चाईबासा पुलिस विभाग में ‘बड़ा खेल’, 8 साल तक सरकारी खातों में...
Last Updated:April 27, 2026, 13:46 IST Chaibasa Treasury Fraud : सिस्टम के भीतर बैठकर सिस्टम को ही चूना लगाने का एक सनसनीखेज मामला झारखंड के चाईबासा में सामने आया है. यहां एक सिपाही ने पुलिस विभाग की ‘लेखा शाखा’ को ही अपना ‘एटीएम’ बना लिया और करीब 8 सालों तक फाइलों और कंप्यूटर डेटा के साथ ऐसा खतरनाक खेल खेला कि सरकारी खजाने से 26 लाख रुपये गायब हो गए. इस मामले में अब एफआईआर दर्ज करवाई गई है साथ ही हाई लेवल जांच टीम गठित की गई है. चाईबासा ट्रेजरी घोटाला केस में सिपाही देवनारायण मुर्मू के खिलाफ एफआईआर दर्ज पश्चिमी सिंहभूम. झारखंड के चाईबासा में खाकी को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है. दरअसल, जिस खाकी पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी के एक सिपाही ने भरोसे को कत्ल कर दिया. अब जब चाईबासा कोषागार (Chaibasa Treasury) के इस महाघोटाले की परतें खुली हैं, तो महकमे से लेकर प्रशासन तक हड़कंप मच गया है. यहां जिला पुलिस विभाग के खातों से लाखों रुपये की अवैध निकासी की गई है. चाईबासा ट्रेजरी से हुई इस धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि पुलिस विभाग का ही एक सिपाही निकला है. आरोपी सिपाही ने कंप्यूटर डेटा के साथ छेड़छाड़ कर और अभिलेखों में जालसाजी कर सरकारी खजाने को चूना लगाया है. आरोप के अनुसार, एसपी कार्यालय के लेखा शाखा में पदस्थापित रहने के दौरान सितम्बर 2017 से मई 2025 के बीच सरकारी अभिलेखों में जालसाजी कर और कम्प्यूटर के डाटा में छेड़छाड़ कर अन्य खाताधारकों की मिलीभगत से यह अवैध निकासी की गई. अब इस मामले में आरोपी और अन्य खाताधारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. बता दें कि इस मामले में जिला प्रशासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय टीम पूरे मामले की जांच कर रही है. ट्रेजरी अफसर ने दर्ज कराई FIR इस सनसनीखेज मामले का खुलासा होने के बाद चाईबासा कोषागार के पदाधिकारी समित कुमार ने मुफ्फसिल थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने मुख्य आरोपी सिपाही देवनारायण मुर्मू और उसके साथ मिलीभगत करने वाले अन्य खाताधारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर कुल 26 लाख 21 हजार 717 रुपये की सरकारी राशि का गबन किया है. 8 सालों तक चलता रहा फर्जीवाड़े का खेल मामले की जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि यह फर्जीवाड़ा कोई एक-दो दिन का काम नहीं था. आरोपी सिपाही देवनारायण मुर्मू जब एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में तैनात था, तब उसने इस घोटाले की नींव रखी थी. सितंबर 2017 से लेकर मई 2025 तक, यानी लगभग 8 सालों तक वह लगातार कंप्यूटर डेटा में बदलाव कर अवैध रूप से पैसे निकालता रहा. उसने बेहद शातिराना तरीके से सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी की ताकि किसी को शक न हो. जांच के लिए बनी उच्च स्तरीय टीम जिला प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया है. यह टीम इस बात की पड़ताल कर रही है कि 8 साल तक इतना बड़ा गबन कैसे चलता रहा और विभाग के बड़े अधिकारियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी. जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि इस खेल में सिपाही के साथ और कौन-कौन से कर्मचारी या बाहरी लोग शामिल थे. आरोपी सिपाही की वर्तमान स्थिति मुख्य आरोपी देवनारायण मुर्मू वर्तमान में पश्चिमी सिंहभूम जिले के ही सेरेंगदा थाना में पदस्थापित है. एसपी कार्यालय से हटने के बाद भी उसका किया गया घोटाला फाइलों में दबा रहा, जो अब ऑडिट और ट्रेजरी मिलान के दौरान पकड़ में आया है. मुफ्फसिल थाना पुलिस अब आरोपी सिपाही की गिरफ्तारी और गबन की गई राशि की बरामदगी के लिए कानूनी कार्रवाई में जुट गई है. About the Author Vijay jha पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Chaibasa,Pashchimi Singhbhum,Jharkhand First Published : April 27, 2026, 13:46 IST Source link









