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Bihar Pranav NEET Success Story: नीट में लगातार 5 बार फेल, जब...


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Pranav NEET Success Story: यह कहानी बिहार के रहने वाले प्रणव की है. उनके पिता घर-घर कूरियर ले जाने का काम करते हैं. प्रणव डॉक्टर बनना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने नीट की तैयारी शुरू की. कठिन मेहनत के बाद भी वह परीक्षा में 5 बार फेल हो गए. लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी. पढ़िए प्रणव की सक्सेस स्टोरी.

नीट में 5 बार फेल, जब थककर छोड़ी तैयारी, तब ऐसे पलटी बिहार के प्रणव की किस्मतZoom

Pranav NEET Success Story: बिहार के प्रणव छठी बार में नीट परीक्षा में सफल हुए

नई दिल्ली (Pranav NEET Success Story). नीट परीक्षा में एक या दो बार फेल होने के बाद अक्सर स्टूडेंट्स हिम्मत हार जाते हैं. कई तो डॉक्टर बनने का सपना ही छोड़ देते हैं और कोई दूसरा आसान रास्ता चुन लेते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि लगातार 5 बार असफल होने के बाद भी कोई फिर से उठ खड़ा हो सकता है? बिहार के पूर्णिया के रहने वाले प्रणव ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है. उनकी कहानी उन लाखों युवाओं के लिए मिसाल है, जो मुश्किलों से घबराकर अपने घुटने टेक देते हैं.

प्रणव की नीट सक्सेस स्टोरी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की नहीं है, बल्कि यह कहानी है एक पिता के संघर्ष की, जो घर-घर जाकर कूरियर बांटते थे. यह कहानी है उस मां के अधूरे सपने की जो खुद कभी डॉक्टर बनना चाहती थीं. बेहद साधारण परिवार और आर्थिक तंगहाली के बीच पले-बढ़े प्रणव ने अपनी 5 नाकामियों को ही सबसे बड़ी ताकत बना लिया. जानिए बिहार के प्रणव ने कैसे हार मानने के बाद भी दोबारा शानदार वापसी की और सरकारी मेडिकल कॉलेज तक का सफर तय किया.

पिता बांटते थे कूरियर, मां के पास था एक अधूरा सपना

प्रणव बिहार के पूर्णिया के बेहद साधारण परिवार से आते हैं. उनके पिता कूरियर बॉय का काम करते थे. सैलरी बहुत कम थी और काम में कोई खास सम्मान भी नहीं था. फिर भी उन्होंने बेटे की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं होने दी. प्रणव की मां स्कूल टीचर थीं. पैसों की तंगी के बावजूद माता-पिता ने प्रणव को हमेशा शहर के बेहतरीन स्कूल में पढ़ाया. शुरुआत में प्रणव को अंदाजा भी नहीं था कि डॉक्टर बनना असल में उनकी मां का अधूरा सपना था, जिसे वह अपने बेटे की आंखों से पूरा होते देखना चाहती थीं.

रिश्तेदारों के ताने और लगातार 5 बार असफलता का दर्द

साल 2018 में जब पहली बार नीट का रिजल्ट आया तो प्रणव को निराशा हाथ लगी. उनका स्कोर बहुत कम था. रिश्तेदारों और करीबियों ने कहना शुरू कर दिया- नीट तुम्हारे बस का नहीं है, कुछ और ट्राई करो. लेकिन उनकी मां ने हमेशा कहा- एक बार और कोशिश करो, जरूर होगा.

इसके बाद भी प्रणव का संघर्ष खत्म नहीं हुआ. 2019 में 466 स्कोर और 2020 में 530 मार्क्स आए. 2021 में परीक्षा का पैटर्न बदला तो डर के मारे वे एग्जाम हॉल में ही हिम्मत हार गए. साल 2022 में कोविड की वजह से कोचिंग बंद हो गई और खाली समय में ऑनलाइन गेमिंग की लत लग गई. इस बार भी उनका स्कोर सिर्फ 557 ही रहा, जो सरकारी कॉलेज के लिए काफी नहीं था.

नीट छोड़कर BMS में लिया एडमिशन, फिर दोस्तों ने जगाई उम्मीद

लगातार 5 बार फेल होने के बाद प्रणव टूट चुके थे. उन्होंने नीट की तैयारी छोड़ दी और हार मानकर BMS कोर्स में एडमिशन ले लिया. लेकिन उनके दोस्तों को उनकी काबिलियत पर पूरा भरोसा था. दोस्तों के हौसला बढ़ाने पर प्रणव ने एक बार फिर खुद को टटोला. उन्होंने अपनी पुरानी गलतियों को पहचानना शुरू किया. कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ सिर्फ 2 महीनों में करीब 40-50 मॉक टेस्ट पेपर सॉल्व किए. इस बार उन्होंने अपनी गलतियों को सुधारने के लिए ‘मिस्टेक कॉपी’ बनाई, जिसका वे रोज एनालिसिस करते थे.

डर पर पाया काबू और जीत ली जंग

नीट 2023 के एग्जाम हॉल में जाने से पहले भी प्रणव काफी घबराए हुए थे. लेकिन इस बार उन्होंने खुद पर काबू रखने का फैसला किया. उन्होंने शांत दिमाग से नीट यूजी पेपर पढ़ा और केवल 1 घंटे 10 मिनट में फिजिक्स सेक्शन को छोड़कर बाकी पूरा पेपर हल कर लिया. इस सटीक स्ट्रैटेजी का नतीजा यह रहा कि नीट 2023 में अच्छे स्कोर के साथ प्रणव को सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिल गया.

नीट एस्पिरेंट्स के लिए प्रणव की सलाह

‘मेरी वो 5 असफलताएं बेकार नहीं गईं, उन्होंने मुझे बहुत कुछ सिखाया है. अब जिंदगी में कोई भी मुश्किल आए, मैं उसका आसानी से सामना कर लूंगा.’ प्रणव हर नीट एस्पिरेंट को यही सलाह देते हैं कि अगर आपके नंबर कम आ रहे हैं तो मैदान छोड़ने के बजाय अपनी गलतियां ढूंढें. उन्हें डायरी में लिखें और उन पर काम करें. यकीन मानिए, अगली बार जीत आपकी ही होगी.

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Deepali PorwalSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the <strong>Education and Career desk</strong>. She is kno…और पढ़ें





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