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Delhi Metro Expansion Plan: दिल्ली और एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तहत इस साल के अंत तक तीन नए मेट्रो कॉरिडोर शुरू होने जा रहे हैं. इनमें कृष्णा पार्क एक्सटेंशन-दीपाली चौक, मजलिस पार्क-रामकृष्ण आश्रम मार्ग और एरोसिटी-तुगलकाबाद रूट शामिल हैं. इन नए कॉरिडोरों के शुरू होने से मेट्रो नेटवर्क में करीब 36 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी.
बस छह महीने का इंतजार, दिल्ली में मेट्रो बदल देगी बहुत कुछ. (एआई इमेज)
Delhi Metro Expansion Plan: दिल्ली और एनसीआर में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. आने वाले महीनों में दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क और बड़ा होने जा रहा है. दिल्ली मेट्रो के फेज-4 का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. उम्मीद है कि साल 2026 के अंत तक तीन नए मेट्रो कॉरिडोर यात्रियों के लिए खोल दिए जाएंगे. इन नए रूटों के शुरू होने से लोगों का सफर आसान, तेज और सुविधाजनक हो जाएगा. साथ ही सड़क पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होने की उम्मीद है.
उल्लेखनीय है कि दिल्ली मेट्रो से हर दिन लाखों लोग इससे यात्रा करते हैं. बढ़ती आबादी और यात्रा की जरूरतों को देखते हुए दिल्ली मेट्रो लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है. फेज-4 के तहत कई नए कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं, जिनमें से तीन महत्वपूर्ण रूट इस साल के अंत तक शुरू होने की संभावना है. इन तीनों नए कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में करीब 36 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी. इससे दिल्ली के अलग-अलग इलाकों के साथ-साथ एनसीआर के यात्रियों को भी सीधा फायदा मिलेगा.
कौन-कौन से नए रूट होंगे शुरू?
- पहला कॉरिडोर कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से दीपाली चौक तक होगा, जो मैजेंटा लाइन का हिस्सा है. इस रूट पर कुल 14 स्टेशन होंगे. यह कॉरिडोर पश्चिमी और बाहरी दिल्ली के कई इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा. इस लाइन में कृष्णा पार्क एक्सटेंशन, केशोपुर, पश्चिम विहार पूर्व, मंगोलपुरी कलां-वेस्ट एन्क्लेव, पुष्पांजलि, वेस्ट एन्क्लेव, शाकुरपुर, नेताजी सुभाष प्लेस, शालीमार बाग, नानक पियाऊ-डेरावल नगर, आजादपुर, हैदरपुर गांव, उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार और दीपाली चौक स्टेशन होंगे.
- दूसरा कॉरिडोर मजलिस पार्क से रामकृष्ण आश्रम मार्ग तक होगा. यह भी मैजेंटा लाइन का हिस्सा है और इसकी लंबाई लगभग 8 स्टेशनों तक फैली होगी. यह रूट उत्तर दिल्ली और मध्य दिल्ली के बीच यात्रा को आसान बनाएगा. इस लाइन के स्टेशनों में मजलिस पार्क, आजादपुर, गुरु तेग बहादुर नगर, नानक पियाऊ-डेरावल नगर, घंटा घर, पुलबंगश, नबी करीम और रामकृष्ण आश्रम मार्ग का नाम शामिल है.
- तीसरा और सबसे अहम कॉरिडोर दिल्ली एरोसिटी से तुगलकाबाद तक होगा, जिसे गोल्डन लाइन के नाम से जाना जाएगा. करीब 23.6 किलोमीटर लंबे इस रूट पर 15 स्टेशन होंगे. यह कॉरिडोर एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा. इसके शुरू होने के बाद दक्षिण दिल्ली, आर.के. पुरम, वसंत कुंज और तुगलकाबाद की दिशा से एयरपोर्ट पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा.
- दिल्ली एरोसिटी से तुगलकाबाद कॉरिडोर में दिल्ली एरोसिटी, महिपालपुर, वसंत कुंज, किशनगढ़, वसंत विहार, मुनिरका, आर.के. पुरम, सर एम. विश्वेश्वरैया मोती बाग, दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस, एंड्रयूज गंज, जी.के.-1, नेहरू प्लेस, चिराग दिल्ली, पुष्प भवन और तुगलकाबाद स्टेशन होंगे.
- दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तहत कुछ हिस्सों पर मेट्रो सेवा पहले ही शुरू हो चुकी है. मार्च 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो नए सेक्शन का उद्घाटन किया था. इनमें पिंक लाइन का मजलिस पार्क से मौजपुर सेक्शन और मैजेंटा लाइन का दीपाली चौक से मजलिस पार्क सेक्शन शामिल है. इन मार्गों पर फिलहाल नियमित रूप से मेट्रो सेवाएं संचालित हो रही हैं और यात्रियों को इसका लाभ मिल रहा है.
कॉरिडोर का काम पूरा होने में क्यों हुई थी देरी?
दिल्ली मेट्रो के फेज-4 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मार्च 2019 में मंजूरी दे दी थी. हालांकि परियोजना को शुरू करने में कई बाधाएं आईं. शुरुआत में दिल्ली सरकार से मंजूरी मिलने में समय लगा. इसके बाद कोरोना महामारी ने निर्माण कार्य को प्रभावित किया. लॉकडाउन और श्रमिकों की कमी के कारण परियोजना की गति धीमी पड़ गई. बाद में केंद्र सरकार ने मार्च 2024 में दो और नए कॉरिडोरों को मंजूरी दी, जिससे फेज-4 का विस्तार और बढ़ गया. अब सभी प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनें काफी हद तक दूर हो चुकी हैं और निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) का लक्ष्य है कि वर्ष 2026 के अंत तक इन तीनों कॉरिडोरों को यात्रियों के लिए खोल दिया जाए.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें