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Suvendu Adhikari Action Mode | सीएम की कुर्सी संभालते ही ‘नायक’ के...

Last Updated:May 09, 2026, 18:05 IST बंगाल के नए सीएम सुवेंदु अधिकारी ने पदभार संभालते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज कर दी है. बॉलीवुड फिल्म ‘नायक’ में जिस तरह से अनिल कपूर एक्शन में आए थे, कुछ उसी अंदाज में सुवेंदु अधिकारी नजर आ रहे हैं. सोमवार शाम 5 बजे नबन्ना में राज्य के सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और आला अफसरों की अनिवार्य बैठक बुलाई गई है. शपथ के तुरंत बाद सीएस और डीजीपी के साथ बैठक कर सुवेंदु ने साफ कर दिया है कि राज्य में अब ‘सिंडिकेट राज’ नहीं चलेगा. बंगाल के नए सीएम सुवेंदु अधिकरी एक्श मोड में. कोलकाता. पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ‘एक्शन मोड’ में आ गए हैं. बॉलीवुड मूवी ‘नायक’ में जिस तरह से अनिल कपूर ने ताबड़तोड़ एक्शन लेना शुरू किया था, कुछ उसी अंदाज में सुवेंदु अधिकारी नजर आ रहे हैं. बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम लगभग 12 बजे तक चला, पीएम मोदी सहित कई वीवीआईपी को एयरपोर्ट पर विदा करने के बाद सीधे एक्शन में आ गए. सबसे पहले राज्य के मुख्य सचिव यानी चीफ सेक्रेटरी सहित कोलकाता में मौजूद वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी के साथ मीटिंग की. फिर सोमवार को राज्य के सभी जिलों के एसपी, डीआईजी, आईजी सहति वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियो को सोमवार को कोलकाता बुला लिया. राजभवन में शपथ लेने के चंद घंटों के भीतर ही उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी पहली उच्चस्तरीय बैठक की, जिससे यह साफ हो गया है कि नई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बंगाल में शांति और सुरक्षा स्थापित करना है. पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद आराम करने के बजाय सीधे काम पर ध्यान केंद्रित किया. उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव (CS), पुलिस महानिदेशक (DGP) और कई वरिष्ठ आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के साथ एक प्रारंभिक बैठक की. इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य में राजनीतिक हिंसा और भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. शुभेंदु का यह कड़ा रुख उन्हें फिल्मी पर्दे के ‘नायक’ की तरह पेश कर रहा है, जो सत्ता मिलते ही व्यवस्था सुधारने में जुट गया है. सुवेंदु अधिकारी और पीएम मोदी सोमवार को नबन्ना में महाबैठक मुख्यमंत्री के निर्देश पर सोमवार शाम 5 बजे राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है. इस बैठक की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें किसी भी अधिकारी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ने की अनुमति नहीं है. राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP), सभी पुलिस कमिश्नर, DIG और IG रैंक के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है. STF और CID की भी होगी सक्रियता इस बैठक में केवल जिला पुलिस ही नहीं, बल्कि स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और अपराध जांच विभाग (CID) के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे. सूत्रों के अनुसार, सुवेंदु अधिकारी राज्य में पिछले कुछ समय से सक्रिय माफिया नेटवर्क, सीमा पार तस्करी और चुनावी हिंसा के मामलों पर इन एजेंसियों से सीधे जवाब-तलब कर सकते हैं. मुख्यमंत्री चाहते हैं कि पुलिस बल राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर काम करे और जनता के बीच सुरक्षा का भाव पैदा हो. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस सोमवार की बैठक के बाद बंगाल पुलिस के ढांचे में एक बड़ा फेरबदल (Reshuffle) देखने को मिल सकता है. जो अधिकारी पिछली सरकार के बेहद करीबी माने जाते थे या जिन पर पक्षपात के आरोप लगे हैं, उन पर मुख्यमंत्री की पैनी नजर है. सुवेंदु अधिकारी ने पहले ही संकेत दिया है कि वह पुलिसिंग में ‘प्रोफेशनलिज्म’ लाना चाहते हैं. बंगाल में वैचारिक मजबूती और संगठनात्मक नियंत्रण के लिए एक्शन में सुवेंदु. मुख्यमंत्री का यह ‘एक्शन अवतार’ संदेश देता है कि वह अपनी जीत को केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि बंगाल की प्रशासनिक व्यवस्था को बदलने के जनादेश के रूप में देख रहे हैं. सोमवार की बैठक में पुलिस अधिकारियों को दिए जाने वाले ‘स्पेशल टास्क’ से यह तय हो जाएगा कि बंगाल में आने वाले दिनों में अपराधियों और उपद्रवियों के खिलाफ कैसी कार्रवाई होने वाली है. बंगाल की जनता को अब एक ऐसी सरकार की उम्मीद है जो ‘कानून का राज’ स्थापित करे, और सुवेंदु अधिकारी इसकी शुरुआत अपने पहले ही कदम से कर चुके हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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Thalapathy Vijay New CM | Actor Vijay News | Thalapathy Vijay News...

होमताजा खबरदेश आखिरकार थलापति को मिल ही गई ‘विजय’, जुटा लिया 118 का आंकड़ा, कब लेंगे शपथ? Last Updated:May 09, 2026, 17:00 IST थलापति विजय ही तामिलनाडु में सरकार बनाने जा रहे हैं. कांग्रेस, CPI, CPI-M के बाद वीसीके ने समर्थन लेटर दे दिया है. वे जादुई आंकड़े को पार गए हैं. टीवीके के समर्थकों में जश्न का माहौल है. थलापति विजय ने जुटा लिया 118 का जादुई आंकड़ा, तामिलनाडु का बनेंगे सीएम. Tamil Nadu Government Formation: थलापति विजय ही तमिलनाडु में सरकार बनाने जा रहे हैं. शनिवार को उनको एक और पार्टी का समर्थन मिल गया, जिसके बाद सरकार बनाने के 118 सीट के जादुई आंकड़े को उनकी पार्टी ने पार कर लिया है. विजय को कांग्रेस, CPI, CPI-M के बाद वीसीके ने समर्थन दिया है. शनिावर को वीसीके के प्रेसिडेंट ने शाम को समर्थन पत्र सौंपा. टीवीके के समर्थकों में जश्न का माहौल है. विजय की पार्टी आधव अर्जुन ने कहा कि वीसीके के थोल थिरुमावलवन ने सी. जोसेफ विजय के टीवीके को अपना सपोर्ट कन्फर्म किया है. पार्टी ने सपोर्ट लेटर जारी किया है. इस सपोर्ट के साथ TVK के विजय तमिलनाडु में कोएलिशन सरकार चलाएंगे. वीसीके प्रेसिडेंट विदुथलाई चिरुथईगल काची ने कहा कि सी. जोसेफ विजय और उनकी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की लीडरशिप में सरकार बनाने में सपोर्ट करेगी. बता दें कि वीसीके के पास दो विधायकों का समर्थन है. पार्टी प्रेसिडेंट थोल. थिरुमावलवन ने टीवीके नेता को समर्थन का पत्र सौंपा. बताते चलें कि इससे पहले शुक्रवार को दिन में वीसीके के सूत्रों के हवाले से पता चला था कि टीवीके ने निवेदन किए गए फॉर्मेट में सपोर्ट लेटर जमा किया जाएगा ताकि गवर्नर मिस्टर विजय को सरकार बनाने के लिए इनवाइट कर सकें. तमिलनाडु में हुए चुनाव में अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय का टीवीके बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. हालांकि, वे बहुमत के जादुई आंकड़े छूने से दूर रह गए. वे सरकार बनाने के लिए तामम पार्टियों से समर्थन पाने की कोशिश कर रहे हैं. About the Author Deep Raj DeepakSub-Editor Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chennai,Tamil Nadu Source link

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बेघर बच्चों को देख हुईं भावुक, फिर इस महिला ने शुरू की...

Last Updated:May 09, 2026, 15:59 IST साईंकृपा संस्था की संस्थापक अंजना रामगोपाल ने ममता और अपनेपन की मिसाल पेश की हैं जिनकी परवरिश और प्यार की बदौलत कई बच्चे आज देश-विदेश में नौकरी कर रहे हैं और अपने पैरों पर खड़े हैं. नोएडा: मां सिर्फ जन्म देने वाली ही नहीं होती, ममता और अपनापन देने वाली हर महिला मां कहलाने का हक रखती हैं और इस मदर्स डे पर हम आपको एक ऐसी महिला की कहानी बताएंगे जिन्होंने खुद शादी नहीं की, लेकिन आज सैकड़ों बच्चों की प्ररेणा बनी हैं. कहानी है नोएडा सेक्टर 12 स्थित साईंकृपा संस्था की संस्थापक अंजना रामगोपाल की. जिनकी परवरिश और प्यार की बदौलत कई बच्चे आज देश-विदेश में नौकरी कर रहे हैं और अपने पैरों पर खड़े हैं. 36 साल पहले करी थी संस्था की शुरुआतबता दें कि अंजना राज गोपाल मूल रूप से केरलम की निवासी है. और उन्होंने करीब 36 साल पहले साई कृपा संस्था की नींव रखी थी, उन्होंने महसूस किया था कि समाज के इन वंचित बच्चों को भी शिक्षा का अधिकार मिलना चाहिए. हालांकि उनके प्रयासों का नतीजा यह है कि आज अंजना रामगोपाल और उनकी संस्था के जरिए दर्जनों युवा और युवतियां शादी कर चुके हैं और देश विदेश में नौकरी भी कर रहे हैं. संस्था में बच्चे शिक्षित ही नहीं आत्मनिर्भर भी बनते हैवहीं अंजना राजगोपाल ने लोकल18 से बात करते हुए बताया कि इस संस्था का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के समग्र विकास पर भी ध्यान देना हैं. उनका मानना हैं, कि केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्य और आत्मविश्वास भी बच्चों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. जहां उन्होंने सैकड़ों बच्चों को न केवल शिक्षा दी, बल्कि एक नया जीवन भी दिया हैं. हालांकि अंजना अपने इन बच्चों को खुद की संतान की तरह मानती हैं. उन्होंने अपने जीवन में कभी शादी नहीं की, लेकिन अनाथ बच्चों की मां बनकर उन्हें स्नेह और सुरक्षा जरूर दी हैं. उन्होंने एक ऐसा माहौल तैयार किया हैं, जहां बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिलता हैं. और बच्चों को न केवल पढ़ाई की सुविधा दी जाती हैं, बल्कि उन्हें खेलकूद, कला, संगीत और अन्य गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता हैं. दर्जनों बच्चों की कराई शादीवही अंजना राज गोपाल का जीवन उन सभी के लिए प्रेरणा हैं जो समाज सेवा में रुचि रखते हैं. बता दें कि अंजना राजगोपाल ने दर्जनों बच्चों को पाल पोषकर उनकी शादी कराई हैं और कुछ बच्चों को विदेश भी भेजा हैं. इनकी माने तो संस्था में सबसे छोटा बच्चा 2 साल का और सबसे बड़ा 20 से 22 साल का हैं. वही उनका सपना है कि वो बुजुर्गों, और उन बच्चों के लिए भी काम करे जो रेड लाइट पर भीँख मांगते हैं. अब तक हजारों बच्चो को उनके पेरेंट्स से मिलवा चुकी हैंअंजना ने बताया कि वह पहले एक मीडिया संस्थान में काम करती थीं. और बचपन से ही अनाथ बच्चों को देखकर उनका मन विचलित हो जाता था. वहीं एक दिन नौकरी से लौटते समय उन्होंने एक विकलांग बच्चे को किसी व्यक्ति द्वारा पीटते देखा, जिसके बाद वह उस बच्चे को अपने साथ ले आईं और उसकी परवरिश की और यही घटना उनके जीवन का टर्निंग प्वाइंट बनी और उन्होंने साई कृपा संस्था की शुरुआत कर दी. अंजना का कहना है कि जब भी कोई बच्चा उन्हें मिलता है तो वह सबसे पहले पुलिस की मदद से उसके माता-पिता और परिवार को खोजने की कोशिश करती हैं. और उन्हें उनसे मिलवाने की कोशिश करती हैं. हालांकि अब तक उन्होंने हजारों बच्चों को उनके परिवार से मिलाया हैं. About the Author शिवानी गुप्ता Shivani Gupta is a Media Professional with 3 years of experience in reporting, content writing and production. She has worked with reputed media organizations like News18, Hindustan Times⁠, DEN Kashi ⁠and The L…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh Source link

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UPSC Recruitment 2026: प्रोफेसर और अनुवादक समेत 45 पदों पर वैकेंसी, 25...

Last Updated:May 09, 2026, 15:01 IST UPSC Recruitment 2026: संघ लोक सेवा आयोग में सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका है. संघ लोक सेवा आयोग ने एसोसिएट प्रोफेसर और DRDO अधिकारी समेत 45 पदों पर भर्ती निकाली है. इसके लिए आवेदन प्रक्रिया आज, 09 मई 2026 से शुरू हो गई है. जानिए यूपीएससी में नौकरी के लिए पात्रता, सैलरी और अप्लाई करने का पूरा तरीका. UPSC Recruitment 2026: यूपीएससी में सरकारी नौकरी के लिए जल्द ही आवेदन करें नई दिल्ली (UPSC Recruitment 2026). यूपीएससी में उच्च पदों पर काम करने के इच्छुक युवाओं के लिए खुशखबरी है. संघ लोक सेवा आयोग ने ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ के 45 रिक्त पदों के लिए भर्ती का बिगुल फूंक दिया है. इस बार की वैकेंसी केवल जनरल एडमिनिस्ट्रेशन तक सीमित नहीं है. इसमें रक्षा मंत्रालय से लेकर संस्कृति मंत्रालय तक के अलग-अलग विभागों में एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और अनुवादक जैसे पदों पर आवेदन मांगे गए हैं. यूपीएससी में सरकारी नौकरी के लिए upsc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं. यूपीएससी ने इस भर्ती में उन विशेषज्ञों को भी मौका दिया है जो चीनी और तिब्बती जैसी भाषाओं के जानकार हैं या इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अध्यापन का अनुभव रखते हैं. आवेदन करने की अंतिम तिथि 29 मई 2026 तय की गई है. आखिरी समय में यूपीएससी की वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ने के कारण आने वाली दिक्कतों से बचने के लिए बेहतर होगा कि आप समय रहते सरकारी नौकरी के लिए रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें. UPSC भर्ती 2026: 45 पदों पर सरकारी नौकरी की बहार संघ लोक सेवा आयोग ने कुल 45 पदों पर वैकेंसी निकाली है. इसमें सबसे ज्यादा 29 पद डीआरडीओ (DRDO) में सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर ग्रेड-II के हैं. इसके अलावा कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग, पुणे में एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर (सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल), खान मंत्रालय में सहायक खनन अभियंता और लद्दाख प्रशासन में लेखा अधिकारी के पदों पर भर्ती की जाएगी. रक्षा मंत्रालय में चीनी और तिब्बती भाषा के अनुवादकों के लिए भी 1-1 पद सुरक्षित है. यूपीएससी में नौकरी के लिए योग्यता और आयु सीमा यूपीएससी में इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में ग्रेजुएशन या पोस्ट-ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. प्रोफेसर पदों के लिए शैक्षणिक अनुभव और इंजीनियरिंग डिग्री अनिवार्य है. आयु सीमा की बात करें तो पद के अनुसार न्यूनतम 30 और अधिकतम 45 वर्ष उम्र तय की गई है. आरक्षित श्रेणियों (SC/ST/OBC/PwBD) को नियमानुसार आयु सीमा में विशेष छूट दी जाएगी. सरकारी नौकरी के लिए आयु सीमा की डिटेल्स upsc.gov.in पर चेक कर सकते हैं. यूपीएससी में सैलरी कितनी मिलेगी? संघ लोक सेवा आयोग में अभ्यर्थियों का चयन उनके अनुभव और योग्यता के आधार पर की गई शॉर्टलिस्टिंग, लिखित परीक्षा (यदि आवश्यक हो) और इंटरव्यू के जरिए होगा. चयनित उम्मीदवारों को बेहतरीन सैलरी पैकेज मिलेगा, पद के अनुसार वेतनमान लेवल 7 से 10 और शैक्षणिक पदों के लिए लेवल 10 से 13A1 तक तय किया गया है, जो केंद्र सरकार के सातवें वेतन आयोग के तहत आता है. सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कैसे करें? सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के पुरुष उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क महज 25 रुपये है. वहीं महिला, एससी, एसटी और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है. आवेदन करने के लिए संघ लोक सेवा आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in या upsconline.nic.in पर विजिट करके संबंधित लिंक पर क्लिक करना होगा. विभिन्न भर्तियों के लिए मांगे गए जरूरी डॉक्यूमेंट्स को सही साइज में अपलोड करने पर ही फॉर्म सबमिट होगा. About the Author Deepali PorwalSenior Sub Editor Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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Tamil Nadu President Rule | Thalapathy Vijay | Vijay TVK | संकट...

होमताजा खबरदेश जिसका डर था, वो होता दिख रहा; थलापति विजय पड़े लाचार, मंडरा रहा यह बड़ा खतरा Last Updated:May 09, 2026, 14:00 IST Thalapathy Vijay News: तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा ने सबको परेशान कर दिया है. थलापति विजय की तो मुश्किल ही कम नहीं हो रही है. तीन बार वह राज्यपाल से मिल चुके हैं, मगर अब तक सरकार बनाने का न्योता नहीं मिला है. कारण कि टीवीके के पास बहुमत नहीं है. टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी पर बहुमत से दूर है.अब तमिलनाडु में गठबंधन जोड़तोड़ और हॉर्स ट्रेडिंग आरोपों के बीच राष्ट्रपति शासन आशंका बढ़ी तमिलनाडु सरकार गठन पर फंसा पेंच, राष्ट्रपति शासन की अटकलें तेज (फाइल फोटो) Tamil Nadu Government Formation News: तमिलनाडु में जिसका डर है, वही होता दिख रहा है. तमिलनाडु चुनाव में रिजल्ट त्रिशंकु रहा. किसी को बहुमत नहीं मिला. न तो डीएमके-एआईडीएमके और न ही टीवीके. हालांकि, थलापति विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, मगर बहुमत से दूर रह गई. ऐसे में तमिलनाडु में सरकार गठन का पेच फंस गया है. यह पेच भी ऐसा है, जो सुलझता दिख नहीं रहा है. आलम यह है कि थलापति विजय लाचार दिख रहे हैं. महज एक-दो विधायकों की कमी से वह सरकार नहीं बना पा रहे हैं. राज्यपाल साफ कर चुके हैं कि जब तक बहुमत का नंबर नहीं होगा, तब तक सरकार गठन का न्योता नहीं मिलेगा. ऐसे में तमिलनाडु में संवैधानिक खतरा मंडरा रहा है. दरअसल, तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर जारी सियासी घमासान अब और गहरा गया है. राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं, क्योंकि सरकार गठन को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है. आरोप-प्रत्यारोप, विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त, फर्जी समर्थन पत्र और ‘लापता’ विधायकों के दावों ने राज्य की राजनीति को बेहद पेचीदा बना दिया है. सबके मन में राष्ट्रपति शासन वाला डर सता रहा है. थलापति विजय तो बड़ी जीत के बाद भी सरकार बनाने को तरस रहे हैं. मंडरा रहा बड़ा संवैधानिक खतराबहरहाल, तमिलनाडु की मौजूदा सरकार का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है. अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि अगली सरकार कौन बनाएगा. सरकार की तस्वीर अगर 48 घंटे में साफ नहीं होती है तो तमिलनाडु की तकदीर में कुछ और हो सकता है. जी हां, तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने साफ कर दिया है कि 234 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 118 विधायकों का समर्थन साबित किए बिना किसी भी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया जाएगा. किसके पास कितनी सीटें23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. हालांकि, बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से वह अभी भी पीछे है. वहीं, डीएमके गठबंधन को 73 सीटें मिलीं, जबकि एआईएडीएमके गठबंधन ने 53 सीटों पर जीत दर्ज की. बहुमत जुटाने के लिए टीवीके ने कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), सीपीआई और सीपीआई (एम) से बातचीत शुरू की. कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बाद टीवीके का आंकड़ा 113 तक पहुंच गया. तमिलनाडु सरकार गठन पर फंसा पेंच, राष्ट्रपति शासन की अटकलें तेज कौन-कौन कर रहा समर्थनबाद में सीपीआई और सीपीआई (एम) ने भी बिना शर्त बाहरी समर्थन देने का ऐलान किया, जिससे संख्या बढ़कर 117 हो गई. लेकिन मामला यहां भी उलझ गया. थलापति विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता है और उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ सकती है. ऐसे में प्रभावी संख्या फिर कम हो सकती है और टीवीके बहुमत से पीछे रह सकती है. वीसीके के समर्थन की उम्मीद जरूर जताई जा रही है, लेकिन अंतिम आंकड़ों को लेकर अब भी संशय बना हुआ है. About the Author Shankar Pandit Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें किसके पास कितनी सीटें23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. हालांकि, बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से वह अभी भी पीछे है. वहीं, डीएमके गठबंधन को 73 सीटें मिलीं, जबकि एआईएडीएमके गठबंधन ने 53 सीटों पर जीत दर्ज की. बहुमत जुटाने के लिए टीवीके ने कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), सीपीआई और सीपीआई (एम) से बातचीत शुरू की. कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बाद टीवीके का आंकड़ा 113 तक पहुंच गया. तमिलनाडु सरकार गठन पर फंसा पेंच, राष्ट्रपति शासन की अटकलें तेज कौन-कौन कर रहा समर्थनबाद में सीपीआई और सीपीआई (एम) ने भी बिना शर्त बाहरी समर्थन देने का ऐलान किया, जिससे संख्या बढ़कर 117 हो गई. लेकिन मामला यहां भी उलझ गया. थलापति विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता है और उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ सकती है. ऐसे में प्रभावी संख्या फिर कम हो सकती है और टीवीके बहुमत से पीछे रह सकती है. वीसीके के समर्थन की उम्मीद जरूर जताई जा रही है, लेकिन अंतिम आंकड़ों को लेकर अब भी संशय बना हुआ है. आधी रात को संकट और गहरायाशुक्रवार देर रात यह राजनीतिक संकट और गहरा गया, जब एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरन अचानक राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से मुलाकात की. उन्होंने टीवीके नेताओं पर बड़े स्तर पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया. विवाद एएमएमके-समर्थित विधायक एस. कामराज को लेकर खड़ा हुआ, जिन्हें कथित तौर पर टीवीके समर्थक बताया गया था. तमिलनाडु का घमासान पुलिस तकदिनाकरन ने आरोप लगाया कि राज्यपाल को व्हाट्सऐप के जरिए फर्जी समर्थन पत्र भेजे गए और कामराज ‘लापता’ हैं. हालांकि, कुछ ही देर बाद कामराज खुद दिनाकरन के साथ मीडिया के सामने आए और कहा कि उन्होंने आधिकारिक रूप से टीवीके को समर्थन नहीं दिया है. उन्होंने अपने हस्ताक्षर के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया. गवर्नर ने अब तक विजय को न्योता नहीं दिया. (PTI Photo) इसके बाद दिनाकरन ने कथित फर्जीवाड़े के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. दूसरी ओर, टीवीके ने इन आरोपों

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LPG Booking : सिलेंडर बुकिंग पर बॉम्‍बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! खत्‍म...

होमफोटोमनीLatest Money सिलेंडर बुकिंग पर बॉम्‍बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! खत्‍म होगी जनता की दिक्‍कत Last Updated:May 09, 2026, 12:58 IST LPG Booking New Rule : सरकार ने देश में एलपीजी सिलेंडर की सप्‍लाई को बेहतर बनाने और इसकी निगरानी के लिए डिजिटल व्‍यवस्‍था लागू करने का ऐलान किया था. लेकिन, बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश जारी कहा है कि किसी भी व्‍यवस्‍था से आम आदमी को दिक्‍कत नहीं होनी चाहिए. अदालत के इस फैसले से जनता को राहत मिलेगी और एलपीजी संकट खत्‍म होगा. बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और तेल कंपनियों को जारी आदेश में कहा है कि सिलेंडर बुकिंग की प्रक्रिया में जो भी बदलाव किया गया है, उससे जनता को दिक्‍कत नहीं होनी चाहिए. इससे पहले एलपीजी सिलेंडरों के वितरण में डिजिटल नियमों के लागू होने से आम आदमी को असुविधा होने लगी थी. बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि प्रत्येक डिलीवरी पर डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) अनिवार्य है. इसे सिलेंडर की मॉनिटरिंग आसान बनाने के लिए लागू किया गया है, जो डिजिटल व्‍यवस्‍था आने के बाद खत्‍म करने की बात कही जा रही थी. अदालत ने केंद्र सरकार और तेल कंपनियों को डिजिटल नियमों के साथ ऑफलाइन गैस बुकिंग और डिलीवरी प्रक्रिया जारी रखने की याचिका पर विचार करने का निर्देश दिया है. यह निर्णय तकनीक के नाम पर आम उपभोक्ताओं को असुविधा न पहुंचाने के उद्देश्य से लिया गया है. टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इस संबंध में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिस पर आदेश जारी किया गया है. एसोसिएशन के अध्यक्ष जयप्रकाश तिवारी ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडरों के वितरण में ओटीपी आधारित वितरण प्रणाली पर पूरी तरह रोक लगाने से ग्राहकों को कई तरह की दिक्‍कतें हो रही हैं. उन्‍होंने चिंता जताई कि यह सिस्‍टम गैस डिलीवरी को बाधित कर सकता है, जिससे समय पर सिलेंडर की सप्‍लाई नहीं हो सकेगी. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों या फिर जहां इंटरनेट का सिग्‍नल बेहतर नहीं है, वहां सिर्फ डिजिटल व्‍यवस्‍था के भरोसे सिलेंडर की सप्‍लाई कई तरह की समस्‍या पैदा कर सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google सरकारी तेल कंपनियों ने शुरू में सिर्फ 50 फीसदी डिलीवरी के लिए डिजिटल कोड प्रणाली लागू की थी. बाद में इसे बढ़ाकर 95 फीसदी कर दिया गया. हालांकि, 4 अप्रैल, 2026 को व्हाट्सएप पर भेजे गए संदेशों में कहा गया कि 100 फीसदी डिलीवरी केवल डीएसी कोड के माध्यम से ही की जानी चाहिए. अन्यथा वितरकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इस अचानक लिए गए फैसले से जमीनी स्तर पर अफरा-तफरी मच गई है. याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में तर्क दिया है कि देश में हर उपभोक्ता के पास स्मार्टफोन नहीं है और न ही हर कोई ओटीपी प्रक्रिया से अवगत है. नेटवर्क की समस्याओं और वेबसाइट के बंद होने के कारण उपभोक्ताओं को समय पर संदेश नहीं मिल रहे हैं. इससे ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है, जहां सिलेंडर का स्टॉक तो उपलब्ध है, लेकिन कोड न होने के कारण डिलीवरी संभव नहीं हो पा रही है. उन्होंने तकनीकी खराबी के कारण डिलीवरी को कैंसिल किए जाने का विरोध किया. एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि पिछले मार्च में 10 दिनों की ‘अवैध आपूर्ति’ अवधि के दौरान ऑनलाइन डेटा और सिलेंडरों के वास्तविक स्टॉक में भारी विसंगतियां थीं. उन्होंने अदालत का ध्यान इस ओर दिलाया कि बुकिंग और डिलीवरी डेटा में हेराफेरी के कारण वितरकों को नुकसान हो रहा था. उन्होंने कहा कि केवल डिजिटल प्रणाली पर निर्भर रहने से रिकॉर्ड बनाए रखना मुश्किल हो रहा था और इन्वेंट्री रिकॉर्ड में विसंगतियां पैदा हो रहीं. एसोसिएशन की याचिका में पुराने ऑफलाइन सिस्‍टम को जारी रखने की मांग की गई है, जिसके तहत उपभोक्ता सीधे गैस एजेंसियों से सिलेंडर लेते हैं. उनका तर्क है कि इससे उन लोगों को बहुत लाभ होगा जो तकनीक से परिचित नहीं हैं और जिनके पास फोन नहीं है. वितरक मांग कर रहे हैं कि उपभोक्ताओं को डिजिटल प्रमाणीकरण के बिना भी गैस प्राप्त करने का अधिकार होना चाहिए, जैसा कि पहले सिस्‍टम चल रहा था. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करने के बाद संबंधित अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया है. न्यायालय ने कहा है कि तकनीक को बढ़ावा देना अच्छी बात है, लेकिन यह आम आदमी की मूलभूत आवश्यकताओं की कीमत पर नहीं होना चाहिए. लिहाजा डिजिटल सिस्‍टम को इस तरह लागू करना चाहिए, ताकि उपभोक्‍ताओं को परेशानी न हो. कोर्ट ने अपनी टिप्‍पणी में कहा कि देश में करोड़ों गैस उपभोक्ताओं का लाभ सरकार के फैसले पर निर्भर करता है. अगर ऑफलाइन व्यवस्था को मंजूरी मिल जाती है, तो डिजिटल तकनीक से अपरिचित लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. विशेषज्ञों का मानना ​​है कि जब तकनीक और ऑफलाइन दोनों व्यवस्थाएं उपलब्ध होंगी, तभी पारदर्शिता और त्वरित सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी. सरकार इस पर क्या फैसला लेती है, यह देखना बाकी है. फिलहाल पूरी उम्‍मीद है कि ग्राहकों के हित में पुरानी व्‍यवस्‍था पर विचार किया जा सकता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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‘हे मेरी आत्मा…’ इधर सुवेंदु अधिकारी ले रहे थे शपथ, उधर ममता...

होमताजा खबरदेश ‘हे मेरी आत्मा…’ इधर सुवेंदु अधिकारी ले रहे थे शपथ, उधर ममता बनर्जी लिख रही थीं पोस्ट Last Updated:May 09, 2026, 11:46 IST Suvendu Adhikari vs Mamata Banerjee: ‘हे मेरी आत्मा…’ इधर सुवेंदु अधिकारी ले रहे थे शपथ, उधर ममता बनर्जी लिख रही थीं पोस्ट ‘हे मेरी आत्मा…’ इधर सुवेंदु अधिकारी ले रहे थे शपथ, उधर ममता बनर्जी लिख रही थीं पोस्ट ममता बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘बैशाख की पच्चीसवीं तारीख के इस पावन दिवस पर मैं विश्व-विख्यात परम विचारक और कवि-सम्राट गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के चरणों में अपनी अनंत वंदना अर्पित करती हूं. हमारे लिए रवींद्र जयंती बंगाली भाषा, संस्कृति और विरासत के पुनर्जन्म का एक भव्य उत्सव है. उनका जीवन-दर्शन हमारी दैनिक यात्रा के लिए एक शाश्वत मार्गदर्शक प्रकाश का कार्य करता है. उन्होंने हमें यह शिक्षा दी है कि विभाजन सत्य नहीं है; एकता ही सत्य है. उग्र राष्ट्रवाद के उन्माद से ऊपर उठकर, उन्होंने संपूर्ण मानव सभ्यता को एकता का महान मंत्र प्रदान किया है. ‘हे मेरे हृदय, इस पावन तीर्थ-स्थल पर धीरे-धीरे जाग्रत हो,भारत की इस महान आत्मा के सागर-तट पर.’ इस विश्व-विख्यात कवि के शाश्वत आदर्श, उनकी दूरगामी विचार-धाराएं, जाग्रत चेतना और सृजनात्मक प्रतिभा, विश्व भर के लोगों के मन-मस्तिष्क में और भी अधिक प्रखरता से आलोकित हों.’ यह ख़बर बिल्कुल अभी आई है और इसे सबसे पहले आप News18Hindi पर पढ़ रहे हैं. जैसे-जैसे जानकारी मिल रही है, हम इसे अपडेट कर रहे हैं. ज्यादा बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए आप इस खबर को रीफ्रेश करते रहें, ताकि सभी अपडेट आपको तुरंत मिल सकें. आप हमारे साथ बने रहिए और पाइए हर सही ख़बर, सबसे पहले सिर्फ Hindi.News18.com पर… News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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2005 की घटना ने बदली आशीष की सोच, अब तक करा चुके...

Last Updated:May 09, 2026, 10:53 IST चित्रकूट जिले के लोहदा गांव निवासी आशीष सिंह रघुवंशी आज क्षेत्र में गरीब बेटियों के मसीहा के रूप में पहचाने जाते हैं. वे अब तक 17 जरूरतमंद लड़कियों की शादी करवा चुके हैं और उनका पूरा खर्च खुद उठाते हैं.उनका मानना है जब तक उनके अंदर जान है वह यह सेवा करते रहेंगे. उनकी इस सेवा की शुरुआत एक भावुक घटना से हुई थी. वर्ष 2005 में उनका काम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहाड़ी में चल रहा था. वहां कई मजदूर और मिस्त्री काम कर रहे थे, उन्हीं में एक गरीब लड़की भी मजदूरी करने आती थी. ख़बरें फटाफट चित्रकूटः समाज सेवा के कई रूप आपने देखे और सुने होंगे. कोई गरीबों को भोजन कराता है तो कोई शिक्षा और इलाज में मदद करता है, लेकिन बुंदेलखंड के चित्रकूट में एक ऐसा समाजसेवी भी है, जिसने गरीब और बेसहारा बेटियों की जिंदगी संवारने का बीड़ा उठाया है. चित्रकूट जिले के लोहदा गांव निवासी आशीष सिंह रघुवंशी आज क्षेत्र में गरीब बेटियों के मसीहा के रूप में पहचाने जाते हैं. वे अब तक 17 जरूरतमंद लड़कियों की शादी करवा चुके हैं और उनका पूरा खर्च खुद उठाते हैं. 2005 की घटना ने आशीष को किया था भावुक आशीष सिंह रघुवंशी ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि उनकी इस सेवा की शुरुआत एक भावुक घटना से हुई थी. वर्ष 2005 में उनका काम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहाड़ी में चल रहा था. वहां कई मजदूर और मिस्त्री काम कर रहे थे, उन्हीं में एक गरीब लड़की भी मजदूरी करने आती थी. एक दिन काम के दौरान अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई और उसे चक्कर आने लगे. जब मैने उससे उसके परिवार के बारे में पूछा तो लड़की ने बताया कि उसके माता-पिता नहीं हैं और उसका भाई भी बीमार रहता है. घर की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी और मजदूरी करके वह अपने भाई की दवा और परिवार का खर्च चलाती है. लड़की की बातें सुन आशीष हुए थे भावुक उनका कहना है कि लड़की की यह कहानी सुनकर मैं एक दम भावुक हो गया था और उस परिवार की मदद करने का फैसला किया. इसके बाद मैने लड़की के भाई और भाभी से बातचीत की और वर्ष 2006 में उस लड़की की शादी करवाई थी. शादी का पूरा खर्च मैने खुद उठाया था. यही घटना मेरे जीवन का टर्निंग प्वाइंट बन गई है. उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि उस लड़की की शादी करवाने के बाद से मैने मन में ठान लिया था कि वे गरीब और बेसहारा बेटियों की शादी में सहयोग करेंगे. ोतब से लेकर अब तक यानी 2006 से 2026 के बीच वे 17 लड़कियों का कन्यादान कर चुके हैं.खास बात यह है कि शादी में लगने वाला हर खर्च, जैसे कपड़े, जेवर, भोजन और दहेज का सामान तक, उनकी ओर से उपलब्ध कराया जाता है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chitrakoot,Uttar Pradesh Source link

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Board Results 2026: 6वीं में छूटी थी पढ़ाई, अब बेटे के साथ...

नई दिल्ली (Board Results 2026). देशभर में कल यानी 10 मई 2026 को मदर्स डे मनाया जाएगा. मदर्स डे से पहले मां-बेटे की उस जोड़ी की कहानी वायरल हो रही है, जिसने एक साथ 10वीं की बोर्ड परीक्षा में सफलता हासिल की. यह कहानी केवल एक रिजल्ट की नहीं, बल्कि उस अटूट हौसले की है जो उम्र की बंदिशों को नहीं मानता. बी. लक्ष्मी हरि (B. Lakshmi Hari) ने जब दशकों पहले छठी कक्षा में स्कूल छोड़ा था, तब उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह फिर से परीक्षा हॉल में बैठेंगी. शादी, घर की जिम्मेदारियों और समय की मार ने उनके सपनों पर धूल जमा दी थी. लेकिन शिक्षा की लौ कभी बुझती नहीं है, बस उसे एक सही चिंगारी की जरूरत होती है. इस कहानी में वह चिंगारी बना उनका बेटा विजय, जिसने अपनी मां को न केवल प्रोत्साहित किया बल्कि उनका ‘स्टडी पार्टनर’ बनकर इस सफर को मुमकिन बनाया. आज के दौर में जहां करियर और डिग्री की भागदौड़ में लोग हार मान लेते हैं, वहां लक्ष्मी और विजय की जोड़ी मिसाल बनकर उभरी है. पढ़िए मां-बेटे की सक्सेस स्टोरी. सोशल मीडिया पर वायरल मां-बेटे का वीडियो सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. उसमें मां अपने बेटे के साथ एक ही लैपटॉप पर अपना रिजल्ट देख रही है. यह लम्हा किसी भी फिल्म के क्लाइमेक्स से ज्यादा भावुक है. लक्ष्मी का 10वीं की परीक्षा पास करना साबित करता है कि सीखने की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती. यह सक्सेस स्टोरी उन हजारों महिलाओं और स्टूडेंट्स के लिए है जो किसी वजह से अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं – यह संदेश देने के लिए कि फिर से शुरुआत करने के लिए कभी बहुत देर नहीं होती. Cutest Video on The Internet Today! B Lakshmi Hari discontinued her education after 6th grade & after marriage and two kids could never go back to school or pursue education. मजबूरी में छूटा स्कूल और खो गए सपने लक्ष्मी हरि की कहानी आज से कई साल पहले शुरू हुई थी, जब पारिवारिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण उन्हें छठी कक्षा में ही अपनी पढ़ाई को तिलांजलि देनी पड़ी. एक छोटा सा बच्चा जिस उम्र में बड़े सपने देखता है, लक्ष्मी उस उम्र में घर की जिम्मेदारियों में उलझ गईं. साल बीतते गए, शादी हुई, बच्चे हुए, लेकिन उनके मन के किसी कोने में अधूरी पढ़ाई का मलाल हमेशा जिंदा रहा. उन्होंने मान लिया था कि अब किताबें उठाने का वक्त निकल चुका है. विजय ने मां को बनाया क्लासमेट कहानी में मोड़ तब आया जब लक्ष्मी के बेटे विजय ने 10वीं कक्षा में एडमिशन लिया. विजय ने देखा कि उसकी मां आज भी पढ़ने की इच्छा रखती हैं. उसने अपनी मां से एक अनोखा वादा लिया- मां, अगर मैं परीक्षा दूंगा तो आप भी मेरे साथ बैठेंगी. शुरुआत में लक्ष्मी को झिझक हुई, लेकिन बेटे के भरोसे ने उन्हें हिम्मत दी. विजय ने अपनी मां को कोचिंग दी, मुश्किल सवाल हल करना सिखाया और दोनों एक साथ रात-रात भर जागकर पढ़ाई करने लगे. मां का रिजल्ट देख ज्यादा खुश हुआ बेटा यह वायरल वीडियो तेलंगाना का बताया जा रहा है. जब बोर्ड परीक्षा के नतीजे आए तो पूरा परिवार दंग रह गया. विजय ने 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में 600 में से 562 अंक (93.6%) हासिल कर अपनी मेधा साबित की, लेकिन असली जीत लक्ष्मी की थी. लक्ष्मी ने 360 अंकों के साथ 10वीं की बाधा पार कर ली. पास होने की खबर मिलते ही मां-बेटे के आंसू छलक आए. उनके लिए यह केवल अंकों का खेल नहीं था, बल्कि खोए हुए आत्मसम्मान को वापस पाने की लड़ाई थी. लक्ष्मी हरि की सफलता उन लोगों के चेहरे पर तमाचा है जो मानते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त या सीखने की क्षमता कम हो जाती है. नोट- यह सक्सेस स्टोरी वायरल वीडियो के आधार पर है. News18 हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है. Source link

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Suvendu Adhikari Shapath Grahan Live | Bengal CM Oath Ceremony LIVE |...

Last Updated:May 09, 2026, 08:53 IST Bengal CM Oath LIVE: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने लेफ्ट फ्रंट के गढ़ को ध्‍वस्‍त कर टीएमसी की सरकार बनाई थी. अब समय का पहिया घूम चुका है. भाजपा ने अब उन्‍हीं ममता बनर्जी के 15 साल के शासनकाल को समाप्‍त कर दि…और पढ़ें सुवेंदु अधिकारी शनिवार 9 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेंगे. Bengal CM Oath LIVE: भाजपा के दिग्‍गज नेता सुवेंदु अधिकारी शनिवार 9 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेंगे. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे. इससे पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के बीच भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार राज्य में सरकार गठन की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए वरिष्ठ नेता Suvendu Adhikari को विधानसभा दल का नेता चुना गया था. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद इसकी औपचारिक घोषणा की. अमित शाह ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से पश्चिम बंगाल भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है. इसके तुरंत बाद अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रव‍ि से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया. इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष, लॉकेट चटर्जी और तापस रॉय भी मौजूद थे. विधानमंडल दल का नेता चुने जाने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने भाजपा नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद और पार्टी नेतृत्व के विश्वास से उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है. उन्होंने कहा कि भाजपा में लोकतंत्र है और सभी विधायकों ने उनका समर्थन किया है. अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए सभी वादों को पूरा किया जाएगा. भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल (Agnimitra Paul) ने सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे उपयुक्त चेहरा बताया. उन्होंने कहा कि अधिकारी ने पिछले पांच वर्षों में विधानसभा के भीतर और बाहर लगातार संघर्ष किया है. उन्होंने कहा कि 207 भाजपा विधायकों को अब चौबीसों घंटे काम करके बंगाल के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा. वहीं भाजपा नेता खगेन मुर्मू ने इस जीत को भाजपा कार्यकर्ताओं के बलिदान की जीत बताया. उन्होंने दावा किया कि चुनावी हिंसा में मारे गए 321 लोगों के बलिदान की बदौलत भाजपा सत्ता तक पहुंची है. उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने घुसपैठ, अत्याचार और महिलाओं पर हिंसा के खिलाफ वोट दिया है. भाजपा सांसद सौमित्र खान ने कहा कि सही विचारधारा की जीत हुई है. वहीं, दिलीप घोष ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बहाल करना नई सरकार की पहली प्राथमिकता होगी. भाजपा विधायक दल के अन्य नेताओं ने भी इसे पश्चिम बंगाल के लिए ऐतिहासिक दिन बताया. विकसित भारत का संकल्‍प उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी सुवेंदु अधिकारी को बधाई देते हुए कहा कि अब पश्चिम बंगाल विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस शासन में राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी थी. हालांकि, सरकार गठन के बीच राज्य में राजनीतिक तनाव भी बना हुआ है. सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक और पूर्व वायुसेना कर्मी चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात मध्यग्राम के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई. अधिकारी ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की है. पश्चिम बंगाल पुलिस और सीआईडी मामले की जांच में जुटी हुई है. सुवेंदु अधिकारी शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. दिलचस्प बात यह है कि शपथ ग्रहण समारोह गुरुदेव Rabindranath Tagore की जयंती के दिन आयोजित होगा. ऐत‍िहासिक जीत 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया, जबकि पिछले 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई. सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ा था और भवानीपुर में तत्कालीन मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को 15 हजार से अधिक मतों से हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया. Suvendu Adhikari Shapath Grahan Live: जहां खूब मतदाता जुड़े वहां जीती टीएमसी – अमित मालवीय सुवेंदु अधिकारी शपथ ग्रहण लाइव: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा लगाए गए आरोपों पर बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने पलटवार किया है. अमित मालवीय ने दावा किया कि उपलब्ध आंकड़े टीएमसी के सभी आरोपों को झूठा साबित करते हैं. उन्होंने कहा कि टीएमसी ने दो बड़े आरोप लगाए थे. पहला, विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए गए और दूसरा, उत्तर प्रदेश एवं बिहार से फर्जी मतदाताओं को जोड़ा गया. मालवीय के अनुसार, जिन पांच सीटों पर सबसे अधिक मतदाता हटाए गए, वे सभी सीटें टीएमसी ने जीतीं, जबकि सबसे कम हटाए गए मतदाताओं वाली सीटों पर बीजेपी विजयी रही. उन्होंने यह भी कहा कि जिन सीटों पर सबसे अधिक नए मतदाता जुड़े, उनमें चार सीटें टीएमसी और एक कांग्रेस के खाते में गई. बीजेपी ने दावा किया कि यदि 27 लाख लंबित मामलों को भी जोड़ दिया जाए और मान लिया जाए कि सभी वोट टीएमसी को मिलें, तब भी बीजेपी 181 सीटों पर बढ़त बनाए रखती. मालवीय ने कहा कि बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी और टीएमसी को नकार दिया है. Suvendu Adhikari Shapath Grahan Live: सुवेंदु अधिकारी के साथ कितने मंत्री लेंगे शपथ? सुवेंदु अधिकारी शपथ ग्रहण लाइव: पश्चिम बंगाल भाजपा के लिए आज का दिन काफी ऐतिहासिक है. आजादी के बाद यह पहला मौका है जब बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है. सुवेंदु अधिकारी बंगाल के पहले भाजपाई मुख्‍यमंत्री होंगे. वे कुछ ही देर में सीएम पद की शपथ लेंगे. सूत्रों का कहना है कि सुवेंदु के साथ 5 मंत्री शपथ ले सकते हैं. बाद में कैबिनेट का विस्‍तार किया जाएगा. Suvendu Adhikari Shapath Grahan Live: अब बंगाल में सुशासन और विकास के नए दौर की शुरुआत होगी – सीएम मोहन यादव सुवेंदु अधिकारी शपथ ग्रहण लाइव: कोलकाता में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पहुंचे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने को ऐतिहासिक क्षण बताया. उन्होंने कहा

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