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खान सर ने अब तक कितनी संपत्ति बनाई, असली पूंजी क्या है?...

पटना. यूट्यूब और कोचिंग की दुनिया में अपनी अनूठी और देसज शैली के लिए मशहूर पटना के खान सर का असली नाम फैजल खान है. उत्तर प्रदेश देवरिया के मूल निवासी खान सर बिहार की धरती से इतने लोकप्रिय हैं कि वह आज वह किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. देश के कोने-कोने में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले छात्र उन्हें अपना मार्गदर्शक मानते हैं. अपनी सीधे और सरल अंदाज और सिर्फ 200 रुपए की मामूली फीस में पढ़ाने वाले खान सर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. हालांकि, कई बार वे अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं समेत अन्य कारणों से भी चर्चा में रहे हैं. इसी क्रम में पिछले कुछ समय में उनकी करोड़ों की संपत्तियों और रियल एस्टेट निवेश को लेकर चर्चाएं भी होती रही हैं. एक ओर जहां शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने बड़ा नाम कमाया, वहीं दूसरी तरफ उनके नाम पर करोड़ों की चल-अचल संपत्ति दर्ज हो चुकी है. विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और व्यावसायिक अनुमानों के अनुसार, वर्तमान में खान सर की कुल नेट वर्थ करोड़ों में है. यूट्यूब और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बढ़ी आय बता दें कि खान सर के यूट्यूब चैनल के करोड़ों सब्सक्राइबर हैं. विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उनकी मासिक आय का बड़ा हिस्सा यूट्यूब विज्ञापनों, ऑनलाइन कोर्स, मोबाइल एप और डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म से आता है. कई रिपोर्ट्स में उनकी मासिक आय 20 लाख रुपये या उससे अधिक बताई जाती है. हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. वह दौर जब जेब में पेंसिल के पैसे नहीं थे एक बेहद सामान्य परिवार में जन्मे फैजल खान के जीवन में एक वक्त ऐसा भी था जब उनके पास पढ़ने के लिए एक पेंसिल खरीदने के पैसे नहीं थे. उन्होंने अपने शुरुआती दिनों में मात्र ₹40 की दिहाड़ी पर होम ट्यूशन पढ़ाकर अपने सफर की शुरुआत की थी. आज उनकी अनुमानित नेटवर्थ 10 करोड़ से 40 करोड़ के बीच आंकी जाती है. लेकिन, वे खुद को आज भी एक साधारण शिक्षक ही मानते हैं. जापान-जर्मनी से आईं 16 करोड़ की मशीनें खान सर हाल में तब और चर्चा में आ गए जब पटना के अशोक राजपथ पर स्थित ‘खान हेल्थकेयर हॉस्पिटल’की शुरुआत की. एनी बेसेंट रोड स्थित चैरिटेबल अस्पताल के लिए जब जापान और जर्मनी से करीब 16 करोड़ से अधिक की लागत वाली अत्याधुनिक डायलिसिस और मेडिकल मशीनें इम्पोर्ट मशीन मंगवाने के बारे में उन्होंने खुद बताया तो उनकी संपत्ति को लेकर चर्चा की जाने लगी. 99 कट्ठा जमीन और भू-माफियाओं से टकराव इससे पहले खान सर की संपत्ति की तब भी चर्चा होने लगी जब उन्होंने बिहार के भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड स्थित छीतमपुर मौजा में एक साथ 99 कट्ठा (करीब चार एकड़ से अधिक) जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराई. बताया जाता है कि विक्रेता विशाल सिंह सोलंकी से यह डील करीब ₹1.5 करोड़ से ₹2 करोड़ के बीच के सरकारी मूल्य पर हुई थी, जबकि इसकी वास्तविक बाजार कीमत 3 करोड़ से अधिक कही गई थी. खान सर का कहना था कि वे यहां एक ‘ड्रीम एजुकेशन टाउनशिप’ और रिसर्च सेंटर बनाने का था, जहां 25,000 गरीब बच्चे रहकर उच्च शिक्षा पा सकें. लेकिन इस बड़े निवेश के बाद वे स्थानीय भू-माफियाओं और कुछ दबंगों के निशाने पर आ गए. बताया जाता है कि इसके बाद स्थानीय स्तर पर हुए भारी विरोध के कारण खान सर ने इस प्रोजेक्ट को फिलहाल होल्ड पर डाल दिया है और वे इस बड़े रकबे को बेचकर किसी अन्य सुरक्षित और गुप्त स्थान पर जमीन खरीदने की योजना पर काम कर रहे हैं. देवरिया में आलीशान 3 मंजिला महल जैसा घर खान सर ने देवरिया के भाटपाररानी नगर पंचायत के डोमडीह (वार्ड नंबर 1) में एक बेहद आलीशान और आधुनिक 3 मंजिला मकान बनवाया है. स्थानीय लोग इसे इलाके का सबसे खूबसूरत घर बताते हैं, जिसका गृह प्रवेश मई 2025 में हुआ था. शादी के बाद वे अक्सर इस घर में समय बिताते हैं. खान सर की कमाई के मुख्य साधन यूट्यूब चैनल (Khan GS Research Centre): इनके यूट्यूब चैनल पर 2.5 करोड़ (25M+) से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं, जहां वीडियो अपलोड होते ही मिलियंस में व्यूज आते हैं और तगड़ी एडसेंस रेवेन्यू जेनरेट होती है. खान ग्लोबल स्टडीज (KGS): पटना, दिल्ली, प्रयागराज और देहरादून जैसे शहरों में स्थित इनके ऑफलाइन और ऑनलाइन कोचिंग सेंटर्स, जहां लाखों बच्चे पढ़ते हैं. स्टडी मटेरियल और बुक्स: उनके द्वारा लिखी गई पॉकेट जीके और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों से मिलने वाली मोटी रॉयल्टी. खान सर ने अपना लक्ष्य याद रखा खान सर की संपत्ति को लेकर सबसे बड़ा किस्सा यह है कि उन्होंने एक बार देश की एक बड़ी एडटेक (EdTech) कंपनी का 107 करोड़ रुपए की सैलरी पैकेज और हिस्सेदारी का ऑफर ठुकरा दिया था. उनका कहना है कि अगर वे उस कंपनी में चले जाते तो गरीब बच्चों को 200 रुपए में पढ़ाना नामुमकिन हो जाता. यही वजह है कि आज करोड़ों की संपत्ति के मालिक होने के बावजूद वे पटना के मुसल्लहपुर हाट के बेहद साधारण दफ्तर में बैठकर बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं. खान सर की असली पूंजी क्या है? ऐसे में आप कह सकते हैं कि खान सर की कहानी केवल संपत्ति बनाने की नहीं, बल्कि संघर्ष से सफलता तक पहुंचने की कहानी भी है. सीमित संसाधनों से शुरुआत कर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है. उनकी वास्तविक संपत्ति चाहे जो भी हो, छात्रों के बीच उनकी लोकप्रियता और प्रभाव ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी मानी जाती है. Source link

झारखंड

16 साल पहले लगाए थे ये 5 पेड़, आज किसान धनेश्वर बैठे-बैठे...

Last Updated:June 03, 2026, 05:30 IST Ranchi Success Story : रांची के पास पतरातू गांव के किसान धनेश्वर ने 16 साल पहले लगाए सागवान, कटहल, आम, नींबू के पेड़ लगाए हुए थे. आज वह रोज करीब 1600 रुपये कमा रहे हैं. इसके अलावा अपने घर का फर्नीचर भी सागवान लकड़ी से मुफ्त में बनवा लिए हैं. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पतरातू गांव के किसान धनेश्वर बताते हैं कि आज से 16 साल पहले उन्होंने सागवान, कटहल, नींबू और आम का भी पेड़ लगाया था. आज आलम ये है क सारे पेड़ इतने बड़े हो गए हैं कि कुछ फल भी देने लगे है. अब घर बैठे- बैठे कटहल और आम से इस सीजन में अच्छी खासी कमाई हो रही है. वहीं, सागवान के पेड़ के लकड़ी से घर के सारे फर्नीचर उन्होंने बना लिए हैं. इसके अलावा कुछ बाजार में भी बेचकर मुनाफा भी कमाए हैं. किसान धनेश्वर आगे बताते हैं कि वैसे तो उन्होंने नींबू, मिर्ची, बांस और कई सारे पेड़ लगाए थे, लेकिन सबसे ज्यादा कमाई कटहल, नींबू और आम बेचकर होता है. फिलहाल गर्मी के मौसम हर दिन की कमाई ₹1500 तक हो जाती है. सबसे बड़ा फायदा उन्हें इस बात से हुआ है कि जो सागवन की लकड़ी का फर्नीचर अगर आप बाजार में लेने जाए तो लाख रुपए से कम में नहीं मिलने वाला है, वह उन्होंने मुफ्त में ही बनवा डाला है. हर दिन बेचेत हैं 20 किलो कटहल किसान धनेश्वर बताते हैं कि अभी फिलहाल हर दिन 20 किलो तक कटहल आराम से बेच डालते हैं. बाजार में ₹50 तक भाव होता है. ₹1000 तो इसी का हो जाता है. इसके अलावा उनके पास आम का पेड़ है, हर दिन 20 किलो आम भी बेचते हैं. कच्चा आम ₹30 किलो तक चला जाता है. ₹600 इसका भी निकल ही आता है, तो आप समझ सकते हैं हर दिन 1600 रुपये की कमाई तो ऐसे ही हो जाती है.  इसके अलावा नींबू भी 100 रुपए का आराम से निकल आता है और मिर्च, धनिया की तो बात ही छोड़िए. किसान ने बताया कि 16 साल पहले की गई उनकी मेहनत आज रंग दिखा रही है. इसलिए वह अपने बच्चों को भी कहते हैं कि पेड़ लगाओ पर वैसा पेड़ लगाओ जो फलदार पेड़ हो, लेकिन आजकल के बच्चे शो प्लांट लगते हैं. शो प्लांट से कुछ नहीं होगा आपको फलदार पेड़ लगाना होगा. क्योंकि, फलदार पेड़ में जमीन के अंदर पानी बचा के रखने की क्षमता काफी होती है. ऐसे में गर्मी में पानी की किल्लत भी देखने को नहीं मिलेगी. प्राकृतिक छतरी का करता है काम इसके अलावा यह सारे पेड़ उनके आंगन में प्राकृतिक छतरी का काम करते हैं. उनके घर में कभी ऐसी कुलर की भी जरूरत नहीं पड़ती. क्योंकि, इतने सारे पेड़ उनके आंगन को घेरे हुए हैं. ऐसे में वह आंगन में दोपहर में आकर सो जाते हैं. इसके सामने ऐसी फेल हो जाता है. अभी हम लोग और पेड़ लगा रहे हैं. वह हर साल 5 पेड़ लगाते हैं. आम, लीची और कटहल का और आने वाले जनरेशन को भी बोलते हैं कि अपने घर आंगन में खूब पेड़ लगाइए. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

कोडरमा में ई-रिक्शा में जन्मे जुड़वां बच्चे:प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल ले...

कोडरमा जिले के झुमरीतिलैया में मंगलवार की रात एक महिला ने चलती ई-रिक्शा में ही जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। जयनगर थाना क्षेत्र के कन्द्रपड़ी गांव निवासी पूनम कुमारी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। रात का समय होने और गांव में तत्काल कोई वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण परिजन उन्हें ई-रिक्शा से झुमरीतिलैया स्थित एक निजी अस्पताल ले जाने लगे। रास्ते में महिला की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। बताया जाता है कि जैसे ही ई-रिक्शा झुमरीतिलैया के सीएच स्कूल के पास पहुंचा, पूनम कुमारी को असहनीय दर्द होने लगा। उन्होंने ई-रिक्शा में ही पहले बच्चे को जन्म दे दिया। एएनएम ने दूसरे बच्चे का सुरक्षित कराया प्रसव इसी दौरान वहां से गुजर रही एएनएम प्रियंका कुमारी की नजर भीड़ पर पड़ी। उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रोकी और स्थिति को समझते हुए मदद के लिए आगे आईं। उन्होंने देखा कि महिला एक बच्चे को जन्म दे चुकी है। जबकि दूसरा बच्चा अभी गर्भ में है। बिना समय गंवाए प्रियंका कुमारी ने मौके पर ही आवश्यक सावधानियों के साथ दूसरे बच्चे का प्रसव कराया। उनकी तत्परता और सूझबूझ से दूसरा बच्चा भी सुरक्षित जन्म ले सका, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। सदर अस्पताल में दोनों नवजात और मां स्वस्थ प्रसव के बाद एएनएम ने तुरंत एंबुलेंस की व्यवस्था कराई और जच्चा सहित दोनों नवजात शिशुओं को बेहतर जांच और उपचार के लिए सदर अस्पताल कोडरमा भेजा गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने मां और दोनों बच्चों को पूरी तरह सुरक्षित बताया है। एएनएम प्रियंका कुमारी ने बताया कि यह पूनम कुमारी का पहला प्रसव था। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सभी स्वस्थ हैं। घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद थे। Source link

झारखंड

कोडरमा मंडल कारा में चल रही अवैध वसूली:सुविधा देने के नाम पर...

कोडरमा मंडल कारा में कैदियों से अवैध वसूली हो रही है। विशेष सुविधा के नाम पर कैदियों से पैसे वसूले जा रहे हैं। जेल में बंद एक कैदी ने डीसी, एसपी, जेल आईजी और मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर यह आरोप लगाया है। हत्या के एक मामले में जेल में बंद मोकामा के दिलखुश कुमार ने अपने परिजनों के माध्यम से यह पत्र अधिकारियों को भेजा है। दिलखुश का आरोप है कि मुलाकात, वार्ड परिवर्तन, इलाज और अन्य मामलों में उससे पैसों की मांग की गई। विरोध करने पर मारपीट की गई और सेल में बंद कर दिया। उससे अलग-अलग खातों में तीन लाख रुपए ​लिए गए, जिसका भुगतान ऑनलाइन किया गया है। यूपीआई भुगतान के स्क्रीनशॉट भी दिए गए शिकायत के साथ परवेज आलम, दीपक राणा सहित कुछ खातों में किए गए यूपीआई भुगतान के स्क्रीनशॉट भी दिए गए हैं। उधर, कांग्रेस नेता संतोष यादव ने भी जेल में अवैध वसूली का आरोप लगाया है। हाल ही में जेल से बाहर आए संतोष यादव ने आरोप लगाया है कि जेल में गांजा, सिगरेट, खैनी और गुटखा ऊंची कीमत पर उपलब्ध कराया जाता है। बेहतर भोजन, विशेषज्ञ वार्ड, मुलाकात और मोबाइल पर बातचीत के लिए भी अलग-अलग दर तय है। उन्होंने नए कैदियों से 20 हजार रुपए तक वसूली, कैंटीन संचालन में कमीशनखोरी और विरोध करने वालों को प्रताड़ित करने के आरोप भी लगाए हैं। संतोष ने आरोप लगाया कि उनके बेटे से 20 हजार रुपए लिए गए, जिसका सीसीटीवी फुटेज उनके पास उपलब्ध है। कारा अधीक्षक ने आरोपों को नकारा मंडल कारा अधीक्षक राजमोहन राजन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जेल में किसी प्रकार की अवैध गतिविधि नहीं चल रही है। सभी आरोप निराधार हैं। न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण करते हैं। यह जेलर के खिलाफ रची जा रही एक सुनियोजित साजिश है। वहीं जेलर प्रेम कुमार सिंह ने बताया कि यह सारा आरोप बुनियाद है। यह सब उन्हें बदनाम करने की साजिश है। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा उन्हें जेलर के पद से हटाने की साजिश की जा रही है। विशेष सुविधा के नाम पर पैसे वसूली की बात पर उन्होंने कहा कि यह सरासर झूठ है, सभी कैदियों को जेल मैनुअल के आधार पर ही भोजन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। जेल आईजी ने दिए जांच के आदेश इस मामले में जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने कहा कि मामले की जानकारी उन्हें मिली है। उन्होंने जांच के आदेश दे दिए हैं। जो भी लोग इसमें शामिल होंगे उन पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। Source link

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भारत-चीन पर फिर ‘टैरिफ बम’ फोड़ने जा रहा अमेरिका, अब कितना? 60...

US Tariff News: अमेरिका का कोई भरोसा नहीं. वह कब-किस पर टैरिफ बम फोड़ दे कोई नहीं जानता. जी हां, भारत संग डील पर बातचीत के बात अमेरिका टैरिफ प्रस्ताव लाने की तैयारी में है. अमेरिका अब भारत-चीन समेत 60 देशों पर टैरिफ बम फोड़ने वाला है. अमेरिका एक बार फिर भारत और चीन समेत दुनिया के कई बड़े व्यापारिक साझेदार देशों पर नया टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है. यूएसटीआर यानी अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने 60 अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ अपनी जांच पूरी करने के बाद एडिशनल टैरिफ यानी अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है. इस सूची में भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राजील और कई अन्य देश शामिल हैं. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने बंधुआ मजदूरी से निर्मित वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लागू न करने के आरोप में भारत सहित 60 देशों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है. यह प्रस्ताव उन जांच के बाद सामने आया है, जो अमेरिका ने 60 देशों के खिलाफ इस आधार पर शुरू की थीं कि वे बंधुआ मजदूरी से बनी वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में असफल रहे हैं. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीएस) जैमीसन ग्रीर ने एक बयान में कहा, ‘हमारे सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों द्वारा बंधुआ मजदूरी से निर्मित वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने में विफल रहना अस्वीकार्य है. इससे ऐसी स्थिति पैदा होती है, जिसमें अमेरिकी श्रमिकों को वैश्विक स्तर पर असमान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है. हम अब इस असमानता को बर्दाश्त नहीं करेंगे.’ अमेरिका का आरोप है कि इन देशों ने अपने यहां फोर्स्ड लेबर यानी जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं. इसी आधार पर अमेरिकी प्रशासन ने सेक्शन 301 (Section 301) के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव दिया है. वहीं, भारत ने बंधुआ मजदूरी संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए अमेरिका से इन जांचों को समाप्त करने की मांग की है. भारत का कहना है कि ऐसे मुद्दों का समाधान दोनों देशों के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं के ढांचे के भीतर किया जाना चाहिए. भारत-चीन पर टैरिफ बमUSTR की रिपोर्ट के अनुसार भारत उन देशों में शामिल है जिन पर 12.5% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया है. चीन भी इसी श्रेणी में है. वहीं कुछ देशों पर 10% अतिरिक्त शुल्क लगाने की बात कही गई है. हालांकि यह अभी अंतिम फैसला नहीं है. अमेरिका ने इस प्रस्ताव पर सार्वजनिक राय मांगी है और जुलाई में सुनवाई भी होगी. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने एक बयान में कहा कि भारत, चीन, जापान, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और सऊदी अरब सहित 54 देशों ने बंधुआ मजदूरी से बनी वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में विफलता दिखाई है. पाकिस्तान का नाम भी शामिलUSTR के बयान के अनुसार, छह अर्थव्यवस्थाएं – कनाडा, इक्वाडोर, यूरोपीय संघ, इंडोनेशिया, मेक्सिको और पाकिस्तान- ऐसी हैं, जिन्होंने बंधुआ मजदूरी से बनी वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध तो लगाया है, लेकिन उसे प्रभावी रूप से लागू नहीं कर पाई हैं. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने प्रस्ताव दिया है कि जिन अर्थव्यवस्थाओं ने बंधुआ मजदूरी से बनी वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाया है या जिन्होंने पारस्परिक व्यापार समझौते के तहत ऐसा प्रतिबंध लगाने और लागू करने की प्रतिबद्धता जताई है अथवा जिन्होंने कुछ विशेष प्रकार की ऐसी वस्तुओं के आयात को रोकने वाली आंशिक व्यवस्था लागू की है, उन पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया जाए. भारत पर कितना ए़डिशनल टैरिफबयान में कहा गया है कि अन्य सभी अर्थव्यवस्थाओं के लिए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क की दर प्रस्तावित की है. यह 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क उन 54 देशों पर लागू होगा, जिनमें भारत भी शामिल है. यूएसटीआर ने वस्त्र क्षेत्र के लिए एक विशेष तंत्र का भी प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत कुछ देशों से अमेरिका में आयात किए जाने वाले परिधानों और वस्त्रों की एक निर्धारित मात्रा को कम शुल्क दर पर प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है. उसने इच्छुक पक्षों से 22 जून तक सुनवाई में शामिल होने के लिए आवेदन और अपने बयान का सार प्रस्तुत करने को कहा है. साथ ही छह जुलाई तक लिखित टिप्पणियां भी मांगी गई हैं. यूएसटीआर इन प्रस्तावित कार्रवाइयों पर सात जुलाई को सुनवाई करेगा. अमेरिका ने यह कदम क्यों उठाया?अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि जबरन श्रम से बने उत्पाद कम लागत पर बाजार में आते हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों और श्रमिकों को नुकसान होता है. इसी वजह से अमेरिका उन देशों पर दबाव बनाना चाहता है जो ऐसे उत्पादों के आयात को रोकने में पर्याप्त सख्ती नहीं दिखा रहे हैं. Source link

झारखंड

Success Story: कोटा की मेहनत, दिल्ली का सपना: ध्रुव कात्यायन JEE Advanced...

Last Updated:June 03, 2026, 09:36 IST JEE Advanced 2026: जमशेदपुर के ध्रुव कात्यायन ने JEE Advanced 2026 में ऑल इंडिया रैंक 295 हासिल कर कोल्हान टॉपर बने हैं. वह IIT दिल्ली में Mathematics and Computing पढ़ना चाहते हैं. आइये जानते हैं उनकी सफलता का राज. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर: झारखंड में जमशेदपुर के प्रतिभाशाली छात्र ध्रुव कात्यायन ने JEE Advanced 2026 में ऑल इंडिया रैंक 295 हासिल कर पूरे कोल्हान क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है. इस शानदार सफलता के साथ वह कोल्हान टॉपर बन गए हैं. उनकी उपलब्धि से परिवार, शिक्षक और शहर के लोग बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं. ध्रुव के पिता हरे राम झा टाटा स्टील में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता नीतू झा गृहिणी हैं. उनकी बड़ी बहन श्रेया भी इंजीनियर हैं और वर्तमान में एक बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी में कार्यरत हैं. कोटा की इस कोचिंग में की थी पढ़ाई ध्रुव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जमशेदपुर में ही पूरी की. उन्होंने 10वीं की पढ़ाई राजेंद्र विद्यालय से की, जहां उन्हें 97 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए थे. इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए कोटा का रुख किया और एलन कोचिंग इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया. वहीं से उन्होंने 12वीं की परीक्षा 95.6 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की. JEE Main में उन्हें 99.97 परसेंटाइल प्राप्त हुआ था, जिससे उनकी ऑल इंडिया रैंक 429 आई थी. अब JEE Advanced में 295वीं रैंक हासिल कर उन्होंने अपनी मेहनत को नई ऊंचाई दी है. वहीं, अपने आगे की पढ़ाई को लेकर ध्रुव बेहद उत्साहित हैं. उन्होंने बताया कि वह IIT दिल्ली में Mathematics and Computing शाखा में दाखिला लेना चाहते हैं. उनका मानना है कि IIT केवल पढ़ाई का संस्थान नहीं, बल्कि खुद को पहचानने और नए अवसरों को खोजने का मंच भी है. वह आने वाले वर्षों में अपनी रुचियों और संभावनाओं को और बेहतर तरीके से एक्सप्लोर करना चाहते हैं. इस खेल में रूचि रखते हैं ध्रुव वहीं, पढ़ाई के अलावा ध्रुव की रुचि शतरंज में भी रही है. स्कूल के दिनों से ही वह चेस के अच्छे खिलाड़ी रहे हैं और कई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं. उनका मानना है कि शतरंज ने उन्हें धैर्य, रणनीति और कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में मदद की, जिसका लाभ उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान भी मिला. JEE की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ध्रुव का संदेश बेहद सरल और प्रेरणादायक है. उनका कहना है कि यह परीक्षा उतनी कठिन नहीं है, जितनी लोग समझते हैं, बल्कि पूरा खेल सही माइंडसेट का होता है. उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने दिमाग को शांत और स्थिर रखना चाहिए तथा शिक्षकों द्वारा दिए गए निर्देशों का पूरी ईमानदारी से पालन करना चाहिए. रोज मिलने वाले होमवर्क और अभ्यास को नियमित रूप से पूरा करना सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है. छात्रों को दिया ये मंत्र ध्रुव ने सलाह दी कि शुरुआत में केमिस्ट्री पर अधिक ध्यान देना चाहिए, क्योंकि बाद में यही विषय सबसे आसान महसूस होने लगता है. वहीं, मैथ्स और फिजिक्स का प्रतिदिन अभ्यास करना बेहद जरूरी है. उन्होंने छात्रों को सेल्फ नोट्स और शॉर्ट नोट्स बनाने की भी सलाह दी. इसके अलावा एक अलग कॉपी में केवल अपनी गलतियां लिखने और परीक्षा से दो-तीन दिन पहले उन्हीं गलतियों को दोहराने की बात कही. उनका मानना है कि परीक्षा के अंतिम दिनों में तनाव लेने के बजाय परिवार के साथ समय बिताना और सकारात्मक रहना बेहतर प्रदर्शन की सबसे बड़ी कुंजी है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

झारखंड

गढ़वा का युवक नकली नोट छापने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड, गिरफ्तार

राजस्थान की दौसा पुलिस ने नकली नोट छापने और उसकी सप्लाई करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने फरीदाबाद से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें गढ़वा के खरौंदी निवासी विशाल उपाध्याय और अलीगढ़ (यूपी) निवासी संतोष सिंह वाल्मीकि शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक ये दोनों इस गिरोह के मास्टरमाइंड हैं। ये दोनों नोएडा में रहकर ह​िरयाणा के फरीदाबाद से यह रैकेट चला रहा था। पुलिस ने इनके ठिकाने से प्रिंटिंग मशीनें और 24.84 लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं। दौसा के एडिशनल एसपी शंकरलाल मीणा के मुताबिक गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हैँ। पुलिस ने तकनीकी इनपुट के आधार पर एक जून को इन दोनों को ​फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था। 35 हजार में देते थे 1 लाख के नकली नोट पुलिस की पूछताछ में दोनों ने बताया कि यह गिरोह चार-पांच महीने से बाजार में नकली नोट चला रहे थे। वे एक तिहाई दाम पर नकली नोटों की सप्लाई करते थे। यानी 35 हजार में एक लाख रुपए के नकली नोट देते थे। नकली नोटों को इतनी बा​रीकी से छापा जाता था कि पहली नजर में इसे पहचानना मुश्किल होता था कि ये असली हैं या नकली नोट। लेकिन पेपर की क्वालिटी थोड़ी खराब थी। इससे छूने के बाद लोगों को शक हो जाता था। दौसा में दुकानदार को दिया 500 का नोट, शक होने पर पुलिस को सूचना दी, पकड़ा गया गिरोह इस गिरोह का खुलासा 28 मई को हुआ। दरअसल दौसा में एक दुकानदार को एक लड़के ने 500 रुपए का नकली नोट थमा दिया। दुकानदार को शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दौसा के आयुष कुमार मीना और अलवर के एक नाबालिग को गिरफ्तार किया। इनसे कड़ाई से पूछताछ की तो इन्होंने दिल्ली-एनसीआर से जुड़े इस रैकेट के मास्टरमाइंड विशाल उपाध्याय और संतोष सिंह वाल्मीकि का नाम लिया। फिर पुलिस ने फरीदाबाद में छापा मारकर इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जब इनके ठिकाने पर पहुंची तो आरोपी लाखों रुपए के नोट छाप चुके थे। बस उसकी कटाई बाकी थी। वे इसे राजस्थान और अन्य राज्यों में खपाने की तैयारी में थे। पुलिस के मुताबिक ये दोनों नोएडा में रहते थे और फरीदाबाद से नकली नोटों का रैकेट चला रहे थे। Source link

झारखंड

विश्व बाइसाइकिल दिवस आज:रोज 2 किमी साइकिल चलाएं, पैरों से लेकर दिल-दिमाग...

भाग-दौड़ भरी जिंदगी, बढ़ता मोटापा, तनाव और हृदय रोगों के बढ़ते खतरे के बीच साइकिल एक ऐसी “दवा’ है, जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। विश्व बाइसाइकिल दिवस के अवसर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति रोजाना केवल 2 किलोमीटर भी साइकिल चलाता है तो उसके शरीर के कई अंगों को सीधा लाभ मिलता है। इससे न सिर्फ शारीरिक फिटनेस बेहतर होती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी मजबूत होता है। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रशांत कुमार, फिजिशियन डॉ. संजय सिंह और ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. रजनीश कुमार के अनुसार साइकिलिंग सबसे सुरक्षित और प्रभावी एक्सरसाइज में से एक है। 60 की उम्र में 100 किमी पैडलिंग : साइकिल चलाकर प्रवीण ने बीपी और शुगर को दी मात उम्र सिर्फ एक नंबर है, इसे सच कर दिखाया है कांके रोड के 60 वर्षीय प्रवीण राजगढ़िया ने। रोटरी क्लब से जुड़े प्रवीण हफ्ते में तीन दिन कांके रोड से पिठोरिया के बीच 35 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं। इस तरह हर हफ्ते वे 100 किलोमीटर से ज्यादा का सफर पैडल मारकर तय कर लेते हैं। प्रवीण बताते हैं, “साइकिल चलाने से मेरा एनर्जी लेवल बढ़ गया है। पहले मैं शुगर और बीपी की समस्या से परेशान रहता था। साइकिलिंग को जब से अपनी दिनचर्या बनाया है, दोनों बीमारियां पूरी तरह कंट्रोल में हैं। भास्कर एक्सपर्ट बता रहे शरीर के कौन-कौन से अंगों के लिए साइकिलिंग फायदेमंद… डॉ. प्रशांत कुमार, कार्डियोलॉजिस्ट 1. हार्ट : मजबूत होता है : साइकिलिंग से हृदय की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम होता है। 2. फेफड़े : बढ़ती है सांस लेने की क्षमता : शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ती है। फेफड़ों की कार्यक्षमता मजबूत होती है। सांस फूलने की समस्या कम हो सकती है। शारीरिक सहनशक्ति बढ़ती है। 3. डायबिटीज : शुगर कंट्रोल में मददगार : इंसुलिन की कार्यक्षमता बेहतर होती है। ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। टाइप-2 डायबिटीज का खतरा घटता है। वजन नियंत्रित रहने से अतिरिक्त लाभ। डॉ. संजय सिंह, फिजिशियन 1. वजन कंट्रोल में : पेट की चर्बी घटती है ­: साइक्लिंग में शरीर अतिरिक्त कैलोरी खर्च करता है। पेट और कमर की चर्बी घटाने में मदद मिलती है। मोटापे का खतरा कम होता है। मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है। 2. दिमाग स्वस्थ : तनाव से राहत : साइकिल रोज चलाने से एंडोर्फिन और सेरोटॉनिन हार्मोन बढ़ते हैं। तनाव और चिंता कम होती है। अवसाद का खतरा घटता है। एकाग्रता और याददाश्त बेहतर होती है। 3. इम्युनिटी : बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है : शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। संक्रमण का खतरा कम होता है। ऊर्जा स्तर बेहतर रहता है। लंबे समय तक शरीर सक्रिय बना रहता है। डॉ. रजनीश, ऑर्थोपेडिक्स 1. पैर : बढ़ती है ताकत : जांघ और पिंडली की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। घुटनों के आसपास की मांसपेशियों को सहारा मिलता है। शरीर का संतुलन बेहतर होता है। चलने-फिरने की क्षमता में सुधार आता है। 2. हाथ और कंधे : ऊपरी शरीर भी रहता है एक्टिव : हैंडल पकड़ने से हाथों की मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं। कंधों की ताकत बढ़ती है। शरीर का पोस्चर बेहतर होता है। गर्दन और कंधे में जकड़न कम हो सकती है। 3. हड्डियां और जोड़ : कम दबाव में ज्यादा फायदा : जोड़ों की गतिशीलता बनी रहती है। घुटनों पर दौड़ने की तुलना में कम दबाव पड़ता है। मांसपेशियों और लिंगामेंट्स की मजबूती बढ़ती है। Source link

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Hormuz Crisis | India Venezuela Oil Deal | 58 साल पहले इंदिरा...

आज से 58 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जब वेनेजुएला की राजधानी कराकस की ऐतिहासिक यात्रा की थी, तब शायद ही किसी ने नहीं सोचा होगा कि भविष्य में यही देश भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए इतना महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है. अमेरिका और ईरान के बीच जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी ने दुनियाभर में तेल की सप्लाई को प्रभावित किया है, तब दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश वेनेजुएला की ओर भारत की नजरें फिर से टिक गई हैं. ऐसे समय में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की भारत यात्रा को रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है. वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज 3 से 7 जून तक पांच दिवसीय भारत दौरे पर रहेंगी. इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता करेंगी. उनके साथ विदेश, वित्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, परिवहन और संचार मंत्रालयों के वरिष्ठ मंत्री भी आ रहे हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश, फार्मा, स्वास्थ्य, परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी. यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब जनवरी में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद डेल्सी रोड्रिगेज ने कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभाला है. भारत ने आधिकारिक रूप से उन्हें ‘एक्टिंग प्रेसिडेंट’ के रूप में मान्यता दी है. होर्मुज संकट और भारत की ऊर्जा चिंता भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है. पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं. होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. अगर यहां लंबे समय तक संकट बना रहता है तो भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए तेल की उपलब्धता और कीमतें दोनों प्रभावित हो सकती हैं. ऐसे में वेनेजुएला जैसे वैकल्पिक स्रोत भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं. दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है. कई अंतरराष्ट्रीय आकलनों के मुताबिक उसके पास सऊदी अरब और ईरान से भी अधिक तेल भंडार मौजूद है. हालांकि राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वह अपनी पूरी क्षमता से उत्पादन नहीं कर पाया. एक समय वेनेजुएला भारत के प्रमुख तेल सप्लायर में शामिल था. वर्ष 2019 में वह भारत का पांचवां सबसे बड़ा तेल सप्लायर था. उस समय भारत ने लगभग 1.6 करोड़ टन वेनेजुएलाई कच्चा तेल आयात किया था. तब दोनों देशों के बीच व्यापार 6.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया था, जिसमें अधिकांश हिस्सा तेल आयात का था. 1968 में इंदिरा गांधी ने रखी थी रिश्तों की नींव 10 अक्टूबर 1968 को जब इंदिरा गांधी का विमान कराकस के सिमोन बोलिवार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा, तब उनका भव्य स्वागत किया गया था. वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति राउल लियोनी खुद अपने मंत्रिमंडल के साथ उनकी अगवानी के लिए मौजूद थे. भारतीय और वेनेजुएलाई झंडों के बीच दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए गए और इस यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों में मील का पत्थर माना गया. हालांकि इंदिरा गांधी का यह दौरा केवल 18 घंटे का था, लेकिन उसने दोनों देशों के बीच राजनीतिक विश्वास और आर्थिक सहयोग की मजबूत नींव रखी. भारत के लिए क्यों अहम है यह दौरा? डेल्सी रोड्रिगेज की यात्रा केवल एक औपचारिक राजनयिक दौरा नहीं मानी जा रही. ऐसे समय में जब भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए नए सप्लायर देशों पर मंथन कर रहा है, वेनेजुएला एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर सकता है. भारत पहले ही रूस, सऊदी अरब और इराक जैसे देशों से तेल खरीदता रहा है. लेकिन रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध और पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए नए सप्लायर देशों पर मंथन कर रहा है. ऐसे समय वेनेजुएला एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर सकता है. इसके अलावा दोनों देश ऊर्जा निवेश, रिफाइनिंग, फार्मास्यूटिकल्स और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं. रणनीतिक रिश्तों का नया अध्याय डेल्सी रोड्रिगेज की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब जियो पॉलिटिक्स तेजी से बदल रही है. एक ओर पश्चिम एशिया में युद्ध के कराण ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है, तो दूसरी ओर भारत अपने ऊर्जा स्रोतों को विविध बनाने की नीति पर काम कर रहा है. ऐसे में दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश के साथ संबंधों को नई मजबूती देना भारत की रणनीतिक जरूरत भी है और आर्थिक प्राथमिकता भी. 58 साल पहले इंदिरा गांधी ने जिस रिश्ते की नींव रखी थी, वह अब एक नए दौर में प्रवेश करता दिख रहा है. होर्मुज संकट के बीच वेनेजुएला भारत के लिए सिर्फ एक मित्र देश नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण सहारा भी बन सकता है. Source link

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मानव-हाथी संघर्ष पर देश का पहला अत्याधुनिक शोध केंद्र पलामू में बना,...

Last Updated:June 03, 2026, 09:59 IST Palamu Tiger Reserve Elephants: पलामू टाइगर रिजर्व में करीब 180 एशियाई हाथी हैं. यहां देश का पहला मानव हाथी संघर्ष अनुसंधान केंद्र बन रहा है. इसकी एआई और ‘हमार हाथी’ एप से निगरानी की जाती है. ख़बरें फटाफट पलामू: झारखंड का पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) आज सिर्फ बाघों के लिए ही नहीं, बल्कि हाथियों के संरक्षण और शोध के लिए भी देशभर में अपनी अलग पहचान बना रहा है. कभी यह इलाका बाघों की भूमि के रूप में प्रसिद्ध था, लेकिन समय के साथ यहां हाथियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. आज पलामू टाइगर रिजर्व में करीब 180 एशियाई हाथी निवास करते हैं, जो अपने व्यवहार और स्वभाव के कारण देश के अन्य क्षेत्रों के हाथियों से अलग मानी जाती हैं. पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना ने लोकल 18 को बताया कि यहां के हाथी अपेक्षाकृत शांत स्वभाव के होते हैं. आमतौर पर ये इंसानों पर बिना कारण हमला नहीं करते और अन्य क्षेत्रों की तुलना में मानव बस्तियों को कम नुकसान पहुंचाते हैं. यही वजह है कि इन हाथियों के व्यवहार और उनकी प्रजातिगत विशेषताओं पर लगातार शोध किया जा रहा है. इनके अध्ययन के निष्कर्ष देश के अन्य टाइगर रिजर्व और वन्यजीव संरक्षण संस्थानों के साथ भी साझा किए जाते हैं. यहां है देश का पहला मानव-हाथी संघर्ष अनुसंधान केंद्र पलामू टाइगर रिजर्व की सबसे बड़ी उपलब्धि देश का पहला आधुनिक तकनीक वाला मानव-हाथी संघर्ष अनुसंधान केंद्र (Human-Elephant Conflict Research Centre) है. इसे अत्याधुनिक तरीके से बनाया जाएगा. इस केंद्र की स्थापना मानव और हाथी के बीच होने वाले संघर्ष को कम करने तथा हाथियों के व्यवहार को बेहतर तरीके से समझने के उद्देश्य से की गई है. यहां आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है. इससे हाथियों के मूवमेंट, उनके प्रवास मार्ग और व्यवहार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा रही हैं. जानें कैसे होती है हाथी की निगरानी उन्होंने कहा कि हाथियों की निगरानी के लिए ‘हमार हाथी’ एप्लीकेशन का भी उपयोग किया जा रहा है. इसके माध्यम से वन विभाग और स्थानीय लोग हाथियों की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही क्षेत्र में एलिफेंट ऑब्जर्वेटरी विकसित करने की दिशा में भी काम चल रहा है. इसके जरिए हाथियों के झुंड, उनके रहन-सहन और संरक्षण संबंधी गतिविधियों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा. मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए पीटीआर प्रबंधन कई स्थानीय उपाय भी अपना रहा है. चिली स्मोकिंग, मोबिल ऑयल से तैयार जूट बैग और ‘हाथी मित्र’ जैसी पहलें लोगों को सुरक्षित रखने में मदद कर रही हैं. इसके अलावा हाथियों के प्राकृतिक आवास को बेहतर बनाने के लिए घास के मैदान विकसित किए जा रहे हैं, बांस रोपण किया जा रहा है और पानी की स्थायी व्यवस्था की जा रही है. इन प्रयासों के कारण पलामू आज हाथी संरक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभर रहा है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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