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delhi fire| दिल्ली में आईटीओ के पास मि‍न‍िस्‍ट्री की बिल्डिंग में आग,...

होमताजा खबरDelhi दिल्ली में आईटीओ के पास बिल्डिंग में आग, दमकल की 8 गाड़ियों ने पाया काबू Last Updated:June 01, 2026, 11:21 IST द‍िल्‍ली के आईटीओ स्‍थ‍ित‍ एक सरकारी ब‍िल्‍ड‍िंग में आग लगने से सुबह-सुबह हड़कंप मच गया. दरअसल आग म‍िन‍िस्‍ट्री ऑफ एजुकेशन के स्‍कूल ऑफ प्‍लानिंग एंड आर्किटेक्‍ट के ऑफ‍िस में लगी थी. यह एडम‍िन का ऑफ‍िस है. फि‍लहाल मौके पर पहुंची दमकल की गाड़‍ियों ने आग पर काबू पा ल‍िया है. द‍िल्‍ली के आईटीओ पर म‍िन‍िस्‍ट्री ऑफ एजुकेशन ब‍िल्‍ड‍िंग में लगी आग Delhi Fire: दिल्ली में आईटीओ के पास आग की भयावट घटना सामने आई है. यह आग मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन की बिल्डिंग में लगी है. यहां दूसरे फ्लोर पर स्‍कूल ऑफ प्‍लान‍िंंग एंड आर्किटेक्‍ट का ऑफ‍िस है. जहां सुबह 9 बजकर 37 मिनट पर आग पकड़ने की खबर सामने आई. फायर व‍िभाग को सुबह जानकारी मिली कि पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट की इमारत के नजदीक बिल्डिंग में आग लगी है. इस ब‍िल्‍ड‍िंंग से अचानक आग की लपटें उठते देख आसपास हड़कंप मच गया. जिसके बाद तुरंत फायर विभाग को कॉल किया गया. द‍िल्‍ली फायर व‍िभाग की ओर से तुरंत आग पर काबू पाने के ल‍िए दमकल की 8 गाड़‍ियां भेजी गईं. चश्‍मदीदों ने बताया क‍ि आग ब‍िल्‍ड‍िंंग की दूसरी मंज‍िल पर लगी थी जैसे ही ब‍िल्‍ड‍िंंग से लपटें उठने लगीं, अचानक पूरे इलाके में हंगामा मच गया. इस आग से क‍ितना नुकसान हुआ है, इस‍की जानकारी अभी सामने नहीं आई है. हालांक‍ि अभी तक क‍िसी के हताहत होने या घायल होने की खबर सामने नहीं आई है. आज सोमवार होने के कारण ब‍िल्‍ड‍िंंग की बाकी मंज‍िलों में सुबह से ही तमाम सरकारी कर्मचारी भी मौजूद थे और कामकाज भी चल रहा था, ऐसे में यह हादसा कैसे हुआ इसकी जानकारी भी आनी है.  फि‍लहाल आग पर काबू पा ल‍िया गया है. फायर डि‍पार्टमेंट आग के कारणों का पता लगा रहा है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

झारखंड

Best Tourist Spot: 100 रुपये में हाई स्पीड बोटिंग! झारखंड का ये...

Last Updated:June 01, 2026, 11:12 IST Bokaro Best Tourist Spot: कोनार डैम बोकारो हजारीबाग सीमा पर गर्मियों में सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन जाता है. यहां आफको हाई स्पीड बोट, कश्मीरी शिकारा और चप्पू बोट की सवारी भी करने को मिल जाएगी. जिसका किराया भी निर्धारित किया गया है. वहीं, स्कूली छात्रों को बोट के किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी जाती है. ख़बरें फटाफट बोकारो: अगर आप गर्मियों की छुट्टियों में परिवार या दोस्तों के साथ किसी शांत और रोमांचक पर्यटन स्थल की तलाश कर रहे हैं, तो बोकारो और हजारीबाग की सीमा पर स्थित कोनार डैम आपके लिए बेहतरीन पर्यटन स्थल हो सकता है. जहां प्राकृतिक सुंदरता, ठंडी हवाएं, पानी की लहरों के बीच रोमांचक बोटिंग का आप आनंद उठा सकते हैं. आइये जानते हैं इसके बारे में. इन बोटिंग का उठा सकते हैं मजा यहां के नौका विहार संचालक धीरज लहरी बताते हैं कि 2020 से यहां बोटिंग की सुविधा संचालित की जा रही है. गर्मियों के मौसम में डैम की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है और उनके यहां पर्यटकों के लिए 3 प्रकार की बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है, रोमांच पसंद करने वाले लोगों के लिए हाई स्पीड बोट सबसे लोकप्रिय है. जबकि परिवार और बच्चों और बुजुर्गों के लिए कश्मीरी शैली की शिकारा बोट काफी चर्चित है. वहीं, इसके अलावा पारंपरिक चप्पू वाली नाव का भी आनंद लिया जा सकता है. जानें बोट का किराया उन्होंने बताया कि उनके यहां हाई स्पीड बोट का किराया 100 रूपये प्रति व्यक्ति है, जबकि कश्मीरी शिकारा बोट का किराया 60 रूपये प्रति व्यक्ति है. वहीं, चप्पू बोट का किरया 100 रूपया प्रति व्यक्ति तय किया गया है. इन नावों के जरिए पर्यटकों को लगभग 1 से 1.5 किलोमीटर तक जल भ्रमण कराया जाता है, जिसकी अवधि करीब 10 से 15 तक मिनट तक होती है और पर्यटक रोजाना सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक बोटिंग का आनंद ले सकते हैं. इसकी सबसे खास बात यह है कि स्कूल के छात्र यदि अपने शिक्षकों के साथ समूह में आते हैं, तो उन्हें किराए में 50 प्रतिशत तक की विशेष छूट मिलती है. वहीं, 4 साल से अधिक उम्र के बच्चों का पूरा टिकट शुल्क लगता है. वहीं, नौका विहार का आनंद लेने पहुंचीं पर्यटक तिलकी देवी ने बताया कि कोनार डैम बेहद सुंदर पर्यटन स्थल है. यहां बोटिंग और वॉटर स्पोर्ट्स का अनुभव काफी रोमांचक रहा है. उन्होंने कहा कि परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के लिए यह एक शानदार जगह है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

झारखंड

हजारीबाग में कोयला लदे ट्रक ने दो को‎ कुचला:टक्कर मारने के बाद...

हजारीबाग जिले के चुरचू थाना क्षेत्र में रविवार देर रात अवैध कोयला ढुलाई में लगे एक अनियंत्रित ट्रक ने स्कूटी को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में स्कूटी सवार दो युवकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 28 वर्षीय आकाश हांसदा और 24 वर्षीय राजेंद्र वास्के के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, ट्रक (BR02GA-9310) ने स्कूटी (JH-02BM-9931) को टक्कर मारने के बाद लगभग 200 मीटर तक घसीटा। हादसे में आकाश हांसदा की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि राजेंद्र वास्के ने सदर अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखें.. लोगों ने किया सड़क जाम, ट्रक की हवा निकाली घटना से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों ने ट्रक के पहियों की हवा निकाल दी और शवों को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। चुरचू, अंगो, चरही और टाटीझरिया थाना प्रभारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि चुरचू और अंगो थाना क्षेत्रों में पुलिस के संरक्षण में अवैध कोयले का कारोबार चला रहे हैं। उनका कहना है कि तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। चुरचू थाना प्रभारी कुमार अश्विनी ने पुष्टि की है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन में कोयले के कोई वैध कागजात नहीं मिले हैं और मामले की जांच की जा रही है। दोनों ही अपने परिवार का इकलौता कमाऊ इस हादसे ने दो परिवारों को प्रभावित किया है। मृतक आकाश हांसदा अपने पीछे तीन छोटे बच्चे और राजेंद्र वास्के एक छोटा बच्चा छोड़ गए हैं। दोनों ही अपने परिवारों के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, जिससे उनके परिजनों के समक्ष अब गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने पीड़ितों के आश्रितों को उचित मुआवजा, नौकरी और इस पूरे अवैध कारोबार की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। देर रात पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को भी अपने कब्जे में ले लिया है। मामले की जांच में जुट गई है। Source link

शिक्षा

JEE Advanced 2026 रिजल्ट जारी:दिल्ली जोन के शुभम कुमार ने किया टॉप,...

सोमवार को IIT रुड़की ने JEE Advanced 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया। हालांकि इसे 10 बजे जारी किया जाना था लेकिन IIT रुड़की ने इसे पहले ही जारी कर दिया। इस साल IIT दिल्ली जोन से शुभम कुमार ने JEE Advanced 2026 में टॉप किया है, उनके टोटल 330 मार्क्स आए हैं। उसके साथ ही IIT दिल्ली जोन से ही कबीर छिल्लर और जतिन चाहर टॉपर लिस्ट में शामिल हैं। 1,79 लाख कैंडिडेट्स शामिल हुए थे कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट jeeadv.ac.in पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। JEE Advanced 2026 परीक्षा में 1,79,694 स्टूडेंट्स शामिल हुए थे और कुल 56,880 कैंडिडेट्स ने परीक्षा पास की है। कैंडिडेट्स रोल नंबर/मोबाइल नंबर और DOB का यूज करके अपना JEE Advanced स्कोर 2026 देख सकते हैं। हालांकि, अभी तक JEE फाइनल आंसर की को लेकर को अपडेट नहीं दिया गया है। JEE Advanced रिजल्ट 2026 टॉपर्स लिस्ट कट-ऑफ 2026 में 18 अंकों की बढ़ोतरी हुई इस साल परीक्षा में कट ऑफ बढ़ गया है, इसमें बीते साल 2025 से 18 अंक की बढ़ोतरी हुई है और ये 92 हो गई है। वहीं सब्जेक्ट वाइज कट ऑफ में जनरल कैटेगरी के 8 अंक बढ़े हैं। एजुकेशन एक्सपर्ट के मुताबिक अनुसार परीक्षा में बैठने वाले कैंडिडेट्स में 31.65 फीसदी पास हुए हैं। 187389 विद्यार्थी रजिस्टर्ड हुए थे, जिनमें से 179694 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। जिनमें से 56880 को काउंसलिंग के लिए क्वालीफाई घोषित किया है इस बार कट ऑफ परसेंटाइल नंबर भी बढ़ा है। ऐसे देखें JEE Advanced स्कोरकार्ड —————– ये खबर भी पढ़ें.. NEET, CBSE के बाद CUET एग्जाम में भी गड़बड़ी:2 घंटे देरी से शुरू हुआ एग्जाम, सेंटर पर छात्रों की नारेबाजी 30 मई को तकनीकी गड़बड़ी की वजह से कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट यानी CUET-UG की पहली शिफ्ट की परीक्षा दो घंटे देर से शुरू हुई। पूरी खबर पढ़ें.. Source link

झारखंड

जुगसलाई में हवाई फायरिंग से दहशत:रंगदारी विवाद में दुकानदार को धमकाने का...

जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र के मिल्लत नगर स्थित हबीब नगर में शनिवार देर रात रंगदारी और उधारी के विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि मोहल्ले के दो युवकों ने एक जनरल स्टोर संचालक को डराने के उद्देश्य से हवाई फायरिंग कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, बच्चा राज और पलटन नामक दो युवक पहले दुकान पर पहुंचे और करीब 150 रुपए का सामान लिया। कुछ देर बाद वे दोबारा लौटे और दुकानदार से पैसे की मांग करने लगे, जिससे विवाद शुरू हो गया। दुकान बंद करने पर तोड़फोड़ और फायरिंग बताया जा रहा है कि कहासुनी बढ़ने पर दुकानदार ने खुद को सुरक्षित रखने के लिए दुकान का शटर गिरा दिया। इससे आक्रोशित युवकों ने शटर पर लात मारकर तोड़फोड़ की। आरोप है कि इसके बाद उन्होंने इलाके में डर फैलाने के लिए दो राउंड हवाई फायरिंग की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक गोली दुकान के सामने लगी, जबकि दूसरी पास के इलाके में दागी गई। फायरिंग की आवाज से आसपास के लोग सहम गए और कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। पुलिस ने बरामद किए खोखे फायरिंग की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को जानकारी दी। जुगसलाई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पुलिस ने मौके से दो खाली कारतूस बरामद किए हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि पुलिस की मौजूदगी से स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। आरोपितों की तलाश में छापेमारी जारी स्थानीय निवासियों का कहना है कि आरोपित युवक पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और उनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। जुगसलाई के डीएसपी सुमित कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। Source link

ताज़ा खबर

कोटा का कमाल! तैयार हुई Rolls-Royce, शादी की एंट्री से लेकर फिल्म...

Last Updated:June 01, 2026, 10:09 IST Vintage Rolls Royce Kota: कोटा में तैयार की गई एक शानदार Vintage Rolls-Royce इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. अपनी शाही बनावट, क्लासिक डिजाइन और राजसी लुक के कारण यह कार शादी समारोहों, प्री-वेडिंग शूट और फिल्म शूटिंग के लिए तेजी से लोकप्रिय हो रही है. खास बात यह है कि इस विंटेज कार की मांग लगातार बढ़ रही है और लोग इसे पहले से बुक करवा रहे हैं. कार का डिजाइन ऐतिहासिक Rolls-Royce वाहनों से प्रेरित है, जो इसे बेहद खास और आकर्षक बनाता है. दूल्हा-दुल्हन की रॉयल एंट्री के लिए यह कार पहली पसंद बनती जा रही है, वहीं फिल्म निर्माता और कंटेंट क्रिएटर्स भी इसे अपने प्रोजेक्ट्स में शामिल करने के लिए उत्सुक हैं. ख़बरें फटाफट कोटा. आमतौर पर Rolls-Royce जैसी लग्जरी और विंटेज कारों की झलक बड़े महानगरों या फिल्मों में ही देखने को मिलती है, लेकिन अब शिक्षा नगरी कोटा में भी ऐसी शाही सवारी लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई है. शहर के दो युवा भाइयों ने एक पुरानी जिप्सी को मॉडिफाई कर उसे विंटेज Rolls-Royce जैसा शानदार रूप दिया है. अपनी भव्य डिजाइन और रॉयल लुक के कारण यह कार इन दिनों शहरभर में चर्चा का विषय बनी हुई है. खास बात यह है कि कोटा पहुंचते ही इस कार की बुकिंग शुरू हो गई और इसे फिल्म शूटिंग के लिए भी बुक कर लिया गया. इस अनोखी पहल के पीछे इवेंट मैनेजमेंट कंपनी से जुड़े भाई जतिन बुधराजा और सहज बुधराजा हैं. दोनों का मानना है कि कोटा में भी अब बड़े शहरों की तरह भव्य और यादगार आयोजनों का चलन तेजी से बढ़ रहा है. लोग अपने खास पलों को अलग अंदाज में यादगार बनाना चाहते हैं, लेकिन ऐसे आयोजनों के लिए लग्जरी और विंटेज वाहनों की उपलब्धता नहीं होने से उन्हें दूसरे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था. इसी जरूरत को देखते हुए दोनों भाइयों ने यह अनूठा प्रयोग किया. कार को ट्रक के जरिए कोटा लायाजतिन और सहज के पिता राजेश बुधराजा ने बताया कि इस कार को तैयार कराने का विचार काफी समय से उनके मन में था. इसके लिए एक पुरानी जिप्सी को चुना गया और उसे पूरी तरह से नया रूप देने की योजना बनाई गई. वाहन को हरियाणा में विशेष रूप से डिजाइन और मॉडिफाई कराया गया. कई महीनों की मेहनत के बाद इसे विंटेज Rolls-Royce जैसा आकर्षक लुक दिया गया. तैयार होने के बाद इस कार को ट्रक के जरिए कोटा लाया गया. उन्होंने बताया कि यह वाहन नियमित सड़क उपयोग के लिए नहीं बनाया गया है, बल्कि इसे विशेष रूप से इवेंट्स और समारोहों के लिए डिजाइन किया गया है. शादी समारोह में दूल्हा-दुल्हन की ग्रैंड एंट्री, विदाई, प्री-वेडिंग और पोस्ट-वेडिंग शूट, एनिवर्सरी सेलिब्रेशन, बर्थडे पार्टी, रिटायरमेंट कार्यक्रम और कॉर्पोरेट इवेंट्स में इसका उपयोग किया जाएगा. इसके अलावा फिल्म और म्यूजिक वीडियो शूटिंग के लिए भी यह कार आकर्षण का केंद्र बन सकती है. तैयार करने में करीब 6 से 7 महीने का समय लगाइस कार को तैयार करने में करीब 6 से 7 महीने का समय लगा. डिजाइनिंग से लेकर बॉडी स्ट्रक्चर, पेंटिंग, इंटीरियर और फिनिशिंग तक हर छोटे-बड़े पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया. परियोजना पर लगभग 20 से 25 लाख रुपये की लागत आई. कार का फ्रंट डिजाइन, बड़ी ग्रिल, विंटेज हेडलाइट्स और लंबा बॉडी स्ट्रक्चर इसे किसी शाही सवारी जैसा लुक देता है. पहली नजर में इसे देखकर लोगों को विश्वास ही नहीं होता कि यह एक मॉडिफाइड जिप्सी है. एक नई और अनोखी पहलकोटा में इस तरह की यह फिलहाल अपनी तरह की पहली और एकमात्र कार मानी जा रही है. यही वजह है कि जहां भी यह कार पहुंचती है, लोगों की भीड़ जमा हो जाती है. राह चलते लोग अपने मोबाइल फोन निकालकर इसकी तस्वीरें और वीडियो बनाने लगते हैं. कई लोग इसके साथ सेल्फी लेने के लिए भी उत्साहित दिखाई देते हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोग इसे कोटा के लिए एक नई और अनोखी पहल बता रहे हैं. जतिन और सहज का कहना है कि कोटा में होने वाले समारोह भी बड़े शहरों की तरह भव्य और यादगार बनें. उनका मानना है कि किसी भी आयोजन में जब दूल्हा-दुल्हन या मेहमान ऐसी शाही कार में एंट्री करते हैं तो वह पल हमेशा के लिए यादगार बन जाता है. एक नया ट्रेंड भी स्थापित करती नजर आ रहीदिलचस्प बात यह है कि कार के कोटा पहुंचने के तुरंत बाद ही इसकी पहली बुकिंग एक फिल्म शूटिंग के लिए हो गई. इससे साफ है कि लोगों में इस अनोखी विंटेज कार को लेकर खासा उत्साह है. आने वाले दिनों में यह कार शादियों, प्री-वेडिंग शूट और अन्य आयोजनों में रॉयल अंदाज का नया प्रतीक बन सकती है. कोटा के इन दो भाइयों की यह पहल न केवल लोगों को आकर्षित कर रही है, बल्कि शहर के इवेंट उद्योग में एक नया ट्रेंड भी स्थापित करती नजर आ रही है. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

प्यूरीफायर से भी ज्यादा शुद्ध है इस पहाड़ी कुएं का पानी, दूर-दूर...

Last Updated:June 01, 2026, 09:50 IST जमशेदपुर के दलमा पहाड़ी पर 2750 फीट की ऊंचाई पर एक रहस्यमयी वैदिक कुआं है. इस कुएं का पानी वॉटर प्यूरीफायर से भी ज्यादा शुद्ध और मीठा है. यह कुआं भीषण गर्मी में भी कभी नहीं सूखता है. इसके प्राकृतिक गुणों और धार्मिक महत्व के कारण दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पानी पीने आते हैं. ख़बरें फटाफट जमशेदपुरः जमशेदपुर की पहचान सिर्फ उद्योग और प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां कई ऐसे धार्मिक और रहस्यमयी स्थल भी मौजूद हैं जो लोगों की आस्था का केंद्र बने हुए हैं. इन्हीं में से एक है दलमा पहाड़ी की लगभग 2750 फीट ऊंचाई पर स्थित प्रसिद्ध वैदिक कुआं, जिसे देखने और इसका पानी पीने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऊंची पहाड़ी पर स्थित होने के बावजूद यह कुआं सालों से कभी सूखा नहीं है, जो लोगों के लिए आज भी आश्चर्य का विषय बना हुआ है. स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच इस कुएं को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं. कहा जाता है कि यह कुआं काफी प्राचीन है और इसका पानी प्राकृतिक रूप से इतना शुद्ध तथा मीठा है कि इसे पीने से शरीर को लाभ मिलता है. पहाड़ की चोटी पर स्थित होने के बावजूद इसमें सालभर पर्याप्त मात्रा में पानी बना रहता है. लोगों का मानना है कि प्रकृति की गोद में बसे इस कुएं का जल विशेष गुणों से भरपूर है, इसलिए इसे वैदिक कुआं कहा जाता है. श्रद्धालु जरूर पीते हैं इस कुएं का पानीमंदिर के पुजारी शिवचरण बाबा बताते हैं कि दलमा पहाड़ी पर दर्शन के लिए आने वाले अधिकांश श्रद्धालु इस कुएं का पानी अवश्य पीते हैं. उनके अनुसार, कई लोग तो पानी पीने के साथ-साथ अपने घर भी लेकर जाते हैं. शिवचरण बाबा कहते हैं कि पहाड़ी के बीच स्थित होने के कारण यहां न तो प्रदूषण है और न ही धूल-मिट्टी का असर, जिससे पानी पूरी तरह स्वच्छ और प्राकृतिक बना रहता है. उनका मानना है कि इतना ठंडा, मीठा और ताजगी भरा पानी शायद ही किसी अन्य स्थान पर आसानी से मिल सके. वैदिक कुएं की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्राकृतिक स्थिति है. चारों ओर हरियाली, शांत वातावरण और स्वच्छ हवा के बीच स्थित यह कुआं श्रद्धालुओं को अलग ही अनुभव देता है. यहां पहुंचने वाले लोगों को न केवल आध्यात्मिक शांति मिलती है, बल्कि प्रकृति के बेहद करीब होने का एहसास भी होता है. यही कारण है कि यह स्थान धार्मिक महत्व के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है. पानी में मिठास और शुद्धताश्रद्धालु अमरजीत सिंह और उनके परिवार का कहना है कि वे अक्सर दलमा मंदिर आते हैं और हर बार वैदिक कुएं का पानी जरूर पीते हैं. उनका मानना है कि इस पानी की मिठास और शुद्धता किसी भी आधुनिक वॉटर प्यूरीफायर से मिलने वाले पानी से अलग है. वे बताते हैं कि परिवार के सदस्य यहां से पानी भरकर अपने घर भी ले जाते हैं क्योंकि उन्हें इसकी गुणवत्ता पर पूरा भरोसा है. आस्था, प्रकृति और रहस्य का अद्भुत संगम बना दलमा पहाड़ी का वैदिक कुआं आज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र है. इसकी अनोखी विशेषताएं और वर्षों से निरंतर बहती जलधारा इसे जमशेदपुर के सबसे चर्चित धार्मिक स्थलों में से एक बनाती हैं. यही वजह है कि यह वैदिक कुआं पूरे शहर में अपनी अलग पहचान रखता है और हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

झारखंड

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरा होने पर घर-घर पहुंचेगी भाजपा, संगठन...

भास्कर न्यूज | ‌गिरिडीह भाजपा गिरिडीह जिला महानगर के पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों एवं विभिन्न कार्यक्रमों के टोली प्रभारियों की एक बैठक हरिचक स्थित भाजपा जिला कार्यालय में रविवार को हुई। जिसकी अध्यक्षत जिलाध्यक्ष रंजीत राय ने की। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में गिरिडीह जिला महानगर के प्रभारी डॉ. संजय सिंह उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री संदीप डगेच ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन जिला उपाध्यक्ष अरुण हाजरा ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी डॉ. संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पार्टी ने सेवा और सुशासन कार्यक्रम चलाया जाएगा। भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाएंगे। डॉ. सिंह ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गिरिडीह जिला महानगर क्षेत्र की तीनों विधानसभा सीटों-गांडेय, गिरिडीह और डुमरी-पर भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए अभी से कार्ययोजना बनाकर कार्य करना होगा। बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष रंजीत राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश नेतृत्व द्वारा जो जिम्मेदारियां संगठन को सौंपी गई हैं। सांसद, विधायक, जिला पदाधिकारी एवं मंडल अध्यक्ष सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध लोगों से संपर्क स्थापित कर केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। बैठक में पूर्व डिप्टी महापौर प्रकाश सेठ, कोडरमा सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव, यदुनंदन पाठक, प्रदीप साहू, विनय सिंह, शैलेंद्र चौधरी, संजीव कुमार, नवीन सिन्हा, संगीता सेठ, मनोज सिंह, देवराज, सुरेश मंडल, रिंकी देवी, गुड़िया देवी, संत कुमार लल्लू, राजेश जायसवाल, हरमिंदर सिंह बग्गा सहित उपस्थित थे। Source link

झारखंड

स्कूटी सीखने निकले दो नाबालिगों की मौत:पश्चिमी सिंहभूम में कल्वर्ट से टकराकर...

पश्चिमी सिंहभूम के मनोहरपुर थाना क्षेत्र के पुराना मनोहरपुर गांव में स्कूटी चलाने निकले दो नाबालिग दोस्तों की जान चली गई। मृतकों की पहचान वतन लोहार (14) और ओम सांडिल (17) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उन्होंने किसी परिचित से स्कूटी लेकर पास के मैदान में अभ्यास करने की योजना बनाई थी। मैदान पहुंचने से पहले तेज रफ्तार स्कूटी कल्वर्ट से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों किशोर स्कूटी से उछलकर कल्वर्ट के नीचे जा गिरे। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल दोनों को मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। 15 अगस्त को हुआ था जन्म, इसलिए रखा था नाम ‘वतन’ मृतक वतन के पिता संजय लोहार ने रुंधे गले से बताया कि उनके बेटे का जन्म देश के स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को होने के कारण उन्होंने उसका नाम ‘वतन’ रखा था। वतन संत अगस्तीन उच्च विद्यालय में आठवीं कक्षा का छात्र था। वहीं ओम सांडिल ने इसी वर्ष मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की थी और संत अगस्तीन कॉलेज में इंटर कला संकाय में दाखिला लिया था। दोनों परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। इनके पिता मजदूरी कर घर चलाते हैं। परिवार की उम्मीद थी कि पढ़-लिखकर उनके बच्चे भविष्य में सहारा बनेंगे, लेकिन एक पल की चूक ने दोनों घरों की खुशियां छीन लीं। घटनास्थल पर बिखरे स्कूटी के टूटे हुए हिस्से और खून के निशान हादसे की भयावहता की कहानी बयां कर रहे थे। नाबालिग बच्चों के वाहन चलाने को लेकर क्या कहता है कानून भारत में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के मोटर वाहन चलाने की अनुमति नहीं है। हालांकि 16 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों को केवल 50 सीसी तक की कुछ श्रेणी की गाड़ियों के लिए विशेष लाइसेंस मिल सकता है। लेकिन सामान्य स्कूटी और मोटरसाइकिल चलाने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित है। वहीं मोटर वाहन अधिनियम, 2019 के तहत यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते पकड़ा जाता है, तो वाहन मालिक या अभिभावक को जिम्मेदार माना जाता है। ऐसे मामलों में वाहन मालिक या अभिभावक पर 25 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही 3 साल तक की सजा का भी प्रावधान है। इसके अलावा संबंधित वाहन का रजिस्ट्रेशन एक वर्ष तक निलंबित किया जा सकता है। Source link

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पत्थरों में छिपे हैं पुराने रहस्य, हवाओं में गूंजती है वीरता की...

Last Updated:June 01, 2026, 09:20 IST Taragarh Fort Bundi: राजस्थान के बूंदी शहर की पहाड़ियों पर स्थित 13वीं शताब्दी का तारागढ़ किला राज्य की गौरवशाली विरासत और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक माना जाता है. अपनी भव्य स्थापत्य कला, विशाल प्राचीरों और रणनीतिक निर्माण के लिए प्रसिद्ध यह किला सदियों से इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों को आकर्षित करता आ रहा है. माना जाता है कि इस किले का निर्माण चौहान शासकों द्वारा कराया गया था और यह कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है. किले की दीवारें राजपूती शौर्य, युद्ध कौशल और समृद्ध संस्कृति की अनगिनत कहानियां अपने भीतर समेटे हुए हैं. ऊंची पहाड़ी पर स्थित होने के कारण यहां से बूंदी शहर का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है. राजस्थान की हाड़ौती धरती पर बसा बूंदी एक ऐसा शहर है, जहां इतिहास सिर्फ किताबों में नहीं मिलता, बल्कि हर गली, हर महल और हर पहाड़ी पर जीवंत दिखाई देता है. सदियों पुरानी विरासत को अपने आंचल में समेटे यह शहर आज भी अपनी वही शाही गरिमा और सांस्कृतिक समृद्धि बनाए हुए है, जिसने कभी दुनिया के महान साहित्यकार रुडयार्ड किपलिंग को भी मंत्रमुग्ध कर दिया था. यह एक पर्यटन स्थल है साथ ही इसका इतिहास, कला और रोमांस का ऐसा जीवंत कैनवास है, जहां हर पत्थर एक कहानी कहता है और हर दीवार बीते गौरवशाली युग की याद दिलाती है. जो भी यहां आता है, वह अपने साथ सिर्फ तस्वीरें नहीं, बल्कि सदियों पुरानी विरासत की अमिट यादें भी लेकर लौटता है. इस क्षेत्र की सबसे बड़ी सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है विश्व प्रसिद्ध कोटा-बूंदी लघु चित्रकला शैली. अपनी जीवंत रंग योजना, बारीक चित्रांकन और प्रकृति के मनोहारी चित्रण के लिए यह कला शैली दुनियाभर में प्रसिद्ध है. इन चित्रों में राजदरबारों की भव्यता, शिकार के दृश्य, प्रेम कथाएं और प्रकृति की सुंदरता इतनी जीवंतता से उकेरी गई है कि देखने वाला मंत्रमुग्ध हो जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google बूंदी केवल किलों और महलों का शहर नहीं है, बल्कि यह कला और संस्कृति का भी अनमोल खजाना है. पूरा हाड़ौती क्षेत्र प्राचीन मंदिरों, बावड़ियों, छतरियों और ऐतिहासिक जल संरचनाओं से समृद्ध है. यहां की स्थापत्य कला राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को एक अलग पहचान देती है. एक सदी से अधिक समय पहले बूंदी की यात्रा के दौरान किपलिंग इसकी सुंदरता से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने यहां के महलों और किलों के बारे में लिखा था, “इन्हें केवल देवदूतों ने ही बनाया होगा, क्योंकि इतनी अद्भुत भव्यता इंसान के हाथों से संभव नहीं है.” आज भी बूंदी को देखकर उनकी यह बात पूरी तरह सच प्रतीत होती है. इस क्षेत्र की सबसे बड़ी सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है विश्व प्रसिद्ध कोटा-बूंदी लघु चित्रकला शैली. अपनी जीवंत रंग योजना, बारीक चित्रांकन और प्रकृति के मनोहारी चित्रण के लिए यह कला शैली दुनियाभर में प्रसिद्ध है. इन चित्रों में राजदरबारों की भव्यता, शिकार के दृश्य, प्रेम कथाएं और प्रकृति की सुंदरता इतनी जीवंतता से उकेरी गई है कि देखने वाला मंत्रमुग्ध हो जाता है. आज जब आधुनिकता की दौड़ में कई शहर अपनी ऐतिहासिक पहचान खोते जा रहे हैं, तब बूंदी अपनी विरासत को संजोए हुए एक जीवंत संग्रहालय की तरह खड़ा है. यहां की संकरी गलियां, नीले रंग से सजे पुराने मकान, ऐतिहासिक स्मारक और शांत वातावरण हर आगंतुक को समय की यात्रा पर ले जाते हैं. बूंदी की खूबसूरती का दूसरा नाम है सुख महल. जैत सागर झील के किनारे स्थित यह शांत और मनमोहक महल अपनी नाजुक मेहराबों, ठंडे कक्षों और सुंदर उद्यानों के लिए जाना जाता है. झील के शांत जल में प्रतिबिंबित होता यह महल किसी चित्रकार की कल्पना जैसा प्रतीत होता है. माना जाता है कि रुडयार्ड किपलिंग ने अपने प्रवास के दौरान यहीं समय बिताया था और अपने प्रसिद्ध उपन्यास ‘किम’ के कुछ हिस्सों के लिए प्रेरणा भी यहीं से प्राप्त की थी. शहर के ऊपर लगभग 500 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित तारागढ़ किला बूंदी की पहचान है. 13वीं शताब्दी में निर्मित यह दुर्ग अपनी विशाल प्राचीरों, गुप्त मार्गों और अद्भुत जल संरचनाओं के लिए प्रसिद्ध है. दूर से देखने पर यह किला मानो पूरे शहर की निगरानी करता दिखाई देता है. इसकी मजबूत दीवारें वीरता, संघर्ष और राजपूती शौर्य की अनगिनत कहानियों की साक्षी हैं. तारागढ़ किले की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्राचीन वर्षा जल संचयन प्रणाली है. उस दौर में निर्मित जलाशय और जल प्रबंधन की तकनीक आज भी इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती है. यह साबित करती है कि उस समय के शिल्पकार केवल कलाकार ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी वैज्ञानिक भी थे. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें| Source link

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