानी बढ़ा दी. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chandauli,Chandauli,Uttar Pradesh Source link

झारखंड

Aaj Ka Mausam Live | Today Weather Live | IMD Monsoon Heavy...

Today Weather Live: मानसून अब रफ्तार पकड़ चुका है. कई दिनों से भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे उत्तर भारत को अब मानसून की पहली बड़ी दस्तक मिलने वाली है. मौसम विभाग ने अगले 72 घंटे को बेहद संवेदनशील बताया है. बंगाल की खाड़ी से उठ रही नमी, पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने मिलकर ऐसा सिस्टम तैयार कर दिया है, जो देश के 17 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का कारण बन सकता है. यूपी, बिहार, झारखंड, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है. IMD का कहना है कि यह सिर्फ सामान्य बारिश नहीं होगी, बल्कि कई इलाकों में पेड़ गिरने, बिजली व्यवस्था ठप होने और फसलों को भारी नुकसान जैसी स्थिति बन सकती है. पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और बादल फटने का खतरा भी बढ़ गया है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून की चाल सामान्य से ज्यादा आक्रामक दिखाई दे रही है और इसका असर अगले कई दिनों तक बना रह सकता है. दक्षिण भारत में मानसून पहले ही सक्रिय हो चुका है और अब उसका प्रभाव धीरे-धीरे मध्य और उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है. स्काईमेट और IMD दोनों ने संकेत दिए हैं कि 11 जून से उत्तर भारत के आसमान में बादलों की आवाजाही तेज होगी और 12 से 13 जून तक बड़े पैमाने पर बारिश का दौर शुरू हो सकता है. दिल्ली-NCR से लेकर बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों तक मौसम का मिजाज अचानक बदलने वाला है. किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. वहीं कई राज्यों में आकाशीय बिजली को लेकर भी चेतावनी जारी हुई है. मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और पहाड़ी इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है. आने वाले तीन दिन देश के मौसम की दिशा और दशा दोनों बदल सकते हैं. दिल्ली में 10 से 11 जून के बीच तेज बारिश और धूल भरी आंधी का अलर्ट जारी. देशभर में मौसम का यह बदलाव अचानक नहीं आया है. उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. वहीं पूर्वी बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल के गंगा वाले इलाकों तक कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है. यही वजह है कि पूर्वी और उत्तरी भारत में नमी तेजी से बढ़ रही है. इसका सीधा असर तापमान पर भी दिखाई देगा. कई राज्यों में जहां पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया था, वहां अब तापमान में 4 से 6 डिग्री तक गिरावट आ सकती है. मौसम विभाग ने साफ किया है कि यह सिस्टम सिर्फ बारिश तक सीमित नहीं रहेगा. कई जगहों पर तेज धूल भरी आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी आशंका है. खासतौर पर ग्रामीण इलाकों और खुले मैदानों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने को कहा गया है. वहीं प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. दिल्ली-NCR में गर्मी के बाद अब तूफानी राहत दिल्ली-NCR में पिछले कई दिनों से पड़ रही झुलसा देने वाली गर्मी अब अचानक बदल सकती है. IMD ने 10 से 11 जून के बीच तेज बारिश और धूल भरी आंधी का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि कई इलाकों में पेड़ गिरने और ट्रैफिक प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है. दिल्ली में अधिकतम तापमान 42 डिग्री के आसपास रह सकता है, लेकिन बारिश के बाद लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी. यूपी में आंधी-बारिश का बड़ा हमला उत्तर प्रदेश में मौसम सबसे ज्यादा उग्र रूप ले सकता है. मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज तूफान का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है. किसानों को खेतों में सावधानी बरतने को कहा गया है क्योंकि तेज हवाएं गेहूं और सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा सकती हैं. लखनऊ में तापमान 39 डिग्री तक रह सकता है, लेकिन बारिश के बाद मौसम सुहाना हो जाएगा. झारखंड के कई जिलों में 10 से 13 जून तक बारिश और तूफान की संभावना. बिहार में वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा बिहार में मानसून की गतिविधियां बेहद खतरनाक रूप ले सकती हैं. पटना, गया, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, किशनगंज और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश के साथ 80 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने खासतौर पर वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है. ग्रामीण इलाकों में लोगों को खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है. कई जिलों में निचले इलाकों में जलभराव की भी आशंका है. झारखंड में तेज हवाओं के साथ बदलेगा मौसम रांची, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर समेत झारखंड के कई जिलों में 10 से 13 जून तक बारिश और तूफान की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के मुताबिक 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. राज्य में तापमान में गिरावट आएगी और उमस से राहत मिलेगी. हालांकि तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा भी बना हुआ है. पश्चिम बंगाल में चक्रवाती असर से भारी बारिश पश्चिम बंगाल में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय होने से मौसम तेजी से बिगड़ सकता है. कोलकाता, हावड़ा, हुगली, मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई है. तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है. मौसम संबंधी चेतावनी मुख्य बिंदु (i) दक्षिण-पश्चिम मानसून आज, 9 जून 2026 को पूर्वोत्तर भारत के शेष भागों, संपूर्ण सिक्किम तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है। (ii) आगामी 5-7 दिनों के दौरान केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी… pic.twitter.com/cekHMLA0Fo —

झारखंड

आंगनबाड़ी सेवाओं व योजनाओं शत-प्रतिशत लाभुकों को जोड़ने का निर्देश

भास्कर न्यूज | सरायकेला उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली, पोषण सेवाओं, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा गतिविधियों और विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी सीडीपीओ व महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने और पूरक पोषाहार, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और शिक्षा गतिविधियों की निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने और गर्भवती महिलाओं व धात्री माताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी बल दिया गया। बैठक में वीएचएसएनडी के नियमित आयोजन, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और वजन मापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही निजी भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भूमि चिन्हित कर स्थायी भवन निर्माण का प्रस्ताव भेजने और जर्जर केंद्रों की सूची तैयार करने को कहा गया। सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की समीक्षा करते हुए पात्र लाभुकों को शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने और लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में डिजिटल सत्यापन, अपार आईडी और आभा आईडी निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। Source link

शिक्षा

President Murmu Confers Gallantry Awards

Hindi News Career President Murmu Confers Gallantry Awards | Rashtrapati Bhavan June 10 Current Affairs 22 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. पीएम नरेंद्र मोदी सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने वाले नेता बने 10 जून को पीएम नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित पीएम बने। पीएम मोदी ने देश के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा। पीएम नरेंद्र मोदी ने लगातार 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा किया है और जवाहरलाल नेहरू का 4,398 दिनों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके साथ ही इंदिरा गांधी ने 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977 तक लगातार प्रधानमंत्री के तौर पर काम किया था और उनका ये कार्यकाल 4,077 दिनों का था। पीएम मोदी 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने और 2014 में प्रधानमंत्री का पद संभालने से पहले तक इस पद पर रहे। नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। 2. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में शौर्य चक्र दिए 8 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में रक्षा अलंकरण समारोह में जवानों और उनके परिवारों को 7 कीर्ति चक्र 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र प्रदान किए। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। इन शौर्य चक्रों में मरणोपरांत 2 कीर्ति चक्र, 3 वीर चक्र और 1 शौर्य चक्र शामिल हैं। ऑपरेशन सिंदूर में शामिल भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा को भी वीर चक्र से सम्मानित किया गया है। उन्हें पहले शौर्य चक्र भी मिल चुका है। ग्रुप कैप्टन मनीष ने सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान उड़ाते हुए पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले में हिस्सा लिया था। इसके साथ ही LoC पर 3 आतंकियों को मार गिराने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल नितेश भारती शुक्ला को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाके में सैन्य अभियान के दौरान बहादुरी दिखाने वाले मेजर आदित्य प्रताप सिंह को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान साहस दिखाने वाले पुलिस अधिकारी लक्ष्मण केवट और रामेश्वर प्रसाद देशमुख को भी ये सम्मान मिला। भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के. और रूपा ए. ने नाविका सागर परिक्रमा-II अभियान के तहत समुद्र के रास्ते दुनिया का चक्कर पूरा करने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। 4 राष्ट्रीय राइफल्स के शहीद लांस दफादार बलदेव चंद को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रक्षा अलंकरण समारोह में यह वीरता पुरस्कार उनकी पत्नी और मां को प्रदान किया। 7 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) के मेजर आशीष कुमार को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। नवंबर 2024 में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में एक आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान उन्होंने ऑपरेशन का नेतृत्व किया। छत्तीसगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। दोनों अधिकारियों ने 16 अप्रैल 2024 को एक बड़े नक्सल विरोधी अभियान का नेतृत्व किया था। नक्सलियों के हमले के बीच उन्होंने तीन घंटे से ज्यादा चली मुठभेड़ में मोर्चा संभाला, घायल जवानों को सुरक्षित निकाला और अभियान को सफल बनाया। सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर की मां ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की हाथों से कीर्ति चक्र लिया। 3. इंद्रौर में BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक शुरू हुई 9 जून को मध्य प्रदेश के इंद्रौर में ब्रिक्स BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक शुरू हुई। ये समिट 13 जून तक चलेगी। इस बैठक में BRICS देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के कृषि मंत्री शामिल हुए। इस समिट में खाद्य सिक्योरिटी , एग्रीकल्चर इनोवेशन , क्लाइमेट चेंज, एग्रीकल्चर ट्रेड और छोटे किसानों पर बात होगी। कृषि मंत्रालय के मुताबिक, दुनिया की लगभग 42% कृषि भूमि, 68% कृषि जोतें और 42% खाद्य उत्पादन ब्रिक्स देशों के पास हैं। इस समिट में कृषि क्षेत्र में नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर चर्चा की जाएगी। जलवायु परिवर्तन के दौर में खेती को कैसे सुरक्षित बनाया जाए, इस पर सेशन आयोजित होंगे। इस समिट में छोटे किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। जॉइंट डिक्लेरेशन में फूड सिक्योरिटी और न्यूट्रिशन, डिजिटल एग्रीकल्चर और एग्रीकल्चर में स्मार्ट टेक्नोलॉजी का यूज बढ़ाने, एग्रीकल्चर इनोवेशन, AI, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स और एग्रीकल्चर इंवेस्टमेंट पर जॉइंट डिक्लेरेशन भी पेश किया जा सकता है। ये BRICS की 16वीं बैठक है, जिसमें 20 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. H-1B वीजा में 1 लाख डॉलर के शुल्क पर अमेरिकी कोर्ट ने रोक लगाई 8 जून को अमेरिका में फेडरल कोर्ट ने ट्रम्प के H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर (करीब 95 लाख रुपए) फीस वसूलने वाली नीति को रद्द कर दिया है। बोस्टन कोर्ट ने कहा कि ये फीस नहीं बल्कि एक टैक्स है और इसे लागू करने के लिए राष्ट्रपति नहीं बल्कि संसद की मंजूरी जरूरी होती है। ट्रम्प ने सितंबर 2025 में कहा था कि H-1B वीजा पर विदेशी कर्मचारियों को नौकरी देने वाली कंपनियों को उनके हर वीजा के लिए 1 लाख डॉलर की एक्स्ट्रा फीस देनी होगी। इसके बाद 20 राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने इसे चुनौती दी थी। अब कोर्ट के फैसले के खिलाफ ट्रम्प सरकार अपील कर सकती है। H-1B एक गैर-प्रवासी वीजा है, जिसके जरिए अमेरिकी कंपनियां कुछ समय के लिए विदेशों से हाई स्किल प्रोफेशनल्स को नौकरी पर रख सकती हैं। पहले H-1B वीजा आवेदन करने पर कंपनियों को करीब 2000 से 5000 डॉलर तक फीस देनी पड़ती थी। इस वीजा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल भारतीय IT और टेक प्रोफेशनल्स करते हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसी साल मई में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के सामने H-1B वीजा का मुद्दा उठाया था। रुबियो ने माना था कि नए इमिग्रेशन सिस्टम में बदलाव के दौरान कुछ दिक्कतें और तनाव हो सकते हैं। H-1B वीजा H-1B वीजा एक नॉन एग्रीमेंट वीजा है। H-1B वीजा स्पेशल टेक्निकल स्किल वाले पदों पर विदेशी प्रोफेशनल्स को अपॉइंट किया जाता है। H-1B वीजा IT आर्किटेक्टर और हेल्थ जैसे प्रोफेशन

झारखंड

रांची में सिर्फ 15 दिनों का बालू का स्टॉक,​​सीमित बैकअप से 30-40%...

रांची समेत पूरे झारखंड में बालू संकट दस्तक देने जा रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सख्त निर्देशों के तहत 10 जून से राज्य की सभी नदियों से बालू के उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू हो जाएगा, जो 15 अक्टूबर (पूरे मानसून सत्र के दौरान) तक जारी रहेगा। इस चार महीने की बंदी से ठीक पहले राज्य के बालू सिंडिकेट, ठेकेदारों और घाट संचालकों के बीच अधिक से अधिक बालू का स्टॉक डंप करने की होड़ मच गई है। रात-दिन एक करके सैकड़ों डंपर और हाइवा नदियों से बालू निकालकर स्टॉकयार्डों में जमा कर रहे हैं, जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में आम जनता की जेब पर पड़ना तय है। रांची स्थित श्यामनगर बालू घाट का क्षेत्रफल 5.00 हेक्टेयर है, जहां से वर्तमान में बालू का उठाव किया जा रहा है। यहाँ संवेदक और अनुबंधित स्टॉकिस्टों द्वारा लगभग 15 लाख से 18 लाख सीएफटी बालू का स्टॉक किया गया है। बालू की भारी मांग को देखते हुए यह स्टॉक अधिकतम 15 से 20 दिन तक ही चल सकता है। रांची राज्य में बालू का सबसे बड़ा कंजम्पशन हब (खपत केंद्र) है। अकेले रांची शहर और शहरी सीमाओं के भीतर चल रहे निजी व सरकारी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को रोजाना करीब 80,000 से 1 लाख सीएफटी बालू की जरूरत होती है। मात्र एक वैध घाट होने के कारण यह स्टॉक जून के आखिरी सप्ताह तक खत्म हो जाएगा, जिसके बाद पूरी तरह कृत्रिम किल्लत और कालाबाजारी की स्थिति बनेगी। ऐसे समझें कैसे होगी किल्लत… रांची में बालू का स्टॉक महंगा बालू, कटेगी जेब… रांची में घर बनाना होगा और मुश्किल रांची में बालू की किल्लत से शहर में चल रही सरकारी आवास योजनाओं से लेकर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के छोटे-छोटे मकानों के निर्माण तक पर इसका सीधा असर पड़ेगा। जिन लोगों ने कर्ज लेकर या जीवनभर की बचत से घर बनाना शुरू किया है, उनके काम बीच में ही रुकने की नौबत आ सकती है। पर्याप्त बैकअप स्टॉक नहीं होने के कारण ठेकेदारों और मजदूरों के सामने भी काम का संकट खड़ा होगा। बालू की कमी का फायदा उठाकर बाजार में कीमतें 30-40% तक बढ़ने की आशंका है, जिससे आम आदमी के लिए एक-एक ट्रॉली बालू खरीदना भी भारी पड़ जाएगा। राज्य में 35 के बदले मात्र 14 घाटों से हो रहा उठाव विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में राज्य में केवल 14 बालू घाटों से ही नियमित रूप से बालू का उठाव हो रहा है। मानसून से पहले कम से कम 35 मुख्य घाटों से सघन उठाव शुरू कराया जाना था, ताकि बाजार में पर्याप्त बैकअप स्टॉक रहे। परंतु, प्रशासनिक सुस्ती और पर्यावरणीय स्वीकृति न मिल पाने के कारण वर्तमान में सिर्फ 14 घाट ही ‘लाइव मोड’ में हैं। इनमें से सबसे ज्यादा मांग वाले रांची जिले में केवल एक मात्र ‘श्यामनगर बालू घाट’ ही वैध रूप से क्रियाशील है। राज्य में 299 घाटों का टेंडर होने के बाद भी पर्यावरण की हरी झंडी न मिलने के कारण मशीनें खड़ी हैं। जानें किस जिले में बालू का कितना स्टॉक कागजी फेर में फंसा सरकारी लक्ष्य 15-18 लाख सीएफटी: कुल उपलब्ध बालू का स्टॉक 80,000 से 1 लाख सीएफटी: बालू की रोजाना खपत 15-20 दिन: अधिकतम अवधि, जितने दिन यह बालू चलेगा Source link

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pm modi slovakia visit | Importance for India : जयपुर से कम...

होमताजा खबरदेश जयपुर से कम आबादी वाला देश, फ‍िर तीन द‍िन के ल‍िए क्‍यों जा रहे पीएम मोदी Last Updated:June 10, 2026, 05:01 IST स्लोवाकिया छोटा देश जरूर है, लेकिन यूरोप की ऑटो इंडस्ट्री, परमाणु ऊर्जा क्षमता, EU सदस्यता और रक्षा महत्व के कारण उसकी रणनीतिक कीमत काफी बड़ी है. यही वजह है कि 33 साल बाद होने जा रही किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली स्लोवाकिया यात्रा को भारत की यूरोप नीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्‍लोवाक‍िया के दौरे पर जाने वाले हैं. स्‍लोवाक‍िया, ज‍िसकी आबादी तकरीबन 55 लाख है, यानी जयपुर से भी कम. फ‍िर इस देश में ऐसा क्‍या है क‍ि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन द‍िन के दौरे पर जा रहे हैं. 1993 में स्लोवाकिया की आजादी के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी. पीएम मोदी वहां 14 से 16 जून तक रहेंगे. लगातार मीटिंग फ‍िक्‍स है. आपके मन में भी सवाल होगा क‍ि पीएम मोदी वहां इतना टाइम क्‍यों दे रहे हैं? वहां से क्‍या हास‍िल होने वाला है? स्लोवाकिया आकार में भले छोटा देश हो, लेकिन भारत के लिए उसकी रणनीतिक, आर्थिक और ज‍ियोपाल‍िट‍िकल अहमियत लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि पीएम मोदी का दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि मध्य यूरोप में भारत की बढ़ती मौजूदगी का संकेत माना जा रहा है. स्‍लोवाक‍िया क्‍यों है खास? लगभग 55 लाख आबादी वाला स्लोवाकिया दुनिया के सबसे बड़े कार मैन्‍यूफैक्‍चर‍िंग सेंटर में गिना जाता है. यहां Volkswagen, Kia, Jaguar Land Rover और Stellantis जैसी कंपनियों के बड़े प्लांट हैं. भारत मैन्युफैक्चरिंग, ऑटो पार्ट्स और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में सहयोग बढ़ाना चाहता है. स्लोवाकिया European Union का सदस्य है. ऐसे में उसके साथ मजबूत रिश्ते भारत को मध्य और पूर्वी यूरोप के बाजारों तक बेहतर पहुंच दिला सकते हैं. भारत और यूरोपीय यून‍ियन के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के दौर में यह और महत्वपूर्ण हो जाता है. रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप के कई देश अपने ड‍िफेंस इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को मॉडर्न बना रहे हैं. स्लोवाकिया भी उनमें शामिल है. भारत अपनी डिफेंस कंपनियों और स्वदेशी वेपन स‍िस्‍टम का एक्‍सपोर्ट बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में ड‍िफ‍ेंस पार्टनरश‍िप दोनों देशों के रिश्तों का बड़ा आधार बन सकता है. स्लोवाकिया अपनी बिजली का बड़ा हिस्सा परमाणु ऊर्जा से पैदा करता है. भारत भी स्वच्छ ऊर्जा और न्यूक्लियर पावर क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है. इसलिए परमाणु तकनीक और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं हैं. मध्य यूरोप में भारत अपनी मौजूदगी बढ़ाकर रणनीतिक संतुलन बनाना चाहता है. स्लोवाकिया NATO और EU दोनों का सदस्य है. ऐसे में उसके साथ मजबूत संबंध भारत को यूरोपीय राजनीति और सुरक्षा ढांचे में अधिक प्रभावशाली साझेदार बनने में मदद कर सकते हैं. दुन‍िया के ल‍िए मैसेज पीएम मोदी यह दौरा दिखाता है कि भारत की विदेश नीति अब केवल अमेरिका, रूस, ब्रिटेन या फ्रांस जैसे बड़े देशों तक सीमित नहीं है. मोदी सरकार छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देशों के साथ भी रिश्ते मजबूत कर रही है. About the Author Gyanendra Mishra Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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