darbhanga mithilanchal traditional beera saag preservation and taste recipe
Last Updated:June 08, 2026, 18:34 IST Mithilanchal Traditional Beera Saag Recipe: तीखा, चटपटा और मिट्टी की सोंधी खुशबू वाला मिथिलांचल का पारंपरिक बीरा साग आज भी लोगों को माँ-नानी के हाथों के स्वाद की याद दिलाता है. जानिए इस साग की वो अनूठी तकनीक, जिससे इसे सुखाकर सालभर खाने के लिए सुरक्षित रखा जाता है. यह चावल-लिट्टी के साथ क्यों खास है जानें. साथ ही इसको बनाने की विधि भी खास है. दरभंगा: मिथिलांचल के लोग खाने के बड़े शौकीन होते हैं. बात अगर साग की हो तो यहां पर कई वैरायटी के मिल जाएंगे. यहां हर मौसम का अपना साग है. चने का साग, बथुआ, पालक, सरसों. लेकिन समस्या ये कि ये साग सीजनल हैं. मन किया और मौसम नहीं, तो क्या करें? मिथिला की गृहणियों ने इसका देसी जुगाड़ निकाल लिया है ‘बीरा’. यह साग को सालभर खाने का पारंपरिक तरीका है. इसे बनाकर रख लीजिए, फिर बेमौसम भी आपके थाली से साग का स्वाद गायब नहीं होगा. बीरा क्या है?बीरा यानी सुखाया और संरक्षित किया हुआ साग. पुराने समय में जब फ्रिज नहीं थे, तब मिथिलांचल में माँ-दादी साग को सुखाकर, तलकर या मसाले में पका कर डिब्बों में रख देती थीं. बरसात में जब खेत-खलिहान में साग नहीं मिलता, तब यही बीरा चावल-रोटी का स्वाद दोगुना कर देता था. बीरा बनाने की आसान विधिमिथिला की गृहणी आशा देवी बताती है कि सबसे पहले मनपसंद साग लें. जैसे बथुआ, सरसों या चना का साग. फिर साग को हल्का फ्राई कर के रख लें. अब तड़का तैयार करें. मिक्सी में सरसों और लहसुन के साथ काली मिर्च का पेस्ट बना लें. कढ़ाई को गैस पर चढ़ाएं, थोड़ा सरसों का तेल डालें. तेल गरम हो तो सरसों-लहसुन का पेस्ट डालकर भूनें. खुशबू आने लगे तो हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक और एक बारीक कटा टमाटर डाल दें. मसाले को धीमी आँच पर तब तक भूनें जब तक तेल किनारे न छोड़ दे. फिर जरूरत भर पानी डालें और ग्रेवी तैयार करें. पानी उबल जाए तो उसमें पहले से फ्राई किया हुआ या सुखाया हुआ बीरा डाल दें. 5 मिनट पकाएँ. लीजिए, मिथिलांचल का स्पेशल बीरा तैयार है. किसके साथ खाएं?गरम-गरम बीरा चावल के साथ अमृत लगता है. रोटी, पराठे या लिट्टी के साथ भी इसका जवाब नहीं. तीखा, चटपटा और मिट्टी की सोंधी खुशबू वाला यह बीरा आपको नानी-दादी के दौर में ले जाएगा. तो अगली बार जब मौसम का साग बाजार में खूब दिखे, तो थोड़ा ज्यादा खरीद लें. बीरा बनाकर रख लें. फिर पूरा साल बेमौसम भी आपके किचन से साग की महक नहीं जाएगी. यही है मिथिलांचल का स्वाद, जो कभी फीका नहीं पड़ता. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Darbhanga,Bihar Source link







