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झारखंड

छुट्टियों में आ रहे हैं देवघर? इन धर्मशालाओं में करें बुकिंग, ₹100...

Last Updated:May 21, 2026, 13:50 IST Deoghar Cheapest Dharmshala: गर्मी की छुट्टियों में परिवार संग बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए देवघर आना चाहते हैं तो बेहद कम खर्च में स्टे कर सकते हैं. यहां 100 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक की सस्ती और अच्छी धर्मशालाओं की पूरी व्यवस्था मिलती है. कुछ स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए फ्री ठहरने की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे यात्रा और भी आसान व आरामदायक हो जाती है. बाबा बैद्यनाथ धाम ज्योतिर्लिंग, जो 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक पवित्र और प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है, झारखंड के देवघर में स्थित है. यहां देशभर से श्रद्धालु सालभर पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए आते हैं. मान्यता है कि बाबा बैजनाथ की सच्चे मन से पूजा करने पर भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है और जीवन में सुख-शांति तथा समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. इसी वजह से यह स्थान हिंदू धर्म में अत्यंत आस्था और श्रद्धा का केंद्र माना जाता है. अब जब स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं, तो कई लोग अपने परिवार और बच्चों के साथ बाबा धाम यात्रा का प्लान बना रहे हैं. गर्मी और भीड़ को देखते हुए यात्री पहले से ही ठहरने की अच्छी व्यवस्था की तलाश करते हैं. ऐसे में देवघर में आपको 100 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक की धर्मशालाएं और यात्री निवास मिल जाते हैं, जहां साफ-सुथरे कमरे, सुरक्षित माहौल और भोजन की सुविधा भी उपलब्ध होती है. कुछ जगहों पर तो श्रद्धालुओं के लिए फ्री ठहरने की व्यवस्था भी है, जिससे कम बजट में भी यह धार्मिक यात्रा बेहद आसान और आरामदायक बन जाती है. बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं के लिए मारवाड़ी कांवर संघ ठहरने का बेहद लोकप्रिय स्थान माना जाता है. यह धर्मशाला देवघर के शिवगंगा और मंदिर क्षेत्र के पास स्थित है, जहां से बाबा मंदिर की दूरी करीब 500 मीटर के बीच पड़ती है और श्रद्धालु आसानी से पैदल पहुंच सकते हैं. यहां कई श्रद्धालुओं को निःशुल्क ठहरने की सुविधा भी दी जाती है, जबकि कुछ कमरों के लिए सामान्य दान या कम शुल्क लिया जाता है.आसपास खाने-पीने का बड़ा मार्केट, प्रसाद दुकानें और पूजा सामग्री की कई दुकानें मौजूद हैं, जिससे बाहर से आने वाले भक्तों को काफी सुविधा मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गुलाब आश्रम एक सस्ता और सुविधाजनक ठहरने का विकल्प माना जाता है. यह आश्रम मानसिंघी क्षेत्र के पास स्थित है, जहां से बाबा मंदिर की दूरी लगभग 300 मीटर से के बीच पड़ती है और श्रद्धालु पैदल आसानी से पहुंच सकते हैं. यहां कम बजट में साधारण कमरे मिलते हैं, जिनका किराया लगभग 100 से 1000 रुपये तक रहता है, वहीं कुछ जगहों पर दान आधारित व्यवस्था भी मिल जाती है. आश्रम के आसपास खाने-पीने के लिए छोटे होटल, चाय-नाश्ता की दुकानें और बड़ा पूजा सामग्री मार्केट मौजूद है, जिससे यात्रियों को हर सुविधा आसानी से उपलब्ध हो जाती है. बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए केसरवाणी धाम आश्रम कम बजट में ठहरने का अच्छा विकल्प माना जाता है. यह आश्रम देवघर के मंदिर क्षेत्र और देवघर का सब्जी मार्केट के पास स्थित है, जहां से बाबा मंदिर की दूरी लगभग 500 मीटर से 1 किलोमीटर के बीच पड़ती है और लोग पैदल भी आसानी से पहुंच जाते हैं. यहां साधारण और साफ-सुथरे कमरे करीब 100 रुपए से 1200 रुपये तक मिल जाते हैं, जबकि कुछ श्रद्धालुओं के लिए डोनेशन व्यवस्था भी रहती है.आश्रम के आसपास होटल, चाय-नाश्ता दुकान, प्रसाद और पूजा सामग्री का बड़ा बाजार मौजूद है, जिससे यात्रियों को खाने-पीने और खरीदारी में कोई परेशानी नहीं होती. बाबा बैद्यनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भट्टर धर्मशाला ठहरने का सस्ता और सुविधाजनक विकल्प माना जाता है. यह धर्मशाला शिवगंगा मोहल्ला में स्थित है और बाबा मंदिर से करीब 300 से 500 मीटर की दूरी पर है, जहां श्रद्धालु पैदल ही पहुंच सकते हैं. यहां सामान्य नॉन-एसी रूम करीब 200 रुपए से 500 रुपये तक मिल जाते हैं, जबकि कुछ कमरों में अटैच बाथरूम और परिवार के लिए बेहतर व्यवस्था भी रहती है. कमरे साधारण लेकिन साफ-सुथरे होते हैं, जिससे श्रद्धालुओं को कम बजट में आरामदायक ठहराव मिल जाता है.सबसे खास बात है यह धर्मशाला शिवगंगा के ऊपर बनाया गया है. यहां की खिड़कियों से शिवगंगा दिखती है. सुबह यहां से गंगा में स्नान कर मंदिर पूजा आराधना करने के लिए 5 मिनट में जा सकते हैं. श्रावणी मेला और बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के बीच न्यू चंडी धाम ठहरने के लिए एक चर्चित विकल्प माना जाता है. यह होटल मंदिर क्षेत्र और मुख्य बाजार के पास स्थित है, जहां से बाबा मंदिर की दूरी लगभग 300 मीटर के आसपास पड़ती है और श्रद्धालु आसानी से पहुंच सकते है. यह सरदार पंडा लेन मे स्थित है.यहां सामान्य से लेकर फैमिली रूम तक की सुविधा मिलती है, जिनका किराया करीब 200 से 2500 रुपये तक रहता है, वहीं कमरों की साफ-सफाई और बाथरूम व्यवस्था पर भी खास ध्यान दिया जाता है. होटल के नीचे फ्लोर मे ही अपना इनका रेस्टोरेंट है जहां आप आसानी से खाने का लुफ्त उठा सकते है. Source link

झारखंड

पाकुड़ में कोयला कंपनी से लेवी मांगने वाले दो गिरफ्तार:नक्सली संगठन के...

पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो स्थानीय बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इन पर एक कोयला कंपनी से नक्सली संगठन के नाम पर 50 लाख रुपए की लेवी मांगने का आरोप है। यह घटना बीते 14 मई को बीजीआर कोल कंपनी की कंस्ट्रक्शन साइट पर हुई थी। एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि बीजीआर कोल माइन्स कंपनी बरदाहा गांव के पास इकड़ी नाला में एक पुल का निर्माण कर रही है। 14 मई की रात दो नकाबपोश बदमाश निर्माण स्थल पर पहुंचे और नक्सली संगठन के नाम पर 50 लाख रुपए की लेवी मांगी। इस संबंध में थाना में कांड संख्या 34/26 दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महेशपुर एसडीपीओ विजय कुमार के नेतृत्व में एक छापेमारी टीम का गठन किया। टीम ने कई पहलुओं से जांच की और मानवीय तथा तकनीकी सूचना के आधार पर इनपुट जुटाए। इसके बाद अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के बड़दाहा निवासी चांद हांसदा उर्फ चुटरोय और पचुवाड़ा निवासी चानुस सोरेन को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान दोनों अभियुक्तों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। एसपी ने बताया कि उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। Source link

शिक्षा

DU PG कोर्सेज के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू:82 कोर्स में ले सकते हैं...

दिल्ली विश्वविद्यालय यानी DU ने 2026-27 सत्र के लिए पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम्स में एडमिशन के लिए 16 मई से रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। रजिस्टर करने की आखिरी तारीख 7 जून है। यूनिवर्सिटी के अलग-अलग कॉलेजों में पीजी कोर्स में एडमिशन लेने के इच्छुक छात्र अब ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल पर अप्लाई कर सकते हैं। रजिस्ट्रार ऑफिस के मुताबिक, जो छात्र अभी अपने ग्रेजुएशन के तीसरे या चौथे साल में पढ़ रहे हैं, वे दो साल के मास्टर्स प्रोग्राम में अप्लाई कर सकते हैं। DU PG कोर्स में एडमिशन के लिए 50% मार्क्स जरूरी DU में PG कोर्स के लिए अप्लाई कर रहे UR/OBC-NCL/EWS कैटेगरी के छात्रों को UG क्वालिफाइंग एग्जाम में कम से कम 50% टोटल मार्क्स या उसके बराबर ग्रेड होना जरूरी है। वहीं, SC/ST/PwBD कैटेगरी के छात्रों के लिए क्वालिफाइंग एग्जाम में कम से कम 45% टोटल मार्क्स या उसके बराबर ग्रेड होना चाहिए। स्टूडेंट्स को जिस कोर्स में एडमिशन लेना है, उसकी एलिजिबिलिटी पूरी करने के साथ ही पीजी एडमिशन के लिए होने वाला कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यानी CUET (PG)- 2026 एग्जाम देना जरूरी है। DU मास्टर्स में 82 कोर्स ऑफर कर रहा DU की टोटल 16 फैकल्टीज में करीब 6.5+ लाख स्टूडेंट्स हर साल पढ़ते हैं। यूनिवर्सिटी में 86 डिपार्टमेंट और 91 कॉलेज हैं। DU मास्टर्स में 82 कोर्स ऑफर करती है। पूरे कोर्स और फैकल्टी की लिस्ट देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें। 250 रुपए एप्लीकेशन फीस लगेगी अनारक्षित, OBC और EWS कैटेगरी के लिए अप्लीकेशन फीस 250 रुपए प्रति कोर्स है। SC/ST और PwBD के लिए एप्लीकेशन फीस 100 रुपए प्रति कोर्स ली जाएगी। इस बार यूनिवर्सिटी ने छात्रों के लिए एक नई सुविधा शुरू की है। अब DigiLocker/API Setu प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों की जानकारी जैसे नाम, जन्मतिथि, कैटेगरी, जेंडर, माता-पिता का नाम और CUET स्कोर अपने-आप जुड़ जाएंगे। DU के PG CSAS 2026 पोर्टल पर ऐसे करें रजिस्टर नोट: नए नियमों के मुताबिक, सारी डिटेल्स की बजाय सिर्फ डिजिलॉकर या API SETU के लिंक करने को कहा जा सकता है। इससे पोर्टल पर जरूरी जानकारी जैसे कैंडिडेट का नाम, D.O.B, CUET स्कोर, अपने आप अपलोड हो जाएगी। ये 4 डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें पोर्टल पर एडमिशन के आवेदन के 10 स्‍टेप्‍स यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा है कि नई शिक्षा नीति यानी NEP 2020 के तहत शुरू किए गए एक साल के PG प्रोग्राम्स के लिए जल्द ही अलग पोर्टल पर एप्लीकेशन शुरू होंगे। छात्रों को अपडेट के लिए admission.uod.ac.in वेबसाइट देखते रहने की सलाह दी गई है। DU में 27% OBC और SC/ST स्टूडेंट्स के लिए 22.5% सीटें आरक्षित DU के कॉलेजों में 27% सीटें OBC (सेंट्रल लिस्ट में नॉन क्रिमी लेयर) के लिए आरक्षित हैं। SC/ST के लिए टोटल 22.5% आरक्षित है, इनमें भी SC को 15% और ST को 7.5%। EWS कोटा के लिए भी 10% सीटें आरक्षित हैं, लेकिन EWS सर्टिफिकेट 31 मार्च 2026 के बाद का अपडेटेड होना चाहिए। PwBD कैंडिडेट्स के लिए हर कोर्स में 5% सीटों आरक्षित हैं। इनके लिए अलग से सीट एलोकेशन रिजल्ट डिकलेयर किया जाएगा। स्टोरी – सोनाली राय ——————— ये खबर भी पढ़ें… कीड़ों की तरह रेंगकर शिक्षा मंत्री आवास पहुंचे कैंडिडेट्स:यूपी 69000 शिक्षक भर्ती रिजर्वेशन घोटाले के खिलाफ कैंडिडेट्स का अनोखा प्रदर्शन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कैंडिडेट्स कीड़ों की तरह रेंगकर यूपी शिक्षा मंत्री के आवास पहुंच रहे हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया वायरल हो रहा है। कैंडिडेट्स यूपी में 69 हजार शिक्षक भर्ती की मांग के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही कैंडिडेट्स इस तरह से चीफ जस्टिस के ‘कॉकरोज’ वाले बयान का भी प्रतिकात्मक विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार ने कीड़ा समझा, इसीलिए रेंग कर प्रोटेस्ट कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… Source link

झारखंड

जमशेदपुर में कांग्रेस का नीट पेपर लीक मामले पर प्रदर्शन:उपायुक्त कार्यालय के...

जमशेदपुर में जिला कांग्रेस ने गुरुवार को नीट पेपर लीक मामले को लेकर डीसी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। परविंदर सिंह ने कहा कि नीट परीक्षा में पेपर लीक की घटना ने लाखों छात्रों और अभिभावकों का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और सरकार को इसकी जवाबदेही लेनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की भी मांग की और कहा कि आत्महत्या करने वाले छात्रों की मौत के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। Source link

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CM Vijay Cabinet Expansion News: CM विजय की कैबिनेट में बड़ा ड्रामा!...

होमताजा खबरदेश विजय की कैबिनेट में बड़ा ड्रामा! दो सगे दोस्तों ने ऐन वक्त पर क्यों बदला पाला? Last Updated:May 21, 2026, 13:32 IST CM Vijay Cabinet Expansion News: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की कैबिनेट विस्तार के बाद नई सियासी हलचल शुरू हो गई है. सरकार को समर्थन देने वाले VCK और IUML ने मंत्री पद से दूरी बनाकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है. दोनों दलों ने अब तक अपने मंत्री पद के नाम तय नहीं किए हैं. राजनीतिक जानकार इसे DMK कनेक्शन, बड़े मंत्रालय की मांग और विजय सरकार की स्थिरता से जोड़कर देख रहे हैं. AIADMK में बगावत के बाद तमिलनाडु की राजनीति और जटिल हो गई है. अब सवाल यह है कि क्या विजय अपने सहयोगियों को पूरी तरह साथ रख पाएंगे या आगे और बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिलेगा. ख़बरें फटाफट तमिलनाडु में CM विजय की कैबिनेट विस्तार के बाद बड़ा सियासी ड्रामा. (फोटो- पीटीआई) CM Vijay News: तमिलनाडु की राजनीति इन दिनों किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं दिख रही. सुपरस्टार से मुख्यमंत्री बने जोसेफ विजय ने जैसे ही अपनी कैबिनेट का विस्तार किया वैसे ही सियासी गलियारों में नई हलचल शुरू हो गई. जिन सहयोगियों ने सरकार बनाने के वक्त विजय का साथ देकर सत्ता तक पहुंचाया, वही अब मंत्री पद से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं. VCK और IUML जैसे सहयोगी दलों का कैबिनेट विस्तार से बाहर रहना सिर्फ एक सामान्य राजनीतिक घटना नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे सत्ता के भीतर चल रही बड़ी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. विधानसभा चुनाव के बाद जिस तरह नंबर गेम चला, उसने पहले ही तमिलनाडु की राजनीति को अस्थिर बना दिया था. अब कैबिनेट में शामिल न होने का फैसला इस बात का संकेत दे रहा है कि विजय सरकार को समर्थन देने वाले दल अभी पूरी तरह भरोसे में नहीं आए हैं. सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या ये दोनों दल भविष्य की राजनीति देखकर अपने पत्ते संभालकर चल रहे हैं या फिर मंत्री पद के लिए बड़ा सौदा चाहते हैं. दरअसल, विजय सरकार बहुमत के बेहद करीब पहुंचकर बनी थी. TVK सबसे बड़ी पार्टी बनी लेकिन जादुई आंकड़े से पीछे रह गई. ऐसे में कांग्रेस, वाम दलों, VCK और IUML ने समर्थन देकर सरकार बचाई. अब जब कैबिनेट विस्तार हुआ तो कांग्रेस को जगह मिली, लेकिन VCK और IUML के नेता शपथ समारोह से गायब रहे. NDTV की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों का दावा है कि दोनों दलों को एक-एक मंत्री पद का आश्वासन दिया गया है, लेकिन उन्होंने अभी तक अपने नाम तय नहीं किए हैं. राजनीतिक जानकार इसे साधारण देरी नहीं मान रहे. उनका कहना है कि दोनों दल पहले विजय सरकार की स्थिरता और भविष्य देखना चाहते हैं. खास बात यह भी है कि इन दोनों दलों के DMK से पुराने संबंध रहे हैं. ऐसे में सीधे TVK सरकार में शामिल होना उनके लिए आसान फैसला नहीं है. यही वजह है कि तमिलनाडु की राजनीति में “दोस्ती और दूरी” का यह खेल चर्चा का विषय बन गया है. कैबिनेट विस्तार के बाद साफ हो गया है कि विजय के लिए सरकार बनाना जितना मुश्किल था उसे संभालना उससे भी ज्यादा कठिन होने वाला है. विजय सरकार पर बढ़ता दबाव विजय ने अपनी कैबिनेट में TVK के 21 विधायकों और कांग्रेस के दो नेताओं को शामिल किया. इसके बाद कुल मंत्रियों की संख्या 32 पहुंच गई है. तमिलनाडु विधानसभा में अधिकतम 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं. यानी विजय ने जानबूझकर तीन पद खाली छोड़े हैं. इसे VCK और IUML के लिए राजनीतिक संदेश माना जा रहा है. लेकिन दोनों दलों ने अब तक अपने मंत्री पद के उम्मीदवारों का नाम नहीं भेजा. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि VCK और IUML फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति पर चल रहे हैं. वे देखना चाहते हैं कि विजय सरकार प्रशासन में कितना सफल रहती है. साथ ही यह भी कि क्या TVK भविष्य में भरोसेमंद सहयोगी साबित होगी. अगर सरकार अस्थिर हुई तो इन दलों को राजनीतिक नुकसान हो सकता है. इसलिए दोनों दल फिलहाल खुलकर सत्ता में शामिल होने से बच रहे हैं. DMK से रिश्तों ने बढ़ाई दुविधा VCK और IUML लंबे समय तक MK स्टालिन की DMK के करीबी सहयोगी रहे हैं. चुनाव के बाद भी इन दलों ने साफ कहा था कि उन्होंने विजय सरकार को समर्थन ‘राज्य में राष्ट्रपति शासन रोकने’ के लिए दिया. यानी उनका समर्थन पूरी तरह वैचारिक नहीं बल्कि परिस्थितिजन्य था. ऐसे में अगर वे सीधे विजय सरकार में शामिल होते हैं तो DMK से दूरी बढ़ सकती है. यही वजह है कि दोनों दल अब हर कदम बेहद सावधानी से रख रहे हैं. क्या बड़े मंत्रालय की चल रही है डील? तमिलनाडु की राजनीति में यह चर्चा भी तेज है कि VCK और IUML बेहतर मंत्रालयों के लिए दबाव बना रहे हैं. खबरें हैं कि VCK प्रमुख थोल तिरुमावलवन डिप्टी सीएम जैसे बड़े पद की उम्मीद लगाए बैठे थे. हालांकि पार्टी ने इन दावों को खारिज किया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि कैबिनेट में शामिल होने में देरी करके दोनों दल अपने लिए ज्यादा ताकतवर मंत्रालय चाहते हैं. AIADMK के बागियों ने बदल दिया पूरा खेल विजय सरकार के लिए सबसे बड़ी राहत AIADMK में हुई बगावत बनी. 25 विधायकों ने EPS नेतृत्व के खिलाफ जाकर फ्लोर टेस्ट में विजय सरकार का समर्थन किया. इससे सरकार को स्थिरता मिली. लेकिन इसी ने VCK और IUML की चिंता भी बढ़ा दी. अगर AIADMK का बागी गुट सरकार में शामिल हो गया तो इन दोनों दलों की राजनीतिक अहमियत कम हो सकती है. इसलिए वे जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहते. विजय सरकार के सामने अब असली चुनौती कैबिनेट विस्तार के बाद साफ हो गया है कि विजय के लिए सरकार बनाना जितना मुश्किल था उसे संभालना उससे भी ज्यादा कठिन होने वाला है. सहयोगियों की नाराजगी, AIADMK का संकट और DMK का दबाव आने वाले महीनों में तमिलनाडु की राजनीति को और गर्म कर सकता है. फिलहाल VCK और IUML दोनों ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं. लेकिन इतना तय है कि विजय

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झारखंड के कई जिलों में भीषण गर्मी-लू का कहर, रांची में आंधी-बारिश...

Last Updated:May 21, 2026, 06:52 IST Jharkhand Aaj Ka Mausam: झारखंड में आज कई जिलों में भीषण गर्मी और हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. आज डालटनगंज और पलामू में तापमान 44 डिग्री तक पहुंच सकता है. इसके अलावा रांची और उसके आसपास जिलों में हल्की बारिश की संभावना है. साथ ही तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है. ख़बरें फटाफट झारखंड में कहीं बारिश तो कहीं हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है ( एआई फोटो ) रांची: झारखंड में आज का मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा. आज झारखंड के कई जिलों में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर दिखाई देगा. जबकि कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है. रांची मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी जिलों में तापमान सबसे ज्यादा रहने वाला है, जबकि राजधानी रांची समेत दक्षिणी इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रह सकता है. IMD के अनुसार झारखंड के अधिकांश जिलों आज भी में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं. साथ ही कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान हवाएं 40-50 किमी/घंटा रफ्तार से चल सकती हैं. झारखंड में आईएमडी का अलर्ट झारखंड में यहां रहेगी सबसे ज्यादा गर्मी रांची मौसम विभाग के अनुसार डालटनगंज, पलामू और गढ़वा इलाके सबसे ज्यादा गर्म रहने वाले हैं. यहां अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. पिछले दिनों डालटनगंज में 42.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था और आज भी यहां हीटवेव जैसे हालात बने रहने की संभावना है. बता दें कि पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जिलों में लू चलने की भी आशंका जताई गई है. झारखंड में आज कैसा रहेगा मौसम , जानें झारखंड में यहां का मौसम रहेगा कूल-कूल झारखंड की राजधानी रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला और पश्चिमी सिंहभूम में तापमान अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है. यहां अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. रांची आज झारखंड का सबसे ठंडे जिला माना जा सकता है. मौसम विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बारिश से लोगों को गर्मी से राहत दिलाएगी. इन जिलों में है बारिश और वज्रपात का खतरा रांची मौसम विभाग ने आज झारखंड के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है. इस दौरान धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, बोकारो, जामताड़ा और साहिबगंज में तेज हवा, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. इसके अलावा कुछ जिलों में अचानक आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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देवघर प्रशासन सख्त, बासी भोजन परोसने पर लाइसेंस रद्द:सावन से पहले होटलों...

सावन से पहले देवघर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। बासी या खराब भोजन परोसने वाले होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे। जिला खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। देवघर एक प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है, जहां बाबा बैद्यनाथ धाम और माता शक्ति का शक्तिपीठ स्थित है। सावन और श्रावणी मेले के दौरान यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। बढ़ती भीड़ के कारण जिले में लगभग 700 से 800 होटल और भोजनालय संचालित होते हैं, लेकिन अक्सर श्रद्धालुओं को बासी और खराब भोजन परोसने की शिकायतें मिलती रही हैं। जिला खाद्य जांच पदाधिकारी राजेश शर्मा ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी होटल में बासी, खराब या गंदा भोजन परोसा जाता है, तो संबंधित होटल का लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। श्रद्धालुओं को ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट एप’ या विभाग के शिकायत नंबर पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दी गई है। इस एप के माध्यम से भोजन की तस्वीरें भी अपलोड की जा सकती हैं। विभाग द्वारा लगातार होटल और रेस्टोरेंटों का निरीक्षण किया जा रहा है। हाल ही में हुई जांचों में कई स्थानों पर जले हुए तेल और नकली पनीर के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है। आशियाना होटल से 22 किलो पनीर नष्ट कराया गया, जबकि सुमित वैष्णव होटल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, शिवान्ता बार से एक्सपायरी सॉस और हटसन एग्रो दुकान से 25 किलो मिलावटी घी भी जब्त किया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि सावन के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। Source link

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गुमला में पेड़ से टकराई बाइक, तीन युवकों की मौत:बाइक के उड़े...

गुमला में बुधवार की देर रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गई। घटना चैनपुर थाना क्षेत्र के डढ़गांव के पास बाइक के सड़क किनारे पेड़ से टकराने की वजह से हुई। मृतकों की पहचान उजड़ा गांव निवासी अक्षय केरकेट्टा (19), आर्यन टोप्पो 18) और संजीत केरकेट्टा (18) के रूप में हुई है। अक्षय ने 2026 में संत अन्ना विद्यालय से इंटर प्रथम श्रेणी में पास किया था, जबकि आर्यन संत पैट्रिक स्कूल में 11वीं का छात्र था। वहीं, संजीत ने 10वीं पास करने के बाद दो साल पहले पढ़ाई छोड़ दी थी। बाइक की रफ्तार थी तेज परिजनों के अनुसार, तीनों युवक बाइक से एक शादी समारोह में गए थे। रात में चैनपुर से अपने घर लौट रहे थे। इसी बीच डढ़गांव के पास उनकी तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक आम के पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों ने हेलमेट भी नहीं पहना था। इधर, दुर्घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना के एसआई धर्मपाल संतोष लगून मौके पर पहुंचे। उन्होंने गुरुवार को तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया। Source link

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फाइनेंस पर खरीदा है मोबाइल और लैपटॉप तो न भूलें ईएमआई चुकाना,...

Last Updated:May 21, 2026, 12:24 IST RBI New Rule : रिजर्व बैंक ने कर्ज वसूली के लिए नए प्रस्‍ताव पेश किए हैं, जिन्‍हें 1 अक्‍टूबर, 2026 से लागू किया जा सकता है. आरबीआई ने कहा है कि अगर किसी ग्राहक ने फाइनेंस कराकर मोबाइल या लैपटॉप खरीदा है और 90 दिन से ज्‍यादा का डिफॉल्‍ट किया है तो बैंक उसकी सर्विस बंद कर सकते हैं. आरबीआई ने बैंकों को लोन डिफॉल्‍टर्स के मोबाइल बंद करने की अनुमति का प्रस्‍ताव दिया है. नई दिल्‍ली. टेलीग्राम रेगुलेटर ट्राई के आंकड़े देखें तो पता चलता है कि भारत अब दुनिया के सबसे बडे़ मोबाइल फोन बाजार में से एक बन चुका है, जहां 1.16 अरब मोबाइल कनेक्‍शन हैं. देश के कुल इलेक्‍ट्रॉनिक उपभोक्‍ताओं में से एक तिहाई यानी करीब 40 करोड़ ने छोटे लोन लेकर अपने गैजेट्स खरीदे हैं. इसका मतलब है कि अगर 3 में से करीब 1 आदमी अपना लैपटॉप और मोबाइल फाइनेंस कराकर खरीदता है. रिजर्व बैंक ने ऐसे उपभोक्‍ताओं के लिए अब नियमों को कड़ा करने का मन बना लिया है. आरबीआई ने प्रस्‍ताव दिया है कि अगर फाइनेंस पर खरीदे मोबाइल या लैपटॉप की ईएमआई नहीं चुकाई गई तो बैंक इन गैजेट्स के फंक्‍शंस को बंद कर सकते हैं. रिजर्व बैंक के हालिया प्रस्‍ताव में कहा गया है कि अगर इलेक्‍ट्रॉनिक उपकरणों की ईएमआई 90 दिन से ज्‍यादा समय से बकाया रही तो बैंकों को पहले नोटिस देना होगा और फिर इन गैजेट्स को बंद करा सकते हैं. आरबीआई ने कहा है कि लोन लेने वालों को पहले 60 दिन का ओवरड्यू होने पर नोटिस देना होगा और पुनर्भुगतान के लिए 21 दिन का समय देना होगा. इसके बावजूद अगर पैसे नहीं चुकाए जाते तो बैंक दूसरी नोटिस देकर एक सप्‍ताह का समय और देंगे फिर उसके बाद गैजेट्स को बंद कराया जा सकता है. ग्राहक से पहले ही लेनी होगी अनुमतिआरबीआई ने अपने प्रस्‍ताव में कहा है कि कर्ज देने वाले बैंकों को लोन देते समय ही ग्राहक के साथ इस तरह का कॉन्‍ट्रैक्‍ट बनवाना होगा और उसकी अनुमति भी लेनी होगी. न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स ने पिछले साल ही बताया था कि आरबीआई ऐसे कानून पर विचार कर रहा है जो बैंकों को अपने कर्ज वसूलने के लिए स्‍मार्टफोन या लैपटॉप को लॉक करने की अनुमति देगा, ताकि ग्राहकों पर बैंकों के पैसे लौटाने का दबाव डाला जा सके. जरूरी सेवाएं बंद नहीं कर सकेंगे बैंकआरबीआई ने अपने प्रस्‍ताव में यह भी कहा है कि बकाया कर्ज की वसूली के दौरान सख्त और अनुचित तरीकों पर रोक जारी रहेगी. बैंक डिफॉल्‍ट करने वाले उधारकर्ताओं के मोबाइल फोन की सेवाओं को बंद या सीमित नहीं कर सकेंगे. बैंक किसी तकनीक की मदद से इंटरनेट, इनकमिंग कॉल, आपातकालीन एसओएस और सरकारी सुरक्षा संदेश जैसी जरूरी सेवाओं को बाधित नहीं कर सकेंगे. यदि उधारकर्ता बकाया चुका देता है, तो एक घंटे के भीतर सभी सेवाएं बहाल करनी होंगी. ऐसा न करने पर बैंक को 250 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से मुआवजा देना होगा. बैंक रखेंगे हर कॉल का रिकॉर्डरिजर्व बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्ज वसूली के लिए नियुक्त एजेंटों द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल, सोशल मीडिया पर उधारकर्ता की जानकारी साझा करना या बार-बार कॉल करना और संदेश भेजना कठोर वसूली तरीकों में शामिल होगा. इन सभी तरीकों पर रोक रहेगी. बैंकों को वसूली कॉल का रिकॉर्ड रखना होगा, जिसमें कॉल की संख्या, समय और बातचीत का विवरण शामिल होगा. इन प्रस्तावित नियमों को एक अक्टूबर, 2026 से लागू करने की योजना है. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

झारखंड

कम जोखिम और पक्की कमाई वाला बिजनेस चाहिए? 1 लाख लगाकर शुरू...

Last Updated:May 21, 2026, 11:33 IST Flour Mill Business: अगर कम पूंजी में ऐसा काम शुरू करना चाहते हैं, जिसमें कमाई की अच्छी संभावना हो, तो आटा चक्की का व्यवसाय बेहतर विकल्प बन सकता है. यह कारोबार छोटे और बड़े, दोनों स्तर पर शुरू किया जा सकता है. रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ा होने के कारण इसकी मांग हमेशा बनी रहती है और काम में कम जोखिम है. ख़बरें फटाफट बोकारो. गांव हो या शहर, आटा चक्की का व्यवसाय कम जोखिम वाला और फायदेमंद बिजनेस माना जाता है. रोजमर्रा की जरूरत होने के कारण इसकी मांग कभी खत्म नहीं होती. खासकर ग्रामीण इलाकों में लोग गेहूं, मक्का, चना और मसाला पिसवाने के लिए स्थानीय चक्की पर निर्भर रहते हैं. वहीं शहरों में भी पैक्ड आटा, मल्टीग्रेन आटा और मसाला पिसाई का चलन तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में बोकारो के सेक्टर 9 के सोनू गुप्ता, जो बीते 5 सालों से आटा चक्की व्यवसाय से जुड़े हैं, उन्होंने इस कारोबार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. छोटे स्तर पर शुरू हो सकता है कामसोनू गुप्ता ने बताया कि कोई भी युवा लगभग 80 हजार से 1 लाख रुपये की शुरुआती पूंजी के साथ छोटे स्तर पर आटा चक्की व्यवसाय शुरू कर सकता है. शुरुआत में 5HP मोटर वाली छोटी चक्की मशीन 50 हजार से 60 हजार रुपये तक में मिल जाती है. इसके अलावा करीब 5 हजार रुपये की वायरिंग, 5 हजार रुपये का बिजली कनेक्शन, 5 हजार रुपये दुकान का किराया और लगभग 2 हजार रुपये वजन मापने वाली मशीन पर खर्च आता है. वहीं, जो लोग बड़े स्तर पर व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, वे 5 लाख रुपये या उससे अधिक निवेश कर बड़ा मिल और अपना खुद का ब्रांड भी तैयार कर सकते हैं. इतनी हो सकती है कमाईआटा चक्की के संचालक सोनू ने आगे बताया कि इस व्यवसाय में गेहूं और चना पिसाई की सबसे ज्यादा मांग रहती है. शुरुआत में लोग केवल पिसाई सेवा देकर भी अच्छी कमाई कर सकते हैं. रोजाना ग्राहक 25 से 50 किलो तक गेहूं पिसवाने आते हैं. अगर प्रतिदिन 5 क्विंटल से अधिक अनाज की पिसाई होती है, तो 6 रुपये प्रति किलो के हिसाब से लगभग 3000 रुपये प्रतिदिन की कमाई हो सकती है. इस हिसाब से महीने में 1 लाख से 1.80 लाख रुपये तक की कमाई संभव है. इसके अलावा, अगर युवा ग्राहकों को साफ-सुथरी पिसाई, सही वजन और समय पर सेवा दें, तो आटा चक्की का व्यवसाय लंबे समय तक स्थिर और लाभदायक हो सकता है. साथ ही भविष्य में हल्दी ग्राइंडर, बेसन यूनिट और सत्तू निर्माण जैसी सुविधाएं जोड़कर कारोबार को और बड़ा किया जा सकता है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

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