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मीन राशि वालो की रहेगी मौज! पार्टनर से बढ़ेगा प्यार, पुराने निवेश...

Last Updated:June 03, 2026, 03:31 IST Aaj Ka Meen Rashifal 03 June 2026: मीन राशि के जातकों के लिए बुधवार आत्ममंथन और धैर्य का दिन रहेगा. चुनौतियों के बीच आपकी समझदारी और अनुभव सही दिशा दिखाएंगे. कार्यों में धीरे-धीरे प्रगति होगी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सफलतापूर्वक निभा पाएंगे. सकारात्मक सोच बनाए रखने से नए अवसर प्राप्त होंगे और आत्मविश्वास भी मजबूत होता जाएगा. उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, आज के दिन (बुधवार) मीन राशि वालों के लिए ग्रहों की स्थिति बेहद शुभ संकेत दे रही है.आज का दिन आपके लिए उत्साह और उपलब्धियों से भरा रह सकता है.आत्मविश्वास मजबूत रहेगा और आप हर कार्य को पूरे मनोबल के साथ पूरा करने का प्रयास करेंगे. कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और सकारात्मक सोच सराहना दिला सकती है.नए अवसर मिलने के संकेत हैं, वहीं आपकी समझदारी और नेतृत्व क्षमता लोगों को प्रभावित करेगी. मीन राशि का करियर राशिफलआज का दिन करियर के लिहाज से बेहद शुभ और उत्साहवर्धक रहने वाला है. कार्यक्षेत्र में प्रगति के नए रास्ते खुल सकते हैं. पदोन्नति, नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिलने की संभावना है. आपकी मेहनत, समझदारी और सकारात्मक सोच आपको सफलता दिलाएगी. आत्मविश्वास के साथ उठाया गया हर कदम भविष्य में सम्मान, उपलब्धि और उन्नति के नए आयाम स्थापित कर सकता है. मीन राशि वालों का व्यापार राशिफलआज मीन राशि के जातकों के लिए दिन सफलता और प्रगति के नए अवसर लेकर आएगा. कार्यक्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे और लंबे समय से चल रहे प्रयास रंग लाते नजर आएंगे. व्यवसाय में लाभ की संभावनाएं मजबूत रहेंगी, जबकि सहयोगियों का समर्थन आत्मविश्वास बढ़ाएगा. समझदारी से लिए गए फैसले भविष्य की सफलता की मजबूत नींव रखेंगे और तरक्की के नए द्वार खोलेंगे. मीन राशि वालों का स्वास्थ्य राशिफलमीन राशि वालों के लिए आज सेहत के मामले में दिन काफी अच्छा रहने वाला है. शरीर में ताजगी महसूस होगी, जिससे आप पूरे दिन एक्टिव रहेंगे. यदि कोई पुरानी परेशानी चल रही थी, तो उसमें भी सुधार के संकेत मिल सकते हैं. सही समय पर पौष्टिक भोजन लेने से स्वास्थ्य और मजबूत होगा. बच्चों की तबीयत भी ठीक रहेगी, जिससे मन संतुष्ट रहेगा. मीन राशि वालों का आर्थिक राशिफलमीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक प्रगति और लाभ के नए अवसर लेकर आया है. पुराने निवेश से अपेक्षित फायदा मिलने के संकेत हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा. आय में वृद्धि के योग बन रहे हैं और नई योजनाएं लाभदायक साबित हो सकती हैं. धन संबंधी मामलों में सूझबूझ से लिए गए निर्णय भविष्य को मजबूत बनाएंगे. सकारात्मक सोच और सही रणनीति आपको आर्थिक सफलता की ओर आगे बढ़ाएगी. मीन राशि वालों का लव लाइफ राशिफलमीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन रिश्तों में मधुरता और खुशियों की सौगात लेकर आएगा. प्रेम संबंधों में आपसी विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा. साथी के साथ यादगार पल बिताने का अवसर मिल सकता है, जिससे संबंधों में नई ताजगी आएगी. अविवाहित लोगों के जीवन में किसी विशेष व्यक्ति की एंट्री होने के संकेत हैं. वैवाहिक जीवन में सामंजस्य, प्रेम और सहयोग बना रहेगा, जिससे मन प्रसन्न और उत्साहित रहेगा. मीन राशि वाले जरूर करें ये उपायआज आपके लिए लकी नंबर 5 रहेगा. यह अंक आपको सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा. आज के दिन मीन राशि वाले जो धर्म-कर्म और दान-पुण्य में रुचि रखते हैं, उन्हें चाहिए कि आज भगवान गणेश जी के मंदिर जाकर दूर्वा व लडू का भोग अर्पित करें. उसके बाद गरीबों में अन्न और हरी वस्तुओं का दान करें, जिससे आज का दिन बेहतर हो सके. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ujjain,Madhya Pradesh Source link

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‘पापा कब आएंगे?’ मासूम बच्चों को नहीं पता पिता की मौत का...

X ‘पापा कब आएंगे?’ मासूम को नहीं पता, कुत्ते के काटने के बाद उजड़ा परिवार   सीकर के खाचरियावास में गरीब बीपीएल मजदूर बशीर खान की कुत्ते के काटने और समय पर इलाज न मिलने से मौत, परिवार बेसहारा, गांव में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ा न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें| Source link

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45 डिग्री की गर्मी में ट्रांसफार्मर को भी चाहिए ठंडक! बिजली विभाग...

X 45 डिग्री की गर्मी में ट्रांसफार्मर को भी चाहिए ठंडक! बिजली विभाग ने लगाए कूलर   राजस्थान में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों के साथ-साथ बिजली व्यवस्था की भी परीक्षा लेनी शुरू कर दी है. भरतपुर में तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जिसके चलते ट्रांसफार्मरों के ओवरहीट होने का खतरा बढ़ गया है. ऐसे में बिजली विभाग ने एक अनोखा और दिलचस्प उपाय अपनाया है. यहां जीएसएस पर लगे ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने के लिए उनके पास कूलर लगाए गए हैं. आमतौर पर घरों और दफ्तरों में लोगों को राहत देने वाले कूलर अब बिजली उपकरणों को भीषण गर्मी से बचाने का काम कर रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार तेज गर्मी में ट्रांसफार्मरों का तापमान तेजी से बढ़ जाता है, जिससे फॉल्ट आने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका रहती है. इसी को देखते हुए ट्रांसफार्मरों पर लगातार ठंडी हवा डाली जा रही है ताकि उनका तापमान नियंत्रित बना रहे. फिलहाल दो कूलर लगातार काम कर रहे हैं और बिजली व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने में मदद कर रहे हैं. भरतपुर का यह अनोखा प्रयोग अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. सीमित संसाधनों में अपनाया गया यह नवाचार दिखाता है कि कैसे छोटी सोच भी बड़ी समस्या का समाधान बन सकती है. अगर गर्मी का प्रकोप आगे और बढ़ता है तो ऐसे उपाय दूसरे शहरों में भी देखने को मिल सकते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें| Source link

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ईरान-अमेरिका तनाव का असर अलवर की मंडी तक, सरसों ने पकड़ी रफ्तार,...

X ईरान-अमेरिका तनाव का असर अलवर की मंडी तक, सरसों ने पकड़ी रफ्तार   अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव का असर अब राजस्थान की कृषि मंडियों में भी साफ दिखाई देने लगा है. अलवर और खैरथल-तिजारा की अनाज मंडियों में सरसों के भाव लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं. मंडी में सरसों के दाम दो महीने में करीब 1700 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ चुके हैं और कई जगह 7900 रुपये प्रति क्विंटल तक कारोबार हो रहा है. व्यापारियों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं तो सरसों 9000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच सकती है. किसानों का कहना है कि लंबे समय बाद उन्हें अपनी उपज के अच्छे दाम मिल रहे हैं, जिससे उत्पादन लागत निकलने के साथ बेहतर मुनाफा भी हो रहा है. मंडियों में बड़ी मात्रा में सरसों की आवक हो रही है, जबकि जिन किसानों ने अपनी फसल घरों में स्टॉक कर रखी थी, वे भी अब ऊंचे भाव का लाभ लेने के लिए बाजार पहुंच रहे हैं. आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सरसों के दाम, किसानों को कितना फायदा हो रहा है और आगे बाजार का क्या रहेगा रुख. देखिए अलवर और खैरथल-तिजारा मंडियों से यह खास रिपोर्ट. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें| Source link

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Delhi Metro Phase-4 | Delhi Metro Expansion Plan | 36KM के हैं...

होमताजा खबरDelhi 36KM के हैं ये 3 कॉरिडोर, रास्‍ते में पड़ेंगे ये 37 स्‍टेशन, जानें इनकी लोकेशन Last Updated:June 02, 2026, 23:40 IST Delhi Metro Expansion Plan: दिल्ली और एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तहत इस साल के अंत तक तीन नए मेट्रो कॉरिडोर शुरू होने जा रहे हैं. इनमें कृष्णा पार्क एक्सटेंशन-दीपाली चौक, मजलिस पार्क-रामकृष्ण आश्रम मार्ग और एरोसिटी-तुगलकाबाद रूट शामिल हैं. इन नए कॉरिडोरों के शुरू होने से मेट्रो नेटवर्क में करीब 36 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी. बस छह महीने का इंतजार, दिल्‍ली में मेट्रो बदल देगी बहुत कुछ. (एआई इमेज) Delhi Metro Expansion Plan: दिल्ली और एनसीआर में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. आने वाले महीनों में दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क और बड़ा होने जा रहा है. दिल्ली मेट्रो के फेज-4 का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. उम्मीद है कि साल 2026 के अंत तक तीन नए मेट्रो कॉरिडोर यात्रियों के लिए खोल दिए जाएंगे. इन नए रूटों के शुरू होने से लोगों का सफर आसान, तेज और सुविधाजनक हो जाएगा. साथ ही सड़क पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होने की उम्मीद है. उल्‍लेखनीय है कि दिल्ली मेट्रो से हर दिन लाखों लोग इससे यात्रा करते हैं. बढ़ती आबादी और यात्रा की जरूरतों को देखते हुए दिल्ली मेट्रो लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है. फेज-4 के तहत कई नए कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं, जिनमें से तीन महत्वपूर्ण रूट इस साल के अंत तक शुरू होने की संभावना है. इन तीनों नए कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में करीब 36 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी. इससे दिल्ली के अलग-अलग इलाकों के साथ-साथ एनसीआर के यात्रियों को भी सीधा फायदा मिलेगा. कौन-कौन से नए रूट होंगे शुरू? पहला कॉरिडोर कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से दीपाली चौक तक होगा, जो मैजेंटा लाइन का हिस्सा है. इस रूट पर कुल 14 स्टेशन होंगे. यह कॉरिडोर पश्चिमी और बाहरी दिल्ली के कई इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा. इस लाइन में कृष्णा पार्क एक्सटेंशन, केशोपुर, पश्चिम विहार पूर्व, मंगोलपुरी कलां-वेस्ट एन्क्लेव, पुष्पांजलि, वेस्ट एन्क्लेव, शाकुरपुर, नेताजी सुभाष प्लेस, शालीमार बाग, नानक पियाऊ-डेरावल नगर, आजादपुर, हैदरपुर गांव, उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार और दीपाली चौक स्‍टेशन होंगे. दूसरा कॉरिडोर मजलिस पार्क से रामकृष्ण आश्रम मार्ग तक होगा. यह भी मैजेंटा लाइन का हिस्सा है और इसकी लंबाई लगभग 8 स्टेशनों तक फैली होगी. यह रूट उत्तर दिल्ली और मध्य दिल्ली के बीच यात्रा को आसान बनाएगा. इस लाइन के स्टेशनों में मजलिस पार्क, आजादपुर, गुरु तेग बहादुर नगर, नानक पियाऊ-डेरावल नगर, घंटा घर, पुलबंगश, नबी करीम और रामकृष्ण आश्रम मार्ग का नाम शामिल है. तीसरा और सबसे अहम कॉरिडोर दिल्ली एरोसिटी से तुगलकाबाद तक होगा, जिसे गोल्डन लाइन के नाम से जाना जाएगा. करीब 23.6 किलोमीटर लंबे इस रूट पर 15 स्टेशन होंगे. यह कॉरिडोर एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा. इसके शुरू होने के बाद दक्षिण दिल्ली, आर.के. पुरम, वसंत कुंज और तुगलकाबाद की दिशा से एयरपोर्ट पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा. दिल्ली एरोसिटी से तुगलकाबाद कॉरिडोर में दिल्ली एरोसिटी, महिपालपुर, वसंत कुंज, किशनगढ़, वसंत विहार, मुनिरका, आर.के. पुरम, सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग, दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस, एंड्रयूज गंज, जी.के.-1, नेहरू प्लेस, चिराग दिल्ली, पुष्प भवन और तुगलकाबाद स्‍टेशन होंगे. दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तहत कुछ हिस्सों पर मेट्रो सेवा पहले ही शुरू हो चुकी है. मार्च 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो नए सेक्शन का उद्घाटन किया था. इनमें पिंक लाइन का मजलिस पार्क से मौजपुर सेक्शन और मैजेंटा लाइन का दीपाली चौक से मजलिस पार्क सेक्शन शामिल है. इन मार्गों पर फिलहाल नियमित रूप से मेट्रो सेवाएं संचालित हो रही हैं और यात्रियों को इसका लाभ मिल रहा है. कॉरिडोर का काम पूरा होने में क्यों हुई थी देरी? दिल्ली मेट्रो के फेज-4 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मार्च 2019 में मंजूरी दे दी थी. हालांकि परियोजना को शुरू करने में कई बाधाएं आईं. शुरुआत में दिल्ली सरकार से मंजूरी मिलने में समय लगा. इसके बाद कोरोना महामारी ने निर्माण कार्य को प्रभावित किया. लॉकडाउन और श्रमिकों की कमी के कारण परियोजना की गति धीमी पड़ गई. बाद में केंद्र सरकार ने मार्च 2024 में दो और नए कॉरिडोरों को मंजूरी दी, जिससे फेज-4 का विस्तार और बढ़ गया. अब सभी प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनें काफी हद तक दूर हो चुकी हैं और निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) का लक्ष्य है कि वर्ष 2026 के अंत तक इन तीनों कॉरिडोरों को यात्रियों के लिए खोल दिया जाए. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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CUET (UG) 2026: प्रभावित उम्मीदवारों के लिए बदले हुए एडमिट कार्ड जारी,...

होमताजा खबरदेश CUET (UG) 2026: प्रभावित उम्मीदवारों के लिए बदले हुए एडमिट कार्ड जारी, किस तारीख को होगा परीक्षा Last Updated:June 02, 2026, 22:31 IST CUET Updated Admit Cards: सीयूईटी (UG) 2026 के प्रभावित उम्मीदवारों के लिए संशोधित परीक्षा तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. ये परीक्षाएं अब 06 और 07 जून 2026 को आयोजित होंगी. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने इस संबंध में अपडेटेड एडमिट कार्ड भी आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव कर दिए हैं, जहां से छात्र इन्हें तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं. CUET Revised Admit Card: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने प्रभावित कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यानी सीयूईटी (UG) 2026 के उम्मीदवारों के लिए एक बड़ा अपडेट जारी करते हुए उनके संशोधित एडमिट कार्ड (Updated Admit Cards) आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध करा दिए हैं. प्रशासनिक या तकनीकी कारणों से प्रभावित हुए इन परीक्षार्थियों की परीक्षा अब नई और संशोधित तारीखों के अनुसार आगामी 06 और 07 जून 2026 को आयोजित की जाएगी. जिन उम्मीदवारों की परीक्षाओं में बदलाव हुआ है, वे तुरंत सीयूईटी के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने नए एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं, क्योंकि परीक्षा केंद्र में प्रवेश केवल इसी संशोधित एडमिट कार्ड के आधार पर दिया जाएगा. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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CBSE New Chairperson | CBSE Prashant Lokhande | Who is Prashant Lokhande...

होमताजा खबरदेश कौन हैं CBSE का नया बॉस प्रशांत लोखंडे? कंधों पर करोड़ों छात्रों की जिम्मेदारी Last Updated:June 02, 2026, 21:38 IST Who is Prashant Sitaram Lokhande: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को अपना नया मुखिया मिल गया है. वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रशांत सीताराम लोखंडे को सीबीएसई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उनके नाम को हरी झंडी दे दी है. प्रशांत सीताराम लोखंडे एजीएमयूटी कैडर के 2001 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जो निवर्तमान चेयरमैन राहुल सिंह की जगह बोर्ड की कमान संभालेंगे. आइए जानते हैं कि कौन हैं सीबीएसई के नए चेयरमैन और उनका प्रशासनिक बैकग्राउंड क्या है. सीबीएसई के नए चेयरपर्सन प्रशांत सीताराम लोखंडे कौन हैं? CBSE New Chairperson Prashant Sitaram Lokhande: देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण शिक्षा बोर्ड, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है. केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नौकरशाह प्रशांत सीताराम लोखंडे को सीबीएसई का नया अध्यक्ष (Chairperson) नियुक्त किया है. सरकार की तरफ से 2 जून 2026 को जारी आधिकारिक लेटर के अनुसार, यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू की गई है. सीबीएसई में मचे घमासान के बाद छात्र और अभिभावक यह जानना चाहते हैं कि बोर्ड का मुखिया कौन है. ऐसे में वर्तमान राहुल सिंह के ट्रांसफर के बाद, अब प्रशांत सीताराम लोखंडे बोर्ड के सभी बड़े फैसले लेंगे. कौन हैं नए चेयरमैन प्रशांत सीताराम लोखंडे? प्रशांत सीताराम लोखंडे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के बेहद अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारी हैं. कैडर और बैच: वे एजीएमयूटी (AGMUT: अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के 2001 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. पिछली तैनाती: सीबीएसई के अध्यक्ष का पद संभालने से ठीक पहले, वे केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे. रैंक और वेतनमान: आधिकारिक आदेश के मुताबिक, उन्हें सीबीएसई चेयरमैन के पद पर अतिरिक्त सचिव के रैंक और वेतनमान में ही नियुक्त किया गया है. अनुशासित काम के तरीके के लिए फेमस: प्रशासनिक हलकों में प्रशांत सीताराम लोखंडे को उनके अनुशासित काम करने के तरीके और नीतिगत मामलों में उनकी गहरी समझ के लिए जाना जाता है. नए चेयरमैन के सामने क्या होंगी बड़ी चुनौतियां? सीबीएसई चेयरमैन का पद बेहद जिम्मेदारी भरा माना जाता है. प्रशांत सीताराम लोखंडे के पद संभालते ही उनके सामने कई बड़े टास्क होंगे- नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन: देश भर के सीबीएसई स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नए पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रणाली को सुचारू रूप से लागू करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी. परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली: बोर्ड परीक्षाओं के दौरान देश-विदेश के हजारों केंद्रों पर पूरी पारदर्शिता और बिना किसी तकनीकी खराबी के परीक्षाओं का आयोजन करवाना और डिजिटल मूल्यांकन को बेहतर बनाना. छात्रों और स्कूलों का समन्वय: देश भर के 25 हजार से अधिक मान्यता प्राप्त स्कूलों, लाखों शिक्षकों और करोड़ों छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर समय पर परिणाम और नीतियां जारी करना. सीबीएसई (CBSE) के नए अध्यक्ष कौन बने हैं? वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रशांत सीताराम लोखंडे को सीबीएसई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. नए सीबीएसई चेयरमैन प्रशांत सीताराम लोखंडे किस बैच और कैडर के अधिकारी हैं? प्रशांत सीताराम लोखंडे एजीएमयूटी कैडर के 2001 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. सीबीएसई चेयरमैन बनने से पहले प्रशांत सीताराम लोखंडे किस पद पर तैनात थे? सीबीएसई अध्यक्ष बनने से पहले वे भारत सरकार के गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे. पूर्व सीबीएसई अध्यक्ष राहुल सिंह को अब सरकार ने क्या नई जिम्मेदारी दी है? पूर्व अध्यक्ष राहुल सिंह का तबादला करके उन्हें कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है. About the Author Deep Raj DeepakSub-Editor Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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TMC Split News – Mamata Banerjee Dharna – didi political death |...

West Bengal Rebellion : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मिली करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर लगी आग अब पूरी तरह से बेकाबू हो चुकी है. भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले और अपनी पार्टी के नेताओं की सुरक्षा को लेकर कोलकाता के रानी रासमणि एवेन्यू में सड़कों पर उतरीं ममता बनर्जी खुद को अपनी ही पार्टी के भीतर अकेला पा रही हैं. मंगलवार को आयोजित इस ‘महाधरने’ ने टीएमसी के भीतर चल रहे भयंकर अंतर्विरोध को पूरी दुनिया के सामने उजागर कर दिया. जिस पार्टी के पास विधानसभा में 80 विधायक और संसद में 29 सांसद हैं, उसके महाधरने में ममता बनर्जी के साथ मंच साझा करने के लिए मात्र 7 विधायक और मुट्ठी भर सांसद पहुंचे. यह राजनीतिक संकट तब और गहरा गया जब पार्टी से हाल ही में निकाले गए मुखर नेता रिजू दत्ता ने एक सनसनीखेज दावा कर दिया. रिजू दत्ता के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस अब औपचारिक रूप से दो धड़ों में बंटने की कगार पर खड़ी है. उन्होंने दावा किया कि टीएमसी के 80 में से 50 से अधिक विधायक एक साथ आकर खुद को ‘असली तृणमूल कांग्रेस’ घोषित करने की अंतिम तैयारी कर रहे हैं. यदि यह दावा सच साबित होता है, तो बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी के युग का यह सबसे दर्दनाक अंत हो सकता है, जहां उनके अपने ही सिपहसालार उन्हें मझधार में छोड़कर नई राह पकड़ रहे हैं. अभिषेक पर हमले के बाद बुलाई बैठक में ही तय हो गई थी बगावत की स्क्रिप्ट राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बगावत अचानक नहीं हुई है. इसकी पटकथा उसी दिन लिख दी गई थी जब अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के ठीक बाद ममता बनर्जी ने पार्टी के सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों की एक आपातकालीन समीक्षा बैठक बुलाई थी. बैठक का सच: उस महत्वपूर्ण बैठक में भी 80 में से केवल 20 विधायक ही कोलकाता पहुंचे थे. मंगलवार का महासंकट: मंगलवार को जब ममता बनर्जी ने अपनी पूरी राजनीतिक ताकत झोंकने के लिए रानी रासमणि एवेन्यू को चुना, तो यह संख्या 20 से घटकर मात्र 7 विधायकों पर सिमट गई. 73 विधायकों और अधिकांश सांसदों का इस तरह दीदी के सबसे बड़े आंदोलन से दूरी बना लेना यह साफ संकेत देता है कि टीएमसी के भीतर ‘अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व’ और ‘आई-पैक’ की कार्यशैली को लेकर कितना गहरा आक्रोश व्याप्त है. “मर जाऊंगी, लेकिन धरना दूंगी”… कोलकाता पुलिस की पाबंदी पर भड़कीं ममता ममता बनर्जी के इस धरने को रोकने के लिए कोलकाता पुलिस ने सुरक्षा और अनुमति का हवाला देते हुए परमिशन खारिज कर दी थी. इस प्रशासनिक रोक के बाद बंगाल का सियासी घमासान और उग्र हो गया. ममता बनर्जी ने नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार को ललकारते हुए साफ कहा कि उन्हें डराकर चुप नहीं कराया जा सकता. “वे सोचते हैं कि पुलिस के दम पर वे मेरी आवाज को दबा देंगे. मैं साफ कह देना चाहती हूं कि मैं मर जाऊंगी, लेकिन यहीं धरना दूंगी. अगर मुझे कोलकाता में लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने से रोका गया, तो मैं इस आंदोलन को देश की राजधानी दिल्ली तक लेकर जाऊंगी. हम बिना माइक और बिना मंच के भी जनता की अदालत में बैठना जानते हैं.” – ममता बनर्जी, सुप्रीमो (TMC) ममता बनर्जी ने धरना स्थल से बेहद भावुक रुख अपनाते हुए प्रसिद्ध भजन की पंक्तियां, “ईश्वर अल्लाह तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान” का जाप किया. उन्होंने भाजपा और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर सीधे तौर पर टीएमसी को पैसे और सत्ता के बल पर तोड़ने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जो लोग आज पार्टी छोड़कर भाग रहे हैं, वे कायर हैं और इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा. राजनीतिक भविष्य: क्या स्ट्रीट पॉलिटिक्स से बच पाएगी पार्टी? इस समय सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यही है कि क्या ममता बनर्जी की यह पारंपरिक ‘स्ट्रीट पॉलिटिक्स’ उनकी बिखरती हुई पार्टी को एकजुट रख पाएगी? हकीकत यह है कि ममता बनर्जी जब-जब संकट में रही हैं, वे सड़कों पर उतरी हैं. लेकिन इस बार परिस्थिति पूरी तरह अलग है. इस बार लड़ाई विपक्ष से ज्यादा पार्टी के भीतर के असंतोष से है. सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई भाजपा सरकार बहुत बारीकी से टीएमसी के इस आंतरिक बिखराव पर नजर रख रही है. भाजपा को इस बात का पूरा अंदाजा है कि ममता बनर्जी को प्रशासनिक रूप से रोकने से ज्यादा फायदा टीएमसी को अपने ही बोझ से स्वतः ढहने देने में है. 50 से अधिक विधायकों का टूटना तृणमूल कांग्रेस के वैधानिक अस्तित्व को ही समाप्त कर सकता है, जिससे ममता और अभिषेक बनर्जी पूरी तरह अलग-थलग पड़ जाएंगे. बंगाल की राजनीति का यह हफ्ता तृणमूल के भविष्य का अंतिम फैसला करने वाला साबित हो सकता है. Source link

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Kerala Summer Vacation 2026: केरल के 5 बेस्ट हिल स्टेशन, जानें पूरा...

Last Updated:June 02, 2026, 19:32 IST Kerala Summer Vacation 2026: गर्मी की छुट्टियों में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो केरल आपके लिए शानदार विकल्प हो सकता है. मानसून से पहले का मौसम यहां की खूबसूरती को और बढ़ा देता है. मुन्नार के चाय बागान, वायनाड के जंगल, थेक्कडी की बोट सफारी, वागामोन की वादियां और नेल्लियाम्पथी की शांत पहाड़ियां पर्यटकों को खूब आकर्षित करती हैं. खास बात यह है कि दिल्ली से ट्रेन के जरिए 15 से 17 हजार रुपये के बजट में भी केरल ट्रिप पूरी की जा सकती है. जानिए केरल के 5 बेहतरीन हिल स्टेशन और वहां घूमने का पूरा खर्च. केरल घूमने का आ गया परफेक्ट टाइम: गर्मी की छुट्टियों में अगर आप किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं जहां ठंडा मौसम, हरियाली, पहाड़ और सुकून एक साथ मिले, तो केरल आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है. मानसून से पहले का मौसम यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. मुन्नार, वायनाड, थेक्कडी, वागामोन और नेल्लियाम्पथी जैसे हिल स्टेशन आपको न केवल प्रकृति के बेहद करीब ले जाएंगे, बल्कि आपकी छुट्टियों को भी शानदार बना देंगे. आइए जानते हैं केरल की 5 शानदार जगहों और वहां घूमने में आने वाले खर्च के बारे में. गर्मी की छुट्टियों में बनाएं केरल का प्लान: अगर आप इस गर्मी कहीं ठंडी और खूबसूरत जगह घूमने का सोच रहे हैं तो केरल बेहतरीन विकल्प हो सकता है. मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार इस बार केरल में मानसून 30 जून से पहले पहुंच सकता है. ऐसे में जून का महीना यहां घूमने के लिए शानदार माना जा रहा है. हरियाली, पहाड़, झीलें और शांत वातावरण केरल को परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के लिए खास बनाते हैं. मुन्नार के चाय के बागानों और बादलों की दुनिया: करीब 1,532 मीटर की ऊंचाई पर बसा मुन्नार केरल के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में गिना जाता है. यहां की हरी-भरी पहाड़ियां, ठंडी हवाएं और दूर-दूर तक फैले चाय के बागान पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं. परिवार के साथ एराविकुलम नेशनल पार्क घूम सकते हैं, जहां दुर्लभ नीलगिरि तहर देखने को मिलता है. पोथामेडु व्यू प्वाइंट से धुंध में ढकी घाटियों का खूबसूरत नजारा भी देखा जा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google वायनाड के जंगल, झरने और एडवेंचर का शानदार मेल: प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए वायनाड किसी स्वर्ग से कम नहीं है. यहां का तापमान गर्मियों में भी 18 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. वायनाड वाइल्डलाइफ सेंचुरी में हाथी, हिरण, तेंदुए और कई दुर्लभ पक्षी देखे जा सकते हैं. चेंबरा पीक ट्रैकिंग के शौकीनों के बीच काफी लोकप्रिय है. हरियाली से घिरा यह इलाका परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आदर्श माना जाता है. थेक्कडी में बोट सफारी और वन्यजीवों का रोमांच: थेक्कडी बच्चों और परिवारों के बीच सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में से एक है. यहां स्थित पेरियार झील में बोट सफारी का अनुभव बेहद खास माना जाता है. नाव की सैर के दौरान झील के किनारे हाथियों और अन्य वन्यजीवों को देखा जा सकता है. मसालों के बागानों की सैर, हाथी जंक्शन में हाथियों के साथ समय बिताना और बांस राफ्टिंग जैसी एक्टिविटीज इस जगह को और आकर्षक बनाती हैं. वागामोन की रोमांटिक वादियां और सुकून भरा माहौल: करीब 1,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित वागामोन अपने शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है. यहां चारों ओर फैले पाइन के जंगल, झरने और बादलों से ढकी पहाड़ियां देखने को मिलती हैं. थांगल पारा व्यू प्वाइंट से घाटियों का शानदार दृश्य दिखाई देता है. वागामोन लेक में बोटिंग और आसपास की पहाड़ियों में ट्रैकिंग का आनंद लिया जा सकता है. यह जगह परिवार और कपल्स दोनों के लिए खास मानी जाती है. नेल्लियाम्पथी में कम बजट में शानदार हिल स्टेशन का अनुभव: नेल्लियाम्पथी को अक्सर ‘दूसरा ऊटी’ कहा जाता है क्योंकि यहां कम खर्च में बेहतरीन प्राकृतिक नजारे देखने को मिलते हैं. यहां का मौसम सालभर सुहावना बना रहता है. पर्यटक ऑरेंज प्लांटेशन, इलायची के बागानों और खूबसूरत पहाड़ियों का आनंद ले सकते हैं. सीथरकुंडु व्यू प्वाइंट से घाटियों का मनोरम दृश्य दिखाई देता है. शांत और भीड़भाड़ से दूर छुट्टियां बिताने वालों के लिए यह शानदार जगह है. दिल्ली से केरल पहुंचने का हवाई बजट: दिल्ली से कोच्चि, कोझिकोड़ और तिरुवनंतपुरम के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं. सामान्य दिनों में फ्लाइट टिकट का किराया 8,000 से 12,000 रुपये के बीच रहता है. अगर आप यात्रा से 10 से 15 दिन पहले टिकट बुक कर लेते हैं तो बेहतर किराया मिल सकता है. समय की बचत और आरामदायक यात्रा चाहने वालों के लिए फ्लाइट सबसे सुविधाजनक विकल्प माना जाता है. कम बजट में केरल पहुंचने का आसान तरीका: अगर आप यात्रा पर कम खर्च करना चाहते हैं तो ट्रेन बेहतर विकल्प हो सकती है. दिल्ली से चलने वाली केरल एक्सप्रेस इस रूट की प्रमुख ट्रेनों में शामिल है. थर्ड एसी का किराया लगभग 2,700 रुपये प्रति व्यक्ति है. ट्रेन यात्रा लंबी जरूर होती है, लेकिन इससे यात्रा का कुल खर्च काफी कम हो जाता है और बजट यात्रियों के लिए यह सबसे पसंदीदा विकल्प माना जाता है. रहने और खाने पर कितना खर्च होगा: केरल के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर लगभग 2,000 रुपये प्रति रात के बजट में अच्छा होटल या होमस्टे मिल सकता है. खाने-पीने पर एक व्यक्ति का दैनिक खर्च 500 से 700 रुपये के बीच माना जा सकता है. स्थानीय दक्षिण भारतीय भोजन स्वादिष्ट होने के साथ-साथ किफायती भी होता है. यदि आप परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं तो पहले से होटल बुक करने पर बेहतर विकल्प मिल सकते हैं. दो रात की केरल ट्रिप का पूरा हिसाब: यदि आप दिल्ली से ट्रेन के जरिए केरल जाते हैं और वहां दो रात रुकते हैं, तो ट्रेन टिकट, होटल, भोजन, स्थानीय परिवहन और साइट सिइंग सहित कुल खर्च लगभग 15,000 से 17,000 रुपये तक आ सकता है. वहीं फ्लाइट से यात्रा करने पर यह बजट कुछ और बढ़ सकता है. कम खर्च में खूबसूरत पहाड़, हरियाली और यादगार छुट्टियों का आनंद लेने के लिए केरल शानदार विकल्प साबित हो सकता है. प्रकृति, पहाड़ और सुकून का शानदार

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Annapurna Yojana Bengal : suvendu sarkar-mamata banerjee | ‘देश में रहना है...

होमताजा खबरwest bengalKolkata ममता के बाउंसर पर सीएम सुवेंदु सरकार ने मारा सिक्सर, बंगाल में कल से खेला शुरू Last Updated:June 02, 2026, 18:21 IST कोलकाता में ममता बनर्जी के धरने के बीच मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हुगली से बड़ा राजनीतिक दांव चल दिया है. सुवेंदु ने एलान किया है कि कल से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में अन्नपूर्णा योजना का पैसा ट्रांसफर किया जाएगा. हालांकि, उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले घुसपैठियों को इस योजना का लाभ बिल्कुल नहीं मिलेगा. ममता बनर्जी के धरने पर सुवेंदु ने क्या कहा? कोलकाता. पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय शह और मात का खेल चरम पर पहुंच चुका है. कोलकाता में जहां पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले और चुनाव बाद की हिंसा के खिलाफ धरने पर बैठी थीं, उसके कुछ ही घंटे के बाद बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अन्नपूर्णा योजना (Annapurna Scheme) के तहत धन राशि जारी करने का ऐलान कर दिया. सुवेंदु ने घुसपैठ के मुद्दे पर ममता बनर्जी के कोर वोट बैंक को लेकर भी तीखा हमला बोला. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने साफ किया कि भाजपा ने चुनाव के दौरान बंगाल की जनता से जो भी वादे किए थे, वे बेहद सोच-समझकर किए गए थे और सरकार अब उन्हें पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ जमीन पर उतारने जा रही है. इसी कड़ी में कल यानी बुधवार से उन सभी योग्य नागरिकों के बैंक खातों में अन्नपूर्णा योजना की राशि सीधे ट्रांसफर (Direct Benefit Transfer) कर दी जाएगी, जिन्होंने इसके आवेदन फॉर्म भरे हैं. ममता बनर्जी के सड़क आंदोलन के बीच सुवेंदु सरकार का यह कदम जनता का ध्यान सीधे कल्याणकारी योजनाओं और सुशासन की ओर मोड़ने की एक सुनियोजित रणनीति है. मीडिया से बात करते हुए सुवेंदु ने कहा- ‘कल हमलोग अन्नपुर्णा योजना का रुपया ट्रांसफर करेगा. जो लोग फॉर्म फिलअप किया है उसका पैसा कल चालू हो जाएगा. हमलोग जो बोलता है सोचकर बोलता है. जो बोलता है वो भी करता है. सबलोग सरकार का साथ दे, जो घुसपैठिया है. जो घुसपैठिया है उसको तो रुपया नहीं मिलेगा. ये लोग को रुपया नहीं मिल सकता. जो लोग देश के कानून का उल्लंघन करता है. वैक्सीन नहीं लेता है. स्कूल में भी दाखिल नहीं करता है. कहां-कहां दूसरा स्कूल में भेजता है, जहां पर दूसरा तरह से उसको ट्रेनिंग दिया जाता है. वो लोग तो पैसा नहीं मिलना. हर स्कूल में वंदे मातरम और जन गण मन अनिवार्य कर दिया है. देश में रहना है तो वंदे मातरम बोलना है. देश में रहना है तो जन गण मन गाना है. देश में रहना है तो 26 जनवरी और 15 अगस्त को सम्मान करना है. ये सनातन संस्कृति है. भारत का नाम हिंदुस्तान भी है इंडिया भी है. सांस्कृतिक कल्चर को मानकर ही चलना चाहिए. ये देश दूसरा किसी के हाथ में नहीं जा सकता है.’ #WATCH | Hooghly: West Bengal CM Suvendu Adhikari says, “Tomorrow, we will transfer the money for the Annapurana scheme to those who have filled up their forms. All promises are made after careful consideration and are executed faithfully. However, infiltrators within the system,… https://t.co/27w966FoNG pic.twitter.com/8epLMgXWbO Source link

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