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फतह-3 सच में ब्रह्मोस का सौतेला भाई या सुतली बम? पाकिस्‍तान की...

होमफोटोदेश फतह-3 ब्रह्मोस का सौतेला भाई या सुतली बम? नकलची पाक की ऐसे पकड़ी गई चोरी Last Updated:May 09, 2026, 06:51 IST Brahmos vs Fatah-3 Cruise Missile: ब्रह्मोस के प्रहार से दहला पाकिस्‍तान अब भारत की बराबरी करने की हर संभव कोशिश में जुटा है. मिसाइल से फाइटर जेट तक को लेकर पड़ोसी देश की तरफ से अनेक तरह के अनाप-शनाप दावे किए जा रहे हैं. हकीकत यह है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पड़ोसी देश के लिए न तो मिसाइल काम आई और न ही एयर डिफेंस सिस्‍टम ब्रह्मोस को रोक पाया. अब बताया जा रहा है कि पाकिस्‍तान ने फतह-3 सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण करने का दावा किया है. इसे ब्रह्मोस का जोड़ीदार भी बताया जा रहा है. सच्‍चाई यह है कि फतह-3 चीन के HD-1 क्रूज मिसाइल की कॉपी है. दावा यह भी किया जा रहा है कि फतह-3 क्रूज मिसाइल इतनी कम ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है, जिससे एडवांस रडार सिस्‍टम के लिए भी उसे डिटेक्‍ट और इंटरसेप्‍ट करना मुश्किल है. तो क्‍या फतह-3 S-400 एयर डिफेंस सिस्‍टम को भी धता बताते हुए टार्गेट को तबाह कर सकती है? विविध वजहों के चलते पाकिस्‍तान के इस दावे पर भरोसा करना मुश्किल है. एचडी-1 और फतह-3 अभी शुरुआती चरण में दिखाई देते हैं, वहीं ब्रह्मोस लंबे समय से ऑपरेशनल तैनाती में है. ब्रह्मोस का वजन लगभग 2500 से 3000 किलोग्राम के बीच है और यह 200 से 300 किलोग्राम तक का वारहेड ले जाने में सक्षम है. इसकी लंबाई करीब 8.4 मीटर है और इसे भूमि, समुद्र तथा हवा—तीनों माध्यमों से दागा जा सकता है. चीनी सैन्य विश्लेषकों ने एचडी-1 और उससे जुड़े सिस्टम की क्षमताओं को काफी बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है. बीजिंग स्थित सैन्य विशेषज्ञ वेई डोंगसू ने दावा किया कि इसकी तेज गति और कम ऊंचाई पर उड़ान इसे इंटरसेप्ट करना बेहद कठिन बनाती है. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मिसाइलों के संयुक्त हमले से विमानवाहक पोत समूहों की वायु रक्षा प्रणाली पर भारी दबाव डाला जा सकता है. हालांकि कई रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि ब्रह्मोस का लंबे समय का परिचालन अनुभव और युद्धक विश्वसनीयता उसे अभी भी बढ़त दिलाते हैं. भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ दुनिया की सबसे तेज और घातक मिसाइल सिस्‍टम्‍स में गिनी जाती है. भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और रूस की एनपीओ मशीनोस्त्रोयेनीया के सहयोग से तैयार की गई यह मिसाइल अपनी अत्याधुनिक तकनीक, सटीक निशानेबाजी और मल्‍टी-प्‍लेटफॉर्म लॉन्च कैपेबिलिटी के लिए जानी जाती है. ब्रह्मोस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी रफ्तार है. यह मिसाइल मैक 2.8 से 3.0 (अधिकतम 3700 KMPH की रफ्तार) की गति से उड़ान भर सकती है, जो सामान्य सबसोनिक मिसाइलों की तुलना में लगभग तीन गुना तेज है. इसकी उच्च गति दुश्मन की एयर डिफेंस प्रणाली के लिए इसे रोकना बेहद कठिन बना देती है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस की ताकत पाकिस्‍तान के साथ पूरी दुनिया ने देखी थी. अब पाकिस्‍तान ने फतह-3 सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल लॉन्‍च कर ब्रह्मोस की बराबरी करने का दावा किया है. (फाइल फोटो/Reuters) ब्रह्मोस मिसाइल फायर एंड फॉरगेट तकनीक पर आधारित है, यानी लक्ष्य निर्धारित करने के बाद इसे नियंत्रित करने की आवश्यकता नहीं होती. ब्रह्मोस को थल, जल, पनडुब्बी और वायु चारों प्लेटफॉर्म से दागा जा सकता है. भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना तीनों में इसकी तैनाती हो चुकी है. वायुसेना के Su-30MKI फाइटर जेट से भी इसका सफल परीक्षण किया जा चुका है. दूसरी तरफ, पाकिस्‍तान की ओर से लॉन्‍च फतह-3 क्रूज मिसाइल को लेकर ज्‍यादा जानकारी नहीं दी गई है. इसे कितने प्‍लेटफॉर्म से लॉन्‍च किया जा सकता है, इसको लेकर भी तस्‍वीर साफ नहीं है. सबसे खास बात यह है कि बैटलफील्‍ड में इसकी आजमाइश नहीं हुई है, जिससे इसको लेकर किए जा रहे दावों और सच्‍चाई में फर्क करना बेहद मुश्किल है. (फाइल फोटो/Reuters) Add News18 as Preferred Source on Google ब्रह्मोस की मारक क्षमता 290 से 450 किलोमीटर तक मानी जाती है, जबकि इसके विस्तारित रेंज वाले संस्करणों पर भी काम चल रहा है. एक्‍सटेंडेड रेंज वाली ब्रह्मोस की मारक क्षमता 1500 किलोमीटर तक होने की संभावना जताई जा रही है. यह मिसाइल अंतिम चरण में समुद्र तल से महज 5 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भर सकती है, जिससे दुश्मन के रडार इसे आसानी से पकड़ नहीं पाते. इसकी सटीकता भी बेहद उच्च स्तर की है और इसका सर्कुलर एरर प्रोबेबल (CEP) 5 मीटर से कम बताया जाता है. बता दें कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस की स्थापना 5 दिसंबर 1995 को भारत-रूस संयुक्त उद्यम के रूप में हुई थी. समय के साथ इसके कई संस्करण विकसित किए गए हैं, जिनमें लैंड-अटैक, शिप-लॉन्च, सबमरीन-लॉन्च और एयर-लॉन्च वेरिएंट शामिल हैं. (फाइल फोटो/Reuters) भारत अब ब्रह्मोस मिसाइल का निर्यात भी शुरू कर चुका है. फिलीपींस को ब्रह्मोस की आपूर्ति की जा रही है, जबकि वियतनाम समेत कई अन्य देशों के साथ भी बातचीत चल रही है. इसके अलावा छोटे और हल्के संस्करण ‘ब्रह्मोस-एनजी’ के विकास पर भी तेजी से काम हो रहा है, जिसे आधुनिक लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों पर अधिक प्रभावी ढंग से तैनात किया जा सकेगा. ब्रह्मोस भारत की सामरिक ताकत और रक्षा क्षमता का महत्वपूर्ण प्रतीक बनी हुई है. दूसरी तरफ, फतह-3 को अभी कई चुनौतियों का सामना करना है. (फाइल फोटो/Reuters) रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि फतह-3 मिसाइल चीन की HD-1 सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल पर आधारित है और इसे भारत की ब्रह्मोस मिसाइल के जवाब के रूप में विकसित किया गया है. पाकिस्तान की यह नई मिसाइल उसके फतह मिसाइल परिवार का सबसे उन्नत संस्करण मानी जा रही है, जो तेज गति, कम ऊंचाई पर उड़ान और सटीक हमले जैसी क्षमताओं से लैस है. रिपोर्टों के मुताबिक फतह-3 को 8×8 ऑल-व्हील ड्राइव ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर (TEL) पर तैनात किया गया है. इस मोबाइल प्लेटफॉर्म पर दो मिसाइल कैनिस्टर लगाए गए हैं, जिससे इसे युद्धक्षेत्र में तेजी से स्थान बदलने और लॉन्च करने की क्षमता मिलती है. पाकिस्तानी और चीनी रक्षा स्रोतों के अनुसार यह मिसाइल मैक-3 से मैक-4 (अधिकतम 4900 KMPH की स्‍पीड) की रफ्तार हासिल कर सकती है. इसकी मारक क्षमता 290 किलोमीटर से लेकर 450 किलोमीटर तक बताई जा रही है, जो

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100 KM रेंज, 500 KG पेलोड… अमेरिकी JDAM और इजरायली SPICE को...

आधुनिक युद्ध के मैदान में अब जीत उसकी नहीं होगी जिसके पास सबसे भारी बम हैं बल्कि उसकी होगी जिसके पास सबसे चतुर बम हैं. भारतीय वायुसेना के बेड़े में एक ऐसे ही वेपन की एंट्री होने जा रही है, जिसे रक्षा विशेषज्ञ तारा (TARA) कह रहे हैं. कल्पना कीजिए, एक लड़ाकू विमान दुश्मन की सीमा से 100 किलोमीटर दूर सुरक्षित उड़ रहा है और अचानक एक देसी बम हवा में अपने पंख फैलाता है, किसी बाज की तरह शिकार को ट्रैक करता है और बिना शोर किए सीधे दुश्मन के कमांड सेंटर को मलबे के ढेर में तब्दील कर देता है. डीआरडीओ का यह स्वदेशी ग्लाइड बम महज एक हथियार नहीं बल्कि भारत की उस ताकत का प्रदर्शन है जो दुश्मन को संभलने का मौका तक नहीं देती. इसे रडार पकड़ नहीं सकते और इसकी सटीकता ऐसी है कि यह मीलों दूर से भी खिड़की के रास्ते बंकर के अंदर घुस सकता है. तारा के आने के बाद अब भारत को सर्जिकल स्ट्राइक जैसे मिशनों के लिए विदेशी तकनीक की तरफ देखने की जरूरत नहीं होगी. अब भारत का अपना तारा आसमान से मौत बनकर बरसेगा. डीआरडीओ का तारा एक ऐसा स्वदेशी हथियार है जिसने भारत को स्मार्ट बम बनाने वाले दुनिया के चुनिंदा देशों की कतार में खड़ा कर दिया है. इसे लांग रेंज गाइडेड बॉम्‍ब (LRGB) भी कहा जाता है. तारा का अर्थ है टारगेटिड आर्टिलरी रॉकेट असिस्‍टेड बम. 1. रेंज और मारक क्षमतातारा बम की सबसे बड़ी ताकत इसकी 70 से 100 किलोमीटर की रेंज है. · स्टैंड-ऑफ हथियार: यह एक स्टैंड-ऑफ हथियार है यानी भारतीय फाइटर जेट को दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम (जैसे मिसाइल या रडार) की रेंज में जाने की जरूरत नहीं है. विमान सुरक्षित दूरी से इसे रिलीज कर सकता है. 2. पेलोड और वजनयह बम काफी शक्तिशाली है और भारी तबाही मचाने में सक्षम है: · वजन: इसका वजन लगभग 500 किलोग्राम (1000 पाउंड) की श्रेणी में आता है. · विस्फोटक: इसमें हाई-एक्सप्लोसिव वॉरहेड होता है जो कंक्रीट के मोटे बंकरों, रनवे और दुश्मन के रडार स्टेशनों को मिट्टी में मिलाने की ताकत रखता है. 3. नेविगेशन और सटीकतायह कोई साधारण गिरता हुआ गोला नहीं है, बल्कि एक ‘दिमाग वाला बम’ है: · NavIC सपोर्ट: इसमें भारत का अपना जीपीएस (NavIC) लगा है. विदेशी जीपीएस पर निर्भरता खत्म होने से युद्ध के समय इसे कोई जाम नहीं कर पाएगा. · सटीकता: इसकी ‘सर्कुलर एरर प्रोबेबिलिटी’ (CEP) बहुत कम है, जिसका मतलब है कि यह अपने लक्ष्य से कुछ ही मीटर के अंतर पर सटीक वार करता है. 4. लागत और तुलना· लागत: इजरायल के स्पाइस-2000 बम की कीमत करोड़ों में है जबकि तारा स्वदेशी होने के कारण लगभग आधी से भी कम कीमत पर तैयार हो जाता है. · तुलना: यह अमेरिका के ‘JDAM’ (Joint Direct Attack Munition) और इजरायल के ‘SPICE’ बमों को सीधी टक्कर देता है. सामरिक विश्लेषणतारा के आने से भारत की सर्जिकल स्ट्राइक करने की क्षमता कई गुना बढ़ गई है. अब हमें बालाकोट जैसे मिशनों के लिए विदेशी बमों का इंतजार नहीं करना होगा. यह विशेष रूप से चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर तैनात सुखोई Su-30MKI और तेजस विमानों के लिए एक घातक वरदान है. इसके पंख रिलीज के बाद खुलते हैं जिससे यह हवा में तैरते हुए लंबी दूरी तय करता है. सवाल-जवाब क्या ‘तारा’ को रडार से पकड़ा जा सकता है? इसका आकार छोटा है और इसमें कोई इंजन नहीं होता (यह सिर्फ हवा में तैरता है), इसलिए रडार के लिए इसे ट्रैक करना और मिसाइल से गिराना बेहद मुश्किल होता है. यह मिसाइल से कैसे अलग है? मिसाइल में इंजन और फ्यूल होता है जो उसे आगे बढ़ाता है, जबकि ‘तारा’ एक ‘ग्लाइड बम’ है जो विमान की गति और ऊंचाई का उपयोग करके अपने पंखों के सहारे लक्ष्य तक पहुँचता है. ‘तारा’ को किन विमानों में फिट किया जा सकता है? इसे मुख्य रूप से सुखोई Su-30MKI, मिराज-2000, जगुआर और स्वदेशी ‘तेजस’ (LCA Tejas) फाइटर जेट्स के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी सबसे बड़ी खासियत क्या है? इसकी सबसे बड़ी खासियत स्वदेशी NavIC सिस्टम और कम लागत है, जो भारत को युद्ध की स्थिति में आत्मनिर्भर बनाती है. Source link

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fish nspad app bihar pusa university fish disease treatment guide tips

Last Updated:May 09, 2026, 04:08 IST Fish Disease Diagnosis NSPAD App: मछली पालन में नुकसान से बचना है तो डिजिटल खेती अपनाएं. पूसा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की सलाह है कि मछलियों में घाव या दाग दिखते ही खुद डॉक्टर न बनें. बल्कि NSPDT ऐप का सहारा लें. ऐप पर फोटो अपलोड करते समय तालाब का सही साइज और पानी के रंग की जानकारी जरूर दें. ताकि वैज्ञानिक सटीक दवा बता सकें. याद रखें, सही समय पर सही सलाह ही आपके उत्पादन को दोगुना कर सकती है. बेवजह की महंगी दवाओं का खर्च बचा सकती है. समस्तीपुर: बिहार समेत देश के कई हिस्सों में मछली पालन तेजी से किसानों की आमदनी बढ़ाने वाला व्यवसाय बनता जा रहा है. बड़ी उम्मीद और मेहनत के साथ किसान तालाबों में मछली पालन करते हैं, लेकिन कई बार अचानक मछलियों में बीमारी फैलने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है. सबसे बड़ी परेशानी यह होती है कि किसानों को बीमारी की सही पहचान और इलाज की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती. ऐसे में कई लोग दवा दुकानदारों के भरोसे इलाज करते हैं, जिससे नुकसान और बढ़ जाता है. इसी समस्या को दूर करने के लिए समस्तीपुर स्थित डॉ.राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के वैज्ञानिकों की टीम ने एनएसपीडीटी ऐप पर विशेष नजर रखती है. इस ऐप के जरिए मछली पालक अब अपने मोबाइल से बीमारी की फोटो अपलोड कर सीधे वैज्ञानिकों से सलाह प्राप्त कर सकेंगे. फोटो अपलोड करते ही वैज्ञानिकों तक पहुंचेगी जानकारीविश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने बताया कि यह ऐप मछली पालकों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा. तालाब में अगर किसी मछली के शरीर पर दाग, फफूंदी, घाव या किसी अन्य तरह की बीमारी दिखाई देती है तो किसान उसकी तस्वीर खींचकर ऐप पर अपलोड कर सकते हैं. फोटो अपलोड होते ही जानकारी विशेषज्ञों की टीम तक पहुंच जाएगी. इसके बाद वैज्ञानिक बीमारी की पहचान कर उसके इलाज और बचाव के उपाय बताएंगे. इससे किसानों को सही समय पर सही दवा और उचित सलाह मिल सकेगी. वैज्ञानिकों का मानना है कि समय पर उपचार मिलने से मछलियों की मौत कम होगी और उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी. साथ ही गलत दवा के उपयोग से होने वाले नुकसान से भी बचाव हो सकेगा. ऐप डाउनलोड करने की प्रक्रिया भी आसानमत्स्य पालन विभाग के वैज्ञानिक डॉ. राजीव कुमार ब्रह्मचारी ने बताया कि किसान भाई सबसे पहले अपने मोबाइल के प्ले स्टोर में जाकर NSPAD लिखकर ऐप डाउनलोड करें. इसके बाद मोबाइल नंबर के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होगा. ओटीपी सत्यापन के बाद किसान अपनी पसंद की भाषा चुन सकते हैं. ऐप में मछली, झींगा और अन्य जलीय जीवों के अलग-अलग विकल्प दिए गए हैं. किसान अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुनकर समस्या से जुड़ी फोटो या वीडियो अपलोड कर सकते हैं. इसके साथ तालाब का आकार, प्रभावित मछलियों की संख्या और बीमारी से जुड़ी अन्य जानकारी भी दर्ज करनी होगी. जानकारी अपलोड होने के बाद वैज्ञानिकों की टीम मामले का अध्ययन करेगी और किसान से संपर्क कर उचित उपचार बताएगी. जरूरत पड़ने पर गांव तक पहुंचेगी वैज्ञानिकों की टीमडॉ. राजीव कुमार ब्रह्मचारी ने कहा कि कई बार किसान बीमारी की सही जानकारी नहीं मिलने के कारण गलत दवा का उपयोग कर लेते हैं. इससे मछलियों को नुकसान होने के साथ-साथ बाद में उसका सेवन करने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि इस ऐप का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक और सुरक्षित सलाह उपलब्ध कराना है.दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, वैशाली समेत आसपास के जिलों में अगर किसी तालाब में बीमारी की गंभीर स्थिति सामने आती है तो विश्वविद्यालय की टीम मौके पर पहुंचकर जांच भी करती है. वैज्ञानिक खुद तालाब का निरीक्षण कर बीमारी की वजह पता लगाते हैं और फिर उपचार की सही सलाह देते हैं. विश्वविद्यालय की यह पहल मछली पालकों के लिए राहत भरी साबित हो रही है और इससे किसानों को कम नुकसान के साथ बेहतर उत्पादन मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Samastipur,Bihar Source link

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CPM लीडर के आरोपों से हुई नवीन बाबू की मौत? कई अनसुलझे...

होमताजा खबरदेश CPM लीडर के आरोपों से हुई नवीन बाबू की मौत? नई कैबिनेट बनते ही फिर से जांच Last Updated:May 09, 2026, 01:25 IST नवीन बाबू की रहस्यमयी मौत के मामले में कई सवाल मौजूद हैं. पुरानी पुलिस इन्वेस्टिगेशन से लोगों का भरोसा उठ चुका है. मौत से पहले सीपीएम लीडर पीपी दिव्या ने नवीन बाबू पर घूसखोरी का आरोप लगाया था. विदाई समारोह में बिना बुलाए पहुंचकर भारी बवाल काटा गया था. यह सारे आरोप प्रशांतन नाम के एक शख्स ने लगाए थे. इन आरोपों के बाद ही नवीन बाबू की मौत का खौफनाक कांड हुआ था. ख़बरें फटाफट कन्नूर के पूर्व एडीएम नवीन बाबू के मौत की जांच फिर से शुरू हो सकती है. तिरुवनंतपुरम. केरल में कांग्रेस नीत यूडीएफ की प्रचंड चुनावी जीत के बाद पूर्व कन्नूर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) नवीन बाबू की रहस्यमयी मौत का मामला एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में लौटता दिख रहा है. संकेत मिल रहे हैं कि नई सरकार इस मामले में सीबीआई जांच या निष्पक्ष पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम से नई जांच करा सकती है. इस मुद्दे ने तब और तूल पकड़ लिया जब केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के महासचिव और रन्नी से नवनिर्वाचित विधायक पझकुलम मधु ने कहा कि नई कैबिनेट के गठन के तुरंत बाद इस मामले को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा. उन्होंने आईएएनएस से कहा, “जिस दिन यह घटना हुई थी, उसी दिन से मैं परिवार के साथ खड़ा हूं. अब नई सरकार बनने जा रही है, तो हम इस मामले को मजबूती से उठाएंगे. कांग्रेस नीत यूडीएफ लगातार सीबीआई जांच की मांग करती रही है. सरकार के शपथ लेने के बाद मैं और अन्य नेता इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे.” पझकुलम मधु उन नेताओं में शामिल रहे हैं जिन्होंने नवीन बाबू को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन का नेतृत्व किया था. उनका कहना है कि मामले में अब भी कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं और पहले की जांच भरोसा पैदा करने में विफल रही. नवीन बाबू की मौत के बाद उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया था, जब सीपीआई(एम) की वरिष्ठ नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पीपी दिव्या ने एक विदाई समारोह के दौरान उन पर रिश्वत लेने के आरोपों को लेकर सार्वजनिक रूप से निशाना साधा था. यह आरोप प्रशांतन नामक व्यक्ति ने लगाए थे. बताया गया था कि दिव्या बिना निमंत्रण के कार्यक्रम में पहुंची थीं. यूडीएफ और नवीन बाबू के परिवार ने लगातार आरोप लगाया है कि जांच एजेंसियों ने दिव्या और प्रशांतन के बीच संबंधों या कथित रिश्वत के लिए जुटाए गए पैसों के स्रोत की गंभीरता से जांच नहीं की. मामले से जुड़े विवादित पेट्रोल पंप को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. विपक्षी नेताओं का आरोप है कि इसमें बेनामी लेनदेन और प्रभावशाली राजनीतिक संबंधों की भूमिका हो सकती है. कांग्रेस नेताओं का मानना है कि पूरे प्रकरण के ‘असल मास्टरमाइंड’ का पता केवल विस्तृत जांच से ही चल सकता है. विधानसभा चुनाव में वाम मोर्चे की करारी हार के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नवीन बाबू मामला नई यूडीएफ सरकार की शुरुआती बड़ी परीक्षाओं में से एक बन सकता है. सीपीआई(एम) के लिए यह मामला अब भी एक असहज छाया बना हुआ है, जिसे सत्ता परिवर्तन के बाद फिर से सार्वजनिक बहस के केंद्र में लाया जा सकता है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Thiruvananthapuram,Kerala Source link

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1996 में अटल बिहारी वाजपेयी… उमर अब्दुल्ला क्या कहना चाहते हैं? नेशनल...

होमताजा खबरदेश 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी… उमर अब्दुल्ला आखिर क्या कहना चाहते हैं? Last Updated:May 09, 2026, 01:53 IST उमर अब्दुल्ला ने कहा कि एलओपी सीएम की कुर्सी पाने का इंतजार कर रहे हैं. एनसी में भारी टूट की अफवाह फैलाकर गेम खेला जा रहा है. उमर ने कहा, ‘हमारी पार्टी में कोई एकनाथ शिंदे बिल्कुल नहीं है’. महाराष्ट्र में बीजेपी ने शिवसेना तोड़ने में शिंदे की मदद की थी. ख़बरें फटाफट उमर अब्दुल्ला ने कहा कि परिसीमन सिर्फ बीजेपी के फायदे के लिए हुआ. श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और यूटी विधानसभा में उसके नेता पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया. अब्दुल्ला ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता (एलओपी) सुनील शर्मा किसी भी तरह से जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री की कुर्सी पाने का इंतजार कर रहे हैं. शर्मा ने कहा था कि सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) में टूट हो सकती है. उमर अब्दुल्ला ने कहा कि एलओपी को याद रखना चाहिए कि यहां 2029 से पहले चुनाव नहीं होने वाले हैं और यह कि नेशनल कॉन्फ्रेंस में कोई एकनाथ शिंदे नहीं है. कोई भी पार्टी छोड़कर नहीं जा रहा है. उनका इशारा शिवसेना के उस वरिष्ठ नेता की ओर था, जिसने पार्टी को तोड़ा था और महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी सरकार के गिरने का कारण बना था. अब्दुल्ला ने कहा कि लोगों को शर्मा के बयान से भाजपा के इरादों को समझना चाहिए. एकनाथ शिंदे इसलिए चले गए, क्योंकि भाजपा ने उन्हें पार्टी छोड़ने में मदद की थी. लोगों को एलओपी के बयान के जरिए भाजपा के इरादों को समझना चाहिए. हम उनके हाथों पहले ही बहुत कुछ भुगत चुके हैं. उन्‍होंने जोर देकर कहा कि यहां परिसीमन सिर्फ भाजपा और उसके समर्थकों की मदद करने के इरादे से किया गया था. वे राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर लोगों को धमका रहे हैं. ऐसा नहीं लगता कि उनका जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने का कोई इरादा है. यहां कैबिनेट का विस्तार इसलिए नहीं किया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने हमें राज्य का दर्जा नहीं दिया है और इस अफवाह में कोई सच्चाई नहीं है कि हम टूट के डर से कैबिनेट विस्तार में देरी कर रहे हैं. तमिलनाडु की स्थिति पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का कोई कारण नहीं है. उमर अब्दुल्ला ने याद दिलाया कि 1996 में राष्ट्रपति ने अटल बिहारी वाजपेयी को सबसे बड़ी पार्टी के नेता के तौर पर केंद्र में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था. जब वे लोकसभा में अपना बहुमत साबित नहीं कर पाए, तो वह सरकार 13 दिनों के बाद गिर गई थी. सीएम ने पूछा कि तमिलनाडु के लिए अलग पैमाना क्यों इस्तेमाल किया जा रहा है, सिर्फ इसलिए कि वहां चुनावों में भाजपा बहुमत हासिल करने में नाकाम रही? About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Srinagar,Jammu and Kashmir Source link

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aaj ka Vrishchik rashifal 09 may 2026 Scorpio horoscope in hindi today...

Last Updated:May 09, 2026, 00:04 IST Aaj ka Vrishchik Rashifal 09 may 2026: वृश्चिक राशि वालों आज भ्रम से बाहर निकलें और स्पष्ट व्यवहार अपनाएं. ऑफिस हो या घर, किसी भी बात को घुमाने-फिराने के बजाय सच बोलने के स्मार्ट ट्रिक का इस्तेमाल करें. आज शॉर्टकट और गुप्त रास्ते आपको दलदल में फंसा सकते हैं. सफलता का सीधा फॉर्मूला यही है साफ बात, साफ काम. स्पष्टता को अपना सुरक्षा कवच बनाएं और दिन को शानदार बनाएं. सीतामढ़ी: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज 9 मई 2026 का दिन एक विशेष चेतावनी और अवसर दोनों लेकर आया है. ग्रहों की स्थिति संकेत दे रही है कि आज के दिन आपके मन में कुछ बातों को गुप्त रखने या परिस्थितियों को टालने की प्रबल इच्छा जागृत होगी. विशेषकर सुबह के समय आप किसी महत्वपूर्ण जानकारी को साझा करने से कतरा सकते हैं. ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार यही वह बिंदु है जहां से उलझनें शुरू हो सकती हैं. आज का मूल मंत्र साफ और सीधा रहना है. यदि आप आज पारदर्शिता अपनाते हैं, तो वह आपकी सुरक्षा का कवच बनेगी, अन्यथा जो बातें आज आप छुपाने की कोशिश करेंगे. भविष्य में वही आपके लिए चुनौती बनकर सामने आ सकती हैं. कार्यक्षेत्र और करियर, स्पष्टता से बढ़ेगा लाभज्योतिषाचार्य दीपेश शास्त्री के अनुसार प्रोफेशनल लाइफ की बात करें तो आज केवल वही कार्य आपको दीर्घकालिक लाभ देंगे, जो पूरी ईमानदारी और खुलेपन के साथ किए गए हों. यदि आप किसी प्रोजेक्ट या डील को पर्दे के पीछे से करने की सोच रहे हैं, तो सावधान रहें. गुप्त तरीके से किया गया काम आज उल्टा पड़ सकता है और आपकी छवि को नुकसान पहुंचा सकता है. सहकर्मियों और उच्चाधिकारियों के साथ बातचीत में स्पष्टता रखें. आज ‘लकी नंबर 1’ आपके नेतृत्व कौशल को बल देगा, लेकिन इस ऊर्जा का सही उपयोग तभी संभव है. जब आप अपनी कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार का संशय न रखें. कार्यक्षेत्र में आपकी ईमानदारी ही आने वाले समय में आपके प्रमोशन या नए अवसरों का आधार बनेगी. आर्थिक स्थिति और रिश्ते, हिसाब-किताब में रखें शुचिताधन के लेन-देन और वित्तीय प्रबंधन के मामले में आज ‘कन्फ्यूजन’ आपका सबसे बड़ा दुश्मन हो सकता है. यदि आप किसी निवेश या खर्च का हिसाब-किताब कर रहे हैं, तो उसे बिल्कुल साफ रखें. किसी भी प्रकार की अस्पष्टता भविष्य में आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है. वहीं, व्यक्तिगत रिश्तों की बात करें तो आज सच्चाई आपके संबंधों को एक नई मजबूती प्रदान करेगी. जीवनसाथी या प्रियजन से कोई बात न छुपाएं. आज हल्का नारंगी रंग आपकी सकारात्मकता को बढ़ाएगा और रिश्तों में सौहार्द लाएगा. जब आप सच का साथ देते हैं, तो आपसी विश्वास की नींव गहरी होती है, जिससे मानसिक शांति का अनुभव होगा. विशेष उपाय और आज का मार्ग दर्शननकारात्मक ऊर्जा से बचने और अपने दिन को बेहतर बनाने के लिए आज एक विशेष उपाय सुझाया गया है. एक कोरे सफेद कागज पर सच्चाई लिखकर उसे अपने पास रखें. यह छोटा सा कार्य आपके आसपास की ऊर्जा को शुद्ध करेगा और आपको सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित करेगा. कुल मिलाकर, आज का दिन आपसे आत्म-अनुशासन और स्पष्टवादिता की मांग करता है. यदि आप आज सच को गले लगाते हैं और अपनी हर गतिविधि में पारदर्शिता रखते हैं, तो न केवल आपका दिन संभल जाएगा, बल्कि आप आने वाली कई समस्याओं को आज ही समाप्त कर देंगे. याद रखें, आज स्पष्टता ही आपकी सबसे बड़ी उपलब्धि है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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mesh rashifal 9 May | Today mesh Rashifal | mesh Daily Horoscope...

Last Updated:May 09, 2026, 00:12 IST Aaj Ka Mesh Rashifal 9 May 2026: मेश राशि के स्वामी मंगल ऊर्जा साहस और आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे. चंद्रमा राशि के 9वें भाव में गोचर कर रहे हैं, जिससे भाग्य कर्म और यात्रा से जुड़ी चीजों में लाभ मिलेगा, इससे जुड़ा शुभ संकेत मिल सकता है. सूर्य का प्रभाव आपकी वाणी और आत्म विश्वास को मजबूत बनाएगा. मेष राशि से जुड़े लोगों का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. Aaj Ka Mesh Rashifal 9 May 2026 (मेष राशि टुडे)/मिर्जापुर: मेष राशि में आज किसी खास योग बनने की संभावना नहीं है. हालांकि, भाग्य का साथ मिलने की वजह से राशि के जातकों का दिन अनुकूल रहेगा. पूरे दिन ऊर्जावान और आत्मविश्वास से लबरेज नजर आएंगे. आज ग्रीष्म ऋतु है. माष ज्येष्ठ है. तिथि सप्तमी है. नक्षत्र श्रवण है. पक्ष कृष्ण है. योग शुक्ल है. सुर्योदय 5.34 और सूर्यास्त 7.00 शायकाल पर होगा. मेष राशि के जातकों के लिए आज का शुभ समय अभिजीत मुहूर्त 11.50 से लेकर 12.44 तक रहेगा. इसमें किया गया काम चिरकाल तक बेहतरीन फल देता है. अशुभ समय राहुकाल 8.56 से 10.36 तक रहेगा. कोई मांगलिक और शुभ काम नहीं करें. नुक्सान हो सकता है. दिशासुल पूर्व दिशा में रहेगा. विंध्यधाम के विद्वान ज्योतिषाचार्य अखिलेश अग्रहरि ने लोकल 18 से बताते हैं कि मेश राशि के स्वामी मंगल ऊर्जा साहस और आपकों आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे. चंद्रमा राशि के 9वें भाव में गोचर कर रहे हैं, जिससे भाग्य कर्म और यात्रा से जुड़ी चीजों में लाभ मिलेगा, इससे जुड़ा शुभ संकेत मिल सकता है. सूर्य का प्रभाव आपकी वाणी और आत्म विश्वास को मजबूत बनाएगा. मेष राशि से जुड़े लोगों का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. यात्रा और भाग दौड़ की वजह से हल्की थकान हो सकती है. खानपान पर विशेष ध्यान दें. बाहर की चीजों को खाने से परहेज करें. रिश्तों में आएगी मधुरात, बनेगा यात्रा का योगअखिलेश अग्रहरि ने बताया कि प्यार और रिश्तों में मधुरता और और एक-दूसरे के प्रति समझ बढ़ेगी. पार्टनर के साथ दूर स्थित धार्मिक स्थल पर यात्रा का योग बन रहा है. कोई शुभ समाचार परिवार से जुड़ा हुआ मिल सकता है. परिवार में सुखी और सकारात्मक माहौल बना रहेगा. बड़ों का पूरा आशीर्वाद मिलेगा. किसी धार्मिक कार्यक्रम के आयोजन का योग बन रहा है. पुराने निवेश में मिल सकता है तगड़ा रिटर्नआर्थिक स्थिति के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा. भाग्य का साथ मिलने से धनलाभ होने की संभावना है. पुराने निवेश से तगड़ा रिटर्न मिल सकता है. घर से जुड़े खर्च संभव है. नौकरी और करियर में सफलता और सम्मान मिलेगा. वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त होगा. कंपनी से जुड़ी नई योजनाएं सफल हो सकती है. आज के उपायअखिलेश अग्रहरि ने बताया कि मेष राशि के लिए आज का शुभ अंक 9 और भाग्यांक के तीन रहेगा. मेष राशि के लिए आज का शुभ रंग पीला और शुभ दिशा पूर्व होगी. आज भगवान विष्णु की पूजा और अर्चना करें. ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः का 21 या 108 बार जाप करें. पीला दाल और केले का दान करें, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति की मजबूत होगी. ग्रहों का प्रभाव अनुकूल होगा. About the Author Rahul Goel राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Mirzapur,Uttar Pradesh Source link

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विजय को तो भगवान ही बचाएंगे, केंद्रीय मंत्री ने क्यों कहा ऐसा?...

होमताजा खबरदेश विजय को तो भगवान ही बचाएंगे, TVK के चुनावी वादों पर केंद्रीय मंत्री ने कसा तंज Last Updated:May 08, 2026, 23:09 IST एच.डी. कुमारस्वामी ने डीएमके और एआईएडीएमके के गठबंधन को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि दशकों के राजनीतिक दुश्मन एक साथ नहीं आएंगे. टीवीके को दरकिनार करके सरकार बनाना एकदम नामुमकिन है. कुमारस्वामी ने कहा, ‘मुझे ऐसी कोई भी संभावना नजर नहीं आती’. उन्होंने हसन जिले में मंदिर में पूजा के बाद बयान दिया. तमिलनाडु का सियासी ड्रामा अगले दो-तीन दिन में खत्म हो जाएगा. ख़बरें फटाफट विजय की टीवीके चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. (पीटीआई) हसन. केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कहा कि तमिलनाडु में उत्पन्न राजनीतिक संकट अगले दो-तीन दिनों में हल हो सकता है. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि दशकों से राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी डीएमके और एआईएडीएमके सरकार बनाने के लिए एक साथ आएंगे. कर्नाटक में हसन जिले के माविनाकेरे स्थित रंगनाथ स्वामी पहाड़ी मंदिर में सुबह पूजा-अर्चना करने के बाद कुमारस्वामी ने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि डीएमके और एआईएडीएमके, टीवीके को दरकिनार करके सत्ता के लिए गठबंधन करेंगी. फिलहाल मुझे ऐसी कोई संभावना नजर नहीं आती. कुमारस्वामी ने कहा कि तमिलनाडु के राज्यपाल कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श कर रहे हैं और सरकार गठन के संबंध में कदम उठा रहे हैं. उन्होंने कहा, “अभी कुछ और घटनाक्रम सामने आने बाकी हैं.” एक प्रश्न के उत्तर में कुमारस्वामी ने कहा कि राज्यपाल ने विजय को अपने समर्थकों के विधायकों के समर्थन पत्र प्रस्तुत करने को कहा है. उन्होंने कहा, “राज्यपाल राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार कार्य कर रहे हैं. इस मामले में केंद्र सरकार के हस्तक्षेप का कोई सवाल ही नहीं उठता.” तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) नेता विजय द्वारा किए गए वादों पर चिंता व्यक्त करते हुए कुमारस्वामी ने कहा, “विजय को तो भगवान ही बचाएंगे.” उन्होंने सवाल किया, “तमिलनाडु का बजट 35 लाख करोड़ रुपए है, लेकिन उन्होंने जो मुफ्त योजनाओं का वादा किया है, उसके लिए कम से कम 6 लाख करोड़ रुपए की जरूरत होगी. इतनी बड़ी रकम वे कहां से लाएंगे?” 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. सरकार गठन को लेकर जारी राजनीतिक अनिश्चितता के बीच विजय ने मंगलवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. हालांकि राज्यपाल ने उन्हें बताया था कि पर्याप्त संख्या बल साबित करने के बाद ही पार्टी को सरकार बनाने का न्योता दिया जा सकता है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chennai,Tamil Nadu Source link

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आसमान में दिखा अग्नि का अवतार! छत से युवक ने कैद किया...

होमवीडियोदेश आसमान में दिखा अग्नि का अवतार! छत से युवक ने कैद किया खौफनाक नजारा, अग्नि-6 का हो गया सफल टेस्ट? X आसमान में दिखा अग्नि का अवतार! छत से युवक ने कैद किया खौफनाक नजारा, अग्नि-6 का हो गया सफल टेस्ट?   सोशल मीडिया पर इस वक्त एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखकर लोग हैरान हैं. एक युवक अपने घर की छत पर खड़ा था, तभी नीले आसमान को चीरती हुई एक रहस्यमयी रोशनी दिखाई दी. इस नजारे को देख इंटरनेट यूजर्स अटकलें लगा रहे हैं कि भारत ने अपनी सबसे घातक मिसाइल अग्नि-6 का परीक्षण कर लिया है. दरअसल, सरकार ने इस क्षेत्र के लिए पहले ही नोटम (NOTAM) यानी ‘नोटिस टू एयरमेन’ जारी किया हुआ था, जो आमतौर पर मिसाइल परीक्षण या महत्वपूर्ण हवाई गतिविधियों के दौरान जारी किया जाता है. वीडियो में दिख रही रोशनी और उसकी गति किसी ताकतवर बैलिस्टिक मिसाइल जैसी ही है. हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी अग्नि-6 के टेस्ट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों और यूजर्स के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है कि भारत ने अपनी स्ट्राइक रेंज को और भी अचूक बना लिया है.<br>सोशल मीडिया पर इस वक्त एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखकर लोग हैरान हैं. एक युवक अपने घर की छत पर खड़ा था, तभी नीले आसमान को चीरती हुई एक रहस्यमयी रोशनी दिखाई दी. इस नजारे को देख इंटरनेट यूजर्स अटकलें लगा रहे हैं कि भारत ने अपनी सबसे घातक मिसाइल अग्नि-6 का परीक्षण कर लिया है. दरअसल, सरकार ने इस क्षेत्र के लिए पहले ही नोटम (NOTAM) यानी ‘नोटिस टू एयरमेन’ जारी किया हुआ था, जो आमतौर पर मिसाइल परीक्षण या महत्वपूर्ण हवाई गतिविधियों के दौरान जारी किया जाता है. वीडियो में दिख रही रोशनी और उसकी गति किसी ताकतवर बैलिस्टिक मिसाइल जैसी ही है. हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी अग्नि-6 के टेस्ट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों और यूजर्स के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है कि भारत ने अपनी स्ट्राइक रेंज को और भी अचूक बना लिया है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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Patna News: 123 करोड़ की लागत से बदलेगी सूरत! पटना के इस...

Patna New Market Shopping Complex: पटना जंक्शन के समीप स्थित न्यू मार्केट इलाके की तस्वीर जल्द बदलने वाली है. यहां तीन आधुनिक और भव्य शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी है. परियोजना के लिए जमीन चिह्नित कर ली गयी है और डीपीआर भी तैयार हो चुका है. करीब 123.12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन कॉम्प्लेक्स का मकसद पटना आने वाले यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का शॉपिंग अनुभव देना है. Source link

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