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125 साल से दिल ठंडा कर रही राठी रबड़ी, आहोर की देसी...

X 125 साल से दिल ठंडा करती राठी रबड़ी, आहोर की देसी मिठास, देखें वीडियो   125 Year Old Rathi Rabri Of Jalore : राजस्थान की तपती गर्मी में जहां लोग ठंडक के लिए तरह-तरह के उपाय ढूंढते हैं, वहीं जालौर जिले के आहोर की एक खास देसी मिठाई लोगों को सुकून दे रही है. यह कोई आम मिठाई नहीं, बल्कि करीब 125 साल पुरानी परंपरा से जुड़ी राठी रबड़ी है, जो अपने अनोखे स्वाद और ठंडक देने वाले गुणों के कारण आज भी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. राजकीय अस्पताल के सामने स्थित राठी मिष्ठान भंडार पर तैयार होने वाली यह रबड़ी शुद्ध गाय के दूध से बनाई जाती है और इसमें बेहद कम शक्कर डाली जाती है, जिससे इसका स्वाद हल्का, प्राकृतिक और अलग महसूस होता है. गर्मी के दिनों में इस रबड़ी की मांग इतनी बढ़ जाती है कि कई बार लोगों को पहले से ऑर्डर देना पड़ता है. रोजाना 10 से 12 किलो तक बनने वाली यह रबड़ी शादी-समारोहों और खास मौकों पर भी खूब पसंद की जाती है. खास बात यह है कि आम लोगों के साथ-साथ कई बड़े नेता और वीआईपी भी इसके स्वाद के दीवाने रह चुके हैं. पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही यह परंपरा आज भी उसी पुराने तरीके से निभाई जा रही है, जो इसे और खास बनाती है. Source link

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इस साल 6% रह जाएगी भारत की विकास दर! ईरान युद्ध के...

Last Updated:April 29, 2026, 16:18 IST GDP Growth Rate : भारत की अर्थव्‍यवस्‍था की विकास दर इस साल गिरकर 6 फीसदी के आसपास पहुंच सकती है. ग्‍लोबल परामर्श कंपनी ईवाई ने क्रूड की बढ़ती कीमतों के दबाव में यह अनुमान लगाया है. उसका कहना है कि भारत पर महंगे क्रूड का ज्‍यादा असर दिखेगा. भारत की विकास दर चालू वित्‍तवर्ष में 6 फीसदी के आसपास रहने वाली है. नई दिल्‍ली. ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बावजूद अभी तक ज्‍यादातर एजेंसियां भारत की विकास दर 7 फीसदी या उससे ज्‍यादा रहने का ही अनुमान लगा रहीं थी. लेकिन, अब पहली बार ग्‍लोबल रेटिंग एजेंसी ईवाई ने विकास दर के 6 फीसदी के आसपास जाने का अनुमान लगाया है. एजेंसी का कहना है क‍ि भारत पर सबसे ज्‍यादा असर बस एक ही चीज का पड़ेगा, क्‍योंकि आज भी इसकी 85 फीसदी खपत बाहरी बाजार से आयात के जरिये पूरी की जाती है. ईवाई इंडिया ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें अधिक रहने से चालू वित्तवर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटकर करीब 6 फीसदी रह सकती है, जबकि खुदरा महंगाई बढ़कर 6 फीसदी तक पहुंच सकती है. महंगाई का यह आंकड़ा रिजर्व बैंक के दायरे से बाहर जा सकता है. ग्‍लोबल सलाहकार कंपनी ने कहा कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था ईंधन के लिए आज भी ग्‍लोबल मार्केट पर निर्भर है, जो उसे सबसे ज्‍यादा नुकसान पहुंचा रहा है. क्‍यों दिख रहा जीडीपी पर दबावग्‍लोबल परामर्श कंपनी ईवाई इंडिया के मुख्य नीति सलाहकार डीके श्रीवास्तव ने कहा कि यदि भारतीय कच्चे तेल ‘बास्केट’ की औसत कीमत वित्तवर्ष 2026-27 में 120 डॉलर प्रति बैरल रहती है, तो वास्तविक जीडीपी वृद्धि करीब 6 फीसदी और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा महंगाई दर भी करीब 6 फीसदी तक रह सकती है. उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटे पर दबाव कम करने के लिए बढ़ी ऊर्जा कीमतों का असर अपेक्षाकृत अधिक हद तक उपभोक्ताओं तक पहुंचाना होगा. नीतिगत हस्‍तक्षेप अब सीमित हो रहाईवाई की इकॉनमी वॉच रिपोर्ट के मुताबिक, नीतिगत हस्तक्षेप की गुंजाइश सीमित है, लेकिन हालात को देखते हुए रेपो दर में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की आपूर्ति के स्रोतों में तेजी से विविधीकरण पर विचार किया जाना चाहिए. इसका मतलब है कि आने वाले समय में लोन फिर महंगा हो सकता है. श्रीवास्तव ने पश्चिम एशिया संकट लंबा खिंचने की आशंका जताते हुए कहा कि इसका हल निकल जाने पर भी कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति के सामान्य होने में खासा समय लग सकता है. ऐसे में काफी गुंजाइश है कि इस साल भारतीय बास्‍केट का तेल 120 डॉलर के आसपास ही घूमता रहेगा. अभी क्‍या है मार्केट की हालतअमेरिका के एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (ईआईए) के अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2026 की पहली तिमाही के औसत 81 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर दूसरी तिमाही में 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं. हालांकि, संकट की दिशा बदलने पर कीमतों में नरमी भी आ सकती है. हालांकि, भारत की विकास दर के अन्‍य अनुमान ज्‍यादा बेहतर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की वृद्धि दर 6.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है जबकि एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और विश्व बैंक ने क्रमशः 6.9 फीसदी और 6.6 फीसदी का अनुमान जताया है. रिजर्व बैंक ने हाल में विकास दर 6.9 फीसदी और औसत महंगाई दर 4.6 फीसदी रहने का अनुमान जताया है. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 29, 2026, 16:12 IST Source link

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Exit Poll Results LIVE: पांच राज्यों में किसका होगा राज्याभिषेक? एग्जिट पोल...

Exit Poll Results LIVE Updates: पश्चिम बंगाल के अलावा असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के एग्जिट पोल नतीजे भी आज ही जारी होंगे. इन पांचों राज्यों में वोटिंग प्रतिशत काफी ज्यादा रहा है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण के लिए आज 29 अप्रैल को वोट डाले जा रहे हैं. दोपहर 1 बजे तक राज्य में 61 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई है, जो मतदाताओं के भारी उत्साह को दर्शाती है. चुनावी मैदान में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला है. चुनाव आयोग के कड़े निर्देशों के अनुसार, शाम 6:30 बजे तक किसी भी तरह के एग्जिट पोल पर पाबंदी है. इसके बाद ही सर्वे एजेंसियां अपने आंकड़े जारी कर सकेंगी. Exit Poll Results LIVE: एग्जिट पोल ने लगाया था 2021 में तमिलनाडु में द्रमुक की वापसी का सही अंदाजा Exit Polls: तमिलनाडु के मामले में सर्वे एजेंसियां काफी हद तक सही साबित हुई थीं. सभी एग्जिट पोल ने भविष्यवाणी की थी कि एमके स्टालिन की द्रमुक (DMK) सत्ता में वापसी करेगी. द्रमुक और उसके गठबंधन ने 159 सीटें जीतीं, जबकि अन्नाद्रमुक को 75 सीटें मिलीं. ‘टीवी9-पोलस्ट्रेट’ और ‘शाइनिंग इंडिया’ के आंकड़े नतीजों के सबसे करीब रहे थे. हालांकि, ‘इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया’ ने द्रमुक को 190 के पार दिखा दिया था, जो जमीनी हकीकत से थोड़ा ज्यादा था. यहां पोलस्टर्स ने द्रमुक की सीटों को औसतन 7 नंबर से ओवरशूट किया था. Exit Poll West Bengal LIVE: 2021 का इतिहास, जब सर्वे करने वालों के पसीने छूट गए 2021 में बंगाल का चुनाव सबसे ज्यादा चर्चा में रहा था. उस समय किसी भी एग्जिट पोल ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की इतनी बड़ी जीत का अंदाजा नहीं लगाया था. लगभग सभी पोलस्टर्स ने भाजपा की सीटों को बहुत ज्यादा बढ़ाकर दिखाया था. टीएमसी ने तब 215 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था, जबकि भाजपा 77 पर सिमट गई थी. ‘टुडेज चाणक्य’ ने टीएमसी को 169 से 191 सीटें दी थीं, जो असलियत के थोड़ा करीब था. वहीं ‘जन की बात’ ने तो भाजपा की सरकार ही बना दी थी. औसतन, पोलस्टर्स ने टीएमसी की ताकत को 61 सीटों से कम आंका था. एग्जिट पोल रिजल्ट LIVE: क्या इस बार भी फेल होंगे एग्जिट पोल? पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग पूरी होने के साथ ही एग्जिट पोल का बाजार गर्म हो गया है. केरल, असम और तमिलनाडु में पहले ही मतदान हो चुका है. अब 4 मई को आने वाले नतीजों से पहले एग्जिट पोल यह बताने की कोशिश करेंगे कि सत्ता की कुर्सी पर कौन बैठेगा. हालांकि, 2021 के चुनावों का इतिहास देखें तो पता चलता है कि इन आंकड़ों पर आंख मूंदकर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है. West Bengal Exit Poll LIVE: बंगाल में दूसरे चरण के मतदान पर गरमाई सियासत, बीजेपी का तीखा हमला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा नेता तरुण चुघ ने दावा किया कि राज्य की जनता विकास, सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को समर्थन दे रही है. उन्होंने वंशवाद, जिहादी मानसिकता और भ्रष्टाचार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता बदलाव चाहती है. चुघ ने संकेत दिया कि मतदाता अब ममता बनर्जी सरकार से आगे बढ़ने के मूड में हैं. #WATCH दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान पर भाजपा नेता तरुण चुघ ने कहा, “पश्चिम बंगाल की जनता डबल इंजन सरकार के विकास, सुरक्षा और पारदर्शिता के पक्ष में नरेंद्र मोदी को वोट कर रही है। वंशवाद, जिहादी मानसिकता और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता आज लामबंद है और… pic.twitter.com/YHAnFX0q35 — ANI_HindiNews (@AHindinews) April 29, 2026 Kerala Exit Polls Result 2026 LIVE: केरल चुनाव नतीजों से पहले सियासी हलचल तेज, कांग्रेस उत्साहित तो लेफ्ट अलर्ट केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों में अब सिर्फ छह दिन बाकी हैं और राज्य में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. 140 सदस्यीय केरल विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को संपन्न हुआ था. अब मुकाबला मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और विपक्ष के नेता वीडी सतीशन के नेतृत्व वाले कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच माना जा रहा है. वहीं, बीजेपी नीत एनडीए, जो 2021 में अपनी एकमात्र सीट भी गंवा चुका था, इस बार त्रिशंकु जनादेश की स्थिति में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद लगाए बैठा है. चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में मिले-जुले अनुमान सामने आए हैं और किसी भी दल को स्पष्ट बढ़त नहीं दिखाई गई है. हालांकि मतदान के बाद राजनीतिक माहौल में बयानबाजी तेज हो गई है. यूडीएफ खेमे में सत्ता में वापसी को लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है. पार्टी नेता और समर्थक खुलकर जीत का दावा कर रहे हैं. दूसरी ओर, पिनराई विजयन का खेमा चुप्पी साधे हुए है, जिससे अटकलें और बढ़ गई हैं. Bengal Chunav LIVE: भवानीपुर सीट पर झड़प, सुवेंदु को टीएमसी कार्यकर्ताओं ने घेरा बंगाल चुनाव लाइव: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण की वोटिंग चल रही है. भवानीपुर विधानसभा सीट पर सीएम ममता बनर्जी को इस बार भाजपा के दिग्‍गज नेता शुवेंदु अधिकारी टक्‍कर दे रहे हैं. उसी सीट से हिंसा और झड़प की खबरें सामने आ रही हैं. इससे पहले टीएमसी नेता जहांगी खान की फालटा विधानसभा से चौंकाने वाली घटना सामने आई. भाजपा ने आरोप लगाया कि कुछ बूथ पर ईवीएम पर बीजेपी के चुनाव चिह्न कमल छाप को टेप से ढक दिया गया है. चुनाव आयोग से अविलंब हस्‍तक्षेप की भी मांग की गई है. दूसरी तरफ, साउथ 24 परगना की बसंती विधानसभा सीट से भाजपा उम्‍मीदवार विकास सरदार की कार पर हमला कर दिया गया. इस घटना में बीजेपी नेता की कार के शीशे चकनाचूर हो गए. Puducherry Exit Polls Result 2026 LIVE: पुदुचेरी में भी ऐतिहासिक वोटिंग, जानिए कब होगी काउंटिंग पुदुचेरी एग्जिट पोल रिजल्‍ट लाइव: केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में इस बार 89.87 फीसदी का ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया। यह 1964 के पहले विधानसभा चुनाव के बाद से अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है. पांचों राज्यों में रिकॉर्ड

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अब यूरिया खाद पर नहीं होगी किचकिच! 100 लाख टन का गैप...

नई दिल्ली. भारत सरकार देश में खेती के लिए सबसे जरूरी यूरिया (Urea) खाद की कमी को दूर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. सरकार ने एक नई निवेश नीति तैयार की है, जिसके लिए एक कैबिनेट नोट भी बना लिया गया है. इस नई नीति का मुख्य मकसद देश में यूरिया के नए कारखाने लगाने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहित करना है, ताकि विदेशों से खाद न मंगानी पड़े. फिलहाल भारत में यूरिया की जितनी जरूरत है और जितनी पैदावार हो रही है, उसके बीच करीब 100 लाख मीट्रिक टन का बड़ा अंतर है. इसी अंतर को भरने के लिए सरकार अब नई सुविधाओं और नियमों का ऐलान करने वाली है. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में यह बात कही गई है. भारत में हर साल लगभग 380 से 400 लाख मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत होती है, लेकिन देश में मौजूद कारखाने केवल 300 लाख मीट्रिक टन ही बना पाते हैं. इसका मतलब है कि हमें अपनी कुल जरूरत का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा दूसरे देशों से खरीदना पड़ता है. रिपोर्ट में एक सरकारी अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि यूरिया की कीमतों पर सरकार का नियंत्रण होता है, इसलिए नई कंपनियां तब तक पैसा लगाने से डरती हैं जब तक उन्हें यह पता न हो कि उन्हें सरकार से कितनी सब्सिडी (Subsidy) मिलेगी. नई नीति में अगले 8 सालों के लिए सब्सिडी की न्यूनतम और अधिकतम सीमा तय की जाएगी, जिससे निवेशकों को भविष्य का अंदाजा मिल सके और वे बेझिझक नए प्लांट लगा सकें. पुरानी नीति का असर इससे पहले साल 2012 में नई निवेश नीति (New Investment Policy – 2012) आई थी. उस नीति की वजह से देश में छह नए यूरिया कारखाने लगे थे, जिनमें गोरखपुर (Gorakhpur), सिंदरी (Sindri), बरौनी (Barauni), रामागुंडम (Ramagundam), पानागढ़ (Panagarh) और गड़ेपान (Gadepan) शामिल हैं. इन कारखानों से यूरिया की पैदावार काफी बढ़ी थी, लेकिन अब उस पुरानी नीति का समय खत्म हो गया है और मांग लगातार बढ़ती जा रही है. नई नीति के तहत सरकार कंपनियों को कारखाना लगाने के लिए सीधे पैसे नहीं देगी, बल्कि एक ऐसा ढांचा तैयार करेगी जिससे कंपनियों को मुनाफा मिल सके. कंपनियों को आमतौर पर नीति लागू होने के चार साल के भीतर कारखाना चालू करना होगा. वर्तमान में किसानों को यूरिया का एक बैग (45 किलो) लगभग 266 रुपये में मिलता है, जबकि इसे बनाने का खर्च 1,200 से 1,700 रुपये तक आता है. इस बीच का जो भी बड़ा अंतर है, वह सरकार सब्सिडी के तौर पर चुकाती है. गैस की उपलब्धता जरूरी यूरिया बनाने के लिए गैस की जरूरत होती है, जो काफी महंगी और सीमित है. अधिकारियों का कहना है कि भले ही हम देश में बहुत सारे कारखाने लगा लें, लेकिन अगर उनके पास पर्याप्त गैस नहीं होगी, तो फिर से दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ेगा. इसके अलावा, वैश्विक बाजार में खाद की कीमतें लगातार ऊपर-नीचे हो रही हैं, जिससे सरकार पर सब्सिडी का बोझ बढ़ सकता है. बजट में सब्सिडी के लिए करीब 1.7 लाख करोड़ रुपये रखे गए थे, लेकिन अनुमान है कि यह खर्च बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है. यूरिया के अलावा अन्य खादों जैसे एनपीके (NPK – Nitrogen, Phosphorus, Potassium) के नियम थोड़े अलग हैं, वहां सरकार एक तय मदद देती है और कंपनियां बाजार के हिसाब से दाम तय करती हैं, लेकिन यूरिया में पूरी जिम्मेदारी सरकार की होती है. नई नीति आने से उम्मीद है कि आने वाले सालों में भारत यूरिया के मामले में आत्मनिर्भर बन पाएगा. Source link

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सिर्फ एकादशी पर ही खुलते हैं त्रेता के ठाकुर मंदिर के कपाट,...

Last Updated:April 29, 2026, 13:15 IST अयोध्या की यही विशेषता है कि यहां हर मंदिर अपने आप में एक कथा, एक विश्वास और एक परंपरा को जीवित रखे हुए है. त्रेता के ठाकुर मंदिर भी उसी आस्था का प्रतीक है, जहां सीमित समय के लिए होने वाले दर्शन भक्तों के लिए और भी अधिक विशेष और पुण्यदायी बन जाते हैं. अयोध्या: आस्था इतिहास और परंपराओं की नगरी अयोध्या अपने भीतर ऐसे कई रहस्य समेटे हुए है जो इसे अन्य तीर्थ स्थलों से अलग पहचान देते हैं. यहां स्थित मंदिरों की विशेषता सिर्फ उनकी प्राचीनता ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़ी अनोखी परंपराएं भी हैं. ऐसी ही एक अद्भुत परंपरा से जुड़ा है स्वर्ग द्वार के अंदर स्थित त्रेता के ठाकुर मंदिर है जो पूरे महीने में सिर्फ दो दिन ही श्रद्धालुओं के लिए खुलता है. सरयू तट के समीप स्वर्ग द्वार मोहल्ले में स्थित यह मंदिर धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. त्रेता के ठाकुर मंदिर  त्रेता के ठाकुर नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर में भगवान श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमान जी की पूजा की जाती है. मंदिर का इतिहास भी उतना ही रोचक है जितनी इसकी परंपरा. मंदिर के पुजारी सुनील कुमार मिश्र के अनुसार इस मंदिर का मूल निर्माण प्राचीन काल में सरयू नदी के किनारे हुआ था. कहा जाता है कि आठवीं शताब्दी के आसपास यहां एक भव्य मंदिर था. बाद में वर्ष 1680 ईस्वी में मुगल शासक औरंगजेब के समय इस मंदिर को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. उस समय जो मूर्तियां वहां स्थापित थीं, उन्हें सुरक्षित रखते हुए वर्तमान स्थान पर स्थापित किया गया. यही स्थान आगे चलकर त्रेता के ठाकुर मंदिर के रूप में प्रसिद्ध हुआ. महीने केवल दो बार खुलता है मंदिर इस मंदिर की सबसे विशेष बात इसकी खुलने की परंपरा है. यह मंदिर हर महीने केवल दो बार, यानी दोनों एकादशी के दिन ही खोला जाता है वह भी सिर्फ शाम के समय, जब भक्तों को भगवान के दर्शन करने का अवसर मिलता है. सालों से चली आ रही इस परंपरा का पालन आज भी पूरी श्रद्धा के साथ किया जा रहा है.मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु लगातार तीन वर्षों तक हर महीने की दोनों एकादशी के दिन इस मंदिर में आकर दीपक जलाता है.उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इसी आस्था के कारण दूर-दूर से भक्त इन दो विशेष दिनों का इंतजार करते हैं और मंदिर खुलने पर बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं. अयोध्या की यही विशेषता है कि यहां हर मंदिर अपने आप में एक कथा, एक विश्वास और एक परंपरा को जीवित रखे हुए है. त्रेता के ठाकुर मंदिर भी उसी आस्था का प्रतीक है. जहां सीमित समय के लिए होने वाले दर्शन भक्तों के लिए और भी अधिक विशेष और पुण्यदायी बन जाते हैं. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ayodhya,Faizabad,Uttar Pradesh First Published : April 29, 2026, 13:15 IST Source link

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पीएम मोदी ने सर्वार्थ सिद्धि योग में किया काशी विश्वनाथ में पूजा,...

Last Updated:April 29, 2026, 12:09 IST PM Narendra Modi In Kashi:काशी के ज्योतिषी के अनुसार इस योग में बाबा के पूजन से उन्हें ⁠⁠विजय प्राप्ति का फल मिलेगा.पंडित संजय उपाध्याय ने बताया कि वैशाख का महीना भगवान श्री कृष्ण को समर्पित माह है.इसमें आज शिव की पूजा,जलाभिषेक का भी खासा महत्व है.ऐसे में सर्वार्थ सिद्धि योग में उनका पूजन पीएम मोदी की हर मनोकामना की पूर्ति करेगा. वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी में हैं. अपने दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन किया. पीएम मोदी ने जिस दिन और जिस समय में बाबा विश्वनाथ का पूजन किया है वो समय बेहद शुभ है. इस समय में ग्रह नक्षत्रों का अद्भुत संयोग बना हुआ है जो हर मनोकामना की पूर्ति करने वाला है. वैदिक पंचांग के अनुसार, 29 अप्रैल को वैशाख का पवित्र महीना, त्रयोदशी तिथि के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष संयोग बना हुआ है. काशी के ज्योतिषी के अनुसार इस योग में बाबा के पूजन से उन्हें ⁠⁠विजय प्राप्ति का फल मिलेगा. पंडित संजय उपाध्याय ने बताया कि वैशाख का महीना भगवान श्री कृष्ण को समर्पित माह है. इसमें आज शिव की पूजा, जलाभिषेक का भी खासा महत्व है. ऐसे में सर्वार्थ सिद्धि योग में उनका पूजन पीएम मोदी की हर मनोकामना की पूर्ति करेगा. इसके अलावा ये देश और देशवासियों के लिए भी काफी हितकारी होने वाला है. क्या होता है सर्वार्थ सिद्धि योग ज्योतिषशास्त्र में सर्वार्थ सिद्धि योग को सबसे प्रशस्त योग माना जाता है. इसमें किए गए पूजन अनुष्ठान का शत प्रतिशत फल मिलता है. यह योग सर्व रूप से सिद्ध योग है जो मनुष्य के मनोवांछित मनोकामना को पूरा करता है.यह योग विशिष्ट वार और नक्षत्रों के संयोग से बनता है. बंगाल में जीत का मिल गया आशीर्वाद पीएम मोदी एक ओर जब काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन कर रहे थे, तो उस समय दूसरी ओर बंगाल चुनाव के आखिरी चरण के लिए मतदान भी जारी था. पीएम मोदी ने 2014 के चुनाव से पहले भी काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजन अर्चन कर बाबा से जीत का आशीर्वाद लिया था. ऐसे में माना जा रहा है आज काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजन के जरिये फिर पीएम मोदी ने उनके बंगाल जीत का आशीर्वाद लिया है.  14 KM रोड शो में जगह जगह स्वागत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह करीब साढ़े 8 बजे वाराणसी के बरेका गेस्ट हाउस से निकलें. इस दौरान करीब 14 किलोमीटर का रोड शो करतें हुए पीएम मोदी करीब 9 बजे काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे. इस रोड शो के दौरान जगह जगह कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी का शंख ध्वनि, डमरू और पुष्प वर्षा से उनका स्वागत किया. पीएम मोदी ने भी हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Varanasi,Varanasi,Uttar Pradesh First Published : April 29, 2026, 12:09 IST Source link

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West Bengal Chunav Voting | Mamata Banerjee vs Suvendu Adhikari | घर...

West Bengal election phase 2 voting : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण की वोटिंग हो रही है. पश्चिम बंगाल की कुल 294 सीटों में 142 सीटों पर आखिरी चरण में वोट डाले जा रहे हैं. बड़ी संख्या में वोटर घरों से बाहर निकल रहे हैं. इस चरण में सबसे अहम मुकाबला भवानीपुर सीट पर है. यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भजपा प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं. सुबह से ही दोनों फील्ड में बूथों का दौरा कर रहे हैं. एक वक्त तो ऐसा भी हुआ, जब भवानीपुर के जिस बूथ के बाहर ममता बनर्जी एक घर में बैठी थीं, वहीं पर सुवेंदु अधिकारी भी आ धमके. दरअसल, टीएमसी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर के चक्रबेरिया स्थित एक मतदान केंद्र के बाहर आईं. वहां काफी देर तक बैठी रहीं. उनका आरोप था कि टीएमसी के लोगों की मौजूदगी को जानबूझकर कम कर दिया गया. उनके झंटे हटा दिए गए. जब ममता बनर्जी जिस घर में थीं, उसके ठीक सामने सुवेंदु अधिकारी भी आ गए थे. कुछ देर तक सुवेंदु अधिकारी वहीं डटे रहें. इसके बाद तो उन्होंने गरज कर यह तक कह दिया कि ममता का डर अच्छा लग रहा है. ममता पर बरसे सुवेंदु अधिकारी न्यूज18 इंडिया से बातचीत में सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता की पुलिस नहीं है तो उनको डर लग रहा है. अगर कुछ बोलना है तो चुनाव आयोग को बोलें. ममता बनर्जी 50-60 लोगों को लेकर आईं. मेरे आने पर सब भाग गए. वो क्लीयर नहीं करेगा तो मैं क्लीयर करूंगा. ये डर अच्छा लग रहा है. उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी 30 हजार वोटों से हारेंगी. ममता भी पीछे नहीं रहीं दरअसल, पश्चिम बंगाल में जारी मतदान के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को केंद्रीय बलों और चुनाव पर्यवेक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ये लोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हैं और राज्य के कई हिस्सों में मतदान प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं. ममता बनर्जी ने दावा किया कि ‘कई पर्यवेक्षक बाहर से आए हैं और बीजेपी के निर्देशों पर काम कर रहे हैं.’ उन्होंने मतदान प्रक्रिया में दखल देने का आरोप लगाया. मतदान की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, ‘लोगों को वोट डालना है, क्या ऐसे मतदान हो सकता है?’ विस्तार से समझिए पूरा मामला दरअसल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को अपने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा किया. ममता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल और चुनाव पर्यवेक्षक भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं. गौरतलब है कि भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र बनर्जी का राजनीतिक गढ़ माना जाता है, जहां उनकी नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी से प्रतिष्ठा की लड़ाई है. इस मुकाबले को नंदीग्राम की लड़ाई की तरह ही देखा जा रहा है, जहां 2021 में अधिकारी ने बनर्जी को हरा दिया था. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख आमतौर पर मतदान के दिन दोपहर में अपने कालीघाट स्थित आवास से निकलकर मित्रा इंस्टीट्यूशन स्कूल में वोट डालने जाती हैं. हालांकि, इस बार वह सुबह आठ बजे से पहले ही भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा करने निकल पड़ीं, जिनमें दक्षिण कोलकाता के चेतला इलाके के मतदान केंद्र भी शामिल हैं. बाद में वह भवानीपुर के चक्रबेड़िया स्थित एक मतदान केंद्र के बाहर बैठीं और पत्रकारों से बात करते हुए अनियमितताओं का आरोप लगाया. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर केंद्रीय बलों और पर्यवेक्षकों के जरिए मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया. ममता बनर्जी ने कहा, ‘कई पर्यवेक्षक बाहर से आए हैं और भाजपा के निर्देशों पर काम कर रहे हैं. लोगों को मतदान करना है- क्या इस तरह मतदान हो सकता है?’ ममता ने क्या आरोप लगाए? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के सभी पार्टी झंडे पहले ही हटा दिए गए और बाहरी लोग मतदान प्रक्रिया में दखल दे रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘वे वार्ड नंबर 70 के पार्षद को बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं. वे हमारे सभी कार्यकर्ताओं को पकड़ रहे हैं. अभिषेक और मैं पूरी रात जागते रहे.’ ममता बनर्जी ने दावा किया कि राज्य के बाहर से कुछ लोग निर्वाचन क्षेत्र में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने निर्वाचन आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की. अभिषेक बनर्जी का क्या दावा? हालांकि, भाजपा ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी जनता के गुस्से को भांपकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है. तृणमूल में दूसरे नंबर के नेता माने जाने वाले अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि तृणमूल 2021 की तुलना में अधिक सीटें जीतकर सत्ता में लौटेगी. डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने मित्रा इंस्टीट्यूशन में मतदान करने के बाद विभिन्न स्थानों पर चुनाव पर्यवेक्षकों द्वारा मनमानी करने का आरोप लगाया. सुवेंदु अधिकारी ने किया पलटवार वहीं, सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री यह चुनाव हार जाएंगी. विपक्ष के नेता ने निर्वाचन क्षेत्र के खिदिरपुर इलाके में दो मंदिरों में पूजा-अर्चना की. सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि लोग बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए बाहर निकल रहे हैं और चुनाव आयोग ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उचित व्यवस्थाएं की हैं. तृणमूल प्रमुख के मतदान के दिन सुबह-सुबह बाहर निकलने के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, ‘कोई फर्क नहीं पड़ता, वह हार जाएंगी.’ कहां-कहां और कब तक वोटिंग पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 142 सीटों पर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है. मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्धमान जिलों के मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं. 4 मई को आएगा रिजल्ट इस चरण का परिणाम महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है क्योंकि इसमें दक्षिण बंगाल शामिल है, जिसे तृणमूल का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, जहां भाजपा पैठ बनाने की कोशिश कर रही है. मतदान शाम छह बजे तक जारी रहेगा. पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत था.मतगणना चार

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हिमाचल प्रदेश से कुख्यात गैंगस्टर और उसके 7 साथी गिरफ्तार, दो महिलाओं...

Last Updated:April 29, 2026, 08:40 IST Himachal News: पंजाब के एक कुख्यात गैंगस्टर और उसके सात साथियों को शनिवार को हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से गिरफ्तार किया गया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पंजाब की अपराध जांच एजेंसी ने की है. आरोपी पंजाब में वारदात को अंजाम देने के बाद यहां पर छुपने के लिए आए थे. ख़बरें फटाफट हिमाचल के कुल्लू से गैंगस्टर गिरफ्तार. शिमला.  पंजाब के एक कुख्यात गैंगस्टर और उसके सात साथियों को शनिवार को हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से गिरफ्तार किया गया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पंजाब की अपराध जांच एजेंसी ने राज्य पुलिस के साथ मिलकर की. आरोपियों के साथ दो महिलाएं भी थी. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान पंजाब के गैंगस्टर हरप्रीत सिंह और उसके साथियों राम सिंह, गुरप्रीत सिंह, सतनाम उर्फ सागर, सिकंदर, राजबिंदर, कोमल और तलविंदर कौर के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि पंजाब पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी गुरुवार को मणिकरण पहुंचे थे. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और कुल्लू पुलिस की मदद से उन्हें पकड़ लिया. पुलिस के अनुसार, हरप्रीत के खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. कुल्लू के एसपी मदन लाल कौशल ने कहा कि यह कामयाबी पंजाब और स्थानीय पुलिस के अच्छे तालमेल का नतीजा है. उन्होंने कहा कि गिरफ्तार सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. आरोपी मणिकर्ण में एक निजी होटल में रुके हुए थे. आरोपी गैंगस्टर हरप्रीत सिंह आपराधिक प्रवृत्ति का है. उसके खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज हैं. बताया जा रहा है कि आरोपी बरशैणी से मणिकर्ण की तरफ वापस लौट रहे थे, तभी पुलिस टीम ने घेराबंदी कर शिल्ला के पास इन्हें दबोच लिया. हाल ही में 20 अप्रैल को आरोपी गैंगस्टर पर बीएनएस की धारा 109, 3(5) और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत केस दर्ज किया गया था. आरोप है कि आरोपियों ने एक घर पर गोलीबारी कर फिरौती के लिए दबाब बनाया था. About the Author Vinod Kumar Katwal Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kullu,Kullu,Himachal Pradesh First Published : April 29, 2026, 08:37 IST Source link

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MCD Mayor: दिल्ली में कौन होगा मेयर? फैसला आज, बीजेपी-कांग्रेस में किसकी...

दिल्ली के मेयर का फैसला आज होने जा रहा है. एमसीडी के सिविक सेंटर में आज दोपहर 2 बजे मेयर पद का चुनाव होना है. नगर न‍िगम में संख्‍याबल के आधार पर बीजेपी के उम्‍मीदवार प्रवेश वाही मेयर पद के ल‍िए मजबूत उम्‍मीदवार हैं जबक‍ि आप ने कोई प्रत्‍याशी नहीं उतारा है. कांग्रेस के पास संख्‍याबल न होने से उम्‍मीदवारी कमजोर है. Source link

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रसीला, मीठा और खुशबूदार होता है ‘चौसा’ आम, जानिए कैसे पड़ा इसका...

Last Updated:April 29, 2026, 07:59 IST आम का सीजन शुरू हो गया है. ऐसे में मार्केट में अब अलग-अलग वैरायटी के आम देखने को मिल जाएंगे. तो वही अलग-अलग नाम के आम भी मार्केट में देखने को मिल जाएंगे. उन्ही में से एक चौसा आम है. जो देखने और खाने दोनों में बहुत लाजवाब होता है. इसकी सुगंध बहुत अच्छी होती है. इस आम में भरपूर मात्रा में गुदा पाया जाता है आम का सीजन शुरू हो गया है. ऐसे में बाजार में अब अलग-अलग वैरायटी के आम देखने को मिल रहे हैं. वहीं, अलग-अलग नामों के आम भी उपलब्ध हैं. उन्हीं में से एक है चौसा आम, जो देखने और खाने दोनों में बहुत लाजवाब होता है. इसकी सुगंध बेहद अच्छी होती है और इसमें भरपूर मात्रा में गूदा पाया जाता है. आम के शौकीनों की यह पहली पसंद माना जाता है. बहुत खास होता है यह आम मुरादाबाद के कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदी रत्ता ने बताया कि चौसा आम का नाम बिहार के चौसा नामक स्थान से जुड़ा हुआ है. यह आम बिहार में अधिक पाया जाता है. चौसा नाम के स्थान पर ही इसे पहली बार उगाया गया था, इसलिए इसका नाम चौसा आम पड़ा. इसका स्वाद बहुत मीठा होता है और इसकी फसल अन्य आमों के मुकाबले देर से आती है. इसी कारण बाजार में इसकी मांग अधिक रहती है. किसान यदि इसकी खेती करते हैं, तो उन्हें अच्छी पैदावार मिलती है और देर से आने के कारण यह आम महंगे दामों पर बिकता है. चौसा नाम की उत्पत्तिमुख्य रूप से बिहार के चौसा नामक स्थान के कारण ही इसे चौसा आम कहा जाता है. शुरुआत में यह आम केवल बिहार में पाया जाता था, लेकिन अब इसकी खेती उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों में होने लगी है. उत्तर प्रदेश में भी इसकी अच्छी-खासी पैदावार होती है. यह आम की ऐसी किस्म है, जिसकी फसल देर से तैयार होती है. जब दशहरी और लंगड़ा आम का सीजन समाप्त हो जाता है, तब चौसा आम बाजार में आता है. इस दौरान इसकी मांग अधिक होने के कारण किसानों को अच्छे दाम मिलते हैं और अच्छा मुनाफा होता है. इसलिए जो किसान आम की खेती करना चाहते हैं, उनके लिए चौसा आम एक बेहतर विकल्प हो सकता है. इसके अलावा, यह आम स्वाद में भी बेहद लाजवाब होता है. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Moradabad,Moradabad,Uttar Pradesh First Published : April 29, 2026, 07:59 IST Source link

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