किसान पारंपरिक खेती के बजाय करें पौधों से जुड़ा ये काम, हजार...
Last Updated:May 18, 2026, 10:53 IST पलामू में किसान पारंपरिक खेती छोड़कर अब नर्सरी व्यवसाय अपना रहे हैं. इसमें कम लागत में कई गुना अधिक मुनाफा हो रहा है. आम, अमरूद और नींबू जैसे फलदार पौधों की बाजार में भारी मांग है. किसान कृषि केंद्रों से मुफ्त ट्रेनिंग लेकर आधा एकड़ में भी लाखों की कमाई कर सकते हैं. ख़बरें फटाफट पलामूः पारंपरिक खेती में बढ़ती लागत और कम मुनाफे के कारण अब किसान खेती के नए विकल्प तलाश रहे हैं. ऐसे में नर्सरी व्यवसाय किसानों के लिए कम लागत में अधिक कमाई का बेहतर जरिया बनता जा रहा है. सबसे खास बात यह है कि आधा एकड़ या एक एकड़ जमीन में भी किसान नर्सरी तैयार कर लाखों रुपए तक की कमाई कर सकते हैं. जहां पारंपरिक खेती में एक एकड़ में मुश्किल से 10 से 20 हजार रुपए तक का मुनाफा हो पाता है, वहीं नर्सरी व्यवसाय से किसान बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं. फलदार पौधों की बढ़ रही मांगकृषि विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद कुमार ने लोकल18 को बताया कि आम, अमरूद, नींबू, संतरा समेत कई फलदार पौधों की मांग लगातार बढ़ रही है. इसके लिए सबसे पहले किसानों को मदर नर्सरी तैयार करनी होती है. मदर नर्सरी से उच्च गुणवत्ता वाले पौधे तैयार किए जाते हैं, जिन्हें बाजार में अच्छे दामों पर बेचा जा सकता है. एक पौधे को तैयार करने में करीब 20 रुपए तक की लागत आती है, जबकि बाजार में यही पौधा 150 से 200 रुपए तक में बिक जाता है. यानी एक पौधे पर करीब 150 रुपए तक का मुनाफा संभव है. सही जगह का चयन है जरूरीआगे कहा कि नर्सरी व्यवसाय शुरू करने से पहले सही जगह का चयन बेहद जरूरी माना जाता है. नर्सरी ऐसी जगह होनी चाहिए जहां पर्याप्त धूप आती हो और पानी की अच्छी सुविधा उपलब्ध हो. रोड किनारे नर्सरी लगाने से ग्राहकों तक पहुंच आसान हो जाती है और बिक्री भी बेहतर होती है. इसके अलावा मिट्टी की गुणवत्ता और पौधों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना जरूरी है. आदर्श नर्सरी तैयार करने के लिए किसानों को तकनीकी जानकारी लेना भी आवश्यक होता है. औषधीय और इमारती पौधों से भी होगी कमाईउन्होंने बताया की फलदार पौधों के साथ-साथ किसान वानिकी और औषधीय पौधों की नर्सरी से भी अच्छी आय कमा सकते हैं. सतावर, अश्वगंधा, कवाच जैसे औषधीय पौधों की बाजार में काफी मांग है. वहीं इमारती पौधों की नर्सरी भी किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रही है. इन पौधों को तैयार कर किसान महंगे दामों में बिक्री कर सकते हैं. नर्सरी व्यवसाय में कम लागत लगती है, लेकिन मुनाफा कई गुना अधिक होता है. क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र से मिलेगी मुफ्त जानकारीउन्होंने कब की नर्सरी से जुड़ी तकनीकी जानकारी किसानों को क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्रों में निःशुल्क दी जाती है यहां किसान पौध तैयार करने, ग्राफ्टिंग, सिंचाई और देखभाल की आधुनिक तकनीक सीख सकते हैं. सही योजना और मेहनत के साथ किसान नर्सरी व्यवसाय को अपनाकर एक एकड़ जमीन से लाखों रुपए तक की कमाई कर सकते हैं. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link








