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गुमला में चप्पल से पिट गए राजस्व कर्मचारी, VIDEO:जमीन सीमांकन को पहुंची...

गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड के केड़ेग खेड़ा गांव में चैनपुर अंचल की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। जमीन सीमांकन को पहुंची अंचल की टीम की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों ने न केवल हंगामा किया बल्कि मारपीट तक कर दी। इस दौरान राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार सिन्हा को एक महिला ने चप्पल से पीटा। इस पूरे घटनाक्रम का किसी ने वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, शिव प्रसाद नामक व्यक्ति के ऑनलाइन आवेदन के आधार पर अंचल कार्यालय की टीम विवादित जमीन की मापी के लिए गांव पहुंची थी। टीम में राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार सिन्हा, नरेंद्र सेठ और अंचल अमीन उमाशंकर उरांव शामिल थे। हालांकि नियमानुसार पुलिस बल की मौजूदगी में सीमांकन होना था, लेकिन टीम पुलिस के पहुंचने से पहले ही मौके पर पहुंच गई। ठीक इसी समय मौके पर मौजूद ग्रामीण आक्रोशित हो गए। कर्मचारी को घेरकर पीटा, भाग कर बचाई जान जैसे ही टीम ने सीमांकन की प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश की, गांव के कुछ लोग आक्रोशित हो उठे। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। ग्रामीणों ने कर्मचारियों को घेर लिया। इसी दौरान एक महिला ने राजस्व कर्मचारी सुजीत कुमार सिन्हा पर चप्पलों से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से टीम के अन्य सदस्य भी घबरा गए। उपद्रवियों ने कर्मचारियों को खदेड़-खदेड़ कर पीटा। किसी तरह जान बचाकर भागने की कोशिश करते कर्मचारी पूरी तरह असहाय नजर आए। नहीं हो सका सीमांकन, मौके पर पहुंची पुलिस घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि तब तक माहौल काफी तनावपूर्ण हो चुका था। ग्रामीणों के हिंसक विरोध के कारण जमीन का सीमांकन कार्य शुरू ही नहीं हो पाया। प्रशासनिक टीम और पुलिस बल को बिना काम किए ही वापस लौटना पड़ा। जानकारी के मुताबिक देर शाम अंचल कार्यालय की ओर से चैनपुर थाने को घटना की जानकारी दी गई है। हालांकि इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। Source link

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फास्ट फूड के दौर में भी कायम है ‘सिंघाड़ा’ का जलवा, गुमला...

Last Updated:April 30, 2026, 21:05 IST Gumla Samosa Shop: आज के इस मॉडर्न दुनिया में खाने पीने में भी आधुनिकता का दौर चल रहा है. इस कारण आजकल फास्ट फूड का प्रचलन चरम पर है. चाहे गांव हो या शहर आपको सभी जगह फास्ट फूड की स्टॉलें बड़ी आसानी से मिल जाएंगी. जहां आपको आज के दौर का पसंदीदा व्यंजन जैसे मोमो, बर्गर, पिज्जा, रोल, चाऊमीन, चिल्ली आदि बड़ी ही आसानी से मिल जाएंगे, लेकिन इन सभी व्यंजनों के बीच आज भी एक खास चीज है, जिसे लोग समोसा के नाम से जानते हैं. वहीं, इसे झारखंड के गुमला जिले में सिंघाड़ा के नाम से जाना जाता है, जिसका जलवा आज भी सभी वर्ग के लोगों के बीच बरकरार है. बता दें कि समोसा एक ऐसा नमकीन है, जिसे हर उम्र के लोग पसंद करते हैं. चाहे बच्चे हों, युवा हों या बुजुर्ग. इसके स्वाद का जलवा सभी लोगों को खूब भाता है. यही कारण है कि गांव हो या शहर हर चौक-चौराहे पर समोसे की दुकान जरूर आपको मिल जाएगी. वहीं, कुछ दुकानों के समोसे इतने टेस्टी होते हैं कि वे उस होटल की पहचान बन जाते हैं. ऐसा ही गुमला के घाघरा प्रखंड के आदर गांव में एक लाजवाब व टेस्टी समोसा की 50 साल पुरानी दुकान है, जहां मिलने वाले समोसे के स्वाद के कारण उसकी बादशाहत आज भी कायम है. दुकानदार सतदेव महतो ने लोकल 18 से बताया कि गुमला जिले के घाघरा प्रखंड के बड़ा अजियातु गांव के वह रहने वाले हैं. उनके गांव के सटे आदर में साप्ताहिक बाजार लगता है. यहां बाजार में वह लगभग 50 सालों से अपना होटल चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता भी यही होटल चलाते थे. उन्हीं से यह काम सीखा था. इसके बाद वह खुद 50 सालों से अपना होटल चला रहे हैं. उनके यहां दुकान पर समोसा ,आलू चाप, धुसका ,बर्रा ,जलेबी, पकौड़ी आदि बनाई जाती है, लेकिन उनके यहां सबसे ज्यादा डिमांड समोसा की ही रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने बताया कि शुरुआत में वह मात्र 10 पैसे प्रति पीस के हिसाब से बिक्री करते थे. जहां आज धीरे-धीरे महंगाई बढ़ती गई और रेट भी बढ़ती गई, लेकिन उनके यहां मिलने वाले समोसे का क्रेज आज भी बरकरार है. आज उनके यहां समोसे के स्वाद में कोई कमी नहीं आई है. इस वजह से दुकान पर ग्राहकों को तांता लगा रहता है अगर आज कीमत की बात करें तो वर्तमान में ₹15 जोड़ा के हिसाब से समोसा मिलता है. वहीं, उनके यहां समोसे के साथ टमाटर की स्पेशल चटनी भी परोसी जाती है, जिसका स्वाद लोगों को खूब भाता है. वहीं, उनकी दुकान आदर में लगने वाले साप्ताहिक बाजार रविवार और बुधवार के दिन सुबह 8:00 बजे से शाम के 7:00 बजे तक सजी रहती है. उन्होंने बताया कि उनके यहां समोसा अच्छे तरीके से तैयार किया जाता है, जिसे आप घर में भी ट्राई कर सकते हैं. समोसा बनाने के लिए सबसे पहले मैदा लें, फिर उसमें मोयन के रूप में डालडा, नमक, अजवाइन ,मंगरैला आदि डालकर पानी से गूंथ लें. अब आलू का मसाला तैयार करने के लिए आलू को छीलकर मैश लें. फिर उसमें जीरा, हल्दी, लहसुन, धनिया, गरम मसाला, बादाम, मसाले मिलाएं. फिर मैदा से लोई बनाकर, बेलकर उसमें तैयार आलू मसाला को बेलकर तेल में छानकर गर्मा गर्म परोसें. First Published : April 30, 2026, 21:05 IST Source link

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सरायकेला की शांभवी बनीं ICSE 12वीं की नेशनल टॉपर:जमशेदपुर के सेक्रेड हार्ट...

आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड-17 की निवासी शांभवी तिवारी ने ICSE 12वीं (बायो साइंस) की परीक्षा में देश में पहला स्थान हासिल किया है। उन्हें 99.8% मिले हैं। जमशेदपुर के सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा शांभवी की इस उपलब्धि से उनके परिवार, स्कूल और पूरे जमशेदपुर तथा सरायकेला-खरसावां जिले में हर्ष का माहौल है। शांभवी ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति अटूट समर्पण के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। वह बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं और हर कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करती आई हैं। मां हैं सेंट मेरीज इंग्लिश हाई स्कूल में टीचर शांभवी के पिता राजेश रमण आकाशवाणी में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां निभा सिन्हा सेंट मेरीज इंग्लिश हाई स्कूल में रसायण शास्त्र की शिक्षिका हैं। परिवार में शिक्षा के मजबूत माहौल और माता-पिता के मार्गदर्शन ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान में शांभवी नीट परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। उनका सपना एक सफल डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है। उनकी यह उपलब्धि अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। शांभवी एक अनुशासित और मेधावी छात्रा रही हैं: प्रिंसिपल स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर स्टेफी ए.सी. ने शांभवी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह शुरू से ही एक अनुशासित और मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने हमेशा अपने प्रदर्शन से स्कूल का नाम रोशन किया है और यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत का ही परिणाम है। शांभवी तिवारी की यह उपलब्धि उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार परिश्रम करते हैं। Source link

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साली से शादी के लिए किया साले का अपहरण:कोडरमा में जीजा समेत...

कोडरमा में विधवा साली से शादी के लिए उसके जीजा ने साले का अपहरण कर लिया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे में अपहृत 14 वर्षीय बच्चे को बरामद कर लिया और आरोपी समेत तीन को गिरफ्तार कर लिया। पूरा मामला तिलैया थाना क्षेत्र का है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में अपहृत का जीजा और उसके दो साथी शामिल हैं। कोडरमा एसपी कुमार शिवाशीष ने गुरुवार को बताया कि तिलैया थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 24 निवासी वीणा देवी (पति स्व. नंदकिशोर यादव) ने 29 अप्रैल को थाने में आवेदन दिया था। स्कूल जाने के बाद घर वापस नहीं लौटा था चंदन उन्होंने बताया कि उनका भाई चंदन कुमार स्कूल जाने के बाद घर वापस नहीं लौटा। मामले की गंभीरता को देखते हुए तिलैया थाना में कांड संख्या 127/26 दर्ज किया गया। इसके बाद थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर वीणा देवी के जीजा सूरज यादव को हिरासत में लिया। परिवार पर दबाव बनाने के लिए किया अपहरण पूछताछ में सूरज यादव ने खुलासा किया कि उसने अपने साथियों पिंटु कुमार और संतोष कुमार सिन्हा के साथ मिलकर बच्चे का अपहरण किया था। आरोपी ने बताया कि वह अपनी साली वीणा देवी से शादी करना चाहता था और परिवार पर दबाव बनाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था। सूरज यादव की निशानदेही पर पुलिस ने मोरियांवां निवासी संतोष सिन्हा के घर से बच्चे को बरामद कर लिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी सूरज यादव, उसके साथी बिहार के गया जिले के घरहरा निवासी पिंटु कुमार और संतोष कुमार सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया है। Source link

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आंखों में नहीं, इरादों में है रोशनी! नेत्रहीन सुदामा और रामाशीष भाई...

Last Updated:April 30, 2026, 21:15 IST किसी ने बिल्कुल सही कहा है, मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, क्योंकि पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है. जब इंसान के इरादे मजबूत हों और दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा, तब कोई कमी, कोई परेशानी और कोई मजबूरी उसे आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती. ऐसे ही हौसले और संघर्ष की मिसाल हैं वे लोग, जिन्होंने हालात से लड़कर अपनी मेहनत से सफलता की नई कहानी लिख दी. दरअसल, लातेहार जिले के सदर प्रखंड स्थित सीसी गांव के दो भाई सुदामा महतो और रामाशीष मेहता उन लोगों के लिए प्रेरणा बन गए हैं, जो छोटी-छोटी मुश्किलों में हार मान लेते हैं. जन्म से नेत्रहीन होने के बावजूद दोनों भाइयों ने अपनी जिंदगी को बोझ नहीं बनने दिया, बल्कि खेती को सहारा बनाकर पूरे परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा रखी है. दोनों भाइयों ने ये साबित कर रहे हैं कि इंसान की असली ताकत उसकी आंखों में नहीं, बल्कि उसके इरादों में होती है. आंखों में भले अंधेरा हो, लेकिन मेहनत और आत्मविश्वास से उन्होंने अपने जीवन को रोशन कर दिया है. आंखों से देखने में असमर्थ ये दोनों भाई आज भी खेतों में कुदाल चलाते हैं, बुवाई करते हैं, फसल काटते हैं और मौसम के अनुसार खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं. गांव के लोग जब उन्हें खेतों में काम करते देखते हैं तो हैरान रह जाते हैं. बिना आंखों की रोशनी के सिर्फ अनुभव और अंदाज के सहारे खेती करना किसी मिसाल से कम नहीं है. सुदामा महतो ने लोकल18 को बताया कि बचपन में गांव में पढ़ाई की सुविधा नहीं थी और नेत्रहीन होने के कारण शिक्षा हासिल करना मुश्किल था. ऐसे में उन्होंने पिता के साथ खेतों में काम करना शुरू किया. धीरे-धीरे खेती ही उनका जीवन बन गई. आज करीब छह एकड़ जमीन पर वे खेती करते हैं. वर्तमान समय में मक्का, पेक्ची, गेहूं और गन्ना जैसी फसलें लगी हैं. गेहूं की कटाई के बाद अब झींगी, करैला, भिंडी और मूंग की बुवाई की तैयारी है. Add News18 as Preferred Source on Google सुदामा महतो के दो बेटे हैं, जबकि रामाशीष मेहता के तीन बेटे हैं. दोनों भाई कहते हैं कि साल भर खेती ही परिवार का सहारा है. इसी कमाई से बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और जीवन की जरूरतें पूरी होती हैं. एक सीजन की अच्छी फसल से खाने-पीने से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक का खर्च निकल जाता है. रामाशीष मेहता ने कहा कि उनकी जमीन लगभग 6 एकड़ से भी अधिक है. जिसमें कुछ जमीन कुछ लोगों द्वारा हड़पा जा रहा है. वहीं सरकारी योजना का भी लाभ नहीं मिल रहा है. जिसमें सबसे जरूरी सिंचाई है. वहीं खेत में काम करने के लिए बोरी बिछाकर खुद से काम करते है. खुद मक्का और गेहूं हाथों से काटते है. संघर्ष केवल दिव्यांगता तक सीमित नहीं है. दोनों भाइयों का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने उनकी जमीन के हिस्से पर कब्जा कर लिया है, जिससे खेती का क्षेत्र कम हो गया है. जोत-कोड़ और संसाधनों की भी भारी समस्या है. इसके बावजूद दोनों भाई हार मानने को तैयार नहीं हैं. सबसे दुखद बात यह है कि इतने संघर्ष के बावजूद उन्हें सरकार की किसी योजना का लाभ नहीं मिल सका है. यदि प्रशासन इन मेहनतकश भाइयों की मदद करे तो इनका जीवन और बेहतर हो सकता है. First Published : April 30, 2026, 21:15 IST Source link

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गुमला में कुएं में डूबने से महिला की मौत:पानी भरते समय हुआ...

गुमला थाना क्षेत्र के मोकरो हुडकुटोली गांव में गुरुवार को कुएं में डूबने से 48 वर्षीय सोमारी उरांव की मौत हो गई। यह हादसा पानी भरने के दौरान हुआ। परिजनों ने बताया कि सोमारी उरांव गुरुवार को अपने घर से लगभग 300 मीटर दूर स्थित कुएं में पानी भरने गई थीं। पानी भरते समय अचानक बाल्टी की रस्सी उनके हाथ में लिपट गई। बाल्टी के बड़े और भारी आकार के कारण वह संतुलन खो बैठीं और सीधे कुएं के गहरे पानी में जा गिरीं। हादसे के करीब एक घंटे बाद जब गांव के अन्य लोग कुएं पर पानी भरने पहुंचे, तो उन्होंने पानी में सोमारी की चप्पलें और प्लास्टिक की बाल्टी तैरती देखी। इससे ग्रामीणों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। शोर मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हुए और स्थानीय स्तर पर बांस के लंबे डंडे की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया। घटना की सूचना मिलने पर सुबह लगभग 10 बजे गुमला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम करवाया। Source link

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गढ़वा के दंपती ने की पलामू में महिला की हत्या:दो दिनों तक...

पलामू के रेड़मा स्थित झरना टोला में एक महिला का शव मिला था। पुलिस जांच में सामने आया कि गढ़वा के एक दंपती ने उसकी हत्या की थी। यह खुलासा गुरुवार को एसडीपीओ राजीव रंजन ने किया। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी महिला को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका पति फरार है। हत्याकांड में उपेन्द्र कुमार गौतम उर्फ रोहित कुमार और उसकी पत्नी चंदा देवी (30) की संलिप्तता सामने आई है। ये दंपती मूल रूप से गढ़वा जिले के बालेखांड़ गांव के निवासी हैं और रेड़मा में उत्तम दुबे के मकान में किराए पर रहते थे। पुलिस ने चंदा देवी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका पति उपेन्द्र फरार है। पुलिस पूछताछ में चंदा देवी ने बताया कि वह अपने पति के साथ मिलकर महिलाओं को घर लाकर उनसे देह व्यापार करवाती थी। घटना 22 अप्रैल की है, जब चंदा ने देह व्यापार के लिए लाई गई महिला से पहले लिए गए मोबाइल और 1000 रुपये वापस मांगे। इस बात पर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया, जिसके बाद पति-पत्नी ने मिलकर महिला की हत्या कर दी। हत्या के बाद दंपती ने शव को कमरे में छिपाकर ताला लगा दिया और फरार हो गए। दो दिन बाद 24 अप्रैल की रात को वे वापस लौटे और शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। उन्होंने शव को कमरे से निकालकर बाउंड्री के बाहर फेंक दिया, जिस पर लोगों की नजर पड़ी और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। एसपी ने एसडीपीओ राजीव रंजन के नेतृत्व में इस हत्याकांड के उद्भेदन के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। मृत महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। आरोपी चंदा देवी भी उसकी पहचान नहीं बता पा रही है। पुलिस मृतका की पहचान के लिए सीआईजी प्रकाशन करवाएगी। फरार आरोपी उपेन्द्र कुमार गौतम का आपराधिक इतिहास भी लंबा है। उसके खिलाफ गढ़वा के रंका, डंडई, रमकंडा और पलामू के रामगढ़ में आर्म्स एक्ट, अपहरण और पॉक्सो एक्ट के कई मामले पहले से दर्ज हैं। इस कार्रवाई में एसडीपीओ राजीव रंजन, शहर थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार सहित कई पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल शामिल थे। Source link

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know gumla palkot nagvanshi kings palace 52 kothri 53 darwaza history and...

Last Updated:April 30, 2026, 17:52 IST Gumla 52 kothi 53 darwaza Dharohar: झारखंड का गुमला जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है. जिसमें पालकोट प्रखंड नागवंशी राजाओं का प्रमुख गढ़ रहा है. यहां का ’52 कोठरी 53 दरवाजा’ महल अपनी अद्भुत वास्तुकला के लिए मशहूर है. लेकिन वर्तमान में यह ऐतिहासिक धरोहर देखरेख के अभाव में खंडहर बन रही है. जानिए इस महल और पालकोट के अन्य रहस्यमयी स्थलों का गौरवशाली इतिहास. ख़बरें फटाफट गुमला: गुमला जिला चारों ओर जंगल पेड़ पौधे पहाड़ ऐतिहासिक स्थल, धार्मिक स्थल व पर्यटन स्थलों से भरा पड़ा है. इसी में से जिले का पालकोट प्रखंड है. जो नागवंशी राजाओं का गढ़ हुआ करता था. यहां देखने व घूमने लायक एक से बढ़कर एक धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल से भरा पड़ा है. यहां नागवंशी काल के समय का प्राचीन मां दशभुजी मंदिर, सुग्रीव गुफा, शीतलपुर, मलमल पुर, निर्झर, पंपापुर, गोब्बरसिल्ली, वॉच टावर आदि एक से बढ़कर ऐतिहासिक व रहस्यमई चीजें मौजूद हैं. उसी में से एक है 52 कोठी 53 दरवाजा. जानिए इसका इतिहास. पानी कहां से आता है यह आजतक रहस्यमयीयहां मौजूद सभी चीजों का अपना धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व है. यहां ऊंचे पहाड़ों से होकर पानी गिरता है लेकिन पानी कहां से आता है यह आजतक रहस्य बना हुआ है. चाहे कितनी भी गर्मी क्यों न पड़े यहां का पानी कभी नहीं सूखता है व पानी भी बहुत मीठा व टेस्टी होता है. गोबर सिल्ली पत्थर के ऊपर बड़ा पत्थर ऐसा लगता है मानो किसी ने सजा के रखा है. मान्यता है कि इसके ऊपर से ठेला या पत्थर फेंककर मन्नत मांगने से वह जरूर पूर्ण होती है. इसी में से एक है नागवंशी काल का 52 कोठरी 53 दरवाजा का अद्भुत व अनोखा महल. जिसे देखने के लिए सैलानियों का आना जाना लगा रहता है. लेकिन देखरेख व रखरखाव के कारण यह अनोखा महल खंडहर बन गया है. आज अपने अस्तित्व का लड़ाई लड़ रहा है. यह नागवंशी राजाओं का खास महल स्थानीय विवेक कुमार मिश्रा ने लोकल 18 को बताया कि गुमला जिले के पालकोट प्रखंड प्राकृतिक संपदाओं से भरा पड़ा है. यहां देखने व घूमने लायक एक से बढ़कर एक धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल है. इसी में से एक है हमारे प्रखंड के लालगढ़ में स्थित 52 कोठरी 53 दरवाजा का ऐतिहासिक महल. यह नागवंशी राजाओं का महल है. यहां नागवंशी राजा अपने शासन काल के समय यहां रहा करते थे. वहीं महल से कुछ दूरी में मां दशभुजी मंदिर आज भी है. वहीं यह उनके काल का बना हुआ अद्भुत व अनोखा महल था. लेकिन देखरेख  के अभाव में यह अब खंडहर में तब्दील होते जा रहा है. वहीं उन्होंने आगे कहा कि नागवंशी राजा यहां अपनी बैठक, सभा आयोजित करते थे. लेकिन यह ऐतिहासिक धरोहर अब खंडहर बन चुकी है ,इसकी संरक्षण की आवश्यकता है ताकि आने वाले समय में हमारी आने वाली पीढ़ी इसकी बनावट व संरचना को देख सकते हैं. इस तरह से पहुंचे यह ऐतिहासिक महल उन्होंने आगे बताया किया गुमला शहर से लगभग 28 किलोमीटर की दूरी में स्थित है. यहां जाने के लिए आपको गुमला से पालकोट रोड पकड़ के पहले गोबर सिल्ली पहुंचना होगा. उसके बाद पश्चिम की ओर एक रास्ता जाता है. उस रास्ता में लगभग 2 से 3 किलोमीटर जाने पर आप यह ऐतिहासिक स्थल पहुंच जाएंगे. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Gumla,Jharkhand First Published : April 30, 2026, 17:52 IST Source link

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महुआडांड़ में स्कूली बच्चों से भरा टेंपो पलटा:हादसे में एक छात्र की...

लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक सड़क हादसा हुआ। बांसकरचा–लुरगुमी मुख्य पथ पर मौनाडीह गांव के पास स्कूली बच्चों से भरा एक टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में सातवीं कक्षा के एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 17 बच्चे घायल हो गए।इनमें से पांच छात्राओं की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें लातेहार रेफर किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टेंपो में क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। तेज रफ्तार के कारण चालक दीपक टोप्पो वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और टेंपो सड़क किनारे पलट गया। घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। मृतक छात्र की पहचान 12 वर्षीय अंकुर मिंज के रूप में हुई है, जो संत मिखाईल स्कूल का सातवीं कक्षा का छात्र था। गंभीर रूप से घायल अनुरूपा एक्का, अनुज कुमार, कॉतिक बाड़ा, साक्षी कुमारी और नेहा कुमारी को प्राथमिक उपचार के बाद लातेहार रेफर किया गया है। अन्य घायल बच्चों में आरसु मिंज, गोरीतिका केरकेट्टा, अनुज उरांव, रेशमा केरकेट्टा, सलमा बेक, अंशु मिंज, तुन एक्का, आस्था तिर्की, दिपासी केरकेट्टा, सोनू एक्का, अवेशव कुजूर और शुभम खलखो शामिल हैं। इन सभी का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ में डॉ. अमित खलखो और उनकी टीम द्वारा किया जा रहा है। सभी बच्चे संत मिखाईल स्कूल महुआडांड़ के छात्र-छात्राएं हैं। फरार चालक की तलाश जारी इधर, घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी शिवपूजन बहेलिया और थाना प्रभारी मनोज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया गया है और फरार चालक की तलाश जारी है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूली बच्चों के परिवहन के लिए सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। Source link

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रामगढ़ में 4 साइबर अपराधी गिरफ्तार:बैंक खाते से संदिग्ध लेनदेन का खुलासा,...

रामगढ़ में चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में सोनू कुमार झा, रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना, रवि कुमार वर्मा(34) और राहुल कुमार गुप्ता(37) शामिल है। ये अपराधी भारतीय स्टेट बैंक के एक खाते के माध्यम से संदिग्ध लेनदेन में शामिल थे। पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), रामगढ़-सह-थाना प्रभारी, साइबर अपराध थाना, रामगढ़ ने इस सूचना पर संहा दर्ज कर 28 अप्रैल 2026 को जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि भारतीय स्टेट बैंक का खाता संख्या 444616958956 भारत सरकार की एमएसएमई योजना के तहत उद्यम पंजीकरण के लिए ‘श्री गणेश इंटरप्राइजेज’ के नाम से खोला गया था। इस खाते के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में अवैध राशि हस्तांतरण से संबंधित कुल 274 शिकायतें दर्ज थीं। खाते के तीन प्रोपराइटर थे। राहुल गुप्ता , रवि कुमार वर्मा और अजय शर्मा। पूछताछ में राहुल गुप्ता और रवि कुमार वर्मा ने बताया कि उन्होंने रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना और सोनू कुमार झा के कहने पर स्टेट बैंक में करंट अकाउंट खुलवाया था। इसके बदले उन्हें सोनू कुमार झा से 1,20,000 रुपए मिले थे। आगे की पूछताछ में राहुल गुप्ता और रवि कुमार वर्मा ने नए खाते खोलने के एवज में पैसे लेने, रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना और सोनू कुमार झा द्वारा ओटीपी उपलब्ध कराने, मोबाइल बैंकिंग चालू करवाने और खाते को व्हाट्सएप ग्रुप व टेलीग्राम के माध्यम से साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पकड़े गए व्यक्तियों के मोबाइल डेटा की जांच में विभिन्न मोबाइल सिम कार्ड, बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, स्कैनर (क्यूआर कोड), आधार कार्ड, पैन कार्ड और लेनदेन से संबंधित व्हाट्सएप संदेश पाए गए हैं। Source link

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