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झारखंड

रसगुल्ले को भी फेल कर देगी इस जंगली फल की मिठास, साल...

Last Updated:May 23, 2026, 06:13 IST बोकारो के जंगलों में मिलने वाला ‘मकर केंद’ फल इन दिनों बाजारों की शान बना हुआ है. टमाटर जैसा दिखने वाला यह फल बेहद मीठा होता है. लोग इसकी मिठास के आगे रसगुल्ला भी फेल बताते हैं. यह प्राकृतिक फल साल में एक बार ही आता है. बाजार में इसकी कीमत 40 से 50 रुपये प्रति किलो है. ख़बरें फटाफट बोकारोः बोकारो जिला सिर्फ खनिज संपदा के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी वन उपज और पारंपरिक स्वादों के लिए भी जानी जाती है. इन्हीं प्राकृतिक सौगातों में एक है ‘मकर केंद’. जो इन दिनों खूब चर्चाओं में है. बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड और हजारीबाग के सीमावर्ती  क्षेत्र के जंगलों और नदी किनारे उगने वाला यह फल इन दिनों सड़क किनारे और स्थानीय हाट-बाजारों की शान बना हुआ है. जिसे ग्राहक खूब खरीद रहे हैं. दूर से देखने पर यह चिकनी सतह और हल्के पिला रंग के कारण बिल्कुल टमाटर जैसा दिखाई देता है. लेकिन स्वाद में बहुत ही मीठा होता है और अक्सर ग्रामीण कहते हैं कि इसकी मिठास के आगे रसगुल्ला भी फैल है. यही वजह है कि लोगों को मकर केद का सालभर इंतजार रहता है. मिठास ही पहचानस्थानीय व्यापारी विष्णु गुंजू बताते हैं कि मकर केंद फल पूरी तरह प्राकृतिक होता है. इसकी मिठास ही इसकी सबसे बड़ी पहचान है. उन्होंने कहा कि इस फल को इकट्ठा करना आसान काम नहीं है. इसके लिए सुबह करीब पांच बजे ही घने जंगलों में जाना पड़ता है और कई बार जंगली हाथी और जानवरों का भी सामना करना पड़ता है. मौसम में अधिक बारिश या गर्मी हो तो फल खराब होने लगते हैं और बाजार में सही कीमत नहीं मिल पाती है. जानें इस फल की कीमतआगे विष्णु गुंजू बताते हैं कि जंगल से फल चुनने के बाद उसे साफ पानी से धोकर सड़क किनारे और स्थानीय हाट में बेचा जाता है. आमतौर पर यह 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक बिकता है और रोजाना करीब 20 से 25 किलो की बिक्री हो जाती है. इस काम से कई ग्रामीण महिलाएं और स्थानीय परिवार जुड़े हुए हैं, जिनकी  पास खेती या रोजगार के सीमित साधन हैं और उनकी जीविका इसी पर निर्भर हैं. फल खरीद रहे ग्राहक महेंद्र प्रसाद कहते हैं कि मकर केंद झारखंड की प्राकृतिक पहचान है. इसके स्वाद में गांव की मिट्टी और जंगलों की खुशबू बसती है. यही कारण है उन्हें पूरे साल इस फल का इंतजार रहता है. जैसे ही बाजार में यह दिखाई देता है, परिवार के साथ इसका स्वाद लेने पहुंच जाते हैं, क्योंकि आज कल बाजार में रासायनिक फलों कि भरमार है. ऐसे समय में मकर केंद जैसे प्राकृतिक फल लोगों को सीधे जंगल और प्रकृति से जोड़ते हैं. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

झारखंड

नए विश्वविद्यालय एक्ट से उच्च शिक्षा व्यवस्था में आएगी रफ्तार : शिक्षा...

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित दो दिनी वीसी कांफ्रेंस के अंतिम दिन विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक ढांचे, नए विवि अधिनियम, प्रस्तावित स्टैच्यूट, क्लस्टर सिस्टम, विवि सेवा आयोग, वित्तीय प्रबंधन, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। समापन सत्र में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि नए एक्ट और स्टैच्यूट को बहुत सोच-समझकर तैयार किया गया है और इससे विश्वविद्यालयों में निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी। झारखंड का जीआईआर अभी 18.8 है, जिसे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने छात्र संघ चुनाव को लेकर भी साफ संदेश दिया। कहा, कैंपस में किसी राजनीतिक दल का रंग नहीं दिखना चाहिए। पढ़ाई से कटे छात्र केवल चुनाव लड़ने के उद्देश्य से कैंपस राजनीति में न आएं। इससे पहले प्रधान सचिव राहुल पुरवार ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य नए एक्ट के अनुरूप बनने वाले स्टैच्यूट और प्रशासनिक ढांचे पर सुझाव लेना था। कांफ्रेंस में नए विवि एक्ट के तहत तैयार किए जा रहे स्टैच्यूट व रेगुलेशन के प्रारूप पर कुलपतियों, कुलसचिवों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सुझाव दिए। यह बात सामने आई कि कई प्रशासनिक और वित्तीय मामलों में अब वित्त सलाहकार (एफए) की भूमिका अधिक प्रभावी होगी। वित्तीय मामलों को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए फीस संग्रह सहित कई प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने पर जोर दिया गया। 4 वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने वाले छात्रों के लिए एक वर्षीय पीजी कोर्स के नामांकन का के लिए अभी तक रेगुलेशन नहीं बना है। इस पर विभाग ने कहा कि मामला संज्ञान में है। Source link

झारखंड

6 लाख में परीक्षा पास कराने की डील, सेंटर हेड समेत 4...

टाटीसिलवे थाना क्षेत्र के डोल बगीचा स्थित जीनियस इंस्टिच्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी के ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर एसएससी जीडी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा दे रहे एक अभ्यर्थी समेत 4 आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनमें सेंटर हेड विकास कुमार, इन्वीजिलेटर संजीत कुमार, आईटी हेड मुन्ना राज आैर अभ्यर्थी मृत्युंजय कुमार यादव शामिल हैं। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी ने कंप्यूटर को रि-स्टार्ट किया, जिसके बाद वहां मौजूद अन्य स्टाफ को संदेह हुआ। इस काम में इन्वीजिलेटर संजीत कुमार भी अभ्यर्थी की मदद कर रहे थे। अभ्यर्थी की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने के बाद जब मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि प्रश्नपत्र रिमोट एक्सेस के माध्यम से बाहर में बैठा सॉल्वर गैंग का सदस्य हल कर रहा है। इसके बाद पुलिस ने कंप्यूटर को जब्त कर लिया। अभ्यर्थी व इन्वीजिलेटर को थाने में लाकर पूछताछ की गई तो पूरे मामले का भंडाफोड़ हुआ। दोनों ने स्वीकार किया कि परीक्षा पास कराने के लिए सेंटर हेड विकास कुमार से 6 लाख में डील फाइनल हुई है। उन्होंने पुलिस को कई और अहम जानकारी दी। जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। एडीक्विटी ने टेंडर लिया, काम वेंडर को दिया पुलिस की जांच में अहम खुलासे हुए हैं। एसएससी जीडी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा का टेंडर एडीक्विटी कैरियर टेक्नॉलॉजी प्रा.लि. को दिया गया है। लेकिन कंपनी ने परीक्षा कराने का जिम्मा खुद उठाने के बजाए वेन्सिस्को नामक वेंडर को सौंप दिया। पिस्का मोड़ स्थित फ्यूचरिस्टिक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर 9 मई को हुई परीक्षा कराने जिम्मा भी इसी वेन्सिस्को वेंडर को दिया गया था। वहां भी गड़बड़ी के बाद 6 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया था। वेंडर को काम देने की सूचना देना जरूरी नैतिक आधार पर परीक्षा संचालित कराने का जिम्मा वेंडर को नहीं देना चाहिए। एजेंसी की जिम्मेवारी भी बनती है कि अगर वेंडर से परीक्षा संचालित कराता है तो डिपार्टमेंट (एसएससी) को सूचना दे। क्योंकि परीक्षा की प्रणाली में ट्रांसपेरेंसी रखना बहुत ही जरूरी है। संबंधित विभाग को भी शर्त व नियम कड़े रखने चाहिए, जिससे परीक्षा में चीटिंग होने की संभावनाएं जाने-अनजाने भी उत्पन्न न हो पाए। नालंदा से जुड़े हैं गिरोह के तार, ग्राउंड में पहुंचे अभ्यर्थी को करता है टारगेट हाईटेक नकल कराने वाले इस गिरोह के तार बिहार के नालंदा से जुड़े हुए हैं। सरगना ने ही सेंटर हेड विकास कुमार से डील की थी। सेंटर पर अन्य कई अभ्यर्थियों को भी इस गिरोह द्वारा परीक्षा में नकल कराने की आशंका है। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है आैर टेक्निकल टीम की मदद से सरगना तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस जांच में पता चला है कि गैंग में शामिल सदस्य ही अभ्यर्थियों को टारगेट करते हैं। अभ्यर्थी से ले रखा था चेक, मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र भी कराया था जमा सेंटर हेड विकास कुमार ने नकल कराने के लिए ऑनलाइन परीक्षा केंद्र के सामने किराए पर एक घर ले रखा था। उसी घर में वह आईटी हेड मुन्ना राज की मदद से मास्टर कम्प्यूटर से एक अतिरिक्त कम्प्यूटर कनेक्ट कर रखा था। जिसके माध्यम से किराए के घर में बैठा गैंग प्रश्नपत्र हल कर रहा था। दो अभ्यर्थियों का मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र और 5 चेक भी सेंटर हेड विकास कुमार ने अपने पास जमा करा लिया था, ताकि परीक्षा पास कराने के बाद उनसे आसानी से पैसा ले सके। पुलिस ने मूल कागजात के अलावा चेक भी किराए के घर से बरामद किए हैं। सेंटर हेड उपलब्ध कराता है इंटरनेट कनेक्शन, आईटी हेड करता है सपोर्ट टाटीसिलवे के अलावा पिस्का मोड़ में भी एसएससी जीडी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान सेंटर हेड की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। दोनों ही जगह पर सेंटर हेड ने आईटी हेड की मदद से कम्प्यूटर को रिमोट एक्सेस पर दिया है। सेंटर हेड ने ही इसके लिए इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराया था, जिसके बाद मास्टर कम्प्यूटर से अतिरिक्त कम्प्यूटर को जोड़ा गया, जहां सॉल्वर प्रश्नों को हल करने वाले थे।- मुकेश चौधरी, साइबर सिक्योरिटी Source link

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देसी AMCA का सपना होने लगा साकार! भारत आया फ्रांस का टॉप...

India 5th Gen Fighter Jet News: जिस पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट के लिए भारत पिछले 16 साल से संघर्ष कर रहा है, ऐसा लग रहा है कि अब वह पूरा ही होने वाला है. बुधवार, 20 मई को भारतीय सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक और स्वदेशी हथियारों से लैस करने वाली संस्था रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के हेडक्वार्टर में हाल ही में हुई एक हाई-प्रोफाइल मीटिंग हुई. फ्रांस की रक्षा खरीद एजेंसी (DGA) के डेलिगेट के डीआरडीओ के हेडक्वार्टर में दौरे ने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों के कान खड़े कर दिए हैं. ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि भारत अपने सबसे महत्वाकांक्षी 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट प्रोजेक्ट यानी एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) को लेकर तेजी से आगे बढ़ रहा है. हालिया घटनाक्रम इस बात का पुख्ता संकेत दे रहे हैं कि भारत इस महाविनाशक फाइटर जेट के इंजन के लिए फ्रांस पर अपना सबसे बड़ा दांव खेल सकता है. आइए समझते हैं कि कैसे फ्रांस के एक बड़े अधिकारी के डीआरडीओ दौरे ने इस डील की सुगबुगाहट को तेज कर दिया है. भारत के पास अब तक का सबसे एडवांस जेट राफेल 4.5वीं पीढ़ी का है. पैट्रिक पेलौक्स का DRDO दौरा और Safran से डील के कयास भारत ने AMCA प्रोजेक्ट के तहत फाइटर जेट के इंजन के को-डेवलपमेंट के लिए मुख्य रूप से दो देशों – फ्रांस (Safran कंपनी) और जर्मनी के साथ गहरी दिलचस्पी दिखाई थी. लेकिन, 20 मई को जो हुआ, वह फ्रांस के पलड़े को भारी करता दिख रहा है. शुक्रवार को फ्रांस के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ आर्मामेंट्स के डेलिगेट जनरल पैट्रिक पेलौक्स के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित डीआरडीओ मुख्यालय का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग (DDR&D) के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत के साथ गहन चर्चा की. आधिकारिक बयान के अनुसार, यह चर्चा भारत और फ्रांस के बीच उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों में सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित थी. चूंकि डीआरडीओ ही भारतीय सेनाओं के लिए अत्याधुनिक स्वदेशी हथियार और मिसाइलें विकसित करता है. ऐसे में यह साफ तौर पर अनुमान लगाया जा सकता है कि भारत अपने 5वीं जेनरेशन के AMCA फाइटर जेट के इंजन के लिए फ्रांस की एयरोस्पेस कंपनी ‘साफरान’ (Safran) के साथ बातचीत को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है. 10 साल के लिए रिन्यू हुआ रक्षा समझौता यह कोई रातों-रात हुआ घटनाक्रम नहीं है, बल्कि इसकी मजबूत नींव इसी साल की शुरुआत में रखी जा चुकी थी. 17 फरवरी, 2026 को बेंगलुरु में आयोजित 6वीं भारत-फ्रांस वार्षिक डिफेंस टॉक के दौरान दोनों देशों ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपने रक्षा सहयोग समझौते को अगले 10 वर्षों के लिए रिन्यू कर दिया था. इस हाई-प्रोफाइल बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की सशस्त्र बल एवं पूर्व सैनिक मामलों की मंत्री कैथरीन वॉट्रिन ने की थी. वहीं, इस नए समझौते पर भारत के रक्षा सचिव और फ्रांस के अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं रणनीति उप महानिदेशक द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे. मिराज फाइटर जेट सफल और अचूक मल्टीरोल फाइटर जेट है. राफेल में 50% स्वदेशीकरण और MRO हब की मांग भारत अब केवल हथियार खरीदने वाला देश नहीं रहना चाहता, बल्कि वह तकनीक का हस्तांतरण (Technology Transfer) और स्वदेशीकरण चाहता है। बेंगलुरु वार्ता के दौरान भारत ने फ्रांस के सामने स्पष्ट मांग रखी कि राफेल लड़ाकू विमानों में इस्तेमाल होने वाली स्वदेशी सामग्री की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 50% तक किया जाए. इसके साथ ही, भारत में ही इन विमानों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (MRO) सुविधाओं का बड़े पैमाने पर विस्तार करने का अनुरोध किया गया, ताकि भविष्य में सर्विसिंग के लिए विदेशी धरती पर निर्भर न रहना पड़े. AMCA प्रोजेक्ट की विकास यात्रा (2010 से अब तक) अक्टूबर 2010: रक्षा मंत्रालय द्वारा 90 करोड़ रुपये के शुरुआती फंड के साथ AMCA की ‘फिजिबिलिटी स्टडी’ शुरू की गई. इसी के साथ भारत ने 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट के स्वदेशी विकास का खाका तैयार करना शुरू किया. 2013-2014 (पहला मॉडल): एयरो इंडिया 2013 में पहली बार इसका 1:8 स्केल मॉडल दुनिया के सामने पेश किया गया. फरवरी 2014 तक इसका प्रोजेक्ट डेफिनेशन और प्रारंभिक डिजाइन का काम पूरा कर लिया गया. 2015-2016 (डिजाइन को मंजूरी): एयरो इंडिया 2015 में AMCA के बेसिक कॉन्फ़िगरेशन को फाइनल किया गया. इसके बाद 2016 में भारतीय वायुसेना ने इसके डिजाइन को अपनी आधिकारिक स्वीकृति दे दी. मार्च 2024 (सबसे बड़ी मंजूरी): यह इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने AMCA के प्रोटोटाइप विकास के लिए 15,803 करोड़ रुपये के भारी भरकम बजट को अपनी अंतिम मंजूरी दी. मई 2026: आंध्र प्रदेश में AMCA प्रोग्राम की फैसिलिटी और रक्षा हब की नींव रखी गई है, जहां इसके प्रोटोटाइप और निर्माण से जुड़े काम तेजी से आगे बढ़ेंगे. इसके इंजन के लिए विदेशी कंपनियों (खासकर फ्रांस की साफरान) के साथ बातचीत चल रही है. एएमसीए फाइटर जेट का डिजाइन फ्रांस के DGA पैट्रिक पेलौक्स ने हाल ही में भारत में किससे मुलाकात की? फ्रांस के डेलिगेट जनरल ऑफ आर्मामेंट्स पैट्रिक पेलौक्स ने DRDO हेडक्वार्टर का दौरा किया. DRDO के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत के साथ उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों में सहयोग पर चर्चा की। भारत के 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट का क्या नाम है? इसके इंजन के लिए किस कंपनी से बातचीत चल रही है? भारत के 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट का नाम एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) है. इसके इंजन के विकास के लिए मुख्य रूप से फ्रांस की कंपनी ‘साफरान’ (Safran) के साथ डील फाइनल होने के कयास लगाए जा रहे हैं. राफेल विमानों को लेकर भारत ने फ्रांस के सामने क्या प्रमुख मांग रखी है? भारत ने फ्रांस से अनुरोध किया है कि राफेल विमानों में स्वदेशी (भारतीय) सामग्री की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 50% तक किया जाए और भारत में ही इसके रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (MRO) सुविधाओं का विस्तार हो. India 5th Gen Fighter Jet | AMCA 5th gen Fighter Jet | India Fighter Jet | एमसीए- भारत की पांचवीं पीढ़ी की फाइटर जेट जल्द बनकर होगी तैयार Source link

झारखंड

एक क्लिक पर मिलेगी सरकारी भवनों की जानकारी, बन रहा डेटा बेस,...

Hindi News Local Jharkhand Ranchi Information About Government Buildings Will Be Available At One Click, A Database Is Being Created, And A Unified List Of All Departments Will Be Available. रांची1 दिन पहले कॉपी लिंक झारखंड सरकार राज्य के विभिन्न विभागों के भवनों, क्षेत्रीय कार्यालयों और संस्थानों की एकीकृत डिजिटल जानकारी तैयार करने की दिशा में बड़ी पहल करने जा रही है। इस संबंध में मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से भवन निर्माण विभाग तथा सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग को संयुक्त रूप से एक विशेष पोर्टल तैयार करने का निर्देश दिया गया है। मुख्य सचिव अविनाश कुमार द्वारा जारी टिप्पणी में कहा गया है कि राज्य के विभिन्न विभागों के क्षेत्रीय कार्यालय सभी जिलों में संचालित हैं और कई विभागों द्वारा विभिन्न संस्थान एवं कार्यालय भी चलाए जा रहे हैं, लेकिन सरकार के पास इन सभी भवनों, परिसरों और संस्थानों की समेकित एवं अद्यतन जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध नहीं है। निर्देश में कहा गया है कि वर्तमान में अलग-अलग विभागों में बिखरी सूचनाओं के कारण भवनों और कार्यालयों की वास्तविक स्थिति का सही आकलन कर पाना कठिन होता है। इसी समस्या के समाधान के लिए एक डिजिटल पोर्टल विकसित करने की आवश्यकता महसूस की गई है। प्रस्तावित पोर्टल के माध्यम से राज्य के सभी सरकारी भवनों, कार्यालयों, परिसरों तथा संस्थानों से संबंधित सूचनाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी। बढ़ेगी प्रशासनिक पारदर्शिता सरकार की इस पहल को प्रशासनिक पारदर्शिता, परिसंपत्ति प्रबंधन और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे राज्य सरकार को विभिन्न विभागों के भवनों और संस्थानों की वास्तविक स्थिति की अद्यतन जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध हो सकेगी। क्यों पड़ी जरूरत… अलग-अलग विभागों में बिखरी सूचनाओं के कारण भवनों और कार्यालयों की वास्तविक स्थिति का सही आकलन कर पाना कठिन होता है। एक डिजिटल पोर्टल होने से राज्य के सभी सरकारी भवनों, कार्यालयों, परिसरों तथा संस्थानों से संबंधित सूचनाएं ऑनलाइन मिल सकेंगी। प्रभारी अधिकारी अपने स्तर से सूचना करेंगे अपलोड मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग एक ऐसा पोर्टल तैयार करे, जिसमें सभी भवनों, कार्यालयों और संस्थानों के प्रभारी अधिकारियों द्वारा अपने स्तर से आवश्यक सूचनाएं अपलोड की जा सकें। इससे राज्य स्तर पर सभी विभागों की एकीकृत सूची उपलब्ध हो सकेगी और परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन में सुविधा मिलेगी। भवन निर्माण विभाग एवं सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग के सचिव को मुख्य सचिव द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि भवन निर्माण विभाग एवं आईटी विभाग संयुक्त रूप से इस विषय पर विचार-विमर्श कर पोर्टल पर मांगी जाने वाली सूचनाओं की विस्तृत सूची तैयार करें। साथ ही शीघ्र पोर्टल लॉन्च कर सूचना संग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ करने को कहा गया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

शिक्षा

इंजेक्‍शन से ब्‍यूटी ट्रीटमेंट्स देने पर रोक लगी:सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की...

आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 1. चंद्रयान-3 को गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स अवार्ड मिला नेशनल (NATIONAL) 2. 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर चुनाव का ऐलान 3. प्रिसाइज गाइडेड ड्रोन ‘वायु अस्त्र-1’ की सफल टेस्टिंग 4. सरकार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की 8% हिस्सेदारी बेचेगी 5. BSF की महिला टीम ने माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया 6. CDSCO ने कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के इंजेक्शन पर रोक लगाई आज का इतिहास ————— ये खबर भी पढ़ें.. केरलम सरकार ने देश का पहला AI विभाग बनाया:मेघालय में 13 देशों का सैन्‍य अभ्‍यास PRAGATI शुरू हुआ; 22 मई के करेंट अफेयर्स आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-पूरी खबर पढ़ें.. Source link

झारखंड

Youth arrested for selling brown sugar, 1.26 grams of narcotic substance recovered

रांची23 घंटे पहले कॉपी लिंक रांची|राजधानी रांची में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। अरगोड़ा थाना क्षेत्र में ब्राउन शुगर बेचने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हरमू स्थित मदर टेरेसा ग्राउंड इलाके में बाहर से ब्रा Source link

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सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन रहेगा मिला-जुला, स्वास्थ्य में...

Last Updated:May 23, 2026, 04:01 IST Aaj ka Singh Rashifal: ज्योतिषाचार्य डॉ. बसंत सोनी ने कहा कि आज अष्टमी तिथि और मघा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा. वृषभ लग्न की कुंडली बन रही है, जिसमें लग्न भाव में सूर्य विराजमान है. बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है. हालांकि दूसरे भाव में चंद्रमा और केतु की युति कुछ चुनौतियां पैदा कर सकती है.  सिंह राशि के जातकों के लिए शनिवार, 23 मई 2026 का दिन मिश्रित परिणाम लेकर आया है. एक ओर करियर, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में सफलता के संकेत मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य संबंधी मामलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी. खरगोन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. बसंत सोनी के अनुसार आज अष्टमी तिथि और मघा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा. वृषभ लग्न की कुंडली बन रही है, जिसमें लग्न भाव में सूर्य विराजमान है और बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है. हालांकि दूसरे भाव में चंद्रमा और केतु की युति कुछ चुनौतियां पैदा कर सकती है. ऐसे में दिन के शुभ और अशुभ दोनों पहलुओं को समझकर आगे बढ़ना लाभकारी रहेगा. सिंह राशि करियर राशिफल नौकरीपेशा लोगों के लिए आज का दिन अनुकूल रहने वाला है. कार्यस्थल पर सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा. लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी और नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं. टीमवर्क के माध्यम से अच्छे परिणाम हासिल होने के योग बन रहे हैं. वहीं विद्यार्थियों के लिए भी दिन सकारात्मक रहेगा. पिछले कुछ समय से पढ़ाई में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं. पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता के संकेत मिल रहे हैं. शिक्षा से जुड़े लोगों को भी सम्मान और उपलब्धि प्राप्त हो सकती है. व्यापार और आर्थिक स्थिति व्यापारियों के लिए शनिवार लाभदायक साबित हो सकता है. गुरु और शुक्र ग्रह की शुभ स्थिति कारोबार में प्रगति के संकेत दे रही है. नए व्यापारिक अवसर सामने आ सकते हैं और पुराने सौदों से भी लाभ मिलने की संभावना है. बाजार में आपकी पकड़ मजबूत होगी और ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा. आर्थिक दृष्टि से भी दिन अच्छा रहेगा. निवेश के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है. विशेष रूप से अनाज, कृषि उत्पाद और मसालों से जुड़े निवेश लाभ दे सकते हैं. बुधादित्य योग के प्रभाव से धन संबंधी निर्णय समझदारी से लेने पर अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे. आय के नए स्रोत बनने की संभावना भी दिखाई दे रही है. सिंह राशि स्वास्थ्य राशिफल आज का सबसे संवेदनशील पक्ष स्वास्थ्य रहेगा. चंद्रमा और केतु की युति पुरानी बीमारियों को दोबारा सक्रिय कर सकती है. अचानक कमजोरी, थकान, पेट संबंधी परेशानी या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उभर सकती हैं. इसलिए खानपान में विशेष सावधानी रखें और शरीर की छोटी-मोटी समस्याओं को नजरअंदाज न करें. पारिवारिक जीवन रहेगा सुखदपारिवारिक दृष्टि से दिन काफी अच्छा रहने वाला है. घर में खुशियों का माहौल बना रहेगा और परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा. पति-पत्नी के रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी और आपसी समझ मजबूत होगी. प्रेम संबंधों में भी सकारात्मकता बनी रहेगी. अविवाहित लोगों के लिए नए रिश्तों की शुरुआत के संकेत मिल सकते हैं. धार्मिक या आध्यात्मिक यात्रा की योजना भी बन सकती है, जिससे मानसिक शांति और ऊर्जा प्राप्त होगी. आज का शुभ अंक अंक ज्योतिष के अनुसार आज सिंह राशि के लिए 2 अंक विशेष रूप से शुभ माना गया है. इसके अलावा 3, 5 और 9 अंक भी लाभकारी रहेंगे. महत्वपूर्ण कार्यों में इन अंकों का उपयोग करना शुभ फल दे सकता है. इन बातों का रखें ध्यानज्योतिषाचार्य डॉ. बसंत सोनी के अनुसार आज सिंह राशि वालो को भोजन पर नियंत्रण रखना आवश्यक है. साथ ही आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ और सूर्य देव की उपासना करने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में राहत मिल सकती है. सूर्य को अर्घ्य देना भी विशेष रूप से शुभ फलदायी रहेगा. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Khandwa,Madhya Pradesh Source link

झारखंड

टेक्नोलॉजी आधारित और एकरूपता के ढांचे से बदलेगी शिक्षा व्यवस्था

रांची झारखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था में प्रशासनिक और शैक्षणिक ढांचे में बड़े बदलाव की पटकथा लिखी जा रही है। राजधानी के एक होटल में गुरुवार से शुरू हुई दो दिवसीय वीसी कॉन्फ्रेंस में सरकार ने विश्वविद्यालयों के सामने नया यूनिवर्सिटी मॉडल रखा। इसमें झारखंड विवि अधिनियम-2026, क्लस्टर सिस्टम, केंद्रीकृत ऑनलाइन एडमिशन, डिजिटल मॉनिटरिंग, विवि सेवा आयोग और शैक्षणिक-गैर शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन को केंद्र में रखा गया। कांफ्रेंस में साफ संकेत दिया गया कि सरकार उच्च शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह टेक्नोलॉजी आधारित और एकरूपता के ढांचे में बदलना चाहती है। हालांकि क्लस्टर सिस्टम को लेकर उठ रहे विरोध और सवालों के बीच सुझावों के आधार पर ड्राफ्ट में बदलाव की बात भी सामने आई। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन गवर्नर संतोष कुमार गंगवार ने किया। अवर सचिव नीति मदन कुलकर्णी, विभागीय प्रधान सचिव राहुल पुरवार, आरयू वीसी प्रो. सरोज शर्मा, डीएसपीएमयू वीसी प्रो. राजीव मनोहर समेत अन्य विवि के वीसी, डीएसडब्ल्यू, रजिस्ट्रार, प्राचार्य और अधिकारी शामिल हुए। क्लस्टर सिस्टम को लेकर भी मंथन कॉन्फ्रेंस में क्लस्टर सिस्टम सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना रहा। कई कुलपतियों और शिक्षाविदों ने इसके व्यावहारिक पक्ष, कॉलेजों की स्वतंत्रता और विषयों के पुनर्गठन को लेकर सवाल उठाए। इसके बावजूद अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि सरकार ने क्लस्टर मॉडल को बेहतर बताया। विश्वविद्यालयों से मिले सुझावों के आधार मुख्य विषय के अलावा छात्रों की संख्या वाले विषय को भी शामिल किया जाएगा। सम्मेलन में यह भी बताया गया कि एडमिशन प्रक्रिया पूरी तरह चांसलर पोर्टल से संचालित की जाएगी। इसके लिए विषयवार मैपिंग, सीट निर्धारण और कॉलेजों की क्षमता का डिजिटल इंटीग्रेशन किया जाएगा। इससे एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। भविष्य में परीक्षा, रिजल्ट और छात्रवृत्ति से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी इसी डिजिटल सिस्टम से जोड़ने की तैयारी है। विश्वविद्यालय सेवा आयोग की संरचना को लेकर भी कई सवाल उठे। प्रतिभागियों ने पूछा कि आयोग में शिक्षकों की भागीदारी सीमित रखी गई है। वहीं रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स को ज्यादा महत्व दिया गया है। इस पर अधिकारियों ने कहा कि कई राष्ट्रीय चयन संस्थानों में इसी तरह की संरचना होती है। साथ ही यह भी दावा किया गया कि आयोग में शिक्षकों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। इस दौरान यह भी बताया गया कि चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है। Source link

झारखंड

भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती, दिनभर बार-बार बिजली काटने पर...

भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती की शिकायतों को देखते हुए जेबीवीएनएल ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाया है। ऊर्जा विभाग के सीएमडी एवं एमडी जेबीवीएनएल के श्रीनिवासन के निर्देश पर निगम के निदेशक प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने राज्यभर के सभी विद्युत कार्यपालक अभियंताओं और सहायक विद्युत अभियंताओं को निर्देश जारी कर अनावश्यक शटडाउन पर रोक लगाने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए यह भी तय किया गया है कि सामान्य परिस्थितियों में दिनभर में दो या तीन बार से अधिक शटडाउन नहीं लिया जाएगा और प्रत्येक शटडाउन की अवधि 15 से 20 मिनट से अधिक नहीं होगी। इसके अलावा दो शटडाउन के बीच कम से कम चार से पांच घंटे का अंतर रखना अनिवार्य किया गया है। निगम ने लाइन मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन, सब-स्टेशनों की नियमित सफाई, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था और तकनीकी कर्मियों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के भी निर्देश दिए हैं। निगम के निदेशक ने कहा कि निगम मुख्यालय को लगातार यह शिकायत मिल रही थी कि फील्ड स्तर पर कई स्थानों पर बिना समुचित अनुमति के फीडर बंद किए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बेवजह बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। बिना अनुमति के शटडाउन नहीं होगा : जिला और प्रमंडल मुख्यालय के फीडरों का शटडाउन अब संबंधित कार्यपालक अभियंता की अनुमति के बाद ही लिया जा सकेगा। वहीं अनुमंडल और अवर प्रमंडल स्तर के उपकेंद्रों में सहायक विद्युत अभियंता की स्वीकृति अनिवार्य होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में कनीय विद्युत अभियंता शटडाउन ले सकेंगे, लेकिन उसकी निगरानी सहायक विद्युत अभियंता करेंगे। Source link

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