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टाटीसिल्वे फोरलेन और नया सराय आरओबी से आवागमन जल्द

राजधानी रांची की शहरी कनेक्टिविटी और पब्लिक यूटिलिटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। नामकुम आरओबी से टाटीसिल्वे होते हुए रिंग रोड को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित रेडियल फोरलेन सड़क और नया सराय रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। पथ निर्माण विभाग ने संकेत दिए हैं कि दोनों परियोजनाओं पर जल्द ही वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। इन परियोजनाओं के शुरू होने से राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिदिन सफर करने वाले लाखों लोगों को ट्रैफिक जाम, लंबी दूरी तय करने की परेशानी, समय की बर्बादी और अतिरिक्त ईंधन खर्च से बड़ी राहत मिलेगी। बुधवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने अधिकारियों को लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। पुरुलिया रोड, रिंग रोड की कनेक्टिविटी होगी बेहतर टाटीसिल्वे फोरलेन सड़क के शुरू होने के बाद रांची शहर से पुरुलिया मार्ग और रिंग रोड तक पहुंच पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगी। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ टाटीसिल्वे, नामकुम, सिल्ली और आसपास के औद्योगिक तथा आवासीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिलेगा। नई सड़क चालू होने से भारी वाहनों का दबाव शहर के भीतर कम होगा, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आएगा और रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही आवागमन सुगम होने से व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। आरओबी से कांके, पंडरा, रातू के लोगों को राहत इधर, नया विधानसभा से लोहरदगा रेल लाइन पार करते हुए नया सराय तक बन रहा रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) भी अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसके शुरू होने के बाद रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। खासकर कांके, पंडरा, रातू और आसपास के इलाकों से आने-जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। आरओबी बनने से न केवल यात्रा का समय बचेगा, बल्कि एंबुलेंस, स्कूल बस और अन्य जरूरी सेवाओं की आवाजाही भी बाधारहित और तेज हो सकेगी। बरसात से पहले सड़कों की मरम्मत का निर्देश प्रधान सचिव ने कहा कि जहां पाइपलाइन, केबल बिछाने या अन्य यूटिलिटी कार्यों के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उन्हें बरसात से पहले दुरुस्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खराब सड़कों का सीधा असर आम लोगों की सुविधा और यातायात व्यवस्था पर पड़ता है। एजेंसियों की तय होगी जवाबदेही बैठक में निर्माण एजेंसियों को मुख्यालय बुलाकर कार्यों की समीक्षा करने और समयसीमा तय करने का निर्देश दिया गया। मेटेरियल की उपलब्धता और तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए अंतरविभागीय बैठक भी होगी, ताकि योजनाओं की गति प्रभावित न हो। राज्य में 222 सड़क, 62 पुल योजनाओं पर काम विभागीय समीक्षा में बताया गया कि राज्य में फिलहाल 222 सड़क और 62 पुल योजनाएं स्वीकृत हैं। 19 डिवीजनों में चल रही 39 प्रमुख योजनाओं की प्रगति 90% तक पहुंच चुकी है। विभाग का लक्ष्य इन्हें जल्द पूरा कर लोगों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है। Source link

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LPG की नहीं रुकेगी सप्‍लाई, भारत का ₹40000 करोड़ का प्‍लान, होर्मुज...

होमताजा खबरदेश LPG की नहीं रुकेगी सप्‍लाई, ₹40000 करोड़ का प्‍लान तैयार, होर्मुज होगा बेकार Last Updated:May 14, 2026, 08:39 IST India-Oman Gas Pipeline: भारत में एक कहावत काफी प्रचलित है कि संकट में भविष्‍य का समाधान छिपा रहता है. जरूरत है तो बस उसे तलाशने की. ईरान जंग की वजह से एनर्जी कॉरिडोर के तौर पर विख्‍यात होर्मुज स्‍ट्रेट से तेल और गैस की सप्‍लाई बाधित होने के बाद भारत अब एक महाप्रोजेक्‍ट पर काम कर रहा है. तकरीबन 40000 करोड़ की इस परियोजना के सफल रहने पर आने वाले कई दशकों तक भारत में गैस की कमी नहीं होगी. भारत मित्र देश ओमान से गैस पाइपलाइन बिछाने की योजना पर काम कर रहा है. (फाइल फोटो/Reuters) India-Oman Gas Pipeline: भारत में एक कहावत काफी प्रचलित है कि संकट में भविष्‍य का समाधान छिपा रहता है. जरूरत है तो बस उसे तलाशने की. ईरान जंग की वजह से एनर्जी कॉरिडोर के तौर पर विख्‍यात होर्मुज स्‍ट्रेट से तेल और गैस की सप्‍लाई बाधित होने के बाद भारत अब एक महाप्रोजेक्‍ट पर काम कर रहा है. तकरीबन 40000 करोड़ की इस परियोजना के सफल रहने पर आने वाले कई दशकों तक भारत में गैस की कमी नहीं होगी. बता दें कि पश्चिम एशिया में तनाव के चलते एशिया से लेकर यूरोप तक में एनर्जी सप्‍लाई चेन में गंभीर खलल पैदा हो गया है. इससे भारत भी प्रभावित हुआ है. नई दिल्‍ली एक एनर्जी डिपेंडेंट कंट्री है. तेल और गैस का अधिकांश हिस्‍सा खाड़ी के देशों से आयात किया जाता है. ऐसे में ईरान युद्ध की वजह से वेस्‍ट एशिया में मचे उथल-पुथल का असर भारत पर भी पड़ रहा है. इसके साथ ही ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों के साथ ही होर्मुज स्‍ट्रेट का भी विकल्‍प गंभीरता से ढूंढा जाने लगा है. दरअसल, भारत सरकार खाड़ी क्षेत्र से निर्बाध गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ओमान से सीधे गहरे समुद्र के रास्ते गैस पाइपलाइन बिछाने की योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है. होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बाद ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर गंभीरता से काम कर रही है. अनुमानित 40 हजार करोड़ रुपये (करीब 4.7-4.8 अरब डॉलर) की लागत वाली इस परियोजना को मंजूरी मिलने पर इसे पूरा होने में पांच से सात वर्ष लग सकते हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सरकार जल्द ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL), इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) को डिटेल्‍ड रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दे सकती है. यह पहल नई दिल्ली स्थित निजी क्षेत्र के कंसोर्टियम ‘साउथ एशिया गैस एंटरप्राइज’ (SAGE) द्वारा प्रस्तुत प्री-फिजिबिलिटी अध्ययन के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है. भारत की प्‍लानिंग ‘इकोनॉमिक टाइम्‍स’ की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि भारत अब LNG के स्पॉट बाजारों पर अत्यधिक निर्भरता से बाहर निकलना चाहता है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पश्चिम एशिया से सीधी पाइपलाइन भारत को स्थिर और अपेक्षाकृत सस्ती गैस उपलब्ध करा सकती है. साथ ही किसी ट्रांजिट देश या समुद्री मार्ग पर निर्भरता भी कम होगी. भारत में प्राकृतिक गैस की मांग लगातार बढ़ रही है. ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और एनर्जी-मिक्‍स में गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने के प्रयासों के बीच वर्तमान खपत लगभग 190-195 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (mmscmd) है, जो 2030 तक बढ़कर करीब 290-300 mmscmd तक पहुंचने का अनुमान है. इसी अवधि तक LNG आयात 180-200 mmscmd तक पहुंच सकता है. गैस पाइपलाइन तैयार होने से भारत को अपेक्षाकृत कम कीमत में LPG-LNG मिल सकेगी. (फाइल फोटो/Reuters) ओमान से सीधे गुजरात प्रस्तावित ‘मिडिल ईस्ट-इंडिया डीप-वॉटर पाइपलाइन’ (MEIDP) करीब 2,000 किलोमीटर लंबी होगी और अरब सागर के नीचे से गुजरते हुए ओमान को सीधे गुजरात तट से जोड़ेगी. पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन लगभग 31 mmscmd प्राकृतिक गैस की आपूर्ति संभव होगी. प्रोजेक्‍ट रूट इस तरह तैयार किया जाएगा कि यह ओमान और UAE के रास्ते अरब सागर से होकर गुजरे तथा भू-राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों से बचा जा सके. इस पाइपलाइन के माध्यम से भारत को ओमान, यूएई, सऊदी अरब, ईरान, तुर्कमेनिस्तान और कतर जैसे देशों के विशाल गैस भंडार तक पहुंच मिल सकेगी. इन देशों के पास संयुक्त रूप से लगभग 2,500 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस भंडार मौजूद है. 3450 मीटर की गहराई में पाइप बिछाने की योजना बताया जा रहा है कि पाइपलाइन समुद्र की सतह से करीब 3,450 मीटर की गहराई तक बिछाई जा सकती है, जिससे यह दुनिया की सबसे गहरी समुद्री पाइपलाइन परियोजनाओं में शामिल हो सकती है. हालिया तकनीकी अध्ययनों में गहरे समुद्र में पाइप बिछाने और मरम्मत तकनीकों में प्रगति के कारण परियोजना को व्यवहारिक बताया गया है. SAGE ने सरकार को दी जानकारी में दावा किया है कि समुद्र तल की स्थिति का अध्ययन करने के लिए प्रस्तावित मार्ग पर लगभग 3,000 मीटर की परीक्षण पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी है. होर्मुज स्‍ट्रेट का विकल्‍प दरअसल, इस परियोजना को आगे बढ़ाने के पीछे हालिया होर्मुज संकट एक बड़ा कारण माना जा रहा है. वर्ष 2025 में भारत के लगभग दो तिहाई एलएनजी आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आए थे. फरवरी में ईरान द्वारा अमेरिका और इज़राइल के साथ तनाव के दौरान इस मार्ग को प्रभावी रूप से बंद करने के बाद वैश्विक एलएनजी आपूर्ति में 20 प्रतिशत से अधिक गिरावट आई थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला. एशियाई स्पॉट एलएनजी कीमतों का प्रमुख इंडेक्‍स प्लैट्स जेकेएम सामान्य परिस्थितियों में जहां 10-12 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू के आसपास था, वहीं भू-राजनीतिक संकट के दौरान यह बढ़कर 24-25 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू तक पहुंच गया. इस घटनाक्रम ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति और मूल्य स्थिरता से जुड़ी कमजोरियों को उजागर कर दिया है. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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मम्मी के 5 मसालों का कमाल! अंकित की चाय ने रांची वालों...

रांची: अभी गर्मी का मौसम चल रहा है, लेकिन इस मौसम में भी चाय की दीवानगी रांची में लोगों के सर चढ़कर बोल रही है, लेकिन हर जगह की चाय की नहीं, बल्कि एक खास स्टॉल द लोकल चाय पर आपको हमेशा भीड़ देखने को मिलेगी. क्योंकि यहां चाय का टेस्ट ऐसा है कि आप एक बार अगर पी लिए तो आप 15 किलोमीटर खुद गाड़ी ड्राइव करके इस चाय को पीने के लिए दुबारा आएंगे. आइये जानते हैं इस चाय की खासियत के बारे में. आखिर क्या है इस चाय का सीक्रेट रांची के अंकित इस चाय को अपने हाथों से बनाने का काम करते हैं. जो कि एमबीए किए हुए हैं और एमबीए की अच्छी खासी नौकरी छोड़कर चाय बनाने का काम कर रहे हैं. अंकित बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही चाय बनाने का हमेशा से शौक था. घर में चाहे कुछ भी हो जाए मैं मम्मी को बोलता था, मम्मी हटो मैं चाय बनाऊंगा और ऐसा बनाता था कि सारे लोग इंप्रेस हो जाते थे. बड़े होकर इसी को उन्होंने अपना बिजनेस बना लिया. रांची की मशहूर इस चाय में खास तरह के 5 तरह के मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. अंकित ने बताया कि सबसे पहले तो मिक्स मसाला होता है. जो कि वह अपने घर से बनाकर लाते हैं. यह उनकी मम्मी द्वारा गया है. जिसमें कई सारे मसाले मिले होते हैं. इसके अलावा इलायची पाउडर अलग से होता है. थोड़ा सा दूध पाउडर, तेज पत्ता और बड़ी इलायची और दालचीनी का अलग मसाला होता है. चाय बनाने का तरीका ही है अलग उन्होंने बताया कि मसाले डालने का तरीका भी अलग होता है. जैसे पहले दूध खौलता है और फिर इसमें एक चम्मच दूध पाउडर डालते हैं, अच्छे से जब मिला लिया तो फिर आपको मिक्स मसाला, बड़ी इलायची, तेजपत्ता, सूखा हुआ अदरक का मसाला. यह सब डालकर एक बार फिर से दूध को खौला लेते हैं. इसके बाद इसमें चायपत्ती डालकर फिर 2 मिनट के लिए खौलाते हैं और फिर चीनी डालकर नीचे उतार लेते हैं. इसके बाद जब वह कुल्हड़ में या कप में चाय देते हैं तो उसमें भी पहले इलायची पाउडर डाल देते हैं. जी हां! इलायची पाउडर ऊपर नहीं डाला जाता है. बल्कि, कप में जब आप चाय को छानते हैं तो कप में हीं थोड़ा सा डाल देना है और इसके बाद चाय को छान लेते हैं.  इसके बाद चाय को जरा टेस्ट कीजिए. लोग दौड़े ना चले आएं केवल सुगंध से तो कहिएगा. 200 कप चाय डेली लोग कर जाते हैं चट अंकित बताते हैं कि 150- 200 कप तो यहां पर एकदम नॉर्मल है. अगर बारिश हो गई या मौसम बढ़िया हो गया तो यह 300 कप तक पहुंच जाती है. एक कप चाय की कीमत ₹20 है और वह इंडक्शन चूल्हे पर चाय को बनाते हैं. वह हमेशा इसी पर बनाया करते हैं. आप लकड़ी के चूल्हे में बनाएं या कोयला या इंडक्शन में. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. अगर आपका मसाला, आपके दूध की गुणवत्ता क्या है, अगर प्रोडक्ट की क्वालिटी सही है तो निश्चित तौर पर स्वाद जरूर आएगा. ऐसे में अगर आपको भी इस चाय का लुफ्त लेना है तो आ जाइए रांची के कांके रोड स्थित जावेद हबीब ब्यूटी सैलून पर. इस सैलून के नीचे ही आपको स्टॉल ‘द लोकल चाय’ दिख जाएगा. आप गूगल में भी द लोकल चाय सर्च करेंगे, तो आप लोकेशन पर आ सकते हैं. Source link

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एमबीएनएस कॉलेज के निदेशक से कहा- गैंग का नाम बताओ, वरना होगी...

झारखंड भर्ती घोटाले में रांची पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। चांडिल के पारडीह निवासी और एमबीएनएस कॉलेज के डायरेक्टर विवेक सिंह से पूछताछ के बाद पुलिस ने साफ कहा है कि भर्ती नेटवर्क से जुड़े लोगों को पकड़वाने में सहयोग करें, नहीं तो कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। जांच एजेंसियां अब पूरे भर्ती सिंडिकेट, डिजिटल रिकॉर्ड और पैसों के लेनदेन की जांच में जुट गई हैं। असल में झारखंड में प्रतियोगिता परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित धांधली के मामले में रांची पुलिस अब आक्रामक मोड में है। सरायकेला-खरसावां के चांडिल स्थित पारडीह निवासी और एमबीएनएस कॉलेज के डायरेक्टर विवेक सिंह से पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें सख्त चेतावनी दी है। कहा गया है कि भर्ती नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने में सहयोग करें, वरना कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विवेक सिंह पूर्व में भी जमशेदपुर के कई निजी कॉलेज/ स्कूल संचालक फर्जी सर्टिफिकेट बनाने के रैकेट में संलिप्त पाए जा चुके हैं। वहीं कोल्हान विवि, जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज के कई वरीय अधिकारियों पर फर्जी सर्टिफिकेट के सहारे पदोन्नति पाने, चहेतों को नौकरी देने जैसे गंभीर आरोप उनपर लग चुके हैं। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता मुख्य परीक्षा से ठीक पहले बीते 12 अप्रैल को रांची पुलिस ने तमाड़ के अर्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज में छापेमारी कर स्टूडेंट समेत 164 लोगों को गिरफ्तार किया था। छापेमारी के दौरान अर्धनिर्मित मकान के पास से पुलिस ने यूपी नंबर की कार जब्त की। जांच में कार विवेक सिंह की निकली। पुलिस ने जब विवेक सिंह से इस संबंध में पूछताछ की तो उसने बताया कि अपनी कार नर्सिंग कॉलेज के ऑनर गौरव शर्मा को दिया था। वही इसका उपयोग कर रहे थे। पुलिस के अनुसार गौरव और विवेक सरायकेला में एक ही अपार्टमेंट में रहते हैं। पुलिस अब दोनों की कुंडली खंगाल रही है। Source link

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आज अधिकांश जिलों में तेज हवा-बारिश; यलो अलर्ट:19 मई तक बदला रहेगा...

राजधानी रांची सहित कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवा के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। अलग-अलग जिलों में अलग-अलग समय पर करीब एक घंटे तक हुई। इस बारिश के दौरान कई इलाकों में वज्रपात भी हुआ। तेज हवा की रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। राजधानी रांची के कोकर और बरियातू समेत कई इलाकों में पेड़ गिरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण बड़े इलाके की बिजली देर रात तक गुल रही। इससे पहले दिनभर कड़ी धूप के बाद दोपहर करीब 2.45 बजे आसमान में बादल छा गए और तीन बजे से शुरू हुई बारिश के दौरान शहर में करीब 10.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। चाईबासा में सबसे अधिक 20 मिमी बारिश राज्य के अन्य हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदला रहा। बुधवार को सबसे अधिक 20 मिमी बारिश चाईबासा में दर्ज की गई। वहीं रांची में दोपहर बाद 18 मिमी और कुल मिलाकर करीब 20 मिमी बारिश हुई। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। रांची का अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि जमशेदपुर में 36 डिग्री, बोकारो में 34.1 डिग्री और चाईबासा में 36.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। बारिश और तेज हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है। रामगढ़ में नौ दिनों में 69.5 मिमी बारिश रामगढ़ जिले में मई माह के शुरुआती नौ दिनों में ही 69.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। करीब दस दिन पहले तक यहां का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण तापमान में 4 से 5 डिग्री की गिरावट आई है। 13 मई को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने 14 और 15 मई को भी जिले में मेघ गर्जन और आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई है। 19 मई तक बदला रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार 14 मई को गढ़वा, चतरा, पलामू और लातेहार को छोड़ राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज हवा और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 और 16 मई को रांची समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी है, जहां 50 से 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी, वज्रपात और बारिश की संभावना है। 17 से 19 मई तक राज्य के लगभग सभी जिलों में बारिश और वज्रपात के आसार हैं। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले मैदान और पेड़ों के नीचे नहीं रुकने तथा बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। Source link

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‘फील द जेल’ लोहे की सलाखें, कैदी वाली बैरक और जेल का...

Last Updated:May 14, 2026, 07:39 IST Hyderabad Travel News: हैदराबाद की ऐतिहासिक चंचलगुडा सेंट्रल जेल अब एक अनोखे पर्यटन केंद्र के रूप में चर्चा में है. ‘फील द जेल’ नामक इस विशेष पहल के तहत पर्यटकों को सिर्फ 1,000 रुपये में जेल के अंदर कैदियों जैसी जिंदगी जीने का अनुभव दिया जा रहा है. पर्यटक जेल की बैरकों में समय बिताएंगे, कैदियों जैसा खाना खाएंगे और जेल की दिनचर्या को करीब से महसूस कर सकेंगे. इस पहल का उद्देश्य लोगों को जेल जीवन की कठिनाइयों और अनुशासन को समझाना है, साथ ही पर्यटन को नया आयाम देना भी है. तेलंगाना पर्यटन और जेल प्रशासन की इस अनोखी पहल ने लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है. सोशल मीडिया पर भी यह अनुभव तेजी से वायरल हो रहा है. प्रशासन ने इस अनुभव को दो श्रेणियों में बांटा है. जो लोग कम समय के लिए जेल के वातावरण को समझना चाहते हैं, उनके लिए 12 घंटे का पैकेज 1,000 रुपये निर्धारित किया गया है. वहीं जो लोग जेल की पूरी रात और भोर की दिनचर्या को गहराई से अनुभव करना चाहते हैं. उनके लिए 24 घंटे का पैकेज 2,000 रुपये रखा गया है. इस कार्यक्रम और संग्रहालय से होने वाली पूरी आय का उपयोग लोक कल्याणकारी कार्यों में किया जाएगा. जेल प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि अर्जित राजस्व को कैदियों के कौशल विकास, स्वास्थ्य और पुनर्वास कार्यक्रमों में खर्च किया जाएगा. इस प्रकार, एक नागरिक का जेल अनुभव किसी अपराधी के जीवन सुधार में प्रत्यक्ष योगदान बनता है. आमतौर पर जेलों को समाज से कटा हुआ और रहस्यमयी माना जाता है. चंचलगुडा जेल प्रशासन ने इस धारणा को तोड़ने के लिए फील द जेल नामक एक अनूठा सशुल्क कार्यक्रम शुरू किया है. इसके माध्यम से आम नागरिकों को स्वेच्छा से सलाखों के पीछे कुछ समय बिताने का अवसर दिया जा रहा है. यह पहल सजा के बजाय अनुभव और शिक्षा पर आधारित है जो भारत में अपनी तरह का एक विरल प्रयोग है. Add News18 as Preferred Source on Google जेल अधिकारियों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य केवल रोमांच प्रदान करना नहीं है. इसका वास्तविक मकसद नागरिकों के मन में कैदियों की स्थिति और जेल सुधारों के प्रति सहानुभूति पैदा करना है. जब एक व्यक्ति खुद उन तंग दीवारों के बीच समय बिताता है तो वह जेल जीवन की हकीकत और सुधार की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ पाता है. इस पहल ने पर्यटकों, समाजशास्त्रियों और छात्रों के बीच काफी उत्सुकता पैदा की है. जानकारों का मानना है कि यह अनुभवात्मक शिक्षा का एक बेहतरीन मॉडल है. चंचलगुडा जेल की यह कोशिश जेलों को केवल दंड गृह के बजाय सुधार गृह और जागरूकता केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है. चंचलगुडा जेल में केवल वर्तमान का अनुभव ही नहीं, बल्कि अतीत की झलक भी मौजूद है. यहाँ भारत का पांचवां जेल संग्रहालय स्थापित किया गया है. इस संग्रहालय में औपनिवेशिक काल की हथकड़ियाँ, पुराने सजा उपकरण और ऐतिहासिक जेल रिकॉर्ड प्रदर्शित किए गए हैं. यह प्रदर्शनियां भारत की दंड प्रणाली के क्रमिक विकास की कहानी बयां करती हैं. इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी वास्तविकता है. विजिटर केवल जेल देखने नहीं जाते, बल्कि वे जेल के नियमों में बंध जाते हैं. उन्हें जेल की बैरकों में रहना पड़ता है कैदियों के लिए निर्धारित मानक भोजन करना होता है और जेल की सख्त दिनचर्या का पालन करना होता है. आवाजाही पर लगे प्रतिबंध उन्हें यह महसूस कराते हैं कि स्वतंत्रता का वास्तविक मूल्य क्या है. Source link

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रांची में दार्जिलिंग जैसा नजारा! बस जगन्नाथपुर पहाड़ी से करें शहर का...

Last Updated:May 14, 2026, 07:27 IST Ranchi Jagannathpur Mandir Tourist Spot: रांची के जगन्नाथपुर मंदिर की पहाड़ी से शाम 6 बजे बाद शहर की रोशनी का खूबसूरत नजारा देखने लायक होता है. यहां ठंडी हवा और स्ट्रीट फूड के कारण लोग इसे दार्जिलिंग से कंपेयर करते हैं. आइये जानते हैं इस मंदिर के बारे में. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची में जगन्नाथपुर मंदिर है. यह मंदिर खासतौर पर पहाड़ों पर है. यहां पर लोग भगवान की पूजा अर्चना करने तो आते हैं, लेकिन शाम में 6:00 बजे के बाद खासतौर पर लोग यहां से रांची का बड़ा ही खूबसूरत नजारा देखने आते हैं. जैसे ही रात होता है. पूरा का पूरा शहर रोशनी में डूब जाता है और यहां से इसका बड़ा ही मनोरम नजारा दिखता है. आइये जानते हैं इसके बारे में. यहां पर बैठने का भी बड़ा ही खूबसूरत इंतजाम है. लोग यहां पर अक्सर एक-दो घंटा बैठते हैं और मूड फ्रेश कर लेते हैं. बेंगलुरु से रांची आए कौशल बताते हैं कि वह बेंगलुरु में रहते हैं. वह रांची एक हफ्ते के लिए आते हैं. जब भी वह यहां आते हैं तो यहां पर जरूर आते है. क्योंकि यहां से रांची शहर का बड़ा ही खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है. यहां 3-3 घंटे बैठ जाते हैं तो आप दार्जिलिंग क्या जाएंगे. आपको रांची में ही दार्जिलिंग नजर आने लगेगा. नजारा देखकर मंत्र मुग्ध हो जाएंगे आप यहां का नजारा देखकर शाम को आप मंत्र मुग्ध हो जाएंगे. दरअसल, जगन्नाथ मंदिर छोटी सी पहाड़ी पर बसा हुआ है. ऐसे में सीढ़ी चढ़कर आपको ऊपर जाना होता है. आप सीधा जाकर भगवान का दर्शन कर सकते हैं. जगन्नाथ भगवान के दर्शन के बाद यहां पर अक्सर लोग आकर बैठते हैं. यह नजारा आपको शाम के 6:30 के बाद ही देखने को मिलेगा. अंधेरी रात में छोटी-छोटी टीम टीमाती लाइट बहुत ही खूबसूरत लगती है. वहीं, शहर में भले जितनी भी गर्मी क्यों ना हो. यहां पर आपको एकदम ठंडी हवा मिलेगी. लोग अक्सर यहां पर मजे से हवा खाने भी आते हैं और एकदम ठंडी लगती है. यहां शाम में 6:00 बजे के बाद एक पतली शॉल लेकर आएं तो सही रहेगा. क्योंकि यहां हल्की ठंडी महसूस होती है. इसलिए लोग इसको दार्जिलिंग से कंपेयर करते हैं. खाने के भी हैं कई सारे विकल्प यहां पर आपको झालमुड़ी से लेकर चना-चाट और इडली तक खाने को मिल जाएगा. लोग आराम से बजट में 20-30 रुपए का यह सारी चीज बनवा लेते हैं और बैठकर मजे से अपने परिवार वालों के संग क्वालिटी टाइम स्पेंड करते हैं. यहां ठंडी हवाओं के बीच में आप शहर का आनंद उठा सकते हैं. आप कहीं घूमने नहीं जा पा रहे हैं या फिर गर्मी के मौसम में शिमला का मजा लेना है तो यहां पर आ सकते हैं. यहां पर कोई डर नहीं होता है. आप महिला हैं तो भी आराम से आकर घूम सकती हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

जेपीएससी…अंकों के आधार पर बनी नई सूची, 9 डीएसपी को प्रमोशन, 9...

जेपीएससी परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर वरीयता तय नहीं होने को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को डीएसपी अधिकारियों की वरीयता सूची दोबारा तैयार करने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि 11 सितंबर 2010 के विज्ञापन के आधार पर हुई परीक्षा में प्राप्त अंकों के अनुसार ही अधिकारियों की वरीयता तय की जाए। हाईकोर्ट के इसी आदेश के बाद झारखंड सरकार ने राज्य पुलिस सेवा के चौथे बैच के डीएसपी अधिकारियों की नई मेधा सूची जारी की है। गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार 9 डीएसपी को वरीय पुलिस उपाधीक्षक (लेवल-11) के पद पर प्रोन्नति दी गई है। वहीं, 9 अधिकारियों को वरीयता क्रम में कनीय होने के कारण वरीय पुलिस उपाधीक्षक की श्रेणी से हटाकर फिर से डीएसपी के मूल पद पर भेज दिया गया है। पहले जारी वरीयता सूचियों को रद्द कर नई सूची प्रकाशित की गई है। संशोधित नई वरीयता सूची प्रोन्नति पाने वाले 9 डीएसपी नाजीर अख्तर सीडीपीओ, बसिया प्रवीण कुमार सिंह सीडीपीओ, चास मनीष कुमार डीएसपी, रेल, चक्रधरपुर नीरज कुमार सीडीपीओ, गढ़वा मो. मुजीबुर रहमान डीएसपी, विशेष शाखा, रांची विकास आनंद लागुरी सीडीपीओ, जामताड़ा अनुज उरांव डीएसपी, सिल्ली प्रदीप पॉल कच्छप डीएसपी, एटीएस, रांची अमित कुमार कच्छप सीडीपीओ, जरमुंडी, दुमका मूल कोटि में वापस होने वाले पदाधिकारी संजीव कुमार बेसरा डीएसपी, सदर, रांची दीपक कुमार डीएसपी, झारखंड जगुआर ज्ञान रंजन एसपी, झारखंड जगुआर सुनील कुमार रजवार डीएसपी, झारखंड जगुआर Source link

शिक्षा

NEET Paper Leak Masterminds Mangilal Dinesh

NEET-2026 का लीक पेपर राजस्थान में मास्टरमाइंड मांगीलाल और दिनेश ने ही बांटा था। एग्जाम से 7 दिन पहले 26 अप्रैल को गुरुग्राम से 30 लाख रुपए में पेपर खरीदकर आगे बेचा गया। . SOG से जुड़े सूत्रों ने बताया कि करीब 1 हजार से अधिक कैंडिडेट तक ये पेपर पहुंचा था। भास्कर टीम दोनों जयपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर जमवारामगढ़ में आरोपियों के घर पहुंची। आरोपी भाई यहां करीब 2 हजार वर्ग गज में बने फार्महाउस में रहते हैं। एक आरोपी की पत्नी ने बताया किया कि उनके परिवार से 4 बच्चों का NEET में सिलेक्शन हो चुका है। इसके बाद उन्हें गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अलॉट हुए थे। मांगीलाल के बेटे ने भी इस बार लीक पेपर को पढ़कर नीट-2026 का एग्जाम दिया था। जमवारामगढ़ में आरोपी भाइयों का फार्म हाउस। यहां दोनों भाइयों का पूरा परिवार भी रहता है। पुलिस थाने के पास मास्टरमाइंड का फार्महाउस नीट पेपर लीक होने की सूचना पर राजस्थान SOG ने 9 मई को मांगीलाल बिंवाल और दिनेश बिंवाल को पकड़ा था। इनका घर जमवारामगढ़ में पुलिस थाने से 1 किलोमीटर दूर है। भास्कर टीम जब घर पहुंची तो मालूम चला कि करीब 2 हजार गज में फार्महाउस बना रखा है। घर में लग्जरी कारें खड़ी थीं। एक भाई दिनेश राजनीति में एक्टिव है। उसके सोशल मीडिया पर कई राजनेताओं के साथ फोटो मिले हैं। जिसमें वर्तमान वर्तमान में सरकार के दो मंत्री, पूर्व मंत्री, विधायकों के साथ फोटो भी हैं। फार्म हाउस में हर सुख-सुविधा है। स्थानीय लोगों ने बताया दोनों भाई लग्जरी लाइफ जीते हैं। परिवार में सभी बच्चे नीट की तैयारी कर रहे, पत्नी बोली- चार का सिलेक्शन पेपर लीक के आरोपी के पूरे परिवार में ही बच्चे नीट की तैयारी कर रहे हैं। आरोपी दिनेश बिंवाल ने 6 नंवबर 2025 को अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर दावा किया था- मेरे परिवार के लिए बहुत ही गर्व की बात है। हमारे 5 बच्चों का गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में सिलेक्शन हुआ है। इसका मतलब है मांगीलाल के परिवार में ही 5 बच्चों का MBBS में सिलेक्शन हो गया था। जमवारामगढ़ से बीजेपी विधायक महेंद्र पाल मीणा के जन्मदिन पर शुभकामनाओं के पोस्टर में पेपर लीक का आरोपी दिनेश बिंवाल। पत्नी ने बताया घर से कितने बच्चे पास हुए मांगीलाल की पत्नी सोनू ने बताया कि उनके जेठ घनश्याम खटीक का देहांत हो चुका है। उनकी दो बेटियों का सिलेक्शन NEET-2024 में पहले हो चुका है। वहीं, घनश्याम की तीसरी बेटी और दिनेश के बेटे का सिलेक्शन पिछले साल 2025 की NEET में हुआ था। दावे के अनुसार 5वां बच्चा कौन है, इसको लेकर जानकारी देने से उन्होंने साफ इनकार कर दिया। आशंका है कि 5वां कैंडिडेट इनका कोई करीबी रिश्तेदार हो सकता है। मांगीलाल की पत्नी सोनू ने बताया कि बच्चों को पढाई के लिए सीकर में भेजा था। एक बच्चा ऑनलाइन माध्यम से घर से पढ़ाई करता था। बच्चों पर हमारा परिवार बहुत मेहनत करता है। मांगीलाल की पत्नी सोनू का कहना है कि उन्हें पेपरलीक की ज्यादा जानकारी नहीं है। पति प्रॉपर्टी का काम करते हैं, लेकिन पेपर खरीदने काम नहीं करते। मां बोली- बेटों के खिलाफ साजिश है मांगीलाल की मां प्रभु देवी ने बताया कि उनके दोनों बेटों को किसी ने साजिश के तहत फंसा दिया है। लोग हमारे बच्चों से चिढ़ते हैं। अगर हम पेपर लीक करते तो ऐसे मकान और इतनी परेशानी में थोड़े ही रहते। जब उनसे पूछा गया कि कौन आप के बेटों को परेशान कर रहा है तो प्रभु देवी कुछ देर के लिए तो चुप हो गईं। बाद में जवाब दिया कि लोग परिवार से चिढ़ते हैं। हमारे बच्चे अच्छा पढ़ते हैं तो लोग जलते हैं। सीकर में बेटे तक पहुंची SOG फिर पिता को पकड़ा एसओजी को जब नीट के पेपर लीक होने की जानकारी मिली तो जयपुर, जयपुर ग्रामीण, सीकर, झुंझुनूं में सर्च ऑपरेशन किया गया। जांच के दौरान पता चला कि एक नीट कैंडिडेट है, जिसने कई लोगों को पेपर बांटा था। जब पूछताछ हुई तो उसने अपने पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश के बारे में बताया था। इसके बाद दोनों भाइयों को एसओजी ने पकड़ा था। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के लिए मंगलवार देर शाम दिल्ली सीबीआई की टीम जयपुर एसओजी ऑफिस पहुंची थी। राजस्थान के ही यश से खरीदा था पेपर, बैंक खातों की होगी जांच जानकारी के अनुसार दिनेश ने 10 बच्चों को लीक पेपर बेचने की बात स्वीकार की है। इसके बदले पैसा कैश में लिया गया था। अब एसओजी पेपर खरीदने वालों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। मांगीलाल से भी निरंतर पेपर को लेकर पूछताछ की गई। लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। वहीं, दिनेश ने बताया है कि वह यह पेपर गुरुग्राम में रहने वाले राजस्थान निवासी यश से गैस पेपर (लीक पर्चा) 30 लाख रुपए में लेकर आया था। जांच एजेंसी ने दोनों भाइयों के बैंक खाते सहित मोबाइल की जांच शुरू कर दी है। SOG कर सकती है FIR, अभी पूछने बाकी हैं 5 सवाल जानकार सूत्रों ने बताया कि एसओजी मांगीलाल और दिनेश से परिवार में 5 बच्चों के NEET पास करने को लेकर पूछताछ कर रही है। अब आगे की पूछताछ के लिए दोनों को सीबीआई मुख्यालय दिल्ली ले जाया जा सकता है। जल्द ही दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है। अभी कई सवाल हैं जिनके जवाब ढूंढ़े जा रहे हैं…. 1. नीट का पेपर कब से राजस्थान लाकर बेच रहे थे? 2. परिवार में सभी बच्चे नीट की तैयार कर रहे हैं कोई खास कारण? 3. नीट का पेपर किन-किन लोगों को बेचा? 4. नीट के अलावा और कौन-कौन से पेपर लीक करवाए हैं? 5. गलत पैसे का इस्तेमाल किन-किन चीजों में किया? …. NEET पेपरलीक के राजस्थान कनेक्शन की ये खबरें भी पढ़िए… 1. 8 महीने पहले हो गई थी NEET पेपर की डील:143 सवालों की गारंटी थी, पेपर माफिया ने मांगे थे 45 लाख, भाइयों ने दिए थे एडवांस NEET-2026 का पेपर लीक करने के लिए माफिया ने परीक्षा से 8 महीने पहले ही प्लानिंग कर ली थी। राजस्थान में इसके लिए 45 लाख रुपए में डील हुई थी। पूरी खबर पढ़िए… 2.

झारखंड

अवैध घरों को रेगुलराइज करने के लिए आज से आवेदन

झारखंड के सभी नगर निकायों में बिना नक्शा के बने सात लाख से अधिक भवनों को रेगुलराइज करने के लिए 14 मई से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। पोर्टल का उद्घाटन गुरुवार को सुबह 11 बजे नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार करेंगे। प्रोजेक्ट भवन के सभागार में पोर्टल का उद्घाटन होगा। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। राज्य सरकार ने झारखंड रेगुलराइजेशन ऑफ अनऑथोराइज कंस्ट्रक्ड बिल्डिंग रूल्स 2026 के तहत 31 दिसंबर 2024 से पहले तक बिना नक्शा के बने भवनों को नियमित करने का फैसला लिया है। -शेष पेज 9 पर वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है 7.41 डिसमिल से कम जमीन पर बने भवन ही होंगे वैध : ग्राउंड प्लस टू मतलब तीन मंजिलें भवन जिसकी ऊंचाई 10 मीटर से अधिक नहीं हो, उसे नियमित किया जाएगा। इसके तहत आवेदक के प्लॉट का क्षेत्रफल 300 वर्ग मीटर क्षेत्रफल या 3228 वर्गफीट जो करीब 7.41 डिसमिल से कम होना चाहिए। सिर्फ उन्हीं भवनों को वैध किया जाएगा जिसका निर्माण रैयती जमीन पर हुआ है। भवन का नक्शा पास पर विचलन है तो भी करना होगा आवेदन: वैसे सभी प्रकार के जी प्लस टू आवासीय और व्यवसायिक भवन जिसका निर्माण स्वीकृत भवन प्लान का उल्लंघन करके किया गया है। जैसे एक तल्ले का नक्शा पास है, पर दो तल्ले का निर्माण किया गया है। ऐसे भवन मालिक भी नियमित करने के लिए आवेदन कर पाएंगे। अगर विचलन है तो उसे रेगुलराइज कराना होगा। ऐसे करना होगा आवेदन: बिल्डिंग प्लान एप्रूवल मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आर्किटेक्ट या लाइसेंसी इंजीनियर से भवन जैसा है उसी अनुरूप नक्शा बनवाना होगा। साइट प्लान, भवन का फोटो, जमीन का डीड, करेक्शन स्लिप, खतियान की सत्यापित प्रति, होल्डिंग की रसीद, स्ट्रक्चर सेफ्टी सर्टिफिकेट, व्यावसायिक भवनों के लिए अग्निशमन विभाग का एनओसी देना होगा। Source link

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