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प्राइम लोकेशन में सस्ता घर चाहिए? आ जाएं सोनारी, मिलेगी बजट फ्रेंडली...

Last Updated:April 28, 2026, 16:36 IST Jamshedpur Prime Location For Rented Homes: जमशेदपुर में कम बजट लेकिन अच्छी लोकेशन में किराये का घर या फ्लैट ढूंढ रहे तो सोनारी एरिया में शिफ्ट हो सकते हैं. यहां आसपास ही आपको सारी सुविधाएं मिल जाएंगी और किराया लोकेशन को देखते हुए कम है. अगर आप जमशेदपुर में अपने परिवार के साथ नौकरी के सिलसिले में शिफ्ट हो रहे हैं और एक अच्छे, सुरक्षित और सुविधाजनक इलाके में किराए का घर ढूंढ रहे हैं, तो सोनारी क्षेत्र आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है. यह इलाका शहर के प्रमुख और प्राइम लोकेशन में गिना जाता है, जहां रहने के लिए लगभग हर जरूरी सुविधा आसानी से उपलब्ध है. सोनारी की सबसे बड़ी खासियत इसकी शांत और हरी-भरी वादियां हैं, जो इसे अन्य भीड़-भाड़ वाले इलाकों से अलग बनाती हैं. यहां का वातावरण न सिर्फ साफ-सुथरा है बल्कि परिवार के साथ रहने के लिए भी काफी सुरक्षित माना जाता है. 24 घंटे बिजली और पानी की सुविधा इस क्षेत्र की एक बड़ी विशेषता है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता. इसके अलावा, यहां की सिक्योरिटी व्यवस्था भी काफी मजबूत है, जिससे परिवार के साथ रहने वाले लोगों को एक अलग ही सुकून मिलता है. सोनारी क्षेत्र उन लोगों के लिए एक परफेक्ट जगह है जो अपने परिवार के साथ सुरक्षित, सुविधाजनक और शांत माहौल में रहना चाहते हैं. बेहतर लोकेशन, किफायती किराया और सभी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता इसे जमशेदपुर के सबसे पसंदीदा रिहायशी इलाकों में शामिल करती है. Add News18 as Preferred Source on Google सोनारी में चारों ओर अच्छी तरह से विकसित कॉलोनियां मौजूद हैं, जहां से आपको बाजार, मेडिकल स्टोर, अस्पताल और स्कूल जैसी जरूरी सुविधाएं बेहद नजदीक मिल जाती हैं. बच्चों की पढ़ाई के लिए अच्छे स्कूल और परिवार की स्वास्थ्य जरूरतों के लिए बेहतर अस्पताल इस इलाके को और भी खास बनाते हैं. साथ ही, दैनिक जरूरतों के लिए बाजार भी पास में ही उपलब्ध होने के कारण यहां रहने वाले लोगों को कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ती. अगर किराए की बात करें तो सोनारी में आपको बजट के अनुसार कई अच्छे विकल्प मिल जाएंगे. सामान्य तौर पर यहां ₹5000 प्रति महीने के आसपास आपको दो कमरे का घर आसानी से मिल सकता है, जो छोटे परिवार के लिए बिल्कुल उपयुक्त होता है. वहीं, अगर आप फ्लैट लेना चाहते हैं तो ₹8000 से ₹10000 के बीच में आपको एक अच्छा और सुविधाजनक फ्लैट भी मिल सकता है, जिसमें आधुनिक सुविधाएं भी शामिल होती हैं. First Published : April 28, 2026, 16:36 IST Source link

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गर्मी में दूध घटने से परेशान पशुपालक… अपनाएं ये तरीका, पीला भूसा...

होमफोटोकृषि गर्मी में दूध घटने से परेशान पशुपालक,अपनाएं ये तरीका, दुधारू पशु रहेंगे स्वस्थ Last Updated:April 28, 2026, 20:36 IST Animal Care Tips: गर्मी का मौसम दुधारू पशुओं के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होता. तेज धूप, लू और पानी की कमी के कारण इस समय पशु जल्दी बीमार पड़ जाते हैं और सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि उनका दूध उत्पादन अचानक कम हो जाता है या कई बार पूरी तरह खत्म हो जाता है. ऐसे में पशुपालकों के लिए यह समय चुनौती भरा जरूर होता है, लेकिन अगर खान-पान और देखभाल पर सही तरीके से ध्यान दिया जाए तो गर्मी में भी दूध उत्पादन को बनाए रखा जा सकता है. खासकर आहार का सही चुनाव इस मौसम में सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है. हालांकि हर भूसा एक जैसा नहीं होता, इसलिए सही भूसे का चुनाव करना जरूरी है. डॉ सोरेन के अनुसार पीला भूसा जैसे गेहूं, धान, मकई और चना का भूसा दुधारू पशुओं के लिए बेहतर माना जाता है. इसमें जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो पशु के शरीर को ऊर्जा देते हैं और दूध उत्पादन को बनाए रखने में मदद करते हैं. देवघर कृषि विज्ञान केंद्र की पशु चिकित्सक डॉ पूनम सोरेन बताती हैं कि गर्मी के दिनों में हरा चारा आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता. खेतों में नमी की कमी और तेज तापमान के कारण हरी घास और चारा कम हो जाता है, जिससे पशुपालकों को परेशानी होती है. ऐसे समय में भूसा एक अच्छा विकल्प बनकर सामने आता है. यह भी ध्यान रखें कि सिर्फ भूसा देना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे खिलाने का तरीका भी उतना ही जरूरी है. अक्सर देखा जाता है कि पशुपालक सीधे सूखा भूसा पशु के सामने रख देते हैं, जो एक बड़ी गलती है. सूखा भूसा खाने से पशु के पाचन तंत्र पर असर पड़ सकता है और उसका पेट खराब हो सकता है. इससे पशु बीमार पड़ सकता है और दूध उत्पादन पर भी खराब असर पड़ता है. इसलिए भूसा खिलाने से पहले उसे सही तरीके से तैयार करना बहुत जरूरी है. Add News18 as Preferred Source on Google डॉ पूनम सोरेन सलाह देती हैं कि भूसे को खिलाने से पहले कम से कम एक से दो घंटे तक पानी में भिगोकर रखना चाहिए. जब भूसा अच्छी तरह से फूल जाता है, तब उसे पशु को खिलाना चाहिए. इससे भूसा नरम हो जाता है और पशु उसे आसानी से पचा पाता है. साथ ही इससे पशु के शरीर में पानी की कमी भी कुछ हद तक पूरी होती है, जो गर्मी के मौसम में बेहद जरूरी है. अगर पशुपालक इस छोटे से तरीके को अपनाते हैं, तो वे अपने पशुओं को बीमारियों से बचा सकते हैं और दूध उत्पादन को भी बेहतर बना सकते हैं. गर्मी के मौसम में दुधारू पशुओं की देखभाल में थोड़ी सी सावधानी और सही जानकारी बहुत बड़ा फर्क ला सकती है. सही भूसा, सही तरीका और समय पर देखभाल से पशुपालक न केवल अपने पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं, बल्कि अपने दूध उत्पादन को भी स्थिर और अच्छा बनाए रख सकते हैं. First Published : April 28, 2026, 20:36 IST Source link

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फीस से ज्यादा था पेट्रोल का खर्च, पिता ने लगाया दिमाग, कोचिंग...

Last Updated:April 28, 2026, 20:39 IST कोडरमा के आश्रम रोड निवासी बिजली मिस्त्री धर्म प्रकाश ने जुगाड़ तकनीक से साधारण साइकिल को इलेक्ट्रिक साइकिल में बदलकर मिसाल पेश की है. उनकी बेटी पिंकी कुमारी ने बताया कि पहले साधारण साइकिल से ट्यूशन जाने में करीब आधा घंटा लग जाता था और काफी थकान होती थी. अब इलेक्ट्रिक साइकिल से आने-जाने में पंद्रह मिनट से भी कम समय लगता है और बिना थकान के सफर पूरा हो जाता है. ख़बरें फटाफट कोडरमा: पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने जहां आम लोगों की जेब पर असर डाला है वहीं अब लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ रुख कर रहे हैं. इसी बीच कोडरमा के झुमरी तिलैया शहर के आश्रम रोड निवासी बिजली मिस्त्री धर्म प्रकाश ने अपनी जुगाड़ तकनीक और हुनर से साधारण साइकिल को इलेक्ट्रिक साइकिल में बदल डाला है. दसवीं तक पढ़ाई करने वाले धर्म प्रकाश वर्षों से बिजली के विभिन्न उपकरणों की मरम्मत का काम करते आ रहे हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी तकनीकी समझ का उपयोग करते हुए एक ऐसी इलेक्ट्रिक साइकिल तैयार की है जो कम खर्च में बेहतर सुविधा दे रही है. साधारण साइकिल को बना दिया इलेक्ट्रिक साइकिलधर्म प्रकाश ने बताया कि उनकी बेटी पिंकी कुमारी स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं और ट्यूशन पढ़ने के लिए रोज घर से करीब पांच किलोमीटर दूर जाती है. आने-जाने में उसे रोजाना 10 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था. पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण दोपहिया वाहन से आने-जाने का खर्च ट्यूशन फीस से भी अधिक होने लगा. इसी परेशानी ने उन्हें कुछ नया करने की प्रेरणा दी. उन्होंने घर में रखी एक साधारण साइकिल को जुगाड़ तकनीक के जरिए इलेक्ट्रिक साइकिल में बदलने का फैसला किया. करीब एक सप्ताह की मेहनत के बाद उन्होंने यह मॉडल तैयार किया. इसे बनाने में लगभग 8 हजार रुपये की लागत आई है. 2 घंटे में फुल चार्जउन्होंने बताया कि साइकिल में 24 वोल्ट की डीसी मोटर, लिथियम बैट्री, डबल चेन स्पॉकेट का इस्तेमाल किया गया है. इसके अलावा इसमें बैटरी चार्जिंग इंडिकेटर, हॉर्न, एक्सीलेटर और लाइट जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं. इस इलेक्ट्रिक साइकिल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बैटरी सिर्फ दो घंटे में फुल चार्ज हो जाती है और एक बार चार्ज होने पर करीब 30 किलोमीटर तक चल सकती है. साथ ही यदि रास्ते में बैटरी कम हो जाए तो इसे सामान्य साइकिल की तरह पैडल मारकर भी चलाया जा सकता है. अब ट्यूशन जाने में आधे से भी कम समय लगता हैउनकी बेटी पिंकी कुमारी ने बताया कि पहले साधारण साइकिल से ट्यूशन जाने में करीब आधा घंटा लग जाता था और काफी थकान होती थी. अब इलेक्ट्रिक साइकिल से आने-जाने में पंद्रह मिनट से भी कम समय लगता है और बिना थकान के सफर पूरा हो जाता है. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kodarma,Jharkhand First Published : April 28, 2026, 20:38 IST Source link

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Video: पेट्रोल पंप के पास कार की छत पर जला रहे थे...

हादसे का शिकार हुई कार उड़ीसा नंबर की है। कुछ लोग कार की छत पर पटाखे जला रहे थे। इन्हीं पटाखों की चिंगारी से कार में आग लग गई। अगर आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। Source link

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जमशेदपुर में रेलवे कर्मी की हत्या, बागबेड़ा लॉबी गेट पर बाइक सवारों...

जमशेदपुर में बागबेड़ा थाना क्षेत्र में सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां रेलवे लॉबी गेट के पास रविवार देर रात एक रेलवे कर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक जीके मीणा आदित्यपुर का निवासी था और रेलवे से जुड़े कार्यों के साथ-साथ जमीन कारोबार में भी सक्रिय था। Source link

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मायके जाने की जिद कर रही थी पत्नी, पति ने कुल्हाड़ी से...

पत्नी की हत्या करने के बाद आरोपी पति उसके शव के साथ सोया रहा। सुबह होने पर उसने परिजनों को बताया कि उसने हत्या कर दी है। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। Source link

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झारखंड और बंगाल के लिए रेलवे का बड़ा तोहफा, चलाईं कई समर...

झारखंड और पश्चिम बंगाल के लिए कई समर स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं हैं। गर्मी की छुट्टी के दौरान बड़ी संख्या में यात्रियों को राहत मिलने वाली है। Source link

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Petrol Diesel Price hike News: चुनावी राहत खत्‍म, पेट्रोल-डीजल होगा महंगा! राहुल...

होमताजा खबरदेश चुनाव खत्‍म, पेट्रोल-डीजल होगा महंगा! राहुल गांधी के दावे पर क्‍या बोली सरकार Last Updated:April 28, 2026, 21:04 IST क्‍या बंगाल चुनाव के बाद सच में पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ने वाली हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीड‍िया पर यह दावा क‍िया. सरकार का भी इस पर जवाब आया. सरकार ने साफ कहा क‍ि कीमतें बढ़ाने का कोई प्‍लान नहीं है. अफवाह पर न जाएं. पेट्रोल डीजल की कीमतों पर सरकार का बड़ा बयान आया. पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होने की कगार पर हैं और इसी के साथ देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि चुनाव खत्म होते ही आम आदमी की जेब पर महंगाई का बम फटने वाला है. हालांकि, सरकार ने इन अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए इसे केवल अफवाह करार दिया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरते हुए तंज कसा. उन्होंने लिखा, चुनावी राहत अब खत्म होने वाली है और महंगाई की गर्मी के लिए तैयार हो जाइए. राहुल गांधी का इशारा पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को होने वाली आखिरी चरण की वोटिंग की तरफ था. उन्होंने आरोप लगाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता था, तब सरकार ने मुनाफा कमाया और अब जब कीमतें बढ़ी हैं, तो इसका बोझ सीधे जनता पर डालने की तैयारी है. चुनावी राहत खत्म, महंगाई की गर्मी तैयार! 29th April के बाद देखिए – पेट्रोल, डीज़ल, सब महंगे होंगे। जब तेल सस्ता था, मोदी सरकार ने अपना मुनाफ़ा रखा। अब महंगा है, तो बोझ आप पर डालेगी। सस्ते की लूट मचाती सरकार – जनता को बस महंगाई की मार। Source link

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सोशल मीडिया स्टार अंकिता परमार से लेकर सिंगर नेहा सुथार तक, कौन...

Last Updated:April 28, 2026, 21:12 IST गुजरात लोकल बॉडी इलेक्शन 2026: गुजरात में 26 अप्रैल को हुए लोकल बॉडी इलेक्शन के नतीजे आ चुके है. 15 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, 84 म्युनिसिपैलिटी, 34 डिस्ट्रिक्ट पंचायत और 260 तालुका पंचायत की हज़ारों सीटों पर बीजेपी कांग्रेस और आप के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला. इस बार सोशल मीडिया स्टार, लोक गायक और जाने-माने राजनीतिक परिवारों के सदस्य चुनावी मैदान में थे, जिसमें कुछ ने बड़ी जीत हासिल की तो कुछ को हार का सामना करना पड़ा. तो चलिए जानते हैं कि किन मशहूर चेहरों ने बड़ी जीत हासिल की है और किसे हार का सामना करना पड़ा है. वडोदरा जिला पंचायत में अंकिता परमार की जीत: सोशल मीडिया स्टार और बीजेपी कैंडिडेट अंकिता परमार ने वडोदरा जिला पंचायत की पोर सीट से जीत हासिल की है. अंकिता परमार के 1 मिलियन से ज़्यादा इंस्टाग्राम फॉलोअर्स हैं और वह वडोदरा तालुका पंचायत की पूर्व प्रेसिडेंट भी रह चुकी हैं. बीजेपी के इस ‘रील स्टार’ को टिकट देने से पार्टी में थोड़ी नाराजगी थी, लेकिन इस चुनाव में जनता उनके साथ खड़ी नजर आई. सुरेंद्रनगर में राजू करपड़ा को मिली कामयाबी: किसान नेता और बीजेपी कैंडिडेट राजू करपड़ा ने सुरेंद्रनगर जिला पंचायत की मुली-2 सीट से जीत हासिल की है. आप छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले राजूभाई ने स्थानीय किसानों और युवाओं के सपोर्ट से जीत हासिल की है. आप छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के बाद यह उनकी पहली बड़ी कामयाबी है. किसानों के मुद्दों पर आवाज उठाने वाले करपड़ा को स्थानीय लोगों का जबरदस्त सपोर्ट मिला है. मायाभाई अहीर की बेटी सोनल डेर की हार: मायाभाई अहीर की बेटी और बीजेपी कैंडिडेट सोनल डेर लाठी तालुका पंचायत की चावंड (या लाठी) सीट से चुनाव हार गई हैं. कांग्रेस की शांतिबेन डेर ने उन्हें हराकर एक बड़ा उलटफेर किया है. इस हार के साथ ही मायाभाई के परिवार की पॉलिटिक्स में बड़ा विराम लग गया है. Add News18 as Preferred Source on Google गिर सोमनाथ में राजल बारोट को मिली सफलता: मशहूर फोक सिंगर राजल बारोट ने ऊना म्युनिसिपैलिटी के वार्ड नंबर 7 से बीजेपी के टिकट पर जीत हासिल की है. स्वर्गीय मणिराज बारोट की बेटी राजल बारोट ने फोक म्यूजिक की पॉपुलैरिटी और लोकल सपोर्ट से जीत का स्वाद चखा है. बीजापुर में सिंगर नेहा सुथार की जीत: मशहूर गुजराती सिंगर और मॉडल नेहा सुथार ने मेहसाणा में बीजापुर तालुका पंचायत की फुदेडा सीट से चुनाव जीत गईं हैं. वह बीजेपी की टिकट पर चुनावी मैदान में उतरी थीं. उनकी पॉपुलैरिटी ने यंग वोटर्स को अट्रैक्ट किया और वह आसानी से जीत गईं. इस जीत को आर्टिस्ट्स की पॉलिटिकल एंट्री का एक सफल एग्जांपल माना जा रहा है. राजकोट में आरजे आभा देसाई की हार: कांग्रेस का जाना-माना चेहरा और आरजे आभा देसाई वार्ड नंबर 10 से हार गई हैं. इस हार के साथ ही कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. उनकी पॉपुलैरिटी के बावजूद पॉलिटिक्स में उनकी यह कोशिश कामयाब नहीं हो पाई है. मनोज निनामा की हार – पूर्व IPS ऑफिसर और बीजेपी कैंडिडेट मनोज निनामा को ऊद (शामलाजी) सीट से करारी हार मिली है. रिटायरमेंट से ठीक दो महीने पहले सर्विस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए निनामा को विपक्षी कैंडिडेट ने 2700 वोटों के मार्जिन से हराया है. First Published : April 28, 2026, 21:12 IST Source link

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रणजी में नहीं हुआ सेलेक्शन तो पास किया UPSC, नक्सलियों के उड़ाए...

रमना कुमार पी.वी. हैदराबाद. तेलंगाना सरकार ने आईपीएस अधिकारी सीवी आनंद को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया है. 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी आनंद वर्तमान में गृह विभाग के विशेष मुख्य सचिव हैं. मंगलवार को आनंद के तबादले और उन्हें पुलिस महानिदेशक के पद पर तैनात करने का एक सरकारी आदेश जारी किया गया. वह शिवधर रेड्डी की जगह लेंगे, जो 30 अप्रैल को सेवा से रिटायर हो रहे हैं. आनंद इससे पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के महानिदेशक के रूप में कार्य कर चुके हैं और दो बार हैदराबाद शहर के पुलिस आयुक्त का पद संभाल चुके हैं. उन्होंने साइबराबाद के आयुक्त के रूप में भी सेवा दी थी. अधिकारी ने माओवाद से प्रभावित कई जिलों में काम किया और अपने नेतृत्व व सेवा के लिए पहचान बनाई. उन्हें 2002 में असाधारण बहादुरी के लिए राष्ट्रपति का वीरता पदक मिला. डीजीपी कार्यालय की ओर से जारी एक नोट के अनुसार, आनंद को मेट्रोपॉलिटन पुलिसिंग में 15 वर्षों का अनुभव है, जिसमें से 10 वर्ष उन्होंने अकेले हैदराबाद शहर में बिताए हैं. वहां उन्हें शहर की संस्कृति, रीति-रिवाजों और लोगों की गहरी समझ रखने वाले अधिकारी के तौर पर जाना जाता है. इस समझ ने उन्हें मुश्किल समय में और गणेश व बकरीद जैसे सभी त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में मदद की. 5 जून 1968 को हैदराबाद में जन्मे आनंद, चमा दामोदर रेड्डी के पांच बेटों में से एक थे. चमा दामोदर रेड्डी भारतीय वन सेवा में ‘वन संरक्षक’ के पद से सेवानिवृत्त हुए थे. हैदराबाद पब्लिक स्कूल के छात्र के तौर पर, उन्होंने पढ़ाई और खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. उन्होंने हैदराबाद की यू-19 क्रिकेट टीम के लिए खेला और 1986 में इसी टीम के साथ इंग्लैंड का दौरा किया. साथ ही, उसी वर्ष उन्होंने 12वीं की आईएससी परीक्षा में अपनी कक्षा में प्रथम स्थान भी प्राप्त किया. 1989 में, उन्होंने निजाम कॉलेज से मैथ्स-इकोनॉमिक्स-स्टैटिस्टिक्स में अपना बीए पूरा किया और बाद में उस्मानिया यूनिवर्सिटी के आर्ट्स कॉलेज से एमए इकोनॉमिक्स किया. अंडर-22 क्रिकेट में हैदराबाद राज्य का प्रतिनिधित्व करने और रणजी ट्रॉफी में चयन से चूकने के बाद, आनंद ने 1990 में सिविल सेवा परीक्षा देने का फैसला किया. साल 1991 में आईपीएस में उन्हें उनका गृह राज्य आवंटित किया गया. जिला प्रशिक्षण के लिए, उन्हें वारंगल जिला आवंटित किया गया और वारंगल ग्रामीण उप-मंडल में एएसपी के रूप में तैनात किया गया. उनकी सेवा के पहले नौ साल नक्सल-प्रभावित जिलों में बीते, जहां उन्होंने व्यक्तिगत रूप से बलों का नेतृत्व किया और गोलीबारी तथा मुठभेड़ों में हिस्सा लिया. आनंद ने 2000-2001 में कृष्णा जिले के अधीक्षक के रूप में भी कार्य किया. उन्हें 2001-2004 में हैदराबाद शहर के डीसीपी पूर्वी जोन और डीसीपी मध्य जोन के रूप में तैनात किया गया. डीआईजी के रूप में पदोन्नति पर उन्हें सीआईडी ​​ईओडब्ल्यू में तैनात किया गया, जहां उनके विशेष प्रयासों के कारण उन्हें क्रुशी बैंक घोटाले के आरोपी वेंकटेश्वर राव (2004-2005) को प्रत्यर्पण के जरिए वापस लाने के लिए बैंकॉक जाने वाली टीम का नेतृत्व करने का अवसर मिला. उन्हें डीआईजी एलुरु रेंज (2006) के रूप में तैनात किया गया, जहां से उनका तबादला विजयवाड़ा के पुलिस आयुक्त (2007-2008) के रूप में कर दिया गया. इसके बाद, उन्होंने आबकारी विभाग के निदेशक (2009-2010) के रूप में कार्य किया. आईजी के रूप में पदोन्नति पर, उन्होंने हैदराबाद शहर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) (2010-2013) के रूप में कार्य किया. बाद में, उन्होंने 2013 से 2016 तक साइबराबाद के पुलिस आयुक्त के रूप में कार्य किया. एडीजी के रूप में पदोन्नति पर उन्हें नागरिक आपूर्ति आयुक्त, खाद्य सचिव और नागरिक आपूर्ति निगम के एमडी के रूप में नियुक्त किया गया. वे 2018 से 2022 तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीआईएसएफ में गए और आईजी हवाई अड्डा क्षेत्र के रूप में कार्य किया. भारत सरकार में एडीजी के रूप में उनका पैनल में चयन हुआ और बाद में दिसंबर 2021 में राज्य सरकार द्वारा उन्हें हैदराबाद शहर के पुलिस आयुक्त के रूप में कार्य करने के लिए वापस बुला लिया गया. Source link

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