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झारखंड

हजारीबाग में लापता भाई-बहन के शव बरामद:24 घंटे में नदी और कुएं...

हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र में लापता दो सगे भाई-बहन के शव बरामद किए गए हैं। 27 मई से लापता इन बच्चों के शव 24 घंटे के भीतर अलग-अलग स्थानों से मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जानकारी के अनुसार, 12 वर्षीय बहन तमन्ना परवीन का शव रविवार देर शाम कोर्रा थाना क्षेत्र की सिंदूर नदी से मिला था। इसके बाद, सोमवार को उसके 3 वर्षीय भाई रिजवान का शव भी सिंदूर इलाके के एक कुएं से बरामद किया गया। दोनों बच्चों के अचानक गायब होने के बाद उनके पिता ने कटकमदाग थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश का निवासी है और हजारीबाग में खिलौने बेचकर जीवन यापन करता था। बच्चों के शव मिलने के बाद परिवार गहरे सदमे में है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस कप्तान (SP) अमन कुमार ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर एएसपी (ASP) अमित कुमार की अगुवाई में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक और टेक्निकल टीमें भी जांच में जुटी हैं। हालांकि, घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। एएसपी अमित कुमार ने बताया कि पुलिस टीमें तेजी से छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। Source link

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चतरा में घर से 83 किलो डोडा बरामद:12.5 लाख रुपए का डोडा...

चतरा पुलिस ने प्रतापपुर थाना क्षेत्र के चरकाखुर्द गांव में बड़ी कार्रवाई करते हुए 83.790 किलोग्राम प्रतिबंधित डोडा जब्त किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 12 लाख 56 हजार 850 रुपए आंकी गई है। पुलिस ने मौके से एक मुख्य तस्कर सुनील कुमार को भी गिरफ्तार किया है। यह डोडा एक घर में छिपाकर रखा गया था। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के मानकों के अनुसार, जब्त डोडा की यह खेप काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तस्कर इस खेप को बिहार भेजने की तैयारी में थे। सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सन्नी वर्धन ने बताया कि चतरा जिले में मादक पदार्थों और अफीम तस्करों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। चतरा पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी को एक बेहद पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी। सूचना थी कि प्रतापपुर थाना क्षेत्र के चरकाखुर्द गांव में एक व्यक्ति ने अपने घर के भीतर भारी मात्रा में अवैध अफीम-डोडा छुपाकर रखा है, जिसे बहुत जल्द सड़क मार्ग के जरिए बिहार ले जाकर ऊंचे दामों में बेचने की योजना है। इस सूचना के सत्यापन और त्वरित कार्रवाई के लिए एसपी के निर्देश पर एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। विशेष छापेमारी टीम ने बिना वक्त गंवाए चरकाखुर्द गांव निवासी सुनील कुमार (पिता- वृक्ष यादव) के घर पर अचानक दबिश दी। पुलिस को देखकर घर के लोग हड़बड़ा गए। जब मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पूरे घर की गहन तलाशी ली गई, तो घर के गुप्त कोने में सफेद प्लास्टिक के छह अलग-अलग बोरे मिले। जब इन बोरियों को खोला गया, तो इनमें भारी मात्रा में प्रतिबंधित अफीम-डोडा भरा हुआा। पुलिस ने 83.790 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त करते हुए मौके से आरोपी सुनील कुमार को गिरफ्तार कर लिया और सामान के साथ थाने ले आई। Source link

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अभिषेक बनर्जी से मारपीट पर सियासत: राम मंदिर पर अड़ंगा और कसाब...

होमताजा खबरदेश अभिषेक बनर्जी से मारपीट पर दिल्ली में बयानबाजी, TMC-भाजपा में बढ़ी तल्खी Last Updated:June 01, 2026, 17:25 IST पुलिस ने बताया कि 30 मई को चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों के परिवारों से मिलने के लिए सोनारपुर जाने पर अभिषेक बनर्जी के साथ कथित तौर पर स्थानीय लोगों ने मारपीट की. अज्ञात लोगों ने सांसद पर पत्थर, जूते और अंडे फेंके, और “चोर, चोर” के नारे लगाते हुए उन पर लात-घूंसे बरसाने की कोशिश भी की. अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर सियासत तेज हो गई है. नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं पर हुए हमलों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा घटनाओं को शर्मनाक बताए जाने के बाद भाजपा ने उन पर तीखा हमला बोला है. भाजपा नेताओं का कहना है कि टीएमसी नेताओं के खिलाफ जनता में नाराजगी है, जबकि कपिल सिब्बल के बयान को देश और लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान बताया. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कपिल सिब्बल को लेकर कहा कि उनका बयान देश विरोधी है और देश की जनता तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान है. इस बयान में जनता द्वारा बार-बार ठुकराए जाने का असर दिखाई देता है. जिस देश ने आपको नेता, मंत्री, सांसद और अधिवक्ता बनाया, उसी देश का आप अपमान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां सत्ता परिवर्तन भी लोकतांत्रिक तरीकों से होता है, “खेला होबे” से नहीं. हर नागरिक को अपनी बात कहने की स्वतंत्रता है, लेकिन देश को बदनाम करने वाले ऐसे बयान कपिल सिब्बल सहित विपक्ष के नेताओं की मानसिकता को उजागर करते हैं. विदेशी टूलकिट के हिसाब से राहुल गांधी के नेतृत्व में कुछ लोग देश की संस्थाओं, लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ अभियान चला रहे हैं. लोकतंत्र की नींव कमजोर करने का काम कांग्रेस ने दशकों तक किया है. उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में रामजन्मभूमि का फैसला रोकने और कसाब को बचाने के लिए देर रात कोर्ट खुलवाने वाले लोग आज देश को गाली दे रहे हैं. देश नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूती से आगे बढ़ रहा है और कोई इसे रोक नहीं सकता. कपिल सिब्बल का बयान गैरजिम्मेदाराना है और देश का अपमान करने का प्रयास है. वहीं, भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि अभिषेक बनर्जी या कल्याण बनर्जी पर हुआ हमला किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हुआ नहीं है. हम इसका विरोध करते हैं और भाजपा के कार्यकर्ता इन घटनाओं में शामिल नहीं हैं. यह जनता का गुस्सा है. उन्हें कुछ दिन एहतियात बरतनी चाहिए. सरकार सुरक्षा देगी, लेकिन पिछले 15 वर्षों में लोगों को जिस तरह परेशान किया गया, उसका प्रभाव अब दिखाई दे रहा है. उन्होंने टीएमसी को आत्मचिंतन करने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें यह पता लगाना चाहिए कि उनकी हार क्यों हुई. आखिर लोगों में ऐसी क्या नाराजगी है कि वे बाहर निकलते हैं तो जनता उन पर टूट पड़ती है. भाजपा हिंसा और मारपीट के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के शासनकाल में लोगों पर कितनी ज्यादतियां हुईं, यह किसी को याद नहीं आता. अब परिवार के किसी सदस्य के साथ जनता की नाराजगी सामने आई तो ममता बनर्जी प्रदर्शन कर रही हैं. उन्हें इसका अधिकार है, लेकिन यह भी सोचना चाहिए कि जनता उनसे नाराज क्यों है. बता दें कि कपिल सिब्बल ने पश्चिम बंगाल की राजनीति और हालिया हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे शर्मनाक बताया था और सरकार के रवैये पर सवाल उठाए थे. उनका कहना था कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है और ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर हमला हैं. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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Success Story: साड़ी से रोहित ने बदली किस्मत, ₹1 से शुरू करके...

Last Updated:June 01, 2026, 06:20 IST Ranchi Success Story: रांची के रोहित सूती साड़ी से यूनिक फाइल और बैग बनाकर ट्राइब्स इंडिया के जरिए बेचते हैं. वह गांव की 30 से 40 महिलाओं को ट्रेनिंग देकर 15000 मासिक कमाई दिला रहे हैं. साथ ही खुद लाखों रुपये कमा रहे हैं. आइये जानते हैं उनकी सफलता के बारे में. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची के रोहित खासतौर पर काफी यूनिक प्रोडक्ट बनाने का काम करते हैं. यह ट्राइब्स इंडिया से भी जुड़े हुए हैं. जिसके तहत मुफ्त में पूरे देश में जाकर सरकारी मेले में अपने स्टॉल भी लगाते हैं. वह गांव की महिलाओं से सूती साड़ी का फाइल फाइल बनवाते हैं, जो दिखने में बहुत ही यूनिक और अलग लगता है. आइये जानते हैं रोहित की सफलता के बारे में. रोहित साड़ी में खूबसूरत पेंटिंग, ऑफिस बैग वह भी सूती साड़ी से बना हुआ, यह सारी चीज बनवाने का काम करते हैं. रोहित बताते हैं कि एक समय था जब ₹1 के लिए सोचना पड़ता था. पर आज ऐसा लगता है कि खुद का बॉस हूं और कम से कम 30-40 महिलाओं को रोजगार दिया हूं. आज गांव की वैसी महिलाएं, जिन्होंने ₹10 के लिए परेशानी झेला है. आज वह महीने का 15000 तक कमा रही हैं. फाइल देखकर चौंक जाएंगे आप रोहित ने बताया कि उनके पास आपको एक ऐसी फाइल मिलेगी, जिसे देख कर आप चौंक जाएंगे, एक नजर में ही बोलेंगे कि भैया यह तो साड़ी है, लेकिन यह साड़ी नहीं, यह साड़ी का बना हुआ फाइल है. सरकार को यह इतना पसंद आया है कि अगर सरकार को किसी कार्यक्रम में गिफ्ट या फिर इको फ्रेंडली चीज देनी होती है, तो उनसे 530 तक एक झटके में आर्डर हमेशा करती है. रोहित ने बताया कि दरअसल, आसपास के गांव की जो लोकल महिलाएं होती हैं. हम लोग उनको ट्रेनिंग देते हैं. वही महिलाएं यह बनाने का काम करती हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, साड़ी में एकदम खूबसूरत पेंटिंग, राजा रानी की कहानी, यह भी बनाती हैं, सिल्क साड़ी या फिर साधारण सिल्क साड़ी में भी पेंटिंग बनाती हैं. उन्होंने बताया कि उनके पास आपको पेंटिंग किया हुआ खूबसूरत बैग मिलेगा, ऑफिस ले जाने वाले तरह-तरह के बैग और यह सब डिजाइनर वाले यहां मौजूद हैं. बड़े डिजाइनर ने नहीं, महिलाओं ने किया है डिजाइन यह डिजाइन कोई बड़े डिजाइनर ने नहीं, बल्कि गांव की महिलाओं ने ही किया है. यह भी सरकार उनसे ऑर्डर लेती है और यह सब इको फ्रेंडली है, पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाया है. क्योंकि ट्राइब्स इंडिया से जुड़े हुए हैं तो दिल्ली, मुंबई , कोलकाता कोई ऐसा शहर नहीं है. जहां पर वह न गए हों. आज आलम ये है कि पूरे भारत में उनके कस्टमर हैं. अब लाख रुपए महीने कोई बड़ी चीज नहीं, कई बार तो इससे भी अधिक की कमाई हो जाती है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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गुलकेड़ा के पूर्व उप मुखिया की गोली मारकर हत्या:चक्रधरपुर में वारदात के...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र में गुलकेड़ा पंचायत के पूर्व उप मुखिया संजय बोयपाई (44) की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। संजय बोयपाई गुईगांव के निवासी थे और खेती-किसानी करते थे। वह गुलकेड़ा पंचायत के पूर्व उप मुखिया भी रह चुके थे। रविवार देर रात भोजन करने के बाद वह अपने घर के आंगन में सो रहे थे। रात करीब 12 बजे दो-तीन बाइक पर सवार होकर अज्ञात अपराधी उनके घर पहुंचे। अपराधियों ने सोते हुए संजय बोयपाई की कनपटी पर गोली मार दी। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी फरार हो गए। आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही पुलिस गोली की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर चक्रधरपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और छानबीन शुरू की। पुलिस हत्या के कारणों और अपराधियों की पहचान के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। संजय बोयपाई के परिवार में उनकी पत्नी मरियम बोयपाई, पुत्र आकाश बोयपाई (18) और पुत्री शीतल बोयपाई (15) हैं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। स्थानीय लोगों ने अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना के पीछे की वजह का खुलासा किया जाएगा। Source link

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पश्चिमी सिंहभूम में डायन का अरोप लगा महिला की हत्या:जंगल में मिला...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी थाना क्षेत्र के खंडखोरी गांव में एक 47 वर्षीय महिला की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। परिजनों के अनुसार, आरोपी ने महिला पर डायन होने का आरोप लगाया था। यह घटना रविवार रात की है। मृतिका की पहचान शुरू गोप के रूप में हुई है। घटना के समय महिला के पति देवेंद्र गोप और परिवार के अन्य सदस्य ओडिशा के गेरेया मंजर गांव में एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। शुरू गोप घर में छोटे बच्चों के साथ अकेली थीं। महिला के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई दी घर में मौजूद बच्चों ने पुलिस और परिजनों को बताया कि रात में आरोपी पुडुवा सिंकू उर्फ चौके घर आया था। उसने हड़िया पिलाने के बहाने शुरू गोप को अपने साथ बुलाया। कुछ देर बाद बच्चों को महिला के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। डर के कारण बच्चे घर का दरवाजा बंद कर अंदर ही छिप गए। रात करीब 11 बजे जब परिवार के लोग वापस लौटे, तो शुरू गोप घर पर नहीं मिलीं। परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। अगले दिन सोमवार सुबह मृतका का बेटा दातुन तोड़ने जंगल की ओर गया, जहां उसने अपनी मां का शव पड़ा हुआ देखा। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कुमारडुंगी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल चाईबासा भेज दिया। पुलिस ने संदेह के आधार पर पुडुवा सिंकू उर्फ चौके को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। बच्चों के बीमार रहने के बाद महिला पर था शक परिजनों ने बताया कि आरोपी पुडुवा सिंकू अपने बच्चों के बीमार रहने के बाद शुरू गोप पर डायन होने का शक करता था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। मृतिका के सात बच्चे हैं, और इस घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है। Source link

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Annamalai: क्या PM मोदी को गुरु मानने वाले पूर्व IPS अधिकारी के...

Annamalai launch new party in tamilnadu: तमिलनाडु की सियासत में इन दिनों कुछ ऐसा पक रहा है जो आने वाले दिनों में दक्षिण भारत की पूरी राजनीति को बदलकर रख सकता है. कभी सूबे में भारतीय जनता पार्टी का सबसे आक्रामक और चमकता हुआ चेहरा रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई के बारे में यह खबर उड़ रही है कि वह बीजेपी का दामन छोड़ सकते हैं. मीडिया और सियासी हल्कों में यह दावा किया जा रहा है कि अन्नामलाई दिल्ली दरबार के कुछ फैसलों से बेहद खफा हैं, खासकर राज्य में क्षेत्रीय दलों के साथ पार्टी के नए तालमेल को लेकर. चर्चा तो यहां तक है कि वह जून के इसी हफ्ते में अपने अगले बड़े कदम का ऐलान कर सकते हैं और अपनी खुद की नई पार्टी की घोषणा भी कर सकते हैं. आइए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर वो कौन से समीकरण हैं, जिन्होंने पीएम मोदी के इस सबसे भरोसेमंद सिपाही को बगावत और नई राह चुनने की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है. पीएम मोदी के ‘सिंघम’ की बीजेपी से क्यों बढ़ीं दूरियां? मीडिया रिपोर्ट में छपी खबर के मुताबिक, तमिलनाडु के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष के. अन्नामलाई और केंद्रीय नेतृत्व के बीच लंबे समय से कुछ मुद्दों को लेकर अंदरूनी खींचतान चल रही थी. राज्य में संगठन के भीतर जब से बदलाव किए गए और उनके कुछ फैसलों को पलटा गया, तभी से अन्नामलाई और उनके धुर समर्थकों में एक अजीब सी खामोशी और नाराजगी देखी जा रही थी. हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच जब उम्मीदवारों और रणनीति की बात आई, तो उसमें अन्नामलाई के आक्रामक तेवरों को थोड़ा शांत करने की कोशिश की गई, जो उनके समर्थकों को बिल्कुल रास नहीं आया. अन्नामलाई राज्य की कुछ खास सीटों पर अपनी रणनीति के तहत काम करना चाहते थे, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने स्थानीय स्तर पर कुछ ऐसे फैसले लिए जो उनके नजरिए से मेल नहीं खा रहे थे. इसी तवज्जो की कमी और संगठन में बढ़ते मतभेदों के कारण अन्नामलाई ने पिछले कुछ दिनों से खुद को बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों और बैठकों से दूर कर लिया है. हालांकि उन्होंने इस दूरी के पीछे कुछ निजी और पारिवारिक कारणों का हवाला दिया है, लेकिन राजनीति को करीब से जानने वाले लोग इसे किसी बड़े तूफान से पहले की खामोशी मान रहे हैं. क्या वाकई नई क्षेत्रीय पार्टी बनाने जा रहे हैं अन्नामलाई? सोशल मीडिया से लेकर चेन्नई के चाय के अड्डों तक यह अफवाह इस वक्त बेहद गर्म है कि अन्नामलाई अब किसी राष्ट्रीय पार्टी के अनुशासन के दायरे में बंधकर रहने के मूड में नहीं हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि अन्नामलाई के बेहद करीबी समर्थक और जमीनी स्तर के कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर लगातार एक नई राजनीतिक लहर की बातें कर रहे हैं. यहां तक कि उनके प्रशंसक नई पार्टी के संभावित नाम, उसकी विचारधारा और तमिलनाडु की माटी से जुड़े कुछ खास प्रतीकों को भी आपस में शेयर कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि जून के पहले या दूसरे हफ्ते में अन्नामलाई कोई बड़ा और चौंकाने वाला आधिकारिक ऐलान कर सकते हैं. द्रविड़ राजनीति के इस मजबूत गढ़ में अपनी एक अलग और बेदाग पहचान बनाने वाले पूर्व आईपीएस के चाहने वाले भी यही चाहते हैं कि वह किसी केंद्रीय गाइडलाइन के नीचे काम करने के बजाय, तमिलनाडु के युवाओं की आवाज बनकर अपनी एक अलग क्षेत्रीय पार्टी खड़ी करें. अगर ऐसा होता है, तो यह दक्षिण भारत में अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश में जुटी बीजेपी के लिए एक बहुत बड़ा झटका साबित हो सकता है. द्रविड़ दलों से गठबंधन की कोशिश बनी सबसे बड़ा कांटा? अन्नामलाई के बीजेपी छोड़ने की अटकलों के पीछे जो सबसे बड़ी और ठोस वजह निकलकर सामने आ रही है, वो है राज्य के बड़े क्षेत्रीय दल एआईएडीएमके (AIADMK) के साथ बीजेपी के रिश्तों का उतार-चढ़ाव. अन्नामलाई शुरू से ही इस स्टैंड पर अड़े थे कि बीजेपी को तमिलनाडु में बिना किसी बैसाखी के, अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ना चाहिए और द्रविड़ राजनीति के विकल्प के रूप में उभरना चाहिए. उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान द्रविड़ पार्टियों की नीतियों पर जमकर तीखे हमले किए थे, जिससे राज्य के युवाओं में उनका क्रेज बढ़ा था. लेकिन दिल्ली में बैठे रणनीति कारों को लगता था कि स्टालिन की मजबूत डीएमके को टक्कर देने के लिए स्थानीय स्तर पर पुराना गठबंधन ही काम आ सकता है. सूत्रों के अनुसार, इस गठबंधन की शर्तों और रणनीति को लेकर अन्नामलाई के आक्रामक रुख को आलाकमान ने थोड़ा दबाने की कोशिश की. बीजेपी नेतृत्व चाहता था कि द्रविड़ दलों के साथ रिश्ते सुधारे जाएं, जो कि अन्नामलाई की अपनी राजनीतिक लाइन के बिल्कुल खिलाफ था. यही वैचारिक मतभेद अब एक बड़ी खाई में बदल चुका है. कभी कहा था- राजनीति छोड़कर खेती करने चला जाऊंगा अन्नामलाई स्वभाव से बेहद कड़क, स्वाभिमानी और लीक से हटकर राजनीति करने वाले नेता माने जाते हैं. कुछ समय पहले जब उनके साइडलाइन होने या पार्टी लाइन से अलग चलने की खबरें उड़ी थीं, तब उन्होंने मीडिया के सामने आकर बेहद बेबाकी से अपनी बात रखी थी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि वह राजनीति में किसी पद या कुर्सी के लालच में नहीं आए हैं. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा था, “मैं जब तक अपनी मर्जी से और अपनी शर्तों पर राजनीति में रहना चाहूंगा, रहूंगा. जिस दिन मुझे लगेगा कि मैं कुछ नहीं बदल पा रहा, मैं वापस अपने गांव जाकर खेती करने लगूंगा.” उनका यह पुराना तेवर साफ दिखाता है कि वह दबाव की राजनीति के आगे झुकने वाले इंसान नहीं हैं. मौजूदा समय में तमिलनाडु की सियासत में सिनेमा से राजनीति में आए जोसेफ विजय (विजय थलपति) की पार्टी टीवीके (TVK) ने भी एक मजबूत तीसरी ताकत के रूप में हलचल मचा रखी है. ऐसे में अन्नामलाई को लगता है कि सूबे के युवाओं और द्रविड़-विरोधी वोटर्स के बीच उनके लिए अपनी खुद की जमीन तैयार करने का यह बिल्कुल सही मौका है. अब देखना यह है कि दिल्ली का बुलावा उन्हें रोकता है या ‘अन्ना’ अपनी नई राह चुनते हैं. Source link

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₹5 में समोमा, ₹10 में घुघनी… स्वाद के शौकिन दूर-दूर से पहुंचते;...

Last Updated:June 01, 2026, 11:10 IST जमशेदपुर के दालभूमगढ़ मार्ग पर राजू दा का नाश्ता कॉर्नर बेहद प्रसिद्ध है. यहां सिर्फ 5 रुपये में समोसा और 10 रुपये में स्वादिष्ट घुघनी मिलती है. महंगाई के दौर में भी यह किफायती दुकान पिछले चार दशकों से चल रही है. रास्ते से गुजरने वाले लोग यहां रुककर स्वाद का आनंद जरूर लेते हैं. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर: झारखंड के लोगों को पारंपरिक और देसी स्वाद हमेशा से पसंद रहा है. खासकर सड़क किनारे मिलने वाले ऐसे व्यंजन, जिनमें घर जैसा स्वाद और अपनापन हो, लोगों को अपनी ओर खींच ही लेते हैं. अगर आप जमशेदपुर से घाटशिला की ओर जाने वाले मार्ग पर दालभूमगढ़ के रास्ते ढाईकुसुम गांव की तरफ बढ़ते हैं, तो आपको एक ऐसी जगह मिलेगी जो न केवल स्वाद के लिए बल्कि अपनी सादगी और किफायती कीमतों के लिए भी प्रसिद्ध है. यह है राजू दा का नाश्ता कॉर्नर, जो पिछले चार दशकों से लोगों की जुबान पर अपना स्वाद छोड़ रहा है. ढाईकुसुम गांव की ओर जाने वाला यह रास्ता अपने आप में बेहद खूबसूरत है. सड़क के दोनों ओर फैली हरियाली, ऊंचे-ऊंचे पेड़ और शांत वातावरण इसे लॉन्ग ड्राइव के शौकीनों के लिए परफेक्ट बनाते हैं. सप्ताहांत और छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में लोग इस मार्ग पर घूमने निकलते हैं. लेकिन जैसे ही उनकी नजर राजू दा के नाश्ता कॉर्नर पर पड़ती है, वे अपनी गाड़ी रोकने से खुद को रोक नहीं पाते. ₹10 प्लेट घुघनीइस दुकान की सबसे बड़ी पहचान है यहां मिलने वाली मटर वाली घुघनी. मात्र ₹10 प्रति प्लेट में मिलने वाली यह घुघनी स्वाद और मात्रा दोनों में लोगों का दिल जीत लेती है. उबले हुए मटर में खास मसालों का तड़का लगाया जाता है, फिर ऊपर से बारीक कटा प्याज, मसाला और सेव डालकर इसे परोसा जाता है. स्वाद ऐसा कि एक बार खाने वाला दोबारा जरूर लौटे. कई बार तो यहां ग्राहकों की इतनी भीड़ लग जाती है कि सड़क पर वाहनों की कतार तक लग जाती है. महंगाई के इस दौर में जहां छोटी-सी चीज भी महंगी हो गई है, वहीं राजू दा आज भी अपने पुराने अंदाज में लोगों को किफायती नाश्ता उपलब्ध करा रहे हैं. यहां मात्र ₹5 में समोसा, पियाजी और आलू बोंडा मिल जाता है. यही वजह है कि आसपास के ग्रामीणों से लेकर शहर से आने वाले लोग भी यहां रुककर नाश्ते का आनंद लेते हैं. शाम के समय यहां मिलने वाली ₹10 की वेजिटेबल चाऊमीन भी युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है. रास्ते से गुजरने वाले जरूर रुकते यहांस्थानीय निवासी अविनाश बताते हैं कि जब भी वे इस मार्ग से गुजरते हैं, यहां रुककर नाश्ता जरूर करते हैं. उनके अनुसार, कम कीमत में इतना अच्छा स्वाद कहीं और मिलना मुश्किल है. वहीं, राम लखन हंसते हुए कहते हैं कि कई बार घर में सिर्फ रोटी बनानी पड़ती है, क्योंकि मटर की सब्जी यानी घुघनी तो वे यहीं से पैक कराकर ले जाते हैं. चार दशक पुराना राजू दा का नाश्ता कॉर्नर आज सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि स्वाद और परंपरा की पहचान बन चुका है. जो भी इस मार्ग से गुजरता है, वह यहां के स्वाद को याद रखता है. यही कारण है कि यह छोटा-सा नाश्ता केंद्र आज दालभूमगढ़ क्षेत्र के सबसे चर्चित फूड स्टॉप्स में गिना जाता है. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

झारखंड

राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां तेज:मंत्री सुदिव्य सोनू ने की विभिन्न...

देवघर में राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर सोमवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। झारखंड सरकार के पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान श्रावणी मेला के सफल संचालन और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में पर्यटन सचिव नमन प्रियेश लकड़ा, देवघर विधायक सुरेश पासवान, सारठ विधायक उदय शंकर सिंह, देवघर एवं दुमका जिले के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की तैयारियों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और अब तक किए गए कार्यों की जानकारी दी। समीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था, आवासीय सुविधा, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला झारखंड की पहचान और आस्था का एक प्रमुख आयोजन है। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सभी लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। बैठक में विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त चिकित्सा सुविधा, एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था को भी प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया। अंत में, मंत्री ने सभी विभागों से श्रावणी मेला 2026 को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने हेतु पूरी तत्परता से कार्य करने का आह्वान किया, ताकि यह आयोजन सफल और यादगार बन सके। Source link

झारखंड

चतरा में 10 लाख रुपए का डोडा जब्त, तस्कर फरार:पंजाब सप्लाई करने...

चतरा पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने लावालौंग क्षेत्र से भारी मात्रा में प्रतिबंधित डोडा जब्त किया है। जब्त किए गए डोडा की मात्रा 80 किलोग्राम बताई जा रही है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपए है। यह डोडा पंजाब भेजा जाना था। पुलिस अधीक्षक (एसपी) को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही तस्कर मौके से फरार हो गए। पुलिस अब फरार तस्करों की तलाश कर रही है। पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सुनील कुमार सिंह ने इस बड़ी सफलता का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि चतरा एसपी अनिमेष नैथानी को एक बेहद सटीक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के मुताबिक, लावालौंग थाना क्षेत्र के हरदीपुर गांव स्थित जोरदाग टोला में बड़े पैमाने पर डोडा इकट्ठा किया गया है और उसे पंजाब सप्लाई करने की तैयारी चल रही है। चंदन यादव के घर के पास घेराबंदी की मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। विशेष पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हरदीपुर के जोरदाग टोला में तस्कर चंदन यादव के घर के पास घेराबंदी की। वहां झाड़ियों के बीच बड़ी ही चालाकी से छिपाकर रखा गया लगभग 80 किलोग्राम प्रतिबंधित डोडा बरामद किया गया। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही पंजाब से डोडा खरीदने आए तस्कर, उनका स्थानीय सहयोगी और जायलो वाहन का चालक मौके से भागने में सफल रहे। पुलिस ने मादक पदार्थ को तुरंत जब्त कर लिया और फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी है। Source link

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