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darbhanga mithilanchal traditional beera saag preservation and taste recipe

Last Updated:June 08, 2026, 18:34 IST Mithilanchal Traditional Beera Saag Recipe: तीखा, चटपटा और मिट्टी की सोंधी खुशबू वाला मिथिलांचल का पारंपरिक बीरा साग आज भी लोगों को माँ-नानी के हाथों के स्वाद की याद दिलाता है. जानिए इस साग की वो अनूठी तकनीक, जिससे इसे सुखाकर सालभर खाने के लिए सुरक्षित रखा जाता है. यह चावल-लिट्टी के साथ क्यों खास है जानें. साथ ही इसको बनाने की विधि भी खास है. दरभंगा: मिथिलांचल के लोग खाने के बड़े शौकीन होते हैं. बात अगर साग की हो तो यहां पर कई वैरायटी के मिल जाएंगे. यहां हर मौसम का अपना साग है. चने का साग, बथुआ, पालक, सरसों. लेकिन समस्या ये कि ये साग सीजनल हैं. मन किया और मौसम नहीं, तो क्या करें? मिथिला की गृहणियों ने इसका देसी जुगाड़ निकाल लिया है ‘बीरा’. यह साग को सालभर खाने का पारंपरिक तरीका है. इसे बनाकर रख लीजिए, फिर बेमौसम भी आपके थाली से साग का स्वाद गायब नहीं होगा. बीरा क्या है?बीरा यानी सुखाया और संरक्षित किया हुआ साग. पुराने समय में जब फ्रिज नहीं थे, तब मिथिलांचल में माँ-दादी साग को सुखाकर, तलकर या मसाले में पका कर डिब्बों में रख देती थीं. बरसात में जब खेत-खलिहान में साग नहीं मिलता, तब यही बीरा चावल-रोटी का स्वाद दोगुना कर देता था. बीरा बनाने की आसान विधिमिथिला की गृहणी आशा देवी बताती है कि सबसे पहले मनपसंद साग लें. जैसे बथुआ, सरसों या चना का साग. फिर साग को हल्का फ्राई कर के रख लें. अब तड़का तैयार करें. मिक्सी में सरसों और लहसुन के साथ काली मिर्च का पेस्ट बना लें. कढ़ाई को गैस पर चढ़ाएं, थोड़ा सरसों का तेल डालें. तेल गरम हो तो सरसों-लहसुन का पेस्ट डालकर भूनें. खुशबू आने लगे तो हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक और एक बारीक कटा टमाटर डाल दें. मसाले को धीमी आँच पर तब तक भूनें जब तक तेल किनारे न छोड़ दे. फिर जरूरत भर पानी डालें और ग्रेवी तैयार करें. पानी उबल जाए तो उसमें पहले से फ्राई किया हुआ या सुखाया हुआ बीरा डाल दें. 5 मिनट पकाएँ. लीजिए, मिथिलांचल का स्पेशल बीरा तैयार है. किसके साथ खाएं?गरम-गरम बीरा चावल के साथ अमृत लगता है. रोटी, पराठे या लिट्टी के साथ भी इसका जवाब नहीं. तीखा, चटपटा और मिट्टी की सोंधी खुशबू वाला यह बीरा आपको नानी-दादी के दौर में ले जाएगा. तो अगली बार जब मौसम का साग बाजार में खूब दिखे, तो थोड़ा ज्यादा खरीद लें. बीरा बनाकर रख लें. फिर पूरा साल बेमौसम भी आपके किचन से साग की महक नहीं जाएगी. यही है मिथिलांचल का स्वाद, जो कभी फीका नहीं पड़ता. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Darbhanga,Bihar Source link

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कांग्रेस के रहते ‘इंडिया’ अलायंस का कोई फ्यूचर नहीं; राहुल गांधी पर...

होमताजा खबरदेश कांग्रेस के रहते ‘इंडिया’ अलायंस का कोई फ्यूचर नहीं, राहुल पर बरसे AAP नेता Last Updated:June 08, 2026, 17:33 IST सोमनाथ भारती ने कहा कि विभिन्न राज्यों में कांग्रेस का रवैया क्षेत्रीय दलों के प्रति अलग-अलग रहा है और कई जगहों पर उसने विरोधी दलों का अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि जहां भी कोई क्षेत्रीय पार्टी मजबूत होती है, वहां कांग्रेस उसे कमजोर करने की कोशिश करती है. सोमनाथ भारती ने कांग्रेस पर निशाना साधा. नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सोमनाथ भारती ने कहा कि कांग्रेस इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व को संभालने में विफल रही है. उन्होंने दावा किया कि जब तक कांग्रेस नेतृत्व करेगी तब तक इंडिया गठबंधन का कोई भविष्य नहीं है. आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती ने आईएएनएस से कहा, “भारतीय गठबंधन एक मिशन के लिए बनाया गया था. जिस तरह भाजपा ने एनडीए बनाया, उसी तरह हमने इंडिया गठबंधन बनाया था. लेकिन हर गठबंधन का एक धर्म होता है. धर्म यह है कि जो अंदर है, वही बाहर भी दिखना चाहिए. सार्वजनिक रूप से कहा गया था कि हम एक गठबंधन के रूप में लड़ेंगे और एक-दूसरे का समर्थन करेंगे, लेकिन पर्दे के पीछे कांग्रेस भाजपा का साथ देती नजर आ रही थी.” सोमनाथ भारती ने आगे कहा, “लोकसभा चुनाव के दौरान दिल्ली में 4-3 का फार्मूला तय हुआ था. जो 3 सीटें कांग्रेस को मिलीं, उनके लिए अरविंद केजरीवाल ने खुलकर प्रचार किया. वहीं, जो 4 सीटें आम आदमी पार्टी को मिलीं, उनके लिए राहुल गांधी सहित कांग्रेस का कोई नेता वोट मांगने नहीं पहुंचा. ऐसे में यह कैसा गठबंधन है? दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान तो खुलकर बात सामने आ गई जब शून्य सीट जीतने के बाद कहा कि आम आदमी पार्टी हार गई. इससे बड़ा प्रमाण क्या होगा कि कांग्रेस को गठबंधन धर्म निभाना नहीं आता है?” सोमनाथ भारती ने आरोप लगाया कि जब राहुल गांधी वोट चोरी की बात करते हैं तो दिल्ली को छोड़ देते हैं. जब तक इंडिया गठबंधन का कांग्रेस नेतृत्व करेगी, तब तक इस गठबंधन का कोई भविष्य नहीं है. इसके पहले सोमनाथ भारती ने कहा था कि कांग्रेस का रवैया ऐसा है कि वह चाहती है कि राजनीति केवल भाजपा और कांग्रेस के बीच सीमित रह जाए और अन्य दल खत्म हो जाएं, ताकि भविष्य में दोनों के बीच बारी-बारी से सत्ता चलती रहे. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह कांग्रेस ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ व्यवहार किया, उसी तरह पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के साथ भी किया. उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में कांग्रेस का रवैया क्षेत्रीय दलों के प्रति अलग-अलग रहा है और कई जगहों पर उसने विरोधी दलों का अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि जहां भी कोई क्षेत्रीय पार्टी मजबूत होती है, वहां कांग्रेस उसे कमजोर करने की कोशिश करती है. दिल्ली में आम आदमी पार्टी और पश्चिम बंगाल में टीएमसी इसका उदाहरण है. सोमनाथ भारती ने कहा कि कांग्रेस की इस तरह की नीतियों का अनुभव उनकी पार्टी ने खुद किया है, इसलिए उन्हें इसका अंदाजा है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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Solar energy series 6th story: solar power in winter| सौर ऊर्जा-6: गर्मी...

Last Updated:June 08, 2026, 16:29 IST Solar Energy Series 6th Story: न्‍यूज18हिंदी की सौर ऊर्जा-सोलर पैनल्‍स सीरीज में आज पढ़िए छठी स्टोरी. ‘हमें गर्मियों में तो भरपूर धूप मिलती है, लेकिन सर्दियों में सोलर पैनल कैसे काम करते हैं? अगर कोई घर पूरी तरह से सोलर पावर (सौर ऊर्जा) पर निर्भर है, तो क्या उसे सर्दियों में भी पर्याप्त बिजली मिल पाएगी? आइए जानते हैं सीईईडब्ल्यू एक्सपर्ट भावना त्यागी की राय सौर ऊर्जा-6: गर्मी तो ठीक! सर्दी में सोलर पैनल कितनी बिजली देते हैं, बस सौर-पॉवर से चल जाता है खर्च? Solar Energy series 6th story: जब तक सूरज रहेगा, सौर ऊर्जा रहेगी. यही वजह है कि कभी न खत्म होने वाली ऊर्जा को इस्तेमाल करने के लिए लोगों को सलाह दी जा रही है. सरकार भी हर घर सूर्य बिजली योजना के तहत लोगों को सोलर पैनल्स लगवाने की सलाह दे रही है ताकि सौर बिजली में देश आत्मनिर्भर हो सके. हर किसी का अपना रूफटॉप सोलर सिस्टम हो और हर किसी की अपनी खुद की बिजली हो. न बिजली कटौती हो और न बिजली के बिल का झंझट हो. हालांकि गर्मी में तो आसमान में धूप खिली रहती है और सुबह से लेकर शाम तक सोलर पैनल्स इतनी बिजली पैदा कर देते हैं कि एक घर में पूरी इस्तेमाल भी नहीं हो पाती, लेकिन सर्दियों में क्या? ठंडों में जब सूरज राजा भी दुबके रहते हैं और आसमान में अंधेरा और धुंध छाया रहता है तो ये सोलर पैनल्स कैसे काम करते हैं? क्या ये बिजली बनाते हैं? क्या इस बिजली से पूरे घर का खर्च चल जाता है? अगर कोई घर सिर्फ सोलर पैनल्स पर निर्भर हो जाए तो उस घर में 24 घंटे रोशनी रह सकती है? ‘सौर ऊर्जा-सोलर पैनल’ को लेकर चलाई जा रही News18hindi की सीरीज की छठी कहानी में आइए काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर की प्रोग्राम लीड भावना त्यागी से जानते हैं सभी सवालों के जवाब विस्तार से… ‘हमें गर्मियों में तो भरपूर धूप मिलती है, लेकिन सर्दियों में सोलर पैनल कैसे काम करते हैं? भावना त्यागी कहती हैं, ‘सोलर पैनल सर्दियों में भी काम करते हैं क्योंकि वे बिजली बनाने के लिए धूप (सूर्य की रोशनी) का इस्तेमाल करते हैं, न कि उसकी गर्मी का. हालांकि सर्दियों में दिन छोटे होते हैं और धूप भी कमजोर होती है, इसके बावजूद सोलर पैनल बिजली बना सकते हैं, लेकिन उसकी मात्रा कम हो जाती है.’ अगर कोई घर पूरी तरह से सोलर पावर (सौर ऊर्जा) पर निर्भर है, तो क्या उसे सर्दियों में भी पर्याप्त बिजली मिल पाएगी? About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi ‘हमें गर्मियों में तो भरपूर धूप मिलती है, लेकिन सर्दियों में सोलर पैनल कैसे काम करते हैं? भावना त्यागी कहती हैं, ‘सोलर पैनल सर्दियों में भी काम करते हैं क्योंकि वे बिजली बनाने के लिए धूप (सूर्य की रोशनी) का इस्तेमाल करते हैं, न कि उसकी गर्मी का. हालांकि सर्दियों में दिन छोटे होते हैं और धूप भी कमजोर होती है, इसके बावजूद सोलर पैनल बिजली बना सकते हैं, लेकिन उसकी मात्रा कम हो जाती है.’ अगर कोई घर पूरी तरह से सोलर पावर (सौर ऊर्जा) पर निर्भर है, तो क्या उसे सर्दियों में भी पर्याप्त बिजली मिल पाएगी? भावना बताती हैं, ‘कोई भी घर हर समय अपनी पूरी बिजली के लिए सिर्फ सोलर पैनल पर निर्भर नहीं रह सकता है, क्योंकि सोलर पैनल सिर्फ दिन में यानी धूप होने पर ही बिजली बनाते हैं. चौबीसों घंटे (24/7) लगातार बिजली पाने के लिए, सोलर सिस्टम को जरूरत से काफी बड़ा लगाना होगा. साथ ही, इसके साथ बैटरी लगानी होगी ताकि दिन में बनने वाली अतिरिक्त बिजली को स्टोर किया जा सके और उसका इस्तेमाल रात में या कम धूप वाले दिनों में किया जा सके.’ यह सोलर सिस्टम और सोलर एनर्जी बैकअप भी पॉवर बैकअप की तरह ही काम करता है, जैसे दिनभर बिजली आती है और न आने पर इन्वर्टर बैटरी के स्टोर बिजली को घर को सप्लाई करता है, ठीक उसी तरह सोलर ऊर्जा से बनी बिजली भी बैटरी में स्टोर हो जाती है और जरूरत पड़ने पर घर के काम आती है. सर्दियों में क्या आती है मुख्य समस्या? सर्दियों में दिन छोटे होते हैं और सूर्य की किरणें अपेक्षाकृत कम तीव्र होती हैं. इसके कारण सोलर पैनल गर्मियों की तुलना में कम बिजली पैदा करते हैं. उत्तर भारत में दिसंबर-जनवरी के दौरान कई दिनों तक कोहरा और बादल भी बने रह सकते हैं, जिससे उत्पादन और घट जाता है. बारिश के मौसम में भी गर्मी के मुकाबले सोलर बिजली उत्पादन कमजोर पड़ जाता है. फिर लोग पूरे साल सोलर से कैसे बिजली लेते हैं? सोलर पैनल से पैदा बिजली के इस्तेमाल के लिए आमतौर पर तीन चीजों का ध्यान रखा जाता है. भारत में कितना असर पड़ता है?भारत के अधिकांश हिस्सों में सर्दियों में सोलर उत्पादन गर्मियों की तुलना में लगभग 20% से 40% तक कम हो सकता है. हालांकि ठंडा मौसम पैनलों की कार्यक्षमता बढ़ाता है, और ऐसे पैनल ज्यादा दिनों तक चलते हैं लेकिन कम धूप और छोटे दिन कुल उत्पादन को घटा देते हैं. मान लीजिए किसी घर में 5 किलोवाट का सोलर सिस्टम है तो गर्मियों में यह रोजाना लगभग 20–25 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है. जबकि सर्दियों में यही उत्पादन घटकर लगभग 12–18 यूनिट प्रतिदिन रह सकता है. हालांकि कुछ जगहों पर जहां धूप ज्यादा और अच्छी खिलती है वहां अंतर आ सकता है. खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें login Source link

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‘हमें भी एनडीए में शामिल होना है’, TMC के 20 बागी सांसदों...

होमताजा खबरदेश ‘हमें भी एनडीए में शामिल होना है’, TMC के 20 बागी सांसदों का ओम बिरला को पत्र Last Updated:June 08, 2026, 15:28 IST नई दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस के भीतर बड़ी राजनीतिक हलचल की खबर है. दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 20 असंतुष्ट सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजकर अलग गुट बनाने की मांग की है. बताया जा रहा है कि इस पहल का नेतृत्व काकोली घोष दस्तीदार कर रही हैं. इससे पहले बागी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर एक गोपनीय बैठक की, जिसमें सुवेंदु अधिकारी के मौजूद रहने की भी चर्चा है. जगदीश चंद्र बसुनिया, अरुप चक्रवर्ती, प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार और खलीलुर रहमान समेत कई नेताओं के नाम सामने आए हैं, जबकि देव, पार्थ भौमिक और जून माल्या को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. पश्चिम बंगाल विधानसभा के बाद लोकसभा में टीएमसी में टूट. नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के बाद नई दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस में बड़ी टूट होने का प्रोसेस शुरू हो गया है. तृणमूल कांग्रेस के 20 असंतुष्ट सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र भेजा है और उन्होंने अलग गुट बनाने का प्रस्ताव दिया है. बताया जा रहा है कि इस गुट का नेतृत्व सांसद काकोली घोष दस्तीदार कर रही हैं. दिलचस्प बात यह है कि यह बगावत ऐसे समय में आया है जब तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी नई दिल्ली में ही मौजूद हैं. उनके साथ पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी भी हैं. इन सांसदों के पास दो विकल्प हैं. या तो ये टीएमसी से अलग होकर बीजेपी में शामिल हो जाएं या फिर विधानसभा की तरह अलग गुट बनाकर अलग हों. बताया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र भेजने से पहले दिल्ली के मोतीलाल नेहरू मार्ग पर स्थित केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के सरकारी आवास पर सोमवार को एक बेहद गोपनीय बैठक की, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे. ये हो सकते हैं बागी सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंपे गए पत्र में जगदीश चंद्र बसुनिया, अरुप चक्रवर्ती, प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार और खलीलुर रहमान जैसे नेताओं के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं. वहीं काकोली घोष दस्तीदार, पार्थ भौमिक, अभिनेता-राजनेता देव और जून माल्या को लेकर भी असंतोष की अटकलें लगाई जा रही हैं. तृणमूल सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी से इस्तीफा दिया, राज्यसभा सदस्य पद छोड़ा तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और राज्यसभा दोनों से इस्तीफा दे दिया. पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल राय का यह कदम ऐसे समय आया है, जब संगठन के भीतर लंबे समय से असंतोष और गुटबाजी की चर्चा चल रही है. उनके इस्तीफे ने संकेत दिया है कि पार्टी के अंदरूनी मतभेद अब संसदीय स्तर तक पहुंच चुके हैं. राय ने अपने इस्तीफे में शासन और संगठन में बढ़ते भ्रष्टाचार तथा जनता के बढ़ते असंतोष को वजह बताया. उन्होंने आरजी कर अस्पताल दुष्कर्म-हत्याकांड मामले में पार्टी के रुख पर भी लगातार सवाल उठाए थे. उनका इस्तीफा उस बगावत के कुछ दिन बाद आया है, जिसमें 58 विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ जाकर रिताब्रता बनर्जी का समर्थन किया था. विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर उभरी दरारें अब और गहरी होती दिखाई दे रही हैं. About the Author Abhishek Kumar अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एड‍िटर काम कर रहे हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक मुद्दों पर लिखते …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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sitamarhi pupri farmers getting huge profit from himsagar mango cultivation tips

होमताजा खबरकृषि सीतामढ़ी में इस आम की खेती से मालामाल हो रहे किसान, हर साल बंपर कमाई निश्चित Last Updated:June 08, 2026, 14:21 IST Himsagar Mango Cultivation Sitamarhi Tips: सीतामढ़ी के पुपरी में पारंपरिक खेती छोड़ किसान अब हिमसागर आम की बागवानी से बंपर मुनाफा कमा रहे हैं. मालदा-बम्बई से भी मीठे और पूरी तरह रेशा रहित इस आम की खासियत यह है कि यह बिना किसी गैप के हर साल फलता है. जानिए प्रगतिशील किसान पप्पू ठाकुर से इस आम की खासियत और पौधे मिलने की जगह. सीतामढ़ी: सीतामढ़ी जिले में पारंपरिक खेती से अलग हटकर किसान अब आम की बागवानी में नए प्रयोग कर रहे हैं. जिले के पुपरी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में इन दिनों हिमसागर प्रजाति के आम की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है. अपनी मनमोहक खुशबू, रसीले स्वाद और पूरी तरह से रेशा रहित गूदे के कारण इस आम ने स्थानीय बाजार में अपनी एक खास और मजबूत पहचान बना ली है. क्षेत्र के प्रगतिशील किसान पप्पू ठाकुर पिछले कुछ समय से करीब डेढ़ एकड़ की भूमि पर हिमसागर आम के बगीचे की सफल खेती कर रहे हैं. उनके इस प्रयास को देखकर आसपास के अन्य किसान भी अब इस खास किस्म के आम के पौधे लगाने की ओर आकर्षित हो रहे हैं. हिमसागर से हर सीजन में निश्चित आमदनी​हिमसागर आम की सबसे बड़ी यूएसपी (विशेषता) इसका हर साल फल देना है. आमतौर पर मालदा और बम्बई जैसी आम की लोकप्रिय किस्में एक साल के अंतराल (गैप) पर फलती हैं. जिसे किसान ऑफ-ईयर और ऑन-ईयर कहते हैं. लेकिन हिमसागर के साथ ऐसा नहीं है. दसहरी और अम्रपाली की तरह ही हिमसागर के पेड़ों में भी नियमित रूप से हर वर्ष बंपर फल आते हैं. लगातार उत्पादन होने के कारण किसानों को हर सीजन में निश्चित आमदनी होती है. जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है. इस आम का पौधा लगाने के बाद महज पांच साल के भीतर ही फल देना शुरू कर देता है, जो व्यावसायिक दृष्टिकोण से किसानों के लिए बेहद फायदेमंद सौदा साबित हो रहा है. दिखने में बम्बई जैसा, खाने में मालदा से सौ गुना बेहतर​स्वाद और दिखावट के मामले में भी यह आम बेहद अनूठा और लाजवाब है. यह दिखने में बम्बई आम जैसा होता है, लेकिन इसका गूदा अंदर से एकदम गहरा और लाल होता है. स्थानीय किसानों का दावा है कि खाने के मामले में यह मालदा और बम्बई आम की तुलना में सौ गुना बेहतर, अत्यधिक मीठा और स्वादिष्ट है. इसके फल का आकार भी काफी अच्छा होता है. लगभग एक किलोग्राम वजन में चार से पांच आम चढ़ते हैं. इसका मतलब है कि एक आम का आकार इतना पर्याप्त होता है कि कोई एक व्यक्ति इसे खा ले तो उसका मन पूरी तरह तृप्त हो जाए. स्वाद के साथ-साथ यह स्वास्थ्य के लिहाज से भी काफी सेहतमंद और फायदेमंद माना जाता है. यहां ले सकते हैं हिमसागर के पौधे​किसानों के लिए मुनाफे को बढ़ाने के लिए अब क्षेत्र में ही बड़े पैमाने पर इसकी ग्राफ्टिंग (कलम तैयार करना) का कार्य भी शुरू कर दिया गया है. किसान पप्पू ठाकुर के अनुसार, जो भी लोग इस बेहतरीन प्रजाति की बागवानी करना चाहते हैं, उनके लिए उनके यहां हिमसागर के उन्नत पौधे भी आसानी से उपलब्ध हैं. इस प्रकार, सीतामढ़ी के पुपरी में हिमसागर आम न केवल अपनी मिठास से लोगों का दिल जीत रहा है, बल्कि नियमित और बेहतर उत्पादन के जरिए किसानों के जीवन में समृद्धि की नई मिठास घोल रहा है. कृषि क्षेत्र में इस तरह के आत्मनिर्भर प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय हैं. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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न शादी, न अपना परिवार… राजस्थान के इस शख्स के हैं 60...

पाली: कहते हैं कि एक-दो बच्चों की परवरिश करना और उन्हें संभालना ही आज के दौर में सबसे बड़ी जिम्मेदारी माना जाता है. लेकिन क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि इस दुनिया में और खासकर हमारे राजस्थान में एक ऐसा व्यक्ति भी है, जिसके एक नहीं, दो नहीं, बल्कि पूरे 60 हजार बच्चे हैं! जी हां, चौंकिए मत. यह बिल्कुल सच है. और ये अनोखा पिता अपने इन 60 हजार बच्चों को सिर्फ पालता ही नहीं है, बल्कि उनसे बेइंतहा मोहब्बत करता है, उनका पूरा ख्याल रखता है. यह हम नही कहते यह कहते है खुद पर्यावरण प्रेमी रविंद्र काबरा जो इनको अपने बच्चो की तरह ही केयर करते है. दिन में 10 घंटे इनकी देखरेख करते है. इनका मानना है कि अगर हमें एक हेल्दी जीवन जीना है, तो हमें प्रकृति से जुड़ना होगा और पौधों को अपने बच्चों की तरह प्यार देना होगा. आज के इस दौर में जहां लोग बड़ी-बड़ी गाड़ियों और सुख-सुविधाओं को लग्जरी मानते हैं, वहीं इस शख्स ने ‘ग्रीनरी’ को ही अपनी असली लग्जरी मान लिया है. पर्यावरणविद रविंद्र काबरा ने बताया, ग्रीनरी के लिए काम करते हुए मुझे 55 साल हो गए. उन्हे इसकी प्रेरणा उनके दादा जी से मिली क्योंकि वह भी इस तरह से 5-5 घंटे गार्डनिंग को दिया करते थे. पहले 45 प्लांट से इसकी शुरूअता की थी ओर आज मेरे पास 60 हजार बच्चे (प्लांट्स) हो गए है. जब 60,000 हो गए तो मैंने पर्यावरण को महत्ता देते हुए जोधपुर के मेड़तीगेट से अपना पूरा गार्डन जवाई बांध बीसलपुर ब्रिज पर शिफ्ट किया है. इसे ‘गोकुल: द वैली ऑफ फ्लावर्स’ का नाम दिया गया. अब सपने में ही मुझे मेरे बच्चे दिखाई देते है. 400 से भी ज्यादा किस्म के प्लांट्स यहां 400 किस्म के प्लांट्स हैं. जिनमें कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, जापान, उत्तरप्रदेश, साउथ और विदेशी किस्मों के अलावा भारत भर के प्लांट्स मौजूद हैं. यहां 35 कलर की लिलि, 80 कलर्स के चंपा, 70 कलर में बोगनवेलिया, 150 प्रकार के अडेनियम, 50,000 सीजनल, 70 प्रकार के फ्रूट्स और 500 प्रकार के बड़े पेड़ हैं. हाइड्रेजिया, ट्यूलिप, हेलिकेर्निया, बर्ड ऑफ पैरेडाइज सहित बड़े प्लांट्स में लेजेस्टोनिया, स्पेथोडिया, बॉटल ब्रश हैं. आम, जामुन, अमरूद, संतरा, मौसमी, आंवला, नींबू, चीकू, शहतूत, सीताफल सहित प्लांट्स वैरायटियां हैं. ये पर्यावरण को दुरुस्त बनाने के साथ विशेष प्रकार की जीव जंतुओं को सेफ्टी, भोजन और सुकून दे रहे हैं. मां जैसे बच्चो की समझ जाते है हर परेशानी एक मां जैसे अपने बच्चों से जडती है तो उनकी हर तकलीफ और परेशानी को समझती है काबरा का भी अपने बच्चो से कुछ ऐसा ही कनेक्शन है. काबरा का कहना है कि मेने आज तक न तो कभी गूगल किया न ही कोई किताब पढी है बच्चो ने ही अपने हर जरूरत को बताया है और आज मैं इतना कह सकता हूं कि इनकी छोटी सी और बडी तकलीफ पांच मिनट इनके पास आकर खडा होता हूं तो यह खुद अपने आप अपने भाव प्रकट करते है. जोधपुर से पाली के जवाई तक का सफर काबरा कहते है कि वह बरसों पूर्व जंवाई बांध फोटोग्राफी करने जाता था. उसी समय ये जगह मुझे पसंद आ गई थी. जब जोधपुर में प्लांट्स बढ़े तो मैंने यहां करीब डेढ़ लाख स्क्वायर फीट में मेंटेन करना शुरू किया. यहां आने के बाद पता चला कि यहां जमीन में एक फीट के नीचे ग्रेनाइट, मिट्टी कम मूंगिया अधिक है. इसको डवलप करना मुश्किल था. एक साल की मेहनत के बाद ये तैयार हुआ. इन प्लांट्स के वेस्ट से हर दिन 25 किलो से अधिक ऑर्गेनिक खाद भी मिल जाती है. री-साइकिल टेक्निक यूज करने के बाद भी हर माह 60 हजार का खर्चा आता है. 80 प्रतिशत तक पानी मै खुद ही प्लांट्स को पिलाता हूं. Source link

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INDIA Bloc Meeting Today LIVE: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ विपक्षी दलों के साझा मंच INDIA गठबंधन की सोमवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है. लगभग दो वर्षों के बाद हो रही इस बैठक को विपक्षी एकता के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और कई राज्यों में चुनावी झटकों के बाद गठबंधन के सामने अपनी एकजुटता और रणनीति को नए सिरे से परिभाषित करने की चुनौती है. कॉन्‍स्‍टीट्यूशनल क्लब में आयोजित होने वाली इस बैठक में 23 विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे समेत कई प्रमुख नेता इसमें हिस्सा लेंगे. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश के अनुसार, बैठक में शामिल होने के लिए 23 राजनीतिक दलों ने अपनी सहमति दी है. विपक्षी दल आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर साझा रणनीति बनाने पर विचार करेंगे. साथ ही गठबंधन के भीतर समन्वय को मजबूत करने और राष्ट्रीय मुद्दों पर संयुक्त रुख अपनाने पर भी चर्चा होगी. बैठक में अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के लिए गठबंधन के दरवाजे औपचारिक रूप से खोले जाने की संभावना भी जताई जा रही है. हालांकि, विपक्षी एकता के इस प्रदर्शन के बीच कुछ प्रमुख दलों की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी हुई है. आम आदमी पार्टी (आप) इस बैठक में शामिल नहीं होगी. पिछले एक वर्ष के दौरान पार्टी ने INDIA गठबंधन से लगातार दूरी बनाई है. वहीं, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) ने भी बैठक से दूर रहने का फैसला किया है. तमिलनाडु में कांग्रेस और डीएमके के बीच संबंधों में आई खटास को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है. हाल ही में पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने वाली तृणमूल कांग्रेस के लिए यह बैठक राष्ट्रीय स्तर पर अपनी भूमिका को फिर से मजबूत करने का अवसर मानी जा रही है. पार्टी नेतृत्व अपने नेताओं पर कथित राजनीतिक दबाव और कार्रवाई के मुद्दे पर सहयोगी दलों का समर्थन मांग सकता है. तृणमूल सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने बैठक से पहले कहा कि विपक्षी दल साझा उद्देश्य और सामूहिक कार्रवाई की भावना के साथ एकत्र हो रहे हैं. हालांकि, गठबंधन के भीतर पुराने मतभेद भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं. माकपा (सीपीएम) और कांग्रेस के बीच केरल विधानसभा चुनाव के दौरान लगे आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बैठक में उठ सकता है. वाम दलों का कहना है कि कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप गठबंधन की भावना के विपरीत हैं. सीपीएम महासचिव एम.ए. बेबी और भाकपा महासचिव डी. राजा इस मुद्दे को बैठक में उठाने के संकेत दे चुके हैं. भाजपा ने विपक्षी दलों के बीच उभरते मतभेदों को लेकर INDIA गठबंधन पर निशाना साधा है. भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि गठबंधन के भीतर गहरे मतभेद हैं और यह एक प्रभावी राजनीतिक विकल्प बनने में सक्षम नहीं दिखता. INDIA Alliance Meeting LIVE: सोनिया और राहुल के दाएं-बाएं की तस्‍वीर ने बता दी विपक्ष की रणनीति इंडिया गठबंधन बैठक लाइव: INDIA गठबंधन की बैठक पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्‍या भाजपा के खिलाफ विपक्ष एकजुट हो सकेगा. इसकी तस्‍वीर सोमवार को हो रहीं इंडिया गठबंधन की बैठक में दिखी. सोनिया गांधी के बगल में ममता बनर्जी तो राहुल गांधी के साथ अखिलेश यादव बैठे दिखे. बता दें कि इन दोनों राज्‍यों में लोकसभा की 120 से ज्‍यादा सीटें हैं. इससे भी अहम बात यह है कि उत्‍तर प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. #WATCH | Delhi | On INDIA bloc meeting, Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav says, “What the agenda will be, can be decided only after we arrive there (at the meeting), but ‘bandhu raj’ must be formed, and this will be our effort. In Uttar Pradesh, you’re seeing what’s happening;… pic.twitter.com/3eC6ln1JDA — ANI (@ANI) June 8, 2026 INDIA Bloc Meeting LIVE: इंडिया गठबंधन की बैठक से भाजपा डरी हुई है – केसी वेणुगोपाल इंडिया गठबंधन बैठक लाइव: INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर कांग्रेस महासचिव (संगठन) KC Venugopal ने भाजपा पर निशाना साधा. बैठक में पहुंचने के दौरान मीडिया से बातचीत में वेणुगोपाल ने कहा, ‘आप (मीडिया) समझ सकते हैं कि इस बैठक से भाजपा कितनी डरी हुई है.’ दिल्ली के विभिन्न चौराहों पर Rahul Gandhi की आलोचना वाले पोस्टरों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘मुझे कोई पोस्टर दिखाई नहीं दे रहे हैं.’ INDIA गठबंधन की बैठक को विपक्षी एकजुटता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें विभिन्न दल मौजूदा राजनीतिक मुद्दों और आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं. #WATCH | Delhi | On the INDIA bloc meeting, Congress General Secy (Org) KC Venugopal says, “You (the media) understand how scared the BJP is of this meeting.” “I don’t see any posters,” he adds, on being asked about posters criticising Rahul Gandhi put up at several roundabouts… pic.twitter.com/XlozcFd1iW — ANI (@ANI) June 8, 2026 INDIA Bloc Meeting LIVE: INDIA गठबंधन की बैठक के एजेंडे पर क्‍या बोले अखिलेश यादव? इंडिया गठबंधन बैठक लाइव: इंडिया अलायंस की बैठक में शामिल होने के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी कॉन्‍स्‍टीट्यूशनल क्‍लब पहुंचे हैं. सोनिया गांधी भी पहुंच चुकी हैं. अखिलेश यादव से जब बैठक के एजेंडे के बारे में पूछा या तो सपा अध्‍यक्ष ने कहा कि यह तो बैठक में ही तय किया जाएगा. राजद नेता तेजस्‍वी यादव भी बैठक में शामिल हो रहे हैं. INDIA Alliance Meeting LIVE: INDIA गठबंधन की बैठक में सोनिया गांधी भी होंगी शामिल, दिग्‍गजों का पहुंचना शुरू इंडिया गठबंधन बैठक लाइव: इंडिया गठबंधन की बैठक का मंच सज चुका है. इसमें सोनिया गांधी भी शामिल होंगी. ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और कल्‍याण बनर्जी के साथ इंडिया अलायंस की बैठक में शामिल होने के लिए कॉन्‍स्‍टीट्यूशनल क्‍लब पहुंच चुकी हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी पहुंचे हैं. INDIA Bloc Meeting LIVE: INDIA गठबंधन की बैठक से पहले उठी बड़ी मांग, सहयोगी की डिमांड होगी पूरी?

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झांसी की रानी बन रहीं है सहारनपुर की बेटियां, लट्ठ से देंगी...

Last Updated:June 08, 2026, 11:21 IST अब बेटियां अपनी सुरक्षा के साथ-साथ अपने परिवार और अन्य लड़कियों की सुरक्षा भी अकेले कर सकती है. आर्य समाज द्वारा आयोजित किए गए सात दिवसीय वीरांगना शिवर, जिसमें सैकड़ो महिलाओं व युवतियों को अपने शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही मन को शांत और समय आने पर अपनी रक्षा स्वयं करने के लिए गुर सिखाए गए. इस दौरान महिलाओं व युवतियों ने लठ बाजी कर सभी को हैरान कर दिया, साथ ही लड़कियों ने तलवार बाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया. ख़बरें फटाफट सहारनपुर: घर से बाहर निकलने पर बेटियां अपने आप को असुरक्षित महसूस करती है. बेटियों के इस डर को निकालने के लिए अब आर्य समाज आगे आया है. जिन्होंने सहारनपुर जनपद की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से लड़कियों को घरों से निकाल कर उनको इस काबिल बनाने का फैसला लिया है. अब बेटियां अपनी सुरक्षा के साथ-साथ अपने परिवार और अन्य लड़कियों की सुरक्षा भी अकेले कर सकती है. आर्य समाज द्वारा आयोजित किए गए सात दिवसीय वीरांगना शिवर, जिसमें सैकड़ो महिलाओं व युवतियों को अपने शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही मन को शांत और समय आने पर अपनी रक्षा स्वयं करने के लिए गुर सिखाए गए. इस दौरान महिलाओं व युवतियों ने लठ बाजी कर सभी को हैरान कर दिया, साथ ही लड़कियों ने तलवार बाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया. समाज में यह मैसेज देने का काम किया की लड़कियां लड़कों से काम नहीं है और वह अपनी रक्षा स्वयं कर सकती है. जिस तरीके से झांसी की रानी ने देश के लिए अंग्रेजों से लड़ अपना बलिदान दिया. उसी तरीके से अब इन बेटियों को भी समय आने पर देश के लिए लड़ने और अपनी सुरक्षा खुद करने का जज्बा और जुनून इनके अंदर पैदा किया गया. लट्ठ से देंगी छेड़खानी का जवाब  चंदा आर्य ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि मैंने सहारनपुर की वीरांगनाओं को लाठी चलाना सिखाया है. लाठी चलाना इसलिए सिखाया है क्योंकि आज के युग में जिस तरीके से लड़कियों के साथ अत्याचार हो रहे हैं उनसे बचने के लिए लड़कियों को लाठी चलाना सिखाया गया. लाठी चलाने का एक-एक अभ्यास ऐसा सिखाया गया है अगर उनके साथ कल को कोई छेड़छाड़, अभद्रता करता है तो वह अपनी लाठी के दाम और सिखाए गए जुडो के दम पर अपने आप को बचा सकती है. खुशी ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि हमने लगभग 50 लड़कियों को तलवार चलाना सिखाया है और तलवारबाजी सीखने का मकसद यही है कि वह अपने आप को स्वस्थ और मजबूत बना सके आज के माहौल को देखते हुए तलवारबाजी सीखना बहुत ही जरूरी हो चुका है. जबकि आज के समय में लड़कियां तलवार उठाने के लिए भी 100 बार सोचती है कि हम चलाएंगे कैसे जबकि यहां पर यही चीज सिखाया जाता है कि तलवार को चलाना कैसे हैं और कैसे दुश्मन से लड़ना है. खुद कर सकती हैं अपनी सुरक्षा रितु ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि सहारनपुर की जो लड़कियां है वह अपनी आत्म सुरक्षा खुद कर सके, बिना किसी के डर के बाहर जा सके, आत्म निर्भर बनाकर अपनी सुरक्षा स्वयं करना इस तरह का प्रशिक्षण दिया गया है साथ ही लड़कियों को सर्वांग सुंदर व्यायाम, जूडो कराटे, तलवारबाजी सिखाए गए हैं जिससे कि अगर कोई उनको छेड़ता है तो उसका मुंह तोड़ जवाब वह दे सके. जबकि आज के समय में देखा जा रहा है कि लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही है, उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है. तो इन सब चीजों से सामना करने के लिए उस लड़की को सेल्फ डिफेंस (अपनी सुरक्षा करना) आना चाहिए. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Saharanpur,Uttar Pradesh Source link

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South Indian Sweet | Famous Sweet | हैदराबाद में आत्रेयपुरम पूथारेकुलु पेपर...

Last Updated:June 08, 2026, 10:20 IST Hyderabad Famous Sweet: हैदराबाद में आंध्र प्रदेश की मशहूर मिठाई आत्रेयपुरम पूथारेकुलु फिर चर्चा में है. पेपर स्वीट कही जाने वाली यह मिठाई त्योहारों और खास मौकों पर खूब पसंद की जा रही है. मूल रूप से आंध्र प्रदेश के गोदावरी जिले के आत्रेयपुरम गांव से जुड़ी यह मिठाई अब हैदराबाद के प्रमुख मिठाई स्टोर्स और घरों में भी खूब पसंद की जा रही है. त्योहारों और खास मौकों पर इसे विशेष रूप से तैयार किया जाता है. ख़बरें फटाफट हैदराबाद. तेलंगाना और खासतौर पर हैदराबाद का खान-पान अपनी समृद्ध और अनोखी खाद्य संस्कृति के लिए देशभर में पहचान रखता है. यहां के लोग जितने शौक से हैदराबादी बिरयानी और ईरानी चाय का स्वाद लेते हैं, उतने ही चाव से पारंपरिक मिठाइयों का भी आनंद उठाते हैं. इन दिनों सोशल मीडिया और स्थानीय बाजारों के जरिए आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध मिठाई आत्रेयपुरम पूथारेकुलु एक बार फिर चर्चा में है. ‘पेपर स्वीट’ के नाम से मशहूर यह मिठाई अपने अनोखे स्वाद और मुंह में जाते ही घुल जाने वाली बनावट के कारण लोगों की पसंद बनती जा रही है. मूल रूप से आंध्र प्रदेश के गोदावरी जिले के आत्रेयपुरम गांव से जुड़ी यह मिठाई अब हैदराबाद के प्रमुख मिठाई स्टोर्स और घरों में भी खूब पसंद की जा रही है. त्योहारों और खास मौकों पर इसे विशेष रूप से तैयार किया जाता है. आइए जानते हैं इसे घर पर बनाने की आसान विधि. आत्रेयपुरम पूथारेकुलु के लिए आवश्यक सामग्रीइस मिठाई को बनाने के लिए 1 कप चावल का आटा, आधा कप शुद्ध देसी घी, 1 कप गुड़ या चीनी का पाउडर, बारीक कटे हुए काजू, बादाम और पिस्ता, 1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर, एक पतला सूती कपड़ा और एक उल्टा मिट्टी का बर्तन चाहिए. बनाने की विधिसबसे पहले चावल के आटे में पानी मिलाकर बेहद पतला और पारदर्शी घोल तैयार करें. घोल इतना पतला होना चाहिए कि वह लगभग पानी जैसा दिखाई दे. इसके बाद पारंपरिक तरीके से एक मिट्टी के बर्तन को उल्टा करके आंच पर गर्म किया जाता है. जब बर्तन अच्छी तरह गर्म हो जाए तो सूती कपड़े को चावल के घोल में डुबोकर बर्तन की सतह पर तेजी से घुमाया जाता है. इससे कुछ ही क्षण में कागज जैसी बेहद पतली और पारदर्शी परत तैयार हो जाती है. इस परत को सावधानी से निकाल लें और इसी तरह कई परतें तैयार कर लें. स्टफिंग और रोल तैयार करने का तरीकाअब चावल की दो या तीन परतों को एक के ऊपर एक रखें. इन पर पिघला हुआ शुद्ध घी अच्छी तरह लगाएं. इसके बाद ऊपर से पिसी हुई चीनी या गुड़ का पाउडर, बारीक कटे हुए ड्राई फ्रूट्स और इलायची पाउडर समान रूप से छिड़क दें. फिर परतों के दोनों किनारों को अंदर की ओर मोड़ते हुए इसे चौकोर पट्टी या रोल का आकार दे दें. इस तरह आपकी स्वादिष्ट आत्रेयपुरम पूथारेकुलु तैयार हो जाती है. यह मिठाई त्योहारों, पारिवारिक आयोजनों और मेहमाननवाजी के लिए बेहद खास मानी जाती है. शाम की चाय के साथ इसका स्वाद और भी अधिक आनंद देता है. About the Author Anand Pandey आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Hyderabad,Hyderabad,Telangana Source link

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मिर्जापुर का हींग वाला चाट, खाने के लिए लगती है लाइन, भदोही...

Last Updated:June 08, 2026, 09:17 IST Mirzapur famous Hing Chaat: हींग के चाट बनाने वाले धीरज गुप्ता ने बताया कि पिताजी के समय से यह दुकान चली आ रही है. पिताजी के द्वारा ही हींग वाले चाट के लिए मसाले को तैयार किया जाता है. इसमें शुद्ध हींग का प्रयोग होता है. इसके साथ ही गरम मसाला और कुछ सीक्रेट मसाले होते है जो घर पर पिताजी तैयार करते है. उनका उपयोग किया जाता है. उसी से हम लोग हींग के छोले और चाट बनाते है.  यह लोगों को खूब पसंद आ रहा है. मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में अगर आप भी स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं तो हींग वाले चाट बेहद ही खास है. 10 सालों से मिर्जापुर के लोगों की यह पसंद बना हुआ है. हींग वाले चार्ट को बनाने के लिए किसी खास सामान का नहीं बल्कि कुछ सीक्रेट मसाले का उपयोग किया जाता है. शुद्धता का ध्यान रखते हुए घर पर तैयार किया जाता है जो इसके स्वाद कई गुना तक बढ़ा देता है. स्वाद की दीवानगी ऐसी है कि पूर्वांचल भर से लोग इसे खाने के लिए पहुंचते है. हींग के चाट बनाने वाले धीरज गुप्ता ने बताया कि पिताजी के समय से यह दुकान चली आ रही है. पिताजी के द्वारा ही हींग वाले चाट के लिए मसाले को तैयार किया जाता है. इसमें शुद्ध हींग का प्रयोग होता है. इसके साथ ही गरम मसाला और कुछ सीक्रेट मसाले होते है जो घर पर पिताजी तैयार करते है. उनका उपयोग किया जाता है. उसी से हम लोग हींग के छोले और चाट बनाते है.  यह लोगों को खूब पसंद आ रहा है. 30 रुपए कुल्हड़ के दर से इसकी बिक्री की जा रही है. 10 सालों से यह दुकान लग रही है और यहां पर काफी संख्या में लोग कुल्हड़ वाले हींग चाट का स्वाद लेने के लिए पहुंच रहे है. स्वाद बेहद ही लाजवाबहींग वाली चाट खाने के लिए आए ग्राहक अनिल ने बताया कि हम भदोही जिले के रहने वाले है. मिर्जापुर जिले में जब भी आते है. इनके चाट के स्वाद का आनंद लिए बगैर नहीं जाते है. स्वाद बेहद ही लाजवाब है और पैसा भी बेहद कम है. ऐसा नहीं है कि पैसा बहुत ज्यादा ले रहे है. स्वाद के अनुसार पैसे का दाम कम ही है. शाम को 5 बजे दुकान लगाते हैं. हमें इंतजार रहता है कि कब यह दुकान खोलेंगे और कब हींग वाली चाट खाने का मौका मिलेगा. काफी अच्छे तरीके से तैयार करते है जो इसे बेहतर बनाता है. खाने के लिए लगाना पड़ता है नंबरआशीष ने बताया कि 10 वर्षों से हींग वाले छोले और चाट का आनंद उठा रहे है. दुकान जब से खुली हुई है तब से यहां पर आ रहे है. कारण यह है की पहली बार जब दुकान पर आए तो स्वाद बेहद ही अच्छा लगा, इसके बाद हम लगातार आते है. हींग वाले बोले और चाट खाने के बाद भले ही पेट भर जाता हो लेकिन मन नहीं भरता है. इसे बार-बार खाने का जी करता है. यही वजह है कि दुकान पर काफी भीड़ लगी रहती है और नंबर लगाने के बाद ही बोले और चाट नसीब हो पाता है. About the Author Manish Rai काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Mirzapur,Uttar Pradesh Source link

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