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LPG Price: भारत के किस शहर में मिलता है सबसे सस्‍ता एलपीजी...

होमफोटोदेश किस शहर में मिलता है सबसे सस्‍ता LPG सिलेंडर? कमर्शियल गैस का भाव भी जान लें Last Updated:May 01, 2026, 04:01 IST Cheapest LPG Gas Cylinder in India: होर्मुज के वैश्विक तनाव के बीच भारत में घरेलू गैस की कीमतें स्थिर हैं लेकिन शहरों के बीच बड़ा अंतर दिखा है. ताजा आंकड़ों के अनुसार नोएडा (₹910.50) दिल्ली और मुंबई को पछाड़कर सबसे सस्ता शहर बनकर उभरा है. दूसरी ओर, पटना (₹1,002.50) में कीमतें सबसे अधिक हैं. हालांकि, कमर्शियल सिलेंडर में ₹219 तक की भारी बढ़ोतरी ने व्यापारिक जगत और रेस्टोरेंट के बजट को हिलाकर रख दिया है. दुनिया की सबसे संवेदनशील समुद्री नस स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज युद्ध की दहलीज पर हैं. वैश्विक ऊर्जा सप्लाई की इस लाइफलाइन पर बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया को डरा दिया है कि कहीं कच्चा तेल और गैस ₹200 के पार न पहुंच जाए. लेकिन इस वैश्विक महासंग्राम के बीच भारत में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें नियंत्रित हैं. भारत के एक शहर ने सबको पछाड़ते हुए सबसे सस्ते एलपीजी गैस सिलेंडर का खिताब अपने नाम कर लिया है. ताज्जुब की बात यह है कि यह शहर न तो दिल्ली है और न ही आर्थिक राजधानी मुंबई. आइए जानते हैं उस शहर का नाम जहां आज भी रसोई की आग सबसे कम कीमत पर जल रही है. दूसरी ओर बिहार की राजधानी पटना के निवासियों के लिए रसोई का बजट बिगड़ता नजर आ रहा है. पटना इकलौता ऐसा प्रमुख शहर है जहां घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹1,002.50 तक पहुंच गई है. यह नोएडा की तुलना में ₹92 प्रति सिलेंडर महंगा है. वहीं, लखनऊ (₹950.50) और हैदराबाद (₹965.00) भी महंगे शहरों की सूची में ऊपर बने हुए हैं. Add News18 as Preferred Source on Google व्यापारियों और रेस्टोरेंट मालिकों के लिए यह महीना काफी भारी रहने वाला है. कमर्शियल सिलेंडर (19 Kg) की कीमतों में लगभग हर शहर में ₹200 के आसपास की बढ़ोतरी हुई है:<br />• पटना और कोलकाता: यहां सबसे ज्यादा ₹219.50 की वृद्धि हुई है.<br />• मुंबई: ₹195 की बढ़ोतरी के साथ नई कीमत ₹2,031.00 हो गई है.<br />• दिल्ली और नोएडा: यहां ₹194 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. डेटा के पीछे की कहानी<br />• नोएडा की जीत: दिल्ली-एनसीआर में नोएडा सबसे सस्ता (₹910.50) है, जबकि गुरुग्राम (₹921.50) काफी महंगा है.<br />• स्थिरता का भ्रम: घरेलू गैस की कीमतें स्थिर दिख रही हैं, लेकिन राज्यवार करों (VAT) के कारण एक ही देश में ₹92 का अंतर है.<br />• दक्षिण भारत का हाल: बेंगलुरु (₹915.50) में कीमतें दिल्ली से भी कम हैं, जबकि चेन्नई (₹928.50) और हैदराबाद (₹965.00) में बोझ अधिक है.<br />• लॉजिस्टिक्स का असर: तटीय शहरों (जैसे मुंबई और बेंगलुरु) में कीमतें अक्सर कम रहती हैं, जबकि मैदानी इलाकों (जैसे पटना और लखनऊ) में माल ढुलाई खर्च बढ़ने से दाम बढ़ जाते हैं. यदि आप एक सामान्य उपभोक्ता हैं तो चंडीगढ़ और तटीय शहर आपके लिए सबसे किफायती हैं. हालांकि सरकारी नीतियों और सब्सिडी के कारण अब ग्रामीण इलाकों में भी उज्ज्वला योजना के जरिए एलपीजी की पहुंच सस्ती और सुलभ हुई है. उपभोक्ता अपनी स्थानीय कीमतों की जानकारी Indian Oil (Indane) या HP Pay जैसे मोबाइल ऐप्स के जरिए रियल-टाइम में ले सकते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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aaj ka Vrishchik rashifal 1 may 2026 Scorpio horoscope in hindi control...

Last Updated:May 01, 2026, 00:06 IST Aaj ka Vrishchik Rashifal 1 may 2026: वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन धैर्य और आत्म-नियंत्रण बनाए रखने का है. किसी भी उकसावे या गुस्से वाली स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें. करियर और आर्थिक मामलों में दूसरों के बजाय अपने विवेक पर भरोसा करें और फिलहाल बड़े निवेश को टाल देना ही बेहतर है. रिश्तों में शांति और सामंजस्य बनाए रखने के लिए आज मौन का सहारा लें. सीतामढ़ी: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए 1 मई 2026 का दिन मानसिक दृढ़ता की मांग करने वाला है. आज सितारों की चाल संकेत दे रही है कि कोई व्यक्ति या परिस्थिति आपको जानबूझकर उकसाने का प्रयास कर सकती है. सुबह के समय ग्रहों का प्रभाव कुछ ऐसा रहेगा कि छोटी-छोटी बातें भी आपको क्रोध दिला सकती हैं या आपको तीखी प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर कर सकती हैं. याद रखें आज आपका मौन ही आपका सबसे बड़ा हथियार है. यदि आप आवेग में आकर कोई जवाब देते हैं, तो आप दूसरों के बिछाए जाल में फंस सकते हैं. आज का मूल मंत्र है ठहराव. किसी भी बात पर रिएक्ट करने से पहले कुछ सेकंड रुकें. लंबी सांस लें और फिर निर्णय लें.​कार्यक्षेत्र में विवेक और बौद्धिक स्वतंत्रताज्योतिषाचार्य दीपेश शास्त्री ने बताया कि करियर और बिजनेस के लिहाज से आज आपको अपनी निर्णय क्षमता पर भरोसा करना होगा. कार्यस्थल पर सहकर्मी या प्रतिद्वंद्वी आपको लुभावनी बातों या गलत सूचनाओं के जरिए भ्रमित करने की कोशिश कर सकते हैं. आज किसी के कहने पर आकर अपनी रणनीति न बदलें. न ही किसी नए प्रोजेक्ट में बिना सोचे-समझे हाथ डालें. अपना दिमाग लगाएं, तथ्यों की जांच करें और फिर ही आगे बढ़ें. आज सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा करना पेशेवर मोर्चे पर नुकसानदेह साबित हो सकता है. अपनी बौद्धिक स्वतंत्रता बनाए रखें और अपनी कार्यशैली में स्पष्टता रखें. तभी सफलता आपके कदम चूमेगी. ​आर्थिक सावधानी और निवेश का सही नजरियाज्योतिषाचार्य ने बताया कि धन और संपत्ति के मामलों में आज का दिन सतर्कता बरतने का है. आज वित्तीय लेन-देन करते समय भावनाओं को बीच में न आने दें. यदि कोई मित्र या रिश्तेदार भावुक होकर आपसे उधार मांगता है या किसी निवेश की सलाह देता है, तो पूरी तरह जांच-परख के बाद ही कदम उठाएं. भावनाओं में बहकर लिया गया वित्तीय फैसला भविष्य में मानसिक तनाव का कारण बन सकता है. आज बड़े निवेश टालना बेहतर रहेगा. संचय और बचत पर ध्यान दें और अनावश्यक खर्चों से बचें. हिसाब-किताब में पारदर्शिता रखना आज आपके आर्थिक भविष्य को सुरक्षित करेगा. ​रिश्तों में शांति और विशेष ज्योतिषीय उपायपारिवारिक जीवन और प्रेम संबंधों में आज ‘मौन’ सबसे बड़ा समाधान बनकर उभरेगा. जीवनसाथी या किसी प्रियजन के साथ बहस होने की संभावना है, लेकिन यदि आप शांत रहते हैं, तो विवाद बड़ा रूप नहीं लेगा. आज का शुभ अंक 7 है और शुभ रंग हल्का ग्रे है, जो आपको मानसिक शांति प्रदान करेगा. गुस्से पर नियंत्रण पाने के लिए आज विशेष उपाय करें. एक गिलास सादा पानी धीरे-धीरे पिएं और उसके बाद 30 सेकंड तक बिना कुछ बोले शांत बैठें. यह छोटा सा प्रयोग आपकी ऊर्जा को संतुलित करेगा. दिन को आपके पक्ष में मोड़ देगा. स्वयं पर नियंत्रण ही आज आपकी विजय का आधार है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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Kark Rashifal 1 May | Today Kark Rashifal | Kark Daily Horoscope...

Last Updated:May 01, 2026, 00:11 IST Aaj Ka Kark Rashifal 1 May 2026: 1 मई 2026 को बुद्ध पूर्णिमा और वृद्धि योग के शुभ संयोग से कर्क राशि वालों के लिए तरक्की के नए द्वार खुलेंगे. ज्योतिषाचार्य पंडित प्रकाश जोशी के अनुसार, विशाखा नक्षत्र आपके आत्मविश्वास और फोकस को बढ़ाएगा, जिससे कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता और नई जिम्मेदारियां मिलने के प्रबल योग हैं. जानिए आज की लव लाइफ, करियर, शिक्षा और महिलाओं के लिए विशेष ज्योतिषीय सलाह. साथ ही, शुभ अंक, रंग और पश्चिम दिशा के दिशा शूल से बचने के उपाय भी. Aaj Ka Kark Rashifal 1 May 2026: कर्क राशि के जातकों के लिए आज दिनांक 1 मई 2026 का दिन बेहद शुभ और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहने वाला है. आज बैशाख मास की पूर्णिमा तिथि पर पड़ने वाली बुद्ध पूर्णिमा का आध्यात्मिक प्रभाव भी आज आपके जीवन में शांति और संतुलन लेकर आएगा. आज बन रहा वृद्धि योग आपके जीवन में तरक्की, प्रगति और नए अवसरों के द्वार खोल सकता है. इस योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है. इसके सतह ही आज विशाखा नक्षत्र का प्रभाव आपके लक्ष्य को पाने की दिशा में आपको मजबूती और फोकस प्रदान करेगा. यह नक्षत्र सफलता का प्रतीक माना जाता है. नैनीताल निवासी ज्योतिषाचार्य पंडित प्रकाश जोशी के अनुसार, आज कर्क राशि के जातकों का आत्मविश्वास उच्च स्तर पर रहेगा, जिससे आप अपने कार्यों को बेहतर तरीके से पूरा कर पाएंगे. कार्यक्षेत्र में आपको नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में आपके करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी. लेकिन कुछ सावधानियां आपको आज बरतनी होगी. कर्क राशिफल: लव लाइफपंडित प्रकाश जोशी बताते हैं कि कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन प्रेम संबंधों के लिहाज से अच्छा संकेत दे रहा है. जो लोग रिलेशनशिप में हैं, उनके बीच आपसी समझ और विश्वास मजबूत होगा. पार्टनर के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा और रिश्ते में मधुरता बनी रहेगी. वहीं सिंगल लोगों के जीवन में किसी खास व्यक्ति की एंट्री हो सकती है. आज आप अपने दिल की बात कहना चाहते हैं तो आज का समय बेहद अनुकूल है. कर्क राशिफल: नौकरी और व्यवसायकर्क राशि के नौकरीपेशा लोगों के लिए आज का दिन नई जिम्मेदारियों और अवसरों से भरा रहेगा. ऑफिस में आज बॉस आपके काम से प्रभावित हो सकते हैं और आपको कोई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट सौंपा जा सकता है. यह आपके करियर के लिए फायदेमंद साबित होगा. व्यापारियों के लिए भी आज का दिन लाभकारी है. नए सौदे या साझेदारी के अवसर मिल सकते हैं. यदि आप कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं, तो आज का दिन शुभ रहेगा. कर्क राशिफल: छात्रों के लिए दिनकर्क राशि के छात्र जातकों के लिए आज का दिन सफलता और उपलब्धियों से भरा रहेगा. आज आपका पढ़ाई में मन लगेगा और मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है. वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सकारात्मक संकेत मिलेंगे. आज आपका फोकस मजबूत रहेगा, जिससे कठिन विषय भी आसानी से समझ में आएंगे. कर्क राशिफल: महिलाओं के लिए दिनकर्क राशि की महिला जातकों के लिए आज का दिन खास रहने वाला है. आज घर-परिवार में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी और आपकी सलाह को महत्व मिलेगा. कामकाजी महिलाओं को कार्यक्षेत्र में सराहना मिल सकती. आज आप खुद को आत्मनिर्भर और मजबूत महसूस करेंगी. साथ ही कोई शुभ समाचार भी मिल सकता है. कर्क राशिफल: सावधानी और दिशा शूलज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर दिन की अपनी एक ऊर्जा और सीमाएं होती हैं. आज का दिशा शूल पश्चिम दिशा है, अतः कर्क राशि के जातकों को आज पश्चिम दिशा की यात्रा करने से बचना होगा. यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो उपाय करके ही निकलें. शुभ अंक: 1शुभ रंग: सफेद आज का विशेष उपायकर्क राशि के जातकों को आज बुद्ध पूर्णिमा के दिन विशेष रूप से संतोषी मां की पूजा आराधना करना शुभ रहेगा. आज माता को फल, फूल और विशेष रूप से सफेद बताशे चढ़ाना अत्यंत फलदाई रहेगा. इससे मानसिक शांति और आर्थिक स्थिरता प्राप्त होगी. About the Author Rahul Goel राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Nainital,Uttarakhand Source link

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aaj ka Dhanu rashifal 1 may 2026 Sagittarius horoscope in hindi money...

Last Updated:May 01, 2026, 00:03 IST Aaj ka Dhanu Rashifal 01 may 2026: धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक लाभ और खुशियों भरा रहेगा. पुराने निवेश से बेहतर रिटर्न मिलने और लंबे समय से रुके हुए धन की वापसी के प्रबल संकेत हैं. लव लाइफ में रोमांस बना रहेगा और अविवाहितों के लिए विवाह के शुभ प्रस्ताव मिल सकते हैं. सेहत और करियर के लिहाज से भी आज का दिन सकारात्मक रहने वाला है. जानें राशिफल. जमुई: धनु राशि के जातक के लिए 1 मई 2026 का दिन काफी फायदे में रहने वाले हैं. आज के दिन आपको कई चीजों में सफलता मिलेगी. आपकी आर्थिक स्थिति से लेकर व्यक्तिगत जीवन में भी चीजें आपके पक्ष में जाएगी. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज के दिन धनु राशि के जातकों को धन वृद्धि का अवसर मिलेगा. आज किसी परियोजना में निवेश करने से आपको फायदा हो सकता है. अगर आप कोई वित्तीय निर्णय लेना चाहते हैं तो आज दोपहर बाद का समय आपके लिए अच्छा रहने वाला है. उन्होंने बताया कि आज आप अपने कारोबार से जुड़ा कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं. आज आपको हो सकता है बड़ा फायदाज्योतिषाचार्य बताते हैं की धनु राशि के जातकों को आज कोई रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है. अगर आपने निवेश किया है तो आज के दिन आपको वह पैसा भी वापस मिल सकता है. किसी को दिया हुआ कर्ज वापस लौटने से आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी हो सकती है. उन्होंने बताया कि धनु राशि के जातकों को आज अपने कार्यस्थल पर सहयोगियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहिए. इसका असर आपकी प्रगति पर पड़ेगा. आज आपको कोई नए मौके मिलेंगे, जिन्हें आप अच्छे तरीके से निभा पाने में सफल हो सकेंगे. प्यार के मामले में ऐसा रहेगा आपका दिन ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातकों की लव लाइफ आज काफी रोमांटिक गुजरने वाली है. अगर आप अविवाहित हैं और किसी रिश्ते का इंतजार कर रहे हैं. तब आज का दिन आपके लिए शुभ समाचार लेकर आएगा. उन्होंने बताया कि आज के दिन आप अपने मन की बात खुलकर कह सकते हैं. आपकी बात आज स्वीकार करने की संभावना अधिक है. धनु राशि के जातकों को आज अपने शादीशुदा जीवन में भी प्यार मिलेगा. हालांकि आज के दिन आपको अपने पार्टनर की बातों को बड़े ध्यान से सुनना चाहिए. स्वास्थ्य के लिहाज से आज का दिन अच्छा रहने वाला है. आज के दिन आपको किसी प्रकार की परेशानी उठानी नहीं पड़ेगी. धनु राशि के जातकों के लिए आज का शुभ रंग हरा और शुभ अंक 4 रहने वाला है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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कल से हाजिर होगा मिसिंग लिंक, बदल जाएगा मुंबई से पुणे का...

Last Updated:April 30, 2026, 21:23 IST मिसिंग लिंक के रास्‍ते मुंबई-पुणे एक्‍सप्रेसवे पर कल से आवाजाही शुरू हो जाएगी. मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस नवनिर्मित कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे. मिसिंग लिंक की क्‍या खासियत है और इसमें आपका सफर कैसा होने वाला है, जानने के लिए पढ़ें कॉमिक गैलरी. सुबह का वक्त था. मुंबई से पुणे की ओर जाने वाले एक्सप्रेसवे पर हल्की धूप फैल रही थी. कार में बैठे रोहित और उसकी पत्नी शुची एक लंबे समय बाद साथ में रोड ट्रिप पर निकले थे. ‘रोहित, आज ट्रैफिक कुछ कम लग रहा है, है ना?’ शुची ने खिड़की से बाहर देखते हुए कहा. रोहित मुस्कुराया, ‘अरे, तुमने खबर नहीं देखी क्या? आज से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का ‘मिसिंग लिंक’ शुरू हो गया है. अब वही पुराना खोपोली-लोणावला वाला झंझट खत्म!’<br />‘सच में? वही घाट वाला हिस्सा, जहां हमेशा जाम लगता था?’ शुची ने उत्सुकता से पूछा. ‘हां, बिल्कुल वही,’ रोहित ने जवाब दिया, ‘उसी को बायपास करने के लिए ये नया रास्ता बनाया गया है. अब सीधा, चौड़ा और काफी सुरक्षित रूट मिल गया है.’<br />कार धीरे-धीरे नई सुरंग की ओर बढ़ने लगी. सामने विशाल टनल का प्रवेश द्वार दिखाई दे रहा था. Add News18 as Preferred Source on Google ‘वाह! ये सुरंग तो बहुत बड़ी लग रही है,’ शुची ने आश्चर्य से कहा.<br />रोहित ने समझाया, ‘ये कोई छोटी-मोटी सुरंग नहीं है. इसमें दो बड़ी टनल हैं—एक करीब 8.92 किलोमीटर और दूसरी 1.75 किलोमीटर लंबी. और सुनो, ये दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंगों में भी गिनी जाती हैं.’<br />‘इतनी चौड़ी?’ शुची ने हैरानी से कहा.<br />‘हां, करीब 23.75 मीटर चौड़ी,’ रोहित ने जवाब दिया, ‘ताकि गाड़ियां आराम से और बिना रुकावट के चल सकें. और सबसे खास बात—इनमें से एक सुरंग लोणावला झील के नीचे से गुजरती है.’<br />‘कमाल है! सच में टेक्नोलॉजी ने बहुत तरक्की कर ली है,’ शुची ने कहा.<br />कार अब सुरंग के अंदर प्रवेश कर चुकी थी. रोशनी और साफ-सुथरी सड़क देखकर शुची को सफर काफी आरामदायक लग रहा था. ‘पहले इसी रास्ते पर कितनी दिक्कत होती थी,’ शुची ने याद करते हुए कहा, ‘तेज मोड़, बारिश में फिसलन और ऊपर से जाम… कितना समय बर्बाद होता था.’<br />रोहित ने सिर हिलाया, ‘सही कहा तुमने. लेकिन अब देखो, इस नए मिसिंग लिंक से मुंबई-पुणे की दूरी करीब 6 किलोमीटर कम हो जाएगी. और लगभग 30 मिनट का समय भी बचेगा.’ ‘मतलब हम जल्दी पहुंच जाएंगे?’ शुची ने खुश होकर पूछा. ‘बिल्कुल,’ रोहित हंसा, ‘और सिर्फ समय ही नहीं, ईंधन की भी बचत होगी. जाम में फंसना नहीं पड़ेगा, तो गाड़ी स्मूद चलेगी.’ ‘ये तो सच में बहुत बड़ा फायदा है,’ शुची ने कहा, ‘और सुरक्षा भी बढ़ेगी, है ना?’<br />‘हां, यही तो सबसे बड़ी बात है,’ रोहित ने गंभीर होकर कहा, ‘पुराने घाट सेक्शन में हादसे ज्यादा होते थे. लेकिन अब सीधे और चौड़े रास्ते की वजह से दुर्घटनाएं काफी कम होंगी.’<br />सुरंग से बाहर निकलते ही सामने टाइगर वैली का खूबसूरत नजारा दिखा. ऊंचाई पर बना केबल-स्टेड ब्रिज देखकर शुची की आंखें चमक उठीं.<br />‘ये ब्रिज तो फिल्म जैसा लग रहा है!’ शुची ने कहा.<br />रोहित ने बताया, ‘ये करीब 182 मीटर ऊंचा है. इस पूरे प्रोजेक्ट को बनाना आसान नहीं था, लेकिन अब इसका फायदा हम जैसे लाखों लोगों को मिलेगा.’ ‘और टोल?’ शुची ने तुरंत सवाल किया.<br />रोहित मुस्कुराया, ‘सबसे अच्छी बात—इस पर कोई अतिरिक्त टोल नहीं लगेगा.’<br />‘वाह, मतलब फायदा ही फायदा!’ शुची हंस पड़ी. थोड़ी देर चुप रहने के बाद शुची बोली, ‘सोचो, इससे सिर्फ हमारा ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य का फायदा होगा. मुंबई और पुणे के बीच सफर आसान होगा, तो कारोबार भी तेजी से बढ़ेगा.’<br />‘बिल्कुल,’ रोहित ने सहमति जताई, ‘लॉजिस्टिक्स, व्यापार—सबको फायदा मिलेगा. यही तो असली विकास है.’ कार तेजी से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थी. रास्ता अब पहले से ज्यादा आसान, सुरक्षित और तेज महसूस हो रहा था.<br />शुची ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘सच में, ये ‘मिसिंग लिंक’ नहीं, बल्कि हमारी जिंदगी का ‘सुकून लिंक’ है.’<br />रोहित ने हंसते हुए कहा, ‘बिल्कुल सही कहा तुमने.’ First Published : April 30, 2026, 21:23 IST Source link

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मजदूर दिवस 2026: कब है लेबर डे? जानें भारत में इसका इतिहास...

वह पसीना जिसने गगनचुंबी इमारतों की नींव रखी. वह हाथ जिन्होंने तपती धूप में पत्थर तोड़कर सड़कों का जाल बिछाया और वह जज्बा जिसने कारखानों के शोर के बीच राष्ट्र की आर्थिक प्रगति का मौन संगीत लिखा. उन्हीं हाथों के सम्मान का दिन आने वाला है. लेबर डे यानी वह महापर्व जो लाल झंडे की क्रांति और शिकागो की गलियों से शुरू हुए संघर्ष की गूंज है. यह महज एक तारीख नहीं बल्कि उन करोड़ों बेनाम चेहरों की विजयगाथा है जिन्होंने अपने खून-पसीने से विकास की इबारत लिखी है. आइए जानते हैं कैसे 15 घंटे की गुलामी की जंजीरें टूटीं और 8 घंटे के हक का उदय हुआ. भारत में पहली बार कब मना लेबर डे? भारत में लेबर डे मनाने की परंपरा करीब एक सदी पुरानी है. देश में पहली बार 1 मई, 1923 को मद्रास (अब चेन्नई) में लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान द्वारा इसे मनाया गया था. उस समय पहली बार ‘लाल झंडे’ का इस्तेमाल किया गया था जो श्रमिकों के संघर्ष और एकता का प्रतीक बना. दुनिया भर में इस दिन की शुरुआत 19वीं सदी के अंत में अमेरिका के शिकागो में हुए हेमार्केट मामले से हुई थी, जहां मजदूरों ने काम के घंटे 15-15 घंटे से घटाकर 8 घंटे करने की मांग को लेकर आंदोलन किया था. लेबर डे की दुनिया भर में क्‍या है तारीख? भारत सहित दुनिया के लगभग 80 से अधिक देशों में श्रमिक दिवस 1 मई को ही मनाया जाता है. हालांकि, अलग-अलग देशों में इसके समय और नाम में विविधता देखी जाती है: · भारत और चीन: यहां 1 मई को सार्वजनिक अवकाश होता है और इसे मजदूरों के सम्मान में बड़े स्तर पर मनाया जाता है. · अमेरिका और कनाडा: इन देशों में लेबर डे मई में नहीं, बल्कि सितंबर के पहले सोमवार को मनाया जाता है. · ऑस्ट्रेलिया: यहां अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तारीखों पर मजदूर दिवस मनाया जाता है, जो मुख्य रूप से मार्च या अक्टूबर में पड़ता है. लेबर डे का सांस्‍कृतिक महत्‍व भारत जैसे विकासशील देश में लेबर डे का सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व बहुत गहरा है. यह सिर्फ एक छुट्टी का दिन नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान का पर्व है. 1. मजदूरों के अधिकारों का जश्न: यह दिन इस बात की याद दिलाता है कि किसी भी उद्योग या व्यापार की सफलता के पीछे श्रमिकों का पसीना होता है. सामाजिक रूप से यह दिन मजदूरों को उनके कानूनी अधिकारों, उचित वेतन और कार्यस्थल पर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का अवसर है. 2. वर्ग भेद को मिटाना: सांस्कृतिक रूप से मई दिवस समाज में फैले ऊंच-नीच के भेदभाव को कम करने का संदेश देता है. यह सिखाता है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता और हर हाथ जो श्रम करता है, वह सम्मान का पात्र है. 3. आर्थिक प्रगति की रीढ़: भारत की जीडीपी और बुनियादी ढांचे के विकास में असंगठित और संगठित दोनों क्षेत्रों के मजदूरों का बड़ा योगदान है. सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और श्रम कानूनों के प्रति जागरूकता फैलाना इस दिन का मुख्य उद्देश्य होता है. सवाल-जवाब भारत में लेबर डे कब मनाया जाता है? भारत में हर साल 1 मई को लेबर डे (मई दिवस) मनाया जाता है. साल 2026 में यह शुक्रवार के दिन पड़ेगा. भारत में पहली बार लेबर डे कहां मनाया गया था? भारत में पहली बार 1 मई 1923 को मद्रास (चेन्नई) में लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान द्वारा लेबर डे मनाया गया था. लेबर डे का मुख्य उद्देश्य क्या है? इसका मुख्य उद्देश्य श्रमिकों के योगदान को सम्मान देना और उनके अधिकारों व कार्यस्थलों पर काम के घंटों (8 घंटे) के प्रति जागरूकता फैलाना है. Source link

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कांग्रेस में कुर्सी का घमासान! उधर खरगे का ‘सोनिया ही मालिक’ वाला...

कांग्रेस चुनावी मोड से जब भी बाहर आती है, तो घर के अंदर मचे बवंडर को संभालने में जुट जाती है. ऐसा ही कुछ फ‍िर हुआ है. मामला कर्नाटक में कुर्सी का है. सीएम स‍िद्धारमैया कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं, और डीके श‍िवकुमार कुमार बगल में टेबल पर बैठे इंतजार कर रहे हैं, ब‍िल्‍कुल इस फोटो की तरह… लेकिन एक ट्व‍िस्‍ट भी है. इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कह बैठे क‍ि “मेरे बारे में फैसला तो सोनिया गांधी ही लेती हैं”… क्‍या ये स‍िर्फ बयान है, या फ‍िर 10 जनपथ की डोर में फंसा पेंच… बात कुछ भी कुर्सी तो फंसी ही है. मई 2023 में जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे आए, तो कांग्रेस की प्रचंड जीत के जश्न के बीच ही ‘अगला मुख्यमंत्री कौन?’ का सवाल खड़ा हो गया था. एक तरफ अनुभवी सिद्धारमैया थे, तो दूसरी तरफ संकटमोचक और संगठन पर मजबूत पकड़ रखने वाले डीके शिवकुमार. घंटों चली बैठकों के बाद एक कथित ‘पावर शेयरिंग फॉर्मूला’बना, जिसके तहत सिद्धारमैया को पहले कार्यकाल की कमान सौंपी गई. फार्मूला देखकर नारागी  20 नवंबर 2025 को इस सरकार ने अपना आधा कार्यकाल यानी ढाई साल पूरा कर लिया. जैसे ही यह तारीख गुजरी, डीके शिवकुमार के खेमे में हलचल तेज हो गई. समर्थकों ने मांग शुरू कर दी कि अब समझौते के मुताबिक सत्ता ट्रांसफर हो जानी चाह‍िए. लेकिन सिद्धारमैया आसानी से कुर्सी छोड़ने के मूड में नहीं दिख रहे हैं, और यहीं से कांग्रेस में ‘भारी बवाल’ की शुरुआत होती है. खरगे का नाम और ‘मास्टरस्ट्रोक’ कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने एक नया दांव चलते हुए कह दिया कि अगर मल्लिकार्जुन खरगे मुख्यमंत्री बनते हैं, तो पूरी पार्टी उनका स्वागत करेगी. यह बयान आग में घी डालने जैसा था. परमेश्वर का यह सुझाव डीके शिवकुमार की राह में रोड़ा अटकाने और सिद्धारमैया को सुरक्षित रास्ता देने की कोशिश के रूप में देखा गया. जब मीडिया ने खरगे से पूछा कि क्या वे मुख्यमंत्री बनेंगे? इस पर खरगे कह बैठे, ‘मीडिया और कुछ लोग कहते हैं कि अगर मैं मुख्यमंत्री बन जाऊं तो बेहतर होगा. लेकिन भाग्य से ज्यादा मेरी विचारधारा और पार्टी के लिए मेरी सेवा के आधार पर सोनिया गांधी ही मेरे बारे में निर्णय लेती हैं. अभी यह सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि राज्य में पहले से ही एक मुख्यमंत्री हैं. अगर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मैं मिलकर कोई फैसला लेते हैं, तो उसमें समय लगेगा. फिलहाल इंतजार करना होगा.’ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे. सोन‍िया को आगे कर क्‍या मैसेज दे रहे खरगे? खरगे इस समय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. सैद्धांतिक रूप से वे पार्टी में सबसे बड़े पद पर हैं. लेकिन यह कहकर कि उनका फैसला सोनिया गांधी लेती हैं, उन्होंने यह संदेश दिया कि वे आज भी गांधी परिवार के सबसे वफादार सिपाही हैं. यह बयान उन आलोचकों के लिए भी जवाब है जो कहते हैं कि खरगे केवल रबर स्टैंप अध्यक्ष हैं. उन्होंने इसे अपनी ताकत के रूप में पेश किया कि उनका रिश्ता सीधे आलाकमान से है. खरगे जानते हैं कि सिद्धारमैया और डीके की लड़ाई में किसी एक का पक्ष लेना पार्टी के लिए आत्मघाती हो सकता है. सोनिया गांधी का नाम लेकर उन्होंने गेंद दिल्ली के पाले में डाल दी और खुद को एक न्यूट्रल लेकिन निर्णायक भूमिका में बनाए रखा. दलित कार्ड और मुख्यमंत्री की रेस खरगे कर्नाटक से आते हैं और राज्य के सबसे बड़े दलित नेताओं में से एक हैं. उनके नाम की चर्चा होने से डीके शिवकुमार के दावों को चुनौती मिलती है. अगर स्थिति हाथ से निकली, तो आलाकमान खरगे को ‘कॉम्प्रोमाइज कैंडिडेट’ के रूप में बेंगलुरु भेज सकता है. डीके शिवकुमार की बेचैनी और ‘सीक्रेट एग्रीमेंट’ डीके शिवकुमार ने हाल ही में स्वीकार किया कि सरकार गठन के समय कुछ गोपनीय समझौते हुए थे. उनके समर्थक अब दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं. डीके कहते हैं क‍ि उन्होंने 2023 के चुनाव में पार्टी को जीत दिलाने के लिए अपनी पूरी ताकत और संसाधन लगा दिए थे, और अब उनका हक बनता है. लेकिन सिद्धारमैया की लोकप्रियता राजनीति कांग्रेस के लिए लोकसभा और आगामी चुनौतियों के लिहाज से जरूरी है. Source link

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Business Idea: नौकरी छोड़ शुरू किया ये काम! वर्मी कम्पोस्ट ने दिलाई...

Last Updated:April 30, 2026, 15:29 IST Jalore Organic Farming Success: जालोर के युवाओं ने वर्मी कम्पोस्ट (केंचुआ खाद) के उत्पादन को एक बेहतरीन बिजनेस स्टार्टअप में बदलकर सफलता की नई इबारत लिखी है. जैविक खेती के बढ़ते चलन ने इस ‘काले सोने’ यानी वर्मी कम्पोस्ट की मांग को न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि गुजरात जैसे बड़े बाजार तक पहुंचा दिया है. इस स्टार्टअप की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम लागत और अत्यधिक मुनाफा है, जो इसे ग्रामीण युवाओं के लिए एक आदर्श विकल्प बनाता है. वर्मी कम्पोस्ट न केवल मिट्टी की उर्वरक शक्ति को बढ़ाता है, बल्कि रसायन मुक्त कृषि को भी बढ़ावा देता है. जालोर के इन युवाओं ने साबित कर दिया है कि पारंपरिक खेती के साथ जुड़कर या इससे जुड़ा कोई सूक्ष्म व्यवसाय शुरू करके भी आत्मनिर्भर बना जा सकता है. ख़बरें फटाफट जालौर: जालोर में खेती अब सिर्फ परंपरागत तरीका नहीं रही, बल्कि एक सफल बिजनेस मॉडल के रूप में उभर रही है. यहां के युवा किसान बलवंत लखाणी ने ऑस्ट्रेलियाई केंचुओं की मदद से वर्मी कम्पोस्ट यानी ‘काला सोना’ तैयार कर खेती में नई दिशा दी है. कम लागत और ज्यादा मुनाफे वाले इस मॉडल ने न सिर्फ उनकी किस्मत बदली, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का काम किया है. बलवंत लखाणी बताते हैं कि उन्होंने इस काम की शुरुआत कच्चे गोबर से की. सबसे पहले गोबर को 10 से 15 दिनों तक एक जगह पर इकट्ठा कर उसे अच्छी तरह भिगोया जाता है, ताकि उसमें नमी बनी रहे. इसके बाद करीब 20 फीट लंबी बेड तैयार की जाती है, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई केंचुए डाले जाते हैं. ये केंचुए गोबर और जैविक अपशिष्ट को धीरे-धीरे प्रोसेस कर पोषक तत्वों से भरपूर खाद में बदल देते हैं. लगभग दो महीने में यह वर्मी कम्पोस्ट पूरी तरह तैयार हो जाती है. फसलों में रोग भी कम लगतेइस खाद की खासियत यह है कि इसमें 16 से अधिक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और फसल की पैदावार सुधारने में बेहद उपयोगी होते हैं. यही कारण है कि किसान इसे ‘काला सोना’ कहते हैं. इस जैविक खाद के इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है, पानी रोकने की क्षमता बढ़ती है और फसलों में रोग भी कम लगते हैं. आज बलवंत की तैयार की गई वर्मी कम्पोस्ट की डिमांड जालोर के जीवाणा, बावतरा और बागोड़ा सहित कई क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही है. इतना ही नहीं, उनकी यह खाद अब राजस्थान से बाहर गुजरात तक भी पहुंच रही है, जहां किसान इसे खास तौर पर फलदार फसलों के लिए उपयोग में ले रहे हैं. किसान अगर इसको अपनाएं तो खेती में अच्छी कमाई कर सकतेकिसान बलवंत लखाणी लोकल18 को बताते है कि लंबी पढ़ाई और नौकरी की तलाश में बिताए कई साल, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो हार मानने के बजाय नई राह चुनी. इस काम में लागत बहुत कम आती है और मुनाफा अच्छा मिल जाता है. हम कच्चे गोबर से वर्मी कम्पोस्ट तैयार करते हैं, जो करीब दो महीने में बनकर तैयार हो जाती है. इसकी डिमांड लगातार बढ़ रही है, और सालाना 4 से 5 लाख रुपए तक की आमदनी हो जाती है. मेरा मानना है कि किसान अगर इसको अपनाएं तो खेती में अच्छी कमाई कर सकते हैं. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jalor,Rajasthan First Published : April 30, 2026, 15:29 IST Source link

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क्या आपने चखा..? एक प्लेट के लिए घंटों इंतजार! जानिए क्यों जयपुर...

Last Updated:April 30, 2026, 11:59 IST Bheege Kulche Jaipur: पाकिस्तान के मुल्तान की प्रसिद्ध डिश ‘भींगे कुल्चे’ (Bheege Kulche) ने अब जयपुर के स्ट्रीट फूड मार्केट में अपनी खास जगह बना ली है. अपनी अनूठी रेसिपी और लजीज स्वाद के कारण यह डिश देखते ही देखते ‘गुलाबी नगरी’ के फूड लवर्स की पहली पसंद बन गई है. सड़क किनारे लगी छोटी-छोटी दुकानों पर अब हर दिन खाने के शौकीनों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं. मुल्तान से प्रेरित यह कॉन्सेप्ट न केवल स्वाद में अनोखा है, बल्कि जयपुर के पारंपरिक स्ट्रीट फूड कल्चर में एक नया और चटपटा अध्याय जोड़ रहा है. यह जायका अब शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. ख़बरें फटाफट जयपुर: जयपुर अपने स्वादिष्ट जायके के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं जहां वर्षों पुरानी छोटी-छोटी दुकानों से लेकर सड़कों पर स्ट्रीट फूड का स्वाद लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी रहती हैं. खासतौर पर जयपुर का चारदीवारी बाजार जहां की हर सड़क पर स्वाद का अनोखा जायका लोगों को मिलता हैं. सड़कों पर ही ठेले-रेडीयों पर लोगों को ऐसा स्वाद मिलता हैं, वैसा स्वाद बड़ी-बड़ी हॉटलों को भी मात दे देता हैं ऐसे जयपुर के जौहरी बाजार में स्थित नंदलाल जी के फेमस भीगे कुलचे जो पिछले 50 सालों से जयपुर में अपने स्पेशल छोले-कुलचे के लिए प्रसिद्ध हैं जहां लाजवाब जायके से तैयार भीगे कुलचे का स्वाद लेने के लिए दूर-दूर से लोगों की यहां भीड़ उमड़ती हैं. लोकल-18 ने नंदलाल जी छोले-कुलचे के इस ठेले पर पहुंच कर यहां वर्षों से इस जायके को तैयार करने वाले मोहित कुमार बताते हैं भीगे कुलचे के इस खास जायके की शुरुआत उनके दादा जी ने की जो बंटवारे के समय पाकिस्तान के मुल्तान से राजस्थान आए थे, वहां के भीगी रोटी के जायके से ही उन्हें अलग-अलग प्रकार की चाट और छोले कुलचे का जायका मुल्तानी रेसीपी के आइडिया के साथ शुरू किया जिसका स्वाद लोगों को खूब पंसद आया और फिर उन्होंने छोले-कुलचे के टेस्ट को भीगे कुलचे के जायके के साथ शुरू किया जो अब जयपुर का सबसे फेमस स्ट्रीट फूड हैं जहां लोग सुबह से शाम तक हमारे भींगे कुल्चे का स्वाद लेने के लिए यहां दूर-दूर से आते हैं. दादाजी के सीक्रेट जायके और मसालों के स्वाद की बादशाहत लोकल-18 से बात करते हुए मोहित बताते हैं पूरे जयपुर में वैसे तो हर जगह लोगों को सामान्य छोले-कुलचे या अमृतसरी कुल्चों का स्वाद मिल जाता हैं लेकिन पूरे जयपुर में सिर्फ हम ही भींगे कुल्चे के इस जायके का स्वाद लोगों को देते हैं जिसके लोग दीवाने हैं. हमारे यहां के भीगे कुल्चे ख़ासतौर पर बेहतरीन मसालों और दादाजी के सीक्रेट जायके से तैयार होते हैं जिसका स्वाद सबसे अलग-अलग होता हैं. खासतौर हमारे छोले जो बेहतरीन गाढ़े मसालों के साथ हम इन्हें तैयार करते हैं जिसमें अलग-अलग प्रकार की खास चटनियों के फ्लेवर के साथ भीगे कुल्चे ग्राहकों को सर्व करते हैं जिसका स्वाद बेहद खास होता हैं साथ ही कुल्चे का साइज इतना बड़ा होता हैं लोग एक बार में सिर्फ एक ही प्लेट खा सकते हैं. भीगे कुल्चे के खास स्वाद में सबसे खास बात यह हैं ये जायका सिर्फ कोयले की बिगड़ी पर तैयार होता है जिसके चलते इसका स्वाद ओर भी लाजवाब बन जाता हैं. मोहित का कहना हैं हमारे यहां स्थानीय लोग वर्षों से भींगे कुल्चे का स्वाद लेने आते हैं इसलिए हमें ग्राहकों का कभी इंतजार नहीं करना पड़ता साथ ही विदेशी पर्यटक और जयपुर घूमने आने वाले पर्यटक भी जयपुर में कही भी घूमने आए एक बार हमारे भीगे कुलचे का स्वाद लेने यहां जरूर आते हैं. भीगे कुल्चे के स्वाद के लोग सबसे ज्यादा दीवाने सुमित बताते हैं वैसे तो हम सामान्य छोले-कुलचे, पाव छोले, आलू टिक्की, भीगा पाव चाट जैसी अलग-अलग रेसीपी तैयार करते हैं लेकिन लोगों में सबसे ज्यादा हमारे भीगे कुलचे की सबसे ज्यादा डिमांड रहती हैं क्योंकि भीगे कुलचे का स्वाद सबसे खास हैं स्वाद के साथ ही हमारे ठेले पर चटपटे स्वाद की सजावट भी खास होती हैं जिसे चलती सड़क पर देखकर ही लोग कंट्रोल नहीं कर पाते और अपने आप भीगे कुल्चे की चटपटी खूशबू उन्हें यहां तक खीच लाती हैं. अगर बात करें हमारे भीगे कुल्चे की एक प्लेट की कीमत तो 140 रूपए की हैं जिसमें 2 कुल्चे ग्राहकों को हम सर्व करते हैं जो ग्राहक पूरा भी नहीं खा सकते हैं. हर दिन हमारे यहां 30 से 40 किलों भीगे कुल्चे की डिमांड रहती हैं जिसके चलते सुबह से रात तक लोग यहां भीगे कुल्चे का स्वाद लेने के लिए भीड़ लगाएं खड़े रहते हैं. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jaipur,Rajasthan First Published : April 30, 2026, 11:49 IST Source link

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बंगाल में भाजपा बमबम, ममता बनर्जी के युग का अंत, एग्जिट पोल...

होमताजा खबरदेश बंगाल में भाजपा बमबम, ममता बनर्जी के युग का अंत, एग्जिट पोल ने कर दिया इशारा Last Updated:April 30, 2026, 06:06 IST Bengal Chunav Result 2026 LIVE: पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्‍यों में मतदान प्रकिया संपन्‍न होने के बाद बुधवार 29 अप्रैल 2026 की शाम को एग्जिट पोल के नतीजे भी सामने आ गए. इसमें पश्चिम बंगाल में सत्‍तारूढ़ टीएमसी …और पढ़ें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजे सामने आ चुके हैं. इस बार इस पूर्वी राज्‍य में भाजपा का परचम लहरा सकता है. Bengal Chunav Result 2026 LIVE: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुल 294 सीटों पर दो चरणों में वोट डाले गए. पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान हुआ. मतगणना 4 मई को होगी. इस बीच दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होते ही एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आ गए हैं. जेवीसी के एग्जिट पोल के अनुसार, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है. टीएमसी को 131 से 152 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 138 से 159 सीटें मिल सकती हैं. कांग्रेस के खाते में 0 से 2 सीटें जाने का अनुमान है, जबकि वाम दलों और अन्य के खाते में कोई सीट जाती नहीं दिख रही है. वहीं, जनमत पोल्स के एग्जिट पोल में टीएमसी को 195 से 205 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 80 से 90 सीटें मिल सकती हैं. कांग्रेस को 1 से 3 सीटें मिलने की संभावना है. वाम दलों को 0 से 1 सीट और अन्य के खाते में 3 से 5 सीटें जा सकती हैं. वहीं पीपुल्स इनसाइट के एग्जिट पोल के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है. टीएमसी को 138 से 150 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 144 से 154 सीटें मिल सकती हैं. कांग्रेस के खाते में 0 से 1 सीट और वाम दलों को भी 0 से 1 सीट मिलने की संभावना जताई गई है. पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 148 सीटों की जरूरत होगी. इस चुनाव में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच रहा. चुनाव के दौरान दोनों तरफ से एक-दूसरे पर तीखे जुबानी हमले किए गए. बंगाल में जमकर वोटिंग पश्चिम बंगाल में इस बार कुल 6.82 करोड़ से अधिक मतदाता थे. इनमें 3.60 करोड़ से अधिक पुरुष, 3.44 करोड़ से अधिक महिलाएं और 1,382 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल थे. चुनाव आयोग के अनुसार, राज्य में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया. अगर मतदान प्रतिशत की बात करें तो पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19 प्रतिशत मतदान हुआ, जो राज्य के चुनावी इतिहास में रिकॉर्ड माना गया. वहीं, दूसरे चरण में 142 सीटों पर शाम 5 बजे तक 89.99 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. दोनों चरणों को मिलाकर पश्चिम बंगाल में इस बार मतदान प्रतिशत ऐतिहासिक स्तर पर रहा. Bengal Chunav Results LIVE: पश्चिम बंगाल में अब तक हुए चुनावों में कैसा रहा हाल पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम लाइव: पश्चिम बंगाल के चुनाव के संदर्भ में अगर बीते वर्षों की बात करें तो 1951 विधानसभा चुनाव में 43.12, 1951 में लोकसभा चुनाव में 40.49 फीसदी, 1957 विधानसभा चुनाव में 47.64, 1957 लोकसभा चुनाव में 47.67, 1962 विधानसभा चुनाव में 55.55, 1962 लोकसभा चुनाव में 55.75 प्रतिशत मतदान हुआ था. इसके अलावा, 1967 विधानसभा चुनाव में 66.10 और लोकसभा चुनाव में 66.03, 1969 विधानसभा चुनाव में 66.51, 1971 विधानसभा चुनाव में 62.03, 1971 लोकसभा में 61.93, 1972 विधानसभा चुनाव में 60.82, 1977 विधानसभा चुनाव में 56.15, 1977 लोकसभा चुनाव में 60.24, 1980 लोकसभा चुनाव में 70.62 और 1982 विधानसभा चुनाव में 76.96 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई थी. वहीं, 1984 लोकसभा चुनाव में 78.61,1987 विधानसभा चुनाव में 75.66, 1989 लोकसभा चुनाव में 79.67, 1991 विधानसभा चुनाव में 76.80 और लोकसभा चुनाव में 76.73, 1996 विधानसभा चुनाव में 82.94 और लोकसभा चुनाव में 82.66 प्रतिशत मतदान हुआ था. इसके साथ ही, 1998 लोकसभा चुनाव में 79.27, 1999 लोकसभा में 75.05, 2001 विधानसभा चुनाव में 75.29, 2004 लोकसभा चुनाव में 78.04, 2006 विधानसभा में 81.58, 2009 लोकसभा में 81.42, 2011 विधानसभा चुनाव में 84.72, 2014 लोकसभा चुनाव में 82.22, 2016 विधानसभा में 83.02, 2019 लोकसभा में 81.76, 2021 विधानसभा में 82.30 और 2024 लोकसभा चुनाव में 79.55 फीसदी मतदान हुआ था. Bengal Chunav Results LIVE: बंगाल में दूसरे चरण में भी रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम लाइव: बंगाल विधानसभा के दूसरे चरण के लिए मतदान बुधवार सुबह 7:00 बजे प्रारंभ हुआ. शाम 7.45 बजे तक 91.66 फीसदी मतदान हुआ. पुरुष 91.07, महिला 92.8 और थर्ड जेंडर के 91.28 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया. हालांकि इस आंकड़े में बदलाव हो सकता है. वहीं, पहले चरण में 93.19 फीसदी मतदान हुआ था. दोनों चरणों का संयुक्त मतदान प्रतिशत 92.47 फीसदी रहा है. इससे पहले, पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 84.72 फीसदी मतदान विधानसभा चुनाव 2011 हुआ था. Bengal Chunav Results LIVE: पश्चिम बंगाल तकरीबन 7 करोड़ मतदाताओं ने डाला वोट पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम लाइव: पश्चिचम बंगाल मतदाताओं की संख्या पर नजर डालें तो पहले चरण में 3 करोड़ 60 लाख और दूसरे चरण में 3 करोड़ 21 लाख लोगों ने वोट डाले. पुरुष मतदाताओं ने पहले चरण में एक करोड़ 84 लाख और दूसरे चरण में एक करोड़ 65 लाख वोट डाले. महिलाओं ने पहले चरण में 1 करोड़ 76 लाख और दूसरे चरण में 1 करोड़ 57 लाख वोट डाले. पश्चिम बंगाल के 5,343 पोलिंग स्टेशनों का डेटा अभी तक अपडेट नहीं किया गया है. इसलिए मतदान का प्रतिशत बढ़ सकता है. Bengal Chunav Results LIVE: पश्चिम बंगाल चुनाव में टूटा मतदान का रिकॉर्ड, 1951 से ऐसा रहा मतदाताओं का मिजाज पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम लाइव: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान खत्म होने पर चुनाव आयोग ने आंकड़े जारी करते हुए खुशी जताई है. स्वतंत्रता के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में सर्वाधिक मतदान 91.66 फीसदी दर्ज की गई है. यह आंकड़ा शाम 7.45 बजे तक का है. अब तक यह रिकॉर्ड त्रिपुरा के

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