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India Defence News | सेना के अधिकारियों की खर्च करने की पावर...

होमताजा खबरदेश डिफेंस चीफ्स की खर्च करने की ताकत हुई दोगुनी, अब किस कमांडर के पास कितना बजट? Last Updated:June 05, 2026, 15:36 IST Center Hikes Spending Powers of Military Chiefs: केंद्र सरकार ने रक्षा बलों की वित्तीय शक्तियों को बढ़ाकर 100 परसेंट तक कर दिया है. नए DFPDS-2026 नियमों के तहत अब सर्विस चीफ्स 125 करोड़ रुपये और सैन्य कमांडर 100 करोड़ रुपये तक खर्च कर सकेंगे. इस कदम से 1.25 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स में तेजी आएगी. साथ ही इमरजेंसी खरीद, रिसर्च और स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग को दोगुना बजट सपोर्ट मिलेगा. इससे सेना की ऑपरेशनल तैयारी और मजबूत होगी. क्यों बढ़ाई गई आर्मी चीफ और कमांडरों की फाइनेंशियल पावर? (सांकेतिक फोटो Made with AI) नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सैन्य कमांडरों और सर्विस चीफ्स की खर्च करने की फाइनेंशियल पावर को काफी बढ़ा दिया है. इस नए फैसले से सेना के लिए अब हथियार और जरूरी सामान खरीदना बहुत आसान हो जाएगा. रक्षा मंत्रालय के इस कदम से करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा किया जा सकेगा. इस नए नियम को डेलीगेशन ऑफ फाइनेंशियल पावर्स फॉर डिफेंस सर्विसेज (DFPDS-2026) नाम दिया गया है. इसके तहत अधिकारियों की खर्च करने की लिमिट को 100 परसेंट तक बढ़ा दिया गया है. कुछ मामलों में तो यह लिमिट दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है. इस फैसले का मुख्य मकसद सेना की जरूरतों को बिना किसी देरी के पूरा करना है. इससे सेना की ऑपरेशनल तैयारी और मजबूत होगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों के साथ नए वित्तीय नियमों की गाइडलाइन जारी की. सर्विस चीफ्स की खर्च करने की नई लिमिट क्या है? नए नियमों के मुताबिक आर्मी चीफ, नेवी चीफ और एयर चीफ की फाइनेंशियल पावर काफी बढ़ गई है. अब वे किसी भी जरूरी प्रोजेक्ट के लिए 125 करोड़ रुपये तक खर्च कर सकते हैं. इससे पहले उनकी लिमिट केवल 75 करोड़ रुपये तय थी. इस फैसले से वे बिना किसी सरकारी फाइलिंग के तुरंत बड़े फैसले ले सकेंगे. इससे सेना की जरूरतें समय पर पूरी होंगी. आर्मी कमांडरों को कितने करोड़ खर्च करने की छूट मिली? आर्मी कमांडरों और उनके बराबर के नेवी और एयरफोर्स के बड़े अधिकारियों की पावर भी बढ़ाई गई है. उनकी खर्च करने की लिमिट को पहले के 30 करोड़ रुपये से बढ़ाकर सीधे 100 करोड़ रुपये कर दिया गया है. यह ऐतिहासिक बदलाव फील्ड लेवल पर चल रहे प्रोजेक्ट्स को बहुत तेज कर देगा. अफसरों को बार-बार दिल्ली से मंजूरी नहीं मांगनी पड़ेगी. I congratulate MoD and the Armed Forces on getting enhanced Financial Powers for Revenue related Procurement having annual value of more than Rs 1.25 Lakh crore under the new delegation of financial powers (DFPDS-2026). Source link

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दादी-नानी का नुस्खा… चोट-मोच के दर्द में ये लेप करेगा काम, 24...

Last Updated:June 05, 2026, 11:29 IST Health Tips: रांची में खासतौर पर लोकल दादी नानी एक काम करती है वह चूना व हल्दी का एक लेप लगाती है. जहां पर शरीर में बहुत दर्द हो, खासकर अगर आपका एक्सीडेंट हुआ है या आपको चोट लग गई है और एक एरिया में बहुत दर्द है. ऐसे दर्द में ये लेप लगाना बहुत फायदेमंद रहता है. ये पेन कलर का काम करता है व 24 घंटे के अंदर राहत दिलाता है. रांची के आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे बताते है, हल्दी जो है वह एंटीबैक्टीरियल और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण का है. यह प्राकृतिक तौर पर दर्द को कम करने में काफी सहायक है और जब आप इसमें चूना मिलाते हैं तो चूना में भी एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण है. मतलब की सूजन और दर्द को कम करता है. ऐसे में जब यह दोनों मिलता है तो काफी पावरफुल कम्युनिकेशन बन जाता है. और इसे लगाना काफी फायदेमंद रहता है. डॉ वीके पांडे बताते हैं, थोड़ा सा चूना ले लीजिए और थोड़ा सा हल्दी ले लीजिए, दोनों में थोड़ा सा पानी मिला दीजिए और पानी मिलाकर एक अच्छा खासा थोड़ा पतला पेस्ट बना लीजिए. अब जहां पर भी आपके शरीर में दर्द है, मान लीजिए दर्द की वजह से कई बार शरीर में हरे निशान हो जाते हैं. यानी खून जम जाता है. खासतौर पर वैसे दर्द में यह काफी कारगर है. वहां पर हल्के हाथों से लगाइए. और इसके बाद आपको उस एरिया को ढक कर छोड़ देना है मतलब की पैर में आपने यह लेप को लगाया है तो किसी कपड़े की मदद से उसे एरिया को ढक लीजिए और रातभर और 24 घंटे उसे छोड़ दीजिए. Add News18 as Preferred Source on Google यह एक-दो घंटे में काम नहीं करता है. 24 घंटे आपको लगाकर छोड़ना होगा और इसके बाद आप देखेंगे प्राकृतिक तौर पर एक तो आपका दर्द भी कम हो जाएगा और खून के थक्के का जो हरा निशान था वह भी धीरे-धीरे गायब. उन्होंने आगे बताया कि अच्छी बात यह है कि यह हर वर्ग के लोग लगा सकते हैं. मतलब अगर बच्चे से लेकर बूढ़े जवान कोई भी है उनको कहीं भी दर्द है तो वह आराम से इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है. अगर किसी को चूना से एलर्जी है तो एक बार चूना लगाकर बॉडी के किसी पार्ट में देख ले, अगर खुजली होती है तो ना लगाए. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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देवघर में सड़क हादसा, महिला की मौत:चारपहिया वाहन ने बाइक को मारी...

देवघर मधुपुर अनुमंडल के बुढ़ई थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसमाहा-नोनियाद मार्ग पर शुक्रवार को एक सड़क हादसे में बाइक सवार एक महिला की मौके पर मौत हो गई। इस दुर्घटना में बाइक पर सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल चारपहिया वाहन और उसके चालक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, हरला गांव निवासी तुसिया देवी (38) अपने परिजनों के साथ मोटरसाइकिल से मायके जा रही थीं। नयाडीह के समीप विपरीत दिशा से आ रहे एक चारपहिया वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। बताया गया है कि चारपहिया वाहन धनबाद से देवघर पूजा के लिए आ रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि तुसिया देवी की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। बाइक चला रहे रंजीत मंडल (22) और अन्नु कुमारी (7) गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने घायलों को तत्काल मधुपुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही बुढ़ई थाना प्रभारी मनोरंजन महतो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमॉर्टम के लिए देवघर सदर अस्पताल भेज दिया। थाना प्रभारी मनोरंजन महतो ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त चारपहिया वाहन और उसके चालक को हिरासत में ले लिया गया है। मामले की जांच जारी है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुसमाहा-नोनियाद मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। Source link

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कोडरमा विधायक के वाहन चालक की हत्या का खुलासा:जमीन विवाद में हुआ...

कोडरमा पुलिस ने विधायक डॉक्टर नीरा यादव के निजी वाहन चालक राजकुमार यादव की 3 जून की रात हुई हत्या के मामले का खुलासा कर दिया है। इस मामले में हत्या के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए कुदाल, चपड़ा और अन्य हथियार भी बरामद कर लिए हैं। बताया गया कि 3 जून की रात जमीन विवाद को लेकर राजकुमार यादव पर हमला किया गया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था मामले का खुलासा करते हुए एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि घटना के बाद मृतक की पत्नी श्वेता देवी के आवेदन पर 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक अरविंद कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और छापेमारी की गई। इस दौरान घटना की सुबह ही मामले में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। 8 साल से चले आ रहे जमीन विवाद के कारण हुई थी हत्या एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि राजकुमार यादव की हत्या 8 साल से चले आ रहे जमीन विवाद के कारण हुई है। इस घटना में कुल 12 लोगों के खिलाफ नामजद हत्या का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। कोडरमा थाना प्रभारी पर लापरवाही के आरोपों के सवाल पर एसपी ने बताया कि डीएसपी स्तर पर जांच की जा रही है। यदि किसी भी पुलिसकर्मी की लापरवाही पाई जाती है, तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। बताते चलें कि घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर भी लगातार सवाल उठ रहे थे और विधायक डॉ. नीरा यादव ने कोडरमा थाना प्रभारी विकास पासवान पर विवाद की सूचना दिए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया था। गिरफ्तार अभियुक्तों में 40 वर्षीय गोपाल यादव पिता भीखन यादव, 70 वर्षीय भीखन यादव पिता स्व. अकल महतो, 75 वर्षीय गुलबी देवी पति भीखन यादव, 25 वर्षीय विजय यादव पिता राजू यादव तथा 19 वर्षीय सचिन यादव पिता गोपाल यादव के नाम शामिल हैं। एसपी ने बताया कि इन सबों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई की गई है। Source link

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Supreme Court Latest News | Husband Wife News | Dowry Case –...

नई द‍िल्‍ली. एक अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर द‍िया है कि पत्‍नी से कुछ दिनों तक बात न करना अपने आप में ‘क्रूरता’ नहीं माना जा सकता. खासकर तब जब इसके समर्थन में ठोस सबूत न हों. सुप्रीमकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक जीवन में मतभेद और नाराजगी आम बात है और कई बार इसका नतीजा पति-पत्‍नी के बीच कुछ समय तक बातचीत बंद रहने के रूप में सामने आता है पर केवल इसी आधार पर पति को अपराधी नहीं ठहराया जा सकता. क्‍या था मामला? यह मामला तमिलनाडु का है जहां एक व्‍यक्ति पर अपनी पत्‍नी को आत्‍महत्‍या के लिए मजबूर करने और उसे प्रताड़‍ित करने के आरोप लगे थे. ट्रायल कोर्ट और मद्रास हाई कोर्ट ने उसे भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498A के तहत दोषी ठहराकर 3 साल की सजा सुनाई थी. आरोप था कि वह 13 दिनों तक अपनी पत्‍नी से बात नहीं कर रहा था और इसी मानसिक पीड़ा के कारण पत्‍नी ने फांसी लगाकर आत्‍महत्‍या कर ली. पत्‍नी अपने मायके में रह रही थी वहीं उसने आत्‍महत्‍या की. आरोप था कि शादी के समय उसके माता-पिता ने 3 लाख रुपये, 20 सोने के गहने और अन्‍य सामान दिए थे. इसके बाद में पति पर यह भी आरोप लगा कि वह पत्‍नी पर मायके से और पैसे लाने का दबाव डालता था जबकि ससुरालवाले भी अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार परेशान करते थे. प्रॉस‍िक्‍यूशन की थी क्‍या दलील?प्रॉसिक्‍यूशन का यह भी कहना था कि पत्‍नी जब अपने मायके गई तो पति और उसके परिवार को यह पसंद नहीं आया. पति ने उसे डांटा, उसकी इस बात पर नाराजगी जताई और फोन पर भी बात करना बंद कर दी. आरोप के मुताबिक, 13 दिनों तक पति की यह चुप्‍पी पत्‍नी के लिए इतनी बड़ी मानसिक पीड़ा बन गई कि उसने जान दे दी. पत‍ि पर क्‍या था आरोप?इन आरोपों के आधार पर पति के खिलाफ IPC की धारा 498A (क्रूरता) और 304B (दहेज उत्‍पीड़न से मौत) के तहत केस दर्ज किया गया। साथ ही ससुर, सास और दो देवरों (जिनमें से एक नाबालिग था) पर भी मामला दर्ज हुआ. नाबालिग के खिलाफ ट्रायल नहीं हुआ जबकि बाकी 4 आरोपितों के खिलाफ मुकदमा चला. ट्रायल कोर्ट ने पति को 498A के तहत दोषी ठहराया, जिसे हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा. पति की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका भी हाई कोर्ट ने खारिज कर दी. सुप्रीम कोर्ट में क्‍या हुआ? मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो जस्टिस जे के महेश्‍वरी और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने पूरे रिकॉर्ड और निचली अदालतों के फैसलों को परखा. सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि पति के खिलाफ मुख्य आरोप यही थे कि 1. उसने पत्‍नी से फोन पर बात नहीं की,2. वह इस बात से नाराज था कि पत्‍नी बिना ससुरालवालों को बताए मायके चली गई,3. इस रवैये से पत्‍नी आहत हुई और उसने आत्‍महत्‍या कर ली. पीठ ने साफ किया कि प्रॉसिक्‍यूशन पर यह भार होता है कि वह आरोपों को संदेह से परे साबित करे. आरोपी को यह साबित करने की बाध्‍यता नहीं होती कि वह निर्दोष है खासकर धारा 498A जैसे मामलों में. कोर्ट ने कहा कि केवल यह दिखा देना कि पति ने 13 दिन बात नहीं की. अपने आप में ‘क्रूरता’ साबित करने के लिए काफी नहीं है, जब तक कि इसे पुख्‍ता सबूतों से समर्थित न किया जाए और यह न दिखाया जाए कि उसका व्‍यवहार इतना गंभीर था कि वह पत्‍नी को आत्‍महत्‍या की ओर धकेल दे. कोर्ट ने यह भी नोट किया कि.. – यह मामला ऐसा नहीं था जहां पति-पत्‍नी के बीच किसी झगड़े या मारपीट का ठोस प्रमाण हो.– निचली अदालतों ने इस बात का समुचित आकलन नहीं किया कि आरोपों को मजबूत सबूतों से साबित किया गया या नहीं.– ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट दोनों ने इस बात पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया कि क्रूरता का आरोप कितनी गंभीरता से सिद्ध हुआ. कोर्ट ने यह भी पाया क‍ि ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के अनुसार, पत्‍नी अपने पति के साथ मसकट नहीं जा सकी थी क्‍योंकि उसके पासपोर्ट के कुछ जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं हुई थीं इसलिए उसका वीजा जारी नहीं हो पाया. यानी यह कहना कि पति उसे विदेश नहीं ले गया और इसलिए वह परेशान होकर जान दे बैठी, रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्‍यों से मेल नहीं खाता. सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्‍पणियां सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कुछ महत्‍वपूर्ण बातें स्‍पष्‍ट कीं: 1. वैवाहिक जीवन में मतभेद और दूरी:कोर्ट ने कहा कि शादीशुदा जीवन में मतभेद और खटपट होना असामान्‍य नहीं है. कभी-कभी ऐसे मतभेदों की वजह से पति-पत्‍नी के बीच कुछ समय के लिए बातचीत बंद भी हो सकती है लेकिन हर ऐसी स्थिति को ‘क्रूरता’ नहीं कहा जा सकता, जब तक कि उसके साथ गंभीर उत्‍पीड़न, हिंसा या मानसिक यातना का ठोस प्रमाण न हो. 2. 13 दिन बात न करना = क्रूरता नहीं? पीठ ने साफ कहा क‍ि किसी भी तरह के ठोस सबूत के बिना केवल 13 दिन तक मृतका से बात न करना. इस मामले के तथ्‍यों में किसी भी तरह की कल्‍पना में क्रूरता की परिभाषा में नहीं आ सकता. यानी सिर्फ नाराज होकर या किसी कारणवश कुछ दिन बात न करना, अपने आप में IPC की धारा 498A के तहत अपराध नहीं बन जाता. 3. क्रूरता की गंभीरता कैसी होनी चाहिए:कोर्ट ने स्‍पष्‍ट किया कि ऐसे मामलों में यह देखना जरूरी है कि आरोपी के कथित व्‍यवहार की गंभीरता इतनी हो कि वह किसी महिला को आत्‍महत्‍या करने, खुद को चोट पहुंचाने या उसकी मानसिक सेहत को गंभीर खतरे में डाल दे. केवल मामूली नाराजगी, असंतोष या कुछ समय की चुप्पी को आपराधिक क्रूरता नहीं कहा जा सकता. 4. सबूतों की कसौटी:सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि प्रॉसिक्‍यूशन को आरोपों को संदेह से परे साबित करना होता है। यहां ऐसा कोई ठोस, संगत और विश्वसनीय सबूत नहीं था जो यह दिखाए कि पति की चुप्पी और कथित नाराजगी इतनी गंभीर थी कि उसने पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया. Source link

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जमशेदपुर की जैस्मिन गुड़िया का कमाल, दोस्तों संग शुरू किया हैंडमेड एक्सेसरीज...

Last Updated:June 05, 2026, 12:42 IST Jasmine Gudiya Jamshedpur: आज के समय में सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों के लिए अपने हुनर को पहचान दिलाने और कारोबार शुरू करने का भी बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है. जहां कई लोग घंटों सोशल मीडिया पर समय बिताते हैं, वहीं कुछ लोग इसी माध्यम से अपनी अलग पहचान बना रहे हैं. ऐसी ही एक कहानी है जमशेदपुर की रहने वाली जैस्मिन गुड़िया की, जिन्होंने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर हैंडमेड फैशन और क्राफ्ट की दुनिया में एक अनोखी शुरुआत की है. जैस्मिन और उनकी टीम ने मिलकर ‘हैंडमेड एक्सेसरीज’ नाम से एक खास प्लेटफॉर्म तैयार किया है. इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां मॉडर्न डिजाइन को पारंपरिक और स्थानीय कला के साथ जोड़कर नए अंदाज में पेश किया जाता है. उनका उद्देश्य सिर्फ फैशन प्रोडक्ट बेचना नहीं, बल्कि झारखंड की कला और संस्कृति को नए रूप में लोगों तक पहुंचाना भी है. उनके द्वारा तैयार किए जाने वाले प्रोडक्ट पूरी तरह हैंडमेड होते हैं. इसमें फैब्रिक और ऑक्सिडाइज मटेरियल से बनी ज्वेलरी लोगों को काफी पसंद आ रही है. इसके अलावा टीम एंब्रॉयडरी और बीड वर्क के जरिए हर प्रोडक्ट को अलग और आकर्षक बनाने की कोशिश करती है. खास बात यह है कि प्रोडक्ट बनाने की प्रक्रिया के वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किए जाते हैं, जिससे लोग उनके काम को करीब से देख पाते हैं. जैस्मिन की टीम केवल ज्वेलरी तक सीमित नहीं है. वे ब्रेसलेट, एंकलेट और इन दिनों ट्रेंड में चल रही एआई डिजाइन से प्रेरित फिंगर रिंग भी तैयार कर रही हैं. इसके साथ ही उनके द्वारा बनाए गए शर्ट और बैग में झारखंड की पारंपरिक कला और स्थानीय पहचान की झलक देखने को मिलती है. यही वजह है कि उनके डिजाइन युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. Add News18 as Preferred Source on Google इसके अलावा टीम वुडन क्राफ्ट और फोन चार्म्स जैसे प्रोडक्ट पर भी काम कर रही है, जो आज के समय में काफी ट्रेंड में हैं. हर प्रोडक्ट में हाथों की मेहनत और क्रिएटिविटी साफ दिखाई देती है, जिससे ग्राहकों को एक अलग अनुभव मिलता है. सबसे खास बात यह है कि यह टीम सिर्फ जमशेदपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत में अपने प्रोडक्ट की डिलीवरी कर रही है. जो लोग इन हैंडमेड और ट्रेडिशनल टच वाले डिजाइन को खरीदना चाहते हैं, वे इनसे संपर्क कर ऑर्डर कर सकते हैं. जैस्मिन और उनकी टीम यह साबित कर रही है कि अगर सोच नई हो और मेहनत लगातार की जाए, तो सोशल मीडिया से भी एक बड़ी पहचान बनाई जा सकती है. Source link

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धनबाद में पेड़ पर हुआ वज्रपात, बिजली आपूर्ति ठप:मोहलीडीह में पेड़ कई...

धनबाद कोयलांचल में शुक्रवार तड़के हुई तेज बारिश और गर्जन के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। ईस्ट बसुरिया ओपी क्षेत्र के मोहलीडीह निचितपुर टाउनशिप बी-टाइप में आकाशीय बिजली गिरने से एक विशाल पेड़ कई हिस्सों में टूट गया। यह पेड़ पास से गुजर रही बिजली लाइन और पोल पर जा गिरा। इस घटना के बाद पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय मुखिया मोहम्मद आजाद ने बताया कि तेज गर्जन और बारिश के दौरान अचानक पेड़ पर बिजली गिरी। बिजली गिरने के कारण पेड़ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और टूटकर बिजली पोल तथा तारों पर गिर पड़ा। इससे बिजली के तारों में झुकाव आ गया और क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। मुखिया ने यह भी बताया कि जिस स्थान पर यह घटना हुई है, वह घनी आबादी वाला क्षेत्र है। सौभाग्य से, घटना के समय आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, कुछ लोगों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। मुखिया मोहम्मद आजाद ने बिजली विभाग से प्रभावित क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण करने, क्षतिग्रस्त पेड़ हटाने और बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने की मांग की है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिन स्थानों से होकर बिजली लाइनें गुजरती हैं, वहां बड़े पेड़ों की नियमित छंटाई कराई जानी चाहिए, ताकि मानसून के दौरान ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बारिश, तेज हवा और गर्जन के दौरान बिजली के खंभों, तारों और संवेदनशील स्थानों से दूरी बनाकर रखें। फिलहाल, क्षेत्रवासी बिजली आपूर्ति बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं। Source link

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कोडरमा घाटी में ट्रक दुर्घटना, चालक घायल:मकई लदे ट्रक की टक्कर से...

कोडरमा घाटी में गुरुवार देर शाम एक सड़क हादसे में ट्रक चालक दिलखुश कुमार घायल हो गए। रांची-पटना मुख्य मार्ग पर नौवां माइल के पास मकई लदे एक ट्रक के अचानक पीछे ढुलकने और मैदा लदे ट्रक में टक्कर से यह दुर्घटना हुई। यह घटना कोडरमा जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत हुई। घायल चालक दिलखुश कुमार (35, मोतिहारी, बिहार) ने बताया कि वे दरभंगा से मैदा लादकर कोलकाता (पश्चिम बंगाल) जा रहे थे। कोडरमा घाटी में चढ़ाई के दौरान उनके आगे चल रहा मकई से लदा ट्रक अचानक पीछे की ओर आने लगा। ट्रक सीधे दिलखुश के वाहन से टकरा गया इस दौरान मकई लदे ट्रक के चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन वह ट्रक सीधे दिलखुश के वाहन से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दिलखुश का ट्रक सड़क पर पलट गया और वे अपने खलासी के साथ केबिन में फंस गए। ट्रक में लदा मैदा भी सड़क पर बिखर गया। घटना के बाद दिलखुश और उनके खलासी ने मदद के लिए शोर मचाया। सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा सदस्य सागर गिरी, अन्य वाहन चालक और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद दिलखुश तथा उनके सहयोगी खलासी को ट्रक के केबिन से सुरक्षित बाहर निकाला गया। खलासी को मामूली चोटें लगी इसके बाद दिलखुश और उनके सहयोगी को सदर अस्पताल कोडरमा भेजा गया। इस हादसे में दिलखुश के सिर में चोट आई है, जबकि उनके खलासी को मामूली चोटें लगी हैं। दिलखुश का इलाज फिलहाल सदर अस्पताल में जारी है। इधर, घटना की सूचना मिलते ही कोडरमा थाना की पेट्रोलिंग वहां मौके पर पहुंची और दोनों ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है ताकि उसमें लोड मैदा और मकई सुरक्षित रह सके। इधर, पुलिस ने उक्त दोनों ट्रक मालिकों को घटना की सूचना दे दी है। Source link

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pati ne patni ko mara| जनगणना कर रही थी पत्नी, पति ने...

Last Updated:June 05, 2026, 13:47 IST चालोदा गांव की प्राइमरी स्कूल शिक्षिका रीना बेन बलदेवभाई झाला हत्या वाले दिन जनगणना ड्यूटी के लिए निकली थीं. साथ में खत्रीपुर स्कूल के प्रधानाचार्य और उनके पति बलदेव तोयाभाई झाला भी स्कूटर पर साथ थे. 2 जून को रास्ते में ईंट भट्टे के नजदीक पहुंचते-पहुंचते दोनों पति-पत्नी में झगड़ा हो गया. लड़ाई इतनी बढ़ गई कि पति ने पत्नी के सिर पर बार-बार पत्थर से हमला किया और उसकी जान जाने तक उसे मारता रहा. पत‍ि ने जनगणना करती पत्‍नी को पत्‍थर से कुचल कुचल कर मार डाला. Pati ne Patni ko maar dala: अहमदाबाद के ग्रामीण क्षेत्र धोलका से हत्या का बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां जनगणना के लिए ड्यूटी पर गई सरकारी प्राइमरी स्कूल की टीचर की उसके ही पति ने पत्थर से कुचल-कुचल कर हत्या कर दी. हत्यारा पति भी सरकारी स्कूल में प्रधानाचार्य है. फिलहाल पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर लिया है. 3 जून को धोलका तालुका के चालोदा-केलियावासना रोड के पास नर्मदा नहर के किनारे सुनसान इलाके में उस महिला का आधा जला हुआ शव बरामद होने से हड़कंप मच गया. शव की पहचान रीना झाला के रूप में हुई, जो चालोदा गांव की प्राइमरी स्कूल शिक्षिका थीं. पुलिस ने मामले की छानबीन की तो कुछ ही घंटे में चौंकाने वाली कहानी सामने आई.. पुलिस के अनुसार, चालोदा गांव की प्राइमरी स्कूल शिक्षिका रीना बेन बलदेवभाई झाला हत्या वाले दिन जनगणना ड्यूटी के लिए निकली थीं. साथ में खत्रीपुर स्कूल के प्रधानाचार्य और उनके पति बलदेव तोयाभाई झाला भी स्कूटर पर साथ थे. 2 जून को रास्ते में ईंट भट्टे के नजदीक पहुंचते-पहुंचते दोनों पति-पत्नी में झगड़ा हो गया. लड़ाई इतनी बढ़ गई कि पति ने पत्नी के सिर पर बार-बार पत्थर से हमला किया और उसकी जान जाने तक उसे मारता रहा. हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की और अपने स्कूटर के टैंक से पेट्रोल निकालकर शव पर छिड़का और आग लगा दी. जब स्थानीय लोगों ने आंशिक रूप से जला शव देखा तो पुलिस को सूचना दी. घटना के बाद बलदेवभाई घर लौटे और परिवार वालों को बताया कि पत्नी लापता हो गई है. उन्होंने रीना के भाई और परिचितों को फोन कर बताया कि उनका फोन स्विच ऑफ है और उन्हें कहीं नहीं मिल रही हैं. बाद में उन्होंने पुलिस थाने में लापता रिपोर्ट भी दर्ज कराई. हालांकि धोलका ग्रामीण पुलिस, सर्विलांस टीम और लोकल क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, लोकल इंटेलिजेंस की मदद से जांच की और शक की सुई बलदेवभाई की ओर मुड़ गई. गिरफ्तार करने पर उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया. पुलिस को दी गई जानकारी में बलदेवभाई ने बताया कि घर में लंबे समय से घरेलू कलह चल रही थी. उन्हें लगता था कि पत्नी, बच्चे और मां अक्सर उनके खिलाफ रहते हैं. इससे पहले भी उन्होंने पत्नी को मारने की धमकी दी थी. धोलका पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की हत्या और सबूत नष्ट करने संबंधी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. जांच चल रही है कि हत्या पहले से प्लान की गई थी या झगड़े के दौरान अचानक हुई. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ahmedabad,Ahmedabad,Gujarat Source link

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बोलती हैं सुदेश की तस्वीरें…चौक से दीवारों पर उतार देते हैं हूबहू...

जमशेदपुर. भारत प्रतिभाओं का देश है. यहां हर गली, मोहल्ले और छोटे शहरों में ऐसे कई हुनरमंद लोग मौजूद हैं, जिनकी कला और मेहनत किसी बड़े मंच की हकदार होती है. झारखंड के जमशेदपुर के बिरसानगर निवासी सुदेश पुराण भी ऐसे ही युवा कलाकार हैं, जो अपनी अनोखी चौक (Chalk) आर्ट के जरिए लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं. महज 22 वर्ष की उम्र में सुदेश अपनी दीवारों पर बनाई गई शानदार कलाकृतियों के कारण सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक चर्चा का विषय बने हुए हैं. हमेशा मिला परिवार का साथसाधारण परिवार से आने वाले सुदेश की सफलता की कहानी संघर्ष और जुनून से भरी हुई है. उनकी माता बबीता देवी एक स्कूल में कार्यरत हैं, जबकि पिता भीमसेन पुराण निजी काम करते हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं होने के बावजूद सुदेश ने कभी अपने सपनों को छोटा नहीं होने दिया. उनकी छोटी बहन मोनिका ने हाल ही में इंटरमीडिएट की परीक्षा दी है. पूरे परिवार ने हमेशा सुदेश की कला को आगे बढ़ाने में उनका साथ दिया है. किराए के कमरे से शुरुआतसुदेश केवल एक कलाकार ही नहीं, बल्कि एक मल्टी टैलेंटेड युवा हैं. उन्हें योग, डांस, जिम और आर्ट जैसी कई गतिविधियों में रुचि है. हालांकि उनकी सबसे बड़ी पहचान उनकी चौक आर्ट है. सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने एक छोटे से किराए के कमरे से अपनी कला की शुरुआत की. शुरुआत में उनके पास न तो बड़ा स्टूडियो था और न ही महंगे उपकरण, लेकिन उनके जुनून ने उन्हें लगातार आगे बढ़ाया. जब दीवार बनी कैनवासजब उनकी मां ने उनकी प्रतिभा और लगन को देखा, तो उन्होंने एक ऐसे घर को किराए पर लिया, जहां छत के ऊपर बड़ी खाली दीवारें थीं. यही दीवारें सुदेश के लिए कैनवास बन गईं. उन्होंने इन दीवारों पर चौक से ऐसी जीवंत और आकर्षक तस्वीरें उकेरीं कि देखने वाले दंग रह जाते हैं. उनकी कलाकृतियों में रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, राघव जुयाल, बादशाह, रतन टाटा, राधा-कृष्ण, लोकप्रिय यूट्यूबर आई शो स्पीड (IShowSpeed) समेत कई बॉलीवुड, हॉलीवुड और अन्य प्रसिद्ध हस्तियों के चित्र शामिल हैं. उनकी बनाई तस्वीरों में चेहरे के भाव, बारीकियां और वास्तविकता का ऐसा मेल दिखाई देता है कि वे किसी पेंटिंग से कम नहीं लगतीं. सच्ची सफलता के आगे नहीं टिकती परेशानीसुदेश बताते हैं कि उनका सबसे बड़ा सपना अपना खुद का घर बनाना है, जहां वह एक बड़ा आर्ट स्टूडियो तैयार कर सकें और अपनी कला को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें. उनका मानना है कि अगर मेहनत और लगन सच्ची हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते. सोशल मीडिया पर भी छाएआज सुदेश की कला सोशल मीडिया पर भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है. उनकी शानदार चौक आर्ट को सोशल मीडिया पर @Flex_artist_sudesh नामक हैंडल पर देखा जा सकता है. जमशेदपुर का यह युवा कलाकार साबित कर रहा है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या बड़े संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि उसे केवल मेहनत, समर्पण और अवसर की जरूरत होती है. Source link

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