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झारखंड

कन्या राशि वाले निवेश से बचें, कल पर काम टालना पड़ेगा भारी,...

Last Updated:May 23, 2026, 01:29 IST Aaj ka Kanya Rashifal 23 may 2026: ज्योतिष को मानने वाले लोगों की इसके प्रति गहरी आस्था और विश्वास होता है. ऐसे में लोग अपने नाम के अनुसार अपने राशि के बारे में पढ़ते हैं और जानकारी लेते हैं. इसी आधार पर लोग कई बार अपने बड़े-बड़े फैसले लेते हैं. तो यदि आप भी ज्योतिष में रुचि रखते हैं तो हम प्रतिदिन सभी राशि के जातकों की दैनिक राशिफल से जुड़ी जानकारी देते हैं. यहां आपको हम कन्या राशि के बारे में बताने जा रहे हैं कि आज इस राशि के लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. उनका दिन कैसा रहने वाला है. इससे जातकों को अपना दिन शेड्यूल करने में आसानी होगी. इससे आप अपने दिन को और अधिक अपने अनुकूल बना पाएंगे. ख़बरें फटाफट परमजीत/देवघर: ग्रह-नक्षत्रों की चाल का प्रभाव हर व्यक्ति के जीवन पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलता है. कभी यह दिन को शुभ बना देता है तो कभी छोटी-छोटी परेशानियां सामने आने लगती हैं. बैद्यनाथ पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है. आज मघा और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के साथ व्याघात योग का विशेष संयोग बन रहा है. चंद्रमा आज सिंह राशि में संचार कर रहा है, जिसका प्रभाव कन्या राशि के लोगों पर सीधा देखने को मिलेगा. देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य नंद किशोर मुदगल ने बताया कि आज का दिन कन्या राशि के जातकों के लिए मिला-जुला रहने वाला है. दिन की शुरुआत कुछ परेशानियों और मानसिक उलझनों के साथ हो सकती है. कई काम समय पर पूरे नहीं होने से मन में बेचैनी बनी रह सकती है. आज अटक सकता है महत्वपूर्ण कामआज कन्या राशि के लोगों में आत्मविश्वास की कमी देखने को मिल सकती है. जिस काम को लेकर आप लंबे समय से मेहनत कर रहे थे, उसमें थोड़ी रुकावट आने की संभावना है. किसी जरूरी कार्य में देरी हो सकती है, जिससे मन उदास रहेगा. नौकरी करने वाले लोगों को आज विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. ऑफिस में काम के प्रति लापरवाही या ढिलाई भारी पड़ सकती है. आपके वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से नाराज हो सकते हैं, इसलिए हर जिम्मेदारी को गंभीरता से पूरा करें. आज किसी भी काम को कल पर टालने की गलती ना करें, वरना परेशानी बढ़ सकती है. किसी को भी आज धन उधार ना देंव्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी आज का दिन थोड़ा संभलकर चलने वाला रहेगा. किसी नए काम में बड़ा निवेश करने से बचना बेहतर रहेगा. जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान पहुंचा सकता है. आज किसी को पैसा उधार देने से भी बचें, क्योंकि धन फंसने या वापस मिलने में परेशानी हो सकती है. आर्थिक मामलों में सतर्क रहना बेहद जरूरी है. खर्च बढ़ सकता है और आमदनी के मुकाबले आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है. इसलिए अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाएं और सोच-समझकर ही पैसे का उपयोग करें. घर पर तनावपूर्ण रहेगा माहौलपारिवारिक जीवन की बात करें तो आज घर का माहौल थोड़ा तनावपूर्ण रह सकता है. जीवनसाथी के साथ किसी छोटी बात को लेकर बहस होने की संभावना है. ऐसे में गुस्से पर नियंत्रण रखना बहुत जरूरी होगा. किसी भी बात को बढ़ाने के बजाय शांत रहकर बातचीत करने से स्थिति संभल सकती है. वहीं माता की सेहत को लेकर चिंता बनी रह सकती है. यदि पहले से कोई बीमारी चल रही है तो लापरवाही बिल्कुल ना करें और समय पर दवा तथा देखभाल जरूर कराएं. आज मन में अकेलापन और उदासी महसूस हो सकती है, लेकिन धैर्य बनाए रखने से धीरे-धीरे स्थितियां सामान्य हो जाएंगी. उपायआज के दिन कन्या राशि वालों को भगवान शनिदेव और हनुमान जी की पूजा करना शुभ रहेगा. हनुमान चालीसा का पाठ पढ़े. शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और जरूरतमंद लोगों को काले तिल या उड़द दाल का दान करें. इससे नकारात्मक प्रभाव कम होगा और मानसिक तनाव में राहत मिलेगी. हनुमान चालीसा का पाठ करने से आत्मविश्वास बढ़ेगा और मन को शांति मिलेगी. आज का दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा. इसलिए यदि बहुत जरूरी काम ना हो तो पूर्व दिशा की यात्रा करने से बचें. अगर यात्रा करना जरूरी हो तो घर से निकलने से पहले थोड़ा दही या गुड़ खाकर निकलें, इससे अशुभ प्रभाव कम माना जाता है. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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लू और भीषण गर्मी को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने अस्पतालों...

रांची| झारखंड में लगातार बढ़ते तापमान, भीषण गर्मी एवं लू की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य की समस्त जनता से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम परिस्थितियां केवल सामान्य गर्मी नहीं, बल्कि एक संभावित स्वास्थ्य आपदा का रूप ले सकती हैं। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक को जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ सावधानियों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा आपकी एक छोटी सावधानी आपके और आपके अपनों का जीवन बचा सकती है। यह केवल सरकारी अपील नहीं, बल्कि मानवीय एवं सामाजिक जिम्मेदारी है। मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों, सदर अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सभी सिविल सर्जनों एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, सन बर्न, इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस एवं लू से संबंधित सभी आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त रखी जाएं। ओआरएस, दवाइयां,आपातकालीन बेड, कूलिंग एवं चिकित्सकों को अलर्ट मोड में रखा गया है । Source link

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झारखंड में SIR… बिना नोटिस-सुनवाई नहीं कटेगा एक भी वोटर का नाम

झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की शुरुआत से पहले गुरुवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने मीडिया से कहा कि ‘नो नोटिस, नो डिलीशन’ नीति को सख्ती से लागू किया जाएगा। घर-घर सर्वेक्षण के दौरान यदि मतदाता अपने पते पर नहीं मिलता है, तो बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) उसे तुरंत मृत या स्थानांतरित नहीं मान सकते। बीएलओ को अलग-अलग दिन और तीन बार संबंधित घर जाना होगा। ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि मतदाता वहां नहीं रह रहा है। बीएलओ को अपनी रिपोर्ट में तीनों दौरों की तारीख और समय दर्ज करना अनिवार्य होगा। यदि बीएलओ किसी मतदाता को मृत या स्थायी रूप से स्थानांतरित चिह्नित करता है, तो निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) संबंधित मतदाता को नोटिस भेजेंगे। -शेष पेज 9 पर 23 मई को सभी मतदान केंद्रों पर प्रकाशित होगी अनमैप्ड की सूची 23 मई को सभी मतदान केंद्रों पर अनमैप्ड वोटरों की सूची प्रकाशित की जाएगी। इसमें बीएलओ के नाम और मोबाइल नंबर भी होंगे। एक भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से न छूटे, इसी लक्ष्य के साथ अभियान चलाया जा रहा है। तैयारी और प्रशिक्षण : 20 जून से 29 जून घर-घर सत्यापन : 30 जून से 29 जुलाई प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन : 5 अगस्त दावा व आपत्ति अवधि : 5 अगस्त से 4 सितंबर दावा-आपत्ति का निपटारा : 3 अक्टूबर तक अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन : 7 अक्टूबर अब तक 73.15 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले झारखंड में चल रही मैपिंग प्रक्रिया में अब तक 73.15 प्रतिशत मतदाताओं का मिलान हो चुका है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर की जा रही मैपिंग में राज्य के 2 करोड़ 65 लाख मतदाताओं में से 1 करोड़ 94 लाख 30 हजार 429 मतदाताओं का सत्यापन किया जा चुका है। मेरा नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज है, इसबार मुझे क्या करना होगा? बीएलओ आपके घर आएंगे। उन्हें आवश्यक प्रमाण दिखाकर गणना पत्र भर कर दे दें। क्या गणना पत्र भरना जरूरी है? हां। सभी मतदाताओं के लिए गणना पत्र भरना अनिवार्य है। जिनकी मैपिंग हो चुकी है और जिनकी नहीं हुई है, दोनों के घर बीएलओ जाएंगे और गणना पत्र देंगे। इसमें नागरिकता से जुड़ी जानकारी भरनी होगी। मैंने मैपिंग करा ली है, अब क्या होगा? यदि आपकी मैपिंग हो चुकी है, तो कोई दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं होगी। लेकिन जिनका नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें 12 निर्धारित दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज देना होगा। मेरा नाम सूची में नहीं है, क्या करूं? यदि आपके माता-पिता या दादा-दादी का नाम 2003 की मतदाता सूची में है, तो उसका प्रमाण देकर गणना पत्र भर सकते हैं। SIR में कौन से दस्तावेज देने होंगे? निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (ईपिक) संख्या के साथ सगे-संबंधियों के नाम और उनकी ईपिक संख्या की जानकारी देनी होगी। साथ ही आधार कार्ड नंबर, बैंक पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड या मान्य पहचान पत्र से जानकारी दी जा सकती है। नागरिकता का क्या है मानदंड? 28 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में जन्म लेने वाले भारतीय नागरिक माने जाएंगे। 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म लेने वालों के लिए माता-पिता में से कम से कम एक का भारतीय नागरिक होना जरूरी है। 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म लेने वालों के माता-पिता दोनों का भारतीय नागरिक होना जरूरी है। Source link

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अंतरिक्ष में भारत का नया ‘खेल’! चीन-अमेरिका की हो गई बोलती बंद,...

होमताजा खबरदेश अंतरिक्ष में भारत का नया ‘खेल’! चीन-US की हुई बोलती बंद, बनेंगे प्राइवेट रॉकेट Last Updated:May 22, 2026, 23:44 IST भारत ने अंतरिक्ष सेक्टर में बड़ा दांव खेलते हुए गुजरात और तमिलनाडु में स्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने को मंजूरी दे दी है. इन हाईटेक क्लस्टर में अब प्राइवेट कंपनियां भी रॉकेट, सैटेलाइट और लॉन्च सिस्टम तैयार कर सकेंगी. गुजरात के खोराज में स्पेस मैन्युफैक्चरिंग पार्क और तमिलनाडु के तूतीकोरिन में स्पेस व्हीकल्स क्लस्टर बनाया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे भारत ग्लोबल स्पेस मार्केट में बड़ी ताकत बनकर उभरेगा. यह कदम स्टार्टअप्स, एमएसएमई और निजी कंपनियों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है. स्‍पेस की दुनिया में भारत ने नया कदम बढ़ाया है. यह कदम चीन और अमेरिका के लिए किसी झटके से कम नहीं है. India Space News: भारत अब अंतरिक्ष की दुनिया में ऐसा बड़ा दांव खेलने जा रहा है, जिसने चीन और अमेरिका जैसे देशों की बोलती बंद कर दी है. केंद्र सरकार ने गुजरात और तमिलनाडु में बड़े स्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने को मंजूरी दे दी है. खास बात यह है कि यहां सिर्फ सरकारी एजेंसियां ही नहीं, बल्कि प्राइवेट कंपनियां भी रॉकेट और स्पेस सिस्टम तैयार कर सकेंगी. यानी आने वाले समय में भारत में निजी कंपनियों के बनाए रॉकेट अंतरिक्ष में उड़ते नजर आ सकते हैं. सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब पूरी दुनिया में स्पेस इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है. सैटेलाइट लॉन्च से लेकर स्पेस टेक्नोलॉजी तक, हर देश इस सेक्टर में अपनी ताकत बढ़ाने में जुटा है. भारत भी अब इस दौड़ में सिर्फ हिस्सा लेने नहीं, बल्कि नेतृत्व करने की तैयारी कर रहा है. गुजरात के खोराज में ‘स्पेस मैन्युफैक्चरिंग पार्क’ बनाया जाएगा. यहां सैटेलाइट, पेलोड सिस्टम और स्पेसक्राफ्ट से जुड़े उपकरण तैयार किए जाएंगे. ‘स्पेस मैन्युफैक्चरिंग पार्क’ में हाईटेक टेस्टिंग और डेवलपमेंट की सुविधाएं भी होंगी. इससे भारत में स्पेस टेक्नोलॉजी बनाने वाली कंपनियों को बड़ा फायदा मिलेगा. तमिलनाडु के तूतीकोरिन में “स्पेस व्हीकल्स क्लस्टर” तैयार किया जाएगा. यह जगह छोटे रॉकेट और लॉन्च सिस्टम बनाने के लिए खास तौर पर विकसित की जा रही है. यहां रॉकेट सिस्टम की टेस्टिंग, इंटीग्रेशन और प्रोपल्शन वैलिडेशन जैसी एडवांस सुविधाएं मौजूद होंगी. यह क्लस्टर कुलसेकरपट्टनम में बनने वाले छोटे लॉन्च कॉम्प्लेक्स के पास होगा, जिससे लॉन्चिंग प्रॉसेस और आसान हो जाएगा. अब तक भारत का स्पेस सेक्टर ज्यादातर इसरो के इर्द-गिर्द ही सीमित था, लेकिन सरकार ने कुछ साल पहले इसे निजी कंपनियों के लिए खोल दिया था. इसके बाद कई भारतीय स्टार्टअप्स ने छोटे रॉकेट और सैटेलाइट बनाने शुरू किए. अब सरकार उन्हें ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर देने जा रही है, जो पहले सिर्फ बड़े देशों के पास हुआ करता था. इन फैसिलिटी का इस्तेमाल स्टार्टअप्स, एमएसएमई और बड़ी निजी कंपनियां कर सकेंगी. इससे उन्हें करोड़ों रुपये खर्च करके अपनी अलग टेस्टिंग लैब बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यानी छोटी कंपनियों को भी अंतरिक्ष सेक्टर में आगे बढ़ने का बड़ा मौका मिलेगा. डॉ. पवन कुमार गोयनका, चेयरमैन, IN-SPACe जल्‍द स्‍पेस मैन्‍युफैक्‍चरिंग का बड़ा हब बनेगा भारतविशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम भारत को ग्लोबल स्पेस मार्केट में नई ताकत देगा. अभी अमेरिका और चीन इस सेक्टर में बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं, लेकिन भारत कम लागत में बेहतर तकनीक देने की वजह से तेजी से आगे बढ़ रहा है. चंद्रयान और आदित्य-L1 जैसे मिशनों के बाद दुनिया पहले ही भारत की क्षमता देख चुकी है. अब अगर निजी कंपनियां भी इस क्षेत्र में तेजी से काम करने लगीं, तो भारत स्पेस मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बन सकता है. सरकार के मुताबिक करीब 10 राज्य ऐसे स्पेस क्लस्टर बनाने में दिलचस्पी दिखा चुके हैं. आने वाले वर्षों में भारत में ‘स्पेस इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन’ देखने को मिल सकता है. इससे रोजगार बढ़ेंगे, विदेशी निवेश आएगा और भारत का नाम अंतरिक्ष की दुनिया में और मजबूत होगा. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

मास्टरमाइंड था 5 लाख रुपए का इनामी सागेन, पूर्व विधायक पर जानलेवा...

क्रा रांची झारखंड गठन के बाद पहली बार नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार को रांची में 27 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर पुलिस के समक्ष भारी मात्रा में हथियार और कारतूस सौंपे। आत्मसमर्पण करने वालों में भाकपा (माओवादी) के 25 और जेजेएमपी के 2 उग्रवादी शामिल हैं। इनमें कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड 5 लाख रुपये का इनामी सागेन आंगरिया भी है, जो 29 अप्रैल को सारंडा में हुई मुठभेड़ में घायल होने के बाद से इलाजरत था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सागेन कई बड़ी वारदातों का मुख्य सूत्रधार रहा है। मसलन, 5 जनवरी 2022 को गोइलकेरा में पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर हुए हमले में सागेन शामिल था, जहां नक्सलियों ने उनके दो बॉडीगार्ड्स की हत्या कर हथियार लूट लिए थे। 14 अगस्त 2023 को टोंटो के तुंबाहाका में सुरक्षा बलों पर घात लगाकर किए गए हमले का मास्टरमाइंड सागेन और देवान थे। इस भीषण मुठभेड़ में झारखंड जगुआर के दो जवान शहीद हुए थे। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाला यह दस्ता क्षेत्र में कई घातक गतिविधियों में संलिप्त था। विस्फोटक लूट: मार्च 2023 में बड़ा जामदा क्षेत्र के मैगजीन हाउस से शीर्ष माओवादी नेताओं के साथ मिलकर इन नक्सलियों ने 7,000 डेटोनेटर और भारी मात्रा में बारूद लूटा था। सुरक्षा बलों पर हमले: जुलाई 2023 में लोवाबेडा में किए गए आईईडी ब्लास्ट में कोबरा 209 बटालियन के डिप्टी कमांडेंट दीपक कुमार तिवारी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके अलावा, जनवरी 2023 में राजाबासा आईईडी ब्लास्ट और फायरिंग में सीआरपीएफ के जवान सुशांत कुंटिया शहीद हो गए थे। हालिया गतिविधियां : मार्च 2025 में भी छोटानागरा के बलिबा में सुरक्षा बलों को रोकने के लिए नक्सलियों ने शक्तिशाली आईईडी ब्लास्ट किया था, जिसमें असिस्टेंट कमांडेंट समेत तीन जवान घायल हुए थे। जगुआर ने 17 साल में 118 नक्सली किया ढेर : जगुआर (एसटीएफ) ने पिछले 17 वर्षों में यानी 2008 से 2025 के बीच चलाए गए अभियानों में 118 नक्सलियों को ढेर किया, जबकि 324 को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया। इस दौरान नक्सलियों के बड़े नेटवर्क को तोड़ते हुए भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी जब्त किए। आंकड़ों के मुताबिक 19 एकेएम, 27 इंसास, 33 एसएलआर, 1 एमएमजी, 7 एलएमजी, 6 कार्बाइन और 25 देशी हथियार बरामद किए गए। Source link

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उत्पाद सिपाही परीक्षा के पेपर लीक मामले में छह आरोपियों की जमानत...

रांची| उत्पाद सिपाही परीक्षा पेपर लीक मामले में जेल में बंद छह आरोपियों की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर गुरुवार को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आरोपियों आशीष कुमार, विकास कुमार, योगेश प्रसाद, रंजीत कुमार उर्फ चुनचुन, गुलाब चंद महतो तथा बुलबुल पांडे उर्फ राज की आपराधिक पृष्ठभूमि से संबंधित रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी गई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शिशिर राज ने बताया कि सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष को निर्देश दिया कि सभी आरोपियों की आपराधिक इतिहास रिपोर्ट अगली तिथि तक हर हाल में दाखिल की जाए। अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि निर्धारित तिथि तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाती है, तो मामले के अनुसंधान पदाधिकारी (आईओ) को अगली सुनवाई के दिन व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा। अगली सुनवाई 26 मई को होगी। इसी मामले में 158 आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। रांची | प्रतिष्ठित स्कूल के पूर्व प्राचार्य मनोज कुमार सिन्हा से जुड़े तीन साल पुराने छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न मामले में अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया है। अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार नंबर-2 की अदालत में गुरुवार यह फैसला सुनाया। सजा के बिंदु पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। आरोपी न्यायिक हिरासत में रहते हुए ट्रायल फेस कर रहा है। मामला मई 2022 का है। पीड़िता ने अरगोड़ा थाना में दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि प्रिंसिपल एमके सिन्हा बीपी चेक कराने के बहाने उन्हें अपने कमरे में बुलाते थे और अश्लील हरकत करते हुए शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाते थे। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद वे फरार हो गए थे। पुलिस ने चार दिन बाद जमशेदपुर के टेल्को थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेजा था। मामले में 18 जनवरी 2025 को आरोप गठित किया गया था। Source link

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Dhanu Rashifal: पैतृक संपत्ति का सुख, ऑफिस में बढ़ेगा रुतबा! धनु वाले...

Last Updated:May 23, 2026, 00:03 IST Aaj ka Dhanu Rashifal 23 may 2026: धनु राशि के जातकों को आज ऑफिस में मान-सम्मान और पैतृक संपत्ति का बड़ा लाभ मिल सकता है. आर्थिक रूप से दिन मजबूत है, लेकिन सितारों की चाल को देखते हुए आज किसी भी तरह के निवेश से बचने की सलाह दी जाती है. पारिवारिक शांति के लिए गुस्से पर काबू रखें और भगवान विष्णु की पूजा करें. जानें राशिफल. जमुई. 23 मई 2026 के दिन कई राशि के जातकों पर ग्रहों का शुभ योग का असर पड़ने वाला है. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज के दिन धन लाभ के कई अवसर मिलेंगे. जबकि आज कार्यस्थल पर बड़ी कामयाबी मिलने की भी संभावना है. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातकों पर आज गुरु, शुक्र, सूर्यदेव और बुध की मजबूत स्थिति का असर पड़ेगा. उन्होंने बताया कि आज आप अपने जीवन के कई बड़े फैसले भी कर सकते हैं. आर्थिक रूप से धनु राशि के जातकों का आज का दिन काफी अच्छा गुजरने वाला है. आज आपको अपने बिजनेस या पार्टनर बिजनेस के जरिए कोई बड़ा धन लाभ हो सकता है. आज आपको जल्दबाजी या गुस्से में आकर पैसा खर्च करने से बचना चाहिए. ऑफिस ने बना रहेगा अच्छा माहौल ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातक जहां काम करते हैं वहां आज काफी अच्छा माहौल बना रहेगा. आज आप अपने बातचीत की शैली से बड़ी मुश्किलों को सुलझा सकेंगे, जिस कारण आज आप ऑफिस में काफी प्रतिष्ठा भी प्राप्त करेंगे. अगर आप पढ़ाई-लिखाई करते हैं या किसी तरह की तैयारी से जुड़े हुए हैं, तो आज आप काफी शानदार प्रदर्शन करेंगे और आप अपने लक्ष्य को हासिल करने की तरफ और आगे बढ़ जाएंगे. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातकों को आज के दिन किसी भी तरह के निवेश इत्यादि से बचना चाहिए. आज आपको पैतृक संपत्ति का लाभ मिलेगा. अगर आपका कोई मामला कोर्ट-कचहरी के चक्कर में पड़ा हुआ है, तब आज उसमें आपको जीत मिल सकती है. धनु राशि के जातकों को आज किसी भी तरह के गृह कलह में नहीं पड़ना चाहिए.  सेहत और प्यार के लिए रहना होगा सावधान ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातकों को आज अपने सेहत के प्रति काफी सावधान रहने की जरूरत है. साथ ही आप अपने लाइफ लाइफ को लेकर भी आज काफी धैर्यवान बन कर रहे. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातकों के पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में किसी बात को लेकर आज विवाद पैदा हो सकता है. उन्होंने बताया कि आज आपको एक दूसरे के साथ काफी सामंजस्य बना कर काम करना चाहिए तथा आज अपने गुस्से पर पूर्ण नियंत्रण रखना चाहिए. धनु राशि के जातकों को आज अपने आंगन में तुलसी का पौधा लगाना चाहिए और उसकी पूजा करनी चाहिए. साथ ही भगवान विष्णु की पूजा करने से आज आपको सफलता मिल सकती है. धनु राशि के जातकों के लिए आज का शुभ अंक 5 रहने वाला है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

सारंडा में लाल किला ढहा, 25 नक्सलियों सहित 27 का सरेंडर

कोल्हान और सारंडा जंगलों में कभी नक्सलियों की बंदूकें कानून लिखती थीं। सुरक्षा बल के जवान कदम-कदम पर बारूदी सुरंगों के डर के साए में चलते थे। उस सारंडा जंगल के लाल आतंक ने घुटने टेक दिए हैं। झारखंड पुलिस, कोबरा और झारखंड जगुआर के बढ़ते दबाव के कारण 25 नक्सलियों और जेजेएमपी के दो उग्रवादियों ने गुरुवार को पुलिस मुख्यालय रांची में सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में छह सब जोनल कमांडर, छह एरिया कमांडर और 13 दस्ते के सदस्य हैं। इन्होंने 16 हथियार ओर 2857 गोलियां भी पुलिस को सौंपे। वहीं जेजेएमपी उग्रवादियों ने एक हथियार और 130 गोलियां पुलिस को सौंपे। सरेंडर करने वालों में माओवादी केंद्रीय कमेटी के सदस्य मिसिर ​बेसरा उर्फ सागर जी और असीम मंडल दस्ते के शीर्ष कमांडर और सदस्य शामिल हैं, जिन्हें सारंडा के चप्पे-चप्पे की जानकारी थी। डीजीपी के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन नवजीवन और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है। इन नक्सलियों ने डाले हथियार, पांच लाख के इनामी सब जोनल कमांडर सांगेन आंगरिया उर्फ दोकोल – 123 केस गांदी मुंडा उर्फ गुलशन – 48 केस नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा – 38 केस रेखा मुंडा उर्फ जयंती – 18 केस सुलेमान हासंदा उर्फ सुनो हासंदा – 13 केस 2 लाख का इनामी एरिया कमांडर करण उर्फ डांगुर – 29 केस। 17 हथियार और 2987 गोलियां भी सौंपीं सब जोनल कमांडर गांदी की भास्कर से बातचीतभूखे मरने की नौबत आ गई थी, सरेंडर न करते तो मारे जाते सब जोनल कमांडर गांदी ने भास्कर से बातचीत में कहा कि सुरक्षा बलों की लगातार घेराबंदी के कारण रसद की सप्लाई लाइन कट गई थी। भूखे मरने के कगार पर थे। वहां से निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा है। सरेंडर नही करते तो मारा जाना तय था। इसलिए सरेंडर का फैसला लिया। उसके घर में दो भाई और माता-पिता हैं। अब उसके लिए जीना चाहता है। उसने बताया कि सुरक्षा बलों के आक्रामक चक्रव्यूह का खौफ ऐसा था कि कई नक्सलियों ने तेलंगाना और पश्चिम बंगाल जाकर सरेंडर कर दिया। उसने संगठन में युवाओं के शोषण का भी खुलासा किया। गांदी ने बताया कि संगठन के शीर्ष नेता युवाओं का सिर्फ ढाल की तरह इस्तेमाल करते हैं। दस्ते में किसी नक्सली को एक पैसा नहीं मिलता, सिर्फ शोषण होता है। एक करोड़ रुपए का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा सारंडा के जंगल में तानाशाह बना बैठा है। लेकिन उसका गढ़ ताश के पत्तों की तरह बिखर गया है। जब सुरक्षा बलों ने घेराबंदी की तो लगा कि अब नहीं भागे तो मरना तय है। कमांडर घायल हुआ तो किया सरेंडर, इसी ने खोला पुलिस का रास्ता सांगने आंगरिया उर्फ दोकोल मिसिर बेसरा व असीम मंडल की टीम का सबसे प्रमुख मोहरा रहा है। उसने चाईबासा इलाके में खूनी तांडव मचा रखा था। उसे घेरने के लिए सुरक्षा बलों ने 21 नए एडवांस कैंप लोकेशन और फॉरवर्ड ऑपरे​टिंग बेस कैंप स्थापित किए। इससे ग्रामीणों में सुरक्षा बलों के ​प्रति विश्वास जगा और नक्सलियों का मूवमेंट रुक गया। नक्सली गांवों से रसद लाते थे, लेकिन अब उनका निकलना मुश्किल हो गया। इससे नक्सली बौखला गए। इसी बीच सुरक्षा बलों और नक्सलियों में मुठभेड़ हो गई। सांगेन आंगरिया को गोली लगी। वह घायल हो गया। इसके बाद 15 मई को ही उसने सरेंडर कर दिया। क्योंकि वह जान गया था कि सरेंडर नहीं किया तो मरना तय है। सांगेन का पुलिस अपनी सुरक्षा में इलाज करा रही थी। उसके सरेंडर करने के बाद अन्य नक्सलियों ने भी सरेंडर का मन बनाया। फिर पुलिस से संपर्क साधा गया। आखिरकार गुरुवार को इन सबने सरेंडर कर दिया। Source link

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RIMS-2 will be built in Kanke only, administrative approval of Rs 4149...

रांची18 घंटे पहले कॉपी लिंक राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने वाला है। विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली राज्य योजना प्राधिकृत समिति ने छह अलग-अलग परियोजनाओं के लिए 5917 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव पर मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के लागू होने से रिम्स पर मरीजों का दबाव कम होगा। साथ ही गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत भी कम होगी। प्रस्तावित योजनाओं में सबसे बड़ी परियोजना रिम्स-2 की है, जिसके लिए 4149 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। प्रस्तावित रिम्स-2 अस्पताल 2800 बेड का होगा। स्वास्थ्य विभाग इन प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजेगा। कैबिनेट के अप्रूवल के बाद काम शुरू होगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार करीब 4 करोड़ की आबादी वाले राज्य में अभी केवल 10 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें सात सरकारी और तीन निजी क्षेत्र के हैं। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मानकों के अनुसार हर 10 लाख की आबादी पर एक मेडिकल कॉलेज होना चाहिए। इस हिसाब से राज्य में 40 मेडिकल कॉलेज की जरूरत है। राज्य में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए केवल 246 सीटें और सुपर स्पेशलिटी के लिए महज 41 सीटें हैं, जो काफी कम हैं। वर्तमान में हर साल करीब 1.20 लाख मरीज बेहतर इलाज के लिए राज्य से बाहर जाते हैं। इससे मरीजों और उनके परिवारों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए मेडिको सिटी स्थापित करने की भी योजना बनाई गई है। 1960 में हुई थी रिम्स (पहले आरएमसीएच) की स्थापना रिम्स (पहले आरएमसीएच) की स्थापना 1960 में हुई थी। यहां अभी 1500 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल संचालित है। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण रिम्स की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 3500 मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में सभी को सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पा रहा है। रांची सदर अस्पताल परिसर में कैथ लैब स्थापित करने के लिए 11 करोड़ रुपए की योजना को भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। रिम्स के कार्डियोलॉजी विभाग में बढ़ते मरीजों को देखते हुए सदर अस्पताल में कैथ लैब बनाने की रूपरेखा तैयार की गई है। रिम्स-2 में एमबीबीएस और पीजी की होंगी 200-200 सीटें प्रस्तावित रिम्स-2 को 2800 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। इसमें एमबीबीएस की 200 सीटें, पीजी मेडिकल की 200 सीटें और सुपर स्पेशलिटी की 200 सीटें होंगी। जानकारी के अनुसार रांची डीसी की ओर से प्रस्तावित रिम्स-2 के लिए 120 एकड़ भूमि की बाउंड्री कराई गई है। शेष जमीन रिंग रोड और पतरातू रोड के किनारे चिन्हित की जा रही है। इसके अलावा आईआईएम रांची के लिए प्रस्तावित 77 एकड़ जमीन रिम्स-2 के लिए स्वास्थ्य विभाग को ट्रांसफर की जाएगी। अतिरिक्त 100 एकड़ जमीन कांके अंचल के मौजा हुसीर-नगड़ी से अधिग्रहित की जाएगी। 284 करोड़ रुपए से बनेगी मेडिको सिटी… राज्य में एक मेडिको सिटी बनाने की भी योजना है, जिस पर करीब 284 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इन परियोजनाओं के लिए आईआईएम रांची को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा एक्सआईएसएस रांची को इंपैक्ट असेसमेंट के लिए मनोनयन के आधार पर कार्य आवंटित किया जाएगा। धनबाद व जमशेदपुर में भी विस्तार… जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज को 500 बेड वाले अस्पताल में विकसित करने के लिए भवन निर्माण और अन्य आधारभूत संरचना तैयार करने हेतु 542 करोड़ रुपए की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा एमबीबीएस और पीजी सीटें बढ़ाने के लिए 394 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। वहीं धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने और नए पीजी विषय शुरू करने के लिए बड़े आधारभूत ढांचे के निर्माण हेतु 495 करोड़ रुपए की योजना को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

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धान की खेती में किसान करें गोबर खाद का इस्तेमाल, सालों तक...

होमताजा खबरकृषि धान की खेती में किसान करें गोबर खाद का इस्तेमाल, सालों तक उपजाऊ रहेगी मिट्टी Last Updated:May 22, 2026, 23:10 IST कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र गौतम अनुसार अगर मई महीने में किसान गोबर की सड़ी हुई खाद का सही तरीके से उपयोग करें तो मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ती है. धान की फसल बेहतर होती है. जैविक खाद से न सिर्फ जमीन की गुणवत्ता सुधरती है बल्कि उत्पादन भी बढ़ता है. मध्य प्रदेश में किसानों ने खरीफ सीजन की तैयारी शुरू कर दी है. जून के शुरुआती सप्ताह से धान की नर्सरी और बीज की बुवाई शुरू होने वाली है. ऐसे में कृषि विशेषज्ञ किसानों को खेत तैयार करते समय सड़ी हुई गोबर खाद के इस्तेमाल की सलाह दे रहे हैं. यदि किसान अभी से खेतों में जैविक खाद डालें तो मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ेगी और धान की फसल बेहतर उत्पादन देगी. सीधी कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र गौतम ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि धान की खेती के लिए खेत तैयार करते समय प्रति एकड़ करीब 200 से 250 क्विंटल सड़ी हुई गोबर खाद डालना फायदेमंद रहता है। इससे मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी नहीं होती. फसल को प्राकृतिक रूप से पोषण मिलता है. उन्होंने कहा कि गोबर प्राकृतिक खाद का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है, जो मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के साथ उसकी जल धारण क्षमता भी बढ़ाता है. धान की खेती में जैविक खाद का कमालडॉ. गौतम के अनुसार किसान ताजा गोबर सीधे खेत में डालने से बचें, क्योंकि इससे खेत में अधिक गर्मी पैदा हो सकती है. पौधों को नुकसान पहुंच सकता है. उन्होंने सलाह दी कि गोबर को कम से कम 2 से 3 महीने तक गड्ढे में सड़ाकर जैविक खाद तैयार करें. गेहूं की कटाई के बाद खाली खेतों में इस खाद को फैलाकर हल्की जुताई कर मिट्टी में मिला देना चाहिए. इससे खाद के पोषक तत्व सीधे जमीन तक पहुंचते हैं. मिट्टी अधिक उपजाऊ बनती है. मोड़ी गांव के किसान रामाशंकर कुशवाहा ने लोकल 18 को बताया कि किसान गोबर की खाद के साथ ढैंचा और सन जैसी हरी खाद वाली फसलें भी बो सकते हैं. कुछ समय बाद इन फसलों को खेत में पलट देने से मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है. इससे रासायनिक खाद की जरूरत कम होती है और खेती की लागत भी घटती है. मिट्टी रहेगी सालों तक उपजाऊउन्होंने कहा कि लगातार रासायनिक खाद के इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जबकि गोबर की खाद मिट्टी को फिर से उपजाऊ बनाने में मदद करती है.किसानों का मानना है कि जैविक खाद के इस्तेमाल से खेत में केंचुए और सूक्ष्म जीवों की संख्या बढ़ती है, जो मिट्टी को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनाते हैं. वहीं प्रोफेसर अनुपम दुबे के अनुसार धान रोपाई से पहले यदि किसान गोबर की खाद का सही उपयोग करें तो फसल मजबूत होती है. उत्पादन में भी बढ़ोतरी देखने को मिलती है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जैविक खेती की ओर बढ़ना आने वाले समय में किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sidhi,Madhya Pradesh Source link

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