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बीजेपी में व‍िलय करेंगे ममता के सांसद, या नया बनाएंगे गुट, शताब्‍दी...

होमताजा खबरदेश बीजेपी में व‍िलय करेंगे ममता के सांसद? शताब्‍दी रॉय के घर क्‍या हुई चर्चा Last Updated:June 09, 2026, 01:40 IST टीएमसी के दो तिहाई से ज्यादा सांसद और विधायक ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत कर नया गुट बनाने की तैयारी कर रहे हैं. लेकिन इसमें नया मोड़ तब आ गया जब सोमवार शाम सांसद शताब्‍दी रॉय के घर सांसदों की मीटिंग हुई और उसमें सुवेंदु अध‍िकारी पहुंचे. सवाल ये क‍ि क्‍या सांसद बीजेपी में व‍िलय करने जा रहे हैं? टीएमसी में टूट के बाद सवाल क‍ि क्‍या बागी गुट बीजेपी में व‍िलय करेगा. ममता बनर्जी को अकेला छोड़कर बागी हुए टीएमसी के सांसदों ने सोमवार देर रात तक शताब्‍दी रॉय के घर पर चर्चा की. इस मीटिंग में पश्च‍िम बंगाल के मुख्‍यमंत्री सुवेंदु अध‍िकारी भी शाम‍िल हुए. हालांक‍ि , सुवेंदु कुछ ही देर में सांसदों से म‍िलकर न‍िकल गए, लेकिन बाद में जो बातें सामने आईं, वह काफी कुछ कह रही हैं. सूत्रों का कहना है क‍ि टीएमसी के बागी सांसदों ने इस बात पर लंबी चर्चा की है क‍ि बीजेपी में व‍िलय करना चाह‍िए, या फ‍िर पार्टी पर दावा ठोककर उसे एनडीए का ह‍िस्‍सा बनाना चाह‍िए. सूत्रों का कहना है क‍ि सभी सांसद मंगलवार को एक साथ फ‍िर मीटिंग करेंगे और बाद में मीडिया के सामने अपने फैसले का ऐलान करेंगे. इस बात की चर्चा है क‍ि पहले ये सांसद नया गुट बनाएंगे और फ‍िर बीजेपी में व‍िलय कर जाएंगे. हालांकि, इस पर आख‍िरी फैसला सांसदों को खुद लेना है और मंगलवार को वे मीडिया से इस बारे में बात कर सकते हैं. जिसकी संख्या ज्‍यादा, उसका चुनाव च‍िह्न कोलकाता के बाद अब दिल्ली में भी तृणमूल कांग्रेस दो हिस्सों में बंट गई है. लोकसभा में तृणमूल के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत का ऐलान कर दिया है. नतीजतन, अब यह अटकलें लगने लगी हैं कि कोलकाता और दिल्ली में मिले इन दोहरे झटकों में ममता बनर्जी अपनी पार्टी और चुनाव चिह्न दोनों खो देंगी. विधानसभा में तृणमूल के दो-तिहाई से अधिक विधायक ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले विपक्षी खेमे में शामिल हो चुके हैं. इनकी संख्या 60 से अधिक हो गई है. विधानसभा चुनावों के बाद, लोकसभा के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने भी बगावत का ऐलान कर दिया है. लोकसभा में तृणमूल के 28 सांसद थे. इनमें से कम से कम 20 से 22 सांसद बागी खेमे में शामिल हो चुके हैं. … तो पार्टी पर भी होगा बाग‍ियों का कब्‍जा विधानसभा और लोकसभा के बाद, अगर राज्यसभा में भी तृणमूल सांसदों के दो-तिहाई सदस्य बगावत कर देते हैं, तो ममता बनर्जी का दबाव और बढ़ जाएगा. क्योंकि चुनाव आयोग के नियम के अनुसार, अगर विधानसभा, लोकसभा, राज्यसभा और नगर एवं पंचायत स्तर पर तृणमूल के अधिकांश जन प्रतिनिधि बागी खेमे का समर्थन करते हैं, तो पीड़ित पक्ष चुनाव आयोग से तृणमूल पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह मांग सकते हैं. साथ ही, पार्टी पदाधिकारियों का समर्थन भी बागियों के साथ होना चाहिए. About the Author Gyanendra Mishra Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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aaj ka Vrishchik rashifal 09 June 2026 big gains today in career...

Last Updated:June 09, 2026, 00:06 IST Aaj ka Vrishchik Rashifal 09 June 2026: ज्योतिषाचार्य ने वृश्चिक राशि के जातकों को आने वाले समय में स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार जातकों को मुख्य रूप से पेट और कमर के हिस्से का ध्यान रखना होगा. दिन को भाग्यशाली और सफल बनाने के लिए शुभ अंक 9 और शुभ रंग गहरा लाल व काला रहेगा. इसके साथ ही, जीवन में सुख-समृद्धि और संकटों से मुक्ति के लिए ज्योतिषाचार्य ने कल शाम को घर के मुख्य द्वार पर लाल मोमबत्ती और लौंग का एक अचूक उपाय करने की विशेष सलाह दी है. ​सीतामढ़ी: आज 9 जून 2026 को वृश्चिक राशि के जातकों की रहस्यमयी शक्ति और तेज अंतर्दृष्टि चरम पर रहने वाली है. ग्रहों की अनुकूल स्थिति के कारण इस राशि के लोगों के सामने कई छिपी हुई बातें और राज उजागर हो सकते हैं. इस सकारात्मक बदलाव के बीच जातक अपनी सटीक निर्णय क्षमता के बल पर जीवन में तेजी से आगे बढ़ेंगे. दिन की शुरुआत से ही एक नई ऊर्जा का संचार महसूस होगा जो आपको हर क्षेत्र में सफलता की ओर ले जाएगा. करियर और व्यापार​ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे के अनुसार इस अवधि में करियर और व्यापार के क्षेत्र में बड़े सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे. कार्यक्षेत्र में आपके बढ़े हुए आत्मविश्वास की हर जगह सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारी आपकी कार्यशैली से प्रभावित होकर आपको कोई नई जिम्मेदारी या बड़ा अवसर सौंप सकते हैं. व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय अत्यंत भाग्यशाली सिद्ध होगा क्योंकि आज किए गए नए सौदे और नए व्यावसायिक संपर्क भविष्य में बड़ा मुनाफा दिलाने वाले साबित होंगे. कैसा रहेगा आर्थिक पक्ष​आर्थिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो वृश्चिक राशि के जातकों की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत रहने वाली है. लंबे समय से अटका हुआ या डूबा हुआ पुराना बकाया धन अचानक वापस मिलने की प्रबल संभावना बन रही है जिससे आपकी आर्थिक चिंताएं दूर होंगी. पारिवारिक और प्रेम जीवन की बात करें तो जीवनसाथी के साथ एक गहरा और अटूट रोमांटिक जुड़ाव महसूस होगा. घर-परिवार में आपसी तालमेल बेहतर रहने से मानसिक शांति और सुखद माहौल बना रहेगा जिससे आप तनावमुक्त महसूस करेंगे. बरतें ये सावधानी​ज्योतिषाचार्य ने वृश्चिक राशिवालों को स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी है. जिसके तहत जातकों को पेट और कमर के हिस्से का विशेष ध्यान रखना होगा. दिन को पूरी तरह सफल बनाने के लिए शुभ अंक 9 और शुभ रंग गहरा लाल व काला रहेगा. इसके साथ ही एक विशेष उपाय के तौर पर कल शाम को घर में एक लाल मोमबत्ती जलाएं और उसमें 3 लौंग डाल दें. इसके बाद 11 बार ॐ हनुमते नमः मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करें और बाद में उस मोमबत्ती को घर के मुख्य द्वार के बाहर स्वतः बुझने के लिए छोड़ दें. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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aaj ka Kanya rashifal 09 june 2026 Virgo horoscope in hindi

Last Updated:June 09, 2026, 00:08 IST Aaj ka Kanya Rashifal 09 june 2026: कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिला-जुला परिणाम लेकर आने वाला है. दिन की शुरुआत में जातकों को विशेष रूप से सतर्क और धैर्यवान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि सुबह के समय परिवार या कार्यक्षेत्र में कुछ तनाव की स्थिति बन सकती है. हालांकि, दोपहर के बाद परिस्थितियों में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और आपके लंबे समय से रुके हुए काम तेजी से पूरे होंगे. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, आज के दिन को संकटमुक्त और सफल बनाने के लिए हनुमान जी की पूजा और पाठ करना बेहद फलदायी साबित होगा. देवघर: कन्या राशिवालों ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का प्रभाव हर व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है. पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है. साथ ही उत्तरभाद्रपदा नक्षत्र और आयुष्मान योग का शुभ संयोग बन रहा है, जो कई मामलों में सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जाता है. चंद्रमा का गोचर भी आज महत्वपूर्ण रहने वाला है, जिसका असर कन्या राशि के जातकों पर देखने को मिलेगा. कुल मिलाकर आज का दिन कन्या राशि वालों के लिए मिला-जुला रहने वाला है. दिन की शुरुआत में कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन शाम तक परिस्थितियां आपके पक्ष में होती नजर आएंगी. अपने व्यावहार पर नियंत्रण रखेआज सुबह के समय आपको अपने व्यवहार और बोलचाल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी. परिवार या जीवनसाथी के साथ किसी छोटी बात को लेकर बहस या मतभेद होने की संभावना बन रही है. ऐसे में गुस्से पर नियंत्रण रखना और धैर्य से काम लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा. यदि आप समझदारी से स्थिति को संभालेंगे तो किसी बड़े विवाद से बच सकते हैं. परिवार के लोगों के साथ मधुर संबंध बनाए रखने का प्रयास करें. व्यापार और नौकरी मे होगा उतार चढ़ाव व्यापार और नौकरी से जुड़े लोगों के लिए भी दिन के शुरुआती घंटे थोड़े उतार-चढ़ाव वाले रह सकते हैं. कारोबार में मनचाहा लाभ नहीं मिलने से थोड़ी चिंता हो सकती है. किसी महत्वपूर्ण निर्णय को लेने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें. जल्दबाजी में लिया गया फैसला बाद में परेशानी का कारण बन सकता है. हालांकि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि दोपहर के बाद परिस्थितियां धीरे-धीरे आपके अनुकूल होने लगेंगी. आज का शुभ और अशुभ समय आज दोपहर 3 बजकर 27 मिनट से शाम 5 बजकर 27 मिनट तक राहुकाल रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दौरान किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए. वहीं सुबह 4 बजकर 35 मिनट से 6 बजकर 10 मिनट तक अमृत काल रहेगा, जो बेहद शुभ माना गया है. इस समय में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है. यदि आप कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, निवेश करना चाहते हैं या किसी महत्वपूर्ण योजना पर काम करना चाहते हैं तो यह समय आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है. दोपहर के बाद बदलेगा समय कन्या वालों दोपहर के बाद आपके मन में सकारात्मकता बढ़ेगी और कार्यों में गति आने लगेगी. लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है. मित्रों या करीबी लोगों से सहयोग मिल सकता है. शाम का समय अपेक्षाकृत बेहतर रहेगा. आप परिवार या दोस्तों के साथ मनोरंजन का आनंद ले सकते हैं. किसी कार्यक्रम में शामिल होने या घूमने-फिरने का अवसर भी मिल सकता है. यात्रा के योग भी बन रहे हैं, जो आपके लिए सुखद और लाभकारी साबित हो सकते हैं. उपाय-सुबह स्नान के बाद हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें. हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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पलक झपकते ही ड्रैगन की नस दबा देगा भारत? चीन के 80%...

नई दिल्ली. अंडमान-निकोबार भारत का अंतिम छोर है. सामरिक दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. यह मलक्का जलडमरूमध्य के बेहद निकट स्थित है. यह ऐसी रणनीतिक लोकेशन है, जहां से चीन के लगभग 80 प्रतिशत कच्चे तेल और 70 प्रतिशत एलएनजी (एलएनजी) का आवागमन होता है. सामरिक और व्यावसायिक, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र को नई पहचान देने की दिशा में भारत सरकार तैयारी कर रही है. ग्रेट निकोबार द्वीप समूह (जीएनआई) के समग्र विकास की परिकल्पना के तहत केंद्र सरकार ने चार प्रमुख परियोजनाओं को शामिल किया है. इनमें अंतरराष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट (आईसीटीपी), संयुक्त उपयोग वाला ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा एवं नौसैनिक एयर स्टेशन, टाउनशिप तथा पावर प्लांट शामिल हैं. रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस परियोजनाओं के तहत, भारत सरकार नौसेना और आम नागरिकों के इस्तेमाल के लिए एक हवाई अड्डा और रनवे बनाने के लिए 13,000 करोड़ रुपए निवेश करने की योजना बनाई है. इस निवेश को रक्षा मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय दोनों मिलकर उठाएंगे. इस परियोजना के पांच वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है. ग्रेट निकोबार द्वीप (जीएनआई) में प्रस्तावित संयुक्त उपयोग वाले ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे और नौसैनिक वायु स्टेशन से भारत की इस क्षेत्र में निरंतर उपस्थिति मजबूत होगी. इसके साथ ही सैन्य संसाधनों की आवाजाही, अभियानों को समर्थन, समुद्री मार्गों की निगरानी, संकट की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया तथा अग्रिम क्षेत्रों में रसद (लॉजिस्टिक्स) बनाए रखने की क्षमता भी बढ़ेगी. ग्रेट निकोबार द्वीप समूह 6-डिग्री चैनल के निकट स्थित है, जो अदन की खाड़ी से लेकर मलक्का जलडमरूमध्य तक फैले समुद्री व्यापार मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह क्षेत्र इस समुद्री मार्ग से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. दुनिया के कुल ऊर्जा व्यापार का लगभग दो-तिहाई और कंटेनर परिवहन का लगभग आधा हिस्सा इसी संवेदनशील क्षेत्र से होकर गुजरता है. अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना का एयर स्टेशन आईएनएस बाज वर्ष 2012 से सक्रिय है. रक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह एयरफील्ड प्रारंभ में 3,500 फीट लंबे रनवे के साथ शुरू हुआ था. बाद में आवश्यकताओं के अनुरूप इसके विस्तार का कार्य जारी रहा. रनवे की लंबाई 3,500 फीट से बढ़ाकर 4,500 फीट कर दी गई थी, जबकि विस्तार योजना के तहत इसे 10,000 फीट तक बढ़ाने का प्रस्ताव था. हालांकि, इसके लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण और समुद्री क्षेत्र के पुनर्भरण (रीक्लेमेशन) की आवश्यकता थी. रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे की स्थापना के लिए आईएनएस बाज सहित पांच वैकल्पिक स्थलों का मूल्यांकन किया गया था. इस दौरान स्थलाकृति (टोपोग्राफी), हवाई नेविगेशन में संभावित बाधाएं, जनजातीय आबादी पर प्रभाव, वनस्पति एवं वन्यजीवों पर पड़ने वाले असर सहित कई अन्य मानकों को ध्यान में रखा गया. विस्तृत अध्ययन के बाद गलाथिया खाड़ी को ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए सबसे उपयुक्त स्थान के रूप में चुना गया. इसके अलावा, आईएनएस बाज को ब्राउनफील्ड परियोजना के रूप में विकसित करने की संभावना पर भी विचार किया गया, लेकिन कई व्यावहारिक सीमाओं के कारण इस विकल्प को छोड़ दिया गया. इस क्षेत्र के उत्तर में 80 मीटर से अधिक ऊंची पहाड़ियां हैं, जिनके कारण बड़े विमानों के सुरक्षित संचालन के लिए व्यापक स्तर पर पहाड़ी कटान और उथले समुद्री तट की ड्रेजिंग आवश्यक होती. साथ ही, भारतीय नौसेना का मौजूदा बुनियादी ढांचा छोटे रनवे के आसपास विकसित हो चुका है और कोड-4 श्रेणी के रनवे के लिए आवश्यक सुरक्षा मानक यहां उपलब्ध नहीं हैं. ऐसी स्थिति में मौजूदा सुविधाओं को हटाना पड़ता. इसके अतिरिक्त, भविष्य में विस्तार की संभावनाएं भी सीमित थीं और यह स्थान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए आवश्यक अवसंरचना को समायोजित करने में सक्षम नहीं था. अधिकारियों के अनुसार, यदि आईएनएस बाज को ब्राउनफील्ड एयरपोर्ट के लिए चुना जाता तो जनजातीय आबादी, वनस्पति और वन्यजीवों पर अपेक्षाकृत अधिक प्रभाव पड़ता. यही कारण है कि नई परियोजना के तहत आईएनएस बाज से लगभग 30 किलोमीटर दूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित किया जाएगा. Source link

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लाडले का कीर्ति चक्र छाती से लगा रो पड़ी मां, जिसने भी...

होमवीडियोदेश लाडले का कीर्ति चक्र छाती से लगा रो पड़ी मां, जिसने भी देखा कलेजा मुंह को आ गया X लाडले का कीर्ति चक्र छाती से लगा रो पड़ी मां, जिसने भी देखा कलेजा मुंह को आ गया   नई दिल्ली: राष्ट्रपति भवन का अशोक हॉल सोमवार, 8 जून 2026 को उस वक्त अत्यंत भावुक हो उठा जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत देश के दूसरे सबसे बड़े शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया. आर्मी सर्विस कॉर्प्स/1 सिक्किम स्काउट्स के जांबाज अधिकारी शशांक ने उत्तरी सिक्किम की एक उफनती नदी में गिरे अपने साथी अग्निवीर स्टीफन सुब्बा की जान तो बचा ली लेकिन खुद वीरगति को प्राप्त हो गए. जब शहीद का यह सर्वोच्च सम्मान लेने उनके पिता श्री जंग बहादुर तिवारी और मां श्रीमती नीता तिवारी आगे बढ़े तो मां अपने लाडले की शहादत और अदम्य साहस को याद कर फूट-फूटकर रो पड़ीं. इस हृदयविदारक क्षण में राष्ट्रपति ने भी बेहद संवेदनशीलता दिखाते हुए मां का कंधा थामकर उन्हें ढांढस बंधाया. देश के इस वीर सपूत का सर्वोच्च बलिदान भारतीय सेना के अटूट सौहार्द, निस्वार्थ सेवा और सर्वोच्च निष्ठा की एक अमर दास्तान बन गया है, जिसने हर भारतीय की आंख नम कर दी.<br>नई दिल्ली: राष्ट्रपति भवन का अशोक हॉल सोमवार, 8 जून 2026 को उस वक्त अत्यंत भावुक हो उठा जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत देश के दूसरे सबसे बड़े शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया. आर्मी सर्विस कॉर्प्स/1 सिक्किम स्काउट्स के जांबाज अधिकारी शशांक ने उत्तरी सिक्किम की एक उफनती नदी में गिरे अपने साथी अग्निवीर स्टीफन सुब्बा की जान तो बचा ली लेकिन खुद वीरगति को प्राप्त हो गए. जब शहीद का यह सर्वोच्च सम्मान लेने उनके पिता श्री जंग बहादुर तिवारी और मां श्रीमती नीता तिवारी आगे बढ़े तो मां अपने लाडले की शहादत और अदम्य साहस को याद कर फूट-फूटकर रो पड़ीं. इस हृदयविदारक क्षण में राष्ट्रपति ने भी बेहद संवेदनशीलता दिखाते हुए मां का कंधा थामकर उन्हें ढांढस बंधाया. देश के इस वीर सपूत का सर्वोच्च बलिदान भारतीय सेना के अटूट सौहार्द, निस्वार्थ सेवा और सर्वोच्च निष्ठा की एक अमर दास्तान बन गया है, जिसने हर भारतीय की आंख नम कर दी. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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samastipur pusa university fish and moti pearl farming tips

होमताजा खबरlifestyle एक ही तालाब में करें मछली के साथ मोती पालन, डबल इनकम के लिए पहुंचे यहां Last Updated:June 08, 2026, 21:33 IST Fish And Ship farming Tips: समस्तीपुर के किसानों के लिए खुशखबरी है. अब मछली पालन के साथ तालाबों में सीप पालन कर मोती उत्पादन से डबल मुनाफा कमा रहे हैं. डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (पूसा) किसानों को ट्रेनिंग और तकनीकी मदद देकर इस आधुनिक तकनीक से जोड़ रहा है. जानें कैसे एक ही तालाब से हो रही है दोगुनी कमाई. ख़बरें फटाफट समस्तीपुर: हर किसान का सपना होता है कि वह कम लागत में अधिक से अधिक आमदनी प्राप्त करे. इसी सोच को साकार करने की दिशा में मछली पालन के साथ शीप (सीप) पालन एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रहा है. समस्तीपुर जिले में कई किसान इस तकनीक को अपनाकर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार मछली पालन के लिए तैयार तालाबों में ही शिप पालन किया जा सकता है. जिससे अलग से जमीन या बड़े निवेश की आवश्यकता नहीं पड़ती. यही वजह है कि एक ही संसाधन का उपयोग कर किसान दो अलग-अलग स्रोतों से कमाई कर सकते हैं. शिप पालन के माध्यम से मोती उत्पादन भी संभव है. जिसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होता है. वैज्ञानिक किसानों को दे रहे प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोगडॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के मत्स्य पालन विभाग के वैज्ञानिक डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय द्वारा शीप पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इच्छुक किसान विभाग से संपर्क कर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं.विश्वविद्यालय में विभिन्न प्रकार के शिप उपलब्ध हैं, जिन्हें किसान लेकर इस कार्य की शुरुआत कर सकते हैं. वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को शिप के रखरखाव, भोजन, देखभाल और मोती उत्पादन की पूरी प्रक्रिया सिखाई जाती है. डॉ. कुमार के अनुसार शिप के अंदर विशेष प्रकार का न्यूक्लियस डालकर मनचाहे डिजाइन के मोती तैयार किए जा सकते हैं. यदि किसी किसान को गणपति, फूल या अन्य आकृति वाला मोती चाहिए तो उसी प्रकार का न्यूक्लियस शिप के भीतर स्थापित किया जाता है. 17 से 18 महीने में तैयार होता है मोतीवैज्ञानिक डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि मोती उत्पादन एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है. जिसमें धैर्य और तकनीकी जानकारी दोनों की आवश्यकता होती हैं. सामान्य तौर पर एक गुणवत्तापूर्ण मोती तैयार होने में 17 से 18 महीने का समय लगता है. इस दौरान शिप सूक्ष्म शैवाल, बैक्टीरिया और कार्बनिक पदार्थों को भोजन के रूप में ग्रहण करता है. उचित देखभाल और सही तकनीक अपनाने पर किसानों को अच्छा उत्पादन प्राप्त होता है. उन्होंने कहा कि शिप पालन न केवल अतिरिक्त आय का साधन है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकता है. विश्वविद्यालय लगातार किसानों को इस तकनीक से जोड़ने का प्रयास कर रहा है ताकि वे पारंपरिक मछली पालन के साथ मोती उत्पादन कर अपनी आर्थिक स्थिति को और मजबूत बना सकें. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Samastipur,Bihar Source link

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पश्चिम बंगाल में CBI को खुली छूट, लेकिन एक शर्त भी; सुवेंदु...

Last Updated:June 08, 2026, 20:37 IST पश्चिम बंगाल सरकार ने भ्रष्टाचार मामलों की जांच के लिए सीबीआई को फिर दी सामान्य सहमति सरकारी कर्मचारियों पर जांच से पहले सीबीआई को बंगाल सरकार से अनुमति लेनी होगी. (फाइल फोटो) कोलकाता. पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को फिर से “सामान्य सहमति” (जनरल कंसेंट) या “स्थायी अनुमति” बहाल करने की घोषणा की. इसके तहत अब सीबीआई राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच शुरू करने के लिए हर बार राज्य सरकार से अलग-अलग अनुमति लेने की बाध्यता से मुक्त होगी. हालांकि, राज्य सरकार ने इस फैसले के साथ एक शर्त भी जोड़ी है. यदि किसी मामले में आरोप राज्य सरकार के किसी कर्मचारी के खिलाफ हों, तो सीबीआई को जांच शुरू करने से पहले राज्य सरकार की पूर्व अनुमति लेनी होगी. गौरतलब है कि वर्ष 2018 में तत्कालीन ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस ले ली थी. इसके बाद पश्चिम बंगाल में किसी मामले की जांच शुरू करने के लिए सीबीआई के पास दो ही विकल्प बचे थे. पहला, प्रत्येक मामले में राज्य सरकार से अलग से अनुमति लेना और दूसरा, अदालत के आदेश के आधार पर जांच शुरू करना. अब नई पश्चिम बंगाल सरकार ने दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 (डीएसपीई एक्ट) की धारा 6 के तहत पूर्ववर्ती सरकार के फैसले को निरस्त करते हुए सीबीआई को फिर से सामान्य सहमति प्रदान कर दी है. उल्लेखनीय है कि 2018 में सामान्य सहमति वापस लिए जाने के बाद भी सीबीआई ने भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामलों में एफआईआर दर्ज की थीं. उस समय तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सीबीआई की इस कार्रवाई का विरोध करते हुए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था. यहां तक कि कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई जांच के आदेश दिए जाने वाले मामलों में भी राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इस दौरान केंद्र सरकार का तर्क था कि किसी भी राज्य सरकार की शक्तियां असीमित नहीं हैं और कोई भी राज्य सरकार आरोपियों को संरक्षण देने या राजनीतिक कारणों से जांच एजेंसियों के कामकाज में बाधा नहीं डाल सकती. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kolkata,West Bengal Source link

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सुखोई लेकर पाकिस्‍तान में घुसा, ‘सिंदूर’ में फिर जमकर मचाई तबाही… भारत...

होमफोटोदेश सुखोई लेकर पाक में घुसा, जमकर मचाई तबाही… भारत के लाल को मिला वीर चक्र Last Updated:June 08, 2026, 19:34 IST पाकिस्तान की सीमा में घुसकर तबाही मचाने वाले जांबाज सुखोई-30 एमकेआई पायलट ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा को वीर चक्र से सम्मानित किया गया है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन के घर में घुसकर सटीक एयरस्ट्राइक करने वाले मनीष अरोड़ा ने देश की सुरक्षा के लिए असाधारण वीरता का प्रदर्शन किया था. शौर्य चक्र विजेता इस वीर योद्धा ने पाकिस्तानी एयर डिफेंस को छकाते हुए खतरनाक मिशन को अंजाम दिया, जिसके लिए देश ने उन्हें इस बड़े सैन्य सम्मान से नवाजा है. भारतीय वायुसेना के जांबाज सुखोई-30 एमकेआई (Su-30MKI) पायलट ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा को उनकी अदम्य वीरता के लिए वीर चक्र से नवाजा गया है. मनीष अरोड़ा वायुसेना के उन चुनिंदा और जांबाज लड़ाकू पायलटों में शामिल हैं, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान की सीमा में घुसकर दुश्मन के ठिकानों को नेस्तनाबूद किया था. इस बेहद खतरनाक हवाई हमले को सफलतापूर्वक अंजाम देने और देश की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए उन्हें यह सम्मान मिला है. पूर्व में शौर्य चक्र पा चुके ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा ने पाकिस्तान में घुसकर हवाई स्ट्राइक करने वाले इस पराक्रम से देश का गौरव बढ़ाया है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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darbhanga mithilanchal traditional beera saag preservation and taste recipe

Last Updated:June 08, 2026, 18:34 IST Mithilanchal Traditional Beera Saag Recipe: तीखा, चटपटा और मिट्टी की सोंधी खुशबू वाला मिथिलांचल का पारंपरिक बीरा साग आज भी लोगों को माँ-नानी के हाथों के स्वाद की याद दिलाता है. जानिए इस साग की वो अनूठी तकनीक, जिससे इसे सुखाकर सालभर खाने के लिए सुरक्षित रखा जाता है. यह चावल-लिट्टी के साथ क्यों खास है जानें. साथ ही इसको बनाने की विधि भी खास है. दरभंगा: मिथिलांचल के लोग खाने के बड़े शौकीन होते हैं. बात अगर साग की हो तो यहां पर कई वैरायटी के मिल जाएंगे. यहां हर मौसम का अपना साग है. चने का साग, बथुआ, पालक, सरसों. लेकिन समस्या ये कि ये साग सीजनल हैं. मन किया और मौसम नहीं, तो क्या करें? मिथिला की गृहणियों ने इसका देसी जुगाड़ निकाल लिया है ‘बीरा’. यह साग को सालभर खाने का पारंपरिक तरीका है. इसे बनाकर रख लीजिए, फिर बेमौसम भी आपके थाली से साग का स्वाद गायब नहीं होगा. बीरा क्या है?बीरा यानी सुखाया और संरक्षित किया हुआ साग. पुराने समय में जब फ्रिज नहीं थे, तब मिथिलांचल में माँ-दादी साग को सुखाकर, तलकर या मसाले में पका कर डिब्बों में रख देती थीं. बरसात में जब खेत-खलिहान में साग नहीं मिलता, तब यही बीरा चावल-रोटी का स्वाद दोगुना कर देता था. बीरा बनाने की आसान विधिमिथिला की गृहणी आशा देवी बताती है कि सबसे पहले मनपसंद साग लें. जैसे बथुआ, सरसों या चना का साग. फिर साग को हल्का फ्राई कर के रख लें. अब तड़का तैयार करें. मिक्सी में सरसों और लहसुन के साथ काली मिर्च का पेस्ट बना लें. कढ़ाई को गैस पर चढ़ाएं, थोड़ा सरसों का तेल डालें. तेल गरम हो तो सरसों-लहसुन का पेस्ट डालकर भूनें. खुशबू आने लगे तो हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक और एक बारीक कटा टमाटर डाल दें. मसाले को धीमी आँच पर तब तक भूनें जब तक तेल किनारे न छोड़ दे. फिर जरूरत भर पानी डालें और ग्रेवी तैयार करें. पानी उबल जाए तो उसमें पहले से फ्राई किया हुआ या सुखाया हुआ बीरा डाल दें. 5 मिनट पकाएँ. लीजिए, मिथिलांचल का स्पेशल बीरा तैयार है. किसके साथ खाएं?गरम-गरम बीरा चावल के साथ अमृत लगता है. रोटी, पराठे या लिट्टी के साथ भी इसका जवाब नहीं. तीखा, चटपटा और मिट्टी की सोंधी खुशबू वाला यह बीरा आपको नानी-दादी के दौर में ले जाएगा. तो अगली बार जब मौसम का साग बाजार में खूब दिखे, तो थोड़ा ज्यादा खरीद लें. बीरा बनाकर रख लें. फिर पूरा साल बेमौसम भी आपके किचन से साग की महक नहीं जाएगी. यही है मिथिलांचल का स्वाद, जो कभी फीका नहीं पड़ता. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Darbhanga,Bihar Source link

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कांग्रेस के रहते ‘इंडिया’ अलायंस का कोई फ्यूचर नहीं; राहुल गांधी पर...

होमताजा खबरदेश कांग्रेस के रहते ‘इंडिया’ अलायंस का कोई फ्यूचर नहीं, राहुल पर बरसे AAP नेता Last Updated:June 08, 2026, 17:33 IST सोमनाथ भारती ने कहा कि विभिन्न राज्यों में कांग्रेस का रवैया क्षेत्रीय दलों के प्रति अलग-अलग रहा है और कई जगहों पर उसने विरोधी दलों का अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि जहां भी कोई क्षेत्रीय पार्टी मजबूत होती है, वहां कांग्रेस उसे कमजोर करने की कोशिश करती है. सोमनाथ भारती ने कांग्रेस पर निशाना साधा. नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सोमनाथ भारती ने कहा कि कांग्रेस इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व को संभालने में विफल रही है. उन्होंने दावा किया कि जब तक कांग्रेस नेतृत्व करेगी तब तक इंडिया गठबंधन का कोई भविष्य नहीं है. आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती ने आईएएनएस से कहा, “भारतीय गठबंधन एक मिशन के लिए बनाया गया था. जिस तरह भाजपा ने एनडीए बनाया, उसी तरह हमने इंडिया गठबंधन बनाया था. लेकिन हर गठबंधन का एक धर्म होता है. धर्म यह है कि जो अंदर है, वही बाहर भी दिखना चाहिए. सार्वजनिक रूप से कहा गया था कि हम एक गठबंधन के रूप में लड़ेंगे और एक-दूसरे का समर्थन करेंगे, लेकिन पर्दे के पीछे कांग्रेस भाजपा का साथ देती नजर आ रही थी.” सोमनाथ भारती ने आगे कहा, “लोकसभा चुनाव के दौरान दिल्ली में 4-3 का फार्मूला तय हुआ था. जो 3 सीटें कांग्रेस को मिलीं, उनके लिए अरविंद केजरीवाल ने खुलकर प्रचार किया. वहीं, जो 4 सीटें आम आदमी पार्टी को मिलीं, उनके लिए राहुल गांधी सहित कांग्रेस का कोई नेता वोट मांगने नहीं पहुंचा. ऐसे में यह कैसा गठबंधन है? दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान तो खुलकर बात सामने आ गई जब शून्य सीट जीतने के बाद कहा कि आम आदमी पार्टी हार गई. इससे बड़ा प्रमाण क्या होगा कि कांग्रेस को गठबंधन धर्म निभाना नहीं आता है?” सोमनाथ भारती ने आरोप लगाया कि जब राहुल गांधी वोट चोरी की बात करते हैं तो दिल्ली को छोड़ देते हैं. जब तक इंडिया गठबंधन का कांग्रेस नेतृत्व करेगी, तब तक इस गठबंधन का कोई भविष्य नहीं है. इसके पहले सोमनाथ भारती ने कहा था कि कांग्रेस का रवैया ऐसा है कि वह चाहती है कि राजनीति केवल भाजपा और कांग्रेस के बीच सीमित रह जाए और अन्य दल खत्म हो जाएं, ताकि भविष्य में दोनों के बीच बारी-बारी से सत्ता चलती रहे. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह कांग्रेस ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ व्यवहार किया, उसी तरह पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के साथ भी किया. उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में कांग्रेस का रवैया क्षेत्रीय दलों के प्रति अलग-अलग रहा है और कई जगहों पर उसने विरोधी दलों का अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि जहां भी कोई क्षेत्रीय पार्टी मजबूत होती है, वहां कांग्रेस उसे कमजोर करने की कोशिश करती है. दिल्ली में आम आदमी पार्टी और पश्चिम बंगाल में टीएमसी इसका उदाहरण है. सोमनाथ भारती ने कहा कि कांग्रेस की इस तरह की नीतियों का अनुभव उनकी पार्टी ने खुद किया है, इसलिए उन्हें इसका अंदाजा है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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