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झारखंड

‘नून-रोटी खाएंगे, लेकिन बेटी को पढ़ाएंगे’, पलामू की दादी का संकल्प… खुशी...

Last Updated:May 09, 2026, 06:32 IST Jharkhand Intermediate Result Commerce: झारखंड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में पलामू की खुशी कुमारी शर्मा ने कॉमर्स में 459 अंक के साथ जिले में तीसरा स्थान हासिल किया है. आर्थिक तंगी के बावजूद खुशी का सीए बनने का लक्ष्य है. वहीं, उनकी दादी ने कहा कि नून रोटी खा लेंगे, लेकिन बेटी को जरूर पढ़ाएंगे. ख़बरें फटाफट पलामू: कहते हैं कि सफलता हमेशा मेहनत करने वालों पर मेहरबान होती है. आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, बल्कि हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं. झारखंड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के परिणाम में भी बेटियों ने शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया है कि अगर परिवार का साथ और खुद पर भरोसा हो तो हर मुश्किल आसान हो जाती है. पलामू जिले के ऊंटारी प्रखंड के लुंबा गांव की रहने वाली खुशी कुमारी शर्मा ने वाणिज्य संकाय में 459 अंक प्राप्त कर जिले में तीसरा स्थान हासिल किया है. आर्थिक तंगी के बावजूद किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करने वाली खुशी आज अपने पूरे गांव और परिवार का नाम रोशन कर रही हैं. जिले में खुशी ने हासिल किया तीसरी रैंक खुशी कुमारी शर्मा आरके प्लस टू बालिका विद्यालय हुसैनाबाद की छात्रा हैं. उन्होंने बताया कि उनका सपना शुरू से ही बड़ा था. 10वीं की तुलना में इस बार और बेहतर परिणाम लाने का लक्ष्य था. खुशी ने कहा कि उन्होंने 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने की तैयारी की थी और उससे ज्यादा अंक प्राप्त होने पर काफी खुशी महसूस हो रही है. उन्होंने बताया कि वह स्टेट टॉपर बनने का सपना लेकर पढ़ाई कर रही थीं. हालांकि जिले में तीसरा स्थान मिला. इसके लिए वह बेहद खुश है. सुबह 7 बजे से 12 बजे तक ऑफलाइन क्लास करती थीं और उसके बाद घर पर तीन से चार घंटे सेल्फ स्टडी करती थीं. पीवाईक्यू और कठिन सवालों की तैयारी के लिए यूट्यूब का सहारा लिया. आगे चलकर बनना चाहती हैं सीए खुशी ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है. इसी वजह से वह आगे चलकर सीए बनना चाहती हैं. ताकि अच्छी नौकरी और बेहतर पैकेज के जरिए परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें. उन्होंने कहा कि कॉमर्स एक बहुत अच्छा विषय है, इसमें रुचि भी आती है और करियर की भी अच्छी संभावना है. खुशी ने बताया कि पहले वह गांव से ऑनलाइन पढ़ाई करती थीं, लेकिन कई डाउट क्लियर नहीं हो पाते थे. इसके बाद उन्होंने पिता से ऑफलाइन पढ़ाई की बात कही. परिवार ने आर्थिक परेशानी के बावजूद डाल्टनगंज में एक किराए का कमरा लेकर मां और दादी के साथ रहने की व्यवस्था की, ताकि पढ़ाई में कोई बाधा न आए. इस दौरान चाचा पिंटू शर्मा का भी भरपूर सपोर्ट मिला. जो कि आर्थिक रूप से भी सपोर्ट करते थे. दादा करते हैं गार्ड की नौकरी खुशी के पिता सिंगरौली में प्राइवेट नौकरी करते हैं, जबकि दादा उत्तर प्रदेश में गार्ड की नौकरी करते हैं. परिवार की आमदनी सीमित है, लेकिन बेटी की पढ़ाई के सामने कभी पैसों को आड़े नहीं आने दिया गया. खुशी ने बताया कि उनके चाचा पिंटू शर्मा ने भी हर कदम पर सहयोग किया. परिवार का समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना. वहीं, खुशी की दादी ने भावुक होकर कहा कि बहुत खुशी की बात है. हमारे बड़े लड़के की बड़ी बेटी ने घर का नाम रोशन किया है. हम गरीब लोग हैं, लेकिन चाहते हैं कि हमारी बेटी पढ़-लिखकर अपना भविष्य बनाए. घर का कोई काम नहीं करने देते, बस कहते हैं पढ़ो और आगे बढ़ो. नून-रोटी खाएंगे लेकिन बेटी को जरूर पढ़ाएंगे. जो बनना चाहती है, वो बनकर रहेगी. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

व्यापार

4 लाख रुपये लगाकर घर बैठे शुरू करें ये बिजनेस, हर साल...

होमताजा खबरमनी 4 लाख रुपये लगाकर घर बैठे शुरू करें ये बिजनेस, हर साल होगी 8 लाख रु की कमाई! Last Updated:April 15, 2021, 07:12 IST अगर आप बिजनेस (Business) करना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए है. यह एक ऐसा बिजनेस है जिसे कम लागत (Low Investment) में शुरू किया जा सकता है और इस बिजनेस में मुनाफा (Profit) भी ज्यादा है. राज्य सरकार ऋण के जरिए धनराशि का बंदोबस्त कर योजनाओं और विकास कार्यों को सुचारु रख सकती है. नई दिल्ली. अगर आप बिजनेस (Business) करना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए है. यह एक ऐसा बिजनेस है जिसे कम लागत (Low Investment) में शुरू किया जा सकता है और इस बिजनेस में मुनाफा (Profit) भी ज्यादा है. आप लगभग 4 लाख रुपये के निवेश में खरगोश पालन (Rabbit Farming) का बिजनेस शुरू कर सकते हैं. यह बिजनेस इसलिए फायदेमंद है क्योंकि बाजार में खरगोश के मांस की ज्यादा कीमत मिलती है. वहीं इसके बालों से बनने वाली ऊन के लिए भी इसे पाला जाता है. आइए जानते हैं छोटे पैमाने पर किस तरह आप खरगोश पालन कर नियमित कमाई कर सकते हैं. 4 लाख रुपये तक आएगा खर्च- खरगोश पालन के इस बिजनेस को यूनिट में बांटा गया है. एक यूनिट में सात मादा और तीन नर खरगोश होते हैं. मान लें फार्मिंग के लिए शुरुआती स्तर 10 यूनिट का रखा है तो इसके लिए लगभग 4 लाख से 4.50 लाख रुपये खर्च आता है. इसमें टिन शेड लगभग 1 से 1.50 लाख रुपये, पिंजड़े 1 से 1.25 लाख रुपये, चारा और इन यूनिट्स पर लगभग 2 लाख रुपये खर्च शामिल हैं. नर और मादा खरगोश लगभग 6 महीने के बाद ब्रीडिंग के लिए तैयार होते हैं. एक मादा खरगोश एक बार में 6 से 7 बच्चों को जन्म देती है. मादा खरगोश का प्रेगनेंसी पीरियड 30 दिन का होता है और इसके अगले 45 दिनों में बच्चा लगभग 2 किलोग्राम का होने के बाद बिकने के लिए तैयार हो जाता है. ऐसे होगी कमाई- एक मादा खरगोश से औसतन 5 बच्चे हुए तो इस तरह 45 दिनों में 350 बच्चे बनेंगे. खरगोश की यूनिट लगभग छह माह में बच्चे पैदा लायक होती है. इनमें 6 महीने के इंतजार की भी जरूरत नहीं होती. 10 यूनिट खरगोश से 45 दिनों में तैयार हुआ बच्चों का बैच लगभग 2 लाख रुपये में बिकता है. इन्हें फार्म ब्रीडिंग, मीट और ऊन व्यवसाय के लिए बेचा जाता है और एक मादा खरगोश सालभर में कम से कम 7 बार बच्चे देती है. लेकिन मोर्टेलिटी, बीमारी आदि सभी को ध्यान में रखकर औसतन 5 प्रेगनेंसी पीरियड मानकर चलें तो सालभर में 10 लाख रुपये के खरगोश बिक जाते हैं जबकि चारे पर खर्च 2 से 3 लाख रुपये मान लें तो 7 लाख रुपये नेट प्रॉफिट कमाया जा सकता है. हालांकि शुरू के साल में कुल 4.50 लाख रुपये की इन्वेस्टमेंट को इसमें निकालकर चलें तब भी 3 लाख रुपये की आमदनी होती है. फ्रेंचाइजी लेकर भी शुरू कर सकते हैं बिजनेस- अगर ज्यादा रिस्क लेने की क्षमता ना हो तो कई बड़े फार्म से फ्रेंचाइजी लेने का विकल्प नए लोगों के पास है. इसके माध्यम से खरगोश ब्रीडिंग से लेकर मार्केटिंग तक सभी तरह की ट्रेनिंग दी जाएगी. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 14, 2021, 08:47 IST Source link

झारखंड

माओवाद सिमटा तो बदली पुलिस की रणनीति, अब 124 से घटकर 73...

झारखंड पुलिस राज्य में माओवाद के कमजोर पड़ने के बाद अपनी सबसे अहम एंटी-नक्सल यूनिट ‘स्मॉल एक्शन टीम’ (सैट) का बड़ा पुनर्गठन करने जा रही है। मौजूदा 124 सैट टीमों की संख्या घटाकर 73 करने की तैयारी है। अब इन टीमों का इस्तेमाल सिर्फ नक्सल ऑपरेशन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संगठित अपराध, रंगदारी, हथियार तस्करी और स्पेशल ऑपरेशन में भी किया जाएगा। डीजीपी तदाशा मिश्रा ने इसके लिए झारखंड जगुआर के डीआईजी इंद्रजीत महथा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय हाईलेवल कमेटी बनाई है। कमेटी सभी रेंज डीआईजी से फीडबैक लेकर सैट की संख्या, तैनाती और नई भूमिका पर रिपोर्ट देगी। समिति में जैप के डीआईजी कार्तिक एस. और कोल्हान के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा सदस्य हैं। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि जब माओवाद का प्रभाव लगातार घट रहा है, तब उसी प्रशिक्षित फोर्स (सैट) को नई चुनौतियों के अनुरूप ढालना जरूरी है। इसलिए ‘सैट’ को फिर से मजबूत, संतुलित और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि यह यूनिट भविष्य में अपराध नियंत्रण, विशेष ऑपरेशन और क्विक ​रिस्पान्स टीम के रूप में कार्य कर सके। इस पूरे कवायद को पुलिस की बदली रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें पुलिस अपनी ताकत को अब संगठित अपराध और अन्य उभरती चुनौतियों की ओर मोड़ रही है। 36 रिजर्व टीमें बन सकती हैं क्राइम टास्क फोर्स 36 टीमों को रिजर्व रखा जाएगा, जिन्हें जरूरत के मुताबिक कहीं भी भेजा जा सकेगा। पुलिस मुख्यालय इनका इस्तेमाल क्राइम टास्क फोर्स (सीटीएफ) के रूप में करने पर भी विचार कर रहा है, ताकि संगठित अपराध पर तेज और सटीक कार्रवाई हो सके। राज्य में संगठित अपराध, रंगदारी, हथियार तस्करी और अन्य गंभीर मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में यह कारगर साबित होगा। माओवाद के खिलाफ 2015-16 में बनी थी सैट, अब नई भूमिका होगी स्मॉल एक्शन टीम का गठन 2015-16 में माओवादियों के खिलाफ छोटे और सटीक ऑपरेशन के लिए किया गया था। हर टीम में 20 से 22 अत्याधुनिक हथियारों से लैस प्रशिक्षित जवान तैनात किए गए थे, जिन्हें जंगल आधारित ऑपरेशन के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इन टीमों ने झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ और जिला बल के साथ मिलकर कई सफल अभियान चलाए। लेकिन समय के साथ कई टीमों की संख्या घट गई। कहीं पांच से 10 जवान बचे हैं, तो कहीं यह संख्या 20 से कम हो गई है। अब पुलिस इन्हें नई चुनौतियों के हिसाब से फिर से मजबूत करने की तैयारी में है। पुलिस मुख्यालय की प्रारंभिक योजना के मुताबिक, पुनर्गठन के बाद राज्य में कुल 73 सैट टीमों का गठन होगा, जिनमें 37 टीमें जिला बल से बनाई जाएंगी। जबकि, झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप) और इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) से कुल 36 टीमें तैयार होंगी। माओवाद से मुक्त हो चुके 13 जिलों में दो-दो ‘सैट’ यानी कुल 26 टीमें तैनात की जाएंगी। वहीं, शेष 11 जिलों में एक-एक टीम स्थापित होगी। Source link

झारखंड

सफायर के छात्र विनय की हत्या के नहीं मिले सबूत

रांची के बहुचर्चित सफायर इंटरनेशनल स्कूल के छात्र विनय कुमार महतो की मौत की गुत्थी सुलझाने में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई भी नाकाम रही। करीब चार वर्षों की लंबी जांच और तमाम वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद सीबीआई ने विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि उसे इस मामले में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता या हत्या की साजिश का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, 5 फरवरी 2016 की रात 1:01:14 बजे विनय महतो अपने बॉयज हॉस्टल से बाहर निकला था और महज 3 मिनट 48 सेकंड के भीतर, यानी 1:05:02 बजे वह स्टाफ क्वार्टर (विंग-ए) से नीचे गिर गया। क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करने का अनुरोध जांच अधिकारी द्वारा किया गया है। विनय के पिता मनबहाल महतो ने झारखंड हाईकोर्ट में सीबीआई जांच की मांग की थी। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर जुलाई 2022 में इस केस की जिम्मेदारी संभालने वाली सीबीआई ने अपनी तफ्तीश के दौरान घटनास्थल का कई बार ‘रिक्रिएशन’ किया और स्कूल के सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की। क्लोजर रिपोर्ट से परिजनों को गहरा झटका लगा है। आगे क्या: परिजन जा सकते हैं कोर्ट विधि विशेषज्ञों का कहना है कि अब अदालत तय करेगी कि वह एजेंसी के निष्कर्षों से सहमत है या नहीं। यदि पीड़ित परिवार ‘प्रोटेस्ट पिटीशन’दायर करता है, तो कोर्ट स्वतंत्र जांच का आदेश दे सकती है। जांच के मुख्य बिंदु सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि हॉस्टल और प्रिंसिपल के आवास के बीच लगे कैमरों में विनय का पीछा करता हुआ कोई दूसरा व्यक्ति नजर नहीं आया। स्टाफ क्वार्टर और हॉस्टल के बीच की दूरी लगभग 480 मीटर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इतने कम समय में किसी के द्वारा उसे ले जाना या वहां कोई संघर्ष होना, यह साक्ष्यों से प्रमाणित नहीं होता। एजेंसी ने हादसा की संभावना जताई है। Source link

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100 KM रेंज, 500 KG पेलोड… अमेरिकी JDAM और इजरायली SPICE को...

आधुनिक युद्ध के मैदान में अब जीत उसकी नहीं होगी जिसके पास सबसे भारी बम हैं बल्कि उसकी होगी जिसके पास सबसे चतुर बम हैं. भारतीय वायुसेना के बेड़े में एक ऐसे ही वेपन की एंट्री होने जा रही है, जिसे रक्षा विशेषज्ञ तारा (TARA) कह रहे हैं. कल्पना कीजिए, एक लड़ाकू विमान दुश्मन की सीमा से 100 किलोमीटर दूर सुरक्षित उड़ रहा है और अचानक एक देसी बम हवा में अपने पंख फैलाता है, किसी बाज की तरह शिकार को ट्रैक करता है और बिना शोर किए सीधे दुश्मन के कमांड सेंटर को मलबे के ढेर में तब्दील कर देता है. डीआरडीओ का यह स्वदेशी ग्लाइड बम महज एक हथियार नहीं बल्कि भारत की उस ताकत का प्रदर्शन है जो दुश्मन को संभलने का मौका तक नहीं देती. इसे रडार पकड़ नहीं सकते और इसकी सटीकता ऐसी है कि यह मीलों दूर से भी खिड़की के रास्ते बंकर के अंदर घुस सकता है. तारा के आने के बाद अब भारत को सर्जिकल स्ट्राइक जैसे मिशनों के लिए विदेशी तकनीक की तरफ देखने की जरूरत नहीं होगी. अब भारत का अपना तारा आसमान से मौत बनकर बरसेगा. डीआरडीओ का तारा एक ऐसा स्वदेशी हथियार है जिसने भारत को स्मार्ट बम बनाने वाले दुनिया के चुनिंदा देशों की कतार में खड़ा कर दिया है. इसे लांग रेंज गाइडेड बॉम्‍ब (LRGB) भी कहा जाता है. तारा का अर्थ है टारगेटिड आर्टिलरी रॉकेट असिस्‍टेड बम. 1. रेंज और मारक क्षमतातारा बम की सबसे बड़ी ताकत इसकी 70 से 100 किलोमीटर की रेंज है. · स्टैंड-ऑफ हथियार: यह एक स्टैंड-ऑफ हथियार है यानी भारतीय फाइटर जेट को दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम (जैसे मिसाइल या रडार) की रेंज में जाने की जरूरत नहीं है. विमान सुरक्षित दूरी से इसे रिलीज कर सकता है. 2. पेलोड और वजनयह बम काफी शक्तिशाली है और भारी तबाही मचाने में सक्षम है: · वजन: इसका वजन लगभग 500 किलोग्राम (1000 पाउंड) की श्रेणी में आता है. · विस्फोटक: इसमें हाई-एक्सप्लोसिव वॉरहेड होता है जो कंक्रीट के मोटे बंकरों, रनवे और दुश्मन के रडार स्टेशनों को मिट्टी में मिलाने की ताकत रखता है. 3. नेविगेशन और सटीकतायह कोई साधारण गिरता हुआ गोला नहीं है, बल्कि एक ‘दिमाग वाला बम’ है: · NavIC सपोर्ट: इसमें भारत का अपना जीपीएस (NavIC) लगा है. विदेशी जीपीएस पर निर्भरता खत्म होने से युद्ध के समय इसे कोई जाम नहीं कर पाएगा. · सटीकता: इसकी ‘सर्कुलर एरर प्रोबेबिलिटी’ (CEP) बहुत कम है, जिसका मतलब है कि यह अपने लक्ष्य से कुछ ही मीटर के अंतर पर सटीक वार करता है. 4. लागत और तुलना· लागत: इजरायल के स्पाइस-2000 बम की कीमत करोड़ों में है जबकि तारा स्वदेशी होने के कारण लगभग आधी से भी कम कीमत पर तैयार हो जाता है. · तुलना: यह अमेरिका के ‘JDAM’ (Joint Direct Attack Munition) और इजरायल के ‘SPICE’ बमों को सीधी टक्कर देता है. सामरिक विश्लेषणतारा के आने से भारत की सर्जिकल स्ट्राइक करने की क्षमता कई गुना बढ़ गई है. अब हमें बालाकोट जैसे मिशनों के लिए विदेशी बमों का इंतजार नहीं करना होगा. यह विशेष रूप से चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर तैनात सुखोई Su-30MKI और तेजस विमानों के लिए एक घातक वरदान है. इसके पंख रिलीज के बाद खुलते हैं जिससे यह हवा में तैरते हुए लंबी दूरी तय करता है. सवाल-जवाब क्या ‘तारा’ को रडार से पकड़ा जा सकता है? इसका आकार छोटा है और इसमें कोई इंजन नहीं होता (यह सिर्फ हवा में तैरता है), इसलिए रडार के लिए इसे ट्रैक करना और मिसाइल से गिराना बेहद मुश्किल होता है. यह मिसाइल से कैसे अलग है? मिसाइल में इंजन और फ्यूल होता है जो उसे आगे बढ़ाता है, जबकि ‘तारा’ एक ‘ग्लाइड बम’ है जो विमान की गति और ऊंचाई का उपयोग करके अपने पंखों के सहारे लक्ष्य तक पहुँचता है. ‘तारा’ को किन विमानों में फिट किया जा सकता है? इसे मुख्य रूप से सुखोई Su-30MKI, मिराज-2000, जगुआर और स्वदेशी ‘तेजस’ (LCA Tejas) फाइटर जेट्स के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी सबसे बड़ी खासियत क्या है? इसकी सबसे बड़ी खासियत स्वदेशी NavIC सिस्टम और कम लागत है, जो भारत को युद्ध की स्थिति में आत्मनिर्भर बनाती है. Source link

झारखंड

रांची, धनबाद… झारखंड में आज छाए रहेंगे घनघोर बादल, बारिश मचाएगी गदर,...

Last Updated:May 09, 2026, 05:18 IST Jharkhand Aaj Ka Mausam: झारखंड में आज तेज हवाओं के साथ गरज चमक होने की संभावना है. इसके साथ ही कई जिलों आज बारिश और वज्रपात भी हो सकता है. IMD ने रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग समेत कई जिलों में आंधी, बारिश का अलर्ट जारी किया है. आइये जानते हैं आज का मौसम कैसा रहने वाला है. ख़बरें फटाफट झारखंड 9 मई को कैसा रहने वाला है मौसम ( एाआई फोटो ) रांची: झारखंड में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा. राज्य के कई जिलों में आज तेज हवा, गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है. रांची मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के असर से पूरे राज्य में बादल छाए रह सकते हैं. इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है. वहीं, राजधानी रांची समेत दक्षिणी और मध्य झारखंड के जिलों में मौसम ज्यादा प्रभावित रह सकता है. पिछले 24 घंटों में राज्य के कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहा है. झारखंड में मौसम का अपडेट 50-60 की रफ्तार से चलेंगी हवाएं IMD के आज गरज-चमक के साथ बारिश और 50-60 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी का अलर्ट जारी किया है. जहां झारखंड के पूर्वी जिलों हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, बोकारो, रांची, धनबाद, खूंटी और गुमला में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की अधिक संभावना है. वहीं, दक्षिणी जिलों पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा में भी छिटपुट बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी जिलों में से पालामू, गढ़वा, चतरा में अपेक्षाकृत कम प्रभावित रहेंगे, लेकिन कहीं-कहीं बादल और हल्की बारिश हो सकती है. इसके साथ ही झारखंड के कई जिलों के तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट हो सकती है. शहरों का तापमान और AQI शहर तापमान अधिकतम/न्यूनतम AQI रांची 33/21 120 जमशेदपुर 35/23 130 पलामू 37/23 160 हजारीबाग 33/22 150 जानें 8 मई को कैसा था तापमान वहीं, शुक्रवार को झारखंड के कई जिलों में प्रचंड गर्मी दर्ज की गई. जहां दलतोंगंज जैसे पलामू में तापमान 37-38°C के आसपास पहुंच गया, जो दिन में झारखंड का सबसे अधिक तापमान रहा. इसके अलावा जमशेदपुर और चाईबासा में भी 35-36°C के आसपास अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया. जबकि रांची और आसपास के जिलों में दिन का तापमान 32-34°C के बीच रहा, लेकिन आर्द्रता अधिक होने से गर्मी अधिक महसूस हो रही थी. वहीं, सबसे ठंडा मौसम लोहरदगा, रामगढ़, हजारीबाग और गुमला जैसे क्षेत्रों में रहा है. जहां का न्यूनतम तापमान 19-20°C के आसपास दर्ज किया गया. IMD के मुताबिक किसानों, मजदूरों और आम लोगों को सतर्क रहना चाहिए. क्योंकि तेज हवाएं और वज्रपात का खतरा लगातार बना हुआ है. इसलिए लोगों को खेत में काम करते समय सावधानी बरतनी चाहिए. वहीं, झारखंड में प्री-मॉनसून गतिविधियां अभी जारी रहेंगी, जो झारखंड में पड़ रही भीषण गर्मी के प्रकोप को कम करेंगी. ऐसे में अगले कुछ दिनों तक भी इसी तरह का मौसम बना रह सकता है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Ranchi,Jharkhand Source link

व्यापार

क्यों Zomato ने स्विगी से कहा Sorry? सोशल मीडिया पर जमकर किरकिरी,...

होमताजा खबरमनी सोशल मीडिया पर Zomato की जमकर हो रही किरकिरी, स्विगी से कहना पड़ा- I’m Sorry Last Updated:April 16, 2021, 10:45 IST महाराष्ट्र में कोरोनावायरस (CoronaVirus) के बढ़ते मामलों के बाद राज्य सरकार ने नाइट कर्फ्यू/ आंशिक लाॅकडाउन जैसे मामले जारी किए हैं. महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने मंगलवार को ऐलान किया कि बुधवार से मुंबई में रात 8 बजे के बाद नाइट कर्फ्यू (Night Curfew) लग जाएगा. Zomato ने स्विगी से कहा I am sorry नई दिल्ली. महाराष्ट्र में कोरोनावायरस (CoronaVirus) के बढ़ते मामलों के बाद राज्य सरकार ने नाइट कर्फ्यू/ आंशिक लाॅकडाउन जैसे मामले जारी किए हैं. महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने मंगलवार को ऐलान किया कि बुधवार से मुंबई में रात 8 बजे के बाद नाइट कर्फ्यू (Night Curfew) लग जाएगा. इस दौरान सिर्फ जरूरी सेवाएं और वस्तुओं को लाने -ले जाने की छूट रहेगी. रेस्तरां बंद कर दिए गए हैं, पूरे राज्य में फूड डिलीवरी की अनुमति दी गई है. महाराष्ट्र सरकार का नाइट कर्फ्यू का यह फरमान शायद जोमैटो (Zomato) को समझ नहीं आया. इसलिए रात 8 बजे से नाइट कर्फ्यू को लेकर गफलत में आए Zomato के को-फाउंडर और CEO दीपिंदर गोयल खर्चा पानी लेकर चढ़ गए अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी Swiggy पर. गोयल ने tweet किया. जानें क्या लिखते हैं CEO दीपिंदर गोयलजोमैटो के सीईओ ने लिखा कि Zomato मुंबई में नाइट कर्फ्यू में रात 8 बजे के बाद जरूरी खाने की चीजों की डिलीवरी के लिए तैयार है, लेकिन हम ऐसा नहीं कर रहे हैं क्योंकि हम कानून का पालन करने वाले लोग हैं. लेकिन मैं देख रहा हूं कि हमारा कंपटीटर रात 8 बजे के बाद भी डिलिवरी कर रहा है. मैं मुंबई पुलिस से अपील करता हूं कि वो इस मामले पर सफाई दें. Zomato is prepared to provide the essential food delivery service post 8pm in Mumbai, but we are not doing so because we are abiding by the letter of the law. इस पर स्विगी ने तो कुछ नहीं कहा लेकिन मुंबई पुलिस ने तुरंत जवाब दिया. मुंबई पुलिस ने लिखा कि कृपया सरकार के नोटिफिकेशन को पढ़ लें, होम डिलिवरी की इजाजत दी गई है, लेकिन कोई समयसीमा तय नहीं है. इसके बाद जोमैटो को अपनी गलती का एहसास हुआ और माफी मांगी. Thank you. Mumbai, we are on tomorrow. We have received the notice at 9:54pm. @swiggy_in – I am sorry, had no other choice. I love you ❤️ https://t.co/LbPMNRJL2i Source link

झारखंड

अनचाहे पावर कट पर सख्ती; फील्ड में उतरेंगे मुख्यालय के बिजली अधिकारी

राज्य में भीषण गर्मी और लोड के बीच हो रही बिजली कटौती पर ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी के. श्रीनिवासन ने कड़ा रुख अपनाया किया है। अब मुख्यालय में पदस्थापित बिजली विभाग के आला अधिकारी फील्ड में नजर आएंगे। सीएमडी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पूरे राज्य में ‘अनचाहे पावर कट’ को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बिजली वितरण नेटवर्क की निगरानी और मेंटेनेंस को दुरुस्त करने के लिए मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को 24 जिलों के सभी 15 विद्युत आपूर्ति क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है। जारी आदेश के मुताबिक, ये अधिकारी केवल कागजी समीक्षा नहीं करेंगे, बल्कि जमीन पर उतरकर पावर सब-स्टेशन, वितरण ट्रांसफॉर्मर एवं अन्य विद्युत संरचनाओं की स्थिति की समीक्षा करेंगे। साथ ही संचालन एवं रखरखाव की तैयारियों की समीक्षा करने को भी कहा गया है। सभी अधिकृत अधिकारी प्रत्येक सप्ताह अपने आवंटित क्षेत्रीय कार्यालयों का दौरा करेंगे। उन्हें उसी सप्ताह अपनी रिपोर्ट एवं सुझाव उच्च अधिकारियों को सौंपने का निर्देश दिया गया है। माना जा रहा है कि मुख्यालय के हस्तक्षेप से फील्ड के अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी, जिससे उपभोक्ताओं को ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज जैसी समस्याओं से निजात मिलेगी। इधर, शिकायतों के निबटारे के लिए 11 से 30 तक कैंप, जानें कब कहां लगेगा जेबीवीएनएल के रांची एसई डीएन साहू ने बिजली बिल विवाद और बिजली शिकायतों के निबटारे के लिए 11 मई से 30 मई तक कैंप लगाने का निर्देश दिया है। इस कैंप में उपरोक्त समस्याओं का त्वरित समाधान ऑन स्पॉट किया जाएगा। जो बहुत अधिक विवादित मामले होंेगे, आवेदन लेकर एक सप्ताह के अंदर उसका समाधान किया जाएगा। राज्य के 15 विद्युत आपूर्ति सर्किलों में इन अफसरों की तैनाती आपूर्ति सर्किल प्रतिनियुक्त अधिकारी रांची पीके श्रीवास्तव, निदेशक (डी एंड पी) गुमला अरविंद कुमार, कार्यकारी निदेशक चाईबासा सुधीर कुमार, ईडी (ओ एंड एम) जमशेदपुर सुधांशु, जीएम (एस एंड पी) रामगढ़ व कोडरमा दीपक कुमार, जीएम डालटनगंज व गढ़वा सुधांशु झा, जीएम हजारीबाग संजय सिंह, जीएम वाणिज्यिक दुमका सुनील कुमार, जीएम (एपीटी) धनबाद समीर मुंडू, जीएम (एचआर) गिरिडीह संजय कुमार, जीएम देवघर धनंजय कुमार, जीएम आईटी साहिबगंज मंतोष मनी सिंह, जीएम चास अंजना शुक्ला दास, डीजीएम तकनीक 11 मई – पंचायत भवन कांके, विद्युत सबस्टेशन कोकर चौक, विद्युत सबस्टेशन, खूंटी 12 मई – विद्युत सबस्टेशन आईटीआई रातू रोड, पितांबरा पैलेस, बूटी मोड़ 13 मई – विद्युत सबस्टेशन पुराना विधानसभा, विद्युत सबस्टेशन हरमू 14 मई – विद्युत सबस्टेशन सेवा सदन, मोरहाबादी 15 मई – विद्युत सबस्टेशन इटकी, अनुमंडल कार्यालय बुंडू, विद्युत सबस्टेशन तोरपा 16 मई – विद्युत सबस्टेशन हटिया, विद्युत सबस्टेशन हरमू 17 मई – पंचायत भवन ठाकुरगांव, सबडिवीजन ऑफिस कोकर विद्युत कॉलानी, विद्युत सबस्टेशन बेड़ो 18 मई – पंचायत भवन पिठोरिया, नामकुम ब्लॉक कार्यालय खिजरी, विद्युत सबस्टेशन खूंटी 19 मई – अवर प्रमंडल कुसई कॉलानी, विद्युत सबस्टेशन अशोक नगर 20 मई – प्रशाखा कार्यालय न्यू मार्केट रातू रोड, विद्युत सबस्टेशन पानी टंकी बरियातू 21 मई – विद्युत सबस्टेशन ब्रांबे, विद्युत सबस्टेशन टाटीसिल्वे 22 मई – विद्युत सबस्टेशन हीनू, विद्युत सबस्टेशन बहु बाजार, विद्युत सबस्टेशन तोरपा 23 मई – कांके प्रखंड कार्यालय, कोकर विद्युत कार्यालय 24 मई – विद्युत सबस्टेशन रातू चट्‌टी, विद्युत सबस्टेशन ओरमांझी 25 मई – विद्युत सबस्टेशन तुपुदाना, विद्युत सबस्टेशन पॉलिटेक्निक बहु बाजार, विद्युत सबस्टेशन खूंटी 26 मई – विद्युत सबस्टेशन कांके रोड, चुटिया पावर हाउस 27 मई – चान्हो ब्लॉक कार्यालय, तमाड़ ब्लॉक कार्यालय 28 मई – विद्युत सबस्टेशन धुर्वा, विद्युत सबस्टेशन पुंदाग, विद्युत सबस्टेशन तोरपा 29 मई – पंचायत भवन गागी कांके, आरएमसीएच विद्युत कार्यालय 30 मई – मैक्लुस्कीगंज ब्लॉक कार्यालय, सिल्ली ब्लॉक कार्यालय, विद्युत सबस्टेशन खूंटी प्रतिनियुक्त अफसरों को हर सप्ताह रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपने का निर्देश Source link

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China Ex-Defense Ministers Death Sentence

Hindi News Career China Ex Defense Ministers Death Sentence | Corruption May 9 Current Affairs; DRDO Weapon Launch 18 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. NCRB ने पशु क्रूरता को अपराध में शामिल किया 8 मई को नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने पहली बार अपनी ‘क्राइम इन इंडिया 2024 रिपोर्ट में प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनीमल्स एक्ट, 1960 के तहत दर्ज अपराधों को शामिल किया है। पहले पशु क्रूरता के मामलों को ‘विशेष और स्थानीय कानूनों’ की नॉर्मल कैटेगरी में रखा जाता था, लेकिन अब इसे अलग से रिकॉर्ड किया गया है। इस रिकॉर्ड के बाद पशु सुरक्षा को बेहतर करने में मदद मिलेगी। ये डेटा भारत में जानवरों के खिलाफ हिंसा की भयावहता को बताएगा। क्रुएल्टी टू एनीमल्स एक्ट शामिल करने से पशुओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की पहचान और निगरानी की जा सकेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में पशु क्रूरता से जुड़े कुल 9,039 मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों में 10,312 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 10,257 पुरुष शामिल थे। इनकी कुल कीमत करीब 48.8 करोड़ रुपये आंकी गई। इनमें 44.9 प्रतिशत मामलों में चोरी हुए जानवर बरामद कर लिए गए। यह संपत्ति से जुड़े अपराधों के राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। पुलिस ने 96.7% मामलों में चार्जशीट दाखिल की, जिससे जांच स्तर पर सक्रियता दिखाई देती है। हालांकि, साल के आखिर तक करीब 2,070 मामले यानी लगभग 22.9% मामलों की जांच लंबित रही। इस रिपोर्ट के बाद पहली बार अन्य क्राइम कैटेगरी के साथ जानवरों पर क्रूरता के मामलों का विश्लेषण हो पाएगा। प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनीमल्स एक्ट,1960 में भारत की संसद द्वारा पारित एक केंद्रीय कानून है। प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनीमल्स एक्ट,1960 में पशु को मनुष्य के अलावा किसी भी जीवित प्राणी के रूप में परिभाषित किया गया है। 2. DRDO और इंडियन एयर फोर्स ने TARA का सफल परीक्षण किया 7 मई को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO और भारतीय वायु सेना ने ओडिशा के तट पर टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑग्मेंटेशन (TARA) हथियार की पहली सफल टेस्टिंग की। ये टेस्टिंग ओडिशा के तट पर एक जगुआर (Jaguar) फाइटर जेट से की गई। TARA भारत की पहली स्वदेशी ग्लाइड हथियार प्रणाली है, जो बिना गाइड सिस्टम वाले हथियारों को गाइड सिस्टम में बदलेगी। इस ग्लाइड हथियार को DRDO के साथ मिलकर रिसर्च सेंटर इमारत, हैदराबाद ने मिलकर डिजाइन और डेवलप किया है। ग्लाइड हथियार एक स्वदेशी ग्लाइड हथियार प्रणाली है। जो सबसे आधुनिक और कम लागत वाला पहला सिस्टम है। TARA दुश्मन के जमीनी ठिकानों पर 120 किमी की दूरी से वार कर सकती है। यह प्रणाली सुखोई-30 (Su-30), जगुआर और तेजस जैसे फाइटर जेट्स के साथ एकीकृत की जा सकती है। TARA देश का पहला ऐसा ग्लाइड हथियार सिस्टम है जो अत्याधुनिक होने के साथ-साथ बेहद कम लागत वाली प्रणालियों पर काम करता है। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. चीन में दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा 7 मई को चीन ने भ्रष्टाचार के मामलों में दो पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और वेई फेंगहे को मौत की सजा सुनाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों को पहले 2 साल जेल में रखा जाएगा। 2 साल बाद पुनर्विचार कर सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है। ली शांगफू को पिछले साल अचानक पद से हटाया गया था, जबकि वेई फेंगहे भी सैन्य भ्रष्टाचार जांच के दायरे में आए थे। दोनों मंत्रियों को 2024 में चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित किया गया था। चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू को पिछले साल अक्टूबर में अचानक पद से हटा दिया गया था। अब पहली बार चीनी अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी जांच चल रही थी। उन पर बड़े पैमाने पर रिश्वत लेने, दूसरों को रिश्वत देने और पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए गए हैं। चीन के पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंगहे पर रिश्वत लेने और अपने पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगाए गए हैं। चीन की सैन्य अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार का दोषी माना है। चीन के पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू (दाएं) 2023 में बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में शपथ के समय की तस्वीर। निधन (DEATH) 4. पूर्व मिडफील्डर मोहन सिंह का निधन 7 मई को अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के पूर्व मिड फील्डर मोहन सिंह का निधन हो गया। मोहन सिंह ने 1970 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की। सिंह ने प्री-ओलंपिक टूर्नामेंट के दौरान 1972 में रंगून में बर्मा के खिलाफ अपना पहला सीनियर नेशनल मैच खेला था। 1972 के प्री-ओलिंपिक में सिंह ने भारत के लिए तीन कैप अर्जित किए थे। घरेलू स्तर पर, मोहन सिंह ने 1972 में संतोष ट्रॉफी में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया और टीम के सफल अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, दो गोल करके बंगाल ने खिताब जीता। सिंह ने 1972 और 1975 में कलकत्ता फुटबॉल लीग खेला था। 1972 में सिंह ने IFA शील्ड, डूरंड कप, रोवर्स कप और बोर्डोलोई ट्रॉफी जीती। मोहन सिंह ने 1976 में मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब का भी प्रतिनिधित्व किया, और भारतीय क्लब फुटबॉल में एक विशिष्ट करियर जारी रखा। मोहन सिंह ने 1974 में डूरंड कप जीता था। 5. क्रिकेटर अमनप्रीत गिल का निधन 6 मई को भारत के अंडर-19 में खेलने वाले प्लेयर अमनप्रीत गिल का निधन हो गया। वे 36 साल के थे। अमनप्रीत ने पंजाब के लिए 6 फर्स्ट कैटेगरी मैचों में 11 विकेट लिए। अमनप्रीत इंडियन प्रीमियर लीग के उद्घाटन सेशन में पंजाब फ्रेंचाइजी (किंग्स इलेवन पंजाब) का भी हिस्सा रहे थे। गिल ने पंजाब के सीनियर सिलेक्शन बोर्ड के मेम्बर के तौर पर भी काम किया। गिल ने 2007 में विराट कोहली कि कैप्टेनसी में अंडर-19 का हिस्सा रहे। गिल ने 2007 में भारत के लिए पांच यूथ वनडे और एक यूथ टेस्ट खेला था। गिल ने श्रीलंका के पूर्व ऑलराउंडर थिसारा परेरा का विकेट लिया था। आज का इतिहास 1540 में उदयपुर (मेवाड़) के राजा महाराणा प्रताप का जन्म हुआ। 1653 में शाहजहां द्वारा बनवाया गया ताजमहल 22 साल के निर्माण के बाद पूरा

झारखंड

चास नगर निगम के वार्डों में बिजली समस्याएं जल्द दूर करने का...

सिटी रिपोर्टर| बोकारो चास नगर निगम के महापौर कक्ष में बुधवार को महापौर भोलू पासवान और उप महापौर पूजा कुमारी सिंह की मौजूदगी में वार्ड पार्षदों तथा बिजली विभाग के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य वार्डों में उत्पन्न बिजली संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान पर चर्चा करना था। बैठक के दौरान सभी वार्ड पार्षदों ने अपने-अपने लेटर हेड के माध्यम से क्षेत्र में व्याप्त बिजली समस्याओं से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया। पार्षदों ने ट्रांसफार्मर खराब होने, लो-वोल्टेज, जर्जर तारों और लंबित विद्युत कार्यों जैसी समस्याएं उठाईं। इस पर महापौर और उप महापौर ने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वार्डों में लंबित सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। बैठक में चास शहरी जलापूर्ति योजना में आ रही बिजली संबंधी बाधाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। महापौर ने कहा कि बिजली आपूर्ति में बार-बार बाधा आने से जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जुसको और बिजली विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर स्थायी समाधान निकालने का निर्देश दिया। साथ ही चास शहरी जलापूर्ति योजना में लगातार हो रही बिजली की आंख-मिचौनी को शीघ्र दूर करने का आदेश दिया गया। Source link

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