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देवघर की नई लाइफलाइन बनेगा नावाडीह ओवरब्रिज, इस तारीख को होगा उद्घाटन,...

Last Updated:May 09, 2026, 15:43 IST Deoghar News: देवघर शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल रोहिणी-नावाडीह रेलवे फाटक लंबे समय से लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ था. स्थानीय लोगों के लिए सालों पुरानी जाम की समस्या अब खत्म होने जा रही है. इसके उद्घाटन की तिथि भी घोषित कर दी गई है. माना जा रहा है कि यह ओवरब्रिज देवघर से एम्स, रांची, बोकारो और धनबाद जाने वाले लाखों लोगों के लिए नई लाइफलाइन साबित होगा. देवघरवासियों को जाम से राहत देगी नावाडीह रेलवे ओवरब्रिज देवघर. झारखंड में महादेव की नगरी के नाम से प्रसिद्ध देवघर शहर में एम्स, धनबाद, बोकारो और रांची जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित रोहिणी-नावाडीह रेलवे फाटक के पास लंबे समय से गंभीर जाम की समस्या थी. इस फाटक पर वाहनों की लंबी कतारें लगती थीं, जिससे आम लोगों के साथ-साथ मरीजों और एम्बुलेंस को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. कई बार यहां रेल दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, जिसके कारण लोगों में हमेशा डर का माहौल बना रहता था. लेकिन, काफी लंबे समय से निर्माणाधीन नावाडीह रेलवे ओवरब्रिज अब पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है और देवघर के लोगों के लिए सालों पुरानी जाम की समस्या अब खत्म होने जा रही है. नावाडीह रेलवे ओवरब्रिज पूरी तरह तैयार हो चुका है और अब इसके उद्घाटन की तारीख भी तय कर दी गई है. नावाडीह रेलवे ओवरब्रिज का इस तारीख को उद्घाटन इस ओवरब्रिज का उद्घाटन 19 मई को किया जाएगा. पुल शुरू होने के बाद देवघर से एम्स जाने वाले मरीजों के साथ-साथ रांची, बोकारो और धनबाद की ओर सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी. सबसे बड़ी बात यह होगी कि अब रेलवे फाटक बंद होने पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वाहनों की आवाजाही बिना रुके जारी रह सकेगी. पीएम के विकास मिशन से तैयार हुआ महत्वपूर्ण ओवरब्रिज गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास मिशन और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रयासों से यह महत्वपूर्ण रेलवे ओवरब्रिज तैयार हुआ है, जिसका उद्घाटन 19 मई को किया जाएगा. साफ है कि अब निर्माणाधीन नावाडीह रेलवे ओवरब्रिज के तैयार हो जाने से इस समस्या का स्थायी समाधान होने जा रहा है. देवघर के लिए नई लाइफलाइन साबित होगा ओवरब्रिज पुल स्थानीय चिकित्सक डॉक्टर आशीष झा ने कहा कि यह ओवरब्रिज देवघर के लिए एक नई लाइफलाइन साबित होगा. अब एम्स जाने वाले मरीजों और रांची की ओर सफर करने वाले लोगों को जाम और रेलवे फाटक पर इंतजार की परेशानी से राहत मिलेगी. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह ओवरब्रिज आने वाले वर्षों में देवघर की बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को संभालने में अहम भूमिका निभाएगा. About the Author Vijay jha पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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पेट्रोल पंप लूटकांड, साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़:पुलिस ने तीन मामलों में...

जामताड़ा पुलिस ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग मामलों का खुलासा किया। इन मामलों में पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें पेट्रोल पंप लूटकांड, साइबर ठगी और जबरन वसूली के आरोपी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में तीन साइबर अपराधी हैं। गिरफ्तार आरोपियों में गुलाम अंसारी, साबिर अंसारी और कलाम अंसारी साइबर अपराधी हैं। वहीं, लूटकांड में मुस्तकीम अंसारी और धोखाधड़ी और छल करने के मामले में मेहमूद मियां को गिरफ्तार किया गया है। गोली मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी जामताड़ा पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने बताया कि 22 मार्च 2025 को फतेहपुर थाना अंतर्गत चकुंदा गांव के पास नायरा पेट्रोल पंप पर तीन अज्ञात अपराधियों ने एक कर्मचारी को हथियार दिखाकर डराया था और गोली मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। इस दौरान नकदी भी लूटी गई थी। इस मामले में पहले एक अपराधी को गिरफ्तार किया जा चुका था। एसपी सिंह ने बताया कि इस लूटकांड में फरार चल रहे दो अपराधियों में से एक मुस्तकीम अंसारी को अब गिरफ्तार कर लिया गया है। यह अपराधी करमाटांड़ थाना क्षेत्र के अम्राटांड़ का निवासी है और इसके खिलाफ पहले से 15 अन्य मामले दर्ज हैं। एक अभियुक्त अभी भी फरार है। मेहमूद मियां देवघर से चल रहा था फरार गिरफ्तारी के दूसरे मामले में बिंदापाथर थाना क्षेत्र से मेहमूद मियां को पकड़ा गया। जो देवघर जिले से फरार चल रहा था। अगस्त 2023 में धोखाधड़ी मारपीट की घटना दर्ज हुई थी, जिसमें वह फरार चल रहा था। मेहमूद मियां पर आरोप था कि वह बाहर काम करने के लिए मजदूरों को दूसरे राज्य में ले जाते थे और उनसे आधार कार्ड और प्रमाण पत्र ले लेते थे। उनके नाम पर फर्जी सिम कार्ड लेकर ठगी जैसी घटना को अंजाम देता था। ठगी को अंजाम देते रंगे हाथ तीन गिरफ्तार वहीं, तीसरे मामले में कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के सहजपुर से साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की घटना को अंजाम दे रहे थे गुलाम अंसारी, साबिर अंसारी और कलाम अंसारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी में आठ मोबाइल फोन 10 सिम कार्ड और नगद 19000 पुलिस ने बरामद किया है। Source link

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पश्चिमी सिंहभूम के पांड्रासाली में युवक का शव मिला:बीती रात कुछ साथियों...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत पांड्रासाली ओपी इलाके में एक युवक का शव मिला है। मृतक की पहचान माटकोबेरा निवासी 35 वर्षीय रॉबिन बोदरा के रूप में हुई है। परिजनों ने इस घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। रॉबिन बोदरा का शव पांड्रासाली पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे पाया गया। वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था और परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में पत्नी सुशांति बोदरा और दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक बच्चा महज डेढ़ महीने का है। देर रात तक वापस नहीं लौटा पत्नी सुशांति बोदरा ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार रात रॉबिन कुछ साथियों के साथ घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। शनिवार सुबह सड़क किनारे शव मिलने की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, मृतक का चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था। साथ ही, उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे और पीठ पर खरोंच के निशान भी पाए गए। परिजनों का आरोप है कि रॉबिन की हत्या कहीं और की गई और फिर शव को सड़क किनारे फेंका गया, ताकि इसे सड़क हादसा दिखाया जा सके। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। Source link

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हर 10-11 दिन में ब्लड ट्रांसफ्यूजन, दर्द, कमजोरी पर हिम्मत नहीं हारती...

Last Updated:May 09, 2026, 14:43 IST Jamshedpur News: जमशेदपुर की 25 वर्षीय नीतू महतो मेजर थैलेसीमिया से ग्रसित हैं. इस बीमारी में हर 10-11 दिन में उन्हें ब्लड चढ़वाना पड़ता है पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. आज वे खुद को मरीज नहीं बल्कि फाइटर मानती हैं और दूसरे मरीजों को जागरूक करने का काम पूरे हौसले के साथ कर रही हैं. जमशेदपुर. कई लोग थैलेसीमिया को सिर्फ एक बीमारी समझते हैं, लेकिन जो लोग इससे रोज लड़ते हैं, उनके लिए यह जिंदगी का सबसे बड़ा संघर्ष होता है. हर 10 से 15 दिन में खून चढ़ाना, शरीर में कमजोरी, दर्द और मानसिक तनाव, यह सब एक थैलेसीमिया मरीज की जिंदगी का हिस्सा बन जाता है. लेकिन जमशेदपुर की 25 वर्षीय नीतू महतो ने इस संघर्ष के सामने हार मानने के बजाय लड़ना चुना और आज वह कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं. जानते हैं नीतू की कहानी. डेढ़ साल में ही नीतू के मां-बाप समझ गए थे कुछ गड़बड़ हैनीतू के पिता रंजीत महतो और मां भारती महतो ने अपनी बेटी को संभालने और आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. नीतू बताती हैं कि जब वह सिर्फ डेढ़ साल की थीं, तब उनके माता-पिता को एहसास हुआ कि कुछ ठीक नहीं है. जहां दूसरे बच्चे चलना-फिरना शुरू कर देते हैं, वहीं नीतू एक जगह बैठी रहती थीं. डॉक्टर को दिखाने पर पता चला कि उन्हें थैलेसीमिया है. पहली बार ब्लड चढ़ाने के अगले ही दिन वह चलने और खेलने लगीं. डरकर नहीं जीनाशुरुआती दिनों में उन्हें बार-बार ब्लड चढ़ाना पड़ता था. आज भी हर 11 दिन में उनका ब्लड ट्रांसफ्यूजन होता है. नीतू बताती हैं कि कमजोरी, सिरदर्द, कुछ खाने का मन नहीं करना और शरीर में ऊर्जा की कमी हमेशा बनी रहती है. बचपन में जब उनके दोस्त खेलते और दौड़ते थे, तब वह कमजोरी के कारण एक किनारे बैठी रहती थीं. 13-14 साल की उम्र में उन्हें समझ आया कि उन्हें मेजर थैलेसीमिया है. उस समय उन्होंने तय किया कि अब डरकर नहीं, बल्कि हिम्मत के साथ जीना है. दूसरे मरीजों की करती हैं मददइसके बाद नीतू ने इस बीमारी को समझना शुरू किया. उन्होंने रिसर्च की, डॉक्टरों से जानकारी ली और खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाया. इसी दौरान उन्हें अनुराग फाउंडेशन का सहयोग मिला, जहां से उन्हें सही जानकारी, इलाज और आर्थिक मदद भी मिली. बाद में वह पीपल फॉर चेंज से जुड़ गईं और आज 100 से अधिक सेमिनार कर चुकी हैं. वह थैलेसीमिया मरीजों को सही इलाज, दवा और डॉक्टरों की जानकारी देती हैं, ताकि कोई भी मरीज खुद को अकेला महसूस न करे. लगातार संघर्ष से बदली तस्वीरनीतू ने सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए आवाज उठाई. लगातार संघर्ष और प्रयास के बाद थैलेसीमिया मरीजों को डिसेबिलिटी कैटेगरी में शामिल कराया गया. अब मरीजों को हर महीने आर्थिक सहायता, रेलवे में रियायत और परीक्षाओं में आरक्षण जैसी सुविधाएं मिल रही हैं. नीतू बताती हैं कि झारखंड में वह पहली लड़की हैं, जिन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर लड़ाई शुरू की और आज हजारों मरीजों को इसका फायदा मिल रहा है. मरीज नहीं फाइटर हैं नीतूनीतू का सपना है कि वह आगे चलकर टीचर बनें और गांव-गांव तक लोगों को यह समझाएं कि थैलेसीमिया क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है. उनका मानना है कि अगर समय रहते जांच हो जाए और जागरूकता बढ़े, तो कई बच्चों को इस बीमारी से बचाया जा सकता है. नीतू आज सिर्फ थैलेसीमिया सर्वाइवर नहीं, बल्कि एक सच्ची ‘थैलेसीमिया फाइटर’ बन चुकी हैं, जो हर दिन दूसरों को जीने की नई उम्मीद दे रही हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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गिरिडीह में यात्रियों से भरी बस होटल में घुसी:बाइक रौंदी, पूर्व वार्ड...

गिरिडीह जिले के पचंबा थाना क्षेत्र में शनिवार को यात्रियों से भरी तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक होटल में जा घुसी। इस हादसे में पूर्व वार्ड सदस्य पुदीना देवी सहित तीन लोग घायल हो गए। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। विष्णु रथ नामक यह बस शनिवार को गिरिडीह बस स्टैंड से जमुई की ओर जा रही थी। पचंबा-जमुआ मुख्य मार्ग पर स्थित मॉडल स्कूल के पास चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। बस ने पहले सड़क किनारे खड़ी एक बाइक को टक्कर मारी, जिससे बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद बस सीधे मंडल होटल में जा घुसी। होटल का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया हादसे के वक्त होटल में 4 से 5 लोग भोजन कर रहे थे। बस के अंदर घुसने से होटल का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। घायलों में होटल संचालक रितलाल मंडल की पत्नी और परयाना गांव की पूर्व वार्ड सदस्य पुदीना देवी गंभीर रूप से जख्मी हैं। इनके अलावा, होटल में मौजूद 3 से 4 अन्य लोगों को भी चोटें आई हैं। स्थानीय ग्रामीणों और दुकानदारों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को काफी मशक्कत के बाद बस और मलबे से निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने बस में तोड़फोड़ भी की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस तेज रफ्तार में थी, जिसके कारण चालक ने नियंत्रण खो दिया। बस में लगभग 30 से 35 यात्री सवार थे। दुर्घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया और पुलिस मामले की जांच कर रही है। Source link

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अतिक्रमण हटाने गई टीम पर पथराव, दो जवान घायल:मौके पर मची अफरातफरी,...

बोकारो में हवाई अड्डा विस्तार के लिए चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान शनिवार को तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। सेक्टर 12ए काली मंदिर के आगे कार्रवाई करने पहुंची बीएसएल सिक्योरिटी विभाग की टीम पर कब्जाधारियों ने अचानक पथराव कर दिया। इस घटना में सुरक्षा जवान बबलू कुमार और अकरम अंसारी घायल हो गए, जिन्हें तत्काल बोकारो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, बोकारो हवाई अड्डे के विस्तार और बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए पिछले कई दिनों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है। प्रशासन और बीएसएल सुरक्षा विभाग लगातार अवैध कब्जों को हटा रहे हैं ताकि एयरपोर्ट विस्तार कार्य में कोई बाधा न आए। अवैध कब्जा कर छह से सात घर बने हैं शनिवार को सुरक्षा विभाग को सूचना मिली थी कि सेक्टर 12ए काली मंदिर के आगे कुछ लोगों ने नई जगह पर अवैध कब्जा कर छह से सात घर बना लिए हैं। सूचना मिलते ही बीएसएल सिक्योरिटी विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। मौके पर अफरातफरी मची और स्थिति तनावपूर्ण कार्रवाई के दौरान, कब्जाधारियों ने विरोध जताते हुए अचानक सुरक्षा कर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर अफरातफरी मच गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पथराव में दो जवान घायल हुए, जबकि अन्य कर्मियों ने किसी तरह खुद को बचाया। घटना के बाद प्रशासन और सुरक्षा विभाग की अतिरिक्त टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और अतिक्रमणकारियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। Source link

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ट्राइबल फूड को बनाया कमाई का जरिया, आउटलेट पर लगतीं VVIP गाड़ियां,...

Last Updated:May 09, 2026, 13:07 IST रांची की अलका और माधुरी ‘द ट्राइबल फूड’ के जरिए पारंपरिक स्वाद परोस रही हैं. इनके आउटलेट पर धुस्का, छिलका रोटी और दुम्बू जैसे व्यंजनों के लिए वीआईपी गाड़ियों की कतार लगती है. शुद्धता और घर के मसालों के दम पर ये बहनें प्रतिदिन ₹6000 तक कमाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं. ख़बरें फटाफट रांचीः झारखंड की राजधानी रांची की दो बहनों, अलका और माधुरी ने यह साबित कर दिया है कि अगर आपके पास हुनर है और इरादे मजबूत हैं, तो सफलता कदम चूमती है. इन दोनों बहनों ने किसी आधुनिक फास्ट फूड के बजाय अपने घर के पारंपरिक आदिवासी व्यंजनों को अपना ‘हथियार’ बनाया और आज उनका छोटा सा आउटलेट ‘द ट्राइबल फूड’ शहर के लोगों के लिए शुद्धता और स्वाद का नया पता बन गया है. पारंपरिक व्यंजनों का जादूअलका और माधुरी के इस आउटलेट पर झारखंड के पारंपरिक व्यंजन जैसे धुस्का, छिलका रोटी, फुल्का रोटी, चिकन और दुम्बू (एक पारंपरिक मीठा व्यंजन) परोसे जाते हैं. अलका बताती हैं कि उनके यहाँ ‘दुम्बू’ की मांग इतनी अधिक है कि सुबह दुकान खुलने के मात्र 2 घंटे के भीतर ही 100 से ज्यादा पीस बिक जाते हैं। एक दुम्बू की कीमत मात्र 20 रुपये है. इसके अलावा, दोपहर के लंच में चिकन-चावल (100 रुपये प्लेट) की भी भारी डिमांड रहती है, जहाँ रोजाना 25 से 30 प्लेटें आसानी से निकल जाती हैं. हाइजीन और घर का स्वाद असली पहचानइस आउटलेट की सफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण है सफाई और घर जैसा स्वाद. अलका कहती हैं, “हम बाहर के मसालों का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करते. सभी मसाले घर में तैयार किए जाते हैं और खाना बनाने का तरीका पूरी तरह पारंपरिक है. जब लोग यहाँ चिकन-चावल या छिलका रोटी खाते हैं, तो उन्हें अपनी दादी-नानी के हाथ के स्वाद की याद आ जाती है.” सटीक लोकेशन का चुनाव भी इनके लिए वरदान साबित हुआ. पास में ही रिनपास (RINPAS) जैसे बड़े अस्पताल और संस्थान होने के कारण यहाँ डॉक्टर, इंजीनियर और मरीज के परिजन नियमित रूप से भोजन करने आते हैं. आर्थिक आजादीमाधुरी ने अपनी इस यात्रा के बारे में एक बेहद सकारात्मक पहलू साझा किया. वे बताती हैं कि पहले घर में रहने और अधिक आराम करने की वजह से वे कई शारीरिक बीमारियों से घिरी हुई थीं. लेकिन जब से उन्होंने यह काम शुरू किया है, वे दिन में 12-12 घंटे व्यस्त रहती हैं. माधुरी का कहना है कि काम की व्यस्तता ने उनकी सारी बीमारियाँ खत्म कर दी हैं और अब वे मानसिक व शारीरिक रूप से खुद को स्वस्थ महसूस करती हैं. हर माह 6000  रुपये आमदनीआज ये दोनों बहनें हर दिन करीब 6,000 रुपये तक की कमाई कर रही हैं. अपनी मेहनत के दम पर वे न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने पैरों पर खड़ी होकर समाज के लिए एक मिसाल भी पेश कर रही हैं. वर्तमान में एक छोटे से आउटलेट से शुरुआत करने वाली ये बहनें अब आने वाले समय में रांची के अन्य हिस्सों में भी ‘द ट्राइबल फूड’ की शाखाएं (आउटलेट) खोलने की योजना बना रही हैं. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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गिरिडीह में करेंदो नदी में ट्रैक्टर पलटा, चालक की मौत:अवैध बालू खनन...

गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र स्थित करेंदो नदी में अवैध बालू उठाव के दौरान हुए एक हादसे में ट्रैक्टर चालक की मौत हो गई। मृतक की पहचान चतरुडीह थाना खुखरा निवासी 30 वर्षीय जीतन कोल के रूप में हुई है। यह घटना शुक्रवार देर रात की है। जानकारी के अनुसार, जीतन कोल शुक्रवार देर रात करेंदो नदी से बालू लादकर ट्रैक्टर से बाहर निकल रहे थे। नदी घाट से ऊपर चढ़ने के दौरान ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया। बताया जाता है कि ट्रैक्टर का अगला हिस्सा अचानक ऊपर उठ गया, जिससे चालक जीतन कोल नीचे गिर पड़े। उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। देर रात तक जीतन के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनके मोबाइल पर लगातार फोन किया। कुछ देर बाद एक राहगीर ने फोन उठाया और दुर्घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पहुंचे। पीरटांड़ थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल भेज दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि करेंदो नदी से लंबे समय से अवैध बालू का उठाव जारी है। बालू लदे ट्रैक्टरों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार नाबालिग और शराब के नशे में धुत चालक भी ट्रैक्टर चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। बताया गया है कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर अवैध बालू ढुलाई के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया जाता है और कई ट्रैक्टर जब्त भी किए जाते हैं। इसके बावजूद, बालू का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अवैध बालू उठाव पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। Source link

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देवघर में प्राचीन धरोहरों का संरक्षण शुरू:बाबा मंदिर के साथ ऐतिहासिक स्थल...

देवघर अब केवल धार्मिक पर्यटन का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि यहां की प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरें भी पर्यटकों को आकर्षित करेंगी। जिला प्रशासन ने इन पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण की पहल तेज कर दी है। इस पहल के तहत देवघर के जलसार पार्क के पास 17वीं शताब्दी की मलूटी परंपरा से मिलती-जुलती प्राचीन इमारतें चिन्हित की गई हैं। इसके अतिरिक्त, डीसी आवास के पीछे भी 17वीं शताब्दी का एक पुराना मकबरा मौजूद है, जिसके संरक्षण की योजना बनाई जा रही है। जिले के खेल एवं सांस्कृतिक पदाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि राज्य के कला, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग से प्राचीन धरोहरों की पहचान और संरक्षण के लिए निर्देश प्राप्त हुए हैं। इन निर्देशों के बाद विभागीय स्तर पर सर्वेक्षण और निरीक्षण का कार्य शुरू कर दिया गया है। संतोष कुमार के अनुसार, इन प्राचीन धरोहरों के व्यवस्थित संरक्षण और विकास से देवघर धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ ऐतिहासिक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बन सकता है। उनका मानना है कि बाबा मंदिर आने वाले श्रद्धालु इन ऐतिहासिक स्थलों का भी दौरा करेंगे, जिससे जिले के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में इन स्थलों के विकास और संरक्षण कार्य में तेजी लाई जाएगी। इसका उद्देश्य झारखंड की समृद्ध संस्कृति, कला और परंपरा को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है। Source link

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पालतू कुत्ते में दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सावधान, जानलेवा हो...

Last Updated:May 09, 2026, 12:41 IST Dogs Care Tips: डॉग पालते हैं तो उनकी सेहत से संबंधित ये जरूरी बात जान लें. कई बार चूहों से या गंदे पानी-खाने से उनमें एक खतरनाक बीमारी फैलती है जिसे लेप्टोस्पायरोसिस कहते हैं. इसमें उन्हें बुखार, नाक से खून आना, मसूड़ों में सूजन जैसी समस्या हो सकती है. डॉक्टर से जानें कि कैसे बचाव कर सकते हैं. ख़बरें फटाफट बोकारो. अक्सर दूषित भोजन, गंदा पानी और घरों में चूहों का अधिक प्रकोप होने के कारण कुत्तों में लेप्टोस्पायरोसिस जैसी गंभीर बीमारी फैल जाती है, जो पशु को गंभीर रूप से बीमार कर देती है और कई मामलों में उनकी मौत भी हो जाती है. ऐसे में बोकारो चास पेट क्लीनिक के पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार ने लेप्टोस्पायरोसिस के बचाव और रोकथाम को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. इंसानों को भी कर सकती है बीमारडॉ. अनिल के अनुसार, लेप्टोस्पायरोसिस बेहद खतरनाक बैक्टीरियल बीमारी है, जो न सिर्फ कुत्तों के लिए जानलेवा है, बल्कि इंसानों को भी बीमार कर सकती है. यह बीमारी लेप्टोस्पायरा नामक बैक्टीरिया से होती है, जिसका मुख्य कारण संक्रमित चूहे होते हैं. चूहे खाने के दौरान अपना मल और पेशाब भोजन में छोड़ देते हैं, जिससे यह गंभीर संक्रमण कुत्तों तक फैल जाता है. इसके अलावा कई बार जानवर बाहर घूमने के दौरान आसपास की मिट्टी या नाले का पानी सूंघ या चाट लेते हैं, जिससे यह संक्रमण तेजी से उनके शरीर में फैल जाता है और पशु गंभीर रूप से बीमार हो जाता है. ये होते हैं लक्षणवहीं, लेप्टोस्पायरोसिस से ग्रसित पशु की पहचान करना काफी आसान है. इस बीमारी से पीड़ित पशु खाना-पीना बंद कर देते हैं. उनमें तेज बुखार, पतले दस्त, मसूड़ों में सूजन, नाक से खून आना, उल्टी और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं. कई बार संक्रमण अधिक बढ़ने और इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण पशु की किडनी फेल हो जाती है और उसकी मौत भी हो सकती है. पशुपालक रखें सावधानीऐसे लक्षण दिखने पर पशुपालकों को तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क कर इलाज शुरू कराना चाहिए. इसके अलावा लेप्टोस्पायरोसिस से बचाव के लिए डॉग ओनर को कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है. हमेशा घर को साफ और सुरक्षित रखें. पशु के बैठने वाले स्थान की रोजाना अच्छी तरह सफाई करें. पशु की सुरक्षा के लिए समय पर वैक्सीन लगवाएं और उसे बाहर घुमाने के दौरान भी सावधानी जरूर बरतें. देखें कि वे कुछ भी ना खा लें या चाट लें. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

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