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शिक्षा

RPSC की 3 बड़ी भर्ती एकसाथ:तहसीलदार के 148 पद समेत RAS में...

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई राजस्थान राज्य और अधीनस्थ सेवाएं (RAS) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2026 के 607 पदों के लिए आवेदन कल (4 जून) से शुरू होंगे। इच्छुक अभ्यर्थी 3 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 29 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस भर्ती में राज्य सेवा के 192 पद और अधीनस्थ सेवा के 415 पद शामिल हैं। 1 जनवरी 2027 को अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। अभ्यर्थियों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा में ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे, जबकि मुख्य परीक्षा में डिस्क्रिप्टिव (वर्णनात्मक) प्रश्न होंगे। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। राज्य सेवाएं (192 पद) अधीनस्थ सेवाएं (415 पद) सहायक अभियोजन-अधिकारी, पद 371, आवेदन 8 जून से शुरू होंगे राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) सहायक अभियोजन अधिकारी (गृह विभाग-अभियोजन) के 371 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 8 जून से आमंत्रित कर रहा है। आवेदन 7 जुलाई तक किए जा सकेंगे। इस भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा 2 सितंबर को आयोजित की जाएगी। 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष से कम होनी चाहिए। आयोग ने इन पदों को 2024 में विज्ञापित किया था, जिसके बाद आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर की गई थी। क्योंकि इन पदों के लिए कोई नया विज्ञापन जारी नहीं किया गया है, इसलिए अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। अभ्यर्थियों का चयन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से होगा, जो दो चरणों में प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी। 11 जून से कर सकेंगे आवेदन, 3 डिवीजन में भर्ती राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी के कुल 3 पदों पर भर्ती होगी। इसमें टॉक्सिकोलॉजी, फिजिक्स और बैलिस्टिक्स डिवीजन में 1-1 पद शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन 11 जून से शुरू होकर 10 जुलाई 2026 रात 12 बजे तक कर सकेंगे। खास बात ये है कि अगर कोई अभ्यर्थी एक से ज्यादा डिवीजन के लिए आवेदन करना चाहता है तो उसे प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग फॉर्म भरना होगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। परीक्षा तिथि बाद में घोषित होगी। शैक्षणिक योग्यता व वर्गवार जानकारी आयोग की वेबसाइट http://rpsc.rajasthan.gov.in पर देखी जा सकती है। लेक्चरर (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर भर्ती प्रोसेस जारी राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में लेक्चरर (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन सोमवार से शुरू कर दिए हैं। कैंडिडेट्स 30 जून 2026 की रात 12 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कैंडिडेट की उम्र 1 जनवरी 2027 को 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं होंगे। कैंडिडेट का सिलेक्शन एग्जाम के माध्यम से होगा। परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों की जानकारी बाद में अलग से जारी की जाएगी। (अधिक जानकारी के लिए करें क्लिक) पढें ये खबर भी…. Source link

झारखंड

Giridih SI Nand Ji Rai Line Hazir

गिरिडीह के तिसरी थाना में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर (एसआई) नंद जी राय पर एक पीड़ित परिवार ने न्याय दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। यह मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। . पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर एसआई नंद जी राय को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है और पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। तिसरी थाना क्षेत्र के लोकाय निवासी मो. तासीर ने आरोप लगाया है कि एसआई नंद जी राय ने उनकी बहन के एक मामले में कार्रवाई कराने और न्याय दिलाने के नाम पर उनसे 60 हजार रुपए लिए थे। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि एसआई ने यह राशि थाना प्रभारी और एसडीपीओ को देने की बात कहकर ली थी। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब एसआई नंद जी राय का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। इस वायरल ऑडियो में वह कथित तौर पर ली गई राशि को तीन माह में किश्तों के माध्यम से वापस करने की बात करते सुनाई दे रहे हैं। हालांकि, इस ऑडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर एसआई नंद जी राय को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। (फाइल) मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही: एसडीपीओ खोरीमहुआ के एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में एसआई नंद जी राय ने पैसे लेने की बात स्वीकार की है। हालांकि, उन्होंने कितनी राशि ली थी, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। एसडीपीओ ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसडीपीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में तत्कालीन थाना प्रभारी और तत्कालीन एसडीपीओ की संलिप्तता का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी एसआई को पहले ही लाइन हाजिर कर दिया गया है। इस बीच, मामले के विरोध में किसान जनता पार्टी के नेतृत्व में गिरिडीह में एक आक्रोश मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। फिलहाल विभागीय जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता और दोषियों की जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। Source link

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अमेरिका ने फिर लगा दिया 12.5 फीसदी टैरिफ, भारत के पास बचने...

Last Updated:June 03, 2026, 15:27 IST Section 301 : अमेरिका ने एक बार फिर पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है. एक तरफ तो उसके विदेश मंत्री दावा कर रहे हैं कि डील 99 फीसदी पूरी हो गई है और दूसरी ओर सेक्‍शन 301 जैसे कानून की आड़ में भारत पर टैरिफ लगा रहा है. सरकार के थिंक टैंक ने सुझाव दिया है कि भारत को इस कानून और टैरिफ का विरोध करना चाहिए. इसके विरोध में भारत के पास पर्याप्‍त तर्क भी हैं. अमेरिका ने धारा 301 की आड़ में भारत पर 12.5 फीसदी टैरिफ लगा दिया है. नई दिल्‍ली. अमेरिका ने भारत पर बंधुआ मजदूरी सहित अन्‍य कई तरह के आरोपों की जांच का बहाना बनाकर फिर 12.5 फीसदी का टैरिफ लगाने का प्रस्‍ताव दे दिया है. एक तरफ तो भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है और दूसरी ओर टैरिफ का खेल शुरू कर दिया है. ऐसे में भारत के पास आखिर क्‍या विकल्‍प हैं, जिसका इस्‍तेमाल वह टैरिफ से बचने के लिए कर सकता है. सरकार के थिंक टैंक जीटीआरआई ने साफ कहा है कि अमेरिका का यह कदम नियमों के विरुद्ध है और भारत को इसे चुनौती देनी चाहिए. आर्थिक शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के अनुसार, अमेरिका द्वारा धारा-301 जांच के तहत भारत पर प्रस्तावित 12.5 फीसदी शुल्क प्रावधान के दायरे से बाहर है. भारत को इसे चुनौती देनी चाहिए. संस्‍थान ने कहा है कि 12.5 फीसदी का यह शुल्क अमेरिका की विश्व व्यापार संगठन प्रतिबद्धताओं से अधिक है. इससे पहले अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने बंधुआ मजदूरी से निर्मित वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने में विफल रहने के आरोप में भारत सहित 54 देशों पर 12.5 फीसदी का अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है. 60 देशों के खिलाफ चल रही कार्रवाईअमेरिका की यह कार्रवाई 60 देशों के खिलाफ शुरू की गई जांच के बाद की जा रही है. इसमें यूएसटीआर ने आरोप लगाया था कि ये देश बंधुआ मजदूरी से तैयार उत्पादों के आयात पर प्रभावी प्रतिबंध लागू करने में विफल रहे हैं. जीटीआरआई ने कहा कि वर्तमान जांच धारा-301 के दायरे से बाहर है, जो जांच के दायरे में आ रहे देश के आयात व उनके स्रोत से नहीं बल्कि अमेरिकी कंपनियों के सामने आने वाली बाजार पहुंच बाधाओं से संबंधित है. क्‍या है अमेरिका के दावे में लूपहोलआर्थिक शोध संस्थान के अनुसार, यह जांच इस आरोप पर आधारित नहीं है कि निर्यात किए जाने वाले भारतीय उत्पाद बंधुआ मजदूरी से तैयार किए जाते हैं, बल्कि यूएसटीआर की कार्रवाई इस बात पर केंद्रित है कि क्या देश तीसरे देशों में बंधुआ मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर रोक लगाते हैं. जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि भारत को यह तर्क देना चाहिए कि अमेरिका एकतरफा व्यापार उपायों के जरिये अपने पसंदीदा आयात-नियंत्रण ढांचे को अन्य देशों पर थोपने की कोशिश कर रहा है, जो धारा-301 के दायरे से बाहर है. भारत यह भी तर्क दे सकता है कि बंधुआ मजदूरी से जुड़े मुद्दे, खासकर चीन जैसे देशों में अक्सर उत्पाद-विशिष्ट होते हैं और अमेरिका स्वयं भी इन उत्पादों का बड़ा आयातक है. ऐसे में देश-व्यापी शुल्क लगाना उचित नहीं है जब समस्या कुछ उत्पादों तक सीमित हो सकती है. अमेरिका खेल रहा दबाव की राजनीतिजीटीआरआई ने इन शुल्कों को वाशिंगटन द्वारा भारत पर दबाव बढ़ाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा भी बताया, खासकर तब जब दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं. कहा कि भारत को अतिरिक्त उत्पादन क्षमता जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त धारा 301 शुल्कों के लिए भी तैयार रहना चाहिए. अमेरिका की मंशा इस तरह के दबाव के जरिये व्‍यापार समझौते में अपनी मनमर्जी शर्ते शामिल करना है. अब देखना यह है कि भारत आखिर कैसे इस दोहरी मुश्किल से निपट सकता है. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

झारखंड

डिमांड इतनी कि 24 घंटे करनी पड़ती है पहरेदारी, जानिए क्यों खास...

Last Updated:June 03, 2026, 14:20 IST कोडरमा के मसनोडीह गांव का 63 साल पुराना आम बागान इन दिनों चर्चा में है. इस बागान में एक हजार से अधिक आम के पेड़ हैं, जिनमें एक दर्जन से ज्यादा किस्मों के आम लगाए गए हैं. यहां लोगों को पेड़ों पर प्राकृतिक रूप से पके ताजे आम मिलते हैं. यहां के आम की मांग झारखंड और बिहार के अलावा दिल्ली तक है. पिछले साल यहां के आम अमेरिका भी भेजे गए थे. बढ़ती मांग को देखते हुए बागान की 24 घंटे निगरानी की जाती है. कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले के डोमचांच प्रखंड स्थित मसनोडीह गांव का आम बागान इन दिनों अपने खास स्वाद और आम की विभिन्न किस्मों के कारण चर्चा में है. रूपक सिंह परिवार के इस विशाल बागान में एक हजार से अधिक आम के पेड़ हैं, जिनमें एक दर्जन से ज्यादा किस्मों के आम लगाए गए हैं. पेड़ों पर प्राकृतिक रूप से पके ताजे आमों की उपलब्धता के कारण यहां प्रतिदिन दूर-दराज से लोग खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं. इस बागान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां ग्राहकों को सीधे पेड़ों पर पके ताजे आम मिलते हैं. यही वजह है कि 20 से 30 किलोमीटर दूर से भी लोग यहां आम खरीदने आते हैं. वहीं, बिहार समेत अन्य जिलों के ग्राहक भी ट्रेन और बस के जरिए ऑर्डर पर यहां के आम मंगवाते हैं. मालदा से जर्दालू तक, कई किस्मों के आम उपलब्धबागान की देखरेख कर रहे राजू मेहता ने बताया कि उनके जिम्मे 55 आम के पेड़ों की देखभाल है. इन पेड़ों में मालदा, जर्दालू, गुलाब खास, बम्बईया, हिमसागर, किशुन भोग, बेलखास, मणिका, सीपिया और फ़ज़ली जैसी किस्में शामिल हैं. इसके अलावा अचार के लिए मशहूर बिजुआ और सुकूल किस्म के आम भी यहां लगाए गए हैं.राजू मेहता ने बताया कि वह पिछले 20 वर्षों से आम के कारोबार से जुड़े हुए हैं. मसनोडीह के आम की मांग इतनी अधिक है कि एक बार एक नियमित ग्राहक को दूसरे स्थान का आम भेजा गया, लेकिन उसे वह पसंद नहीं आया. इसके बाद उसने अगले वर्ष फिर मसनोडीह के आम की ही मांग की. दिल्ली से अमेरिका तक पहुंचा मसनोडीह का स्वादउन्होंने बताया कि मसनोडीह का आम अब केवल कोडरमा या झारखंड तक सीमित नहीं है. यहां के आम दिल्ली तक भेजे जा चुके हैं. पिछले वर्ष कोडरमा के एक व्यक्ति ने अमेरिका में रहने वाले अपने परिचितों के लिए 30 किलो आम मंगवाया था, जिसे 10-10 किलो के पैकेट बनाकर भेजा गया था. रूपक सिंह परिवार हर साल आम की फसल तैयार होने पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य विशिष्ट लोगों को भी उपहार स्वरूप आम भेजता है. लोगों को हर वर्ष इस बागान के आम का बेसब्री से इंतजार रहता है. आम की सुरक्षा के लिए 24 घंटे निगरानीबढ़ती मांग के साथ आम चोरी होने की आशंका भी बनी रहती है. इसी कारण पूरे बागान में 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है. राजू मेहता ने बताया कि बागान की रखवाली तीन शिफ्टों में की जाती है. वे स्वयं, उनकी पत्नी और उनका बेटा बारी-बारी से आठ-आठ घंटे तक निगरानी करते हैं. रात में बड़े टॉर्च की मदद से पूरे बागान पर नजर रखी जाती है. सुरक्षा के लिए कई स्थानों पर बांस के मचान भी बनाए गए हैं. 63 साल पुरानी विरासतमसनोडीह का यह आम बागान रूपक सिंह परिवार के पूर्वजों ने वर्ष 1963 में लगाया था. कुछ वर्षों बाद पेड़ों में फल आने शुरू हुए और तब से यह सिलसिला लगातार जारी है. छह दशक से अधिक समय बाद भी यह बागान स्वादिष्ट आमों का उत्पादन कर रहा है और अपनी मिठास के लिए दूर-दूर तक पहचान बना चुका है. यही कारण है कि मसनोडीह का नाम आज क्षेत्र के प्रमुख और प्रसिद्ध आम बागानों में शुमार है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kodarma,Jharkhand Source link

झारखंड

ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय ने कंपनी के खिलाफ की नारेबाजी:पेट्रोल महंगा, इंसेंटिव और...

बढ़ती पेट्रोल और ईंधन कीमतों के बीच इंसेंटिव में बढ़ोतरी नहीं होने से नाराज ब्लिंकिट के डिलीवरी बॉय ने बुधवार को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में डिलीवरी कर्मियों ने कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी विभिन्न मांगों को उठाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ रही पेट्रोल और ईंधन की कीमतों के कारण उनके काम का खर्च काफी बढ़ गया है। इसके बावजूद कंपनी की ओर से मिलने वाले इंसेंटिव और प्रति ऑर्डर भुगतान में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इससे उनकी आय प्रभावित हो रही है और उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डिलीवरी कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्ट कारण के उनकी आईडी ब्लॉक कर दी जाती है। इससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ता है। उन्होंने कंपनी से आईडी ब्लॉक करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और कर्मचारियों को पहले सूचना देने की मांग की है। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के युवा नेता भी डिलीवरी कर्मियों के समर्थन में शामिल हुए। उन्होंने डिलीवरी कर्मियों की मांगों को जायज ठहराते हुए कंपनी से उनकी समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर धनबाद के उपायुक्त को एक लिखित आवेदन सौंपेंगे। Source link

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कोडरमा नगर परिषद कार्यालय में तालाबंदी:अध्यक्ष ने कर्मियों के विलंब से आने...

झुमरी तिलैया नगर परिषद कार्यालय में बुधवार को अध्यक्ष रमेश हर्षधर ने तालाबंदी कर दी। यह कार्रवाई कर्मियों के लगातार विलंब से कार्यालय पहुंचने के कारण की गई। अध्यक्ष हर्षधर ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें शिकायतें मिल रही थीं कि कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। कुछ कर्मी सुबह 11 बजे तो कुछ दोपहर 1 बजे तक कार्यालय आ रहे थे। बुधवार को जब अध्यक्ष कार्यालय पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि कई लोग अपने काम से आए थे और कर्मचारियों का इंतजार कर रहे थे। पूछताछ में पता चला कि सुबह 11 बजे तक भी संबंधित विभाग के कर्मी नहीं पहुंचे थे। इस पर अध्यक्ष ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यालय के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जो कर्मी समय पर नहीं आते, वे कार्यालय के बाहर ही रहें। इस घटनाक्रम के बीच, नगर प्रबंधक रणधीर वर्मा जब कार्यालय पहुंचे, तो उन्होंने मुख्य दरवाजे पर ताला लगा देखा। इसके बाद उन्होंने कार्यालय के पिछले दरवाजे से प्रवेश किया। कार्यालय में तालाबंदी की खबर से कर्मियों में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलने पर कार्यपालक पदाधिकारी अंकित गुप्ता ने अध्यक्ष रमेश हर्षधर से संपर्क किया। उन्होंने कर्मियों के विलंब से पहुंचने का कारण स्पष्ट किया, जिसके बाद कार्यालय को दोबारा खोला गया। कार्यपालक पदाधिकारी अंकित गुप्ता ने बताया कि राज्य में जनगणना का कार्य जारी है, जिसमें नगर परिषद के कर्मी भी शामिल हैं। इसी कारण कुछ कर्मी कार्यालय पहुंचने में विलंब कर रहे थे। अध्यक्ष को इस स्थिति से अवगत करा दिया गया है और तालाबंदी हटा ली गई है। Source link

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Mamata Banerjee TMC Crisis Live: ममता के हाथों से छिन गई तृणमूल!...

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के भीतर राजनीतिक संकट बुधवार को और गहरा गया. तृणमूल कांग्रेस (TMC) में दो फाड़ की अटकलें अब सच होती दिख रही हैं. टीएमसी के भीतर बगावत बढ़ने के संकेतों ने राज्य विधानसभा में पार्टी की एकता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं. टीएमसी से निकाले जाने के एक दिन बाद बागी विधायक रीताब्रता बनर्जी विधानसभा पहुंचे और स्पीकर को एक संयुक्त पत्र सौंपा. इस पत्र पर 58 सदस्यों के हस्ताक्षर थे और इसमें उनका नाम विपक्ष के नेता के तौर पर प्रस्तावित किया गया था. विधानसभा अधिकारियों के सामने अपना दावा पेश करते समय उनके साथ अरूप रॉय, शिउली साहा और अखरुज्जमां सहित कई विधायक मौजूद थे. ये बागी विधायक खुद को ही ‘असली’ तृणमूल कांग्रेस बता रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि रीताब्रता बनर्जी को विपक्ष का नेता नियुक्त किया जाए. अगर रीताब्रता के बताए ये आंकड़े सही हैं और पार्टी के 58 विधायक उनके साथ खड़े हैं, तो यह विधानसभा के समीकरणों में एक बड़ा बदलाव होगा. इससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास केवल 20 टीएमसी विधायकों का समर्थन ही रह जाएगा और ये बागी विधायक दल-बदल कानून से बच जाएंगे. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है और तृणमूल कांग्रेस ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. Mamata Banerjee TMC Crisis Live: क्या बीजेपी टीएमसी के इन बागी नेताओं को पार्टी में शामिल करेगी? तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही उथल-पुथल और अंदरूनी मतभेद की लगातार आ रही खबरों के बीच इस बात को लेकर अटकलें तेज़ हो गई हैं कि क्या बीजेपी इन नाराज़ टीएमसी नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर सकती है. हालांकि, पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रमुख समिक भट्टाचार्य ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि पार्टी ‘दागी’ लोगों को शामिल नहीं करेगी और ज़ोर देकर कहा कि ‘बीजेपी का तृणमूलीकरण’ नहीं होगा. Mamata Banerjee TMC Crisis Live: टीएमसी ने भंग की सारी कमेटियां और संगठन तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में अपनी सभी कमेटियों के साथ-साथ अपने सभी फ्रंटल संगठनों को भी तत्काल प्रभाव से भंग करने का फैसला किया है. पार्टी ने कहा कि अब वह एक विस्तृत आंतरिक समीक्षा करेगी, जिसमें सभी स्तरों पर कामकाज और संगठनात्मक कार्यप्रणाली का मूल्यांकन शामिल होगा. इस प्रक्रिया के नतीजों के आधार पर, मुख्य संगठन और उससे जुड़े सभी विंग्स के लिए एक नए सिरे से तैयार संगठनात्मक ढाँचे की घोषणा बाद में की जाएगी. पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘गहन विचार-विमर्श के बाद, यह फैसला किया गया है कि पश्चिम बंगाल में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की सभी कमेटियां, और साथ ही उसके सभी फ्रंटल संगठन, तत्काल प्रभाव से भंग माने जाएँगे. पार्टी हर स्तर पर आत्म-निरीक्षण, कामकाज की समीक्षा और संगठनात्मक मूल्यांकन का एक व्यापक अभियान चलाएगी. इस प्रक्रिया से सामने आए नतीजों के आधार पर, मुख्य संगठन और सभी फ्रंटल संगठनों के संगठनात्मक ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा और उचित समय पर इसकी घोषणा की जाएगी.’ उन्होंने आगे कहा, ‘पार्टी अपने संगठन को मज़बूत करने और उसे नए जोश और उद्देश्य के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करने के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.’ Mamata Banerjee TMC Crisis Live: नेता विपक्ष के पद के लिए 58 विधायकों ने रीताब्रता बनर्जी का समर्थन किया टीएमसी विधायकों की बैठक के बाद 58 सदस्यों के हस्ताक्षरों वाला एक संयुक्त पत्र विधानसभा स्पीकर को सौंपा गया है, जिसमें विपक्ष के नेता के तौर पर रीतातब्रता बनर्जी के नाम का प्रस्ताव किया गया है. Mamata Banerjee TMC Crisis Live: टीएमसी के करीब 60 विधायक बैठक के लिए विधानसभा पहुंचे टीएमसी के 80 विधायकों में से लगभग 60 विधायक बैठक के लिए पश्चिम बंगाल विधानसभा पहुंचे, जिससे इस बात की अटकलें तेज़ हो गई हैं कि वे शायद विधायक दल पर नियंत्रण हासिल करने और विपक्ष के नेता के पद पर दावा ठोकने की कोशिश कर सकते हैं. Mamata Banerjee TMC Crisis Live: तो ममता बनर्जी के पास सिर्फ 20 टीएमसी विधायकों का सपोर्ट? रिताब्रता बनर्जी ने 59 टीएमसी विधायकों के समर्थन का दावा किया है. ऐसे में अगर बनर्जी के बताए नंबर सही हैं, तो इससे विधानसभा के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव दिखेगा, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास सिर्फ 20 MLAs का सपोर्ट बचेगा. हालांकि, इन दावों को अलग से वेरिफाई नहीं किया गया है, और तृणमूल कांग्रेस ने भी अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. Mamata Banerjee TMC Crisis Live: ममता बनर्जी ने शोभनदेव चटर्जी को बनाया नेता विपक्ष, फिरहाद हकीम चीफ व्हिप टीएमसी में जारी झगड़े के बीच पार्टी ने बुधवार को विधानसभा में अपने नए नेतृत्व की औपचारिक घोषणा भी कर दी. ममता बनर्जी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता शोभनदेव चटर्जी को विपक्ष का नेता नियुक्त किया है, जबकि फिरहाद हकीम को मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी सौंपी गई है. Mamata Banerjee TMC Rift Live Updates: ममता बनर्जी की टीएमसी में कैसे हुई इस बगावत की शुरुआत टीएमसी में इस बगावत की शुरुआत उस प्रस्ताव से हुई, जिसे 6 मई को विधानसभा में पार्टी की ओर से जमा किया गया था. इसे लेकर रिताब्रता बनर्जी और संदीपन साहा का आरोप था कि उस दस्तावेज पर उनके समेत कई विधायकों के हस्ताक्षर फर्जी तरीके से लगाए गए थे. इस प्रस्ताव में विधानसभा में विपक्ष के नेता, उपनेता और मुख्य सचेतक के नाम शामिल थे. दोनों विधायकों ने दस्तावेज की वैधता और पार्टी नेतृत्व की तरफ से अपनाई गई प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे. Source link

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रांची के ये हैं 3 बेस्ट मेडिकल स्टोर, किडनी ट्रांसप्लांट की दवाओं...

Last Updated:June 03, 2026, 13:30 IST Ranchi Top 3 Medical Stores: रांची में ओम साई मेडिकल, जय हिंद फार्मा और आजाद फार्मा पर रेयर ट्रांसप्लांट दवाइयां 30-40 फीसदी सस्ते दाम पर मिलती हैं. इन तीनों मेडिकल स्टोर पर आप 24 घंटे दवा की खरीदारी कर सकते हैं. इसके साथ यहां पर मरीजों को बंपर छूट भी दी जाती है. झारखंड की राजधानी रांची में कुछ ऐसे मेडिकल स्टोर हैं, जो लोगों के बीच में काफी पॉपुलर हैं. वह इसलिए क्योंकि यहां पर वह सारी दवाइयां मिल जाएंगी, जिसकी आपको जरूरत है. यहां से आप खाली हाथ बिल्कुल भी नहीं लौट सकते हैं. यहां किडनी ट्रांसप्लांट से लेकर लिवर ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर बीमारी के दवाइयां भी आसानी से उपलब्ध हो जाएंगे. इसकी सबसे खास बात है कि यहां पर होलसेल रेट में मिलता है. यहां आपको 30-40% तक डिस्काउंट मिल जाएगा. जी हां! आप कोई भी दवाई लीजिए आपको रसीद मिलेगी और आप खुद ही देख लीजिए. जो दवाई 400 की होगी वह आपके यहां पर आराम से 320 के रेट में मिल जाएगी और क्वालिटी से भी कोई समझौता नहीं. यही कारण है कि रांची के लोग यहां पर दौड़े चले आते हैं. पहला नाम है, ओम साई मेडिकल का, जो कि अशोक नगर में है. ओम साई मेडिकल में किडनी ट्रांसप्लांट, लिवर ट्रांसप्लांट पर जितने भी काम फिर से गंभीर बीमारी हो सकती है. उन सभी की दवाइयां यहां पर मिलेंगी, जो दवाइयां आपको बड़े शहरों में ना मिले. वह यहां पर मिल जाती है. यही कारण है यहां 24 घंटे जबरदस्त लाईंन लगी रहती है. ऑपरेशन सर्जरी से लेकर हर एक चीज उपलब्ध है. Add News18 as Preferred Source on Google यहां पर किडनी ट्रांसप्लांट का खासतौर पर पैनग्राफ जैसी रेयर दवाइयां मिलती है. जो कि रांची के और किसी मेडिकल स्टोर में नहीं मिलेगी. अक्सर ये दवाई लोग बाहर से मंगाते हैं या सीधे कंपनी से. इसके अलावा आप आ जाइए, जय हिंद फार्मा में. जो कि रांची की फिरयालाल चौक में स्थित है. जहां पर डॉक्टर की लिखी हुई. जो दवाई होगी वह सभी मिल जाएगी, एक दवाई भी छूटने वाली नहीं है. इसके बाद आप आ जाइए रांची के आजाद फार्मा मेडिकल स्टोर में. जो कि रांची के सैनिक मार्केट में स्थित है और यह रांची का सबसे पुराना मेडिकल स्टोर है. यह कह सकते हैं रांची का पहला ऐसा मेडिकल स्टोर है. जहां पर हर एक दवाई मिलती है. आज भी इसका क्रेज ऐसा ही है. जहां एक छोटे सी दुकान में ही 50 लोग काम करते हैं. यहां पर व्हीलचेयर से लेकर जो चाहेंगे वह मिलेगा. अगर आप भी दवाई लेना चाहते हैं तो यह 3 मेडिकल स्टोर जरूर नोट कर लें. यहां की सबसे खास बात ये है कि हमेशा डॉक्टर भी बैठते हैं. Source link

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बेड़ो में ओवरटेक करते समय पलटा मिर्च लदा टेंपू:गुमला के रहने वाले...

रांची जिले के बेड़ो थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरानापानी लापुंग मोड़ के पास बुधवार को एक सड़क हादसा हुआ। एक वाहन को ओवरटेक करने के प्रयास में मिर्च लदा सवारी टेंपू अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दुर्घटना में टेंपू पर सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान सिसई मुरगु मेड़ियाटोली निवासी 29 वर्षीय सुखदेव उरांव के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मिर्च लदा सवारी टेंपू भरनो से बेड़ो की ओर जा रहा था। पुरानापानी लापुंग मोड़ के पास टेंपू चालक ने आगे चल रहे एक अन्य वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास किया। तेज रफ्तार के कारण चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और टेंपू सड़क पर पलट गया। हादसे के समय वाहन में कुल चार लोग सवार थे, जो मिर्च के साथ बेड़ो आ रहे थे। टेंपू पलटने से उसमें सवार 29 वर्षीय सुखदेव उरांव वाहन के नीचे दब गए, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। इस हादसे में भरनो मदनपुर छप्परटोली ग्राम निवासी सीताराम उरांव, सुका उरांव और एक अन्य सुखदेव उरांव गंभीर रूप से घायल हो गए। सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही ईटा पंचायत के पूर्व मुखिया बुधराम बाड़ा मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल बेड़ो थाना पुलिस और प्रशासन को हादसे की जानकारी दी। पूर्व मुखिया बुधराम बाड़ा ने स्थानीय सहयोगियों सतवीर मिंज, प्रदीप बाड़ा, नईम हुसैन, बारीक खान, सोमरा उरांव, विकास ठाकुर और अन्य ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को बेड़ो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भेजा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की देखरेख में घायलों का इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इधर, सूचना मिलते ही बेड़ो थाना की पुलिस दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मृतक सुखदेव उरांव के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त टेंपू को जब्त कर पुलिस मामले की विस्तृत छानबीन और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। इस हादसे के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है और गांव में शोक की लहर है। Source link

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चतरा में 30 सवारियों से भरी गाड़ी पलटी:छठी कार्यक्रम से लौटते वक्त...

चतरा जिले में एक सड़क हादसे में 20 लोग घायल हो गए, जबकि 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है। ये सभी एक छठियारी कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी उनकी सवारी गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। यह घटना चतरा सदर थाना क्षेत्र के जापुट गांव के पास हुई। जानकारी के अनुसार, बच्चों और महिलाओं सहित करीब 30 लोग एक गाड़ी में सवार थे। गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में जा गिरी। हादसे में कुल 20 लोग चोटिल हुए हैं। इनमें से आधा दर्जन लोगों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किया गया है। पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। यह दर्दनाक हादसा उस वक्त हुआ, जब वशिष्ठनगर थाना क्षेत्र के जोरी और इटखोरी के रहने वाले ग्रामीण सिमरिया प्रखंड के टूटीलावा गांव गए थे। वहां परिवार की नतिनी के छठियारी (छठी) कार्यक्रम का आयोजन था। रात भर खुशियां मनाने के बाद, सुबह करीब 30 लोग एक सवारी गाड़ी में सवार होकर वापस अपने गांव जोरी लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी और घायल राजेंद्र भारती ने बताया कि जैसे ही उनकी गाड़ी सदर थाना क्षेत्र के जापुट गांव के पास पहुंची, तभी अचानक सामने से आ रहे एक बाइक सवार को बचाने के प्रयास में ड्राइवर ने गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया। गाड़ी तेजी से लहराई और सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जाकर पलट गई। गाड़ी पलटते ही मौके पर अफरातफरी मच गई। हादसे के बाद जापुट गांव के स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। इसी बीच घटना की भनक पहरा पंचायत की मुखिया बेबी देवी और थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री को लगी। सूचना मिलते ही दोनों बिना वक्त गंवाए दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। मुखिया बेबी देवी और थाना प्रभारी ने ग्रामीणों की मदद से तुरंत राहत कार्य शुरू किया और 108 एम्बुलेंस के माध्यम से गाड़ी में फंसे सभी घायलों को बाहर निकालकर तत्काल चतरा सदर अस्पताल भिजवाया। Source link

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