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SIM लेने और बैंक अकाउंट खोलने के बदलेंगे नियम, सरकार आखिर क्यों...

होमताजा खबरमनी SIM लेने और बैंक अकाउंट खोलने के बदलेंगे नियम, सरकार क्यों उठा रही सख्त कदम? Last Updated:October 31, 2022, 14:34 IST सरकार का इरादा बैंक अकाउंट खुलवाने और मोबाइल सिम लेने के नियम सख्‍त करने का है. ऐसा करके सरकार बैंक फ्रॉड और दूसरे के दस्‍तावेजों पर धोखाधड़ी से सिम लेने की बढ़ रही घटनाओं पर रोक लगाना चाहती है. कंपनियों का खाता भी सिर्फ इन्कॉर्पोरेशन सर्टिफिकेट से ही खुल जाता है. नई दिल्‍ली. देश में ऑनलाइन फ्रॉड (Online Fraud) के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए सरकार अब सरकार कुछ कठोर कदम उठाने पर विचार कर रही है. सरकार नया सिम कार्ड जारी करने और बैंक खाता खुलवाने के नियमों को और सख्‍त कर सकती है. सरकार का इरादा मोबाइल सिम लेने वाले और बैंक खाता खुलवाने वाले व्‍यक्ति से संबंधित सभी जानकारियों की पूरी जांच-पड़ताल करने का है, ताकि किसी दूसरे व्‍यक्ति के कागजातों का इस्‍तेमाल इन इन दोनों कामों के लिए न हो सके. CNBC आवाज की एक रिपोर्ट के अनुसार, टेलीकॉम ऑपरेटर और बैंकों के लिए कस्‍टमर का फिजिकल वेरीफिकेशन करना अनिवार्य किया जा सकता है. वर्तमान में बैंक खाता खुलवाने और सिम लेने के लिए जब भी कोई आवदेन करता है तो ऑनलाइन ई-केवाईसी के जरिए आधार से डिटेल्स लेकर उसको सत्‍यापित किया जाता है. वहीं, कंपनियों का खाता भी सिर्फ इन्कॉर्पोरेशन सर्टिफिकेट से ही खुल जाता है. बढ़े हैं फ्रॉड बीते कुछ वर्षों से बैंकों में फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़े हैं. इसके अलावा फर्जी कागजातों पर मोबाइल सिम लेकर उसका प्रयोग आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने में भी खूब हो रहा है. आसानी से सिम कार्ड उपलब्‍ध हो जाने बैंक खाता खुल जाने की वजह से ऐसा हो रहा है. रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2021-22 में बैंक फ्रॉड के मामलों में फंसी रकम 41,000 करोड़ रुपये थी. अब क्या होगा?सीएनबीसी आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, नया सिम कार्ड जारी करने और बैंक खाता खुलवाने प्रक्रिया में सरकार अब बदलाव करने की तैयारी में है. अब सरकार केवाईसी नियमों को सख्‍त करने पर विचार कर रही है. इसके तहत सरकार कस्‍टमर के फिजिकल वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर सकती है. मतलब ये है कि आधार वेरिफिकेशन से फिलहाल जो बैंक खाता खोलने और मोबाइल सिम लेने की सुविधा दी जा रही है, वह बंद हो सकती है. About the Author मलखान सिंह मलखान सिंह पिछले 16 वर्षों से न्यूज़ की दुनिया में सक्रिय हैं. प्रिंट मीडिया से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई नामी संस्थानों का नाम इनके प्रोफाइल में जुड़ा है. पिछले एक वर्ष से News18Hindi में असोसिएट एटि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : October 31, 2022, 13:40 IST Source link

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Sensex में 3000 अंक का आया उछाल, किन उम्मीदों के सहारे 1...

होमताजा खबरमनी Sensex में 3000 अंक का उछाल, किन उम्मीदों के सहारे 1 माह में बाजार को लगे पंख? Last Updated:October 31, 2022, 14:44 IST तेल की कीमतों में कमी से वैश्विक बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है. क्रूड ऑयल सस्ता होने से एक फायदा ये भी होगा कि महंगाई का स्तर नीचे आएगा, जोकि कंपनियों का प्रोफिट बढ़ा देगा. क्रूड ऑयल सस्ता होने से एक फायदा ये भी होगा कि महंगाई का स्तर नीचे आएगा. मुंबई. भारतीय शेयर बाजार आज जबरदस्त तेजी दिखा रहा है. बीएसई सेंसेक्स में 1 फीसदी से ज्यादा की बढ़त है और यह 60 हजार का पार पहुंच चुका है. इसी तरह निफ्टी50 भी लगभग 18 हजार को छू चुका है. एक महीने में सेंसेक्स 3 हजार अंकों से अधिक बढ़ चुका है. बाजार से जुड़े विशेषज्ञ इस तेजी के पीछे एशियाई बाजारों में उछाल और तेल की कीमतों में गिरावट को मुख्य कारण मान रहे हैं. इसके अलावा कंपनियों के अच्छे नतीजे और केंद्रीय बैंक के अधिकारियों द्वारा मिल रहे नरमी के संकेत ने भी बाजार को उछाला है. चीन द्वारा जीरो कोविड नीति को कड़ाई से लागू करने के फैसले से वहां तेल की मांग में कमी आई है. इसका असर ये हुआ है कि कीमतें गिर गई हैं. जबकि दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातत देश भारत इस कमी से लाभान्वित हो रहा है. तेल के सस्ता होने से एक फायदा ये भी होगा कि महंगाई का स्तर नीचे आएगा. अमेरिकी फेड पर नजरइसी सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ इंग्लैंड अपनी नई मौद्रिक नीति की घोषणा करने वाले हैं. अमेरिकी बैंक अपनी ब्याज दरों में इजाफा कर सकते हैं. भारत की बात करें तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की अचानक बुलाई गई मीटिंग भी चर्चा में है. केंद्रीय बैंक, सरकार को जल्द जबाव सौंप सकता है कि आखिरकार महंगाई पर लगाम क्यों नहीं लग पाई है. लाइवमिंट की एक रिपोर्ट को मुताबिक, जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने इस बारे में कहा है कि अमेरिकी शेयर बाजारों के पॉजिटिव आने से ये भारतीय शेयर बाजार भी ऊपर आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि डाउ जोन्स में पिछले शुक्रवार कोई आई जबरदस्त रैली से विश्वभर के बाजारों में सकारात्मक संदेश दिया है. लगातार 4 सप्ताहों से अमेरिकी डाउ जोन्स में तेजी देखने को मिली है. कनाडा और ऑस्ट्रेलिया से आई अच्छी खबरसमझा जा रहा है कि अमेरिकी की अर्थव्यवस्था पटरी पर आ रही है और आने वाले दिनों में अमेरिकी सेंट्रल बैंक ब्याज दरों को लेकर आक्रामकता को कम करेगा. उधर, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंकों ने उम्मीद से कम ब्याज दरें बढ़ाई हैं. ऐसे में बाजार खुश है और विदेशी निवेशक अब खरीदारी कर रहे हैं. About the Author मलखान सिंह मलखान सिंह पिछले 16 वर्षों से न्यूज़ की दुनिया में सक्रिय हैं. प्रिंट मीडिया से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई नामी संस्थानों का नाम इनके प्रोफाइल में जुड़ा है. पिछले एक वर्ष से News18Hindi में असोसिएट एटि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Mumbai,Maharashtra First Published : October 31, 2022, 13:31 IST Source link

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Investment Tips : बढ़ती महंगाई और मंदी के खतरे के बीच कैसे...

होमताजा खबरमनी बढ़ती महंगाई और मंदी की आशंका के बीच कहां पैसा लगाने पर मिलेगा ज्‍यादा फायदा? Last Updated:November 01, 2022, 11:06 IST Money Making Tips – शेयर मार्केट में पैसा लगाने का मकसद छोटी अवधि में अधिक कमाई होता है. हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि शेयर मार्केट में आपको लंबे समय तक पांव जमाने चाहिए. इक्विटी मार्केट में छोटी अवधि में रिस्क अधिक होता है. गोल्ड में निवेश आपको बाजार की तेज उथल-पुथल से बचाता है. नई दिल्ली. ये साल निवेशकों के लिए उतना बेहतर नहीं रहा, जितना 2021 रहा था. कोविड-19 के प्रभाव के बावजूद भारतीय बाजारों ने निवेशकों को तब जबरदस्त रिटर्न दिया था. हालांकि, 2022 में यूक्रेन-रूस युद्ध, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण बढ़ती महंगाई, सख्त मौद्रिक नीतियों और मंदी की आशंका ने मनी मार्केट की कमर तोड़ दी. आगे भी कुछ समय स्थिति कमोबेश इसी तरह की दिख रही है. ऐसे में लोगों के पास निवेश के लिए क्या विकल्प हैं? ऐसे समय में आपकी निवेश की रणनीति क्यों होनी चाहिए. आपको कहां और कितना निवेश करना चाहिए, यह समझना बहुत जरूरी है. अगर आप सोच-समझकर अपने निवेश से जुड़े फैसले करते हैं तो निश्चित है कि बाजार में किसी बड़ी उथल-पुथल का असर भी आप पर ज्यादा नहीं होगा. आज हम आपको यही बताएंगे कि आप अपना पोर्टफोलियो किस तरह तैयार करें? केवल इक्विटी में नहीं लगाएं पैसाशेयर मार्केट में पैसा लगाने का मकसद छोटी अवधि में अधिक कमाई होता है. हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि शेयर मार्केट में आपको लंबे समय तक पांव जमाने चाहिए. बेशक इक्विटी आपको कम समय में अन्य किसी एसेट के मुकाबले अधिक रिटर्न देने की क्षमता रखती है, लेकिन इसमें रिस्क फैक्टर भी उतना ही अधिक होता है. इसलिए अपना सारा निवेश शेयरों में डालने की बजाय डेट और गोल्ड की तरफ भी ध्यान दें. जानकारों के अनुसार, अपनी अपनी रिस्क लेने की क्षमता के अनुसार, इन एसेट्स में निवेश का बंटवारा कर सकते हैं. मान लीजिए आप अधिक जोखिम लेने की क्षमता रखते हैं तो इक्विटी, डेट और गोल्ड में 70-25-5 के अनुपात में निवेश करें. आप मध्यम स्तर का रिस्क लेना चाहते हैं तो ये अनुपात 45-45-10 कर दें. जबकि अगर आप रिस्क बहुत ही कम लेना चाहते हैं को इसे 20-70-10 कर दें. इक्विटी में फिलहाल लार्ज एंड मिड कैप और मल्‍टीकैप श्रेणी में निवेश किया जा सकता है. जबकि डेट में आप मैच्‍योरिटी वाले फंड और डायनमिक बॉन्‍ड देख सकते हैं. अलग-अलग एसेट क्लास क्यों?निवेश एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार में अनिश्चितताएं अभी बनी हुई हैं. शॉर्ट टर्म में वैश्विक रुझान भी कुछ बेहतर नहीं दिख रहे हैं. ऐसे में किसी एक एसेट क्‍लास पर ध्यान केंद्रित करना गलत साबित हो सकता है. इसके बजाय लोगों को अलग-अलग एसेट क्‍लास पर ध्‍यान देना चाहिए. जानकारों के अनुसार, आप कितना रिस्क ले सकते हैं और बाजार में कितना समय बिता सकते हैं इन 2 कारकों को ध्यान में रखते हुए ही निवेश करना चाहिए. विशेषज्ञ इसीलिए पोर्टफोलियो को इक्विटी, गोल्ज और डेट में बांटने की सलाह दे रहे हैं. About the Author Jai Thakur जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. पिछले 3 महीनों से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : November 01, 2022, 10:33 IST Source link

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NPS Scheme New Rule: ई-नॉमिनेशन की प्रक्रिया में किया गया बड़ा बदलाव,...

होमताजा खबरमनी ई-नॉमिनेशन की प्रक्रिया में किया गया बड़ा बदलाव, क्या होगा खाताधारकों पर असर Last Updated:November 01, 2022, 11:52 IST पीएफआरडीए ने अगस्त में एक आदेश जारी कर टियर 2 शहरों के एनपीएस खाताधारकों के लिए क्रेडिट कार्ड के जरिए योगदान की सुविधा को खत्म कर दिया था. वहीं, ये भी कहा गया है कि अगर खाताधारक की मृत्यु के बाद इसमें कोई बदलाव होता है तो उसे अमान्य घोषित कर दिया जाएगा. टियर-2 शहरों के एनपीएस खाताधारक क्रेडिट कार्ज के जरिए फंड में योगदान नहीं कर सकते. नई दिल्ली. पेंशन नियामक पीएफआरडीए और आईआरडीएआई एनपीएस में निवेश करने वालों के पक्ष में समय-समय पर नियमों में बदलाव करते रहते हैं. अब सरकारी और निजी कंपनियों के कर्मचारियों के लिए ई- नॉमिनेशन की प्रक्रिया को बदला गया है. नए नियम के मुताबिक, नोडल ऑफिसर अब आपके आवेदन को मंजूर या खारिज कर सकता है. आपके ई- नॉमिनेशन के आवेदन पर अगर नोडल ऑफिसर 30 दिन तक कार्रवाई नहीं करता तो आवेदन सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी के पास चला जाएगा. यहां से आवदेन को स्वत: ही स्वीकार कर लिया जाएगा. बता दें कि यह नियम 1 अक्टूबर, 2022 से लागू है. इससे पहले आईआरडीएआई ने मैच्योरिटी के समय एन्युटी लेने के लिए अगल फॉर्म भरने की प्रक्रिया को खत्म कर दिया था. अगस्त में पीएफआरडीए ने एक आदेश जारी कर टियर 2 शहरों के एनपीएस खाताधारकों के लिए क्रेडिट कार्ड के जरिए एनपीएस में योगदान की सुविधा को खत्म कर दिया था. सब्सक्राइबर की मौत के बाद नॉमिनी नहीं बदलेगा22 अक्‍टूबर को जारी सर्कुलर में पीएफआरडीए ने कहा कि खाताधारक की मौत के बाद उसकी लॉग-इन जानकारी का इस्तेमाल कर नॉमिनी के नाम में किया गया संशोधन मान्य नहीं होगा. बीमा नियामक के अनुसार, नॉमिनी का चुनाव केवल सब्‍सक्राइबर्स ही कर सकता है. अगर खाताधारक की मृत्यु के बाद इसमें कोई बदलाव होता है तो उसे अमान्य घोषित कर दिया जाएगा और पहले से दर्ज नॉमिनी को ही पैसा दिया जाएगा. अगर खाताधारक ने कोई नॉमिनी दर्ज नहीं किया है, तो फंड उसके कानूनी वारिस को दे दिया जाएगा. नियोक्ता के रिकॉर्ड में दर्ज नॉमिनीरेगुलेशन 3 (c) के तहत कवर सरकारी क्षेत्र के सब्‍सक्राइबर्स और रेगुलेशन 4 (c) के तहत कवर कॉर्पोरेट सब्‍सक्राइबर्स का निधन अगर मान्‍य नॉमिनी के बिना हुआ तो ऐसे मामलों में नियोक्‍ता के पास मौजूद कर्मचारी का रिकॉर्ड देखा जाएगा. अगर वहां कोई नॉमिनी मिलता है तो उसे ही एनपीएस के लिए नॉमिनी माना जाएगा. इसके बाद सारे लाभ उसे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे. About the Author Jai Thakur जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. पिछले 3 महीनों से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : November 01, 2022, 11:52 IST Source link

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FD Rates Hike : बैंक ऑफ बड़ौदा ने शुरू की ‘तिरंगा प्लस...

होमताजा खबरमनी FD Rates Hike : इन बैंकों ने शुरू की एफडी की नई योजनाएं, बढ़ाईं ब्याज दरें Last Updated:November 02, 2022, 20:26 IST बैंक ऑफ बड़ौदा ने तिरंगा प्लस डिपोजिट स्कीम की शुरुआत की है. इस स्कीम के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा ग्राहकों को फिक्स्ड डिपॉजिट पर अधिक ब्याज दर ऑफर कर रहा है. वहीं, पंजाब एंड सिंध बैंक ने भी सेविंग्स अकाउंट और एफडी पर ब्याज दरों को बढ़ाया है. बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब एंड सिंध बैंक ने एफडी दरों को बढ़ाया है. नई दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा ने आज बड़ौदा “तिरंगा प्लस डिपॉजिट योजना” की शुरुआत की है. इस स्कीम के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा अपने ग्राहकों को फिक्स्ड डिपॉजिट पर ज्‍यादा ब्याज (Fixed Deposits Rates Hike) की पेशकश कर रहा है. इससे ग्राहकों को बढ़ती महंगाई से लड़ने में मामूली ही सही, लेकिन मदद जरूर मिलेगी. बैंक ऑफ बड़ौदा के अलावा पंजाब एंड सिंध बैंक ने भी जमा पर ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है. बैंक ऑफ बड़ौदा 399 दिनों के लिए एफडी कराने पर ग्राहकों को 7.50 फीसदी की ब्याज दर दे रहा है. नई ब्याज दर 1 नवंबर 2022 से प्रभाव में आएंगी. इस नए ब्याज दर पर बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यकारी निदेशक अजय के. खुराना ने कहा कि बढ़ती ब्याज दर के माहौल में हम उपभोक्ताओं को उच्च ब्याज दर की पेशकश करके खुश हैं. उन्होंने कहा कि ब्याज दर इसलिए बढ़ाई गई ताकि वे अपनी बचत पर अधिक रिटर्न कमा सकें. बैंक ऑफ बड़ौदा इस स्कीम के तहत ग्राहकों को ज्यादा ब्याज दर ऑफर करेगा. बैंक के मुताबिक, नॉन-कॉलेबल डिपॉजिट पर ग्राहकों को अधिक लाभ प्रदान करते हुए रिटेल टर्म डिपॉजिट पर नॉन-कॉलेबल प्रीमियम को 0.15% से बढ़ाकर 0.25% करने का फैसला लिया है. क्या है तिरंगा प्लस डिपॉजिट स्कीमतिरंगा प्लस डिपॉजिट योजना के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा 399 दिनों के लिए आम ग्राहकों को फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.74 फीसदी और सीनियर सिटिजन को 7.25 फीसदी का ब्याज ऑफर कर रहा है. बैंक की बड़ौदा एडवांटेज रिटेल टर्म डिपॉजिट स्कीम (नॉन-कॉलेबल) पर ब्याज दरों में नॉन-कॉलेबल प्रीमियम को 0.15% प्रति वर्ष से 0.25% प्रति वर्ष बढ़ाया है. वहीं बैंक की बड़ौदा एडवांटेज रिटेल टर्म डिपॉजिट स्कीम (नॉन-कॉलेबल) पर ब्याज दरों में नॉन-कॉलेबल प्रीमियम को 0.15% प्रति वर्ष से बढ़ाने के परिणामस्वरूप 10 आधार अंकों की बढ़ोतरी की गई है. 1 नवंबर से प्रभावी है ये योजनाबैंक की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, बड़ौदा तिरंगा जमा योजना की ब्याज दरें भी 1 नवंबर 2022 से प्रभावी हैं. यह योजना 444 दिनों और 555 दिनों की दो अवधियों के लिए है. 444 दिनों में मैच्योर होने वाली एफडी पर बैंक सामान्य नागरिकों के लिए 5.75% और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.25% की ब्याज दर ऑफर कर रहा है, जबकि 555 दिनों में मैच्योर होने वाली FD पर वरिष्ठ नागरिकों को 6.00% और 6.50% ब्याज दर ऑफर की जा रही है. इसके अलावा 555 दिनों में मैच्योर होने वाली एफडी के लिए 6.25% और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.75% की ब्याज दर मिलेगी. पंजाब एंड सिंध बैंक की सेविंग्स अकाउंट ब्याज दरेंपंजाब एंड सिंध बैंक सेविंग्स अकाउंट में एक करोड़ रुपये तक की जमा राशि पर 2.80% की ब्याज दर ऑफर कर रहा है. वहीं, एक करोड़ रुपये से 100 करोड़ रुपये तक अब 2.90% की दर से ब्याज दे रहा है. इसके अलावा 100 करोड़ से ऊपर 500 करोड़ तक 4.50% की ब्याज दर तो वहीं 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि पर पंजाब एंड सिंध बैंक अब 5.00% की दर से ब्याज दे रहा है. पंजाब एंड सिंध बैंक की नई एफडी दरेंपंजाब एंड सिंध बैंक अब 7 से 30 दिनों में मैच्योर होने वाली एफडी पर 2.80% की ब्याज दर देगा. इसी तरह 31 से 45 दिनों की एफडी के लिए 3.0%, 46 से 90 दिनों के लिए 4.00%, 91 से 120 दिनों के लिए एफडी पर 4.20% की दर से ब्याज मिलेगा. साथ ही 270 से 364 दिनों में मैच्योर होने वाली एफडी पर बैंक अब 5.00% की ब्याज दर ऑफर कर रहा है. वहीं, 1 से 2 वर्ष की एफडी के लिए 6.10%, 3 साल तक एफडी पर 6.25% और 3 साल से 10 साल में मैच्योर होने वाली एफडी पर अब 6.10% की ब्याज दर मिलेगी. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : November 02, 2022, 20:22 IST Source link

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PHOTOS: अगले हफ्ते 4 कंपनियां लाएंगी आईपीओ, ₹5,000 करोड़ जुटाने की है...

होमफोटोमनी PHOTOS: अगले हफ्ते 4 कंपनियां लाएंगी आईपीओ, ₹5,000 करोड़ जुटाने की है योजना Last Updated:November 07, 2022, 09:56 IST अगले हफ्ते में 4 कंपनियां अपने आईपीओ लेकर आ रही हैं. इन कंपनियों में आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज, फाइव स्टार बिजनेस फाइनेंस, केंज टेक्नोलॉजी इंडिया और आइनॉक्स ग्रीन एनर्जी सर्विसेज शामिल हैं. शेयर मार्केट में अगले हफ्ते निवेशकों को कमाई के कई मौके मिलने वाले हैं. अगले हफ्ते 4 कंपनियां अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ (IPO) लेकर आ रही हैं. स्पेशियलिटी मरीन केमिकल बनाने वाली कंपनी आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज का आईपीओ 9 नवंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा. निवेशक इसमें 11 नवंबर तक पैसे लगा सकते हैं. नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी फाइव स्टार बिजनेस फाइनेंस अगले हफ्ते आईपीओ लाने वाली है. इसमें आप 9 से 11 नवंबर 2022 तक पैसे निवेश कर पाएंगे. Add News18 as Preferred Source on Google आईओटी इनेब्ल्ड इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी केंज टेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड का आईपीओ 10 नवंबर को खुलेगा. मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा दस्तावेजों के मुताबिक, यह आईपीओ 14 नवंबर को बंद होगा. पवन ऊर्जा में संचालन और मेंटेनेंस की सेवा प्रदान करने वाली कंपनी आइनॉक्स ग्रीन एनर्जी सर्विसेज 11 नवंबर को अपना आईपीओ लॉन्च करने जा रही है. कंपनी के आईपीओ का ऑफर 15 नवंबर को बंद होगा. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : November 07, 2022, 07:20 IST Source link

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EWS Reservation: क्या Private और Business sector पर भी होगा असर, पढ़ें...

Last Updated:November 08, 2022, 14:11 IST आर्थिक आधार को लेकर आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कई सवाल भी खड़े हुए. नौकरियों को लेकर, पढ़ाई को लेकर और भी कई. इन सभी सवालों के जवाब देती एक विस्तृत खबर… आर्थिक आधार पर दिए जाने वाले आरक्षण का क्या क्या होगा असर? नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक बड़ा फैसला सुनाया. इस फैसले में शीर्ष कोर्ट ने आर्थिक आधार पर जनरल कैटेगरी के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने संबंधी संविधान के संशोधन को सही ठहराया. हालांकि इस संशोधन में केवल शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण को लेकर बात है लेकिन इसके साथ ही कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं. जैसे इस आरक्षण से सही मायनों में किसको फायदा होगा, क्या इसका असर निजी क्षेत्र में भी पड़ेगा खासकर नौकरियों पर. वहीं एक और बड़ा सवाल जो सामने है वो कि क्या इस आरक्षण का किसी भी तरह से असर बिजनेस सेक्टर या उससे जुड़ी एक्टिविटीज पर पड़ सकता है. इन्हीं सब सवालों के जवाब आपको इस खास रिपोर्ट में मिलेंगे. पहले समझें फैसले को…आसान भाषा में ये आरक्षण उन लोगों के लिए है जो आर्थिक तौर पर कमजोर हैं यानि जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 8 लाख रुपये से कम है. ये श्रेणी हालांकि पहले से आरक्षित 50 प्रतिशत के दायरे में ही आएगी, बाकि 50 प्रतिशत को नहीं छेड़ा गया है. कितनों को मिलेगा फायदाIHDS (इंडियन ह्यूमन डवलपमेंट सर्वे) 2012 के अनुसार भरत में सामान्य श्रेणी की जनसंख्या कुल अनुमानित की 27.3 प्रतिशत है. अब इसमें से केवल 2.28 प्रतिशत अगड़ी जातियां ही ऐसी हैं जिनकी आय 8 लाख रुपये से ज्यादा है. अब इसको दूसरे तरीके से देखा जाए तो 25 प्रतिशत से भी ज्यादा लोग इस आरक्षण के दायरे में आएंगे. हालांकि इसमें समय के साथ कुछ बदलाव संभव हैं इसलिए ये आंकड़ा आज के परिपेक्ष में कुछ बदल सकता है. अब बात प्राइवेट सेक्टर कीनिजी नौकरियों को लेकर भी लोगों के मन में बड़ा सवाल है कि क्या 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ इनमें भी मिलेगा. तो इसका सीधा जवाब न है. इस आरक्षण का लाभ केवल और केवल सरकारी नौकरियों में मिलेगा. इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता का कहना है कि ईडब्ल्यूएस कानून को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मान्यता मिलने से इसका असर निजी क्षेत्र में भी देखने को मिलेगा. EWS आरक्षण को निजी कॉलेजों और गैर सहायता प्राप्त शिक्षण संस्‍थानों में भी लागू किया जाएगा. EWS आरक्षण को निजी क्षेत्र की नौकरियों में लागू करने के लिए कानून में प्रावधान नहीं है . लेकिन हरियाणा समेत कई राज्यों में क्षेत्रीय आधार पर निजी क्षेत्र में आरक्षण का कानून बना है. इसलिए आगे चलकर आर्थिक आधार पर निजी क्षेत्र की नौकरियों में आरक्षण की मांग हो सकती है. बिजनेस सेक्टर पर असरफिलहाल के फैसले और पूर्व में किए गए आरक्षण में संशोधन को देखते हुए इसका बिजनेस सेक्टर से भी कोई लेना देना नहीं दिख रहा है. हालांकि लंबे समय में इस आरक्षण से देश में नकारात्मक या सकारात्मक जो भी बदलाव होंगे वो हर सेक्टर पर कुछ न कुछ अपना असर जरूर डालेंगे. लेकिन इसको लेकर जल्दी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता है. अब कुछ सामान्य जानकारी भी इन सभी बातों के बाद इस वर्ग में आने वाले सभी लोगों के मन में एक और जो बड़ा सवाल है वो ईडब्‍ल्यूएस सर्टिफिकेट बनाने को लेकर है. ये काफी सरल प्रक्रिया है और इसके लिए आपको नेशनल गवर्नमेंट सर्विस पोर्टल पर से ईडब्‍ल्यूएस सर्टिफिकेट फॉर्म डाउनलोड करना होगा. इस फॉर्म को भरने के बाद आपको तहसली में पटवारी या लेखपाल के पास फॉर्म को जमा करवाना होगा. इसके बाद सभी वेरिफिकेशन होने और मुहर लगने के लिए ये तहसीलदार के पास जाएगा. आपकी सभी जानकारियां यदि सही होती हैं तो 21 दिनों में आपको ईडब्‍ल्यूएस श्रेणी का सर्टिफिकेट मिल जाएगा. ये सर्टिफिकेट एक साल के लिए वैलिड होगा और इसे हर साल रिन्यू करवाना होगा. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : November 08, 2022, 12:48 IST Source link

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Archean Chemical IPO : ग्रे मार्केट से मिल रहे रहे हैं अच्‍छे...

होमताजा खबरमनी Archean Chemical IPO : ग्रे मार्केट से अच्‍छे संकेत, लिस्टिंग गेन की उम्‍मीद Last Updated:November 18, 2022, 11:24 IST Archean Chemical IPO – आईपीओ के शेयर बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर लिस्‍ट होंगे. निवेशकों और ग्रे मार्केट से इश्‍यू को अच्‍छा समर्थन मिला है. आर्कियन केमिकल के शेयरों की लिस्टिंग (Archean Chemical IPO Listing) 21 नवंबर 2022 को हो सकती है. आईपीओ के जरिए 805 करोड़ तक के इक्विटी शेयर जारी किए गए थे. नई दिल्ली. आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के आईपीओ (Archean Chemical IPO) को निवेशकों का अच्‍छा समर्थन मिला था. 11 नवंबर को बंद हुए इस 1462.31 करोड़ रुपये के आईपीओ को 32.23 गुना अधिक बोलियां मिलीं. इस आईपीओ का क्यूआईबी के लिए आरक्षित हिस्सा 48.91 गुना सब्सक्राइब हुआ. खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से को 9.96 गुना बोलियां मिलीं. निवेशकों के साथ ही ग्रे मार्केट में भी इस इश्‍यू के गैर-सूचीबद्ध शेयरों को अच्‍छा रिस्‍पॉन्‍स मिल रहा है. आईपीओ का इश्यू प्राइस 386-407 रुपये था. आर्कियन केमिकल के आईपीओ को ब्रोकरेज जियोजित ने ‘सब्सक्राइब’ करने की सलाह दी थी. कंपनी ने अपने इश्यू से पहले एंकर निवेशकों से 658 करोड़ रुपये जुटाए थे. एंकर निवेशकों को 407 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 1,61,67,991 इक्विटी शेयर आवंटित किए गए. गोल्डमैन सैक्‍स, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, सेगंटी इंडिया मॉरीशस, बीएनपी पारिबा, सोसायटी जनरल, गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल, डीएसपी स्मॉल कैप फंड सहित कुछ दूसरे फंड्स ने इसमें पैसा लगाया है. ग्रे मार्केट में धूम मचा रहा है शेयर आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड आईपीओ के शेयर शुरू से ही ग्रे मार्केट में प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं. शुक्रवार को ग्रे मार्केट में इश्‍यू के अनलिस्‍टेड शेयर 112 रुपये प्रीमियम (Archean Chemical IPO GMP) पर ट्रेड कर रहे हैं. इस लिहाज से देखें तो शेयर बाजार में आईपीओ की लिस्टिंग 519 रुपये पर हो सकती है. पिछले शुक्रवार को आर्कियन केमिकल का जीएमपी 66 रुपये था. यह लगातार बढ़ रहा है. इश्‍यू के शेयरों की लिस्टिंग बीएसई और एनएसई पर 21 नवंबर 2022 को हो सकती है. निवेशकों को ध्‍यान रखना चाहिए कि अगर किसी इश्‍यू का शेयर ग्रे मार्केट में प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है तो उसकी लिस्टिंग भी शेयर बाजार में प्रीमियम पर होना जरूरी नहीं है. यह बस कयासों पर आधारित मूल्य होता है. कंपनी प्रोफाइल आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज ब्रोमीन, औद्योगिक नमक और पोटाश सल्फेट का उत्‍पादन और निर्यात करती है. गुजरात स्थित कच्‍छ के रण के नमक भंडारों से यह कच्‍चा माल निकालती है और गुजरात के ही हाजीपीर के पास स्थित फैक्‍टरी में उत्‍पाद बनाती है. आर्कियन केमिकल आईपीओ के जरिए 805 करोड़ तक के इक्विटी शेयर जारी किए गए थे और ऑफर फॉर सेल के जरिए प्रमोटरों ने 1.61 करोड़ शेयरों तक की बिक्री की थी. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : November 18, 2022, 11:24 IST Source link

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IRCTC Tour Package: बजट में करें कश्मीर की हसीन वादियों की सैर,...

होमताजा खबरमनी बजट में करें कश्मीर की हसीन वादियों की सैर, आईआरसीटीसी लाया बेहतरीन ऑफर Last Updated:November 29, 2022, 06:59 IST Jewels of Kashmir Ex Chandigarh: आईआरसीटीसी ने कश्मीर के लिए एयर टूर पैकेज की घोषणा अपने ट्विटर अकाउंट से की है. इस पैकेज की शुरुआत चंडीगढ़ से होगी. श्रीनगर स्थित डल झील (फोटो क्रेडिट- Shutterstock) नई दिल्ली. इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्‍म कॉरपोरेशन (IRCTC) समय-समय पर देश के विभिन्न राज्यों के लिए टूर पैकेज लॉन्च करता है. इसी कड़ी में आईआरसीटीसी ने कश्मीर के लिए एक शानदार एयर टूर पैकेज पेश किया है. टूर पैकेज में लोगों को श्रीनगर, गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम घूमने का मौका मिलेगा. यह टूर पैकेज ट्रेन के माध्यम से नहीं बल्कि हवाई जहाज के माध्यम से संचालित होगा. जम्मू-कश्मीर में साल भर सैलानियों का हुजूम उमड़ता है. श्रीनगर, गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम फेमस टूरिस्ट प्लेस हैं. इन जगहों पर आपको प्रकृति की खूबसूरती का करीब से दीदार करने का मौका मिलेगा. यहां आपको पहाड़ों के शानदार व्यू और हरियाली के आकर्षक नज़ारे देखने को मिलेंगे. यहां जाकर आपको लगेगा कि वाकई आप ‘धरती के स्वर्ग’ में घूम रहे हैं. 5 रात और 6 दिनों की होगी यात्राआईआरसीटीसी ने इस एयर टूर पैकेज की घोषणा अपने ट्विटर अकाउंट से की है. यह पूरी यात्रा 5 रात और 6 दिनों की होगी. इस पैकेज की शुरुआत चंडीगढ़ से होगी. इस पैकेज में आपको खाने-पीने की चिंता करने की जरूरत नहीं है. ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर की सुविधा मिलेगी. इसके अलावा रात में होटल में ठहरने की सुविधा दी जाएगी. Mesmerizing & scenic beauty of Kashmir will leave you in awe. Visit the land of untouched beauty with IRCTC Air tour package at ₹27,155/- of 6D/5N. For details, visit https://t.co/1aI2gE61ql Source link

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New bank locker rules: आपके बैंक लॉकर से जुड़े नियमों में RBI...

होमताजा खबरमनी RBI ने बैंक लॉकर से जुड़े नियमों में किया बदलाव, ग्राहकों को मिली बड़ी राहत Last Updated:November 30, 2022, 13:04 IST RBI New Rules – नए नियमों के लागू होने के बाद अगर लॉकर में रखे सामान कोई क्षति पहुंचती है या फिर वह चोरी होता है तो बैंक अपनी देनदारी से पीछे नहीं हट पाएंगे. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) नई दिल्ली. आरबीआई ने बीते साल बैंक लॉकर से संबंधित नियमों में कुछ बदलाव किए थे. ये नियम इस साल जनवरी में लागू हो गए. इन नियमों में बदलाव के पीछे का मकसद लॉकर में जमा संपत्तियों की चोरी की वारदातों पर लगाम लगाना था. नियमों में बदलाव से पहले लॉकर से चोरी हुए किसी सामान की जिम्मेदारी से लेने से बैंक अपना पल्ला झाड़ लेते थे लेकिन अब वे ऐसा नहीं कर पाएंगे. आमतौर पर बैंक चोरी के मामले में यह बोलकर अपने आप को अलग कर लेते थे कि लॉकर के अंदर रखे सामान के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं है. नए नियमों के लागू होने के बाद अगर लॉकर में रखे सामान कोई क्षति पहुंचती है या फिर वह चोरी होता है तो बैंक अपनी देनदारी से पीछे नहीं हट पाएंगे. आइए देखते हैं कि बैंक लॉकर संबंधी नियमों में एक 1 जनवरी से 2022 से हुए नए बदलाव क्या हैं. करनी होगी पूरी भरपाईआरबीआई द्वारा बैंक लॉकर संबंधी नए नियम के अनुसार, अगर लॉकर में रखे किसी भी सामान को कुछ नुकसान होता है तो बैंक उसकी 100 फीसदी भरपाई करेंगे. बैंकों के लॉकर में रखे कीमती गहनों व अन्य संपत्तियों के चोरी होने के बढ़ते मामलों को देखते हुए आरबीआई ने नियमों में यह बदलाव किया है. लॉकर की लिस्टआरबीआई ने इसके अलावा बैंकों पर एक और जिम्मेदारी सौंपी है. आरबीआई ने कहा है कि अब बैंकों को यह बताना होगा कि उनके पास कितने खाली लॉकर हैं और कितने लॉकरों के लिए वेटिंग पीरियड कितना चल रहा है. इससे बैंक लॉकरों को लेकर पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है. About the Author Jai Thakur जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. पिछले 3 महीनों से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : November 30, 2022, 13:04 IST Source link

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