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Board Results 2026: 6वीं में छूटी थी पढ़ाई, अब बेटे के साथ...


नई दिल्ली (Board Results 2026). देशभर में कल यानी 10 मई 2026 को मदर्स डे मनाया जाएगा. मदर्स डे से पहले मां-बेटे की उस जोड़ी की कहानी वायरल हो रही है, जिसने एक साथ 10वीं की बोर्ड परीक्षा में सफलता हासिल की. यह कहानी केवल एक रिजल्ट की नहीं, बल्कि उस अटूट हौसले की है जो उम्र की बंदिशों को नहीं मानता. बी. लक्ष्मी हरि (B. Lakshmi Hari) ने जब दशकों पहले छठी कक्षा में स्कूल छोड़ा था, तब उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह फिर से परीक्षा हॉल में बैठेंगी.

शादी, घर की जिम्मेदारियों और समय की मार ने उनके सपनों पर धूल जमा दी थी. लेकिन शिक्षा की लौ कभी बुझती नहीं है, बस उसे एक सही चिंगारी की जरूरत होती है. इस कहानी में वह चिंगारी बना उनका बेटा विजय, जिसने अपनी मां को न केवल प्रोत्साहित किया बल्कि उनका ‘स्टडी पार्टनर’ बनकर इस सफर को मुमकिन बनाया. आज के दौर में जहां करियर और डिग्री की भागदौड़ में लोग हार मान लेते हैं, वहां लक्ष्मी और विजय की जोड़ी मिसाल बनकर उभरी है. पढ़िए मां-बेटे की सक्सेस स्टोरी.

सोशल मीडिया पर वायरल मां-बेटे का वीडियो

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. उसमें मां अपने बेटे के साथ एक ही लैपटॉप पर अपना रिजल्ट देख रही है. यह लम्हा किसी भी फिल्म के क्लाइमेक्स से ज्यादा भावुक है. लक्ष्मी का 10वीं की परीक्षा पास करना साबित करता है कि सीखने की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती. यह सक्सेस स्टोरी उन हजारों महिलाओं और स्टूडेंट्स के लिए है जो किसी वजह से अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं – यह संदेश देने के लिए कि फिर से शुरुआत करने के लिए कभी बहुत देर नहीं होती.

मजबूरी में छूटा स्कूल और खो गए सपने

लक्ष्मी हरि की कहानी आज से कई साल पहले शुरू हुई थी, जब पारिवारिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण उन्हें छठी कक्षा में ही अपनी पढ़ाई को तिलांजलि देनी पड़ी. एक छोटा सा बच्चा जिस उम्र में बड़े सपने देखता है, लक्ष्मी उस उम्र में घर की जिम्मेदारियों में उलझ गईं. साल बीतते गए, शादी हुई, बच्चे हुए, लेकिन उनके मन के किसी कोने में अधूरी पढ़ाई का मलाल हमेशा जिंदा रहा. उन्होंने मान लिया था कि अब किताबें उठाने का वक्त निकल चुका है.

विजय ने मां को बनाया क्लासमेट

कहानी में मोड़ तब आया जब लक्ष्मी के बेटे विजय ने 10वीं कक्षा में एडमिशन लिया. विजय ने देखा कि उसकी मां आज भी पढ़ने की इच्छा रखती हैं. उसने अपनी मां से एक अनोखा वादा लिया- मां, अगर मैं परीक्षा दूंगा तो आप भी मेरे साथ बैठेंगी. शुरुआत में लक्ष्मी को झिझक हुई, लेकिन बेटे के भरोसे ने उन्हें हिम्मत दी. विजय ने अपनी मां को कोचिंग दी, मुश्किल सवाल हल करना सिखाया और दोनों एक साथ रात-रात भर जागकर पढ़ाई करने लगे.

मां का रिजल्ट देख ज्यादा खुश हुआ बेटा

यह वायरल वीडियो तेलंगाना का बताया जा रहा है. जब बोर्ड परीक्षा के नतीजे आए तो पूरा परिवार दंग रह गया. विजय ने 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में 600 में से 562 अंक (93.6%) हासिल कर अपनी मेधा साबित की, लेकिन असली जीत लक्ष्मी की थी. लक्ष्मी ने 360 अंकों के साथ 10वीं की बाधा पार कर ली. पास होने की खबर मिलते ही मां-बेटे के आंसू छलक आए. उनके लिए यह केवल अंकों का खेल नहीं था, बल्कि खोए हुए आत्मसम्मान को वापस पाने की लड़ाई थी.

लक्ष्मी हरि की सफलता उन लोगों के चेहरे पर तमाचा है जो मानते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त या सीखने की क्षमता कम हो जाती है.

नोट- यह सक्सेस स्टोरी वायरल वीडियो के आधार पर है. News18 हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है.



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