भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

झारखंड

झारखंड

आवारा कुत्तों के हमले में 5 वर्षीय बच्चे की मौत:धनबाद में घर...

धनबाद के गोनूडीह ओपी क्षेत्र के भोला नाथ बसेरिया 4 नंबर यादव बस्ती में एक 5 वर्षीय बच्चे की आवारा कुत्तों के हमले में मौत हो गई। मृतक की पहचान कुंदन यादव के पुत्र अंकित यादव के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, अंकित अपने घर से थोड़ी दूर स्थित हनुमान मंदिर के पास गया था। तभी आवारा कुत्तों के एक झुंड ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे को घेरकर उसके शरीर के कई हिस्सों में काटा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और परिजनों को जानकारी दी। घटनास्थल पर बच्चे का शव देखकर परिजन सदमे में आ गए। इस घटना से पूरे इलाके में गम और गुस्सा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ रहा है, लेकिन नगर निगम इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। समाजसेवी टुनटुन यादव ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की भी मांग की। मृतक के परिजनों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इलाके से आवारा कुत्तों को पकड़कर किसी अन्य स्थान पर भेजा जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। Source link

झारखंड

गर्मी में मुर्गियों को हीट स्ट्रेस से बचाएं, 42°C में डॉ. पूनम...

होमफोटोकृषि गर्मी में मुर्गियों को हीट स्ट्रेस से बचाएं, अपनाएं ये आसान टिप्स Last Updated:May 01, 2026, 16:55 IST Poultry Farming Tips In Scorching Heat: दिन-ब-दिन बढ़ती गर्मी अब चिंता का विषय बनती जा रही है. अगर देवघर की बात करें, तो यहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. ऐसे में आम लोगों के साथ-साथ मुर्गी पालन करने वाले किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है. तेज धूप, उमस भरा मौसम और लगातार बढ़ता तापमान मुर्गियों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डालता है. गर्मी के कारण मुर्गियां जल्दी थक जाती हैं, उनका खाना-पीना कम हो जाता है और वे धीरे-धीरे हीट स्ट्रेस की चपेट में आ जाती हैं. अगर समय रहते सही देखभाल और प्रबंधन नहीं किया गया, तो यह स्थिति बीमारी और मृत्यु तक पहुंच सकती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. गर्मी के मौसम में मुर्गियों की देखभाल सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा जरूरी हो जाती है. तापमान बढ़ने के साथ मुर्गियां सुस्त पड़ने लगती हैं और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो जाती है. यही कारण है कि इस समय छोटी-सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है. मुर्गी पालन करने वाले लोगों को चाहिए कि वे अपने पोल्ट्री फार्म के वातावरण पर खास ध्यान दें, ताकि मुर्गियों को ज्यादा गर्मी का सामना न करना पड़े. सही समय पर सही कदम उठाकर ही इस नुकसान को कम किया जा सकता है. देवघर कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थापित पशु चिकित्सक डॉ. पूनम सोरेन ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में मुर्गियों के लिए सबसे जरूरी चीज है उचित तापमान बनाए रखना. उनका कहना है कि जिस कमरे या शेड में मुर्गियों को रखा जाता है, वहां का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं होना चाहिए. इससे ज्यादा तापमान मुर्गियों के लिए खतरनाक हो सकता है. तापमान को नियंत्रित रखने के लिए मुर्गी घर की छत पर पुआल, घास या लकड़ी जैसी चीजें डालनी चाहिए, जिससे अंदर का तापमान कम बना रहे और सीधी धूप का असर कम हो.इसके अलावा मुर्गियों को समय-समय पर ठंडा और साफ पानी पिलाना बेहद जरूरी है. Add News18 as Preferred Source on Google गर्मी में पानी की कमी से मुर्गियां जल्दी बीमार पड़ सकती हैं. शेड के अंदर पंखे और एग्जॉस्ट फैन लगाने से हवा का सही आवागमन बना रहता है, जिससे अंदर का तापमान संतुलित रहता है और मुर्गियों को राहत मिलती है. साथ ही मुर्गी घर की दीवारों पर चूने की पुताई करने से भी गर्मी कम लगती है, क्योंकि चूना तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है. खान-पान पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है. डॉ. सोरेन सलाह देती हैं कि मुर्गियों के आहार में दलहन और तिलहन को मिलाकर देना चाहिए, जिससे उन्हें पर्याप्त पोषण मिलता है और उनकी सेहत अच्छी बनी रहती है. सही पोषण और उचित वातावरण मिलने पर मुर्गियां गर्मी को बेहतर तरीके से सहन कर पाती हैं. इन आसान लेकिन जरूरी उपायों को अपनाकर मुर्गी पालक गर्मी के मौसम में अपनी मुर्गियों को सुरक्षित रख सकते हैं और मृत्यु दर को काफी हद तक कम कर सकते हैं. Source link

झारखंड

धनबाद भाजपा एससी मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष की संदेहास्पद मौत:घर में मिला...

धनबाद के गोविंदपुर क्षेत्र में भाजपा एससी मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष अमृत दास की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव गोविंदपुर थाना क्षेत्र के उपर बाजार स्थित घर के अंदर मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिजनों ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। मां और बहन का कहना है कि अमृत दास की शादी दो सगी बहनों से हुई थी और उनके बीच अक्सर विवाद होता रहता था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि दोनों पत्नियों ने मिलकर अमृत दास की हत्या की है। परिवार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। दूसरी पत्नी को खरीदारी कराने ले गए थे स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना से एक दिन पहले अमृत दास अपनी दूसरी पत्नी को खरीदारी कराने ले गए थे। इसी बात को लेकर घर में विवाद बढ़ गया था। इसके बाद अचानक उनकी मौत की खबर सामने आई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। गोविंदपुर थाना प्रभारी विष्णु प्रसाद रावत ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है। Source link

झारखंड

Madhupur Funeral | CISF Jawan, Wife Honored After Khagaria Accident

खगड़िया में हुए सड़क हादसे में CISF जवान विपिन चौरसिया और उनकी पत्नी दीपमाला चौरसिया का निधन हो गया। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर मधुपुर के चांदवारी गांव लाया गया। पार्थिव शरीर पहुंचते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन अंतिम दर्शन के लिए उमड़ प . बाद में दोनों का अंतिम संस्कार बैकुंठ धाम में पूरे विधि-विधान के साथ किया गया। इस दौरान चित्रा यूनिट से पहुंचे CISF के जवानों ने अपने साथी को सम्मानपूर्वक गार्ड ऑफ ऑनर और सलामी दी। विपिन चौरसिया दुर्गापुर स्टील प्लांट में CISF में हवलदार के पद पर कार्यरत थे। वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे। उनकी पत्नी दीपमाला चौरसिया भाजपा की सक्रिय कार्यकर्ता थीं और सामाजिक कार्यों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में नगरवासी, जनप्रतिनिधि और परिचित शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और दिवंगत दंपती की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। Source link

झारखंड

JEE, NEET, CUET…सबकी तैयारी आधी फीस पर! यहां मिल रही खास स्कॉलरशिप,...

Last Updated:May 01, 2026, 13:47 IST Palamu Scholarship For JEE, NEET, CUET Preparation: बोर्ड परीक्षा में कम मार्क्स आए हैं और परिवार की माली हालत ठीक नहीं है तो भी पलामू के स्टूडेंट्स जेईई, नीट, सीयूईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं. उन्हें नंबरों के हिसाब से फीस में छूट दी जाएगी, डिटेल चेक करें. पलामू. बोर्ड परीक्षा के परिणाम अक्सर विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को तय करने का माध्यम बन जाते हैं, जबकि सच्चाई इससे कहीं अलग है. कई छात्र-छात्राएं ऐसे हैं जोकि बोर्ड में 60 प्रतिशत से कम आने पर खुद को कम आंकने लगते हैं. कई बार परिवार और समाज से अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाता, ताने सुनने पड़ते हैं और अपने सपनों को लेकर निराशा घर कर जाती है. वही पलामू में एक संस्था ऐसे छात्रों के लिए खास स्कॉलरशिप दे रही है. कई बार विद्यार्थी जो विज्ञान विषय लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं, कम अंकों के कारण खुद को उस राह से अलग होते हुए देखते हैं. लेकिन अब ऐसे छात्रों के लिए एक नई पहल की गई है, जिसमें यह संदेश दिया जा रहा है कि अंक कम आने से सपने छोटे नहीं हो जाते. पलामू जिले के बाईपास रोड समीप संचालित सेकंड स्कूल में छात्रों को स्कॉलरशिप दी जा रही है. इतनी फीस में होगी तैयारीसंस्था के डायरेक्टर ऋषिकेश कुमार ने कहा कि बोर्ड एग्जाम में 60 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को आधी फीस में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के साथ-साथ सीयूईटी की तैयारी कराई जाएगी. लगभग 7 से 8 हजार रुपये की किफायती फीस में 12वीं की पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की मजबूत तैयारी कराई जाएगी. आज के समय में केवल बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अच्छे विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए सीयूईटी परीक्षा में सफलता भी जरूरी है. इसी को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को शुरू से ही सही दिशा में मार्गदर्शन देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे अपने लक्ष्य तक पहुंच सकें. किसको कितनी छूटउन्होंने आगे कहा कि छात्र आईआईटी और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का सपना देखते हैं, उनके लिए भी विशेष रियायत दी जा रही है. 60 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों को लगभग 15 हजार रुपये में, यानी 50 प्रतिशत छूट के साथ तैयारी कराई जाएगी. इसके अलावा, मेधावी छात्रों को भी प्रोत्साहित करने के लिए आकर्षक स्कॉलरशिप की व्यवस्था की गई है. 92 से 95 प्रतिशत अंक लाने वाली छात्राओं को 30 प्रतिशत और छात्रों को 20 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है, जबकि 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जा रही है. इतने छात्रों को मिली सफलतासंस्थान का यह भी कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन पढ़ने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए फीस कभी बाधा नहीं बनेगी. संस्थान के कई छात्र पहले ही एनआईटी जमशेदपुर, एनआईटी त्रिची और विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं. हाल ही में जेईई परीक्षा में यहां के 17 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है, जिनमें से 12 को एनआईटी मिलने की संभावना है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

झारखंड

सिमरिया में सड़क हादसे में महिला की मौत:सिमरिया-टंडवा मुख्य मार्ग पर किया...

चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद ग्रामीण और परिजन सड़क पर उतर आए और जाम लगा दिया। उन्होंने सिमरिया-टंडवा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया है। प्रदर्शनकारी मुआवजे और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग कर रहे हैं। यह घटना गुरुवार शाम करीब 6 बजे सिमरिया-टंडवा मार्ग पर स्थित ‘ईश्वर दयाल पेट्रोल पंप’ के पास हुई। कटिया मूर्व गांव की 40 वर्षीय बिखी देवी को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। बिखी देवी डाड़ी चौक स्थित बैंक से अपनी आवास योजना की अगली किस्त की राशि निकालकर पैदल घर लौट रही थीं। अज्ञात वाहन की टक्कर इतनी भीषण थी कि अस्पताल ले जाते समय बिखी देवी ने दम तोड़ दिया। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने तत्काल शव को सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। सड़क जाम की वजह से रोड के दोनों ओर कोयला लदे ट्रकों और यात्री वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों की मुख्य मांगें हैं कि दोषी वाहन चालक की पहचान कर उस पर कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और इस मार्ग पर सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। Source link

झारखंड

गुमला में सड़क हादसे में युवक की मौत:घाघरा के कस्तूरबा विद्यालय के...

गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया। यह घटना मसरिया मोड़ स्थित कस्तूरबा विद्यालय के समीप गुरुवार देर रात हुई। मृतक की पहचान दोदांग गांव निवासी रोहित उरांव के रूप में हुई है, वहीं घायल युवक सोनू उरांव है। पुलिस के अनुसार, दोनों युवक अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गांव दोदांग से घाघरा की ओर जा रहे थे। कस्तूरबा विद्यालय के पास उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित हो गई, जिससे वे सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने रोहित उरांव को मृत घोषित कर दिया, जबकि सोनू उरांव का इलाज जारी है। सूचना मिलने पर घाघरा थाना पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। पुलिस ने घटना की जानकारी ली और शव को कब्जे में लेकर थाने ले आई। शुक्रवार को शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया गया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। गौरतलब है कि गुमला जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान और वाहन जांच चला रहा है, लेकिन इसके बावजूद सड़क दुर्घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। Source link

झारखंड

केमिकल छोड़ें, पपीते के पत्ते अपनाएं! कोडरमा के किसान का देसी कीटनाशक,...

होमफोटोकृषि कोडरमा के किसान का देसी कीटनाशक, फसलों को कीटों से रखे सुरक्षित Last Updated:May 01, 2026, 13:34 IST बदलते मौसम के साथ खेती की चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं. खासकर जैविक (ऑर्गेनिक) खेती करने वाले किसानों के सामने कीटों का हमला एक बड़ी समस्या बनकर उभर रहा है. फसल में कीट लगने के बाद उनसे निपटना किसानों के लिए मुश्किल हो जाता है. ऐसे हालात में कोडरमा जिले के कई किसान पारंपरिक और घरेलू उपाय अपनाकर अपनी फसलों को सुरक्षित रख रहे हैं. कोडरमा जिले के यदुटांड़ निवासी किसान विनोद यादव पिछले कई वर्षों से ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं. उनका कहना है कि पहले के समय में, जब बाजार में रासायनिक कीटनाशक आसानी से उपलब्ध नहीं होते थे, तब उनके पूर्वज पपीते के पत्तों का उपयोग कर कीटों को दूर भगाते थे. यह पारंपरिक तरीका आज भी उतना ही प्रभावी साबित हो रहा है. विनोद यादव बताते हैं कि पपीते के पत्ते कड़वे होते हैं और इनमें ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं. ये कीटों को फसल से दूर रखने में मदद करते हैं. इस घरेलू कीटनाशक को तैयार करने के लिए दो से चार पपीते के पत्तों को लेकर उन्हें 12 से 24 घंटे तक पानी में भिगोया जाता है, जिससे उनका रस पानी में अच्छी तरह मिल जाता है. यदि जल्दी घोल तैयार करना हो, तो पत्तों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर धीमी आंच पर 15 से 20 मिनट तक उबाला जा सकता है. इसके बाद घोल को ठंडा कर लिया जाता है और उसमें थोड़ा सा डिटर्जेंट पाउडर मिलाया जाता है, ताकि यह पत्तियों पर अच्छी तरह चिपक सके. Add News18 as Preferred Source on Google इस तैयार घोल को स्प्रे बोतल में भरकर सुबह और शाम के समय फसलों पर, खासकर कटे-फटे पत्तों और फूलों पर छिड़काव किया जाता है. नियमित उपयोग से कीटों का प्रभाव काफी कम हो जाता है और फसल सुरक्षित रहती है. इस प्राकृतिक कीटनाशक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे फसल पर किसी तरह का रासायनिक असर नहीं पड़ता. इससे सब्जियों और अन्य फसलों का स्वाद प्राकृतिक बना रहता है और उनमें किसी भी प्रकार की केमिकल गंध नहीं आती, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है. Source link

झारखंड

गुमला में ट्रैक्टर-बाइक की टक्कर, एक की मौत:एक युवक गंभीर रूप से...

गुमला जिले में गुरुवार देर रात एक ट्रैक्टर और बाइक की टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना गुमला सदर थाना क्षेत्र के टैसेरा मोड़ के पास हुई। मृतक की पहचान अंबवा बेरटोली निवासी अरविंद खड़िया (32) के रूप में हुई है, जबकि घायल बंगरू पालकोट निवासी पैरू बिलुंग (30) है। जानकारी के अनुसार, अरविंद खड़िया पैरू बिलुंग को उसके घर बंगरू छोड़ने जा रहा था। टैसेरा मोड़ के पास सामने से आ रहे एक ट्रैक्टर से उनकी बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। इधर, स्थानीय लोगों ने तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से दोनों घायलों को गुमला सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान अरविंद खड़िया ने दम तोड़ दिया। पैरू बिलुंग की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शुक्रवार को एसआई विनय कुमार महतो ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। Source link

झारखंड

कोडरमा में हाथियों का आतंक, ग्रामीणों ने सड़क जाम किया:घरों को तोड़ा,...

कोडरमा जिले के सतगावां थाना क्षेत्र में जंगली हाथियों के उत्पात से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह कटैया मोड़ पर सड़क जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों ने एक महीने में कई फसलों, घरों और मवेशियों को नुकसान पहुंचाया है और प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। ताजा घटना गुरुवार देर रात कटैया गांव में हुई, जहां हाथियों के एक झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान सर्जन प्रसाद यादव का मिट्टी का घर पूरी तरह ढहा दिया गया और घर में बंधे भैंस के बच्चे को भी मार डाला। पंचायत भवन के गेट को भी पहुंचाया नुकसान इसी गांव में द्वारिक यादव के पशु शेड को भी हाथियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे शेड में बंधा एक बकरी का बच्चा ईंट गिरने से दबकर मर गया। हाथियों ने पंचायत भवन के गेट को भी काफी नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब 15 दिन पहले भी हाथियों के इसी झुंड ने कटैया गांव में एक युवक को मौत के घाट उतार दिया था। उस समय भी आक्रोशित ग्रामीणों ने कोडरमा-सतगावां मुख्य मार्ग जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। तब डीएफओ, बीडीओ, सीओ सहित जिले के कई अधिकारियों ने गांव पहुंचकर लोगों को समझाया था और जल्द ही हाथियों को इलाके से भगाने का आश्वासन दिया था। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासन के बावजूद न तो हाथियों का उत्पात रुका है और न ही उन्हें भगाया गया है। कटैया मोड़ को किया जाम बार-बार हो रही घटनाओं के बावजूद वन विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए जाने से ग्रामीण उग्र हो गए और सतगांवां-देवघर मुख्य मार्ग स्थित कटैया मोड़ को जाम कर दिया है। इधर, सड़क जाम होने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सौरभ कुमार शर्मा अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा बुझाकर करीब दो घंटे के बाद जाम हटवाने में सफलता पाई। मुख्य मार्ग को घंटों जाम रखने के बाद ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि हाथियों को भगाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जल्द से जल्द नहीं किए गए तो वे आगे और भी उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। Source link

Scroll to Top