इस साल 6% रह जाएगी भारत की विकास दर! ईरान युद्ध के...
Last Updated:April 29, 2026, 16:18 IST GDP Growth Rate : भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर इस साल गिरकर 6 फीसदी के आसपास पहुंच सकती है. ग्लोबल परामर्श कंपनी ईवाई ने क्रूड की बढ़ती कीमतों के दबाव में यह अनुमान लगाया है. उसका कहना है कि भारत पर महंगे क्रूड का ज्यादा असर दिखेगा. भारत की विकास दर चालू वित्तवर्ष में 6 फीसदी के आसपास रहने वाली है. नई दिल्ली. ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बावजूद अभी तक ज्यादातर एजेंसियां भारत की विकास दर 7 फीसदी या उससे ज्यादा रहने का ही अनुमान लगा रहीं थी. लेकिन, अब पहली बार ग्लोबल रेटिंग एजेंसी ईवाई ने विकास दर के 6 फीसदी के आसपास जाने का अनुमान लगाया है. एजेंसी का कहना है कि भारत पर सबसे ज्यादा असर बस एक ही चीज का पड़ेगा, क्योंकि आज भी इसकी 85 फीसदी खपत बाहरी बाजार से आयात के जरिये पूरी की जाती है. ईवाई इंडिया ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें अधिक रहने से चालू वित्तवर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटकर करीब 6 फीसदी रह सकती है, जबकि खुदरा महंगाई बढ़कर 6 फीसदी तक पहुंच सकती है. महंगाई का यह आंकड़ा रिजर्व बैंक के दायरे से बाहर जा सकता है. ग्लोबल सलाहकार कंपनी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ईंधन के लिए आज भी ग्लोबल मार्केट पर निर्भर है, जो उसे सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है. क्यों दिख रहा जीडीपी पर दबावग्लोबल परामर्श कंपनी ईवाई इंडिया के मुख्य नीति सलाहकार डीके श्रीवास्तव ने कहा कि यदि भारतीय कच्चे तेल ‘बास्केट’ की औसत कीमत वित्तवर्ष 2026-27 में 120 डॉलर प्रति बैरल रहती है, तो वास्तविक जीडीपी वृद्धि करीब 6 फीसदी और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा महंगाई दर भी करीब 6 फीसदी तक रह सकती है. उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटे पर दबाव कम करने के लिए बढ़ी ऊर्जा कीमतों का असर अपेक्षाकृत अधिक हद तक उपभोक्ताओं तक पहुंचाना होगा. नीतिगत हस्तक्षेप अब सीमित हो रहाईवाई की इकॉनमी वॉच रिपोर्ट के मुताबिक, नीतिगत हस्तक्षेप की गुंजाइश सीमित है, लेकिन हालात को देखते हुए रेपो दर में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की आपूर्ति के स्रोतों में तेजी से विविधीकरण पर विचार किया जाना चाहिए. इसका मतलब है कि आने वाले समय में लोन फिर महंगा हो सकता है. श्रीवास्तव ने पश्चिम एशिया संकट लंबा खिंचने की आशंका जताते हुए कहा कि इसका हल निकल जाने पर भी कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति के सामान्य होने में खासा समय लग सकता है. ऐसे में काफी गुंजाइश है कि इस साल भारतीय बास्केट का तेल 120 डॉलर के आसपास ही घूमता रहेगा. अभी क्या है मार्केट की हालतअमेरिका के एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (ईआईए) के अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2026 की पहली तिमाही के औसत 81 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर दूसरी तिमाही में 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं. हालांकि, संकट की दिशा बदलने पर कीमतों में नरमी भी आ सकती है. हालांकि, भारत की विकास दर के अन्य अनुमान ज्यादा बेहतर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की वृद्धि दर 6.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है जबकि एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और विश्व बैंक ने क्रमशः 6.9 फीसदी और 6.6 फीसदी का अनुमान जताया है. रिजर्व बैंक ने हाल में विकास दर 6.9 फीसदी और औसत महंगाई दर 4.6 फीसदी रहने का अनुमान जताया है. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 29, 2026, 16:12 IST Source link






