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झारखंड

एस राधाकृष्णन कॉलेज में मनाई टैगोर जयंती

बोकारो | डॉ. एस. राधाकृष्णन कॉलेज ऑफ एजुकेशन, चास में बुधवार को गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर जयंती के उपलक्ष्य में सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “सार्वभौमिक बंधुत्व और प्रकृति में मानवतावाद” रखा गया, जिसमें बीएड सत्र 2025-27 के छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम की शुरुआत गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। सेमिनार में प्रशिक्षु वक्ताओं ने टैगोर के विचारों, उनकी मानवतावादी सोच एवं प्रकृति के प्रति उनके गहरे लगाव पर प्रकाश डाला। Source link

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CPM लीडर के आरोपों से हुई नवीन बाबू की मौत? कई अनसुलझे...

होमताजा खबरदेश CPM लीडर के आरोपों से हुई नवीन बाबू की मौत? नई कैबिनेट बनते ही फिर से जांच Last Updated:May 09, 2026, 01:25 IST नवीन बाबू की रहस्यमयी मौत के मामले में कई सवाल मौजूद हैं. पुरानी पुलिस इन्वेस्टिगेशन से लोगों का भरोसा उठ चुका है. मौत से पहले सीपीएम लीडर पीपी दिव्या ने नवीन बाबू पर घूसखोरी का आरोप लगाया था. विदाई समारोह में बिना बुलाए पहुंचकर भारी बवाल काटा गया था. यह सारे आरोप प्रशांतन नाम के एक शख्स ने लगाए थे. इन आरोपों के बाद ही नवीन बाबू की मौत का खौफनाक कांड हुआ था. ख़बरें फटाफट कन्नूर के पूर्व एडीएम नवीन बाबू के मौत की जांच फिर से शुरू हो सकती है. तिरुवनंतपुरम. केरल में कांग्रेस नीत यूडीएफ की प्रचंड चुनावी जीत के बाद पूर्व कन्नूर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) नवीन बाबू की रहस्यमयी मौत का मामला एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में लौटता दिख रहा है. संकेत मिल रहे हैं कि नई सरकार इस मामले में सीबीआई जांच या निष्पक्ष पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम से नई जांच करा सकती है. इस मुद्दे ने तब और तूल पकड़ लिया जब केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के महासचिव और रन्नी से नवनिर्वाचित विधायक पझकुलम मधु ने कहा कि नई कैबिनेट के गठन के तुरंत बाद इस मामले को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा. उन्होंने आईएएनएस से कहा, “जिस दिन यह घटना हुई थी, उसी दिन से मैं परिवार के साथ खड़ा हूं. अब नई सरकार बनने जा रही है, तो हम इस मामले को मजबूती से उठाएंगे. कांग्रेस नीत यूडीएफ लगातार सीबीआई जांच की मांग करती रही है. सरकार के शपथ लेने के बाद मैं और अन्य नेता इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे.” पझकुलम मधु उन नेताओं में शामिल रहे हैं जिन्होंने नवीन बाबू को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन का नेतृत्व किया था. उनका कहना है कि मामले में अब भी कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं और पहले की जांच भरोसा पैदा करने में विफल रही. नवीन बाबू की मौत के बाद उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया था, जब सीपीआई(एम) की वरिष्ठ नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पीपी दिव्या ने एक विदाई समारोह के दौरान उन पर रिश्वत लेने के आरोपों को लेकर सार्वजनिक रूप से निशाना साधा था. यह आरोप प्रशांतन नामक व्यक्ति ने लगाए थे. बताया गया था कि दिव्या बिना निमंत्रण के कार्यक्रम में पहुंची थीं. यूडीएफ और नवीन बाबू के परिवार ने लगातार आरोप लगाया है कि जांच एजेंसियों ने दिव्या और प्रशांतन के बीच संबंधों या कथित रिश्वत के लिए जुटाए गए पैसों के स्रोत की गंभीरता से जांच नहीं की. मामले से जुड़े विवादित पेट्रोल पंप को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. विपक्षी नेताओं का आरोप है कि इसमें बेनामी लेनदेन और प्रभावशाली राजनीतिक संबंधों की भूमिका हो सकती है. कांग्रेस नेताओं का मानना है कि पूरे प्रकरण के ‘असल मास्टरमाइंड’ का पता केवल विस्तृत जांच से ही चल सकता है. विधानसभा चुनाव में वाम मोर्चे की करारी हार के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नवीन बाबू मामला नई यूडीएफ सरकार की शुरुआती बड़ी परीक्षाओं में से एक बन सकता है. सीपीआई(एम) के लिए यह मामला अब भी एक असहज छाया बना हुआ है, जिसे सत्ता परिवर्तन के बाद फिर से सार्वजनिक बहस के केंद्र में लाया जा सकता है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Thiruvananthapuram,Kerala Source link

झारखंड

JTET 2026 : झारखंड टीईटी के लिए शुरू हो गया आवेदन, उम्र...

Last Updated:April 25, 2026, 20:27 IST JTET 2026 : झारखंड में 10 साल में पहली बार जेटीईटी परीक्षा होने जा रही है. राज्य में आखिरी बार जेटीईटी परीक्षा साल 2016 में हुई थी. इसी के मद्देनजर उम्मीदवारों को अधिकम उम्र सीमा में नौ साल की छूट प्रदान की जा रही है. JTET 2026 : जेटीईटी की अधिसूचना 26 मार्च 2026 को जारी हुई थी. JTET 2026 : झारखंड में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है. राज्य में चार साल बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी JTET होने जा रही है. इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 21 अप्रैल से शुरू हो चुकी है. अधिसूचना 26 मार्च 2026 को झारखंड सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (प्राथमिक शिक्षा निदेशालय) ने जारी की थी. यह परीक्षा उन उम्मीदवारों की पात्रता जांचने के लिए आयोजित की जाती है, जो राज्य के प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) स्कूलों में शिक्षक बनना चाहते हैं. इस परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थी राज्य के सरकारी स्कूलों में सहायक शिक्षक (Assistant Teacher) के पदों के लिए आवेदन करने के पात्र बनते हैं. जेटीईटी का आयोजन झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से किया जाएगा. जेटीईटी 2026 के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 मई है. आवेदन करने का पोर्टल jacexamportal.in है. जेटीईटी में दो पेपर JTET परीक्षा दो स्तरों पर आयोजित की जाती है. पहला पेपर (Paper 1) उन उम्मीदवारों के लिए होता है जो कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाना चाहते हैं, जबकि दूसरा पेपर (Paper 2) कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए होता है. उम्मीदवार अपनी योग्यता के अनुसार एक या दोनों पेपर के लिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग- प्राथमिक स्तर (पेपर-1) और उच्च प्राथमिक स्तर (पेपर-2) के लिए 1300-1300 रुपये. दोनों पेपर के लिए 1500 रुपये. एससी और एसटी कैटेगरी- प्राथमिक स्तर (पेपर-1) और उच्च प्राथमिक स्तर (पेपर-2) के लिए 700-700 रुपये. दोनों पेपर के लिए 800 रुपये. जेटीईटी 2026 के लिए योग्यता पात्रता की बात करें तो उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होना जरूरी है. इसके साथ ही अभ्यर्थी के पास 2 वर्षीय डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed) या बीटीसी (BTC) होना अनिवार्य है. आयु सीमा जेटीईटी के लिए उम्र न्यूनतम 21 साल होनी चाहिए. अधिसूचना के अनुसार, न्यूनतम उम्र सीमा की गणना परीक्षा के आयोजन वर्ष के 1 अगस्त से की जाएगी. (i) झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची के तहत काम कर रहे सहायक अध्यापक (पारा शिक्षक) के लिए नियम यह है कि: उनकी नौकरी की अवधि कम से कम 10 साल लगातार पूरी होनी चाहिए (विज्ञापन जारी होने की तारीख तक).जो लोग इन शर्तों को पूरा करते हैं, उन्हें अधिकतम उम्र सीमा में 10 साल की छूट मिलेगी.लेकिन कुल उम्र सीमा 58 साल से ज्यादा नहीं मानी जाएगी. (ii) सभी उम्मीदवारों को पिछली और अगली पात्रता परीक्षा के बीच अधिकतम उम्र में 1 साल की अतिरिक्त छूट दी जाएगी.उदाहरण:अगर किसी ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा 2016 दी थी और फिर 2026 में दे रहा है,तो उसे सामान्य छूट के अलावा एक बार के लिए (One-time) अधिकतम उम्र में 1 साल की और छूट मिलेगी. About the Author Praveen SinghSub Editor Praveen Singh is an experienced journalist with approximately 10 years of experience in the field of media and journalism. Currently, he is associated with News18 Hindi, where he works on the Education & Career…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 25, 2026, 20:27 IST Source link

व्यापार

2 लाख रुपए में शुरू करें ये बिजनेस, सालभर में बनेंगे करोड़ो...

होमताजा खबरमनी 2 लाख रुपये में शुरू करें ये बिजनेस, सालभर में बन जाएंगे करोड़ो के मालिक Last Updated:April 18, 2021, 05:33 IST Business Opportunities: अगर आप अपना करोबार खड़ा करना चाहते हैं तो राख की ईंटें बनाने का बिजनेस (Fly Ash Business) कर सकते हैं. इस कारोबार को बैंक से लोन लेकर भी शुरू किया जा सकता है. इस बिजनेस से होगी बंपर कमाई नई दिल्ली. कोरोना की वजह से इकोनॉमी की हालत सुस्त हो गयी है. जिसके कारण काफी लोगों की नौकरी चली गयी है. इस समय हर व्यक्ति महामारी के संकट को झेल रहा है. इसी बीच हम आपको घर बैठे बिज़नेस (New Business Idea) करने का एक आइडिया बता रहे हैं. अगर आपके पास अपनी जमीन है और आप कम निवेश में कारोबार शुरू (Start your own Business) करना चाहते हैं तो आप राख की ईंटें बनाने का कारोबार शुरू कर सकते हैं. इसके लिए 100 गज जमीन और कम से कम 2 लाख रुपये का निवेश करना होगा. इससे आप हर महीने 1 लाख रुपये और सालाना करोड़ो की कमाई कर सकते हैं. तेजी से हो रहे शहरीकरण (Urbanization) के दौर में बिल्डर्स फ्लाई ऐश (Fly Ash Business) से बने ईंटों का ही इस्तेमाल कर रहे हैं. हर महीने 3 हजार ईंट बना सकते हैंइन ईंटों को बिजली संयंत्रों से निकलने वाले राख, सीमेंट और स्टोन डस्ट के मिश्रण से बनाया जाता है. इस कारोबार के लिए निवेश का अधिकतर हिस्सा आपको मशीनरी पर लगाना होगा. इसके लिए इस्तेमाल होने वाली मैन्युअल मशीन को करीब 100 गज की जमीन में लगाया जाता है. इस मशीन के जरिए आपको ईंट उत्पादन के लिए 5 से 6 लोगों की जरूरत होगी. इससे रोजाना में करीब 3,000 ईंटों का उत्पादन किया जा सकता है. बता दें कि इस निवेश में कच्चे लागत की रकम शामिल नहीं है. ऑटोमेटिक मशीन से बढ़ते हैं मौकेइस कारोबार में ऑटोमेटिक मशीन का इस्तेमाल कमाई के मौके को बढ़ाता है. हालांकि, इस ऑटोमेटिक मशीन की कीमत 10 से 12 लाख रुपये तक है. कच्चे माल के मिश्रण से लेकर ईंट बनाने तक काम मशीन के जरिए ही होता है. ऑटोमेटिक मशीन के जरिए एक घंटे में एक हजार ईंटों को बनाया जा सकता है, यानी इस मशीन की मदद से आप महीने में तीन से चार लाख ईंटें बना सकते हैं. सरकार दे सकती है लोनइस कारोबार को बैंक से लोन लेकर भी शुरू किया जा सकता है. प्रधानमंत्री रोजगार योजना और मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार के जरिए भी इस कारोबार के लिए लोन लिया जा सकता है. इसके अलावा मुद्रा लोन का भी विकल्प उपलब्ध है. उत्तराखंड और हिमांचल प्रदेश जैसे राज्यों में मिट्टी की कमी के कारण ईंटो का उत्पादन नहीं होता. पहाड़ी इलाकों में बेहतर मौकेइसकी वजह से उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों से ईंटें मंगवाई जाती हैं, जिस पर ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बढ़ता है. ऐसे में इन जगहों पर सीमेंट और स्टोनडस्ट से बनने वाले यह ईंटों का कारोबार फायदेमंद हो सकता है. पहाड़ी इलाकों में स्टोनडस्ट आसानी से मिलने की वजह से कच्चे माल की लागत भी कम होगी. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 18, 2021, 05:33 IST Source link

झारखंड

स्कूटी को 500 मीटर तक घसीटता रहा नाबालिग चालक, मचा हड़कंप

सिटी रिपोर्टर | बोकारो गुरुवार को सिटी सेंटर में एक अनियंत्रित कार लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। कार चालक ने पहले एक स्कूटी को टक्कर मारी, फिर स्कूटी कार में फंस गई। इसके बावजूद चालक करीब 500 मीटर तक कार भगाता रहा। घटना के दौरान सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार तेज गति में थी। टक्कर के बाद स्कूटी कार के अगले हिस्से में फंस गई, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका। बाद में सेक्टर-4 स्थित लक्ष्मी मार्केट के पास लोगों की मदद से कार को रोका गया। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। जांच में पता चला कि कार एक नाबालिग चला रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस नाबालिग द्वारा वाहन चलाने के मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिटी सेंटर क्षेत्र में नाबालिगों द्वारा तेज गति से कार चलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसे लेकर लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। Source link

झारखंड

बदला मौसम : चर्मरोग के मरीज बढ़े, बच्चे-बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित

भास्कर एक्सपर्ट मौसम में लगातार बदलाव और बढ़ती नमी के बीच जिले में त्वचा रोग तेजी से फैल रहा है। सदर अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों प्रतिदिन 500 से 550 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, इनमें चर्म रोग विभाग में ही रोजाना 70 से 75 मरीज आ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इनमें करीब 40 प्रतिशत बच्चे और 25 प्रतिशत बुजुर्ग शामिल हैं। गौरतलब है कि आउटडोर में काम करने वाले मजदूर, किसान और स्कूली बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। मौसम में नमी, धूल और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण पसीना बढ़ रहा है, जिससे फंगल इंफेक्शन, एलर्जी और एक्जिमा के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। मई के पहले सप्ताह से मौसम में नमी बढ़ी है और तापमान भी अस्थिर बना हुआ है। गर्मी के साथ पसीना और धूल-मिट्टी का संपर्क त्वचा के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है। बीते वर्ष मई में जहां रोजाना 40-45 मरीज आते थे, वहीं इस बार संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। सबसे ज्यादा दाद, खुजली, फोड़े-फुंसी और कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस के मरीज सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार आने वाले दो से तीन सप्ताह तक मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है। मानसून से पहले का यह नमी भरा मौसम त्वचा रोगों के लिए सबसे संवेदनशील माना जाता है। बच्चों की त्वचा नाजुक होने के कारण उनमें रैशेज और एलर्जी जल्दी होती है, जबकि बुजुर्गों में बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा अधिक रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई मरीज बिना चिकित्सकीय सलाह के मेडिकल क्रीम खरीदकर इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे संक्रमण और गंभीर हो रहा है। डॉ. शफी नेयाजचर्म रोग विशेषज्ञ,सदर अस्पताल, बोकारो लक्षणों को नजरअंदाज न करें पसीना आने पर तुरंत कपड़े बदलने चाहिए। गीले कपड़े शरीर पर चिपके रहने से फंगल इंफेक्शन तेजी से पनपता है। नमी वाली जगहों पर टैलकम पाउडर का इस्तेमाल फायदेमंद होता है। टाइट और सिंथेटिक कपड़े पसीना रोकते हैं, जिससे एलर्जी बढ़ती है। ऐसे मौसम में सूती कपड़े पहनना बेहतर रहता है। साथ ही साफ पानी का उपयोग, भरपूर पानी पीना और विटामिन-सी युक्त फल व हरी सब्जियां खाना जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति को बार-बार स्किन इंफेक्शन हो रहा है, तो ब्लड शुगर की जांच भी करानी चाहिए। लगातार खुजली होना त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना फोड़े-फुंसी निकलना पसीने वाली जगहों पर जलन त्वचा का काला या सफेद पड़ना बच्चों में रैशेज और जलन बचाव के आसान उपाय रोजाना साफ और सूखे कपड़े पहनें पसीना होने पर तुरंत कपड़े बदलें भीड़भाड़ और गंदगी वाली जगहों से बचें बिना डॉक्टर सलाह क्रीम का उपयोग न करें सूती कपड़ों का इस्तेमाल करें शरीर को सूखा और साफ रखें पर्याप्त पानी और पौष्टिक भोजन लें सिटी एंकर Source link

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1996 में अटल बिहारी वाजपेयी… उमर अब्दुल्ला क्या कहना चाहते हैं? नेशनल...

होमताजा खबरदेश 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी… उमर अब्दुल्ला आखिर क्या कहना चाहते हैं? Last Updated:May 09, 2026, 01:53 IST उमर अब्दुल्ला ने कहा कि एलओपी सीएम की कुर्सी पाने का इंतजार कर रहे हैं. एनसी में भारी टूट की अफवाह फैलाकर गेम खेला जा रहा है. उमर ने कहा, ‘हमारी पार्टी में कोई एकनाथ शिंदे बिल्कुल नहीं है’. महाराष्ट्र में बीजेपी ने शिवसेना तोड़ने में शिंदे की मदद की थी. ख़बरें फटाफट उमर अब्दुल्ला ने कहा कि परिसीमन सिर्फ बीजेपी के फायदे के लिए हुआ. श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और यूटी विधानसभा में उसके नेता पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया. अब्दुल्ला ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता (एलओपी) सुनील शर्मा किसी भी तरह से जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री की कुर्सी पाने का इंतजार कर रहे हैं. शर्मा ने कहा था कि सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) में टूट हो सकती है. उमर अब्दुल्ला ने कहा कि एलओपी को याद रखना चाहिए कि यहां 2029 से पहले चुनाव नहीं होने वाले हैं और यह कि नेशनल कॉन्फ्रेंस में कोई एकनाथ शिंदे नहीं है. कोई भी पार्टी छोड़कर नहीं जा रहा है. उनका इशारा शिवसेना के उस वरिष्ठ नेता की ओर था, जिसने पार्टी को तोड़ा था और महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी सरकार के गिरने का कारण बना था. अब्दुल्ला ने कहा कि लोगों को शर्मा के बयान से भाजपा के इरादों को समझना चाहिए. एकनाथ शिंदे इसलिए चले गए, क्योंकि भाजपा ने उन्हें पार्टी छोड़ने में मदद की थी. लोगों को एलओपी के बयान के जरिए भाजपा के इरादों को समझना चाहिए. हम उनके हाथों पहले ही बहुत कुछ भुगत चुके हैं. उन्‍होंने जोर देकर कहा कि यहां परिसीमन सिर्फ भाजपा और उसके समर्थकों की मदद करने के इरादे से किया गया था. वे राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर लोगों को धमका रहे हैं. ऐसा नहीं लगता कि उनका जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने का कोई इरादा है. यहां कैबिनेट का विस्तार इसलिए नहीं किया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने हमें राज्य का दर्जा नहीं दिया है और इस अफवाह में कोई सच्चाई नहीं है कि हम टूट के डर से कैबिनेट विस्तार में देरी कर रहे हैं. तमिलनाडु की स्थिति पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का कोई कारण नहीं है. उमर अब्दुल्ला ने याद दिलाया कि 1996 में राष्ट्रपति ने अटल बिहारी वाजपेयी को सबसे बड़ी पार्टी के नेता के तौर पर केंद्र में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था. जब वे लोकसभा में अपना बहुमत साबित नहीं कर पाए, तो वह सरकार 13 दिनों के बाद गिर गई थी. सीएम ने पूछा कि तमिलनाडु के लिए अलग पैमाना क्यों इस्तेमाल किया जा रहा है, सिर्फ इसलिए कि वहां चुनावों में भाजपा बहुमत हासिल करने में नाकाम रही? About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Srinagar,Jammu and Kashmir Source link

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भीषण गर्मी में दुधारू पशुओं की कैसे करें देखभाल? पशु चिकित्सक से...

Last Updated:April 25, 2026, 20:32 IST गर्मी के दिनों में दुधारू पशुओं में लू लगना एक सामान्य समस्या है. इसके कारण पशुओं को बुखार, पेट खराब, सर्दी-जुकाम, भूख न लगना जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि कुछ सरल घरेलू उपाय अपनाकर पशुओं को काफी हद तक राहत दी जा सकती है. देवघर: गर्मी का मौसम धीरे-धीरे अपने चरम पर पहुंच रहा है और तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है. ऐसी भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि दुधारू पशुओं पर भी साफ तौर पर देखने को मिल रहा है. गांव-घर में पशुपालन करने वाले लोगों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है, क्योंकि अत्यधिक तापमान के कारण पशु अचानक बीमार पड़ने लगते हैं. जब दुधारू पशु बीमार होते हैं, तो उनका दूध उत्पादन कम हो जाता है, जिससे पशुपालकों को सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. खासकर सुदूर ग्रामीण इलाकों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है, जहां समय पर पशु चिकित्सक उपलब्ध नहीं हो पाते और पशु लंबे समय तक बीमार बने रहते हैं. क्या कहती हैं पशु चिकित्सकदेवघर कृषि विज्ञान केंद्र की पशु चिकित्सक डॉ. पूनम सोरेन ने इस समस्या को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में दुधारू पशुओं में लू लगना एक सामान्य समस्या है. इसके कारण पशुओं को बुखार, पेट खराब, सर्दी-जुकाम, भूख न लगना जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि कुछ सरल घरेलू उपाय अपनाकर पशुओं को काफी हद तक राहत दी जा सकती है. हल्दी, सौंफ और गुड़ का मिश्रण फायदेमंदडॉ. सोरेन के अनुसार, यदि पशु में बुखार या लू के लक्षण दिखाई दें, तो हल्दी, गुड़ और सौंफ को पानी में मिलाकर पिलाना चाहिए. यह मिश्रण शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है, जिससे पशु को जल्दी राहत मिलती है. वहीं, यदि पशु का पेट खराब हो जाए, तो लहसुन का पेस्ट बनाकर खिलाना लाभकारी होता है. यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है. हरा चारा और ठंडक का रखें ध्यानगर्मी के मौसम में पशुओं के खान-पान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. उन्हें अधिक से अधिक हरा चारा देना चाहिए, जैसे नेपीयर घास, मक्का और बरसीम. ये सभी पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते. इसके साथ ही पशुओं को दिन में तीन से चार बार ठंडे पानी से नहलाना चाहिए, ताकि उनके शरीर का तापमान नियंत्रित रहे और उन्हें गर्मी से राहत मिल सके. गोशाला में फॉगिंग और साफ-सफाई जरूरीगोशाला में भी उचित प्रबंधन बेहद आवश्यक है. वहां फॉगिंग सिस्टम या नियमित पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए, जिससे वातावरण ठंडा बना रहे और पशुओं को आराम मिले. साथ ही साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि गंदगी से बीमारियां तेजी से फैलती हैं. कुल मिलाकर, यदि पशुपालक थोड़ी सावधानी और सही जानकारी के साथ इन उपायों को अपनाते हैं, तो वे अपने दुधारू पशुओं को गर्मी के दुष्प्रभाव से बचा सकते हैं. इससे न केवल पशु स्वस्थ रहेंगे, बल्कि दूध उत्पादन भी बेहतर बना रहेगा और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand First Published : April 25, 2026, 20:32 IST Source link

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होमताजा खबरमनी कोरोनाकाल में कम पैसों में शुरू करें ये कारोबार, लाखों में होने लगेगी कमाई… Last Updated:April 18, 2021, 10:16 IST How to earn money: कोरोना संकट (Corona crisis) के इस दौर में अगर आपकी नौकरी चली गई है या फिर अधिक इनकम के लिए आप कारोबार करने की सोच रहे हैं तो आपके पास अभी अच्छा मौका है. बिजनेस शुरू करने लिए पैसे की दिक्कत है तो आप प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से लोन ले सकते हैं नई दिल्ली. कोरोना संकट ( Corona crisis) के इस दौर पर अगर आपकी नौकरी चली गई है या फिर अधिक इनकम के लिए आप कारोबार करने की सोच रहे हैं तो आपके पास अभी अच्छा मौका है. कोरोना के इस जंग ने नया कारोबार को पनपने का मौका दिया है. आप इसे मोदी सरकार (Modi Government) की मदद से कम पैसे में शुरू कर सकते हैं, बहुत जल्द आप इस कारोबार से मोटी रकम कमाने (How to earn money) लगेंगे. ये कारोबार है- मास्क बनाने का बिजनेस (Mask Making Business).जी हां! कोरोना संकट ने दो नए कामों को बाजार एक बड़ी जगह दी है, मास्क और सैनिटाइजेशन की. आज तमाम लोग घरों में मास्क (Mask Making) बनाकर पैसा कमा रहे हैं और सैनिटाइजर बनाने की भी इडस्ट्री तेजी पनप रही है. आप इसे बड़ी आसानी से मास्क बनाने का कारोबार घर बैठे ही शुरू कर सकते हैं और इसे ऑनलाइन बेचकर मुनाफा कमा सकते हैं. तो आइए जानते हैं इस कारोबार को शुरू करने के लिए क्या करना चाहिए- कपड़े के मास्‍क को मिली हरी झंडीकेंद्र सरकार की एडवाइजरी में कहा गया कि स्वास्थ्य महानिदेशालय ने स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर होममेड मास्क को सुरक्षात्मक कवर के उपयोग के बारे में सलाह दी है. इसके बाद से ही कपड़े के मास्‍क बनाने का काम शुरू हो गया. न केवल घरों में मास्‍क बनने लगे बल्कि कई बड़ी टैक्‍सटाइल कंपनियों ने भी इनहाउस सैटअप का उपयोग करते हुए फैब्रिक के मास्‍क बनाना शुरू कर दिया. कपड़े के मास्‍क देशभर में बाजारों में बिकने के साथ ही इनका कई देशों में निर्यात भी किया गया. इस दौरान कपड़े के मास्‍क की कई डिजायनें भी बाजार में आईं. खादी, कॉटन और रेजा फैब्रिक के मास्‍क की भारी मांगकपड़े के मास्‍क को बेहतर बताए जाने के बाद से कई फैशन डिजाइनर भी इस काम में जुट गए. दौरान रेजा फैब्रिक पर काम कर रहीं इकलौती फैशन डिजायनर ललिता ने बताया कि कॉटन, खादी और रेजा फैब्रिक के मास्‍क की भारी मांग बढ़ी है. उन्‍होंने खुद खादी और रेजा के मास्‍क बनाकर दक्षिण भारत के कई राज्‍यों में सप्‍लाई किए हैं. लॉकडाउन और उसके बाद से फैब्रिक का ज्‍यादातर काम मास्‍क पर ही हुआ है. लाखों में हो रही है कमाईमध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन कटनी के माध्यम से स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने मास्क बनाने का काम शुरू कर लाखों में कमाई कर रही हैं. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन कटनी के समत विकासखंडों के 23 स्व सहायाता समूहों से जुड़ी 157 महिलाओं तैयार 68365 मास्क को विभिन्न ग्राम पंचायतों में वितरित किया गया. इन मास्कों को 8 रुपये प्रति मास्क की दर पर बेचने से समूह को 546920 रुपये की आमदनी हुई. यानी कि यह कारोबार आपके लिए मुनाफे वाला सौदा साबित हो सकता है. सरकार करेगी मददबिजनेस शुरू करने लिए पैसे की दिक्कत है तो आप प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PM Mudra Scheme) से लोन ले सकते हैं. आप प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 50,000 रुपए से 10 लाख रुपए तक के लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 18, 2021, 05:35 IST Source link

झारखंड

बोकारो होकर पटना जाने वाली ट्रेनें 4 से 5 घंटे लेट

बिहार के गया स्टेशन में विकास का कार्य होने के कारण ब्लॉकिंग की जा रही है। इस वजह से बोकारो होकर रांची आने-जाने वाली कुछ ट्रेनें 04 से 05 घंटे तक विलंब से चल रही हैं। इस वजह से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस 4 घंटे लेट : यह ट्रेन बोकारो होकर पटना तक चलती है। इस रूट पर चल रहे सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में सुधार तथा गया स्टेशन में ब्लॉकिंग के कारण यह ट्रेन लगभग एक सप्ताह तक 03-05 घंटे देरी से चलने की संभावना है। बोकारो आने वाली ट्रेन शुक्रवार को भी इस ट्रेन को 04 घंटे विलंब से चलने की संभावना है। कोशी ​हटिया एक्सप्रेस 5 घंटे लेट : यह ट्रेन को गुरुवार को रात 10.30 बजे पहुंची। इस ट्रेन का बोकारो में समय शाम 05:10 बजे है। यह ट्रेन गया जंक्शन पर नहीं रुक रही है। इस ट्रेन के रूट को डायवर्ट करके राजगीर-तिलैया के रास्ते चलाया जा रहा है। Source link

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