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NEET UG 2026 Paper Leak: इस प्रोफेसर ने घर पर लगाई थी...

नई दिल्ली (NEET UG 2026 Paper Leak). देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी को रद्द कराने वाले पेपर लीक घोटाले में CBI को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. सीबीआई ने इस पूरे काले खेल के पीछे छिपे असली ‘किंगपिन’ यानी मास्टरमाइंड को महाराष्ट्र के पुणे शहर से दबोच लिया है. गिरफ्तार किया गया आरोपी पीवी कुलकर्णी कोई प्रोफेशनल अपराधी नहीं, बल्कि रिटायर्ड केमिस्ट्री टीचर है. जांच में सामने आया कि उसने 3 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा से कुछ ही दिन पहले पुणे स्थित अपने घर पर बेहद गोपनीय तरीके से ‘स्पेशल कोचिंग क्लासेस’ चलाई थीं, जहां स्टूडेंट्स को सीधे असली प्रश्नपत्र रटवाया गया था. 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के भविष्य को दांव पर लगाने वाले इस महाघोटाले की परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं. सीबीआई को जांच के दौरान उम्मीदवारों की जो कॉपियां और हाथ से लिखे नोट्स मिले हैं, वे नीट यूजी परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन के प्रश्नपत्र से हूबहू (100%) मैच कर गए हैं. इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद नीट परीक्षा पूरी तरह से रद्द हो चुकी है और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) 21 जून 2026 को इसका दोबारा आयोजन करने जा रही है. जानिए इस शातिर रिटायर्ड टीचर ने देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली परीक्षा के सिस्टम में कैसे सेंध लगाई थी. न प्रिंटआउट, न WhatsApp, सिर्फ हाथ से लिखे नोट्स सीबीआई के मुताबिक, नीट यूजी पेपर लीक करने का यह तरीका बेहद शातिर और अनोखा था. पीवी कुलकर्णी को पता था कि डिजिटल कॉपियां या प्रिंटआउट्स पकड़े जाने का खतरा सबसे ज्यादा होता है. इसलिए उसने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमारे (जिसे 14 मई को गिरफ्तार किया गया) के साथ मिलकर चुनिंदा स्टूडेंट्स का एक ग्रुप तैयार किया. इसके बाद पीवी कुलकर्णी ने अपने घर पर सीक्रेट क्लास लगाई, जहां उसने अभ्यर्थियों को प्रश्न, उनके विकल्प और सही उत्तर बोल-बोल कर लिखवाए. खास स्टूडेंट्स ने इन सारे सवालों को अपनी कॉपियों में हाथ से नोट किया, जिससे बाहर किसी को भनक न लगे. कौन है मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और क्या था उसका रसूख? पीवी कुलकर्णी मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर जिले का रहने वाला है, जिसे राज्य का बड़ा एजुकेशन हब माना जाता है. वह लातूर के ही एक बेहद प्रतिष्ठित कॉलेज में केमिस्ट्री का सीनियर प्रोफेसर रह चुका था और करीब चार साल पहले ही रिटायर हुआ था. सबसे गंभीर बात यह है कि सीबीआई के दावों के मुताबिक, कुलकर्णी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के जरिए नीट परीक्षा की गोपनीय प्रक्रियाओं से भी जुड़ा हुआ था. इसी वीआईपी एक्सेस का फायदा उठाकर उसने नीट यूजी परीक्षा से करीब एक हफ्ते पहले यानी अप्रैल के आखिरी दिनों में पेपर उड़ा लिया था. राजस्थान से महाराष्ट्र तक फैला धांधली का नेटवर्क नीट पेपर लीक का यह मामला सबसे पहले 7 मई को राजस्थान में उजागर हुआ था, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर 12 मई को सीबीआई ने इस केस की कमान अपने हाथों में ली. महज कुछ ही दिनों की जांच के बाद सीबीआई ने जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर जैसे शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी करके अब तक 7 मुख्य बिचौलियों और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनके पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, मोबाइल फोन और डिजिटल दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच चल रही है. जांच के घेरे में लातूर का नामी कोचिंग संस्थान इस जांच की आंच अब लातूर के बड़े कोचिंग सेंटर्स तक भी पहुंच गई है. सीबीआई की 28 सदस्यीय भारी-भरकम टीम ने लातूर के मशहूर ‘रेनूकाई केमिस्ट्री क्लासेस’ (RCC) के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर के आवास पर धावा बोला और उनसे घंटों पूछताछ की. जांच एजेंसी इस बात का पता लगा रही है कि क्या इस नामी कोचिंग संस्थान और पीवी कुलकर्णी के सीक्रेट पेपर लीक नेटवर्क के बीच कोई सीधा वित्तीय लेन-देन या अंदरूनी कनेक्शन था. सीबीआई का दावा है कि जल्द ही पेपर लीक रैकेट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों का पर्दाफाश होगा. NEET पेपर लीक में दो और लेक्चरर का कनेक्शन नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड और रिटायर्ड केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी से पूछताछ के बाद CBI ने इस नेटवर्क के 2 और बड़े किरदारों की तलाश तेज कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, पुणे और लातूर के प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े 2 और लेक्चरर इस पेपर लीक को अंजाम देने में कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के मुख्य सहयोगी थे. ये भी पीवी कुलकर्णी की तरह NTA के साथ नीट परीक्षा की गोपनीय प्रक्रियाओं से जुड़े हुए थे. इन चारों ने मिलकर पुणे के एक संस्थान में छात्रों को बुलाकर लीक प्रश्नपत्र के सवाल और सही जवाब उनकी नोटबुक में हाथ से नोट करवाए थे. Source link

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अयोध्‍या विवाद के फैसले ने तय किया भोजशाला मंदिर मामले में निर्णय...

Last Updated:May 16, 2026, 10:37 IST Bhojshala Mandir Verdict: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच का भोजशाला मंदिर और कमाल मौला मस्जिद विवाद मामले में अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने भोजशाला को वाग्‍देवी मंदिर माना है और कहा है कि राजा भोज के समय यह शिक्षा का बड़ा केंद्र रहा होगा, ऐसे में यहां मूर्ति लगाई जा सकती है. कोर्ट ने हिंदुओं को पूजा का अधिकार देते हुए कहा है कि हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक फैक्‍ट्स, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है. ASI एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले को भी आधार माना है. भोजशाला विवाद में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. (फाइल फोटो) Bhojshala Mandir Verdict: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच का भोजशाला मंदिर और कमाल मौला मस्जिद विवाद मामले में अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने भोजशाला को वाग्‍देवी मंदिर माना है और कहा है कि राजा भोज के समय यह शिक्षा का बड़ा केंद्र रहा होगा, ऐसे में यहां मूर्ति लगाई जा सकती है. कोर्ट ने हिंदुओं को पूजा का अधिकार देते हुए कहा है कि हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक फैक्‍ट्स, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है. ASI एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले को भी आधार माना है. Bhojshala Mandir Verdict: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने शुक्रवार को भोजशाला परिसर को मंदिर मानते हुए जो ऐतिहासिक फैसला सुनाया, उसकी कानूनी और वैचारिक नींव सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या फैसले में रखे गए सिद्धांतों पर आधारित रही. जस्टिस विजय शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने अपने निर्णय में कहा कि विवादित धार्मिक स्थलों के निर्धारण में पुरातात्विक, ऐतिहासिक और आस्था संबंधी साक्ष्यों का वैज्ञानिक और समग्र मूल्यांकन किया जा सकता है. अदालत ने स्पष्ट किया कि उसने एएसआई रिपोर्ट, ऐतिहासिक तथ्यों और वैधानिक प्रावधानों को अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सिद्धांतों के आधार पर परखा है. अयोध्‍या मामले में दिए गए फैसले के ये 10 सिद्धांत बने पथप्रदर्शक -: About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Indore,Madhya Pradesh खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें login Source link

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होर्मुज का टंटा हमेशा के लिए खत्‍म! न LPG और न पेट्रोल-डीजल...

होमताजा खबरदेश होर्मुज का टंटा हमेशा के लिए खत्‍म! न LPG और न ही पेट्रोल-डीजल की होगी कमी Last Updated:May 16, 2026, 09:39 IST India-UAE Crude Oil Pact: ईरान जंग के चलते पूरी दुनिया एनर्जी क्राइसिस की स्थिति से गुजर रही है. एशिया से लेकर यूरोप तक के देशों में तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हुई है. खासकर होर्मुज स्‍ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बाधित होने से हालात और भी खराब हो गए हैं. इन सबके बीच भारत ने एनर्जी सिक्‍योरिटी को लेकर UAE के साथ महत्‍वपूर्ण करार किया है. भारत और यूएई ने एनर्जी सिक्‍योरिटी पैक्‍ट किया है. अब यूएई भारत में 30 मिलियन क्रूड ऑयल स्‍टोर करेगा. (फाइल फोटो/Reuters) India-UAE Crude Oil Pact: ईरान जंग की वजह से सिर्फ पश्चिम एशिया में ही उथल-पुथल नहीं मचा हुआ है, इससे पूरी दुनिया में संकट की स्थित‍ि पैदा हो गई है. अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान पर अटैक के बाद एनर्जी कॉरिडोर के नाम से विख्‍यात होर्मुज स्‍ट्रेट से तेल और गैस से लदे जहाजों की आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित हुई है. इससे भारत जैसे तमाम देशों में तेल और गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है. ईरान जंग और उससे पैदा हुए एनर्जी क्राइसिस से रूबरू देश वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करने लगे हैं. भारत भी होर्मुज जलडमरूमध्‍य पर अपनी निर्भरता को कम करने की कोशिश में जुटा है. कई मोर्चों पर एक साथ काम किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 मई 2026 को यूएई के दौरे पर थे, जहां उन्‍होंने एनर्जी सिक्‍योरिटी को लेकर बड़ा करार किया है. इसके तहत यूएई भारत में 30 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल स्‍टोर करेगा. यह स्‍ट्रैटजिक रिजर्व होगा. दूसरी तरफ, ओमान के साथ भी बड़े प्रोजेक्‍ट पर आगे बढ़ने की योजना है. भारत ओमान से डीप-सी पाइपलाइन के जरिये गैस लाने पर विचार कर रहा है. यह प्रोजेक्‍ट 40000 करोड़ रुपये का है. इन दोनों योजनाओं पर अमल होने की स्थिति में एक तरफ जहां LPG और तेल की किल्‍लत खत्‍म होगी तो दूसरी तरफ होर्मुज पर निरर्भता को कम किया जा सकेगा. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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लीची के फल समय से पहले सड़कर गिर रहे? जानिए इसकी बड़ी...

Last Updated:May 16, 2026, 08:38 IST शाहजहांपुर में लीची की फसल पर ‘फ्रूट फ्लाई’ यानी फल मक्खी का कहर मंडरा रहा है, जिससे फल सड़कर गिर रहे हैं. डॉ. पुनीत कुमार पाठक ने किसानों को बागों में स्वच्छता रखने, प्रभावित फलों को मिट्टी में दबाने और ‘डेल्टामेथ्रिन 2.8% EC’ दवा का छिड़काव करने की वैज्ञानिक सलाह दी है. शाहजहांपुर: किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ अब उद्यान की खेती भी कर रहे है. कई किसान हैं जो लीची की बागवानी कर रहे हैं लेकिन इन दिनों लीची की फसल पर कीटों का खतरा मंडरा रहा है. वर्तमान समय में लीची की फसल में फ्रूट फ्लाई यानी फल मक्खी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे फल खराब होकर गिरने लगते हैं. जिला उद्यान अधिकारी ने किसानों को इस समस्या से निपटने और अपनी फसल को सुरक्षित रखने के लिए विशेष प्रबंधन और वैज्ञानिक उपाय अपनाने की सलाह दी है. अगर समय रहते इसका नियंत्रण नहीं किया गया, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि लीची में लगने वाली फ्रूट फ्लाई ठीक वैसी ही होती है जैसी आम की फसल में पाई जाती है। यह मक्खी फल के भीतर अंडे देती है, जिससे बाद में मैगट यानी कीड़ा विकसित होकर फल को अंदर से खोखला कर देता है. इससे बचाव के लिए प्रभावित और गिरे हुए फलों को इकट्ठा करके मिट्टी में गहरा दबा देना चाहिए. इसके साथ ही, रोकथाम के लिए डेल्टामेथ्रिन 2.8% EC )DELTAMETHRIN 2.8% EC) का 1 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव कर देना चाहिए. लीची की फसल पर फल मक्खी का हमला शाहजहांपुर जिले में इन दिनों लीची के बागों में फ्रूट फ्लाई यानी फल मक्खी का आतंक देखा जा रहा है. यह कीट लीची की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है. यह मक्खी फलों के पकने के समय सबसे ज्यादा सक्रिय होती है. इसके प्रकोप के कारण लीची के फल समय से पहले ही सड़कर पेड़ों से गिरने लगते हैं, जिससे बागवानों की सालभर की मेहनत पर पानी फिरने का खतरा पैदा हो गया है. कीट के पनपने की प्रक्रिया और नुकसान डॉ. पुनीत कुमार पाठक ने इस कीट के जीवन चक्र को समझाते हुए बताया कि फ्रूट फ्लाई फलों की ऊपरी त्वचा में छेद करके अपने अंडे उसके अंदर छोड़ देती है. अंडों से निकलने वाले मैगट लार्वा फल के गूदे को खाना शुरू कर देते हैं. धीरे-धीरे यह कीड़ा फल के अंदर ही पूरी तरह विकसित हो जाता है, जिससे फल अंदर से पूरी तरह खराब हो जाता है. बाहर से फल सामान्य दिखने के बावजूद अंदर से पूरी तरह नष्ट हो जाता है.  स्वच्छता और बुनियादी प्रबंधन है जरूरी इस समस्या से निपटने के लिए उद्यान अधिकारी ने किसानों को सबसे पहले बागों में स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है. उन्होंने कहा कि जो फल कीट के प्रभाव से ग्रसित होकर जमीन पर गिर चुके हैं, उन्हें कतई खुला न छोड़ें. ऐसे सभी प्रभावित फलों को तुरंत इकट्ठा करें और बाग से दूर किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाकर मिट्टी में गहरा गड्ढा खोदकर दबा दें. ऐसा करने से कीट के आगे फैलने की प्रक्रिया पर रोक लगती है. रासायनिक नियंत्रण और छिड़काव की विधि कीट पर पूरी तरह काबू पाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से रासायनिक छिड़काव करने की जरूरत है. उद्यान विभाग ने इसके लिए डेल्टामेथ्रिन 2.8% EC दवा की सिफारिश की है. किसानों को इस दवा की 1 ml मात्रा को प्रति लीटर पानी के हिसाब से मिलाकर अपनी लीची की फसल पर अच्छी तरह छिड़काव करना चाहिए. इस विधि को अपनाकर किसान फ्रूट फ्लाई की समस्या से अपनी फसल को पूरी तरह बचा सकते हैं और बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Shahjahanpur,Shahjahanpur,Uttar Pradesh Source link

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Indus Water Treaty News : सिंधु के बाद दोहरी मार, कश्मीर में...

पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान को लेकर अपनी रणनीति और सख्त कर रखी है. एक तरफ भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर अलग-थलग करने की कोशिशों में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ अपने जल संसाधनों और हाइड्रोपावर क्षमता को मजबूत करने की दिशा में भी बड़े कदम तेज कर दिए हैं. केंद्र सरकार ने सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को स्थगित रखने का फैसला लेकर पाकिस्तान को साफ संदेश दिया है कि सीमा पार आतंकवाद और जल सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अब भारत पहले से ज्यादा आक्रामक रणनीति अपनाएगा. सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पिछले एक साल से केंद्र सरकार पश्चिमी नदियों पर जल प्रबंधन और हाइड्रोपावर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म योजनाओं पर काम कर रही है. इसका मकसद भारत के हिस्से के पानी का अधिकतम इस्तेमाल सुनिश्चित करना और भविष्य की जरूरतों के लिए जल भंडारण क्षमता बढ़ाना है. सलाल डैम पर डी-सिल्टिंग शुरू इसी दिशा में सलाल डैम में बड़े स्तर पर डी-सिल्टिंग यानी गाद हटाने का काम शुरू कर दिया गया है. अधिकारियों के अनुसार, एनएचपीसी ने ड्रेजिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया है और इस साल से बड़े पैमाने पर सिल्ट फ्लशिंग भी की जाएगी. यह अभियान अगले तीन से चार वर्षों तक लगातार चल सकता है. सूत्रों के मुताबिक, हर साल करीब 40 से 50 मिलियन क्यूबिक मीटर गाद हटाने का लक्ष्य रखा गया है. इससे जलाशय की क्षमता बढ़ेगी, पानी के बेहतर भंडारण में मदद मिलेगी और बिजली उत्पादन की दक्षता भी सुधरेगी. तेजी से बढ़ रहा हाइड्रोपावर का काम भारत पश्चिमी नदियों पर अपनी हाइड्रोपावर क्षमता भी तेजी से बढ़ा रहा है. वर्तमान में एनएचपीसी पश्चिमी नदियों पर 2,219 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता का संचालन कर रही है, जबकि 3,514 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं निर्माण के अलग-अलग चरणों में हैं. अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को भी बड़े पैमाने पर फायदा हो रहा है. जिन राज्यों में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट लगाए जाते हैं, उन्हें परियोजनाओं से 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली मिलती है. इसके अलावा हर बड़ी परियोजना से करीब 5,000 से 6,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है. खास बात यह है कि निर्माण कार्य में करीब 80 प्रतिशत कर्मचारी उसी राज्य के होते हैं, जहां परियोजना बनाई जा रही है. दो सुरंगों का सर्वे पूरा जम्मू-कश्मीर में तैयार होने वाली स्वच्छ और हरित ऊर्जा का इस्तेमाल केवल स्थानीय जरूरतों तक सीमित नहीं है. यह बिजली उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों को सप्लाई की जा रही है और राष्ट्रीय पावर ग्रिड को मजबूती दे रही है. सूत्रों ने यह भी बताया कि व्यापक जल प्रबंधन रणनीति के तहत प्रस्तावित दो सुरंगों को लेकर सर्वे का काम पूरा हो चुका है. फिलहाल दोनों परियोजनाओं की व्यवहार्यता रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है, जिसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा. माना जा रहा है कि पहलगाम हमले के बाद भारत अब आतंकवाद के खिलाफ सिर्फ सैन्य और कूटनीतिक मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि जल और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भी दीर्घकालिक रणनीतिक बढ़त बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. Source link

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Aaj Ka Makar Rashifal: मकर राशि वालों की चमकेगी किस्मत! व्यापार में...

Last Updated:May 16, 2026, 06:35 IST Aaj Ka Makar Rashifal 16 May 2026: मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ सकता है. व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ मिलने के संकेत हैं और लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं. आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बन रहे हैं, जिससे मन प्रसन्न रहेगा. मां भगवती की कृपा से आत्मविश्वास बढ़ेगा और परिवार में सकारात्मक माहौल बना रहेगा. हालांकि नौकरीपेशा लोगों को आज विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है. कार्यस्थल पर किसी भी निर्णय को जल्दबाजी में लेने से बचें और सहकर्मियों के साथ विवाद से दूरी बनाए रखें. ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन नए अवसरों और योजनाओं के लिए अनुकूल माना जा रहा है. ख़बरें फटाफट करौली. मकर राशि के जातकों के लिए 16 मई यानी आज का दिन बेहद शुभ और सकारात्मक रहने वाला है. आज आपके जीवन में कोई बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है. लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने के प्रबल योग बन रहे हैं. मां भगवती की कृपा से आज आपके कई महत्वपूर्ण काम आसानी से पूरे होंगे और मन में नई ऊर्जा का संचार होगा. जयपुर की ज्योतिषी डॉ दीप्ति शर्मा का कहना है कि आज मकर राशि के जातकों के जीवन में बदलाव के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं. आज का दिन नई शुरुआत और आत्मविश्वास से भरा रहेगा. आप जिस काम को लंबे समय से पूरा करना चाह रहे थे, उसमें सफलता मिलने के योग हैं. मकर राशि वालों को व्य़ापार में मिलेगा लाभव्यापार से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन सबसे अधिक लाभदायक रहने वाला है. बिजनेस में नई योजनाएं सफल हो सकती हैं. आज आपकी एनर्जी और निर्णय क्षमता काफी मजबूत रहेगी. जो काम पिछले कई दिनों से रुके हुए थे, वे आज पूरे हो सकते हैं. व्यापार में धन लाभ और ग्रोथ मिलने के भी अच्छे संकेत हैं. नए संपर्क भविष्य में बड़ा फायदा दे सकते हैं. मकर राशि वाले काम न करें जल्दबाजीनौकरी करने वाले जातकों को आज थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है. किसी भी काम को जल्दबाजी में करने से बचें. आज धैर्य और समझदारी के साथ लिया गया फैसला ही आपके लिए लाभदायक रहेगा. ऑफिस में किसी बात को लेकर तनाव की स्थिति बन सकती है, लेकिन शांत रहकर काम करने से परिस्थितियां आपके पक्ष में हो जाएंगी. मकर राशि वाले छात्रों के लिए आज का दिन खासस्टूडेंट्स के लिए भी आज का दिन खास रहने वाला है. पढ़ाई और करियर को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं. आपकी पर्सनैलिटी में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा.आज आपको करियर में नया रास्ता या नई दिशा मिल सकती है, जिससे भविष्य मजबूत होगा. मकर राशि वाले पार्टनर के साथ विवादों से बचेंलव लाइफ और वैवाहिक जीवन में आज कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होगा. रिश्तों में ज्यादा सिद्धांतवादी रवैया अपनाना नुकसान पहुंचा सकता है. पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें और उनकी जरूरतों को समझने की कोशिश करें. रिश्तों में समाज की बातों को बीच में न आने दें, तभी संबंध मजबूत बने रहेंगे. सेहत के लिहाज से आज का दिन अच्छा रहेगा. मानसिक शांति और आत्मविश्वास बना रहेगा. दिन की शुरुआत मेडिटेशन और ओमकार के जाप से करना आपके लिए बेहद शुभ रहेगा. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Karauli,Rajasthan Source link

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दुनिया का छोटा देश, मगर टेक्नोलॉजी में सुपरपावर! क्‍या PM मोदी के...

PM Modi ki Netherlands Yatra Aur Maksad: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नीदरलैंड हैं. उनका यहां आने का मकसद वही तीन सेक्‍टर्स हैं, जिन पर पूरी दुनिया ने अपना ध्‍यान केंद्रित कर रखा है. ये तीनों सेक्‍टर्स आने वाले समय में न केवल किसी देश की अर्थव्यवस्था, बल्कि उसका भविष्‍य भी तय करेंगे. इनमें पहला है सेमीकंडक्टर यानी चिप्स, दूसरा है वाटर मैनेजमेंट यानी पानी का सही इस्तेमाल और तीसरा है ग्रीन हाइड्रोजन यानी भविष्‍य का साफ ईंधन. आपको बता दें कि आज मोबाइल फोन से लेकर कार, मिसाइल, कंप्यूटर, एआई सिस्टम और अस्पतालों की मशीनों को बनाने में चिप्स की जरूरत पड़ती है. दूसरी तरफ पानी का संकट दुनिया के कई देशों में लगातार बढ़ता जा रहा है. वहीं पेट्रोल-डीजल और कोयले पर बढ़ती निर्भरता जलवायु के लिए संकट बन चुकी हैं. ऐसे समय में दुनिया की नजर उन देशों पर टिकी है, जिन्होंने इन चुनौतियों का समाधान खोज निकालने में सफलता हासिल की है. इन्‍हीं देशों में यूरोप का एक छोटा सा देश नीदरलैंड भी शामिल है. नीदरलैंड आज इन तीनों सेक्टर्स में दुनिया के लिए रोल मॉडल बन चुका है. यह वही देश है, जिसकी बड़ी आबादी समुद्र तल से नीचे रहती है. सदियों तक बाढ़ और समुद्र के खतरे से जूझने वाले इस देश ने हार नहीं मानी. उसने इंजीनियरिंग, रिसर्च और तकनीक की मदद से अपने लिए नई जमीन तैयार की. आज यही देश चिप इंडस्ट्री में दुनिया की सबसे अहम कंपनियों में का घर चुका है. पानी बचाने और उसे दोबारा इस्तेमाल करने में इसका कोई मुकाबला नहीं है. ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में भी नीदरलैंड तेजी से आगे बढ़ रहा है. वहीं, दूसरी तरफ भारत है, जो दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है. भारत में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन चिप्स के लिए अभी भी विदेशी देशों पर निर्भरता बनी हुई है. पानी का संकट लगातार गंभीर हो रहा है. कई शहरों और गांवों में भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है. इसके अलावा भारत अभी भी बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट्स को आयात करता है. ऐसे में भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह भविष्य की जरूरतों के हिसाब से खुद को तैयार करे. यहीं पर नीदरलैंड का मॉडल भारत के लिए जरूरी हो जाता है. भारत अगर डच टेक्नोलॉजी, उनके वॉटर मैनेजमेंट सिस्टम और ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी से सीख लेता है, तो आने वाले समय में बड़ा बदलाव संभव है. आपको बता दें कि यह बदलाव न सिर्फ हमारी तकनीकी आत्‍मनि‍भरता को बेहतर करेगा, बल्कि रोजगार, उद्योग, ऊर्जा सुरक्षा और आम लोगों की जिंदगी सुधारने में भी मददगार साबित होगा. आइए समझते हैं कि नीदरलैंड ने इन क्षेत्रों में कैसे सफलता हासिल की, भारत को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और दोनों देश मिलकर कैसे आगे बढ़ सकते हैं. सेमीकंडक्टर को लेकर नीदरलैंड का सफर शुरुआत से मजबूत बुनियाद तक: नीदरलैंड में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की शुरुआत 1970 और 1980 के दशक में हुई. उस समय कंपनी फिलिप्स इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रही थी. फिलिप्स ने सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि चिप टेक्नोलॉजी की गहराई को समझा. ईंडहोवन शहर धीरे-धीरे टेक्नोलॉजी हब बन गया. यहीं से एएसएमएल (ASML) जैसी कंपनी अस्तित्‍व में आईं. दुनिया की कई कंपनियां चिप्स बनाना चाहती थीं, लेकिन एएसएमएल ने अलग रास्ता चुना. उसने चिप्स बनाने वाली मशीनें बनानी शुरू कीं. यह रणनीति बेहद सफल रही. आज दुनिया की सबसे आधुनिक चिप मशीनें एएसएमएल बनाती है. रिसर्च और एजुकेशन में भारी इन्वेस्टमेंट: नीदरलैंड ने इंडस्‍ट्री के साथ रिसर्च और शिक्षा को भी अहमियत दी. डच सरकार ने यूनिवर्सिटीज और प्राइवेट कंपनियों के बीच मजबूत साझेदारी बनाई. स्टूडेंट्स को रिसर्च प्रोजेक्ट्स और इंटर्नशिप से जोड़ा गया. यूनिवर्सिटीज को आधुनिक लैब बनाने के लिए फंड दिया गया. इसका फायदा यह हुआ कि देश में स्किल्ड इंजीनियर और साइंटिस्‍ट तैयार हुए. धीरे-धीरे नीदरलैंड ने चिप डिजाइन, मशीन डेवलपमेंट और सप्लाई चेन मैनेजमेंट में महारत हासिल कर ली. आज यह छोटा देश सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की पूरी वैल्यू चेन में अहम भूमिका निभाता है. रिसर्च में लगातार निवेश ने इसे बाकी देशों से आगे कर दिया. ग्लोबल पार्टनरशिप का मिला फायदा: नीदरलैंड ने कभी खुद को अकेला नहीं रखा. उसने जर्मनी, बेल्जियम और अमेरिका जैसे देशों के साथ मिलकर काम किया. यूरोप में कई रिसर्च सेंटर बनाए गए, जहां दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां नए प्रयोग करती हैं. आईएमसीई (IMEC) जैसी लैब इसका बेहतरीन उदाहरण है. डच सरकार ने खुली अर्थव्यवस्था की नीति अपनाई. विदेशी कंपनियों को निवेश और रिसर्च के लिए प्रोत्साहित किया गया. इससे देश को नई तकनीक, एक्सपर्ट और बाजार मिला. यह मॉडल इसलिए सफल हुआ क्योंकि उन्होंने सहयोग को प्रतियोगिता से ज्यादा महत्व दिया. लगाईं गईं एडवांस फैक्ट्रियां: चिप्स बनाने का प्रॉसेस की प्रॉसेस बेहद सेंसिटिव होता है. इसमें धूल का छोटा सा कण भी नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए नीदरलैंड ने क्लीन रूम टेक्नोलॉजी पर खास ध्यान दिया. उनकी फैक्ट्रियां इतनी साफ होती हैं कि वहां हवा भी फिल्टर होकर जाती है. इसके साथ ही डच कंपनियों ने बिजली और पानी की खपत कम करने वाली तकनीक विकसित की. कम जगह में ज्यादा प्रोडक्‍शन करने वाली फैक्ट्रियां बनाई गईं. यही कारण है कि आज दुनिया की सबसे महंगी और एडवांस चिप मशीनें यहीं बनती हैं. शुरू कर दी है भविष्य की तैयारी: नीदरलैंड अब सिर्फ मौजूदा तकनीक तक सीमित नहीं है. वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और अगली पीढ़ी की चिप्स पर काम कर रहा है. सरकार और प्राइवेट कंपनियां मिलकर अरबों यूरो का निवेश कर रही हैं. उनका लक्ष्य यूरोप को चिप्स के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है. चीन और अमेरिका पर निर्भरता कम करना उनकी बड़ी रणनीति का हिस्सा है. नीदरलैंड ने साबित किया है कि छोटा देश होने के बावजूद अगर रणनीति सही हो, तो वैश्विक स्तर पर नेतृत्व किया जा सकता है. वाटर मैनेजमेंट के सेक्‍टर में नीदरलैंड का सफर नीदरलैंड ने समुद्र से कर ली लड़ाई: नीदरलैंड का बड़ा हिस्सा समुद्र तल से नीचे है. इसलिए यहां बाढ़ हमेशा से बड़ी समस्या रही. 1953 में आई भयानक बाढ़ ने हजारों लोगों की जान ले ली. इसके बाद डच सरकार ने फैसला किया

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मीन राशि वालों के लिए शनि जयंती पर बन रहे शुभ योग,...

Last Updated:May 16, 2026, 03:51 IST Aaj Ka Meen Rashifal 16 May 2026: मीन राशि के जातको पर आज शनि महाराज की कृपा बरसेंगी. व्यापारियों के लिए आज का दिन लाभदायक रहेगा. जो काम लंबे समय से रुके हुए थे. उसमें तेजी आएगी. साथ ही नए मौके से मन प्रसन्न रहेगा. मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन आत्मचिंतन और समझदारी से आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है. मन में चल रही उलझनों के बीच धैर्य और संयम आपकी सबसे बड़ी ताकत साबित होगी. व्यापार से जुड़े लोगों को सोच-समझकर कदम उठाने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. खास बात यह है कि शनि जयंती का शुभ प्रभाव आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और नई उम्मीदें लेकर आ सकता है. पुराने रुके कामों में गति मिलने के संकेत हैं. साझेदारी और करियर से जुड़े मामलों में सावधानी के साथ सफलता के नए रास्ते खुल सकते हैं. आइए जानते हैं उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज से करियर, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति का हाल आज किस प्रकार रहेगा. मीन राशि वालों का करियर राशिफल मीन राशि वालों के लिए आज का दिन धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है. कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन आपकी सूझबूझ हर स्थिति को संभालने में मदद करेगी. सहकर्मियों के साथ मधुर व्यवहार सफलता दिला सकता है. खास बात यह है कि शनि जयंती का शुभ प्रभाव आपको संयम, आत्मविश्वास और नई ऊर्जा प्रदान कर सकता है. सोच-समझकर लिए गए फैसले लाभकारी रहेंगे और दिन सकारात्मक परिणामों की ओर बढ़ेगा. मीन राशि वालों का व्यापार राशिफल शनि जयंती के शुभ अवसर पर मीन राशि के व्यापारियों के लिए दिन नई सीख और अवसर लेकर आ सकता है. कामकाज में कुछ छोटी रुकावटें आ सकती हैं, लेकिन धैर्य और समझदारी से आप परिस्थितियों को अपने पक्ष में कर पाएंगे. किसी पुराने संपर्क से लाभ मिलने के संकेत हैं. बाजार में धीरे-धीरे आपकी पकड़ मजबूत होगी. निवेश से पहले सोच-विचार करें और आत्मविश्वास बनाए रखें. शनि देव की कृपा से मेहनत का फल मिलने और व्यापार में सकारात्मक बदलाव आने के योग बन रहे हैं. मीन राशि वालों का स्वास्थ राशिफल मीन राशि के लोगों के लिए आज सेहत के मामले में दिन अच्छा रहने वाला है. शरीर में फुर्ती और ताजगी बनी रहेगी. अगर पहले से कोई छोटी-मोटी परेशानी चल रही थी तो उसमें भी आराम मिल सकता है.समय पर खाना खाएं और पौष्टिक भोजन लें, इससे आपकी सेहत और मजबूत होगी. बच्चों की तबीयत भी ठीक रहेगी, जिससे मन को सुकून मिलेगा. कुल मिलाकर आज का दिन स्वास्थ्य के लिए राहत और खुशी देने वाला साबित होगा. मीन राशि वालों का आर्थिक राशिफल शनि जयंती के शुभ प्रभाव से मीन राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से उत्साहजनक रहने के संकेत दे रहा है. आय और खर्च के बीच बेहतर संतुलन बना रहेगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा. पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना आपके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दे सकती है. किसी मित्र या सहयोगी का साथ मुश्किल समय को आसान बना सकता है. शनि देव की कृपा से धन संबंधी मामलों में सकारात्मक अवसर मिल सकते हैं और परिस्थितियां आपके पक्ष में नजर आएंगी. मीन राशि वालों का लव लाइफ राशिफल शादीशुदा लोगों के लिए आज रिश्तों में तनाव बढ़ने की आशंका है. छोटी-छोटी बातों पर मतभेद घर का माहौल बिगाड़ सकते हैं. जीवनसाथी से बातचीत में दूरी या गलतफहमियां पुराने विवादों को फिर से उभार सकती हैं. प्रेम संबंध में रहने वालों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है. पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर बहस हो सकती है. गुस्से और जल्दबाजी में बोले गए शब्द रिश्तों में कड़वाहट घोल सकते हैं, इसलिए हर बात सोच-समझकर और संयम के साथ कहें. मीन राशि वाले जरूर करें यह उपायआज आपके लिए लकी नंबर 1 रहेगा. यह अंक आपको सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा. जो जातक धर्म-कर्म में रुचि रखते हैं, वे आज शनि जयंती के दिन भगवान शनि महाराज को तेल से अभिषेक कराएं. साथ ही गरीबों को काले रंग की वस्तुओं का दान करें. यह उपाय मानसिक शांति देगा और आत्मविश्वास बढ़ाएगा. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ujjain,Madhya Pradesh Source link

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सिंह राशि वालों के लिए आज धादित्य और लक्ष्मीपति योग, धन लाभ,...

Last Updated:May 16, 2026, 03:31 IST Aaj ka Singh Rashifal, Leo Horoscope Today: धन भाव में गुरु और शुक्र की युति आर्थिक लाभ के मजबूत संकेत दे रही है. इसके साथ ही पुरानी परेशानियां धीरे-धीरे खत्म हो सकती हैं. लंबे समय से अटके प्रशासनिक कार्य पूरे हो सकते हैं. सरकारी विभागों से जुड़े मामलों में राहत मिलने के योग बन रहे हैं. हालांकि दिनभर व्यस्तता अधिक रहने की वजह से परिवार को समय देना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. सिंह राशि के जातकों के लिए 16 मई 2026 शनिवार का दिन कई मायनों में खास रहने वाला है. आज शनिचर अमावस्या के साथ बन रहे शुभ योग जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम देने के संकेत दे रहे हैं. खरगोन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. बसंत सोनी के मुताबिक, आज लग्न में सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग और लक्ष्मीपति योग बन रहा है. वहीं धन भाव में गुरु और शुक्र की युति आर्थिक लाभ के मजबूत संकेत दे रही है. साथ ही पुरानी परेशानियां धीरे-धीरे खत्म हो सकती हैं. लंबे समय से अटके प्रशासनिक कार्य पूरे हो सकते हैं. सरकारी विभागों से जुड़े मामलों में राहत मिलने के योग बन रहे हैं. हालांकि दिनभर व्यस्तता अधिक रहने की वजह से परिवार को समय देना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. सिंह राशि करियर राशिफल करियर के लिहाज से आज का दिन नौकरीपेशा लोगों के लिए शुभ माना जा रहा है. कार्यस्थल पर सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा. कुछ लोगों को प्रमोशन या वेतन वृद्धि से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है. प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को नया प्रोजेक्ट या अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने की संभावना है. मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी. सरकारी कार्यों में आ रही रुकावटें दूर हो सकती हैं. हालांकि विद्यार्थियों के लिए आज कोई नया काम या नया कोर्स शुरू करना उचित नहीं माना गया है. फिलहाल पुराने कार्यों पर ही ध्यान देना बेहतर रहेगा. व्यापार और आर्थिक स्थिति व्यापार और आर्थिक मामलों में भी दिन लाभदायक रहने वाला है. बुधादित्य और लक्ष्मीपति योग की वजह से कारोबार में तेजी देखने को मिल सकती है. व्यापारियों को नए अवसर प्राप्त होंगे और लाभ में बढ़ोतरी के संकेत हैं. शनि का ग्यारहवें भाव में होना भविष्य के निवेश के लिए अच्छा माना जा रहा है. आज किया गया निवेश आगे चलकर अच्छा मुनाफा दे सकता है. आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी और आय के नए स्रोत भी खुल सकते हैं. हालांकि जमीन, प्रॉपर्टी या भूमि से जुड़े सौदे फिलहाल टालना ही बेहतर रहेगा, क्योंकि इसमें नुकसान होने की आशंका बताई गई है. सिंह राशि स्वास्थ्य राशिफल स्वास्थ्य के मामले में सिंह राशि वालों को आज विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. खानपान में लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है. तली-भुनी और जंक फूड से दूरी बनाकर रखें. गर्मी के मौसम को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ, छाछ, नींबू पानी और ताजी सब्जियों का सेवन करना फायदेमंद रहेगा. पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. पारिवारिक जीवन रहेगा सुखदपारिवारिक जीवन सामान्य और सुखद बना रहेगा, लेकिन अत्यधिक व्यस्तता के कारण जीवनसाथी को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे. इसकी वजह से पति-पत्नी के बीच हल्की नोकझोंक हो सकती है. ऐसे में परिवार के साथ थोड़ा समय बिताना जरूरी रहेगा. वहीं प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी. प्रेमियों के बीच भरोसा और समझ बढ़ेगी. आज का शुभ अंक अंक ज्योतिष के अनुसार आज सिंह राशि के लिए 4 अंक विशेष रूप से शुभ माना गया है. इसके अलावा 2, 3, 6 और 7 अंक भी लाभकारी रहेंगे. महत्वपूर्ण कार्यों में इन अंकों का उपयोग करना शुभ फल दे सकता है. इन बातों का रखें ध्यानज्योतिषाचार्य डॉ. बसंत सोनी ने सलाह दी है कि आज सिंह राशि के जातकों को जमीन से जुड़े सौदे या लेन देन करने से बचे. भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना और सुंदरकांड का पाठ करना विशेष रूप से लाभकारी रहेगा. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Khargone,Madhya Pradesh Source link

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जिसे TMC छोड़नी है तुरंत बाहर जाए, चुनाव हारने के बाद ममता...

होमताजा खबरदेश जिसे TMC छोड़नी है तुरंत बाहर जाए, चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी का चला हंटर Last Updated:May 16, 2026, 01:42 IST ममता बनर्जी ने कहा कि जिसे पार्टी छोड़नी है वह अभी बाहर चला जाए. संकट के इस डरावने समय में वफादार लोग ही अनमोल संपत्ति बनेंगे. पार्टी में अब ममता बनर्जी का ही फैसला अंतिम होगा. नेताओं को सरेआम मीडिया में जाने से एकदम मना कर दिया गया है. ममता के इस आक्रामक एक्शन से पूरी टीएमसी में दहशत मच गई है. ख़बरें फटाफट ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं को मीडिया से बात करने के लिए मना किया. कोलकाता. हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद कई पार्टी नेताओं के बागी होने के बीच, पार्टी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को स्पष्ट संदेश दिया कि मौजूदा संकट के समय पार्टी में बने रहने के इच्छुक न हों तो वे तुरंत पार्टी छोड़ सकते हैं. बैठक में उपस्थित एक पार्टी नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सोमवार को हार के कारणों की समीक्षा बैठक हुई. वहां पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि जो नेता और कार्यकर्ता तृणमूल कांग्रेस छोड़ने की सोच रहे हैं, वे तुरंत ऐसा कर सकते हैं, और वह उन्हें रोकने के लिए जरा भी प्रयास नहीं करेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि संकट की इस घड़ी में पार्टी के साथ बने रहने वाले लोग अनमोल संपत्ति बनकर उभरेंगे, और उनके साथ वह तृणमूल कांग्रेस का पुनर्निर्माण करेंगी. नेता ने आगे बताया कि बैठक में ममता बनर्जी ने पार्टी नेतृत्व से अगले सात दिनों के भीतर क्षेत्र आधारित जनसंपर्क कार्यक्रमों को फिर से शुरू करने के संबंध में रिपोर्ट मांगी है. साथ ही, उन्होंने पार्टी नेताओं को राज्य के बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में जहां भी संभव हो, ब्लॉक स्तर, नगर स्तर और क्षेत्र स्तर की बैठकें शुरू करने का निर्देश दिया. उन्होंने जिला नेताओं से चुनाव के बाद कथित तौर पर विस्थापित हुए लोगों की सूची सीधे दक्षिण कोलकाता स्थित उनके कालीघाट आवास-सह-कार्यालय में उन्हें सौंपने को भी कहा. ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की पूर्व वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य, जो स्वयं एक वकील भी हैं, को चुनाव के बाद हुई हिंसा के कारण कथित तौर पर विस्थापित हुए लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया की निगरानी का जिम्मा सौंपा. पार्टी नेता ने आगे कहा कि उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि तृणमूल कांग्रेस में संगठनात्मक मामलों में अंतिम निर्णय उन्हीं का होगा. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर पार्टी नेताओं को सार्वजनिक बयान देने या मीडिया से बात करने के बजाय पार्टी के भीतर ही अपनी बात रखनी चाहिए. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kolkata,West Bengal Source link

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