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झारखंड

जमीन म्यूटेशन नहीं होने से नाराज युवक चढ़ा टावर पर:अंचल अधिकारी को...

हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र के बानादाग में शुक्रवार को एक युवक लगभग 85 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक की पहचान चतरा जिले के टंडवा निवासी विकास कुमार के रूप में हुई है, जो बानादाग एनटीपीसी साइडिंग में कार्यरत है। विकास का आरोप है कि अंचल कार्यालय की कार्यशैली से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया है, क्योंकि उसकी जमीन का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) पिछले पांच-छह महीनों से लंबित है। अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार व्याप्त: विकास विकास कुमार ने कटकमदाग के अंचल अधिकारी (सीओ) सत्येंद्र नारायण पासवान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का कहना है कि अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार व्याप्त है और अधिकारियों ने मिलीभगत कर उसकी जमीन किसी दूसरे व्यक्ति के नाम स्थानांतरित कर दी है। उसने चेतावनी दी है कि जब तक उसकी जमीन के म्यूटेशन की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता और कागजात दुरुस्त नहीं किए जाते, वह टावर से नीचे नहीं उतरेगा। इधर, घटना की सूचना मिलते ही कटकमदाग थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। भारी भीड़ की वजह से सड़क पर लगा जाम इस विरोध प्रदर्शन को देखने के लिए घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे सड़क पर कुछ समय के लिए जाम लग गया। पुलिस अधिकारियों ने युवक से मोबाइल फोन पर संपर्क कर उसे नीचे उतारने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ा रहा और अंचल अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग करता रहा। बढ़ते दबाव के बाद अंचल अधिकारी सत्येंद्र नारायण पासवान खुद घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारी और सीओ लगातार युवक से बातचीत कर उसे सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, युवक टावर पर ही डटा हुआ था। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। Source link

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RBI MPC Meeting Live : रेपो रेट स्थिर, ग्रोथ रेट घटाई, विदेशी...

नई दिल्‍ली. रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्‍होत्रा की अगुवाई में तीन दिनों से चल रही मौद्रिक नीति सीमिति (MPC) की बैठक के नतीजा आ गया है. इस बार आरबीआई के सामने कई चुनौतियां थीं. इसलिए कयास लगाए जा रहे थे कि रुपये को थामने के लिए ब्‍याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं, लेकिन ज्‍यादातर एक्‍सपर्ट का यही मानना है कि रिजर्व बैंक रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा. आरबीआई ने अपनी पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं किया है. RBI Policy News: बाहरी झटकों से निपटने के लिए भारत बेहतर स्थिति में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा और मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए पहले से अधिक मजबूत हुई है. केंद्रीय बैंक के मुताबिक सरकार द्वारा MSME और निर्यात क्षेत्र को दिया गया समर्थन, घरेलू गैस और कच्चे तेल के उत्पादन को बढ़ाने की कोशिशें तथा आयातित उत्पादों के घरेलू विकल्पों को बढ़ावा देने जैसे कदमों ने अर्थव्यवस्था की मजबूती बढ़ाई है.RBI ने कहा कि महत्वपूर्ण आयातों के स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति भी भारत को बाहरी झटकों से बचाने में मदद कर रही है. इन उपायों की वजह से वैश्विक संकट या आपूर्ति संबंधी बाधाओं का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पहले की तुलना में कम पड़ने की उम्मीद है. RBI का संतुलित रुख अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा मॉड्यूलस अल्टरनेटिव्स के सीईओ एवं सीआईओ संदीप अग्रवाल ने कहा कि RBI ने ब्याज दरों को स्थिर रखकर विकास, महंगाई और वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है. यह फैसला दिखाता है कि केंद्रीय बैंक भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा रखता है, लेकिन वैश्विक जोखिमों को लेकर भी सतर्क है.उनके मुताबिक RBI द्वारा घोषित उपायों से बाजार में पर्याप्त लिक्विडिटी बनी रहेगी और कारोबारों को वित्तपोषण मिलता रहेगा. उन्होंने कहा कि नीतिगत स्थिरता प्राइवेट क्रेडिट सेक्टर के लिए भी अच्छी खबर है, क्योंकि यह ऐसे समय में मजबूत कंपनियों की फंडिंग जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहा है, जब पारंपरिक कर्जदाता अधिक सतर्क रुख अपना रहे हैं. RBI Monetary Policy Meeting: फूड इन्फ्लेशन पर RBI का क्या टेक? RBI Monetary Policy Meeting: आरबीाई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि खाद्य कीमतों का भविष्य अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. इसकी सबसे बड़ी वजह सामान्य से कमजोर दक्षिण-पश्चिम मानसून का अनुमान और एल नीनो की आशंका है. यदि मौसम की स्थिति उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, तो कृषि उत्पादन और खाद्य आपूर्ति पर असर पड़ सकता है, जिससे खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में दबाव बढ़ सकता है.मल्होत्रा ने कहा कि महंगाई बढ़ने के जोखिम पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुए हैं. हालांकि, मौद्रिक नीति समिति (MPC) का मानना है कि किसी बड़े कदम से पहले स्थिति को और स्पष्ट होने देना बेहतर होगा. इसी कारण समिति ने फिलहाल इंतजार करने और आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखने का फैसला किया है. रेपो रेट में विराम, लेकिन रियल एस्टेट की रफ्तार बरकरार: मोहित मित्तल MORES के सीईओ मोहित मित्तल ने कहा कि RBI का रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखने का फैसला बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था, हालांकि कई निवेशक एक और दर कटौती की उम्मीद कर रहे थे. उनके मुताबिक 2025 की शुरुआत से अब तक ब्याज दरों में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कमी का असर अब धीरे-धीरे आम घर खरीदारों तक पहुंच रहा है. इससे EMI का बोझ कम हुआ है, होम लोन सस्ते हुए हैं और बाजार में सकारात्मक माहौल बना है. मोहित मित्तल ने कहा कि बढ़ते कच्चे तेल के दाम और रुपये पर दबाव को देखते हुए RBI का रुख पूरी तरह उचित है. उन्होंने कहा कि रेपो रेट में फिलहाल कोई बदलाव न होना रियल एस्टेट सेक्टर के लिए नकारात्मक संकेत नहीं है. पिछले एक साल में हुई दर कटौतियों ने उन खरीदारों को भी बाजार में वापस लाया है, जो लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. उनके अनुसार किफायती आवास, मिडिल क्लास हाउसिंग और प्रीमियम सेगमेंट तीनों में मांग मजबूत बनी हुई है. उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि FY27 में ब्याज दरों में एक और कटौती होती है, तो रियल एस्टेट बाजार की रफ्तार और तेज हो सकती है. मोहित मित्तल का मानना है कि सेक्टर की बुनियादी स्थिति मजबूत है और किसी एक नीतिगत फैसले से इसकी दीर्घकालिक विकास कहानी नहीं बदलने वाली. स्थिर रेपो रेट से हाउसिंग डिमांड को मिलेगा समर्थन: आशीष भूटानी भूटानी इंफ्रा के सीईओ आशीष भूटानी ने कहा कि RBI द्वारा रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखना और न्यूट्रल रुख जारी रखना मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं और बदलते महंगाई परिदृश्य के बीच एक संतुलित फैसला है. उनके मुताबिक रियल एस्टेट सेक्टर के लिए केवल ब्याज दरों में कटौती ही नहीं, बल्कि दरों में स्थिरता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है.आशीष भूटानी ने कहा कि स्थिर ब्याज दरें घर खरीदारों का भरोसा बढ़ाती हैं और उन्हें लंबी अवधि की वित्तीय योजना बनाने में मदद करती हैं. साथ ही, पूर्वानुमान योग्य उधारी माहौल के कारण डेवलपर्स भी अपनी परियोजनाओं की बेहतर योजना बनाकर उन्हें समय पर पूरा कर सकते हैं.उन्होंने उम्मीद जताई कि ब्याज दरों में यह स्थिरता आवासीय रियल एस्टेट की मांग को बनाए रखने में मदद करेगी, खासकर मिड-इनकम और प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट में. उनके अनुसार यह फैसला रियल एस्टेट सेक्टर की विकास रफ्तार को आगे भी मजबूती प्रदान कर सकता है. RBI ने बढ़ते जोखिमों के बीच संतुलित रुख अपनाया कोटक महिंद्रा एएमसी में हेड फिक्स्ड इनकम अभिषेक बिसेन (Abhishek Bisen) ने कहा कि जून 2026 की RBI मौद्रिक नीति बैठक ऐसे समय में हुई, जब वैश्विक संघर्ष, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, रुपये में कमजोरी और मानसून से जुड़े जोखिम बाजार की चिंता बढ़ा रहे हैं. हालांकि खुदरा महंगाई (CPI) 3.48% के अपेक्षाकृत आरामदायक स्तर पर बनी हुई है, लेकिन थोक महंगाई (WPI) और ईंधन की बढ़ती कीमतें भविष्य में दबाव बढ़ने के संकेत दे रही हैं.उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत बनी हुई है, लेकिन उस पर कुछ चुनौतियों का असर दिखने लगा है और FY27 के लिए विकास की संभावनाएं पहले की तुलना में थोड़ी कमजोर हुई हैं. इसी वजह से बॉन्ड यील्ड और जोखिम प्रीमियम में भी बढ़ोतरी देखी

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मनरेगा से लगाया आम का बाग, बदल गई मनौती देवी की किस्मत,...

Last Updated:June 05, 2026, 11:27 IST Palamu News: पलामू की मनौती देवी ने मनरेगा योजना का लाभ लेकर आम की बागवानी शुरू की थी. आज वह अपने बाग के आम सीधे बेचकर रोजाना अच्छी कमाई कर रही हैं और दूसरे किसानों के लिए मिसाल बन गई हैं. प्राकृतिक तरीके से पके उनके ये आम लोग खूब पसंद कर रहे हैं. ख़बरें फटाफट पलामू. फलदार वृक्षों की खेती आज किसानों के लिए आय का एक स्थायी और लाभदायक माध्यम बनती जा रही है. पारंपरिक फसलों की तुलना में फलदार पौधों से लंबे समय तक उत्पादन मिलता है और बाजार में फलों की मांग भी लगातार बनी रहती है. आम, अमरूद, लीची और कटहल जैसे फलों की बागवानी से किसान कम जमीन में भी अच्छी कमाई कर सकते हैं. फलदार वृक्षों की खेती से किसान बन रहे आत्मनिर्भरसरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को फलदार पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. इससे न केवल किसानों की आमदनी बढ़ रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, हरियाली और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिल रहा है. कई किसान अब खेती के साथ-साथ सीधे उपभोक्ताओं तक अपने उत्पाद पहुंचाकर अतिरिक्त लाभ कमा रहे हैं. पलामू जिले में भी ऐसे कई उदाहरण देखने को मिल रहे हैं, जहां किसान फलदार वृक्षों की खेती के जरिए आत्मनिर्भर बन रहे हैं. मनौती देवी कमा रहीं बेहतर मुनाफाइसी कड़ी में पलामू जिले के चियांकी गांव की रहने वाली मनौती देवी आज आम की बागवानी के जरिए अच्छी आमदनी अर्जित कर रही हैं. वर्ष 2019 में उन्होंने एक एकड़ भूमि में आम का बाग लगाया था. वर्तमान में उनके बाग में करीब 120 आम के पेड़ हैं, जो अब बेहतर उत्पादन देने लगे हैं. वह मनरेगा अंतर्गत बागवानी योजना का लाभ लेकर मुनाफा कमा रही हैं. रोज हो रही इतनी आयबागवानी के साथ-साथ मनौती देवी अपने आमों की सीधी बिक्री भी कर रही हैं. इसके लिए उन्होंने समाहरणालय परिसर के बाहर एक स्टॉल लगाया है, जहां हर दिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक आम की बिक्री होती है. उनके स्टॉल पर रोजाना करीब 20 से 25 किलोग्राम आम बिक रहे हैं, जिससे उन्हें रोज 500 से 1000 रुपये तक की आय हो रही है. नेचुरली पके हैं आममनौती देवी ने कहा कि इस आम की खास बात यह है कि ये पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से पकाए गए हैं. इन आमों को पकाने के लिए किसी प्रकार के कार्बाइड या रासायनिक पदार्थ का उपयोग नहीं किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक फल मिल रहे हैं. यही वजह है कि लोगों के बीच इनके आम की मांग लगातार बढ़ रही है. मनरेगा कर्मी लंकेश कुमार ने बताया कि मनौती देवी ने मनरेगा योजना का लाभ लेकर आम की बागवानी शुरू की थी. योजना के तहत उन्हें आम्रपाली और मल्लिका प्रजाति के आम के पौधे उपलब्ध कराए गए थे. समय के साथ इन पौधों ने फल देना शुरू किया और आज यह बाग उनके लिए आय का मजबूत स्रोत बन चुका है. स्टॉल की व्यवस्था की गईउन्होंने बताया कि मनरेगा के माध्यम से लगाए गए फलदार पौधों का लाभ अब किसान सीधे तौर पर प्राप्त कर रहे हैं. किसानों को अपने उत्पाद बेचने में सुविधा हो, इसके लिए समाहरणालय के बाहर ‘दीदी स्टॉल’ की व्यवस्था की गई है. यहां मनौती देवी अपने आम मात्र 40 रुपये प्रति किलो की दर से बेच रही हैं. मनरेगा के तहत मिली सहायता और अपनी मेहनत के बल पर मनौती देवी आज न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं, बल्कि अन्य किसानों और महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं. उनका यह प्रयास दर्शाता है कि अगर योजनाओं का सही तरीके से लाभ लिया जाए, तो बागवानी किसानों की आय बढ़ाने का असरदार माध्यम बन सकती है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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सड़क हादसे में ट्रैक्टर चालक की मौत:ट्रेलर ने पीछे से ट्रैक्टर को...

जामताड़ा जिले के सतसाल स्थित साहिबगंज बाईपास मोड़ के पास गुरुवार रात एक सड़क दुर्घटना में ट्रैक्टर चालक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रेलर ने पीछे से ट्रैक्टर को टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर चालक कंटेनर के नीचे आ गया और उसका सिर कुचल गया। मृतक की पहचान करीब 30 वर्षीय उमेश महतो के रूप में हुई है। हादसे के बाद ट्रेलर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। दुर्घटनास्थल पर आसपास के ग्रामीण और राहगीरों की भीड़ जुट गई। इस दुर्घटना के कारण सड़क पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। घटना की सूचना मिलते ही जामताड़ा थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो, क्यूआरटी-02 जिला नियंत्रण कक्ष जामताड़ा के पुलिस पदाधिकारी और सीसीआर क्यूआरटी टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और शव को अपने कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की। फरार ट्रेलर चालक की तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, मृतक उमेश महतो अपने पीछे तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनमें दो बेटे और एक बेटी शामिल हैं। परिवार में शोक का माहौल है। Source link

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गिरिडीह में डेढ़ क्विंटल मछली समेत जलीय जीवों की मौत:जलीय सूर्य मंदिर...

गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड अंतर्गत जगन्नाथडीह मिर्जागंज स्थित प्रसिद्ध जलीय सूर्य मंदिर परिसर के तालाब में बड़ी संख्या में जलीय जीवों की मौत हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अब तक लगभग डेढ़ से दो क्विंटल मछलियां मृत पाई गई हैं। इसके अतिरिक्त, तालाब में कछुए, मेंढक और सांप भी मरे हुए मिले हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि तालाब में किसी शरारती तत्व द्वारा जहर या कोई रासायनिक पदार्थ डाला गया है, या फिर अत्यधिक प्रदूषण के कारण पानी जहरीला हो गया है, जिससे जलीय जीवों की लगातार मौत हो रही है। मंदिर समिति के सदस्यों को मौके पर बुलाया स्थानीय ग्रामीण सुमित रंजन दराद और विक्रम शर्मा ने बताया कि मछलियों और अन्य जीवों के मरने की सूचना मिलते ही उन्होंने मंदिर समिति के सदस्यों को मौके पर बुलाया। ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर समिति के अध्यक्ष ने भी घटना पर अनभिज्ञता जताई और कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मछलियां क्यों मर रही हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी उन्हें भी नहीं है। हालांकि, उन्होंने मछलियों के साथ-साथ सांप, कछुए और अन्य जलीय जीवों के मरने की बात स्वीकार की। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर के चारों ओर स्थित तालाब में गंदगी का अंबार लगा हुआ है और पानी भी काफी दूषित हो चुका है। ग्रामीणों का मानना है कि संभवतः किसी ने तालाब में कोई केमिकल या नशीला पदार्थ डाला है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि यह एक धार्मिक और आस्था का केंद्र है, इसलिए यहां मछली पालन के लिए टेंडर नहीं दिया जाना चाहिए। कुछ ग्रामीणों ने किसी रंजिश के कारण तालाब में जहर डाले जाने की आशंका भी जताई है। ग्रामीणों ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि तालाब के चारों ओर घाट बने हुए हैं, जहां आसपास के लोग प्रतिदिन स्नान करते हैं। यदि पानी जहरीला हो गया है, तो इससे किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। मामले की निष्पक्ष जांच कर मांग उन्होंने प्रशासन से तत्काल पानी की जांच कराने, तालाब की सफाई कराने और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में स्थानीय प्रशासन को भी सूचना दे दी गई है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र गौरतलब है कि जगन्नाथडीह का जलीय सूर्य मंदिर झारखंड की पहचान और गौरव का प्रतीक माना जाता है। दिल्ली के लोटस टेंपल की तर्ज पर निर्मित यह मंदिर अपनी अनूठी वास्तुकला और प्राकृतिक सुंदरता के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। बावजूद इसके मंदिर परिसर और तालाब के संरक्षण को लेकर लंबे समय से लापरवाही बरते जाने के आरोप लगते रहे हैं। लोगों ने गिरिडीह उपायुक्त, खोरीमहुआ अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) तथा अन्य संबंधित अधिकारियों से अविलंब हस्तक्षेप कर तालाब को बचाने और इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखने की मांग की है। Source link

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Annamalai News Live: अन्नामलाई आज खेलेंगे नया दांव! नई पार्टी का ऐलान...

होमताजा खबरदेश LIVE:अन्नामलाई आज खेलेंगे नया दांव! नई पार्टी का ऐलान या फिर कुछ और Last Updated:June 05, 2026, 10:43 IST Annamalai Announcement Live: तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई आज दोपहर 12 बजे बड़ा ऐलान करने वाले हैं. इस्तीफे की अटकलों और नई राजनीतिक पार्टी या आंदोलन की चर्चाओं के बीच तमिलनाडु की राजनीति में ह…और पढ़ें तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई आज बड़ा ऐलान कर सकते हैं. (फाइल फोटो PTI) Annamalai News Live: तमिलनाडु की राजनीति में शुक्रवार का दिन बड़ा सियासी ट्विस्ट लेकर आ सकता है. बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व IPS अधिकारी के. अन्नामलाई आज दोपहर 12 बजे बड़ा ऐलान करने वाले हैं. उनके एक सोशल मीडिया पोस्ट ने चेन्नई से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज कर दी है. सवाल है कि अन्नामलाई अलग रास्ता चुनते हैं तो तमिलनाडु की राजनीति किस दिशा में जाएगी. पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर उनकी नाराजगी की खबरें लगातार सामने आ रही थीं. AIADMK के साथ सीट शेयरिंग को लेकर भी वह सहज नहीं बताए जा रहे थे. ऐसे में अब उनके अगले कदम को सिर्फ व्यक्तिगत फैसला नहीं बल्कि दक्षिण भारत की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है. बीजेपी लगातार इन खबरों को अफवाह बता रही है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि अन्नामलाई अब ‘नई राजनीतिक लाइन’ तैयार करने के मूड में हैं. अन्नामलाई ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘मैं कल दोपहर करीब 12 बजे आप सभी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए खुलकर बातचीत करने का इंतजार कर रहा हूं.’ इस एक लाइन ने अटकलों का बाजार गर्म कर दिया. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. हाल ही में दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने अमित शाह से मुलाकात भी की थी. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी नेतृत्व ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन तमिलनाडु इकाई में खुद को साइडलाइन किए जाने को लेकर वह नाराज बताए जा रहे हैं. अब सबकी नजर इस बात पर है कि दोपहर 12 बजे अन्नामलाई सिर्फ सफाई देंगे या फिर तमिलनाडु की राजनीति में नया अध्याय शुरू करेंगे. युवा राजनीति के नाम पर नई रणनीति? सूत्रों के मुताबिक अन्नामलाई तमिलनाडु के युवाओं को केंद्र में रखकर एक नया राजनीतिक आंदोलन शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि वह राज्य में पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के खिलाफ नया नैरेटिव खड़ा करना चाहते हैं. यही वजह है कि उनके अगले कदम को बेहद अहम माना जा रहा है. अन्नामलाई पिछले कुछ सालों में बीजेपी के सबसे चर्चित दक्षिण भारतीय चेहरों में शामिल रहे हैं. उन्होंने DMK सरकार के खिलाफ लगातार आक्रामक राजनीति की और सोशल मीडिया पर भी मजबूत पकड़ बनाई. लेकिन हाल के दिनों में पार्टी के भीतर उनकी भूमिका सीमित होने की चर्चा ने सियासी अटकलों को और बढ़ा दिया. बीजेपी ने हालांकि साफ किया है कि अन्नामलाई पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं. पार्टी नेताओं का कहना है कि इस्तीफे की खबरें गलत हैं. इसके बावजूद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर अन्नामलाई अलग रास्ता चुनते हैं तो इसका असर बीजेपी और AIADMK दोनों पर पड़ सकता है. दिल्ली में क्या हुई थी बातचीत? हाल ही में अन्नामलाई दिल्ली पहुंचे थे जहां उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में उन्होंने तमिलनाडु बीजेपी की अंदरूनी स्थिति और अपनी चिंताओं को खुलकर रखा. पार्टी नेतृत्व ने उन्हें संगठन में बने रहने के लिए कहा, लेकिन इसके बाद भी अटकलें खत्म नहीं हुईं. तमिलनाडु की राजनीति में अन्नामलाई को युवा और आक्रामक चेहरा माना जाता है. यही वजह है कि उनका अगला कदम सिर्फ बीजेपी ही नहीं बल्कि पूरे राज्य के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है. दोपहर 12 बजे पर टिकी राजनीति की नजर अब पूरे देश की नजर अन्नामलाई के दोपहर 12 बजे वाले ऐलान पर है. क्या वह नई पार्टी बनाएंगे? क्या बीजेपी में ही नई भूमिका स्वीकार करेंगे? या फिर सिर्फ राजनीतिक संदेश देकर अटकलों पर विराम लगाएंगे? इन सवालों का जवाब कुछ ही घंटों में सामने आ जाएगा. लेकिन इतना तय है कि तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. Annamalai Announcement Live: अन्नामलाई का इस्तीफा BJP ने स्वीकार किया Annamalai News Live: पूर्व तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष के अन्नामलाई का इस्तीफा पार्टी नेतृत्व ने स्वीकार कर लिया है. अन्नामलाई ने कुछ दिन पहले भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद से उनके भविष्य को लेकर लगातार अटकलें चल रही थीं. पूर्व IPS अधिकारी रहे अन्नामलाई तमिलनाडु बीजेपी का बड़ा चेहरा माने जाते थे और उनके अगले राजनीतिक कदम पर अब सबकी नजर है. Annamalai News Live: अमित शाह ने BJP में बने रहने को कहा? Annamalai Announcement Live: रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में नई दिल्ली दौरे के दौरान अन्नामलाई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. सूत्रों का दावा है कि इस दौरान पार्टी नेतृत्व ने उनसे बीजेपी में बने रहने की अपील की. माना जा रहा है कि अन्नामलाई ने अपनी नाराजगी और राजनीतिक स्थिति को लेकर शीर्ष नेतृत्व से खुलकर बात की थी. Annamalai Announcement Live: तमिल युवाओं के लिए नया राजनीतिक आंदोलन? Annamalai News Live: सूत्रों के अनुसार अन्नामलाई तमिलनाडु के युवाओं पर फोकस करते हुए एक नए राजनीतिक आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं. माना जा रहा है कि उनका नया कदम राज्य की राजनीति में अलग पहचान बनाने की कोशिश हो सकता है. शुक्रवार को होने वाले उनके संभावित ऐलान पर पूरे दक्षिण भारत की राजनीति की नजर टिकी हुई है. Annamalai News Live: क्या नई पार्टी बनाएंगे अन्नामलाई? Annamalai News Live: पूर्व IPS अधिकारी के अन्नामलाई को लेकर अटकलें तेज हैं कि वह शुक्रवार को बड़ा ऐलान कर सकते हैं. कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि वह पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं. बताया जा रहा है कि पार्टी के भीतर खुद को साइडलाइन किए जाने और AIADMK के साथ सीट शेयरिंग को लेकर वह नाराज हैं. हालांकि अब तक अन्नामलाई की ओर से कोई आधिकारिक बयान

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डॉक्टरों ने छोड़ दी थी उम्मीद, पेड़-पौधों की हरियाली बनी थेरेपी… कोडरमा...

Last Updated:June 05, 2026, 09:59 IST Koderma Arun Mishra Meenakshi Garden: कोडरमा में डॉ. अरुण मिश्रा ने कबाड़ से मीनाक्षी गार्डन नाम से गार्डन बनाया है. इस गार्डन ने पर्यावरण संरक्षण की मिसाल दी है. वह कैंसर से उबरने में बगीचे की हरियाली को थेरेपी मानते हैं. जहां हर नागरिक से पौधारोपण की अपील कर रहे हैं. ख़बरें फटाफट कोडरमा: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जहां पूरे विश्व में पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. वहीं, झुमरी तिलैया के देवी मंडप रोड निवासी 71 वर्षीय शिक्षाविद् डॉ. अरुण मिश्रा अपने अनूठे प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश कर रहे हैं. उन्होंने अपने आवास परिसर में बेकार और अनुपयोगी वस्तुओं को नया जीवन देते हुए एक आकर्षक एवं हराभरा मीनाक्षी गार्डन तैयार किया है. जो लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है. अनुपयोगी वस्तुओं का कर रहे हैं इस्तेमाल डॉ. अरुण मिश्रा ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व वह चंडीगढ़ घूमने गए थे. वहां उन्होंने प्रसिद्ध रॉक गार्डन का भ्रमण किया. जहां कबाड़ और बेकार वस्तुओं को कलात्मक रूप देकर सुंदर उद्यान का निर्माण किया गया है. रॉक गार्डन की इसी अवधारणा ने उन्हें प्रेरित किया कि घर में पड़ी अनुपयोगी वस्तुओं को फेंकने की बजाय उनका रचनात्मक उपयोग किया जाए और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हरियाली को बढ़ावा दिया जाए. इसके बाद उन्होंने अपने घर में पड़ी पुरानी प्लास्टिक की बोतलें, पानी के जार, गाड़ियों के पुराने टायर, क्षतिग्रस्त बाथ टब, अनुपयोगी हैंड बेसिन, पुराने शौचालय कमोड और फ्लश बॉक्स जैसी वस्तुओं को पौधारोपण और बगीचे की सजावट के लिए इस्तेमाल करना शुरू किया. आज यही कबाड़ सामग्री उनके गार्डन की खूबसूरती बढ़ा रही है. उनका यह प्रयास वेस्ट को बेस्ट बनाने का उत्कृष्ट उदाहरण पेश कर रही है. पेड़-पौधों की हरियाली ने किया थेरेपी का काम डॉ. मिश्रा ने अपने जीवन के एक कठिन दौर को याद करते हुए बताया कि उन्हें कैंसर की चौथी स्टेज का सामना करना पड़ा था. उस समय चिकित्सकों ने उनके स्वस्थ होने की संभावना काफी कम बताई थी. इसके बाद उन्होंने प्रकृति के बीच अधिक समय बिताना शुरू किया. वे रोजाना अपने बगीचे में समय देने लगे और पेड़-पौधों की देखभाल करने लगे. उन्होंने कहा कि बगीचे में लगे दर्जनों किस्म के गुलाब, रंग-बिरंगे फूल और हरे-भरे पौधों ने उन्हें हमेशा सकारात्मक ऊर्जा प्रदान की. फूलों की सुगंध और प्रकृति की शांति उनके लिए किसी थेरेपी से कम नहीं रही. उनका मानना है कि प्रकृति के साथ बिताया गया समय मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी होता है. उन्होंने बताया कि आज वे कैंसर से उबर चुके हैं और इसका एक बड़ा श्रेय प्रकृति के साथ उनके जुड़ाव को जाता है. सहभागिता से खड़े हो सकते हैं करोड़ों पेड़ पर्यावरण संरक्षण को लेकर डॉ. मिश्रा ने लोगों से भी आगे आने की अपील की. उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में हर व्यक्ति पेड़ों की छांव तलाशता है और अपनी गाड़ियां भी पेड़ों के नीचे खड़ी करना पसंद करता है, लेकिन पौधारोपण के प्रति उतनी गंभीरता नहीं दिखाता. उन्होंने कहा कि देश की आबादी लगभग 140 करोड़ है. यदि प्रत्येक व्यक्ति केवल एक पौधा भी लगाए और उसकी देखभाल करे, तो देश में 140 करोड़ नए पेड़ खड़े हो सकते हैं, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि होगी. जिम्मेदारी से भागते हैं लोग उन्होंने कहा कि आज अधिकांश लोग चाहते हैं कि पर्यावरण संरक्षण का काम कोई दूसरा करे, जबकि इसकी जिम्मेदारी हर नागरिक की है. यदि हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है. डॉ. मिश्रा ने बताया कि उनके गार्डन में लगे पौधों के लिए रासायनिक खाद का उपयोग नहीं किया जाता. पौधों को आवश्यक पोषण देने के लिए गौशाला से प्राप्त गोबर की जैविक खाद का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे पौधे स्वस्थ रहते हैं और पर्यावरण भी प्रदूषण मुक्त बना रहता है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kodarma,Jharkhand Source link

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चार युवक जेल से बाहर आते ही गेट पर गिरफ्तार:नगर निगम चुनाव...

गिरिडीह में नगर निगम चुनाव 2026 के दौरान हुई हिंसक घटना के मामले में पचंबा थाना पुलिस ने चार नामजद आरोपियों को जेल से रिहा होते ही दोबारा गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई गुरुवार को जेल गेट के बाहर घेराबंदी कर की गई। इन चारों पर पुलिस पर पथराव करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, नगर निगम चुनाव के दौरान आजाद नगर क्षेत्र में गोलीबारी की घटना हुई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने दो अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की थीं। पहली प्राथमिकी गोलीबारी को लेकर थी, जबकि दूसरी पुलिस बल पर पथराव, सरकारी कार्य में बाधा डालने और शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में दर्ज की गई थी। गोलीबारी के मामले में जेल भेजा गया था गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नगर थाना क्षेत्र के 6 नंबर निवासी किशोर पासवान, आकाश हाड़ी, अमित विश्वकर्मा और मंजीत पासवान के रूप में हुई है। इन्हें पूर्व में गोलीबारी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। गुरुवार को इन चारों आरोपियों की जेल से रिहाई निर्धारित थी। पचंबा थाना पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी जेल से बाहर आने वाले हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम पहले से ही जेल गेट के बाहर तैनात थी। जेल से बाहर निकलते ही पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और पचंबा थाना ले गई। बताया गया कि पुलिस पर पथराव और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के दूसरे मामले में आरोपियों का रिमांड पूर्व में नहीं लिया जा सका था। चूंकि आरोपी पहले से ही जेल में थे, इसलिए इस मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी। इसी कारण उनकी रिहाई के तुरंत बाद पुलिस ने दोबारा गिरफ्तारी की कार्रवाई की। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था गिरफ्तारी अभियान का नेतृत्व मामले के अनुसंधानकर्ता एसआई प्रशांत कुमार सिंह कर रहे थे। इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था। पुलिस सूत्रों के अनुसार चारों आरोपियों से मामले में पूछताछ की जा रही है तथा घटना में उनकी भूमिका को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। मामले की जांच जारी है और आवश्यक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गोलीबारी और पुलिस पर पथराव के मामले में आरोपियों को रिमांड पर पूर्व में नहीं लिया जा सका था। इसी कारण जेल से रिहा होते ही चारों आरोपियों को जेल गेट के बाहर से गिरफ्तार किया गया।आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। -राजीव कुमार, थाना प्रभारी, पचंबा। Source link

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Reverse Line Active, Up Line Disrupted; 10 Trains Diverted

पलामू में गुरुवार दोपहर कोयला लदी एक मालगाड़ी बेपटरी होने से बंद रेल परिचालन को शुक्रवार सुबह रिवर्सल लाइन से रेल की आवाजाही फिर से शुरू हो गई। . हालांकि, कोयला बिखरा होने के कारण अप लाइन अभी भी बाधित है, जिसे बहाल करने का काम जारी है। हादसे में रेलवे ट्रैक को भी काफी नुकसान पहुंचा है। इस हादसे के कारण राजधानी एक्सप्रेस सहित 10 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है। इसके अतिरिक्त, दो ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। राजहरा रेलवे स्टेशन के पास हुआ था हादसा यह हादसा पूर्व मध्य रेलवे के सोननगर-बरवाडीह रेलखंड पर राजहरा रेलवे स्टेशन के पास हुआ था। घटना में कोयला लदे 16 वैगन पटरी से उतर गए और कुछ पलट गए, जिससे कोयला ट्रैक पर बिखर गया। इस हादसे के कारण रिवर्सल लाइन और अप लाइन बाधित हो गई थी। रेलवे ने शाम से पूरी रात तक करीब 15 घंटे तक बचाव अभियान चलाया। बरवाडीह और अन्य स्थानों से क्रेन व अन्य उपकरण मंगाए गए। रात में धनबाद से डीआरएम भी पहुंचे घटना के बाद से ही रेलवे के स्थानीय अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं। रात में धनबाद से डीआरएम भी पहुंचे और उन्होंने राहत कार्यों का जायजा लिया। रेलवे के तकनीकी विशेषज्ञ और इंजीनियरिंग विभाग की टीम भी मौके पर है और हादसे के कारणों की जांच कर रही है। एनटीपीसी दादरी जा रही थी मालगाड़ी जानकारी के अनुसार, यह मालगाड़ी 118 वैगन में कोयला लेकर खलारी से एनटीपीसी दादरी जा रही थी। राजहरा रेलवे स्टेशन के पास अचानक तकनीकी खराबी के कारण मालगाड़ी के बीच के वैगन पलट गए। मालगाड़ी के चालक और अन्य स्टाफ को कोई चोट नहीं आई है। Source link

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बलिया में पूर्वजों की धरोहर, हिरण की खाल से भोजपत्र तक पर...

Last Updated:June 05, 2026, 09:41 IST Ancestral Heritage in Ballia: बलिया के द्वाबा क्षेत्र के गोंहिया छपरा गांव निवासी आत्मानंद तिवारी ने बताया कि उनके घर में प्राचीन पांडुलिपियां सुरक्षित हैं. ये सभी हस्तलिखित है और उनके पितामह पं. राधामाधव शास्त्री तथा बाबा पं. दीनदयाल तिवारी द्वारा लिखित संस्कृत के विविध ग्रंथ भी यहां संरक्षित है. आत्मानंद तिवारी के अनुसार इन पांडुलिपियों को व्यवस्थित रूप से रखा गया है और शोधकार्य के लिए विद्वान और शोधार्थी लगातार यहां आते रहते है. बलिया: पूर्वजों की धरोहर और पहचान को जीवित रखने के लिए लोग कई तरह के प्रयास करते हैं. इसी कड़ी में बलिया जनपद की कुछ दुर्लभ तस्वीरें और दस्तावेज सामने आए हैं, जहां बाबा-दादा के समय की पांडुलिपियां आज भी पूरी तरह सुरक्षित है. इन पांडुलिपियों को न सिर्फ शोधकर्ता, बल्कि इतिहासकार भी देखने आते है. ये वही हस्तलिखित पांडुलिपियां है. जिन्हें पूर्वजों ने अपने हाथों से लिखा था और जिन्हें उनकी आने वाली पीढ़ियां अपनी अमूल्य धरोहर मानकर सहेज रही है. यह मामला उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद की बैरिया तहसील के गोंहिया छपरा गांव का है. यहां के एक घर में कई विद्वान हुए, जिनकी हस्तलिखित धरोहर आज भी संरक्षित है. इस घर में आज भी अनेक भाषाओं में लिखे गए विविध ग्रंथ सुरक्षित रखे हैं, जो उस दौर की अलग-अलग विषयों पर आधारित रचनाएं है. आइए विस्तार से समझते है… प्रख्यात इतिहासकार और राष्ट्रीय पांडुलिपि संघ, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के जिला समन्वयक (बलिया) डॉ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय का कहना है कि जितनी भी पांडुलिपियां, धरोहरें और अभिलेख है वे हमारे देश की अमानत है. इन्हें संरक्षित और सुरक्षित रखना हर नागरिक का दायित्व है. हमारा इतिहास बचाना हमारा कर्तव्य है. डॉ. कौशिकेय के अनुसार जब दुश्मन देश पर आक्रमण करे और स्वतंत्रता तथा इतिहास, दोनों ही संकट में हों तो देश की चिंता से पहले इतिहास को बचाना चाहिए. उन्होंने बताया कि हमारे पास जो ज्ञान का विशाल भंडार पांडुलिपियों और अभिलेखों के रूप में मौजूद है. उन्हें संरक्षित करने का काम भारत सरकार द्वारा ‘ज्ञान भारतम्’ योजना के तहत चलाया जा रहा है. इस योजना के पहले चरण में 15 जून तक देशभर में जहां-जहां भी पांडुलिपियां है. उनकी पहचान और चिन्हांकन का कार्य जारी है. इसी योजना के अंतर्गत बलिया जिले के बैरिया क्षेत्र के अंतर्गत गोंहिया छपरा गांव सहित अन्य स्थानों पर जाकर ऐसी पांडुलिपियों को चिन्हित और संरक्षित किया जा रहा है. गोंहिया छपरा गांव में हस्तलिखित पांडुलिपियां मिली हैं, जो कागज और हिरण की खाल पर लिखी गई हैं. बलिया के अन्य कई स्थानों पर भी भोजपत्र, ताड़पत्र और पीपल पत्र पर लिखी पांडुलिपियां पाई गई है. फिलहाल इन पांडुलिपियों को सरकार की वेबसाइट पर अपलोड करने का काम चल रहा है. अनुमान लगाया जा रहा है कि धरोहरों को संभालकर रखने के मामले में बलिया देश में प्रथम स्थान पर आ सकता है. बलिया के द्वाबा क्षेत्र के गोंहिया छपरा गांव निवासी आत्मानंद तिवारी ने बताया कि उनके घर में प्राचीन पांडुलिपियां सुरक्षित हैं. ये सभी हस्तलिखित है और उनके पितामह पं. राधामाधव शास्त्री तथा बाबा पं. दीनदयाल तिवारी द्वारा लिखित संस्कृत के विविध ग्रंथ भी यहां संरक्षित है. आत्मानंद तिवारी के अनुसार इन पांडुलिपियों को व्यवस्थित रूप से रखा गया है और शोधकार्य के लिए विद्वान और शोधार्थी लगातार यहां आते रहते है. About the Author Manish Rai काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ballia,Uttar Pradesh Source link

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