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चाईबासा पुलिस विभाग में ‘बड़ा खेल’, 8 साल तक सरकारी खातों में...

Last Updated:April 27, 2026, 13:46 IST Chaibasa Treasury Fraud : सिस्टम के भीतर बैठकर सिस्टम को ही चूना लगाने का एक सनसनीखेज मामला झारखंड के चाईबासा में सामने आया है. यहां एक सिपाही ने पुलिस विभाग की ‘लेखा शाखा’ को ही अपना ‘एटीएम’ बना लिया और करीब 8 सालों तक फाइलों और कंप्यूटर डेटा के साथ ऐसा खतरनाक खेल खेला कि सरकारी खजाने से 26 लाख रुपये गायब हो गए. इस मामले में अब एफआईआर दर्ज करवाई गई है साथ ही हाई लेवल जांच टीम गठित की गई है. चाईबासा ट्रेजरी घोटाला केस में सिपाही देवनारायण मुर्मू के खिलाफ एफआईआर दर्ज पश्चिमी सिंहभूम. झारखंड के चाईबासा में खाकी को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है.  दरअसल, जिस खाकी पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी के एक सिपाही ने भरोसे को कत्ल कर दिया. अब जब चाईबासा कोषागार (Chaibasa Treasury) के इस महाघोटाले की परतें खुली हैं, तो महकमे से लेकर प्रशासन तक हड़कंप मच गया है. यहां जिला पुलिस विभाग के खातों से लाखों रुपये की अवैध निकासी की गई है. चाईबासा ट्रेजरी से हुई इस धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि पुलिस विभाग का ही एक सिपाही निकला है. आरोपी सिपाही ने कंप्यूटर डेटा के साथ छेड़छाड़ कर और अभिलेखों में जालसाजी कर सरकारी खजाने को चूना लगाया है. आरोप के अनुसार, एसपी कार्यालय के लेखा शाखा में पदस्थापित रहने के दौरान सितम्बर 2017 से मई 2025 के बीच सरकारी अभिलेखों में जालसाजी कर और कम्प्यूटर के डाटा में छेड़छाड़ कर अन्य खाताधारकों की मिलीभगत से यह अवैध निकासी की गई. अब इस मामले में आरोपी और अन्य खाताधारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. बता दें कि इस मामले में जिला प्रशासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय टीम पूरे मामले की जांच कर रही है. ट्रेजरी अफसर ने दर्ज कराई FIR इस सनसनीखेज मामले का खुलासा होने के बाद चाईबासा कोषागार के पदाधिकारी समित कुमार ने मुफ्फसिल थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने मुख्य आरोपी सिपाही देवनारायण मुर्मू और उसके साथ मिलीभगत करने वाले अन्य खाताधारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर कुल 26 लाख 21 हजार 717 रुपये की सरकारी राशि का गबन किया है. 8 सालों तक चलता रहा फर्जीवाड़े का खेल मामले की जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि यह फर्जीवाड़ा कोई एक-दो दिन का काम नहीं था. आरोपी सिपाही देवनारायण मुर्मू जब एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में तैनात था, तब उसने इस घोटाले की नींव रखी थी. सितंबर 2017 से लेकर मई 2025 तक, यानी लगभग 8 सालों तक वह लगातार कंप्यूटर डेटा में बदलाव कर अवैध रूप से पैसे निकालता रहा. उसने बेहद शातिराना तरीके से सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी की ताकि किसी को शक न हो. जांच के लिए बनी उच्च स्तरीय टीम जिला प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया है. यह टीम इस बात की पड़ताल कर रही है कि 8 साल तक इतना बड़ा गबन कैसे चलता रहा और विभाग के बड़े अधिकारियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी. जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि इस खेल में सिपाही के साथ और कौन-कौन से कर्मचारी या बाहरी लोग शामिल थे. आरोपी सिपाही की वर्तमान स्थिति मुख्य आरोपी देवनारायण मुर्मू वर्तमान में पश्चिमी सिंहभूम जिले के ही सेरेंगदा थाना में पदस्थापित है. एसपी कार्यालय से हटने के बाद भी उसका किया गया घोटाला फाइलों में दबा रहा, जो अब ऑडिट और ट्रेजरी मिलान के दौरान पकड़ में आया है. मुफ्फसिल थाना पुलिस अब आरोपी सिपाही की गिरफ्तारी और गबन की गई राशि की बरामदगी के लिए कानूनी कार्रवाई में जुट गई है. About the Author Vijay jha पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chaibasa,Pashchimi Singhbhum,Jharkhand First Published : April 27, 2026, 13:46 IST Source link

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पलामू में तीन सड़क हादसों में चार की मौत:मृतकों में दो इकलौते...

पलामू जिले में रविवार रात हुई तीन अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। इन हादसों में दो इकलौते बेटे शामिल थे, जबकि एक मृतक की शादी 10 दिन पहले ही हुई थी। दो दुर्घटनाएं पांकी थाना क्षेत्र में हुईं, जिनमें तीन लोगों की जान गई। पांकी-मेदिनीनगर मुख्य पथ पर कोनवाई-बांदुबार गांव के पास एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन किशोर अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। इस भीषण टक्कर में शिक्षक विजय सिंह के 17 वर्षीय पुत्र रूपक सिंह और जगन्नाथ सिंह के 16 वर्षीय पुत्र कृत रोशन कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। ये दोनों अपने परिवारों के इकलौते बेटे थे। मोटरसाइकिल पर सवार तीसरा युवक करण कुमार गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज चल रहा है। पिकअप वाहन की टक्कर से चंदन की मौत पांकी थाना क्षेत्र के तेतराई में हुए दूसरे हादसे में लेस्लीगंज निवासी शिलवंत राम के पुत्र चंदन कुमार की पिकअप वाहन की टक्कर से मौके पर ही मौत हो गई। चंदन की शादी मात्र 10 दिन पहले हुई थी। तीसरी घटना नावाजयपुर थाना क्षेत्र की है। धानगरडीह गांव निवासी 75 वर्षीय शीतल महतो की भी सड़क हादसे में मौत हो गई। वे बाजार से सब्जी बेचकर लौट रहे थे, तभी एक बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल शीतल महतो को एमएमसीएच लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटनाओं की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। Source link

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कोडरमा में हाथी ने महिला पर हमला किया:झाडियों में छिपा था हाथी;...

कोडरमा जिले में हाथियों का उत्पात जारी है। सोमवार सुबह मरकच्चो प्रखंड के दसारो पंचायत स्थित पुरनी बखरी गांव में शौच के लिए गई एक महिला को हाथी ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल महिला को रांची के रिम्स रेफर किया गया है। 45 वर्षीय घायल महिला की पहचान सोहवा देवी, पति मेहलाल यादव के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, पुरनी बखरी गांव के आंगनबाड़ी केंद्र के पास जब महिला शौच के लिए खेतों की ओर जा रही थी, तभी झाड़ियों में छिपा एक हाथी अचानक उनके सामने आ गया। ग्रामीणों का शोर सुनकर हाथी चला गया महिला ने भागने का प्रयास किया, लेकिन हाथी ने उन्हें अपनी सूंड से उठाकर पटक दिया। इसी दौरान उधर से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों ने महिला को देखा और शोर मचाना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का शोर सुनकर हाथी वहां से चला गया। शोर सुनकर महिला के परिजन और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घायल सोहवा देवी को तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया। कोडरमा में हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ रहा है। कुछ दिनों पहले ही हाथियों ने जयनगर प्रखंड के कंझियाडीह गांव में एक ईंट भट्टे पर हमला कर एक मजदूर और एक किशोर को मौत के घाट उतार दिया था। 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ था पिछले हफ्ते भी हाथियों के झुंड ने मरकच्चो प्रखंड की पपलो पंचायत के विभिन्न गांवों में बड़े पैमाने पर आम की बागवानी को नष्ट कर दिया था। इस दौरान करीब 400 आम के पेड़ और सिंचाई के लिए उपयोग किया जाने वाला सोलर पंप सेट भी तोड़ दिया गया था, जिससे किसानों को लगभग 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ था। चिकित्सकों के मुताबिक हाथी के हमले से महिला के कमर की हड्डी टूट गई है। इधर, घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश है। उनका कहना है कि जिले में लगातार इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं। बावजूद इसके वन विभाग की टीम हाथियों को भगाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। Source link

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ओभी लाल रजक के गोल गप्पे में क्या मिला था? अब तक...

Last Updated:April 27, 2026, 17:27 IST झारखंड के गिरिडीह में गोलगप्पा-छोले खाने से 6 साल के एक बच्चे की मौत हो गई. सात गांवों के 49 लोग फूड पॉइजनिंग से बीमार हो गए. लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने छोला बेचने वाले को हिरासत में लिया है. खाद्य विभाग ने सैंपल जब्त कर जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट का इंतजार है जहरीला गुपचुप-छोला खाने से 49 लोग बीमार (AI इमेज) गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले में गोलगप्पा-छोला खाने से बड़ा हादसा हो गया. खाने में खराबी के कारण फूड प्वाइजनिंग फैल गई, जिसमें एक 6 साल के बच्चे की मौत हो गई. इस घटना से आसपास के सात गांवों में हड़कंप मच गया. कुल 49 लोग बीमार पड़ गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बीमार बच्चों में 6 साल के रंजन कुमार की इलाज के दौरान सदर अस्पताल में मौत हो गई. इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है. लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगीप्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव में गोल गप्पा-छोला खाने के बाद लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. एक-एक कर कई लोगों में उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत सामने आई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र और सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों का इलाज कर रही है, वहीं गंभीर मरीजों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. छोला विक्रेता हिरासत मेंघटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी छोला विक्रेता ओभी लाल रजक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. वहीं, उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. फूड पॉइजनिंग का असली कारणफूड इंस्पेक्टर डॉ. राजा कुमार ने बताया कि घटनास्थल से छोला, उबले आलू और ‘कामधेनु’ ब्रांड के संदिग्ध रंग को जब्त किया गया है. इन सैंपलों को जांच के लिए कोलकाता या रायपुर की प्रयोगशाला भेजा जा रहा है. उन्होंने कहा कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि फूड प्वाइजनिंग का असली कारण क्या था. फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Giridih,Jharkhand First Published : April 27, 2026, 16:16 IST Source link

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तीन युवकों ने की नाबालिग किशोरियों से दरिंदगी का प्रयास:शोर मचाने पर...

धनबाद के पूर्वी टुंडी में रविवार रात तीन नाबालिग किशोरियों के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। हालांकि, किशोरियों के शोर मचाने और ग्रामीणों की सक्रियता के कारण आरोपी मौके से फरार हो गए, जिससे एक बड़ी वारदात टल गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। यह घटना पूर्वी टुंडी थाना क्षेत्र में हुई। देर रात तीन युवकों ने सरेराह तीन नाबालिग लड़कियों को जबरन पकड़ लिया। वे उन्हें पास के एक निर्माणाधीन भवन में ले गए, जहां उन्होंने उनके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। किशोरियों ने साहस दिखाते हुए जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग और ग्रामीण घटनास्थल पर जमा होने लगे। ग्रामीणों की भीड़ को अपनी ओर आता देख तीनों आरोपी घबरा गए और तुरंत मौके से भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नीतीश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को शांत कराया और पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। ग्रामीण भी आरोपियों को जल्द पकड़कर कड़ी सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। Source link

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सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोट से हाथी घायल:नक्सलियों के लगाए बम की...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में एक दंतैल हाथी आईईडी विस्फोट की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना सारंडा वन प्रमंडल के कोयना वन प्रक्षेत्र अंतर्गत कोलभोंगा क्षेत्र के पास हुई। जानकारी के अनुसार, हाथी का दाहिना अगला पैर जमीन में दबे आईईडी पर पड़ा, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट के कारण हाथी के पैर में गहरा घाव हो गया है और वह चलने में असमर्थ है। आशंका है कि यह आईईडी नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से लगाया था। स्थानीय ग्रामीणों ने घायल हाथी को देखकर वन विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम बचाव और उपचार की तैयारी में जुट गई है। हालांकि, जिस क्षेत्र में हाथी घायल पड़ा है, वहां अन्य आईईडी होने की आशंका है, जिसके कारण बचाव अभियान में अत्यधिक सावधानी बरती जा रही है। वन विभाग और सुरक्षा बल पहले पूरे इलाके की गहन जांच कर रहे हैं, ताकि किसी भी खतरे से बचा जा सके। इसके बाद ही हाथी के इलाज और सुरक्षित बचाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह घटना सारंडा क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों के कारण वन्यजीवों और आम लोगों पर मंडरा रहे खतरे को एक बार फिर उजागर करती है। Source link

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रांची में घोंघा-डोका का क्रेज… आदिवासी सीफूड प्रोटीन से भरपूर, चिकन-मटन से...

Last Updated:May 04, 2026, 20:20 IST Ghonga Lovers In Ranchi: रांची की सड़कों पर आपको खासतौर पर एक खास तरह का आइटम देखने को मिलेगा, जिसे नॉनवेज लवर्स बहुत पसंद करते हैं. इसे घोन्घा या स्थानीय भाषा में डोका भी कहते हैं. इसे यहां के आदिवासी भी खूब पसंद करते हैं. ये प्रोटीन का काफी अच्छा सोर्स माना जाता है और मटन चिकन के विकल्प के तौर पर भी खाया जाता है. इसे पसंद करने वालों का कहना है कि टेस्ट भी एकदम जबरदस्त आता है. ग्रामीण खासतौर पर तालाब में चुनकर लाते हैं और यह ₹200 से 250 केजी तक मिलता है. कई बार कीमत और ऊपर जाती है. शेल निकालकर जो बेचते हैं, उसकी कीमत और अधिक होती है. इसे बेचने वाले रमेश बताते हैं कि हम घोंघा तालाब से चुनते हैं और फिर दोपहर के 2:00 बजे बाजार में आकर बैठ जाते हैं. एक-दो घंटे में ही यह पूरा खत्म हो जाता है. इसके अपने ही ऐसे कस्टमर होते हैं, जो इंतजार करते हैं और जैसे देखते हैं कि दुकान सज गई है, वैसे ही आकर यह तुरंत ले जाते हैं. रमेश बताते हैं, हम लोग खासतौर पर तालाब और खेत से भी चुनते हैं. जहां पर पानी का जमाव ज्यादा होता है, वहां पर यह आसानी से मिल जाता है, वहीं पर ये पनपता है. हम लोग से कई बार दवा बनाने वाली जो कंपनी होती है, वह भी लेकर जाती है. वह कहते हैं कि आंख में डालने वाला जो ड्रॉप होता है, उसमें यह काम आता है. इसमें प्रोटीन और ल्युटिन जैसे पोषक तत्व होते हैं. खरीदार ऐसा बताते हैं और हमसे खरीद कर ले जाते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने आगे बताया कि खाने में चिकन मटन फेल है. जैसे चिकन मटन का स्वाद आता है, एकदम टेस्टी उससे अधिक ही आएगा, कम नहीं. बनाया भी बिल्कुल वैसे ही जाता है. जैसे आप चिकन बनाते हैं, अधिक प्याज तेल मसाले के साथ. उसी स्टाइल में इसे भी बनाया जाता है. बिल्कुल भी अलग नहीं, हम लोग इसे हमेशा खाते हैं और आज तक आंख में चश्मा लगाने की जरूरत नहीं पड़ी. यह हमारा रोजगार का भी बढ़िया विकल्प है. क्योंकि, इसके लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ता. बस खेत और तालाब से चुनकर लाना पड़ता है और एक दिन में आराम से 1000 तक की बिक्री हो जाती है और कभी-कभी तो 2000 तक भी. मतलब जितना क्वांटिटी अधिक चुनकर ले आएं, उतनी ही बिक्री. बरसात के मौसम में तो अधिक पानी जमता है. ऐसे में एक दिन में 2500 तक की बिक्री हो जाती है. तो यह स्वाद के साथ-साथ की कमाई का भी बढ़िया जरिया है. Source link

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मजदूरों का टिनप्लेट कंपनी गेट पर प्रदर्शन:बकाया भुगतान और नौकरी की मांग,...

जमशेदपुर में संयुक्त ट्रेड यूनियन के बैनर तले मजदूरों ने टिनप्लेट कंपनी गेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और एक ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन बकाया भुगतान और 16 श्रमिकों की नौकरी की मांग को लेकर किया गया। मजदूर नेता अंबुज ठाकुर ने बताया कि नर्सरी विभाग में कार्यरत श्रमिक मेसर्स ए.बी. कंस्ट्रक्शन के तहत अगस्त 2019 से 31 अक्टूबर 2025 तक काम कर रहे थे। 31 अक्टूबर 2025 को अचानक उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। श्रमिकों का आरोप है कि नियमानुसार उन्हें अंतिम भुगतान (फाइनल सेटलमेंट) मिलना चाहिए था, जो अब तक नहीं किया गया है। 16 मजदूरों को काम पर वापस नहीं रखा जा रहा श्रमिकों के अनुसार, सेवा समाप्ति के बाद एक अन्य ठेकेदार को छह माह के लिए नर्सरी कार्य का जिम्मा मिला, जिसके तहत वे दोबारा काम करते रहे। वर्तमान में ठेका फिर से ए.बी. कंस्ट्रक्शन को दिया गया है, लेकिन ठेका मिलने के बावजूद 16 मजदूरों को काम पर वापस नहीं रखा जा रहा है। उनके बकाया भुगतान भी लंबित हैं। प्रदर्शनकारी मजदूरों ने बताया कि वे वर्षों से टिनप्लेट कंपनी में कार्यरत रहे हैं। इस दौरान कई ठेकेदार बदले, लेकिन उन्हें लगातार काम मिलता रहा। अब अचानक काम से हटाए जाने के कारण उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मजदूर नेता अंबुज ठाकुर ने प्रबंधन को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर मजदूरों को काम पर वापस नहीं लिया गया और उनके बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो संयुक्त ट्रेड यूनियन के बैनर तले एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। Source link

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चाईबासा में युवक ने की आत्महत्या:पारिवारिक विवाद के बाद देर रात फंदे...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के तेलाईसूद रंगाबासा टोला में एक 23 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक की पहचान डोको गोप के रूप में हुई है। यह घटना देर रात की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, डोको गोप का विवाह लगभग चार वर्ष पूर्व हुआ था। स्थानीय लोगों और परिजनों ने बताया कि वह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से गुजर रहा था और अक्सर छोटी-छोटी बातों पर क्रोधित हो जाता था। घटना वाले दिन डोको ने सुबह से खाना नहीं खाया था, जिस कारण उसकी पत्नी से विवाद हो गया। यह कहासुनी जल्द ही मारपीट में बदल गई। डोको गोप को कमरे में फंदे से लटका पाया स्थिति बिगड़ने पर उसकी पत्नी डरकर घर से बाहर चली गई थी। कुछ समय बाद जब वह लौटी, तो उसने डोको गोप को कमरे में फंदे से लटका पाया। पत्नी ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर मुफ्फसिल थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव को आत्महत्या का संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं पर गौर करते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है। Source link

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मई में लगाएं ये 5 फसलें, 3 महीने में 2 लाख तक...

होमफोटोकृषि मई में लगाएं ये 5 फसलें, 3 महीने में 2 लाख तक कमाई, जानें फॉर्मूला Last Updated:May 04, 2026, 20:52 IST Cultivate These 5 Crops in May: मई का महीना किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दौरान एक ओर जहां भीषण गर्मी पड़ती है, वहीं दूसरी ओर कुछ ही समय बाद मानसून के आगमन की संभावना रहती है. ऐसे में यदि किसान सही फसल का चयन नहीं करते हैं, तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए बोकारो के कृषि विभाग ‘आत्मा’ (ATMA) की उप परियोजना निदेशक नीरा जोजो ने किसानों के साथ मई महीने में की जाने वाली खेती को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि मई का महीना खेती के लिए सुनहरा अवसर साबित हो सकता है. यदि किसान इस समय उपयुक्त फसलों का चयन करते हैं, तो वे प्रति एकड़ 1 लाख रुपये तक की आमदनी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं. खास बात यह है कि ये सभी फसलें लगभग 2.5 से 3 महीने के भीतर तैयार हो जाती हैं. नीरा जोजो के अनुसार, खीरा की खेती मई महीने में करना बेहद लाभदायक हो सकता है. इसकी फसल लगभग 35 दिनों में तैयार हो जाती है. प्रति एकड़ इसकी लागत करीब 25 से 30 हजार रुपये आती है, जबकि उत्पादन 100 क्विंटल तक हो सकता है. इस तरह किसान इससे लगभग 1 लाख रुपये तक की आमदनी कर सकते हैं. रेगुलर बैंगन की खेती भी मई में बुवाई करने पर जुलाई तक तैयार हो जाती है. लगभग दो महीने की अवधि वाली इस फसल का थोक बाजार भाव 20 से 40 रुपये प्रति किलो तक रहता है. अच्छी देखभाल के साथ किसान प्रति एकड़ करीब 200 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें 1 से 2 लाख रुपये तक की आमदनी हो सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google स्वीट कॉर्न की खेती भी मई में करना लाभकारी माना जाता है. इसकी लागत लगभग 20 से 25 हजार रुपये प्रति एकड़ आती है. जून-जुलाई तक तैयार होने वाली इस फसल से किसान प्रति एकड़ 80 क्विंटल तक उत्पादन हासिल कर सकते हैं और करीब 2 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा सकते हैं. मई में टमाटर की खेती थोड़ी अधिक देखभाल मांगती है, लेकिन इससे बेहतर आमदनी की संभावना रहती है. इसमें 40 से 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की लागत आती है और 150 से 200 क्विंटल तक उत्पादन मिल सकता है. यदि बाजार में अच्छे दाम मिलें, तो किसान 1 लाख रुपये से अधिक की कमाई कर सकते हैं. मिर्च की खेती भी किसानों के लिए एक अच्छा विकल्प है. मई में इसकी बुवाई करने पर फसल 45 से 70 दिनों में तैयार हो जाती है. किसान प्रति एकड़ 90 से 200 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की आमदनी हो सकती है. अंत में नीरा जोजो ने किसानों को सलाह दी कि बेहतर उत्पादन और गुणवत्ता के लिए जैविक खाद और जैविक कीटनाशकों का उपयोग करें. इससे न केवल लागत कम होगी, बल्कि फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होगी और किसान अधिक मुनाफा कमा सकेंगे. Source link

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