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Maharashtra Board 10th Result 2026 LIVE: महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं रिजल्ट जारी, 92.09%...

नई दिल्ली (Maharashtra Board 10th SSC Result 2026 LIVE): महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSHSE) ने 10वीं रिजल्ट जारी कर दिया है. महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 प्रेस कॉन्फ्रेस में घोषित किया गया है. इसका लिंक दोपहर 1 बजे एक्टिव किया जाएगा. स्टूडेंट्स महाराष्ट्र बोर्ड एसएससी रिजल्ट 2026 दोपहर बाद से ही देख पाएंगे. महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 mahresult.nic.in, mahahsscboard.in और sscresult.mkcl.org पर जारी किया गया है. Maharashtra Board 10th Result 2026 LIVE: क्या आज डिजिलॉकर (DigiLocker) से चेक कर पाएंगे रिजल्ट? महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव: आज दोपहर 1 बजे आधिकारिक परिणाम घोषित होने के बाद स्टूडेंट्स डिजिलॉकर (DigiLocker) के माध्यम से भी अपनी प्रोविजनल मार्कशीट प्राप्त कर सकेंगे. बोर्ड ने छात्रों की सुविधा के लिए कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर स्कोरकार्ड उपलब्ध कराने की तैयारी की है. छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपना शैक्षणिक दस्तावेज डाउनलोड करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उनका डिजिलॉकर अकाउंट एक्टिव है. वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक होने की स्थिति में डिजिलॉकर बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प साबित हो सकता है. MSBSHSE Maharashtra Board SSC Result 2026 LIVE: लड़कियों ने फिर मारी बाजी महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव: महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं के नतीजों में एक बार फिर लड़कियों ने अपना दबदबा कायम रखा है. आंकड़ों के अनुसार, छात्राओं का पास प्रतिशत 94.96% रहा है, जबकि छात्रों (लड़कों) का पास प्रतिशत 89.56% दर्ज किया गया. लड़कियों ने लड़कों की तुलना में लगभग 5% बेहतर प्रदर्शन किया है. Maharashtra Board SSC Result 2026 LIVE: क्या समय से पहले एक्टिव होगा रिजल्ट लिंक? महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव: कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में संभावना जताई जा रही है कि बोर्ड की तरफ से घोषित निर्धारित समय (दोपहर 1 बजे) से पहले ही रिजल्ट लिंक आधिकारिक वेबसाइट पर एक्टिव हो सकता है. प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद से ही लाखों स्टूडेंट्स पोर्टल पर नजरें टिकाए हुए हैं. बोर्ड ने 92.09% कुल पास प्रतिशत की पुष्टि पहले ही कर दी है. Maharashtra Board 10th Result 2026 LIVE: महाराष्ट्र एसएससी में कोंकण रीजन फिर रहा अव्वल महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव: महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परीक्षा के महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए हैं. इस साल 97.62% रिजल्ट के साथ कोंकण रीजन पूरे राज्य में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला बना है. वहीं, छत्रपति संभाजीनगर में सबसे कम 88.41% छात्र उत्तीर्ण हुए हैं. महाराष्ट्र SSC परिणाम 2026: 10वीं के पास प्रतिशत में गिरावट महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव: महाराष्ट्र बोर्ड ने इस साल 92.09% का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत दर्ज किया है. यह आंकड़ा काफी बेहतर है, लेकिन पिछले साल के मुकाबले इसमें 2.01% की गिरावट देखी गई है. इस साल 10वीं की परीक्षा में 15 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल हुए थे. MSBSHSE Maharashtra Board SSC Result 2026 LIVE: 92 फीसदी से ज्यादा स्टूडेंट्स पास MSBSHSE Maharashtra Board SSC Result 2026 LIVE: महाराष्ट्र राज्य शिक्षा बोर्ड ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएससी परीक्षा के प्रमुख आंकड़े जारी किए. महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 का पास प्रतिशत कुल 92.09 फीसदी है. Maharashtra Board 10th Result 2026 LIVE: महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं में फेल होने पर क्या करें? महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव: एक या दो विषयों में फेल होने वाले स्टूडेंट्स के लिए बोर्ड ‘सप्लीमेंट्री परीक्षा’ आयोजित करेगा. यह परीक्षा आमतौर पर जुलाई में होती है, जिससे छात्रों का साल बर्बाद न हो और वे इसी साल 11वीं में एडमिशन ले सकें. MSBSHSE SSC Result 2026 LIVE: महाराष्ट्र बोर्ड रिजल्ट से संतुष्ट न होने पर क्या करें? महाराष्ट्र बोर्ड एसएससी रिजल्ट 2026 लाइव: जो स्टूडेंट्स अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद री-चेकिंग या री-वैल्यूएशन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए बोर्ड की वेबसाइट पर अलग से नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. Maharashtra Board SSC Result 2026 LIVE: महाराष्ट्र बोर्ड एसएससी की मार्कशीट कैसे डाउनलोड करें? महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव: महाराष्ट्र एसएससी रिजल्ट लिंक एक्टिव होने के बाद स्टूडेंट्स पोर्टल पर अपनी डिटेल्स एंटर करें और स्कोरकार्ड दिखाई देने पर डाउनलोड बटन पर क्लिक करें. स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे फ्यूचर रेफरेंस के लिए इसका प्रिंटआउट जरूर निकाल लें. MSBSHSE Maharashtra Board SSC Result 2026 LIVE: किसी भी वक्त जारी हो सकता है महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं रिजल् MSBSHSE Maharashtra Board SSC Result 2026 LIVE: महाराष्ट्र एसएससी परीक्षा परिणाम की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है. बोर्ड के अधिकारी कक्षा 10 की परीक्षाओं से संबंधित जरूरी जानकारी दे रहे हैं. 20 फरवरी से 18 मार्च के बीच आयोजित महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं परीक्षा में शामिल हुए स्टूडेंट्स को परिणाम घोषित होने के बाद ऑफिशियल पोर्टल के माध्यम से स्कोरकार्ड ऑनलाइन देखने की सुविधा मिलेगी. Maharashtra Board SSC Result 2026 LIVE: महाराष्ट्र बोर्ड की रिजल्ट वेबसाइट क्रैश होने पर क्या करें? महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव: अगर इंटरनेट की समस्या हो तो स्टूडेंट्स एसएमएस के जरिए भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें एक खास फॉर्मेट में अपना रोल नंबर लिखकर बोर्ड की तरफ से दिए गए नंबर पर भेजना होगा. Maharashtra Board 10th Result 2026 LIVE: डिजिलॉकर पर महाराष्ट्र 10वीं रिजल्ट कैसे चेक करें? महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव: स्टूडेंट्स वेबसाइट के अलावा डिजिलॉकर ऐप या वेबसाइट (digilocker.gov.in) के माध्यम से भी अपनी डिजिटल मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं. यह कॉलेज में एडमिशन के लिए वैध दस्तावेज माना जाता है. Maharashtra Board SSC Result 2026 LIVE: महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं पासिंग मार्क्स महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव: महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं की परीक्षा में सफल होने के लिए स्टूडेंट को हर विषय में कम से कम 33% अंक हासिल करने अनिवार्य हैं. इसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों के अंक शामिल होते हैं. Maharashtra Board 10th Topper List 2026 LIVE: महाराष्ट्र बोर्ड रिजल्ट के साथ क्या जारी करेगा? महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं टॉपर लिस्ट 2026 लाइव: सुबह 11 बजे होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोर्ड के अध्यक्ष कुल उत्तीर्ण प्रतिशत, डिवीजन-वार प्रदर्शन और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों की घोषणा करेंगे. हालांकि, बोर्ड अब आधिकारिक मेरिट लिस्ट (टॉपर्स के नाम) जारी नहीं करता है. Maharashtra Board SSC Result 2026 LIVE: क्या महाराष्ट्र बोर्ड एसएससी टॉपर लिस्ट आएगी? महाराष्ट्र बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 लाइव:

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सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने जगा दी उम्मीद, दाऊदी बोहरा महिलाओं के...

होमताजा खबरदेश CJI सूर्यकांत ने जगा दी उम्मीद, बोहरा महिलाओं के खतना पर लग सकता है रोक Last Updated:May 08, 2026, 10:47 IST सुप्रीम कोर्ट ने दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं के खतना पर चिंता जताई, कहा यह अनुच्छेद 25 के तहत स्वास्थ्य आधार पर प्रतिबंधित धार्मिक प्रथा हो सकती है. सीजेई सूर्यकांत ने दाऊदी बोहरा समुदाय की महिलाओं के लिए नई उम्मीद जगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने दाऊदी बोहरा समुदाय के कुछ वर्गों में महिलाओं के खतना की प्रथा पर चिंता जताई और कहा कि यह प्रथा संविधान के तहत स्वास्थ्य के दायरे में आ सकती है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद-25 के तहत सार्वजनिक व्यवस्था और नैतिकता के अलावा स्वास्थ्य के आधार पर भी धार्मिक प्रथाओं एवं अनुष्ठानों को प्रतिबंधित किया जा सकता है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्ष वाली नौ जजों की संविधान पीठ ने महिलाओं के खतना की प्रथा को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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मानिकपुर के किसान हीरामढ़ी जैविक सब्जी की खेती से रोज कमा रहे...

Last Updated:May 08, 2026, 09:39 IST चित्रकूट के मानिकपुर पाठा के उमरी गांव के किसान हीरामढ़ी कुशवाहा ने लोकल 18 को बताया कि पहले उनके इलाके में सब्जियां चित्रकूट मुख्यालय कर्वी या फिर मध्य प्रदेश के सतना जिले से मंगाई जाती थीं. स्थानीय बाजारों में बाहर से आने वाली सब्जियों पर ही लोग निर्भर रहते थे. लेकिन अब गांव के किसान खुद सब्जियां उगा रहे हैं और आसपास के लोग सीधे खेतों से खरीदारी करने पहुंच रहे हैं. चित्रकूटः बुंदेलखंड का चित्रकूट पाठा क्षेत्र कभी बंजर जमीन और खेती की कठिन परिस्थितियों के लिए जाना जाता था. यहां के अधिकांश किसान खेती से दूरी बनाकर मजदूरी करना ज्यादा बेहतर समझते थे. किसानों का मानना था कि खेती में मेहनत और लागत अधिक लगती है, लेकिन उसके मुकाबले सही मुनाफा नहीं मिल पाता था. पानी की कमी और पथरीली जमीन ने भी खेती को चुनौतीपूर्ण बना दिया था, लेकिन अब बदलते दौर के साथ इसी पाठा क्षेत्र के कुछ किसानों ने अपनी मेहनत और नई सोच के दम पर हालात बदलने शुरू कर दिए हैं. किसान खेती का अपनाएं जैविक तरीका आप को बता दे कि चित्रकूट के मानिकपुर पाठा क्षेत्र के उमरी गांव के किसान आज जैविक तरीके से सब्जियों की खेती कर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं. इन किसानों ने पारंपरिक खेती से हटकर लौकी, कद्दू, पालक, भिंडी, चौराई और धनिया जैसी सब्जियों की खेती शुरू की है. खास बात यह है कि यह खेती पूरी तरह जैविक तरीके से की जा रही है, जिसमें गोबर की खाद का उपयोग किया जाता है, इससे सब्जियां प्राकृतिक रूप से तैयार होती हैं और लोगों को ताजी व स्वास्थ्य के लिए भी सही मानी जाती है. खेतों में सब्जी खरीदने पहुंच रहे लोग उमरी गांव के किसान हीरामढ़ी कुशवाहा ने लोकल 18 को बताया कि पहले उनके इलाके में सब्जियां चित्रकूट मुख्यालय कर्वी या फिर मध्य प्रदेश के सतना जिले से मंगाई जाती थीं. स्थानीय बाजारों में बाहर से आने वाली सब्जियों पर ही लोग निर्भर रहते थे. लेकिन अब गांव के किसान खुद सब्जियां उगा रहे हैं और आसपास के लोग सीधे खेतों से खरीदारी करने पहुंच रहे हैं. बची हुई सब्जियां हम लोग स्थानीय बाजारों में ले जाकर बेचते हैं, जिससे उन्हें अच्छा लाभ मिल रहा है.उनका कहना है कि जैविक खेती में लागत भी कम आती है और बाजार में सब्जियों की मांग भी ज्यादा रहती है. रोज 5 से 6 हजार की बिक्री उमरी गांव के किसान हीरामढ़ी कुशवाहा ने लोकल 18 से बताया कि उनके खेतों से प्रतिदिन लगभग 5 से 6 हजार रुपये तक की सब्जियां बिक जाती हैं.इससे परिवार का खर्च आसानी से चल रहा है. उन्होंने यही बताया कि जैविक खेती की सब्जियां थोड़ी महंगी तो रहती है लेकिन शरीर के लिए काफी लाभदायक भी होती है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chitrakoot,Uttar Pradesh Source link

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Tamil Nadu Government Formation Live: शपथ पर अड़े विजय, गवर्नर का इनकार;...

Last Updated:May 08, 2026, 08:46 IST Tamil Nadu Government Formation Live Updates: तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सियासी संकट गहरा गया है. TVK प्रमुख विजय बहुमत साबित किए बिना शपथ लेने पर अड़े हैं, जबकि राज्यपाल ने साफ कहा है कि 118 विधायकों का सम…और पढ़ें तमिलनाडु में सरकार गठन पर संकट गहरा गया. (फाइल फोटो PTI) Tamil Nadu Government Formation Live News: तमिलनाडु की राजनीति इस समय बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है. चुनाव नतीजे आए चार दिन बीत चुके हैं लेकिन राज्य में सरकार गठन का रास्ता अब भी साफ नहीं हो पाया है. अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया, लेकिन बहुमत के आंकड़े से कुछ कदम दूर रह गई. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद विजय सरकार बना पाएंगे? या फिर संख्या का खेल उनकी राह रोक देगा? इसी बीच गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने लगातार दूसरी बार विजय को यह कहकर लौटा दिया कि बहुमत साबित किए बिना सरकार बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती. दूसरी तरफ TVK ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अगर DMK और AIADMK साथ आए तो उनके 107 विधायक इस्तीफा देने तक को तैयार हैं. तमिलनाडु में अब यह सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं रह गई है, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा और जनादेश की व्याख्या का बड़ा संघर्ष बन चुका है. विजय की पार्टी का दावा है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उन्हें पहले सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए और बहुमत परीक्षण विधानसभा में होना चाहिए. पार्टी के अंदर भी बेचैनी बढ़ती दिख रही है. गुरुवार को TVK विधायकों की अहम बैठक हुई, जिसमें कई विधायकों ने पूछा कि आखिर सरकार गठन में देरी क्यों हो रही है. पार्टी महासचिव ‘बुस्सी’ एन आनंद ने विधायकों से धैर्य रखने को कहा और भरोसा दिलाया कि विजय लगातार प्रयास कर रहे हैं. लेकिन दूसरी ओर राज्यपाल का रुख साफ है कि 118 विधायकों का समर्थन दिखाए बिना सरकार गठन संभव नहीं होगा. कांग्रेस के समर्थन के बावजूद TVK का आंकड़ा 113 तक ही पहुंच रहा है. ऐसे में तमिलनाडु की राजनीति में अब जोड़-तोड़, रणनीति और संभावित गठबंधन की चर्चाएं तेज हो गई हैं. बहुमत के आंकड़े में फंसी विजय की राह TVK ने चुनाव में 108 सीटें जीतकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया. लेकिन चुनाव आयोग के नियम के मुताबिक विजय को अपनी दो सीटों में से एक छोड़नी होगी. ऐसे में पार्टी की संख्या घटकर 107 रह जाएगी. कांग्रेस के समर्थन के बाद भी आंकड़ा 113 तक ही पहुंच पा रहा है, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 सीटें जरूरी हैं. यही वजह है कि गवर्नर ने विजय से साफ कहा कि सिर्फ सबसे बड़ी पार्टी होना काफी नहीं है. सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत जरूरी है. लगातार दूसरी बार विजय को बिना मंजूरी लौटाए जाने के बाद TVK समर्थकों में नाराजगी बढ़ गई है. TVK नेताओं का कहना है कि राज्यपाल को विजय को शपथ दिलानी चाहिए और बहुमत साबित करने का मौका विधानसभा में देना चाहिए. पार्टी का तर्क है कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला सदन के फ्लोर पर होना चाहिए, न कि राजभवन में. दूसरी तरफ DMK और AIADMK की गतिविधियों पर भी सबकी नजर है. TVK ने बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए कहा है कि अगर दोनों दल मिलकर सरकार बनाने की कोशिश करते हैं, तो उनके सभी 107 विधायक इस्तीफा देने को तैयार हैं. इससे साफ है कि पार्टी किसी भी कीमत पर विपक्षी दलों के गठजोड़ को स्वीकार करने के मूड में नहीं है. विजय लगातार कर रहे कोशिश सूत्रों के मुताबिक विजय लगातार दूसरे दलों और निर्दलीय विधायकों से संपर्क में हैं. पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि कुछ और समर्थन मिलने पर सरकार गठन का रास्ता साफ हो सकता है. TVK की रणनीति फिलहाल राजनीतिक दबाव बनाने की भी दिखाई दे रही है. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि तमिलनाडु की राजनीति अब बेहद संवेदनशील दौर में पहुंच चुकी है. अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो राज्य में संवैधानिक संकट जैसी स्थिति भी बन सकती है. Tamil Nadu Government Formation Live: तमिलनाडु की सियासी हलचल के बीच सुबह 9 बजे होगी TVK विधायकों की बैठक तमिलनाडु सरकार संकट लाइव: विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के विधायक तमिलनाडु में जारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच आज सुबह 9 बजे पन्नैयूर स्थित पार्टी कार्यालय में बैठक करेंगे. माना जा रहा है कि इस बैठक में सरकार गठन और मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर अहम चर्चा हो सकती है. Tamil Nadu Government Formation Live News: विजय को सत्ता से दूर रखने के लिए AIDMK ने मांगा DMK का समर्थन: स्टालिन तमिलनाडु सरकार संकट लाइव: एमके स्टालिन ने कथित तौर पर डीएमके विधायकों को बताया कि अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (TVK) ने सरकार बनाने और सी जोसेफ विजय को मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) से समर्थन मांगा है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक DMK विधायकों ने अंतिम फैसला स्टालिन पर छोड़ दिया है. वहीं AIDMK महासचिव ईडप्पादी के पलानीस्वामी ने शुक्रवार को राज्यपाल आर वी अर्लेकर से मुलाकात का समय मांगा है. Tamil Nadu Government Formation Live Updates: तमिलनाडु में सियासी हलचल तेज, AIDMK और DMK ने बुलाई विधायक बैठक तमिलनाडु सरकार संकट लाइव: तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी अटकलों के बीच AIDMK और DMK ने अपने-अपने विधायकों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं और उन्हें पार्टी नेतृत्व के हर फैसले का पालन करने के निर्देश दिए. वहीं विजय की तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के सूत्रों ने कहा कि अगर AIDMK और DMK साथ आते हैं तो विधायकों के इस्तीफे को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. इस बीच राज्य में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं, क्योंकि भारतीय कांग्रेस ने आज सुबह 11 बजे राज्यपाल और बीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. Tamil Nadu Government Formation Live: पुडुचेरी के लग्जरी रिजॉर्ट में ठहराए गए एआईएडीएमके विधायक तमिलनाडु सरकार संकट लाइव: अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम के विधायक इस समय पुडुचेरी के एक लग्जरी रिजॉर्ट में कड़ी निगरानी

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तारिक रहमान सरकार ने दिखा दिया अपना रंग, भारत संग डील में...

होमताजा खबरदेश तारिक रहमान सरकार ने दिखा दिया अपना रंग, भारत संग डील में चीन को बना रहे चौधरी Last Updated:May 08, 2026, 07:45 IST Tariq Rehman Government Sought China Involvement: बांग्लादेश की नई सरकार ने आखिरकार अपना रंग दिखा ही दिया है. उसने भारत के साथ एक अहम डील में चीन को चौधरी बनाने की बात कही है. ऐसे में सवाल यह है कि भारत के साथ द्विपक्षीय मुद्दों में चीन को एंट्री दिलाकर तारिक रहमान की सरकार क्या संदेश देना चाहती है. बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान. फोटो- रायटर Tariq Rehman Government Sought China Involvement: भारत और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से अटके तीस्ता जल बंटवारा समझौते के बीच अब ढाका की नई सरकार ने ऐसा कदम उठाया है, जिसने नई दिल्ली की चिंता बढ़ा दी है. बीएनपी के नेता तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार ने तीस्ता नदी पुनर्स्थापन परियोजना में चीन की भागीदारी और समर्थन मांगा है. इसे भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिहाज से बड़ा रणनीतिक संकेत माना जा रहा है. दरअसल, बांग्लादेश लंबे समय से भारत पर 2011 के तीस्ता जल बंटवारा समझौते को लागू करने का दबाव बनाता रहा है. यह समझौता अब तक लागू नहीं हो पाया है. इसकी सबसे बड़ी वजह पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र के बीच सहमति का अभाव रहा. उस समय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस समझौते पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया. ममता दीदी के हटने से बांग्लादेश की बढ़ी उम्मीद बैठक में दोनों देशों के बीच तीस्ता नदी व्यापक प्रबंधन और पुनर्स्थापन परियोजना पर भी चर्चा हुई. यह परियोजना बांग्लादेश के लिए बेहद अहम मानी जा रही है. तीस्ता नदी भारत के सिक्किम और पश्चिम बंगाल से होकर बांग्लादेश में प्रवेश करती है. ढाका इस परियोजना के जरिए नदी की ड्रेजिंग, तटबंध निर्माण और जल प्रबंधन को बेहतर बनाना चाहता है, ताकि बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया जा सके. चीन ने खुलकर नहीं की बात हालांकि, वांग यी ने खुलकर यह नहीं बताया कि चीन किस स्तर तक परियोजना में शामिल होगा, लेकिन उन्होंने कहा कि बीजिंग अपनी क्षमता के अनुसार बांग्लादेश को हर संभव सहायता देने को तैयार है. उन्होंने यह भी कहा कि चीन, बेल्ट एंड रोड इनेशिएटिव को बांग्लादेश की विकास रणनीतियों के साथ जोड़ना चाहता है. चीन ने यह संकेत भी दिया कि वह बांग्लादेश के साथ सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश, जल संसाधन, हरित विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाना चाहता है. दूसरी ओर खालिलुर रहमान ने चीन को बांग्लादेश का विश्वसनीय और अपरिहार्य मित्र बताया. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब दक्षिण एशिया में चीन लगातार अपनी रणनीतिक मौजूदगी बढ़ाने में लगा हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि तीस्ता परियोजना में चीन की संभावित एंट्री भारत के लिए केवल जल बंटवारे का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सामरिक चुनौती भी बन सकती है. भारत पहले ही श्रीलंका, मालदीव और नेपाल में चीन की बढ़ती सक्रियता को लेकर सतर्क रहा है. अब बांग्लादेश में भी चीन की गहरी भागीदारी नई दिल्ली के लिए चिंता का विषय बन सकती है. तीस्ता नदी को लेकर भारत और बांग्लादेश के रिश्ते हमेशा संवेदनशील रहे हैं. बांग्लादेश का कहना है कि उसे नदी के पानी में न्यायसंगत हिस्सेदारी नहीं मिल रही, जबकि भारत में राज्य और केंद्र के बीच राजनीतिक सहमति का अभाव समझौते की राह में सबसे बड़ी बाधा रहा है. About the Author संतोष कुमार न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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Petrol Price : नोएडा में सस्‍ता तो गाजियाबाद में महंगा हुआ पेट्रोल,...

Last Updated:May 08, 2026, 06:42 IST Petrol-Diesel Price : कच्‍चे तेल की कीमतों में एक बार फिर उछाल दिख रहा है, जिसका असर शुक्रवार सुबह जारी पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर भी दिखा. आज यूपी से लेकर बिहार तक के कई शहरों में तेल के खुदरा दाम बदल गए हैं. ग्‍लोबल मार्केट में कच्‍चे तेल की कीमतों में फिर उछाल दिख रहा है. नई दिल्‍ली. ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव धीरे-धीरे खत्‍म तो हो रहा है, लेकिन ग्‍लोबल मार्केट में कच्‍चे तेल की कीमतों में ज्‍यादा नरमी नहीं दिख रही है. ब्रेंट क्रूड का भाव एक बार फिर बढ़कर 102 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया है. इसका असर शुक्रवार सुबह देश के तमाम शहरों में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर भी दिखा. सरकारी तेल कंपनियों की ओर से जारी तेल की कीमतों में आज ज्‍यादातर शहरों में बदलाव दिख रहा है. एनसीआर के शहर नोएडा में जहां तेल के दाम गिरे हैं तो गाजियाबाद में महंगा हुआ है. सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार, नोएडा में पेट्रोल 16 पैसे गिरकर 94.74 रुपये लीटर हो गया है तो डीजल 20 पैसे सस्‍ता होकर 87.81 रुपये लीटर पहुंच गया है. गाजियाबाद में पेट्रोल 12 पैसे महंगा होकर 94.70 रुपये लीटर बिक रहा है तो डीजल 14 पैसे बढ़त के साथ 87.81 रुपये लीटर के भाव पहुंच गया है. बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल 25 पैसे सस्‍ता होकर 105.23 रुपये लीटर हो गया तो डीजल 23 पैसे गिरावट के साथ 91.49 रुपये लीटर बिक रहा है. कच्‍चे तेल की बात करें तो बीते 24 घंटे में इसकी कीमतों में भी बड़ा उछाल दिख रहा है. ब्रेंट क्रूड का भाव तेजी से बढ़कर 102.40 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है. डब्‍ल्‍यूटीआई का रेट भी बढ़ गया है और ग्‍लोबल मार्केट में अब 96.66 डॉलर प्रति बैरल के भाव से चल रहा है. चारों महानगरों में पेट्रोल-डीजल के दाम– दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर– मुंबई में पेट्रोल 103.44 रुपये और डीजल 89.97 रुपये प्रति लीटर– चेन्नई में पेट्रोल 100.76 रुपये और डीजल 92.35 रुपये प्रति लीटर– कोलकाता में पेट्रोल 104.95 रुपये और डीजल 91.76 रुपये प्रति लीटर इन शहरों में बदल गए रेट– नोएडा में पेट्रोल 94.74 रुपये और डीजल 87.81 रुपये प्रति लीटर हो गया है.– गाजियाबाद में पेट्रोल 94.70 रुपये और डीजल 87.81 रुपये प्रति लीटर हो गया है.– पटना में पेट्रोल 105.23 रुपये और डीजल 91.49 रुपये प्रति लीटर हो गया है. हर सुबह 6 बजे जारी होते हैं नए रेटहर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है. सुबह 6 बजे से ही नए रेट लागू हो जाते हैं. पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन, वैट और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम मूल भाव से लगभग दोगुना हो जाता है. यही कारण है कि पेट्रोल-डीजल के दाम इतने अधिक दिखाई देते हैं. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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Thalapathy Vijay | Vijay TVK | Tamil Nadu Government | थलापति विजय...

होमताजा खबरदेश थलापति विजय का बड़ा दांव, TVK के विधायक देंगे इस्तीफा अगर…तमिलनाडु में ट्विस्ट Last Updated:May 08, 2026, 05:31 IST Tamil Nadu Government Formation: तमिलनाडु में सियासी उठापटक जारी है. टीवीके की सरकार पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं. तमिलनाडु के राज्यपाल दो बार थलापति विजय को उल्टे पांव वापस भेज चुके हैं. अब तक उनकी पार्टी टीवीके को सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया है. राज्यपाल बहुमत वाला नंबर देखना चाहते हैं. इस बीच थलापति विजय ने बड़ा दांव चल दिया है, जिससे तमिलनाडु की सियासत में हड़कंप मच गया है. तमिलनाडु की सियासत में नया ट्विस्ट आया है. Thalapathy Vijay: तमिलनाडु में सरकार पर सस्पेंस बरकरार है. थलापति विजय की पार्टी टीवीके को अब तक सरकार बनाने का न्योता नहीं मिला है. तमिलनाडु के गवर्नर एक्टर विजय की टीवीके को पहले बहुमत वाला नंबर दिखाने को बोल रहे. थलापति विजय दो बार गवर्नर से मिल चुके हैं. दोनों बार निराशा ही हाथ लगी है. इस बीच खबर है कि तमिलनाडु में थलापति विजय की टीवीके की सरकार न बने, इसके लिए एआईएडीएमके और डीएमके के बीच गठबंधन की सुगबुगाहट तेज है. यही कारण है कि अब एक्टर विजय ने बड़ा दांव चल दिया है. इससे तमिलनाडु की सियासत में नया ट्विस्ट आ गया है. जी हां, एक्टर विजय की टीवीके यानी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने गुरुवार को कहा कि पार्टी के सभी 107 विधायक इस्तीफा देंगे अगर डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) तमिलनाडु में सरकार बनाते हैं. सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है. यह घटनाक्रम तब सामने आया जब DMK और AIADMK नेताओं के बीच दो बैठकें हुईं. राजनीतिक गलियारों में इस बात की खूब चर्चा है कि एआईएडीएमके और डीएमके साथ आ सकते हैं. अव्वल तो राज्यपाल के स्टैंड ने इन अटकलों को और बल दे दिया है. थलापति विजय को किस बात का डर दरअसल, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अपना करिश्मा दिखा चुके थलापति विजय को एक शंका सता रही है. अब टीवीके (TVK) को शक है कि एआईएडीएमके और डीएमके दोनों पार्टियां मिलकर राज्य में सरकार बनाने की कोशिश कर रही हैं, जबकि सबसे ज्यादा वोट पाने वाली पार्टी को बाहर रखा जा रहा है. एक्टर विजय की पार्टी को कितनी सीटें एक्टर विजय की टीवीके ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीती. इनमें से दो विजय ने जीती हैं. टीवीके के पास 107 विधायक हैं और पार्टी का कहना है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उसे सरकार बनाने का पहला मौका मिलना चाहिए. इससे पहले राज्यपाल आरवी अर्लेकर ने एक्टर विजय को सरकार बनाने का दावा पेश करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा कि विजय के पास पर्याप्त संख्या नहीं है. राज्यपाल ने विजय को दिया झटका इस तरह राज्यपाल ने विजय की बहुमत हासिल करने की योजना को खारिज कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, दो दिनों में हुई दूसरी बैठक में राज्यपाल ने अभिनेता-राजनेता विजय से 118 विधायकों के समर्थन पत्र देने की मांग की. राज्यपाल के इस फैसले की आलोचना भी हो रही है. टीवीके, कांग्रेस और अन्य नेताओं का कहना है कि बहुमत साबित लोकभवन में नहीं किया जाता है, बल्कि फ्लोर में होता है. कपिल सिब्बल ने भी इस पर सवाल उठाया है. ‘TVK को 6 महीने तक परेशान नहीं करेंगे’: एमके स्टालिन इधर, तमिलनाडु के निवर्तमान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने द टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा कि टीवीके सरकार बनाने को तैयार है और वह छह महीने तक बिना हस्तक्षेप के देखेंगे. इस बयान के साथ स्टालिन ने एआईएडीएमके और DMK के गठबंधन की संभावना पर चल रही सभी अटकलों को खत्म कर दिया है. स्टालिन ने इशारा किया कि डीएमके नहीं चाहता कि राज्य में कोई संवैधानिक संकट या जल्द चुनाव हो. हालांकि, लॉटरी किंग मार्टिन की पत्नी चाहती हैं कि एआईएडीएमके और टीवीके के बीच गठबंधन हो. इसके लिए वह बैटिंग भी कर रही हैं. अब देखने वाली बात है कि आखिर तमिलनाडु की सियासत में कब तक स्थिरता आती है. About the Author Shankar Pandit Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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होर्मुज में चला भारत की कूटनीति का जादू, लड़ते रह गए अमेरिका...

होमताजा खबरदेश होर्मुज में चला भारत की कूटनीति का जादू, लड़ते रह गए अमेरिका और ईरान Last Updated:May 08, 2026, 01:49 IST होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए डरावना गेम चल रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी एकदम जारी की है. ट्रंप ने कहा कि रास्ता नहीं खुला तो भारी बमबारी होगी. अमेरिका इस रास्ते पर अपनी ताकत दिखाना चाहता है. ट्रंप ने समझौते के लिए कुछ समय तक रोक हटा ली है. इस डरावने एक्शन से पूरे मिडिल ईस्ट में भारी दहशत मच गई है. ख़बरें फटाफट ईरान ने होर्मुज में अमेरिका और इजरायल को मात दे दी. (फाइल फोटो) नई दिल्ली. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने गुरुवार को बताया कि ईरान के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत के चलते अब तक 11 भारतीय जहाज होर्मुज की खाड़ी से निकल चुके हैं. नई दिल्ली में साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत में आगे प्रगति हो रही है और मंत्रालय लगातार ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है. उन्होंने कहा, “हमें प्रगति दिख रही है और इसी प्रगति, कूटनीतिक बातचीत और ईरान के साथ संवाद के चलते अब तक 11 भारतीय जहाज होर्मुज की खाड़ी से बाहर निकल चुके हैं. अभी 13 जहाज फारस की खाड़ी में मौजूद हैं. हम ईरानी अधिकारियों के संपर्क में हैं, ताकि बाकी जहाज भी सुरक्षित रूप से होर्मुज की खाड़ी पार करके भारत आ सकें, जो उनका अंतिम गंतव्य है.” खबरों के मुताबिक, होर्मुज की खाड़ी अब फिर से खुलने की ओर बढ़ रही है. बुधवार को अमेरिका और ईरान की ओर से ऐसे संकेत मिले कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर लगी रोक हटाई जा सकती है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार की शाम को कहा था कि वह कुछ समय के लिए रोक हटाकर देखना चाहते हैं कि ईरान के साथ कोई समझौता हो सकता है या नहीं. इसके बाद ईरान के सैन्य संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बुधवार को कहा कि वह अब जहाजों को इस रास्ते से गुजरने देगा. उसने दावा किया कि अमेरिका की धमकियों को ‘बेअसर’ कर दिया गया है. ट्रंप ने बुधवार की सुबह चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने इस समुद्री रास्ते पर रोक नहीं हटाई तो वह फिर से और भी ज्यादा ताकत के साथ बमबारी शुरू कर सकते हैं. ईरान ने यह रास्ता उस समय बंद कर दिया था जब 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने उसके खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था. यह वही रास्ता है जिससे दुनिया का करीब 20 प्रत‍िशत तेल और गैस गुजरता है. इसके बाद अमेरिका ने 13 अप्रैल को ईरानी बंदरगाहों पर अपनी ओर से भी रोक लगा दी थी, जब दोनों देशों के बीच बातचीत अचानक टूट गई थी. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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AIUDF का एक विधायक 100 आवाजों के बराबर, बदरुद्दीन अजमल के ऐलान...

होमताजा खबरदेश कांग्रेस बन गई है दूसरी मुस्लिम लीग, बदरुद्दीन अजमल के ऐलान से असम में हाहाकार Last Updated:May 08, 2026, 02:17 IST बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी ने मिलकर खेल किया. दोनों ने एआईयूडीएफ को कमजोर करने के लिए सरेआम भारी समन्वय किया. गौरव गोगोई जैसे कांग्रेस लीडर बीजेपी का मुकाबला करने में फेल रहे. माइनॉरिटी समुदाय को कांग्रेस से उम्मीद एकदम थी, लेकिन सब बेकार गया. ख़बरें फटाफट बदरुद्दीन अजमल ने कांग्रेस पर निशाना साधा. (फाइल फोटो) गुवाहाटी. ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने गुरुवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ‘एक और मुस्लिम लीग’ बन गई है और असम में एक प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाने में पूरी तरह विफल रही है. बिनाकंडी विधानसभा क्षेत्र से अपनी जीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अजमल ने दावा किया कि कांग्रेस ने अल्पसंख्यक समुदायों को छोड़ दिया है और अप्रत्यक्ष रूप से राज्य में भाजपा को राजनीतिक रूप से मदद की है. अजमल ने कहा कि कांग्रेस अब एक वास्तविक विपक्षी ताकत के रूप में काम नहीं कर सकती. यह एक और मुस्लिम लीग की तरह हो गई है और लोगों के वास्तविक मुद्दों को उठाने में विफल रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अब एआईयूडीएफ असम विधानसभा में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को चुनौती देने की जिम्मेदारी संभालेगी. एआईयूडीएफ नेता ने कहा कि भले ही पार्टी को मुट्ठी भर सीटें ही मिली हों, लेकिन उसके विधायक अल्पसंख्यकों, बेदखली अभियानों, नजरबंदी केंद्रों और डी-वोटर प्रणाली से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे. उन्होंने कहा कि विधानसभा में एक एआईयूडीएफ विधायक भी सौ आवाजों के बराबर होगा. अजमल ने आरोप लगाया कि असम में मुसलमानों को पिछले कई वर्षों से भय, असुरक्षा और अपमान का सामना करना पड़ा है, लेकिन कांग्रेस मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार का कड़ा विरोध करने के बजाय चुप रही. मिया समुदाय के इर्द-गिर्द चल रही राजनीतिक बयानबाजी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक मतदाताओं को कांग्रेस से मजबूत रुख की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी की निष्क्रियता से वे निराश हुए. अजमल के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व विपक्ष में पैदा हुए राजनीतिक शून्य को भरने में विफल रहा, जिसके कारण एआईयूडीएफ सत्ताधारी दल के खिलाफ प्रमुख आवाज बनकर उभरा. उन्होंने गौरव गोगोई और लुरिनज्योति गोगोई समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वे भाजपा का राजनीतिक रूप से मुकाबला करने में विफल रहे हैं. एआईयूडीएफ अध्यक्ष ने आगे दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस और भाजपा दोनों ने मिलकर उनकी पार्टी को राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए समन्वय किया. पार्टी के आंतरिक मामलों पर अजमल ने एआईयूडीएफ से नेताओं के अलग होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को संगठनात्मक मतभेदों और अनुशासनहीनता के मुद्दों के कारण हटाया गया है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Guwahati,Kamrup Metropolitan,Assam Source link

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‘चंद्रनाथ रथ की हत्या एक राजनीतिक आतंकवाद है’, पश्चिम बंगाल में नई...

कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का नतीजा सत्ता परिवर्तन के रूप में सामने आने के महज 48 घंटे बाद वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी (पीए) चंद्रनाथ रथ की हत्या ने राज्य को ऐसी स्थिति में धकेल दिया है जहां चुनाव बाद की हिंसा के लोकतांत्रिक परिवर्तन पर भारी पड़ने का खतरा पैदा हो गया है. भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद छिटपुट झड़पों के रूप में जो शुरू हुआ था, वह अब तेजी से एक बड़े टकराव का रूप ले चुका है, जिसमें भय, प्रतिशोध का विमर्श और राजनीतिक रूप से संवेदनशील जिलों में क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई शामिल है. बंगाल में अपनी पहली सरकार बनाने की तैयारी कर रही भाजपा के लिए यह हत्या एक चुनौती होने के साथ-साथ एक राजनीतिक अवसर भी है. चुनौती भावनात्मक रूप से आवेशित भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से जवाबी हिंसा को रोकने की है जबकि अवसर भगवा खेमे के लंबे समय से चले आ रहे इस आरोप को पुष्ट करने का है कि तृणमूल शासन के तहत धमकियां, लक्षित हमले और मजबूत स्थानीय सत्ता नेटवर्क बंगाल की राजनीति में हिंसा की संस्कृति को दर्शाते रहे हैं. घटना को ‘पूर्व नियोजित’ बताते हुए, अधिकारी ने आरोप लगाया कि उनके करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मध्यग्राम में गोली मारकर हत्या करने से पहले कई दिन तक उनकी रेकी की गई. बुधवार देर रात अस्पताल पहुंचने के बाद अधिकारी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, “यह दिल दहला देने वाला है. उन्होंने उसका पीछा किया और उसे मार डाला.” उन्होंने इसके साथ ही समर्थकों से अपील की कि वे “कानून को अपने हाथ में न लें”. इस अपील से ही भाजपा नेतृत्व के भीतर व्याप्त चिंता का व्यापक स्वरूप झलकता है. हत्या के कुछ ही घंटों के भीतर, जिलों में पार्टी के संगठनात्मक नेटवर्क के माध्यम से, विशेष रूप से उत्तर 24 परगना और पूर्वी मेदिनीपुर में, जहां अधिकारी का काफी प्रभाव है, आक्रोश तेजी से फैल गया. भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने निजी तौर पर इस बात की आशंका जताई कि अगर इस स्थिति को राजनीतिक रूप से नियंत्रित नहीं किया गया तो इससे स्वतःस्फूर्त प्रतिशोध भड़क सकता है. पार्टी के एक नेता ने कहा, “यह हत्या का कोई सामान्य मामला नहीं है. यह राजनीतिक आतंकवाद है.” उन्होंने “पुरानी व्यवस्था” पर नई सरकार के सत्ता संभालने से पहले भय का माहौल पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया गया. रथ कोई साधारण कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि भाजपा की चुनाव मशीनरी में गहराई से शामिल व्यक्ति थे. वह बंगाल में पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार और तृणमूल कांग्रेस विरोधी सबसे जुझारू चेहरे सुवेंदु अधिकारी के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए थे. राजनीतिक विश्लेषक सुभोमोय मोइत्रा ने कहा, “यह बंगाल की राजनीति का सबसे संवेदनशील दौर है – एक शासन के पतन और दूसरे के सत्ता में आने के बीच का समय. इस दौरान होने वाली हर हिंसक घटना प्रतीकात्मक महत्व रखती है.” चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद से कई जिलों से पार्टी कार्यालयों पर हमले, तोड़फोड़, धमकी और झड़पों की खबरें सामने आई हैं. मध्यग्राम में हुई हत्या से जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ने और उत्तर 24 परगना, नदिया, हुगली तथा पूर्वी मेदिनीपुर जैसे जिलों में ध्रुवीकरण गहराने की आशंका है, जहां हाल के वर्षों में राजनीतिक निष्ठाओं में तेजी से बदलाव आया है. वहीं, एक अन्य विश्लेषक ने कहा, “खतरा यह है कि हिंसा स्वतःस्फूर्त होती है. हर हमला प्रतिशोध के लिए एक और औचित्य प्रदान करता है.” भाजपा इस घटना को न केवल एक आपराधिक कृत्य के रूप में बल्कि इस बात के सबूत के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही है कि निवर्तमान सत्ताधारी तंत्र के कुछ वर्ग सत्ता हस्तांतरण को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं. इस हत्या से भाजपा के भीतर उन आवाजों को भी मजबूती मिल सकती है जो शपथग्रहण समारोह के तुरंत बाद राजनीतिक रूप से अस्थिर क्षेत्रों में त्वरित पुलिस फेरबदल, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और आक्रामक कार्रवाई की वकालत कर रही हैं. स्थिति पर एक राजनीतिक विश्लेषक ने टिप्पणी की, “भाजपा का संदेश स्पष्ट है; वे इसे एक ढहती हुई व्यवस्था के अंतिम प्रतिरोध के रूप में चित्रित करना चाहते हैं.” साथ ही, भाजपा नेतृत्व के सामने एक नाजुक संतुलन बनाए रखने की चुनौती है.  हालांकि, पार्टी सार्वजनिक रूप से आक्रामक रुख अपना रही है, लेकिन वह इस बात से अवगत है कि स्थानीय कैडर नेटवर्क के अनियंत्रित प्रतिशोध से नए प्रशासन के औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने से पहले ही अस्थिरता और गहरी हो सकती है. तृणमूल कांग्रेस के लिए, यह घटना एक खतरनाक राजनीतिक जाल की तरह है. पार्टी ने हत्या की निंदा की और अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की, साथ ही यह आरोप भी लगाया कि चुनाव के बाद हुई झड़पों में उसके कई कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया है. हालांकि, भाजपा ने हत्या के इर्द-गिर्द खुद के पीड़ित होने का विमर्श सफलतापूर्वक मजबूत कर लिया है. यह स्थिति तृणमूल कांग्रेस के लिए विशेष रूप से समस्या पैदा करने वाली है, ऐसे समय में जब वह चुनावी हार के बाद संगठनात्मक क्षरण की धारणाओं से पहले से ही जूझ रही है. पिछले कुछ वर्षों में, अधिकारी ने खुद को बंगाल की राजनीति में भाजपा के जमीनी स्तर के प्रमुख लड़ाके के रूप में स्थापित किया है, और तृणमूल कांग्रेस के साथ लगातार टकराव के माध्यम से अपनी छवि बनाई है. अधिकारी के करीबी सहयोगी की हत्या से भाजपा का रुख और भी सख्त होने की संभावना है तथा आने वाले दिनों में पार्टी का राजनीतिक संदेश और भी तीव्र हो सकता है. Source link

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