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‘ऐसे देश में रहने पर शर्म आती है…’ बीजेपी पर हमला करते-करते...

पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हुए हमलों को लेकर देश की सियासत गरमा गई है. इस बीच वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. सिब्बल ने कहा कि उन्हें ऐसे देश में रहने पर शर्म आती है, जहां राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए हिंसा का सहारा लिया जाता है. अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले की निंदा करते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो देखकर वह स्तब्ध रह गए. उनके मुताबिक यह कोई अचानक हुई घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हमला था. सिब्बल ने दावा किया कि अगर अभिषेक बनर्जी ने हेलमेट नहीं पहना होता तो उन्हें गंभीर या जानलेवा चोट लग सकती थी. सिब्बल ने क्या कहा? सिब्बल ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठी राजनीतिक ताकतें लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करने के लिए हर तरीका अपना रही हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या चुनाव जीतने के बाद विपक्ष को हिंसा के जरिये खत्म करना लोकतंत्र का रास्ता हो सकता है? उन्होंने यह भी पूछा कि गृह मंत्री, लोकसभा अध्यक्ष और अन्य जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने इस घटना पर अब तक खुलकर प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी. हालांकि सिब्बल के बयान का सबसे ज्यादा विवादित हिस्सा वह रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे देश में रहने पर शर्म महसूस होती है. यही बयान अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है. बीजेपी ने किया पलटवार बीजेपी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि करोड़ों रुपये कमाने वाले और वर्षों तक सत्ता के केंद्र में रहने वाले नेता का पूरे देश पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है. बीजेपी का आरोप है कि कपिल सिब्बल ने पश्चिम बंगाल में 2021 के चुनाव बाद हुई हिंसा, भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमलों तथा पंचायत चुनावों के दौरान हुई घटनाओं पर कभी ऐसी तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी थी. बीजेपी ने यह सवाल भी उठाया कि अब जांच में यह बात सामने आ रही है कि अभिषेक बनर्जी पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार कुछ लोगों के तार टीएमसी के ही पूर्व नेताओं से जुड़े बताए जा रहे हैं. ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई सामने आने से पहले देश और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाना क्या उचित है? किसी भी राजनीतिक नेता पर हमला निंदनीय है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन क्या किसी एक घटना के आधार पर पूरे देश के लोकतंत्र और व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर देना सही है? क्या राजनीतिक हिंसा की घटनाओं की आलोचना और देश के प्रति निराशा व्यक्त करने के बीच एक स्पष्ट अंतर नहीं होना चाहिए? भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां हर दिन लाखों लोग चुनावी प्रक्रिया, न्यायपालिका, मीडिया और संवैधानिक संस्थाओं के जरिए अपनी आवाज उठाते हैं. ऐसे में आलोचकों का कहना है कि किसी घटना पर नाराजगी जताना एक बात है, लेकिन पूरे देश पर शर्मिंदगी जताने वाला बयान दूसरी बात है. अब सवाल आपके सामने है. क्या कपिल सिब्बल का बयान सिर्फ लोकतंत्र को लेकर उनकी चिंता को दर्शाता है, या फिर उन्होंने राजनीतिक विरोध में देश को भी कठघरे में खड़ा कर दिया? क्या आप उनके इस बयान से सहमत हैं? अपनी राय हमें कमेंट करके जरूर बताइए. Source link

झारखंड

राहू-कतला नहीं, बल्कि कमरे में इस मछली पालन से देवघर के वकील...

होमताजा खबरकृषि राहू-कतला नहीं, बल्कि कमरे में इस मछली पालन से वकील यादव की चमकी किस्मत! Last Updated:June 01, 2026, 11:51 IST देवघर के किसान वकील यादव ने पारंपरिक मत्स्य पालन छोड़कर नया प्रयोग किया है. उन्होंने राहू-कतला की जगह एक कमरे में रंगीन मछली पालन शुरू किया. वे नीले ड्रमों में सजावटी मछलियां पालकर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं. आज वे हर महीने करीब 1000 रंगीन मछलियां बेचकर आत्मनिर्भर बन चुके हैं. ख़बरें फटाफट देवघर: खेती के साथ-साथ आज के समय में किसान अपनी आय बढ़ाने के लिए नए-नए प्रयोग कर रहे हैं. कोई बकरी पालन कर रहा है, कोई गाय पालन, कोई मुर्गी पालन तो कोई मत्स्य पालन के जरिए अपनी कमाई बढ़ा रहा है. आमतौर पर जब मत्स्य पालन की बात होती है तो लोगों के मन में सबसे पहले राहू, कतला और मृगल जैसी मछलियों का नाम आता है.लेकिन झारखंड के देवघर जिले के बदनबेरा गांव के किसान वकील यादव ने कुछ अलग करने का फैसला किया. उन्होंने पारंपरिक मछली पालन की बजाय रंगीन मछलियों का पालन शुरू किया और आज इसी से अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं. क्या कहते हैं किसान?वकील यादव बताते हैं कि उनके पास न तो बहुत ज्यादा जमीन थी और न ही बड़े स्तर पर मत्स्य पालन शुरू करने के लिए पर्याप्त पूंजी. ऐसे में वह कम लागत में ऐसा काम करना चाहते थे जिससे नियमित आमदनी हो सके. इसी दौरान उन्होंने इंटरनेट और यूट्यूब पर रंगीन मछली पालन से जुड़ी कई वीडियो देखीं.वीडियो देखने के बाद उनके मन में विचार आया कि जब बड़े-बड़े तालाब की जरूरत नहीं है तो क्यों न छोटे स्तर पर ही इसकी शुरुआत की जाए. इसके बाद उन्होंने एक कमरे में नीले रंग के ड्रम लगाकर रंगीन मछलियों का पालन शुरू कर दिया. शुरुआत में काम आसान नहीं थाशुरुआत में यह काम आसान नहीं था. लोगों को रंगीन मछलियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, इसलिए मांग भी काफी कम थी.कई बार उन्हें ग्राहकों का इंतजार करना पड़ता था.लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार इस काम को आगे बढ़ाते रहे.धीरे-धीरे लोगों को रंगीन मछलियों के बारे में जानकारी मिलने लगी. घरों, दुकानों, कार्यालयों और एक्वेरियम रखने वाले लोगों की रुचि बढ़ी तो मांग भी बढ़ने लगी.आज स्थिति यह है कि उनके यहां से हर महीने करीब 1000 पीस रंगीन मछलियां बिक जाती हैं. मछलियों की कीमत 50 रुपए पीस वकील यादव बताते हैं कि एक रंगीन मछली की कीमत लगभग 50 रुपये रहती है. इस हिसाब से हर महीने उन्हें अच्छी बिक्री हो जाती है. खास बात यह है कि इस व्यवसाय के लिए बड़े तालाब या अधिक जमीन की आवश्यकता नहीं पड़ती. कम जगह में भी इसे आसानी से किया जा सकता है. इसके अलावा रंगीन मछलियों की देखभाल और प्रजनन की सही जानकारी होने पर उत्पादन भी लगातार बढ़ाया जा सकता है. उनका कहना है कि यदि कोई किसान कम लागत में कोई नया व्यवसाय शुरू करना चाहता है तो रंगीन मछली पालन एक अच्छा विकल्प हो सकता है. आज के समय में एक्वेरियम और सजावटी मछलियों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में इस क्षेत्र में संभावनाएं भी काफी हैं. वकील यादव पिछले चार वर्षों से इस काम से जुड़े हुए हैं और लगातार अच्छा अनुभव प्राप्त कर रहे हैं. रंगीन मछली पालन से बढ़ेगी आमदनी उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि किसान नई सोच और नई तकनीक को अपनाएं तो कम संसाधनों में भी अच्छी कमाई कर सकते हैं. यूट्यूब से मिला एक छोटा सा आइडिया आज उनके लिए आमदनी का मजबूत जरिया बन चुका है. यही वजह है कि अब आसपास के कई किसान भी उनके काम को देखकर प्रेरित हो रहे हैं. रंगीन मछली पालन के बारे में जानकारी लेने पहुंच रहे हैं. वकील यादव की यह पहल उन किसानों के लिए एक प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद कुछ नया करके अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहते हैं. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

झारखंड

चाईबासा में ग्रामीण के गले में फंसी जिंदा मछली:दांत से चबाने की...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ थाना क्षेत्र के बंजरा गांव में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। मछली पकड़ने गए एक ग्रामीण के गले में जिंदा मछली फंस गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। हालांकि, समय पर अस्पताल पहुंचने और डॉक्टरों की तत्परता से उसकी जान बचा ली गई। बंजरा गांव निवासी चंपई गगराई अपने तीन साथियों के साथ निश्चिंतपुर गांव के तालाब में मछली पकड़ने गया था। मछली पकड़ने के दौरान चंपई ने एक मछली को दांत से चबाकर मारने की कोशिश की। इसी दौरान मछली उसके हाथ से फिसलकर सीधे मुंह में चली गई और गले में फंस गई। ग्रामीण घबरा गए और तत्काल उसे अस्पताल ले गए मछली उस समय जिंदा थी, जिसके कारण वह गले के अंदर तड़पने लगी। घटना के बाद चंपई को तेज दर्द होने लगा और उसे सांस लेने तथा निगलने में गंभीर परेशानी हुई। स्थिति बिगड़ती देख उसके साथ मौजूद ग्रामीण घबरा गए और तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनुआ लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए सदर अस्पताल चाईबासा रेफर कर दिया। मछली को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचने पर आपातकालीन विभाग की टीम ने बिना देर किए उपचार शुरू किया। डॉ. प्रदीप कुमार और उनकी टीम ने आवश्यक जांच और चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद गले में फंसी पूरी मछली को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया। मछली बाहर निकलते ही मरीज को तत्काल राहत मिली और उसकी स्थिति में सुधार होने लगा। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, समय पर मरीज को अस्पताल लाना और त्वरित चिकित्सकीय हस्तक्षेप इस मामले में निर्णायक साबित हुआ। डॉक्टरों ने बताया कि ऐसी स्थिति में देरी होने पर सांस लेने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती थी और मरीज की हालत और अधिक बिगड़ सकती थी। यह अजीबो-गरीब हादसा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अस्पताल प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि इस तरह के जोखिम भरे प्रयासों से बचना चाहिए। Source link

झारखंड

जामताड़ा में साइबर ठगी, खाते से 61 हजार रुपए निकाले:मुंबई में काम...

झारखंड के जामताड़ा जिले में साइबर अपराधियों ने एक मजदूर के बैंक खाते से 61 हजार रुपए की ठगी की है। यह घटना नारायणपुर थाना क्षेत्र के टोपाटॉड गांव में हुई। पीड़ित की पहचान कमरुल अंसारी के रूप में हुई है, जिनका बैंक ऑफ इंडिया की नारायणपुर शाखा में खाता है। कमरुल मुंबई में एक निर्माण कंपनी में मजदूरी करते हैं। उनके खाते में कुल 61 हजार रुपए जमा थे, जिसे साइबर ठगों ने फोनपे के माध्यम से कई बार में निकाल लिया। अपराधियों ने 5-5 हजार रुपए की 12 निकासी और फिर 1 हजार रुपए की एक अतिरिक्त निकासी कर कुल 61 हजार रुपए की धोखाधड़ी की। कमरुल अंसारी के अनुसार, उन्हें न तो कोई संदिग्ध फोन कॉल आया और न ही उन्होंने किसी के साथ कोई ओटीपी साझा किया। उनके खाते से यह राशि 29 और 30 मई की दरमियानी रात करीब 2 बजे निकाली गई। बैंक स्टेटमेंट में भी फोनपे के माध्यम से हुए लेनदेन की पुष्टि हुई है। कमरुल स्वयं भी ऑनलाइन लेनदेन के लिए फोनपे का उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि साइबर अपराधियों ने उनके खाते तक कैसे पहुंच बनाई। खाते से राशि कटने की जानकारी मिलने पर कमरुल ने बैंक ऑफ इंडिया की नारायणपुर शाखा से संपर्क किया। बैंक अधिकारियों ने उन्हें खाते का स्टेटमेंट दिया और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। इस ठगी के बाद अब उनके खाते में मात्र 10 रुपए 27 पैसे शेष बचे हैं। घटना के बाद पीड़ित ने जामताड़ा साइबर थाना में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है तथा एक अनुसंधान पदाधिकारी (आईओ) की नियुक्ति कर दी गई है। पुलिस फोनपे ट्रांजैक्शन, बैंकिंग रिकॉर्ड तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। Source link

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मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत सरकार युवाओं को बिजनेस के लिए...

Last Updated:June 01, 2026, 13:12 IST जिला ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी ने लोकल 18 से बताया कि वर्तमान समय में दो योजनाओं के टारगेट विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं.  जिसमें एक मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना है. जिसके अंतर्गत युवाओं को 10 लाख रुपए तक का लोन ब्याज पर सब्सिडी के अंतर्गत उपलब्ध कराया जा रहा है. जिससे कि वह अपने बिजनेस को काफी बेहतर तरीके से आगे ले जा सके. इसमें सर्विस एवं मैन्युफैक्चरिंग दोनों स्तर पर युवाओं को बैंकों द्वारा लोन दिया जाएगा. इसमें बैंक द्वारा लगाया गया ब्याज विभाग देगा. ख़बरें फटाफट मेरठः मेरठ से संबंधित जिन युवाओं ने बिजनेस करने का सपना संजोया है. इसके लिए वह विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अध्ययन भी कर रहे हैं. ताकि बिजनेस के क्षेत्र में विशेष पहचान बना सके. लेकिन के मन में यही जिज्ञासा है कि आखिर वह अपने बिजनेस को एक बेहतर बिजनेस के रूप में डेवलप करने के लिए आर्थिक चुनौतियों को पार कैसे करें. तो ऐसे सभी युवाओं के लिए अच्छी खबर है. उनके सपने को साकार करने के लिए जिला ग्रामोद्योग विभाग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. युवाओं को मिल रहा 10 लाख लोन लोकल 18 की टीम से खास बातचीत करते हुए जिला ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी ने बताया कि वर्तमान समय में दो योजनाओं के टारगेट विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं.  जिसमें एक मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना है. जिसके अंतर्गत युवाओं को 10 लाख रुपए तक का लोन ब्याज पर सब्सिडी के अंतर्गत उपलब्ध कराया जा रहा है. जिससे कि वह अपने बिजनेस को काफी बेहतर तरीके से आगे ले जा सके. इसमें सर्विस एवं मैन्युफैक्चरिंग दोनों स्तर पर युवाओं को बैंकों द्वारा लोन दिया जाएगा. इसमें बैंक द्वारा लगाया गया ब्याज विभाग देगा. इसी के साथ ही दूसरी योजना मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना है.  इसके अंतर्गत प्रजापति समाज या फिर परंपरागत रूप से जो भी लोग माटीकला से संबंधित कार्य कर रहे हैं. ऐसे सभी लोगों को 10 लाख रुपए तक का लोन बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा. इसमें 25% तक की सब्सिडी माटीकला बोर्ड द्वारा युवाओं को उपलब्ध कराई जाएगी. जिससे कि युवा अपने सपने को साकार कर सके. ये प्रमाण पत्र है जरूरी उन्होंने कहा कि जो भी युवा इस योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं. ऐसे सभी युवा ग्रामीण क्षेत्र से ताल्लुक रखने चाहिए. साथ ही अगर वह एससी -एसटी वर्ग से है. तो उनके पास जाति प्रमाण पत्र होना चाहिए. जिससे कि उन्हें कैटेगरी के अंतर्गत लाभ मिल सके. इसके साथ उन्होंने बताया कि लोन के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट काफी महत्वपूर्ण होती है. ऐसे में आवेदन करते समय प्रोजेक्ट रिपोर्ट में पूरा विवरण उपलब्ध कराएं. आप लोन किस  उद्देश्य से लेना चाहते हैं. किस तरह से आप टर्म और सीसी के अंतर्गत अपने व्यापार का संचालन करेंगे. बताते चलें कि अगर सभी डॉक्यूमेंट ठीक होते हैं तो युवाओं को लोन मिलने में ज्यादा समय नहीं लगता है. उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी के लिए युवा विभाग की वेबसाइट का विकसित कर सकते हैं. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Meerut,Uttar Pradesh Source link

झारखंड

इस बार सावन में क्यू कॉम्प्लेक्स में मिलेगा लॉकर रूम, सुरक्षित रहेगा...

Last Updated:June 01, 2026, 12:52 IST देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में सावन मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए नई व्यवस्था की जा रही है. अब क्यू कॉम्प्लेक्स में एक लॉकर रूम बनाया जा रहा है. यहां श्रद्धालु अपने मोबाइल, पर्स और जरूरी कागजात सुरक्षित रख सकेंगे. इस सुविधा से सामान चोरी होने की चिंता दूर होगी. श्रद्धालुओं को जलार्पण के दौरान बड़ी राहत मिलेगी. ख़बरें फटाफट देवघर: देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर में स्थित है, जिसे पूरे देश में आस्था और श्रद्धा का बड़ा केंद्र माना जाता है. सालभर यहां लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. लेकिन जब सावन का महीना आता है तो बाबा धाम की रौनक कई गुना बढ़ जाती है. सावन के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु और कांवरिया सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ पर जल अर्पित करते हैं. इस दौरान मंदिर परिसर से लेकर पूरे शहर तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है. हर तरफ बोल बम और हर हर महादेव के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो जाता है. इस बार भी कुछ ही दिनों में सावन शुरू होने वाला है और प्रशासन इसकी तैयारियों में जुट गया है. श्रद्धालू को रहती थी अपने सामान की चिंतासावन मेले के दौरान श्रद्धालुओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन सबसे बड़ी चिंता अपने सामान की सुरक्षा को लेकर रहती है. मंदिर में जलार्पण करने के लिए लंबी कतारों में घंटों तक खड़ा रहना पड़ता है. इस दौरान श्रद्धालुओं के पास मोबाइल फोन, पर्स, जरूरी कागजात और अन्य सामान मौजूद रहते हैं. भीड़ अधिक होने के कारण कई बार सामान खो जाने या चोरी होने की घटनाएं भी सामने आती हैं. खासकर मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायतें हर साल सुनने को मिलती हैं. ऐसे में श्रद्धालु दर्शन और पूजा के दौरान भी अपने सामान को लेकर परेशान रहते हैं. कई बार लोग मजबूरी में अपना सामान परिचितों के पास छोड़ते हैं या फिर साथ लेकर ही कतार में खड़े रहते हैं, जिससे उन्हें असुविधा होती है. क्यू काम्प्लेक्स में बनाया जा रहा लॉकर रुम इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस बार देवघर जिला प्रशासन और मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए एक नई और महत्वपूर्ण व्यवस्था की है. बाबा मंदिर से लगभग 300 मीटर की दूरी पर स्थित क्यू कॉम्प्लेक्स में लॉकर रूम बनाया जा रहा है.इस लॉकर रूम का उद्देश्य श्रद्धालुओं को उनके सामान की सुरक्षा की चिंता से मुक्त करना है.यहां श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन, पर्स, आधार कार्ड, जरूरी कागजात, चाबियां और अन्य छोटे-मोटे सामान सुरक्षित रख सकेंगे. इससे उन्हें मंदिर में पूजा-अर्चना और जलार्पण के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. सावन मेले से पहले शुरू की जायेगी यह वयवस्था जानकारी के अनुसार जब श्रद्धालु अपना सामान लॉकर में जमा करेंगे तो उन्हें उस लॉकर की एक कूपन दी जाएगी. इसके बाद वे निश्चिंत होकर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे. पूजा समाप्त होने के बाद श्रद्धालु वापस लॉकर रूम पहुंचेंगे और कूपन जमा कर अपना सामान प्राप्त कर लेंगे. सबसे खास बात यह है कि यह सुविधा पूरी तरह मुफ्त होगी.श्रद्धालुओं से इसका शुल्क लिया जाएगा या नहीं ये फिलहाल तय नहीं हुआ है.इससे लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से चोरी और सामान गुम होने की घटनाओं में भी कमी आएगी तथा श्रद्धालु बिना किसी चिंता के बाबा की भक्ति में लीन हो सकेंगे.मंदिर प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार सावन मेले की शुरुआत से पहले इस व्यवस्था को पूरी तरह शुरू कर दिया जाएगा, ताकि बाबा धाम आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और सुरक्षित वातावरण मिल सके. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

झारखंड

पतरातू डैम में डूबने से लोहरदगा के युवक की मौत:दोस्तों के साथ...

रामगढ़ जिले के पतरातू डैम में देर शाम नहाने के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान लोहरदगा निवासी शशि उरांव (24) के रूप में हुई है, जो जगरनाथ भगत का पुत्र था और रांची में रहकर स्नातक की पढ़ाई कर रहा था। शशि अपने पांच दोस्तों के साथ पतरातू डैम स्थित मूरकटी गांव में गौरव उरांव के घर आया था। देर शाम सभी दोस्त डैम में नहाने चले गए। इसी दौरान शशि उरांव पानी में डूब गया। जब वह दोस्तों को दिखाई नहीं दिया, तो उन्होंने खोजबीन शुरू की और उसे पानी से बाहर निकाला। दोस्तों के अनुसार, शशि को पानी से निकालने के बाद उसकी सांसें चल रही थीं। उन्होंने उसे 15 बार सीपीआर दिया और तुरंत भुरकुंडा स्थित सीसीएल अस्पताल ले गए। हालांकि, डॉक्टरों ने उसे वहां मृत घोषित कर दिया। भुरकुंडा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए रामगढ़ सदर अस्पताल भेज दिया गया है। मृतक के दोस्तों ने उसके परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। Source link

शिक्षा

प्राध्यापक (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर भर्ती, आवेदन शुरू:जानिए-आरएएस-2026 व एपीओ...

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में लेक्चरर (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन सोमवार से शुरू कर दिए हैं। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि कैंडिडेट्स 30 जून 2026 की रात 12 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कैंडिडेट की उम्र 1 जनवरी 2027 को 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं होंगे। कैंडिडेट का सिलेक्शन एग्जाम के माध्यम से होगा। परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों की जानकारी बाद में अलग से जारी की जाएगी। (अधिक जानकारी के लिए करें क्लिक) सहायक अभियोजन-अधिकारी, पद 371, आवेदन 8 जून से शुरू होंगे राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) सहायक अभियोजन अधिकारी (गृह विभाग-अभियोजन) के 371 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 8 जून से आमंत्रित कर रहा है। आवेदन 7 जुलाई तक किए जा सकेंगे। इस भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा 2 सितंबर को आयोजित की जाएगी। 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष से कम होनी चाहिए। आयोग ने इन पदों को 2024 में विज्ञापित किया था, जिसके बाद आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर की गई थी। चूंकि इन पदों के लिए कोई नया विज्ञापन जारी नहीं किया गया है, इसलिए अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। अभ्यर्थियों का चयन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से होगा, जो दो चरणों में आयोजित की जाएगी: प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा। आरएएस-2026, पद 607, 4 जून से शुरू होंगे आवेदन राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने राजस्थान राज्य और अधीनस्थ सेवाएं (RAS) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2026 के तहत 607 पदों के लिए भर्ती निकाली है। इच्छुक अभ्यर्थी 4 जून से 3 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 29 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस भर्ती में राज्य सेवा के 192 पद और अधीनस्थ सेवा के 415 पद शामिल हैं। 1 जनवरी 2027 को अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। अभ्यर्थियों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे, जबकि मुख्य परीक्षा में वर्णनात्मक प्रश्न होंगे। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। राज्य सेवाएं (192 पद) अधीनस्थ सेवाएं (415 पद) Source link

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धनबाद में बाइक सवार युवक को मारी गोली:दोनों पैर में लगी गोली,...

धनबाद जिले के तोपचांची थाना क्षेत्र में तड़के हुई गोलीबारी की घटना ने सनसनी फैला दी। नेशनल हाईवे-19 के किनारे तोपचांची बाजार सर्विस रोड पर अपराधियों ने एक युवक को गोली मारकर उसकी बाइक लूट लेने की बात सामने आई। घायल युवक की पहचान बोकारो के दुग्धा निवासी रवि बक्सराई के रूप में हुई है। उसे इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक रवि अपने दोस्त दिवाकर के साथ पल्सर बाइक से देवघर जा रहा था, तभी यह वारदात हुई। पीछा कर की गई फायरिंग, पैर में लगी दो गोलियां पीड़ित के बयान के अनुसार, सोमवार सुबह करीब तीन बजे जब दोनों तोपचांची बाजार के पास पहुंचे, तभी हेलमेट और गमछा पहने दो बाइक सवार अपराधियों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। आरोप है कि अपराधियों ने पहले हवाई फायरिंग की, जिससे उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इस दौरान दिवाकर मौके से भाग निकला, जबकि रवि को अपराधियों ने निशाना बनाते हुए उसके पैरों में दो गोलियां मार दीं। घटना के बाद अपराधी उसकी बाइक लेकर फरार हो गए। बाद में दिवाकर लौटकर आया और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद घायल को अस्पताल पहुंचाया गया। जांच में विरोधाभास, घटनास्थल पर नहीं मिले साक्ष्य हालांकि पुलिस जांच में इस घटना की कहानी पर सवाल खड़े हो गए हैं। जब पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, तो वहां न तो खून के निशान मिले और न ही किसी प्रकार का खोखा बरामद हुआ। इसके अलावा घायल और उसके साथी के बयानों में भी कई विरोधाभास सामने आए हैं। इससे पुलिस को संदेह है कि पूरी घटना वैसी नहीं है जैसी बताई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहराई से जांच की जा रही है। कोयला कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ सकता है मामला बाघमारा एसडीपीओ अजीत कुमार बिमल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह मामला सड़क अपराध या लूटपाट का नहीं, बल्कि कोयला खनन क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर हुए विवाद से जुड़ा हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि असली घटना दुग्दा थाना क्षेत्र में हुई। घायल को बाद में धनबाद लाकर इसे तोपचांची की घटना के रूप में पेश किया गया। पुलिस अब दुग्दा क्षेत्र में संभावित वास्तविक घटनास्थल की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। Source link

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कॉकरोच आपकी क्रीम में भी मौजूद, मॉस्चराइजर से लेकर ब्यूटी प्रोडक्ट्स तक...

होमफोटोनॉलेज कॉकरोच आपकी क्रीम में भी मौजूद, मॉस्चराइजर से मेकअप तक में कैसे इस्तेमाल Last Updated:June 01, 2026, 12:20 IST दुनियाभर में तिलचट्टों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं, लेकिन कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल अमेरिकन कॉकरोच का होता है. ये कॉकरोच भारत में खूब होता है, तो ये जान लें कि जो मॉस्चराइजर और ब्यूटी प्रोडक्ट्स आप आराम से लगाते हैं, उसमें तिलचट्टे से निकलने वाले प्रोटीन और अन्य तत्वों का इस्तेमाल खूब होता है. तिलचट्टे से बनने वाले कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स की लिस्ट और उनमें इसका क्या काम है, ये समझना थोड़ा रोचक है. जैसे स्किनकेयर प्रोड्क्ट्स में इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है. तिलचट्टे के अर्क का इस्तेमाल ज्यादातर त्वचा से जुड़े प्रोडक्ट्स में किया जाता है, क्योंकि इसमें रिपेयर, हाइड्रेशन और एंटी-एजिंग के गुण होते हैं. (ai image) एक पेटेंट के अनुसार, भारत में मिलने वाला कॉकरोच, जिसे अमेरिकन कॉकरोच प्रजाति भी कहते हैं, उसका एक्सट्रैक्ट वाला फेस वॉश त्वचा को मॉइस्चराइज़ और रिपेयर करने में मदद करता है. फेशियल मास्क और टोनर भी इससे बनाए जाते हैं, जो त्वचा के रंग को निखारने, रोमछिद्रों को कम करने और त्वचा की बनावट को सुधारने का काम करता है. मॉइस्चराइज़र और हैंड क्रीम तो हम अक्सर ही लगाते हैं, ये हमारी त्वचा को गहराई से नमी (हाइड्रेशन) प्रदान करता है और फटने से बचाता है. (open ai image) तिलचट्टे में पाए जाने वाले पेप्टाइड्स और एमिनो एसिड्स कोलेजन के उत्पादन को बढ़ावा देते हैं. इससे त्वचा को जवां रखने और झुर्रियों को कम करने में मदद मिलती है. जिससे एंटी एजिंग क्रीम और सीरम बनते हैं. कुछ रिसर्च में ये पाया गया कि इसके अर्क में सन-स्क्रीन जैसे गुण भी हो सकते हैं. कॉकरोच एक्सट्रैक्ट का इस्तेमाल बालों के लिए भी होता है. इसका मुख्य फोकस स्कैल्प की सेहत और बालों की ग्रोथ पर होता है. (google ai image) Add News18 as Preferred Source on Google हैरानी की बात है लेकिन तिलचट्टे से निकला एक तत्व आपके मेकअप में भी छुपा हो सकता है. कई बड़े ब्रांड्स के फाउंडेशन में इसे एक कंडीशनर और ह्यूमेक्टेंट के तौर पर मिलाया जाता है. अब हम आपको बताते हैं कि तिलचट्टे में मौजूद चिटिन और चिटोसन नाम के तत्व बहुत फायदेमंद होते हैं. ये त्वचा की मरम्मत भी करते हैं. साथ ही घाव भरने में तेजी लाता है. डैमेज्ड स्किन को रिपेयर करता है. साथ ही जब ये एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी के रूप में काम करता है तो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाता है और सूजन को कम करता है. (ai image) कॉस्मेटिक्स में जिस तिलचट्टे का इस्तेमाल होता है, वह गंदगी वाला घरेलू तिलचट्टा नहीं होता. इसे फार्मों में बेहद साफ और नियंत्रित वातावरण में खासतौर पर पाला जाता है. इसके बाद इनसे केमिकल प्रोसेस के जरिए सिर्फ जरूरी तत्व जैसे चिटोसन निकाले जाते हैं और कई बार परीक्षणों के बाद ही प्रोडक्ट्स में मिलाया जाता है. चीन जैसे देशों में ये FDA (US) और अन्य एजेंसियों से सेफ्टी परमिशन लेकर ही बाजार में आता है. (ai image) अगर आप अपने प्रोडक्ट के इंग्रीडिएंट्स लिस्ट में Chitin (चिटिन), Chitosan (चिटोसन), या Deacetylated Chitin देखते हैं, तो हो सकता है कि यह तिलचट्टे से आया हो, हालांकि ये तत्व झींगा और केकड़े के छिलकों से भी निकाले जाते हैं. बहुत कम लोगों को यह पता है, लेकिन साइंस की दुनिया में अमेरिकन कॉकरोच वास्तव में एक “जैविक खजाना” माना जाता है, जिसका इस्तेमाल दवाइयों से लेकर हाई-एंड स्किनकेयर तक में हो रहा है. (ai image) महिलाओं के फेशियल मास्क, रिपेयरिंग सीरम, एंटी-एजिंग क्रीम, हैंड क्रीम, लिप बाम में इससे निकलने वाले तत्वों का इस्तेमाल होता है. हेयर केयर में भी शैम्पू, हेयर टॉनिक, कंडीशनर में इसका इस्तेमाल बालों की सेहत और ग्रोथ को बेहतर करने में होता है. मेकअप में लिक्विड फाउंडेशन, लिपस्टिक जैसी प्रोड्क्ट्स में कॉक्रोच से निकलने वाले तत्व यूज किए जाते हैं. (ai image) प्रोडक्ट्स के लिए जिन तिलचट्टों को पाला जाता है, उन्हें बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया, कीटनाशकों और गंदगी से दूर, पूरी तरह से नियंत्रित और स्टेराइल वातावरण में रखा जाता है. इन्हें सीधे पीसकर प्रोडक्ट में नहीं मिलाया जाता. वैज्ञानिक प्रक्रियाओं द्वारा इनसे केवल जरूरी केमिकल को निकाला जाता है, जिसे बाद में कई बार शुद्ध किया जाता है. (ai image) न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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