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342 रुपये की सीधी बचत…4 साल बाद हिमाचल की पठानकोट–जोगिंदरनगर ट्रेक पर...

Last Updated:June 03, 2026, 16:29 IST Kangra Trains: हिमाचल प्रदेश में करीब चार साल बाद मंगलवार को पठानकोट–जोगिंदरनगर रेलवे लाइन पर रेल सेवा फिर शुरू हो गई.अगस्त 2022 में बाढ़ के दौरान हिमाचल-पंजाब सीमा पर चक्की रेलवे पुल बह जाने से रेल सेवाएं प्रभावित हुई थीं. केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय के प्रयासों से लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक तकनीक के जरिए नए पुल का निर्माण किया गया, जिससे रेल सेवाओं की बहाली संभव हो सकी. ख़बरें फटाफट इस रेल रूट पर अगस्त 2023 से ट्रेनें बंद थीं. धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश में करीब चार साल बाद मंगलवार को पठानकोट–जोगिंदरनगर रेलवे लाइन पर रेल सेवा फिर शुरू हो गई, जिससे कांगड़ा और आसपास के इलाकों के हजारों लोगों के लिए जरूरी ट्रांसपोर्ट कनेक्शन वापस मिल गया है. अधिकारियों ने बताया कि रेल सेवा शुरू होने पर पूरे इलाके में खुशी का माहौल था और यात्रियों ने इसका स्वागत किया. कई यात्रियों ने बताया कि ट्रेन से सफर करने पर काफी पैसे बचते हैं, क्योंकि जोगिंदरनगर तक बस का किराया करीब 392 रुपये है, जबकि ट्रेन का किराया सिर्फ 40 रुपये है. मंगलवार को इस रूट पर करीब 60 लोगों ने सफर किया. मंगलवार सुबह पठानकोट सिटी नैरो गेज रेलवे स्टेशन से सात-सात डिब्बों वाली दो ट्रेनें चलीं. ट्रेन नंबर 62465 सुबह पांच बजे चली, और ट्रेन नंबर 52467 सुबह सात बजे रवाना हुई. हिमाचल प्रदेश की तरफ से सेवा सुबह 8:30 बजे कांगड़ा रेलवे स्टेशन से शुरू हुई. पंजाब-हिमाचल प्रदेश सीमा पर चक्की रेलवे पुल का बड़ा हिस्सा बाढ़ में टूट गया था, जिससे इस रेल रूट पर अगस्त 2023 से ट्रेनें बंद थीं. रेल कनेक्शन बहाल करने के लिए रेल मंत्रालय ने तेजी से काम शुरू किया और करीब 70 करोड़ रुपये खर्च करके नया रेलवे पुल बनाया. रेलवे के सीनियर अधिकारियों ने ट्रैक का पूरा निरीक्षण और सफल ट्रायल के बाद अब नियमित सेवा फिर शुरू कर दी है. हमीरपुर के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सेवा शुरू की. ठाकुर ने कहा कि रेल सेवा बहाल होने में उम्मीद से ज्यादा वक्त लगा, लेकिन इस मुद्दे को लगातार केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय के सामने रखा गया. उन्होंने कहा, ‘यह रेलवे लाइन पहाड़ी इलाकों के लोगों के लिए सिर्फ ट्रांसपोर्ट नहीं, बल्कि उनकी लाइफलाइन है.’ उन्होंने बताया कि इसे जल्दी शुरू करने के लिए लगातार कोशिश की गई. 164 किमी लंबा सफर गौर रहे कि पंजाब के पठानकोट से हिमाचल के जोगिंदरनगर तक 164 किमी लंबी ऐतिहासिक नैरो-गेज रेल लाइन है. धौलाधार पर्वत श्रृंखलाओं और हरी-भरी वादियों से गुजरने वाला यह मार्ग यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की अस्थायी सूची में शामिल है. About the Author Vinod Kumar Katwal Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kangra,Kangra,Himachal Pradesh Source link

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अमेरिका ने फिर लगा दिया 12.5 फीसदी टैरिफ, भारत के पास बचने...

Last Updated:June 03, 2026, 15:27 IST Section 301 : अमेरिका ने एक बार फिर पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है. एक तरफ तो उसके विदेश मंत्री दावा कर रहे हैं कि डील 99 फीसदी पूरी हो गई है और दूसरी ओर सेक्‍शन 301 जैसे कानून की आड़ में भारत पर टैरिफ लगा रहा है. सरकार के थिंक टैंक ने सुझाव दिया है कि भारत को इस कानून और टैरिफ का विरोध करना चाहिए. इसके विरोध में भारत के पास पर्याप्‍त तर्क भी हैं. अमेरिका ने धारा 301 की आड़ में भारत पर 12.5 फीसदी टैरिफ लगा दिया है. नई दिल्‍ली. अमेरिका ने भारत पर बंधुआ मजदूरी सहित अन्‍य कई तरह के आरोपों की जांच का बहाना बनाकर फिर 12.5 फीसदी का टैरिफ लगाने का प्रस्‍ताव दे दिया है. एक तरफ तो भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है और दूसरी ओर टैरिफ का खेल शुरू कर दिया है. ऐसे में भारत के पास आखिर क्‍या विकल्‍प हैं, जिसका इस्‍तेमाल वह टैरिफ से बचने के लिए कर सकता है. सरकार के थिंक टैंक जीटीआरआई ने साफ कहा है कि अमेरिका का यह कदम नियमों के विरुद्ध है और भारत को इसे चुनौती देनी चाहिए. आर्थिक शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के अनुसार, अमेरिका द्वारा धारा-301 जांच के तहत भारत पर प्रस्तावित 12.5 फीसदी शुल्क प्रावधान के दायरे से बाहर है. भारत को इसे चुनौती देनी चाहिए. संस्‍थान ने कहा है कि 12.5 फीसदी का यह शुल्क अमेरिका की विश्व व्यापार संगठन प्रतिबद्धताओं से अधिक है. इससे पहले अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने बंधुआ मजदूरी से निर्मित वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने में विफल रहने के आरोप में भारत सहित 54 देशों पर 12.5 फीसदी का अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है. 60 देशों के खिलाफ चल रही कार्रवाईअमेरिका की यह कार्रवाई 60 देशों के खिलाफ शुरू की गई जांच के बाद की जा रही है. इसमें यूएसटीआर ने आरोप लगाया था कि ये देश बंधुआ मजदूरी से तैयार उत्पादों के आयात पर प्रभावी प्रतिबंध लागू करने में विफल रहे हैं. जीटीआरआई ने कहा कि वर्तमान जांच धारा-301 के दायरे से बाहर है, जो जांच के दायरे में आ रहे देश के आयात व उनके स्रोत से नहीं बल्कि अमेरिकी कंपनियों के सामने आने वाली बाजार पहुंच बाधाओं से संबंधित है. क्‍या है अमेरिका के दावे में लूपहोलआर्थिक शोध संस्थान के अनुसार, यह जांच इस आरोप पर आधारित नहीं है कि निर्यात किए जाने वाले भारतीय उत्पाद बंधुआ मजदूरी से तैयार किए जाते हैं, बल्कि यूएसटीआर की कार्रवाई इस बात पर केंद्रित है कि क्या देश तीसरे देशों में बंधुआ मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर रोक लगाते हैं. जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि भारत को यह तर्क देना चाहिए कि अमेरिका एकतरफा व्यापार उपायों के जरिये अपने पसंदीदा आयात-नियंत्रण ढांचे को अन्य देशों पर थोपने की कोशिश कर रहा है, जो धारा-301 के दायरे से बाहर है. भारत यह भी तर्क दे सकता है कि बंधुआ मजदूरी से जुड़े मुद्दे, खासकर चीन जैसे देशों में अक्सर उत्पाद-विशिष्ट होते हैं और अमेरिका स्वयं भी इन उत्पादों का बड़ा आयातक है. ऐसे में देश-व्यापी शुल्क लगाना उचित नहीं है जब समस्या कुछ उत्पादों तक सीमित हो सकती है. अमेरिका खेल रहा दबाव की राजनीतिजीटीआरआई ने इन शुल्कों को वाशिंगटन द्वारा भारत पर दबाव बढ़ाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा भी बताया, खासकर तब जब दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं. कहा कि भारत को अतिरिक्त उत्पादन क्षमता जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त धारा 301 शुल्कों के लिए भी तैयार रहना चाहिए. अमेरिका की मंशा इस तरह के दबाव के जरिये व्‍यापार समझौते में अपनी मनमर्जी शर्ते शामिल करना है. अब देखना यह है कि भारत आखिर कैसे इस दोहरी मुश्किल से निपट सकता है. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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Mamata Banerjee TMC Crisis Live: ममता के हाथों से छिन गई तृणमूल!...

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के भीतर राजनीतिक संकट बुधवार को और गहरा गया. तृणमूल कांग्रेस (TMC) में दो फाड़ की अटकलें अब सच होती दिख रही हैं. टीएमसी के भीतर बगावत बढ़ने के संकेतों ने राज्य विधानसभा में पार्टी की एकता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं. टीएमसी से निकाले जाने के एक दिन बाद बागी विधायक रीताब्रता बनर्जी विधानसभा पहुंचे और स्पीकर को एक संयुक्त पत्र सौंपा. इस पत्र पर 58 सदस्यों के हस्ताक्षर थे और इसमें उनका नाम विपक्ष के नेता के तौर पर प्रस्तावित किया गया था. विधानसभा अधिकारियों के सामने अपना दावा पेश करते समय उनके साथ अरूप रॉय, शिउली साहा और अखरुज्जमां सहित कई विधायक मौजूद थे. ये बागी विधायक खुद को ही ‘असली’ तृणमूल कांग्रेस बता रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि रीताब्रता बनर्जी को विपक्ष का नेता नियुक्त किया जाए. अगर रीताब्रता के बताए ये आंकड़े सही हैं और पार्टी के 58 विधायक उनके साथ खड़े हैं, तो यह विधानसभा के समीकरणों में एक बड़ा बदलाव होगा. इससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास केवल 20 टीएमसी विधायकों का समर्थन ही रह जाएगा और ये बागी विधायक दल-बदल कानून से बच जाएंगे. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है और तृणमूल कांग्रेस ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. Mamata Banerjee TMC Crisis Live: क्या बीजेपी टीएमसी के इन बागी नेताओं को पार्टी में शामिल करेगी? तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही उथल-पुथल और अंदरूनी मतभेद की लगातार आ रही खबरों के बीच इस बात को लेकर अटकलें तेज़ हो गई हैं कि क्या बीजेपी इन नाराज़ टीएमसी नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर सकती है. हालांकि, पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रमुख समिक भट्टाचार्य ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि पार्टी ‘दागी’ लोगों को शामिल नहीं करेगी और ज़ोर देकर कहा कि ‘बीजेपी का तृणमूलीकरण’ नहीं होगा. Mamata Banerjee TMC Crisis Live: टीएमसी ने भंग की सारी कमेटियां और संगठन तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में अपनी सभी कमेटियों के साथ-साथ अपने सभी फ्रंटल संगठनों को भी तत्काल प्रभाव से भंग करने का फैसला किया है. पार्टी ने कहा कि अब वह एक विस्तृत आंतरिक समीक्षा करेगी, जिसमें सभी स्तरों पर कामकाज और संगठनात्मक कार्यप्रणाली का मूल्यांकन शामिल होगा. इस प्रक्रिया के नतीजों के आधार पर, मुख्य संगठन और उससे जुड़े सभी विंग्स के लिए एक नए सिरे से तैयार संगठनात्मक ढाँचे की घोषणा बाद में की जाएगी. पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘गहन विचार-विमर्श के बाद, यह फैसला किया गया है कि पश्चिम बंगाल में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की सभी कमेटियां, और साथ ही उसके सभी फ्रंटल संगठन, तत्काल प्रभाव से भंग माने जाएँगे. पार्टी हर स्तर पर आत्म-निरीक्षण, कामकाज की समीक्षा और संगठनात्मक मूल्यांकन का एक व्यापक अभियान चलाएगी. इस प्रक्रिया से सामने आए नतीजों के आधार पर, मुख्य संगठन और सभी फ्रंटल संगठनों के संगठनात्मक ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा और उचित समय पर इसकी घोषणा की जाएगी.’ उन्होंने आगे कहा, ‘पार्टी अपने संगठन को मज़बूत करने और उसे नए जोश और उद्देश्य के साथ भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करने के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.’ Mamata Banerjee TMC Crisis Live: नेता विपक्ष के पद के लिए 58 विधायकों ने रीताब्रता बनर्जी का समर्थन किया टीएमसी विधायकों की बैठक के बाद 58 सदस्यों के हस्ताक्षरों वाला एक संयुक्त पत्र विधानसभा स्पीकर को सौंपा गया है, जिसमें विपक्ष के नेता के तौर पर रीतातब्रता बनर्जी के नाम का प्रस्ताव किया गया है. Mamata Banerjee TMC Crisis Live: टीएमसी के करीब 60 विधायक बैठक के लिए विधानसभा पहुंचे टीएमसी के 80 विधायकों में से लगभग 60 विधायक बैठक के लिए पश्चिम बंगाल विधानसभा पहुंचे, जिससे इस बात की अटकलें तेज़ हो गई हैं कि वे शायद विधायक दल पर नियंत्रण हासिल करने और विपक्ष के नेता के पद पर दावा ठोकने की कोशिश कर सकते हैं. Mamata Banerjee TMC Crisis Live: तो ममता बनर्जी के पास सिर्फ 20 टीएमसी विधायकों का सपोर्ट? रिताब्रता बनर्जी ने 59 टीएमसी विधायकों के समर्थन का दावा किया है. ऐसे में अगर बनर्जी के बताए नंबर सही हैं, तो इससे विधानसभा के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव दिखेगा, जिससे पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास सिर्फ 20 MLAs का सपोर्ट बचेगा. हालांकि, इन दावों को अलग से वेरिफाई नहीं किया गया है, और तृणमूल कांग्रेस ने भी अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. Mamata Banerjee TMC Crisis Live: ममता बनर्जी ने शोभनदेव चटर्जी को बनाया नेता विपक्ष, फिरहाद हकीम चीफ व्हिप टीएमसी में जारी झगड़े के बीच पार्टी ने बुधवार को विधानसभा में अपने नए नेतृत्व की औपचारिक घोषणा भी कर दी. ममता बनर्जी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता शोभनदेव चटर्जी को विपक्ष का नेता नियुक्त किया है, जबकि फिरहाद हकीम को मुख्य सचेतक की जिम्मेदारी सौंपी गई है. Mamata Banerjee TMC Rift Live Updates: ममता बनर्जी की टीएमसी में कैसे हुई इस बगावत की शुरुआत टीएमसी में इस बगावत की शुरुआत उस प्रस्ताव से हुई, जिसे 6 मई को विधानसभा में पार्टी की ओर से जमा किया गया था. इसे लेकर रिताब्रता बनर्जी और संदीपन साहा का आरोप था कि उस दस्तावेज पर उनके समेत कई विधायकों के हस्ताक्षर फर्जी तरीके से लगाए गए थे. इस प्रस्ताव में विधानसभा में विपक्ष के नेता, उपनेता और मुख्य सचेतक के नाम शामिल थे. दोनों विधायकों ने दस्तावेज की वैधता और पार्टी नेतृत्व की तरफ से अपनाई गई प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे. Source link

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4 बजे था शपथ, डीके शिवकुमार ने 4:05 मिनट कर दिया, किसके...

Last Updated:June 03, 2026, 13:23 IST DK Shivakumar Oath Ceremony: कर्नाटक में इन दिनों सत्‍ता परिवर्तन का दौर चल रहा है. सिद्दारमैया ने तमाम तरह की रस्‍साकशी के बाद आखिरकार मुख्‍यमंत्री की कुर्सी छोड़ने पर सहमत हुए. इसके बाद अब डीके शिवकुमार की ताजपोशी की तैयारी जोरशोर से चल रही है. DK शिवकुमार ने ज्‍योतिष के कहने पर शपथ लेने की टाइमिंग में बदलाव करवाया है. इस तस्‍वीर में वह जी. परमेश्‍वर के साथ दिख रहे हैं. (फाइल फोटो/PTI) DK Shivakumar Oath Ceremony: कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण से पहले राजनीतिक हलकों में जितनी चर्चा सत्ता हस्तांतरण को लेकर रही, उतनी ही चर्चा उनके ज्योतिष और वास्तु पर भरोसे को लेकर भी हो रही है. सूत्रों के अनुसार, डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह के समय मंच की दिशा और मुख्यमंत्री कक्ष में बैठने की व्यवस्था तक में बदलाव ज्योतिषीय सलाह के आधार पर किए गए. जानकारी के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह का समय पहले शाम 4 बजे निर्धारित किया गया था, लेकिन बाद में इसे बदलकर 4 बजकर 5 मिनट कर दिया गया. इसके अलावा समारोह में मंच की दिशा को लेकर भी अंतिम समय में बदलाव किया गया. बताया जा रहा है कि ये परिवर्तन प्रसिद्ध ज्योतिषी और वास्तु विशेषज्ञ वीवी आराध्य की सलाह पर किए गए. डीके शिवकुमार लंबे समय से ज्योतिष और वास्तु में विश्वास रखने वाले नेता माने जाते हैं. कांग्रेस नेतृत्व से मुख्यमंत्री पद को लेकर महत्वपूर्ण मुलाकातों के दौरान भी उन्होंने ज्योतिषीय सलाह का पालन किया था. सूत्रों के अनुसार, जब वह मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर राहुल गांधी से मिलने गए थे, तब भी उन्होंने ज्योतिष की सलाह पर अपनी जेब में पांच रुपये का सिक्का रखा था. मुख्‍यमंत्री कक्ष में बदली कुर्सी की दिशा शपथ ग्रहण से एक दिन पहले वीवी आराध्य ने विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष का निरीक्षण किया. करीब आधे घंटे तक कक्ष का जायजा लेने के बाद उन्होंने कुछ बदलाव सुझाए. सबसे प्रमुख सुझाव मुख्यमंत्री की कुर्सी की दिशा को लेकर था. वर्तमान में यह कुर्सी उत्तर दिशा की ओर रखी गई थी, लेकिन आराध्य ने इसे पूर्व दिशा की ओर करने की सलाह दी. माना जाता है कि पूर्व दिशा को नए कार्यों की शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा के लिए शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्‍यता सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री कक्ष में अज्जय्या की तस्वीर लगाने की भी सलाह दी गई है. शिवकुमार तुमकुरु जिले के नोनाविनाकेरे स्थित प्रसिद्ध कडासिद्धेश्वर मठ, जिसे अज्जय्या मठ के नाम से जाना जाता है, के श्रद्धालु माने जाते हैं. पिछले तीन वर्षों से उपमुख्यमंत्री के रूप में जिस कक्ष का वह उपयोग कर रहे थे, वहां भी अज्जय्या की तस्वीर लगी हुई थी. हमेशा से लेते रहे हैं सलाह इतना ही नहीं, शपथ ग्रहण के दौरान भी शिवकुमार को पूर्व दिशा की ओर मुख करके शपथ लेने की सलाह दी गई थी. सूत्रों का कहना है कि वह दिशा और वास्तु संबंधी मान्यताओं का विशेष ध्यान रखते हैं. बताया जाता है कि वह अक्सर ज्योतिषीय सलाह के अनुसार ही विधानसभा के उत्तर द्वार से प्रवेश करते हैं. कर्नाटक में राजनीतिक सत्ता के शीर्ष पद तक पहुंचने के साथ-साथ डीके शिवकुमार की इन मान्यताओं ने भी एक बार फिर चर्चा का विषय बना दिया है. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bengaluru,Bengaluru,Karnataka Source link

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खान सर ने अब तक कितनी संपत्ति बनाई, असली पूंजी क्या है?...

पटना. यूट्यूब और कोचिंग की दुनिया में अपनी अनूठी और देसज शैली के लिए मशहूर पटना के खान सर का असली नाम फैजल खान है. उत्तर प्रदेश देवरिया के मूल निवासी खान सर बिहार की धरती से इतने लोकप्रिय हैं कि वह आज वह किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. देश के कोने-कोने में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले छात्र उन्हें अपना मार्गदर्शक मानते हैं. अपनी सीधे और सरल अंदाज और सिर्फ 200 रुपए की मामूली फीस में पढ़ाने वाले खान सर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. हालांकि, कई बार वे अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं समेत अन्य कारणों से भी चर्चा में रहे हैं. इसी क्रम में पिछले कुछ समय में उनकी करोड़ों की संपत्तियों और रियल एस्टेट निवेश को लेकर चर्चाएं भी होती रही हैं. एक ओर जहां शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने बड़ा नाम कमाया, वहीं दूसरी तरफ उनके नाम पर करोड़ों की चल-अचल संपत्ति दर्ज हो चुकी है. विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और व्यावसायिक अनुमानों के अनुसार, वर्तमान में खान सर की कुल नेट वर्थ करोड़ों में है. यूट्यूब और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बढ़ी आय बता दें कि खान सर के यूट्यूब चैनल के करोड़ों सब्सक्राइबर हैं. विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उनकी मासिक आय का बड़ा हिस्सा यूट्यूब विज्ञापनों, ऑनलाइन कोर्स, मोबाइल एप और डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म से आता है. कई रिपोर्ट्स में उनकी मासिक आय 20 लाख रुपये या उससे अधिक बताई जाती है. हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. वह दौर जब जेब में पेंसिल के पैसे नहीं थे एक बेहद सामान्य परिवार में जन्मे फैजल खान के जीवन में एक वक्त ऐसा भी था जब उनके पास पढ़ने के लिए एक पेंसिल खरीदने के पैसे नहीं थे. उन्होंने अपने शुरुआती दिनों में मात्र ₹40 की दिहाड़ी पर होम ट्यूशन पढ़ाकर अपने सफर की शुरुआत की थी. आज उनकी अनुमानित नेटवर्थ 10 करोड़ से 40 करोड़ के बीच आंकी जाती है. लेकिन, वे खुद को आज भी एक साधारण शिक्षक ही मानते हैं. जापान-जर्मनी से आईं 16 करोड़ की मशीनें खान सर हाल में तब और चर्चा में आ गए जब पटना के अशोक राजपथ पर स्थित ‘खान हेल्थकेयर हॉस्पिटल’की शुरुआत की. एनी बेसेंट रोड स्थित चैरिटेबल अस्पताल के लिए जब जापान और जर्मनी से करीब 16 करोड़ से अधिक की लागत वाली अत्याधुनिक डायलिसिस और मेडिकल मशीनें इम्पोर्ट मशीन मंगवाने के बारे में उन्होंने खुद बताया तो उनकी संपत्ति को लेकर चर्चा की जाने लगी. 99 कट्ठा जमीन और भू-माफियाओं से टकराव इससे पहले खान सर की संपत्ति की तब भी चर्चा होने लगी जब उन्होंने बिहार के भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड स्थित छीतमपुर मौजा में एक साथ 99 कट्ठा (करीब चार एकड़ से अधिक) जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराई. बताया जाता है कि विक्रेता विशाल सिंह सोलंकी से यह डील करीब ₹1.5 करोड़ से ₹2 करोड़ के बीच के सरकारी मूल्य पर हुई थी, जबकि इसकी वास्तविक बाजार कीमत 3 करोड़ से अधिक कही गई थी. खान सर का कहना था कि वे यहां एक ‘ड्रीम एजुकेशन टाउनशिप’ और रिसर्च सेंटर बनाने का था, जहां 25,000 गरीब बच्चे रहकर उच्च शिक्षा पा सकें. लेकिन इस बड़े निवेश के बाद वे स्थानीय भू-माफियाओं और कुछ दबंगों के निशाने पर आ गए. बताया जाता है कि इसके बाद स्थानीय स्तर पर हुए भारी विरोध के कारण खान सर ने इस प्रोजेक्ट को फिलहाल होल्ड पर डाल दिया है और वे इस बड़े रकबे को बेचकर किसी अन्य सुरक्षित और गुप्त स्थान पर जमीन खरीदने की योजना पर काम कर रहे हैं. देवरिया में आलीशान 3 मंजिला महल जैसा घर खान सर ने देवरिया के भाटपाररानी नगर पंचायत के डोमडीह (वार्ड नंबर 1) में एक बेहद आलीशान और आधुनिक 3 मंजिला मकान बनवाया है. स्थानीय लोग इसे इलाके का सबसे खूबसूरत घर बताते हैं, जिसका गृह प्रवेश मई 2025 में हुआ था. शादी के बाद वे अक्सर इस घर में समय बिताते हैं. खान सर की कमाई के मुख्य साधन यूट्यूब चैनल (Khan GS Research Centre): इनके यूट्यूब चैनल पर 2.5 करोड़ (25M+) से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं, जहां वीडियो अपलोड होते ही मिलियंस में व्यूज आते हैं और तगड़ी एडसेंस रेवेन्यू जेनरेट होती है. खान ग्लोबल स्टडीज (KGS): पटना, दिल्ली, प्रयागराज और देहरादून जैसे शहरों में स्थित इनके ऑफलाइन और ऑनलाइन कोचिंग सेंटर्स, जहां लाखों बच्चे पढ़ते हैं. स्टडी मटेरियल और बुक्स: उनके द्वारा लिखी गई पॉकेट जीके और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों से मिलने वाली मोटी रॉयल्टी. खान सर ने अपना लक्ष्य याद रखा खान सर की संपत्ति को लेकर सबसे बड़ा किस्सा यह है कि उन्होंने एक बार देश की एक बड़ी एडटेक (EdTech) कंपनी का 107 करोड़ रुपए की सैलरी पैकेज और हिस्सेदारी का ऑफर ठुकरा दिया था. उनका कहना है कि अगर वे उस कंपनी में चले जाते तो गरीब बच्चों को 200 रुपए में पढ़ाना नामुमकिन हो जाता. यही वजह है कि आज करोड़ों की संपत्ति के मालिक होने के बावजूद वे पटना के मुसल्लहपुर हाट के बेहद साधारण दफ्तर में बैठकर बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं. खान सर की असली पूंजी क्या है? ऐसे में आप कह सकते हैं कि खान सर की कहानी केवल संपत्ति बनाने की नहीं, बल्कि संघर्ष से सफलता तक पहुंचने की कहानी भी है. सीमित संसाधनों से शुरुआत कर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है. उनकी वास्तविक संपत्ति चाहे जो भी हो, छात्रों के बीच उनकी लोकप्रियता और प्रभाव ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी मानी जाती है. Source link

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भारत-चीन पर फिर ‘टैरिफ बम’ फोड़ने जा रहा अमेरिका, अब कितना? 60...

US Tariff News: अमेरिका का कोई भरोसा नहीं. वह कब-किस पर टैरिफ बम फोड़ दे कोई नहीं जानता. जी हां, भारत संग डील पर बातचीत के बात अमेरिका टैरिफ प्रस्ताव लाने की तैयारी में है. अमेरिका अब भारत-चीन समेत 60 देशों पर टैरिफ बम फोड़ने वाला है. अमेरिका एक बार फिर भारत और चीन समेत दुनिया के कई बड़े व्यापारिक साझेदार देशों पर नया टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है. यूएसटीआर यानी अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने 60 अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ अपनी जांच पूरी करने के बाद एडिशनल टैरिफ यानी अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है. इस सूची में भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राजील और कई अन्य देश शामिल हैं. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने बंधुआ मजदूरी से निर्मित वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लागू न करने के आरोप में भारत सहित 60 देशों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है. यह प्रस्ताव उन जांच के बाद सामने आया है, जो अमेरिका ने 60 देशों के खिलाफ इस आधार पर शुरू की थीं कि वे बंधुआ मजदूरी से बनी वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में असफल रहे हैं. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीएस) जैमीसन ग्रीर ने एक बयान में कहा, ‘हमारे सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों द्वारा बंधुआ मजदूरी से निर्मित वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने में विफल रहना अस्वीकार्य है. इससे ऐसी स्थिति पैदा होती है, जिसमें अमेरिकी श्रमिकों को वैश्विक स्तर पर असमान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है. हम अब इस असमानता को बर्दाश्त नहीं करेंगे.’ अमेरिका का आरोप है कि इन देशों ने अपने यहां फोर्स्ड लेबर यानी जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं. इसी आधार पर अमेरिकी प्रशासन ने सेक्शन 301 (Section 301) के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव दिया है. वहीं, भारत ने बंधुआ मजदूरी संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए अमेरिका से इन जांचों को समाप्त करने की मांग की है. भारत का कहना है कि ऐसे मुद्दों का समाधान दोनों देशों के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं के ढांचे के भीतर किया जाना चाहिए. भारत-चीन पर टैरिफ बमUSTR की रिपोर्ट के अनुसार भारत उन देशों में शामिल है जिन पर 12.5% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया है. चीन भी इसी श्रेणी में है. वहीं कुछ देशों पर 10% अतिरिक्त शुल्क लगाने की बात कही गई है. हालांकि यह अभी अंतिम फैसला नहीं है. अमेरिका ने इस प्रस्ताव पर सार्वजनिक राय मांगी है और जुलाई में सुनवाई भी होगी. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने एक बयान में कहा कि भारत, चीन, जापान, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और सऊदी अरब सहित 54 देशों ने बंधुआ मजदूरी से बनी वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में विफलता दिखाई है. पाकिस्तान का नाम भी शामिलUSTR के बयान के अनुसार, छह अर्थव्यवस्थाएं – कनाडा, इक्वाडोर, यूरोपीय संघ, इंडोनेशिया, मेक्सिको और पाकिस्तान- ऐसी हैं, जिन्होंने बंधुआ मजदूरी से बनी वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध तो लगाया है, लेकिन उसे प्रभावी रूप से लागू नहीं कर पाई हैं. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने प्रस्ताव दिया है कि जिन अर्थव्यवस्थाओं ने बंधुआ मजदूरी से बनी वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाया है या जिन्होंने पारस्परिक व्यापार समझौते के तहत ऐसा प्रतिबंध लगाने और लागू करने की प्रतिबद्धता जताई है अथवा जिन्होंने कुछ विशेष प्रकार की ऐसी वस्तुओं के आयात को रोकने वाली आंशिक व्यवस्था लागू की है, उन पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया जाए. भारत पर कितना ए़डिशनल टैरिफबयान में कहा गया है कि अन्य सभी अर्थव्यवस्थाओं के लिए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क की दर प्रस्तावित की है. यह 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क उन 54 देशों पर लागू होगा, जिनमें भारत भी शामिल है. यूएसटीआर ने वस्त्र क्षेत्र के लिए एक विशेष तंत्र का भी प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत कुछ देशों से अमेरिका में आयात किए जाने वाले परिधानों और वस्त्रों की एक निर्धारित मात्रा को कम शुल्क दर पर प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है. उसने इच्छुक पक्षों से 22 जून तक सुनवाई में शामिल होने के लिए आवेदन और अपने बयान का सार प्रस्तुत करने को कहा है. साथ ही छह जुलाई तक लिखित टिप्पणियां भी मांगी गई हैं. यूएसटीआर इन प्रस्तावित कार्रवाइयों पर सात जुलाई को सुनवाई करेगा. अमेरिका ने यह कदम क्यों उठाया?अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि जबरन श्रम से बने उत्पाद कम लागत पर बाजार में आते हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों और श्रमिकों को नुकसान होता है. इसी वजह से अमेरिका उन देशों पर दबाव बनाना चाहता है जो ऐसे उत्पादों के आयात को रोकने में पर्याप्त सख्ती नहीं दिखा रहे हैं. Source link

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Hormuz Crisis | India Venezuela Oil Deal | 58 साल पहले इंदिरा...

आज से 58 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जब वेनेजुएला की राजधानी कराकस की ऐतिहासिक यात्रा की थी, तब शायद ही किसी ने नहीं सोचा होगा कि भविष्य में यही देश भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए इतना महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है. अमेरिका और ईरान के बीच जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी ने दुनियाभर में तेल की सप्लाई को प्रभावित किया है, तब दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश वेनेजुएला की ओर भारत की नजरें फिर से टिक गई हैं. ऐसे समय में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की भारत यात्रा को रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है. वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज 3 से 7 जून तक पांच दिवसीय भारत दौरे पर रहेंगी. इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता करेंगी. उनके साथ विदेश, वित्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, परिवहन और संचार मंत्रालयों के वरिष्ठ मंत्री भी आ रहे हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश, फार्मा, स्वास्थ्य, परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी. यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब जनवरी में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद डेल्सी रोड्रिगेज ने कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभाला है. भारत ने आधिकारिक रूप से उन्हें ‘एक्टिंग प्रेसिडेंट’ के रूप में मान्यता दी है. होर्मुज संकट और भारत की ऊर्जा चिंता भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है. पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं. होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. अगर यहां लंबे समय तक संकट बना रहता है तो भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए तेल की उपलब्धता और कीमतें दोनों प्रभावित हो सकती हैं. ऐसे में वेनेजुएला जैसे वैकल्पिक स्रोत भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं. दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है. कई अंतरराष्ट्रीय आकलनों के मुताबिक उसके पास सऊदी अरब और ईरान से भी अधिक तेल भंडार मौजूद है. हालांकि राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वह अपनी पूरी क्षमता से उत्पादन नहीं कर पाया. एक समय वेनेजुएला भारत के प्रमुख तेल सप्लायर में शामिल था. वर्ष 2019 में वह भारत का पांचवां सबसे बड़ा तेल सप्लायर था. उस समय भारत ने लगभग 1.6 करोड़ टन वेनेजुएलाई कच्चा तेल आयात किया था. तब दोनों देशों के बीच व्यापार 6.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया था, जिसमें अधिकांश हिस्सा तेल आयात का था. 1968 में इंदिरा गांधी ने रखी थी रिश्तों की नींव 10 अक्टूबर 1968 को जब इंदिरा गांधी का विमान कराकस के सिमोन बोलिवार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा, तब उनका भव्य स्वागत किया गया था. वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति राउल लियोनी खुद अपने मंत्रिमंडल के साथ उनकी अगवानी के लिए मौजूद थे. भारतीय और वेनेजुएलाई झंडों के बीच दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए गए और इस यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों में मील का पत्थर माना गया. हालांकि इंदिरा गांधी का यह दौरा केवल 18 घंटे का था, लेकिन उसने दोनों देशों के बीच राजनीतिक विश्वास और आर्थिक सहयोग की मजबूत नींव रखी. भारत के लिए क्यों अहम है यह दौरा? डेल्सी रोड्रिगेज की यात्रा केवल एक औपचारिक राजनयिक दौरा नहीं मानी जा रही. ऐसे समय में जब भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए नए सप्लायर देशों पर मंथन कर रहा है, वेनेजुएला एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर सकता है. भारत पहले ही रूस, सऊदी अरब और इराक जैसे देशों से तेल खरीदता रहा है. लेकिन रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध और पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए नए सप्लायर देशों पर मंथन कर रहा है. ऐसे समय वेनेजुएला एक भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर सकता है. इसके अलावा दोनों देश ऊर्जा निवेश, रिफाइनिंग, फार्मास्यूटिकल्स और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं. रणनीतिक रिश्तों का नया अध्याय डेल्सी रोड्रिगेज की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब जियो पॉलिटिक्स तेजी से बदल रही है. एक ओर पश्चिम एशिया में युद्ध के कराण ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है, तो दूसरी ओर भारत अपने ऊर्जा स्रोतों को विविध बनाने की नीति पर काम कर रहा है. ऐसे में दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश के साथ संबंधों को नई मजबूती देना भारत की रणनीतिक जरूरत भी है और आर्थिक प्राथमिकता भी. 58 साल पहले इंदिरा गांधी ने जिस रिश्ते की नींव रखी थी, वह अब एक नए दौर में प्रवेश करता दिख रहा है. होर्मुज संकट के बीच वेनेजुएला भारत के लिए सिर्फ एक मित्र देश नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण सहारा भी बन सकता है. Source link

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DK Shivakumar Oath LIVE: DK शिवकुमार की शपथ आज, डिप्टी CM पेच...

Last Updated:June 03, 2026, 09:10 IST DK Shivakumar Shapath Grahan LIVE: कर्नाटक में आज डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के भीतर सियासी खींचतान अब भी खत्म नहीं हुई है. डिप्टी सीएम फॉर्मूले, सिद्धारमैया की भूमिका औ…और पढ़ें डीके शिवकुमार आज कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. (फोटो ANI) डीके शिवकुमार का शपथ ग्रहण आज: DK शिवकुमार के लिए आज का दिन वही दिन है जिसका वह काफी सालों से इंतजार कर रहे थे. आज वह कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं. लेकिन बेंगलुरु की राजनीति आज सिर्फ शपथ ग्रहण समारोह तक सीमित नहीं है. असली कहानी उस सियासी शतरंज की है, जिसमें हर चाल के पीछे सत्ता संतुलन का बड़ा गणित छिपा हुआ है. डीके शिवकुमार आज कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान ने इस ऐतिहासिक पल को भी पूरी तरह सहज नहीं रहने दिया. सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच पिछले दो साल से चल रही नेतृत्व की जंग अब नए मोड़ पर पहुंच गई है. कांग्रेस आलाकमान चाहता है कि सत्ता परिवर्तन को ‘नई शुरुआत’ के तौर पर पेश किया जाए, लेकिन सिद्धारमैया अब भी राज्य की राजनीति से बाहर जाने को तैयार नहीं दिख रहे. यही वजह है कि डिप्टी सीएम फॉर्मूला, समन्वय समिति और कैबिनेट विस्तार को लेकर दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक लगातार बैठकों का दौर चल रहा है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह सिर्फ सरकार गठन नहीं, बल्कि कांग्रेस के भविष्य की दिशा तय करने वाला फैसला भी बन सकता है. डीके शिवकुमार लंबे समय से कांग्रेस के संकटमोचक माने जाते रहे हैं. दक्षिण भारत में पार्टी को मजबूत करने में उनकी बड़ी भूमिका रही है. लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं रहा. 2023 में सरकार बनने के समय से ही रोटेशनल सीएम फॉर्मूले की चर्चा होती रही. हालांकि पार्टी नेतृत्व ने कभी सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की, लेकिन दोनों खेमों के समर्थकों ने लगातार दबाव बनाए रखा. अब जब कांग्रेस ने नेतृत्व परिवर्तन का फैसला लिया है तो पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सत्ता के दो केंद्र बनने की छवि से कैसे बचा जाए. इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सिद्धारमैया को कांग्रेस कार्य समिति यानी CWC का सदस्य बनाकर बड़ा राजनीतिक संदेश भी दे दिया है. डिप्टी CM फॉर्मूले पर बढ़ा सस्पेंस कांग्रेस के भीतर फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा डिप्टी सीएम पद को लेकर है. सूत्रों के मुताबिक पार्टी दो या तीन डिप्टी सीएम वाला फॉर्मूला अपना सकती है. एक पद के लिए जी परमेश्वर और प्रियांक खरगे के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं. वहीं दूसरे पद के लिए सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया का नाम भी चर्चा में है. हालांकि आलाकमान इस पद को फिलहाल खाली रखने पर भी विचार कर रहा है ताकि गुटबाजी और ज्यादा न बढ़े. सिद्धारमैया ने राज्यसभा जाने के प्रस्ताव को एक बार फिर ठुकरा दिया है. बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने का सुझाव दिया था, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि वह कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय रहना चाहते हैं. यही वजह है कि सरकार और संगठन के बीच समन्वय समिति बनाने का प्रस्ताव सामने आया. सूत्रों के मुताबिक इस समिति का अध्यक्ष सिद्धारमैया को बनाने की चर्चा है, लेकिन डीके शिवकुमार खेमे ने इसका विरोध किया है. उनका मानना है कि इससे समानांतर सत्ता केंद्र बनने का संदेश जाएगा. खड़गे का सिद्धारमैया के लिए बड़ा दांव कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सिद्धारमैया को कांग्रेस कार्य समिति का सदस्य बनाकर बड़ा राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश की है. पार्टी नेतृत्व नहीं चाहता कि सिद्धारमैया खुद को पूरी तरह अलग-थलग महसूस करें. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम एक तरह से ‘सम्मानजनक भूमिका’ देने की रणनीति भी हो सकती है ताकि सरकार पर सीधा दबाव कम रहे. राहुल गांधी का नया सोशल समीकरण सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी चाहते हैं कि नई सरकार में दलित, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिले. सिद्धारमैया को हटाने के बाद कांग्रेस पर ओबीसी नेतृत्व कमजोर करने का आरोप न लगे, इसके लिए पार्टी बेहद सावधानी से सामाजिक समीकरण साध रही है. यही कारण है कि कैबिनेट गठन में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर खास फोकस रखा जा रहा है. शपथ समारोह पर पूरे देश की नजर डीके शिवकुमार का शपथ ग्रहण समारोह आज शाम 4 बजे लोक भवन में होगा. कांग्रेस इसे शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी पेश करना चाहती है. पार्टी के कई बड़े नेता समारोह में शामिल हो सकते हैं. वहीं कर्नाटक की जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि नई सरकार कितनी स्थिर रहती है और क्या कांग्रेस अंदरूनी कलह को सच में खत्म कर पाएगी या नहीं. DK Shivakumar Shapath Grahan LIVE: डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने की पूजा डीके शिवकुमार का शपथ ग्रहण आज Live: कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे डीके शिवकुमार के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधलार को पूजा-अर्चना की. रामनगर जिले के कनकपुरा स्थित श्री केंकरम्मा मंदिर में समर्थकों ने उनकी सफलता और नए कार्यकाल के लिए प्रार्थना की. डीके शिवकुमार आज कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने जा रहे हैं, जिसे लेकर समर्थकों में उत्साह का माहौल है. डीके शिवकुमार का शपथ ग्रहण आज Live: गांधी परिवार को लेकर भावुक हुए डीके शिवकुमार डीके शिवकुमार का शपथ ग्रहण आज Live: कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शपथ ग्रहण से पहले गांधी परिवार को अपनी राजनीतिक यात्रा में अहम बताया है. X पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि गांधी परिवार उनके लिए नेतृत्व, भरोसे और कठिन समय में साथ खड़े रहने की मिसाल रहा है. डीके शिवकुमार ने कहा कि एक जमीनी कार्यकर्ता से कर्नाटक का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी मिलने तक के सफर में गांधी परिवार के विश्वास और समर्थन की बड़ी भूमिका रही है. उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व के मार्गदर्शन तथा कर्नाटक की जनता के आशीर्वाद से वह एक प्रगतिशील, समावेशी और

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खान सर का कोचिंग सेंटर हमले के बाद बंद, ग्लोबल स्टडीज पर...

Last Updated:June 03, 2026, 08:14 IST Khan Sir Coaching Centre Closed: खान सर बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर में लोकप्रिय हैं. उनके पढ़ाने का तरीका इतना सिंपल होता है कि संबंधित विषय से अंजान छात्र भी उसे आसानी से समझ जाते हैं. कोचिंग सेंटर के साथ ही खान सर यूट्यूब के जरिये भी देशभर के हजारों-लाखों छात्रों को पढ़ाते हैं. खान सर ने फायरिंग की घटना के बाद कोचिंग सेंटर को फिलहाल बंद कर दिया है. (फाइल फोटो) Khan Sir Coaching Centre Closed: खान सर ने हमले की घटना के बाद अपने कोचिंग सेंटर को बंद कर द‍िया है. मंगलवार 2 जून 2026 की देर शाम को ब‍िहार की राजधानी पटना के मुसल्‍लहपुर हाट इलाके में स्थित खान सर के कोचिंग सेंटर पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था. तीन से चार राउंड तक गोली चलने की बात कही जा रही है. खान सर का दावा है कि कोचिंग सेंटर में तैनात सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट भी गई. गार्ड को इतना पीटा गया कि वह लहूलुहान हो गया. घायल अवस्‍था में उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पटना के एसएसपी, एसपी समेत पुलिस प्रशासन का पूरा अमला दलबल के साथ घटनास्‍थल पर पहुंचे पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. उन्‍होंने आश्‍वास‍न दिया कि इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को बख्‍शा नहीं जाएगा. पटना में खान सर के कोचिंग संस्थान पर हुए हमले के बाद खान ग्लोबल स्टडीज को अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला लिया गया है. घटना के बाद से अब तक कोचिंग में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है. इस बीच बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग परिसर के बाहर पहुंच रहे हैं, लेकिन संस्थान की ओर से उन्हें पढ़ाई शुरू होने या कोचिंग खुलने को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है. जानकारी के अभाव में कोचिंग के बाहर छात्रों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है. छात्र अपनी कक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं. गौरतलब है कि हाल ही में कोचिंग संस्थान पर हुए हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था और संस्थान के संचालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. फिलहाल कोचिंग प्रबंधन ने अगली सूचना तक संस्थान बंद रखने का निर्णय लिया है. सड़कों पर उतरे छात्र खान सर के कोचिंग संस्थान पर मंगलवार देर शाम हुई कथित तोड़फोड़ और गोलीबारी की घटना के बाद बुधवार को बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया. कोचिंग पढ़ने पहुंचे छात्रों ने संस्थान के बाहर नारेबाजी करते हुए खान सर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई. छात्रों का कहना था कि उनके प्रिय शिक्षक पर हुआ हमला बेहद गंभीर है और प्रशासन को तत्काल उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए. सुबह से ही खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर छात्रों की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई. देखते ही देखते मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र में हजारों छात्र एकत्र हो गए, जिससे इलाके में यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई. मुख्य सड़क पर लंबा जाम लग गया और वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई. #WATCH | Patna, Bihar: SSP Kartikeya K Sharma says, “This is a case involving physical assault. It has been reported that the guard sustained injuries; therefore, further action is being taken by recording his statement as well as the statements of the local people. The injured… https://t.co/5fSeoroGWH pic.twitter.com/Qa5gxX1Nrx Source link

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Khan Sir Coaching Centre Attack LIVE | Khan Sir Attack News |...

Last Updated:June 03, 2026, 07:16 IST Khan Sir Coaching Centre Attack LIVE: छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले ने सबको चौंका दिया है. पटना पुलिस सभी आरोपों और दावों की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फ…और पढ़ें खान सर के पटना स्थित कोचिंग सेंटर पर फायरिंग की घटना से पुलिस-प्रशासन भी सकते में है. Khan Sir Coaching Centre Attack LIVE: बिहार की राजधानी पटना में चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर फायरिंग की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया. मुसल्लहपुर हाट स्थित कोचिंग सेंटर के बाहर हुई इस घटना में एक सुरक्षा गार्ड घायल हो गया, जिन्‍हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और कई टीमें मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई हैं. पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला मारपीट और हिंसक झड़प से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. घायल सुरक्षा गार्ड के बयान के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. पटना के एसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि घायल व्यक्ति का इलाज चल रहा है और उनके बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि पुलिस आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है, ताकि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा सके. खान सर के कोचिंग सेंटर पर फायरिंग की घटना की सूचना मिलते ही पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), एसपी और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, जिससे हमलावरों की पहचान की जा सके. इस बीच, खान सर ने घटना के पीछे एक प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान का हाथ होने की आशंका जताई है. उन्होंने कहा कि उनके संस्थान में कम फीस पर पढ़ाई कराई जाती है और बड़ी संख्या में छात्रों को सफलता मिल रही है, जिससे कुछ लोग असहज महसूस कर रहे हैं. उनके मुताबिक, यही वजह इस हमले के पीछे हो सकती है. खान सर का क्‍या आरोप? खान सर ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने कोचिंग संस्थान के कार्यालय में तोड़फोड़ की और फायरिंग भी की. उन्होंने कहा कि घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दी गई है. साथ ही घायल सुरक्षा गार्ड ने भी कथित तौर पर हमलावरों की पहचान कर ली है. उनका दावा है कि हमलावर पास के एक कोचिंग सेंटर से जुड़े लोग हैं. उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग करते हुए कहा कि गरीब छात्रों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना उनका उद्देश्य है. खान सर ने कहा कि जब बड़ी संख्या में छात्र सफलता हासिल करते हैं तो कुछ असामाजिक तत्व इसे बर्दाश्त नहीं कर पाते और डराने-धमकाने की कोशिश करते हैं. Khan Sir Coaching Attack LIVE: हमें सुरक्षा दी जाए – खान सर खान सर के कोचिंग सेंटर पर फायरिंग लाइव: खान सर ने कोचिंग सेंटर पर अटैक के बाद कहा कि देर शाम कुछ लोग यहां पहुंचे और उसके बाद हमारे कोचिंग में तोड़फोड़ किए. यहां पर गार्ड मौजूद था, उसके साथ मारपीट किया गया है. अभी वह अस्पताल में भर्ती है पूरी तरीके से लहूलुहान कर दिया है. खान सर ने आगे बताया कि इस घटना के बाद हमने नेम्ड FIR कराया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जल्द यह साफ हो जाएगा कि कौन लोग पहुंचे थे. जिन लोगों ने मारपीट की है सीसीटीवी की भी जांच की जा रही है. उन्‍होंने आगे बताया कि कुछ दिन पहले भारी संख्या में बिहार पुलिस का रिजल्ट आया है, जिसको लेकर बार-बार धमकी दिया जा रहा था और आज ऐसा हमला हो जाएगा यह अंदाजा नहीं था. लोगों को जलन है जिसको लेकर इससे पहले भी कई बार धमकी दिया गया. आज ताबड़तोड़ फायरिंग किया गया. खान सर ने कहा कि उन्‍हें सुरक्षा मिलनी चाहिए. Khan Sir Coaching Attack LIVE: क्‍या बोले पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा? खान सर के कोचिंग सेंटर पर फायरिंग लाइव: पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय कुमार शर्मा ने कोचिंग संस्थान के बाहर हुए हमले के मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. SSP के मुताबिक, पुलिस ने घटना से जुड़े CCTV फुटेज की पहचान कर ली है और उसकी जांच की जा रही है. हमले में घायल सुरक्षा गार्ड का अस्पताल में इलाज चल रहा है. प्रारंभिक जांच में मामला आपसी प्रतिद्वंद्विता से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. Khan Sir Coaching Attack LIVE: खान सर ने किसपर लगाया हमले का आरोप खान सर के कोचिंग सेंटर पर फायरिंग लाइव: पटना में खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग और सुरक्षा गार्ड पर हमले के मामले में खान सर ने प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थानों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि कुछ असभ्य लोगों ने संस्थान के बाहर आकर सुरक्षा गार्ड की बुरी तरह पिटाई की, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. खान सर ने दावा किया कि इस हमले के पीछे उनकी कम फीस में शिक्षा उपलब्ध कराने की पहल एक प्रमुख कारण हो सकती है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग नहीं चाहते कि गरीब और जरूरतमंद छात्रों को कम लागत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले. उन्‍होंने कहा कि गरीबों को भी पढ़ने का अधिकार है और हम उन्हें सस्ती शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं. हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले के कारणों को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. Location : New Delhi,Delhi Source link

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