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Eco Driving: अब ईको ड्राइविंग से होगी पेट्रोल की बचत और घटेगा...

होमताजा खबरमनी Eco Driving: अब ईको ड्राइविंग से होगी पेट्रोल की बचत और घटेगा प्रदूषण Last Updated:September 04, 2021, 16:32 IST Eco driving and Save Fuel: सीएसआईआर-सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्‍टीट्यूट की ओर से रिसर्च की गई है जिसमें बताया गया है कि परंपरागत गाड़‍ियों के इस्‍तेमाल के दौरान अगर ईको-ड्राइविंग पर फोकस किया जाए तो ईंधन और पर्यावरण दोनों को नुकसान से बचाया जा सकता है. अब दिल्ली में वैध प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट के बिना गाड़ी चलाने पर ड्राइविंग लाइसेंस रद्द हो सकता है. नई दिल्‍ली. अगर आप भी कार ड्राइव करते हैं और पेट्रोल व डीजल (Petrol and Diesel) की कीमतों के आसमान छूने से परेशान हैं, या फिर पुरानी हो चुकी कार के प्रदूषण (Pollution) फैलाने के बावजूद आप उसे बेचकर या छोड़कर नई बिना प्रदूषण वाली इलेक्ट्रिक कार (Electric Car) खरीदने की स्थिति में नहीं हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत उपयोगी हो सकती है. वैज्ञानिकों की ओर से बताई गई ईको-व्‍हीकल ड्राइविंग (Eco Driving) या पर्यावरण ड्राइविंग से न केवल आप पुरानी कार के बावजूद ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की जबरदस्‍त बचत कर पाएंगे बल्कि प्रदूषण भी कम फैलेगा और पर्यावरण (Environment) को नुकसान नहीं होगा. देशभर में प्रदूषण को देखते हुए अब इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रमोट किया जा रहा है. देश के कई राज्‍य इलेक्ट्रिक व्‍हीकल (EV) को लेकर अपनी-अपनी पॉलिसी भी जारी कर चुके हैं लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि नए प्रदूषण मुक्‍त वाहनों (Pollution Free Vehicle) पर जाने में अभी कई साल लगेंगे ऐसे में ऐसे तरीके या तकनीक की जरूरत है जो परंपरागत रूप से चल रहीं पेट्रोल और डीजल की गाड़‍ियों को भी ईको-फ्रेंडली बना सके और इसमें कम से कम ईंधन का उपयोग हो. अब इलेक्‍ट्रिक व्‍हीकल पर स्विच करने से ही नहीं बल्कि पेट्रोल-डीजल की गाड़‍ियों में ईको-ड्राइविंग से होगी ईंधन और पर्यावरण की बचत. हाल ही में सीएसआईआर-सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्‍टीट्यूट (CSIR-CRRI) की ओर से रिसर्च की गई है जिसमें बताया गया है कि परंपरागत गाड़‍ियों के इस्‍तेमाल के दौरान अगर ईको-ड्राइविंग पर फोकस किया जाए तो ईंधन (Fuel) और पर्यावरण दोनों को नुकसान से बचाया जा सकता है. रिसर्च करने वाले इंस्‍टीट्यूट के सीनियर प्रिंसिपल वैज्ञानिक और प्रोफेसर एसीएसआईआर ट्रांस्‍पोर्टेशन प्‍लानिंग एंड एनवायरनमेंट डॉ. रविंद्र कुमार कहते हैं कि अब पर्यावरण और तेल कीमतों (Oil Prices) को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों पर स्विच किया जा रहा है लेकिन जो गाड़‍ि‍यां देश में पहले से चल रही हैं उन पर भी तकनीक का इस्‍तेमाल करना होगा नहीं तो एक तरफ चीजें ठीक होंगी और दूसरी तरफ हालात गड़बड़ हो जाएंगे. ईको ड्राइविंग से होगी 11 से 50 फीसदी तक की बचत हालिया रिसर्च में सामने आया है कि ईको-ड्राइविंग व्‍यवहार और प्रशिक्षण प्रथाओं से ईंधन अर्थव्‍यवस्‍था (Fuel Economy) में 11-50 फीसदी तक का सुधार हो सकता है. इसके अलावा सीओटू के उत्‍सर्जन में भी भारी कमी हो सकती है. इससे पर्यावरण के अलावा सामाजिक लाभ भी हैं. भारत में एक टन सीओटू (CO2) उत्‍सर्जन से अर्थव्‍यवस्‍था को 86 डॉलर का नुकसान होता है. ईको-ड्राइविंग से ऐसे होती है पेट्रोल-डीजल की बचत डॉ. रविंद्र कुमार बताते हैं कि ईको-ड्राइविंग या ग्रीन ड्राइविंग (Green Driving) एक पद्धति है. जिसमें कार की गति का विशेष ध्‍यान दिया जाता है. इससे ईंधन की भारी बचत होती है. रिसर्च में बताया गया है कि गाड़ी की स्‍पीड जितनी अधिक कम या जितनी अधिक ज्‍यादा होगी तो ईंधन की खपत सबसे ज्‍यादा होगी. अगर कोई कार 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है तो वह 100 किलोमीटर तक पहुंचने में 14 लीटर ईंधन लेगी. जबकि यही कार अगर 120-140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है तो इतनी ही दूरी तय करने में 14-16 लीटर ईंधन लेगी. ईको-ड्राइविंग व्‍यवहार और प्रशिक्षण प्रथाओं से ईंधन अर्थव्‍यवस्‍था में 11-50 फीसदी तक का सुधार हो सकता है. जबकि अगर ईको-ड्राइविंग की गति को देखा जाए तो यह 50-80 प्रति किलोमीटर है. अगर कोई भी व्‍यक्ति इस गति पर अपनी कार को स्थिर रखता है तो 100 किलोमीटर तक जाने में सबसे कम 7 से साढ़े सात लीटर ईंधन की जरूरत होगी जो कि बाकी स्‍पीड में लगे ईंधन का 50 फीसदी है. गाड़ि‍यों के मीटर में इसे ही ग्रीन गति के रूप में दर्शाया भी जाता है लेकिन अक्‍सर लोग इसे ऐसे समझते हैं कि दुर्घटनाओं की वजह से इसे ग्रीन सिग्‍नल कहा गया है. जबकि इसका मतलब ईंधन की खपत की बचत से है. क्‍या है ईको-ड्राइविंग डॉ. रविंद्र कहते हैं कि ड्राइविंग का एक चक्र होता है. पहले गाड़ी जीरो पर होती है यानि रुकी हुई होती है इसे हम सुस्‍ती या आइडलिंग कहते हैं. इसके बाद शुरू होता है एक्‍सेलरेशन. गाड़ी को एक्‍सलेरेट करने के बाद अगर सड़क अच्‍छी होती है तो हम क्रूज करते हैं. यहां ध्‍यान देने वाली बात है कि क्रूजिंग के दौरान हम गाड़ी को एक ही आदर्श गति पर रखें. 50-80 त‍क ग्रीन स्‍पीड होने के बावजूद अगर कार को 45-65 के बीच में ही चलाया जाए तो इसका प्रभाव और भी अच्‍छा होता है. इसके बाद हम देखते हैं कि अगर कहीं कोई गड्ढ़ा या ऐसी जगह आई जहां हमें गाड़ी को धीमा करना होगा तो धीरे-धीरे हम कार को डिसेलरेट करते हैं और फिर धीरे-धीरे कार को बंद करते हैं. कई जगह होता ये है कि हड़बड़ी और जल्‍दबाजी के चलते लोग ड्राइविंग के इन चक्रों को भी जल्‍दबाजी में इस्‍तेमाल करते हैं. जिसका प्रभाव कार के इंजन और अन्‍य पार्ट पर पड़ता है और ग्रीन हाउस गैसेज का उत्‍सर्जन बढ़ जाता है. डॉ. रविंद्र कहते हैं कि कोई व्‍यक्ति कार या कोई चौपहिया वाहन चलाता है तो उसे इन चारों चक्रों से गुजरना पड़ता है. इस दौरान ध्‍यान रखने वाली बात होती है कि इन चक्रों से गुजरने के बाद गाड़ी की गति को ग्रीन स्‍पीड तक ले जाया जाए और वहीं स्थिर रखा जाए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : September 04, 2021, 16:03 IST Source link

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IT Act : राजस्थान में डेटा लीक मामले में सरकार ने वोडाफोन...

Last Updated:September 07, 2021, 11:41 IST Action under IT Act: राजस्थान सरकार में डेटा लीक के एक मामले में आईटी एक्ट-2000 के तहत वोडाफोन के खिलाफ कार्रवाई कर उस पर 27 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया है. इस केस में पीड़ित के खाते से 68 लाख रुपये निकाल लिये गये थे. अगर आप निवेश करने को लेकर प्लान (Investment Planning) कर रहे हैं तो आज हम आपको एक ऐसी सरकारी स्कीम के बारें में बताने जा रहे हैं जहां आप बेहद ही कम पैसों का निवेश कर एक मोटी रकम जोड़ सकते हैं. जयपुर. राजस्थान में डेटा लीक (Data Leak Case) के एक मामले में राज्य सरकार ने टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (Vodafone Idea Limited) पर 27 लाख रुपये से अधिक का भारी जुर्माना लगाया है. राजस्थान में आईटी एक्ट-2000 के तहत जुर्माना (Fine)  लगाने की पहली कार्रवाई बताई जा रही है. इसके साथ ही कहा गया है कि यदि कंपनी निर्धारित समय में पीड़ित को जुर्माना राशि उपलब्ध नहीं करवाती है तो उसे प्रति माह 10 फीसदी ब्याज देना होगा. इस मामले में पीड़ित के खाते से करीब 68 लाख रुपये निकाल लिये गये थे. दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर के अनुसार कृष्णलाल नैन नामक व्यक्ति की वोडाफोन की सिम खराब हो गई थी. इस पर नैन ने दूसरी डुप्लीकेट सिम के लिये कंपनी के पास आवेदन किया था। लेकिन बाद में यह सिम भानुप्रताप नामक के दूसरे व्यक्ति को बिना किसी वेरिफिकेशन के जारी कर दी गई. बाद में भानुप्रताप ने इसके जरिये नैन के खाते से 68 लाख रुपये निकाल लिये. नैन को जब इस बात का चला तो उसने आईटी एक्ट के तहत कंपनी पर मुआवजा देने के लिये दावा किया. एक महीने के भीतर पीड़ित पक्ष को राशि देने के आदेश दियेबाद में इस मामले की सूचना प्रोद्यौगिकी और संचार विभाग के प्रमुख शासन सचिव एवं न्यायालय न्यायनिर्णयक अधिकारी आलोक गुप्ता ने इसकी सुनवाई की. गुप्ता ने सुनवाई पूरी होने के बाद वोडाफोन पर 27.23 लाख रुपये का जुर्माना लगाया. इसके साथ ही उन्होंने कंपनी को आदेश दिया कि वह एक महीने के भीतर पीड़ित पक्ष को राशि दे अन्यथा उसे प्रति वर्ष 10 फीसदी ब्याज देना होगा. बताया जा रहा है कि आईटी एक्ट के तहत राजस्थान में पहली किसी टेलीकॉम कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : September 07, 2021, 11:39 IST Source link

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घर बैठे शुरू करें ये शानदार बिजनेस, मंथली 45 हजार की होगी...

नई दिल्ली. आज हम आपको बता रहे हैं एक खास बिज़नेस के बारे में. जिसे आप कम पैसों में शुरू कर ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं. इस बिजनेस की सबसे खास बात है कि इसको आप घर बैठे स्टार्ट (Start own Business at Home) कर सकते हैं. जिसमें आपको ज्यादा जगह की जरूरत भी नहीं होगी. ये बिजनेस है हाइड्रोपोनिक्स फार्मिंग का. यह खेती की एक आधुनिक तकनीक है. इस तकनीक में मिट्टी के बगैर खेती की जाती है. हाइड्रोपोनिक खेती में केवल पानी में या पानी के साथ बालू एवं कंकण में पौधे उगाए जाते हैं. इस तकनीक से खेती करके आप मोटी कमाई कर सकते हैं. चलिए जानते हैं इसके बारे डिटेल में… कैसे की जाती है हाइड्रोपोनिक खेती?हाइड्रोपोनिक खेती में पाइप का प्रयोग करके पौधों को उगाया जाता है. पाइप में कई छेद बने रहते हैं, जिसमें पौधे लगाए जाते हैं. पौधों की जड़ें पाइप के अंदर पोषक तत्वों से भरे पानी में डूबी रहती है. इस पद्धति में फास्फोरस, नाइट्रोजन, मैग्निशियम, कैलशियम, पोटाश, जिंक, सल्फर, आयरन, आदि कई पोषक तत्व एवं खनिज पदार्थों को एक निश्चित मात्रा में मिलाकर घोल तैयार किया जाता है. इस घोल को निर्धारित किए गए समय के अंतराल पर पानी में मिलाया जाता है. जिससे पौधों को सभी पोषक तत्व मिलते हैं. घर की छत पर भी कर सकते हैं ये फार्मिंग इसके अलावा आप अपने घर या छत पर भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं. 100 वर्ग फुट में लगभग 200 पौधों को उगाया जा सकता है. इसके लिए न्यूनतम 25 हजार से लाख रुपए की लागत से इसकी शुरूआत की जा सकती है. इन सभी चीजों की कि जा सकती है खेतीइस तकनीक के माध्यम से छोटे पौधों वाली फसलों की खेती की जा सकती है. जिसमें गाजर, शलजम, ककड़ी, मूली, आलू, शिमला मिर्च, मटर, मिर्च, स्ट्रॉबेरी, ब्लैकबेरी, ब्लूबेरी, तरबूज, खरबूजा, अनानास, अजवाइन, तुलसी, आदि शामिल हैं. कितना आएगा इस बिजनेस में खर्च?हाइड्रोपोनिक प्रणाली को स्थापित करने के लिए शुरुआत में अधिक लागत होती है. इस विधि से कम जगह में अधिक पौधे उगाए जा सकते हैं. इसलिए कुछ समय बाद इस विधि से किसान अधिक लाभ कमा सकते हैं. यदि आप छोटे स्तर पर इसकी शुरुआत करना चाहते हैं तो आप 100 वर्ग फुट क्षेत्र में भी इसे स्थापित कर सकते हैं. इसमें 50,000 से 60,000 रुपए तक खर्च हो सकता है. 40 से 45 रुपये की होगी कमाईअगर कोई अपने घर से इस तकनीक को इस्तेमाल करते हैं तो महीने में 40 से 45 हजार रुपए कमाई होगी. अगर कोई एक एकड़ में इस तकनीक का इस्तेमाल करके खेती करते हैं तो चार से पांच लाख रुपए कमा सकते हैं. बंजर जमीन पर भी इसकी खेती की जा सकती है. Source link

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नौकरी की टेंशन जाएंं भूल! 50 हजार में शुरू करें ये बिजनेस,...

होमताजा खबरमनी 50 हजार रुपये में शुरू करें ये बिजनेस, हर महीने होगी 1 लाख की कमाई, जानें कैसे Last Updated:September 09, 2021, 06:59 IST आप भी कोई ऐसा बिजनेस करने का प्लान कर रहे हैं जो हर समय मुनाफा देने वाला हो, तो आज हम आपको एक ऐसे बिजनेस आइडिया के बारे में बता रहें हैं जिसमें आपको अच्छा खासा फायदा होगा. मुर्गी पालन (Poultry Farming) का बिजनेस से होगी हर महीने मोटी कमाई नई दिल्ली. अगर आप बिज़नेस (Buisness Opportunity) के लिए कृषि क्षेत्र में अपना नसीब आजमाना चाहते हैं, तो मौसम के भरोसे चलने वाली खेती के अलावा भी कई विकल्प हैं जो आपको मुनाफे की गारंटी देते हैं. इसी में से एक है मुर्गी पालन (Poultry Farming) का बिजनेस. अगर आप छोटे पैमाने पर पोल्ट्री फार्म शुरू करना चाहते हैं तो कम से कम 50,000 रूपये से 1.5 लाख रुपये के बीच खर्च आएगा. अगर छोटे स्तर यानी 1500 मुर्गियों से लेयर फार्मिंग की शुरुआत करेंगे तो आप 50 हजार से 1 लाख रुपये प्रति महीना तक कमा सकते हैं. सबसे पहले आती है पैसों की बात-अगर आप छोटे पैमाने पर पोल्ट्री फार्म शुरू करना चाहते हैं तो कम से कम 50,000 रूपये से 1.5 लाख रुपये के बीच खर्च आएगा. और अगर इसी बिजनेस को और अधिक बड़े स्टार पर सेटअप करना का सोच रहें हैं तो लगभग 1.5 लाख रूपये से 3.5 लाख रूपये के बीच खर्च आता है. पोल्ट्री व्यवसाय शुरू करने के लिए कई फाइनेंशियल संस्थानों से बिज़नेस लोन लिया जा सकता है. सरकार देगी 35 फीसदी सब्सिडी-पॉल्ट्री फार्म के बिजनस के लोन पर सब्सिडी करीब 25 फीसदी होती है. वहीं, SC-ST वर्ग को प्रोत्साहन देने के लिए यह सब्सिडी 35 फीसदी तक हो सकती है. बता दें कि इस कारोबार की खासियत यह है कि इसमें कुछ रकम खुद लगानी होती है और बाकी की बैंक से लोन मिल जाएगा. इस तरह करें इस बिजनेस की प्लानिंग-कमाई भले ही अच्छी हो लेकिन इस कारोबार में हाथ आजमाने से पहले अच्छे से ट्रेनिंग लेना जरूरी है. 1500 मुर्गियों के टारगेट से काम शुरू करना हो तो 10 फीसदी ज्यादा चूज़े खरीदने होंगे. क्योंकि असमय बीमारी की चलते मुर्गियों के मरने का खतरा होता है. अंडे से भी होगी जबरदस्त कमाई-देश में अंडे के दाम बढ़ने लगे हैं. अक्टूबर की शुरुआत से ही अंडा 7 रुपये का बिक रहा है. लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि अंडे के दाम बढ़ने के साथ ही मुर्गी भी बेशकीमती हो गई है. मुर्गियां खरीदने का बजट 50 हजार रुपये–एक लेयर पैरेंट बर्थ की कॉस्ट लगभग 30 से 35 रुपये होती है. यानी मुर्गियां खरीदने के लिए 50 हजार रुपये का बजट रखना होगा. अब इन्हें पालने के लिए अलग-अलग तरह का खाना खिलाना पड़ता है और साथ ही मेडिकेशन पर भी खर्च करना पड़ता है. 20 हफ्तों का खर्च 3-4 लाख रुपये-लगातार 20 हफ्ते तक मुर्गियों को खिलाने का खर्च होगा करीब 1 से 1.5 लाख रुपये. एक लेयर पैरेंट बर्ड एक साल में लगभग 300 अंडे देती है. 20 हफ्ते बाद मुर्गियां अंडा देना शुरू कर देती है और साल भर तक अंडे देती है. 20 हफ्तों के बाद इनके खाने पीने पर तकरीबन 3 से 4 लाख रुपये खर्च होता है. सालाना 14 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई-ऐसे में 1500 मुर्गियों से 290 अंडे प्रति वर्ष के औसत से लगभग 4,35,000 अंडे मिलते हैं. बर्बादी के बाद भी अगर 4 लाख अंडे बेच पाएं तो थोक भाव में एक अंडा 6.00 रुपये की दर से बिकता है. यानी साल भर में सिर्फ अंडे बेचकर अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : September 09, 2021, 05:19 IST Source link

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4 लाख लगाकर शुरू करें ये बिजनेस 8 लाख का होगा फायदा,...

होमताजा खबरमनी 4 लाख लगाकर शुरू करें ये बिजनेस 8 लाख का होगा फायदा, सरकार भी देगी मदद Last Updated:September 11, 2021, 07:50 IST अगर आप बिजनेस (Business) करना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए है. यह एक ऐसा बिजनेस है जिसे कम लागत (Low Investment) में शुरू किया जा सकता है और इस बिजनेस में मुनाफा (Profit) भी ज्यादा है. खरगोश पालन (Rabbit Farming) के बिजनेस से करें कमाई नई दिल्ली. अगर आप बिजनेस (Business) करना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए है. यह एक ऐसा बिजनेस है जिसे कम लागत (Low Investment) में शुरू किया जा सकता है और इस बिजनेस में मुनाफा (Profit) भी ज्यादा है. आप लगभग 4 लाख रुपये के निवेश में खरगोश पालन (Rabbit Farming) का बिजनेस शुरू कर सकते हैं. यह बिजनेस इसलिए फायदेमंद है क्योंकि बाजार में खरगोश के मांस की ज्यादा कीमत मिलती है. वहीं इसके बालों से बनने वाली ऊन के लिए भी इसे पाला जाता है. आइए जानते हैं छोटे पैमाने पर किस तरह आप खरगोश पालन कर नियमित कमाई कर सकते हैं. 4 लाख रुपये तक आएगा खर्च- खरगोश पालन के इस बिजनेस को यूनिट में बांटा गया है. एक यूनिट में सात मादा और तीन नर खरगोश होते हैं. मान लें फार्मिंग के लिए शुरुआती स्तर 10 यूनिट का रखा है तो इसके लिए लगभग 4 लाख से 4.50 लाख रुपये खर्च आता है. इसमें टिन शेड लगभग 1 से 1.50 लाख रुपये, पिंजड़े 1 से 1.25 लाख रुपये, चारा और इन यूनिट्स पर लगभग 2 लाख रुपये खर्च शामिल हैं. नर और मादा खरगोश लगभग 6 महीने के बाद ब्रीडिंग के लिए तैयार होते हैं. एक मादा खरगोश एक बार में 6 से 7 बच्चों को जन्म देती है. मादा खरगोश का प्रेगनेंसी पीरियड 30 दिन का होता है और इसके अगले 45 दिनों में बच्चा लगभग 2 किलोग्राम का होने के बाद बिकने के लिए तैयार हो जाता है. ऐसे होगी कमाई- एक मादा खरगोश से औसतन 5 बच्चे हुए तो इस तरह 45 दिनों में 350 बच्चे बनेंगे. खरगोश की यूनिट लगभग छह माह में बच्चे पैदा लायक होती है. इनमें 6 महीने के इंतजार की भी जरूरत नहीं होती. 10 यूनिट खरगोश से 45 दिनों में तैयार हुआ बच्चों का बैच लगभग 2 लाख रुपये में बिकता है. इन्हें फार्म ब्रीडिंग, मीट और ऊन व्यवसाय के लिए बेचा जाता है और एक मादा खरगोश सालभर में कम से कम 7 बार बच्चे देती है. लेकिन मोर्टेलिटी, बीमारी आदि सभी को ध्यान में रखकर औसतन 5 प्रेगनेंसी पीरियड मानकर चलें तो सालभर में 10 लाख रुपये के खरगोश बिक जाते हैं जबकि चारे पर खर्च 2 से 3 लाख रुपये मान लें तो 7 लाख रुपये नेट प्रॉफिट कमाया जा सकता है. हालांकि शुरू के साल में कुल 4.50 लाख रुपये की इन्वेस्टमेंट को इसमें निकालकर चलें तब भी 3 लाख रुपये की आमदनी होती है. फ्रेंचाइजी लेकर भी शुरू कर सकते हैं बिजनेस अगर ज्यादा रिस्क लेने की क्षमता ना हो तो कई बड़े फार्म से फ्रेंचाइजी लेने का विकल्प नए लोगों के पास है. इसके माध्यम से खरगोश ब्रीडिंग से लेकर मार्केटिंग तक सभी तरह की ट्रेनिंग दी जाएगी. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : September 11, 2021, 07:50 IST Source link

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₹12 लाख लगाकर शुरू करें ये कारोबार, करोड़ों में होगी कमाई, सरकार...

होमताजा खबरमनी ₹12 लाख लगाकर शुरू करें यह कारोबार, करोड़ों का होगा मुनाफा, सरकार भी करेगी मदद Last Updated:September 11, 2021, 08:57 IST आज हम आपको एक शानदार कारोबार के बारे में बता रहे हैं. यह बिल्कुल सुपरहिट बिजनेस है इससे आप हर महीने करोड़ों में कमाई कर सकते हैं. आज हम आपको एक शानदार कारोबार के बारे में बता रहे हैं. यह बिल्कुल सुपरहिट बिजनेस है इससे आप हर महीने करोड़ों में कमाई कर सकते हैं. नई दिल्ली. क्या आप भी अपना कारोबार शुरू करना (How can I start my own business?) चाहते हैं लेकिन बिजनेस आइडिया (profitable business idea) की कमी है तो आज हम आपको एक शानदार कारोबार के बारे में बता रहे हैं. यह बिल्कुल सुपरहिट बिजनेस (Superhit business plan) है जिसमें हर महीने आप अच्छी खासी रकम कमा (Earn money) सकते हैं. अगर आप आपना कारोबार (Business) शुरू करना चाहते हैं तो आप ऑनलाइन फ्यूल यानी डीजल (online fuel business) बेचकर करोड़ों में कमाई कर सकते हैं. इसके लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. (BPCL), पेट्रोलियम प्रोसेस इंजीनियरिंग सर्विस को. (PESCO) जैसी तेल कंपनियां मदद करेगी. इसके अलावा आप सरकार से मदद ले सकते हैं. इसके लिए हमने स्टार्टअप कंपनी पेपफ्यूल डॉट काॅम (startup Pepfuel.com) से बात की तो आइए जानते हैं उन्हीं से कि कैसे आप डोर-टू-डोर फ्यूल बेचने का कारोबार कर सकते हैं. सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअपपेपफ्यूल्स डॉट काॅम (https://pepfuels.com/) सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप है. पेपफ्यूल्स का इंडियन ऑयल के साथ थर्ड पार्टी एग्रीमेंट है. यह डोर-टू-डोर डिलीवरी (online diesel delivery) के लिए है. इस ऐप पर ग्राहक ऑनलाइन या मैसेज के जरिए ऑर्डर कर सकते हैं. नोएडा के टिकेन्द्र, प्रतीक और संदीप तीनों ने मिलकर इसे स्टार्ट किया है. कारोबार शुरू के कुछ सालों बाद की इनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर 100 करोड़ के आसपास पहुंच गया. जानें, कैसे शुरू किया कारोबारस्टार्टअप के फाउंडर टिकेन्द्र बताते हैं कि इस पर काफी रिसर्च किया. घर-घर जाकर लोगों से बात की और ऑनलाइन फीडबैक लिया. फीडबैक में बता चला हर दूसरे आदमी ने यही कहा कि पेट्रोल-डीजल के लिए ऑनलाइन ऐप होना चाहिए. हालांकि, पेट्रोल-डीजल की ऑनलाइन डिलीवरी (Petrol diesel online business) का कारोबार शुरू करना काफी रिस्की है. टिकेन्द्र बताते हैं कि 2016 तक देश में पेट्रोल डिलीवरी की परमिशन नहीं थी. हाल ही में सरकार ने इसकी इजाजत दी है. उस वक्त हमारे सामने सिर्फ डीजल डिलीवरी ही एकमात्र विकल्प था. हमने डीजल की डिलीवरी पर ही काम शुरू कर दिया. तेल कंपनियों से मिला सहयोगकंपनी के एक अन्य फाउंडर संदीप बताते हैं, ‘हमने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. (BPCL), पेट्रोलियम प्रोसेस इंजीनियरिंग सर्विस को. (PESCO) जैसी तेल कंपनियों को अपना-अपना सुझाव भेजा. साथ ही हमने अपने-अपने स्टार्टअप का आइडिया PMO को भी भेजा था. कुछ दिनों बाद ही हमें PMO से जवाब आ गया था. दूसरी, तरफ फरीदाबाद स्थित इंडियन ऑयल की तरफ से भी हमें हमारे कारोबार का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी DPR सौंपने को कहा गया.’ वे कहते हैं, हमने अपने प्रोजेक्ट की DPR इंडियन ऑयल को भेजी. अप्रूवल मिलने के बाद हमने अपना कारोबार शुरू कर दिया. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : September 11, 2021, 07:06 IST Source link

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नौकरी की चिंता छोड़ 2 लाख रुपये में शुरू करें ये बिजनेस,...

होमताजा खबरमनी नौकरी की चिंता छोड़ 2 लाख में शुरू करें ये बिजनेस, हर महीने होगी 1 लाख की कमाई Last Updated:September 12, 2021, 09:40 IST अगर आप कम निवेश में कोई बिजनेस करने की सोच रहे हैं तो हम आपको एक खास बिजनेस के बारे में बता रहे हैं. ये बिजनेस आप 2 लाख रुपये लगाकर शुरू कर सकते हैं. पापड़ बनाने का बिजनेस (Papad Making Business) सिर्फ 2 लाख में शुरू किया जा सकता है नई दिल्ली. इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आप मोदी सरकार की मुद्रा स्कीम (Mudra Scheme) का फायदा उठा सकते है. इसके तहत आपको 4 लाख रुपये का लोन सस्ती ब्याज दरों पर मिल जाएगा. ये बिजनेस है पापड़ बनाने का (Papad Making Business). पापड़ का बिजनेस सिर्फ 2 लाख रुपये में शुरू किया जा सकता है. नेशनल स्मॉल इंडस्ट्री कॉरपोरेशन (National Small Industries Corporation, NSIC) ने इसके लिए एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार किया है जिसके जरिए आपको मुद्रा स्कीम (Mudra Scheme)के तहत आपको 4 लाख रुपये का लोन सस्ते रेट में मिल जाएगा. जानिए इस बिजनेस के बारे में सबकुछइस रिपोर्ट के मुताबिक, 6 लाख रुपये के कुल निवेश से करीब 30 हजार किलोग्राम की प्रोडक्शन कैपेसिटी तैयार हो जाएगी. इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको 6.05 लाख रुपये खर्च होगा. कुल खर्च में फिक्स्ड कैपिटल और वर्किंग कैपिटल का खर्च शामिल है. फिक्स्ड कैपिटल में दो मशीन, पैकेजिंग मशीन इक्विपमेंट जैसे तमाम खर्च शामिल हैं. वर्किंग कैपिटल में स्टाफ की तीन महीने की सैलरी, तीन महीने में लगने वाला रॉ मैटेरियल और यूटिलिटी प्रोडक्ट का खर्च शामिल है. इसके अलावा इसमें किराया, बिजली, पानी, टेलीफोन का बिल जैसे खर्च भी शामिल हैं. चाहिए होंगी ये मशीनेंपापड़ बनाने के बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको स्विफ्टर, दो मिक्सर, प्लेटफॉर्म बैलेंस, इलेक्ट्रिकली ऑपरेटेड ओवन, मार्बल टेबल टॉप, चकला बेलन, एल्युमीनियम के बर्तन और रैक्स जैसी मशीनरी की जरूरत होगी. 250 वर्ग फुट जगह की जरूरतपापड़ बनाने के बिजनेस के लिए कम से कम 250 वर्ग फुट की जगह की जरूरत होगी. अगर आपके पास खुद की जगह नहीं तो इसे किराये पर लिया जा सकता है. जिसके लिए कम से कम 5 हजार रुपये आपको किराया हर महीने देना होगा. मैनपावर में तीन अनस्किल्ड लेबर, दो स्किल्ड लेबर और एक सुपरवाइजर की जरूरत होगी. इन सब की सैलरी पर 25,000 रुपये खर्च होगा जो वर्किंग कैपिटल में जोड़ा गया है. खुद से लगाने होंगे 2 लाख रुपये6 लाख रुपये के कुल कैपिटल में से 2 लाख रुपये आपको अपने पास से लगाने होंगे. सरकार की मुद्रा योजना के तहत आपको 4 लाख रुपये का लोन मिल जाएगा. इसके लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत किसी भी बैंक में अप्लाई कर सकते हैं. इसके लिए आपको एक फॉर्म भरना होगा, जिसमें कई सारी डिटेल्स भरनी होगी. इसमें किसी तरह की प्रोसेसिंग फीस या गारंटी फीस भी नहीं देनी होती. लोन का अमाउंट 5 साल में लौटा सकते हैं. कितनी होगी कमाईप्रोडक्ट बनने के बाद इसे थोक में बेचना होगा. इसके लिए छोटे किराना स्टोर और सुपर मार्केट और बड़े रिटेलर से संपर्क बनाकर इसकी सेल बढ़ाई जा सकती है. एक अनुमान के अनुसार पापड़ के बिजनेस में मुनाफा निवेश राशि का पांचवा हिस्सा होता है. यदि आप 5 लाख रु लगाएं तो हर महीने आपको 1 लाख रु कमाई हो सकती है. इसमें आपका प्रोफिट 35-40 हजार रु तक हो सकता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : September 12, 2021, 09:40 IST Source link

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7 लाख रुपये में शुरू करें ये कारोबार होगा 15 लाख से...

होमताजा खबरमनी ₹7 लाख में शुरू करें ये कारोबार होगा 15 लाख से ज्यादा का मुनाफा, जानिए कैसे Last Updated:September 14, 2021, 12:13 IST अगर आप कम जगह में कोई ऐसी फसल उगाना चाहते हैं, जिससे तगड़ा मुनाफा हो तो आज हम आपके लिए एक ऐसा आइडिया लेकर आए हैं जिससे आप अच्छी कमाई कर सकते हैं. इस तरह शुरू कर सकते हैं ये बिजनेस नई दिल्ली. ये बात तो सभी जानते हैं कि नौकरी से ज्यादा मुनाफा बिजनेस में होता है. ऐसे में कई ऐसे पढ़े लिखे नौजवान हैं जो कमाई के लिए खेती की तरफ मुड़ गए हैं. साथ ही बिजनेस शुरू करने के लिए सरकार भी आपकी मदद कर रही है. अगर आप भी फार्मिंग (Farming) में अपना हाथ आजमाना चाहते हैं तो ऐसा ही एक बिजनेस आइडिया (Business Idea) आज हम आपके लिए लाएं है. जिससे आप अच्छी कमाई कर सकते हैं. अगर आप कम जगह में कोई ऐसी फसल उगाना चाहते हैं, जिससे तगड़ा मुनाफा हो तो आप सरकार की मदद से अदरक की खेती भी कर सकते हैं. अदरक का इस्तेमाल हर घर में होता है. चाय से लेकर सब्जियां या फिर कोई दूसरी डिश बनाने तक में अदरक का इस्तेमाल होता है. ठंड में अदरक का खूब इस्तेमाल होता है. तो चलिए जानते आप कैसे शुरू करें अदरक की खेती (How to do Ginger Farming). कैसे करें अदरक की खेतीअदरक बोने के लिए अदरक की पिछली फसल के कंद उपयोग में लाए जाते हैं. बड़े-बड़े अदरक के पंजों को इस तरह तोड़ लेते हैं कि एक टुकड़े में दो से तीन अंकुर रहे. अदरक की खेती मुख्यत: प्राकृतिक वर्षा पर निभर्र करती है. इसे अकेले या पपीता व अन्य वृक्षों के साथ भी किया जा सकता है. एक हेक्टेयर में बुआई करने के लिए 12 से 15 कंद की आवश्यकता होती है. अंतरवर्तीय फसलों में बीज की मात्रा कम लगती है. बुवाई का तरीकाअदरक की बुवाई करते समय कतार से कतार की दूरी 30 से 40 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 20 से 25 सेंटीमीटर रखनी चाहिए. इसके अलावा बीच कंदों को चार से पांच सेंटीमीटर गहराई में बोने के हल्की मिट्टी या गोबर की खाद से ढक देना चाहिए. इतना आएगा खर्चअदरक की फसल लगभग 8 से 9 महीने में तैयार हो जाती है. अदरक की फसल औसतन 150 से 200 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होती है. 1 एकड़ में 120 क्विंटल अदरक हो जाता है. एक हेक्टेयर में अदरक की खेती में करीब 7-8 लाख रुपये का खर्च भी आ जाता है. कितना होगा मुनाफाअगर बात मुनाफे की करें तो एक हेक्टेयर में अदरक की खेती से करीब 150 से 200 क्विंटल निकलता है. बाजार में अदरक की कीमत 80 रुपये किलो तक होती है, लेकिन अगर हम 50 से 60 रुपये का औसत भी मान लें तो एक हेक्टेयर से आपको 25 लाख रुपये की कमाई होगी. सारा खर्चा हटाने के बाद भी आपको 15 लाख रुपये का मुनाफा होगा. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : September 14, 2021, 12:13 IST Source link

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घर बैठे फ्रेंचाइजी लेकर फ्री में शुरू करें अपना कारोबार, हर महीने...

होमताजा खबरमनी घर बैठे फ्री में शुरू करें अपना कारोबार, हर महीने होगी लाखों में कमाई Last Updated:September 16, 2021, 07:42 IST आप फ्रेंचाइजी (franchise) खोल कर अपना खुद का बिजनेस स्टार्ट कर सकते हैं साथ ही इसमें नुकसान भी न के बराबर है. तो चलिए जानते हैं आप किन कंपनियों की और कैसे फ्रेंचाइजी ले सकते हैं… नई दिल्ली. आज हम आपको एक ऐसे कारोबार (Business idea) के बारे में बता रहे हैं, जहां आप बिना कुछ पैसे लगाएं शुरू (How to start own business) कर सकते हैं और हर महीने मोटी कमाई (Earn money) कर सकते हैं. आपको बता दें आज के टाइम में कई ऐसी कंपनियां हैं जो फ्रेंचाइजी दे रही है. आप इन कंपनियों की फ्रेंचाइजी (franchise) खोल कर अपना खुद का बिजनेस स्टार्ट कर सकते हैं साथ ही इसमें नुकसान भी न के बराबर है. तो चलिए जानते हैं आप किन कंपनियों की और कैसे फ्रेंचाइजी ले सकते हैं… तो सबसे पहले बात करते हैं हम एक ऐसे प्रोडक्ट की जिसकी डिमांड कभी कम नहीं होता. मतलब साफ है कि अगर इस प्रोडक्ट का बिजनेस शुरू करते हैं तो प्रॉफिट ही प्रॉफिट. हम बात कर रहे हैं प्रोडक्ट डेयरी की जिसके कारोबार में अच्‍छा खासा प्रॉफिट कमाया जा सकता है. 1. Aadhar card Franchiseइसके अलावा आप आधार कार्ड की फ्रेंचाइजी (Aadhaar Card Franchise) भी ले सकते हैं. अगर आप आधार कार्ड की फ्रेचाइजी चाहते हैं तो इसके लिए सबसे पहले आपको UIDAI द्वारा आयोजित एक परीक्षा पास करनी होगी. इसके बाद सर्विस सेंटर खोलने के लिए लाइसेंस दिया जाता है. जब आप परीक्षा पास कर लेंगे तो आपको आधार एनरॉलमेंट नंबर और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराना होता है. इसके बाद कॉमन सर्विस सेंटर से रजिस्ट्रेशन कराना होगा. कैसे करें अप्लाई?— आधार फ्रेंचाइजी लाइसेंस लेने के लिए आपको NSEIT की आधिकारिक वेबसाइट https://uidai.nseitexams.com/UIDAI/LoginAction_input.action पर विजिट करना होगा. 2. Post office Franchiseपोस्ट ऑफिस की तरह से फ्रेंचाइजी (Post office Franchise) दी जा रही है यानी आप पोस्ट ऑफिस खोलकर पैसा कमा सकते हैं. बता दें पोस्ट ऑफिस की तरफ से दो तरह की फ्रेंचाइजी दी जाती हैं. इसमें पहली फ्रेंचाइजी आउटलेट की है और दूसरी पोस्टल एजेंट्स फ्रेंचाइजी है. फ्रेंचाइजी को लेने के लिए आपको सिर्फ 5000 रुपये खर्च करने होंगे. फ्रेंचाइजी मिलने के बाद आप कमीशन के जरिए कमाई कर सकते हैं. कैसे करें अप्‍लाई?फ्रेंचाइजी के लिए आप पोस्ट ऑफिस का ऑफिशियल नोटिफिकेशन पढ़ लें और ऑफिशियल साइट से ही आवेदन करें.आवेदन करने के लिए आप (https://www.indiapost.gov.in/VAS/DOP_PDFFiles/Franchise.pdf) इस ऑफिशियल लिंक पर क्लिक कर सकते हैं. 3. Amul Franchiseअमूल बिना किसी रॉयल्‍टी या प्रॉफिट शेयरिंग के फ्रेंचाइजी ऑफर कर रही है. यही नहीं, अमूल की फ्रेंचाइजी लेने का खर्च भी बहुत ज्‍यादा नहीं है. आप 2 लाख से लेकर 6 लाख रुपए खर्च करके अपना कारोबार शुरू कर सकते हैं. अमूल दो तरह की फ्रेंचाइजी ऑफर कर रहा है. पहली अमूल आउटलेट, अमूल रेलवे पार्लर या अमूल क्‍योस्‍क की फ्रेंचाइजी और दूसरी अमूल आइसक्रीम स्‍कूपिंग पार्लर की फ्रेंचाइजी. अगर आप पहली वाली में निवेश करना चाहते हैं तो 2 लाख रुपए निवेश करने होंगे. वहीं अगर दूसरी फ्रेंचाइजी लेने का सोच रहे हैं तो 5 लाख का निवेश करना होगा. इसमें नॉन रिफंडेबल ब्रांड सिक्‍योरिटी के तौर पर 25 से 50 हजार रुपये देने होंगे. कैसे करें अप्‍लाई?अगर आप फ्रेंचाइजी के लिए अप्‍लाई करना चाहते हैं तो आपको retail@amul.coop पर मेल करना होगा. इसके अलावा इस लिंक http://amul.com/m/amul-scooping-parlours पर जाकर भी जानकारी ली जा सकती है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : September 16, 2021, 07:42 IST Source link

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1 लाख रुपये में शुरू करें ये बिजनेस, हर महीने होगा 40000...

होमताजा खबरमनी 1 लाख रुपये में शुरू करें ये बिजनेस, हर महीने होगा 40000 से ज्यादा का मुनाफा Last Updated:September 19, 2021, 08:25 IST आज फिर हम आपके लिए एक शानदार कमाई वाला आइडिया लेकर आए हैं. जिससे आप हर महीने 40 से 45 हजार रुपए कमा सकते हैं. सरकार की मदद से शुरू करें ये कारोबार नई दिल्ली. हम आपको बता रहे हैं एक खास बिज़नेस के बारे (Business Idea) में. जिसे आप कम पैसों में शुरू कर ज्यादा मुनाफा कमा (Earn Money) सकते हैं. हम बात कर रहे हैं बिस्किट की, जी हां बिस्किट एक ऐसी चीज है जो हमेशा डिमांड में रहता है. इसकी मांग में कभी कमी नहीं आती. लॉकडाउन के दौरान जब सभी उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुए उस समय पारले जी बिस्कुट की इतनी अधिक बिक्री हुई है कि पिछले 82 सालों का रिकॉर्ड टूट गया है. ऐसे में बेकरी प्रोडक्ट बनाने की यूनिट लगाना बेहतर विकल्प हो सकता है. अगर आप बेकरी इंडस्ट्री में खोलना चाहते हैं तो इसके लिए आपकी मदद खुद मोदी सरकार कर रही है. मुद्रा स्कीम के तहत बिजनेस शुरू करने के लिए आपको सिर्फ 1 लाख रुपये निवेश करना होगा. कुल खर्च का 80 फीसदी तक फंड की मदद सरकार से मिल जाएगी. इसके लिए सरकार ने खुद प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की है. सरकार ने जो बिजनेस की स्ट्रक्चरिंग की है, उस हिसाब से आपको सभी खर्च काटने के बाद हर महीने 40 हजार रुपये से ज्यादा मुनाफा हो सकता है. कितना आएगा खर्चप्रोजेक्ट लगाने में कुल खर्च: 5.36 लाख रुपए इसमें आपको खुद के पास से सिर्फ 1 लाख रुपये लगाना होगा. मुद्रा स्कीम के तहत आपका सेलेक्शन होता है तो बैंक से टर्म लोन 2.87 लाख रुपये और वर्किंग कैपिटल लोन 1.49 लाख रुपये मिल जाएगा. प्रोजेक्ट के तहत आपके पास 500 वर्गफुट तक का खुद का स्पेस होना चाहिए. अगर नहीं है तो इसे रेंट पर लेकर प्रोजेक्ट फाइल के साथ दिखाना होगा. कितना होगा मुनाफासरकार ने जो प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की है, उस लिहाज से 5.36 लाख रुपए में कुल सालाना उत्पादन और उसकी बिक्री का अनुमान कुछ इस तरह से लगाया गया है. 4.26 लाख रुपये: पूरे साल के लिए कास्ट ऑफ प्रोडक्शन20.38 लाख रुपये: पूरे साल में इतना प्रोडक्ट बन जाएगा कि उसे बेचने पर 20.38 लाख रुपए मिल जाएंगे. बता दें कि इसमें बेकरी प्रोडक्ट की बिक्री कीमत मार्केट में मिलने वाले दूसरे आइटम्स के रेट के आधार पर कुछ कम करके तय किए गए हैं.6.12 लाख रुपये: ग्रॉस ऑपरेटिंग प्रॉफिट70 हजार: एडमिनिस्ट्रेशन और सेल्स पर खर्च60 हजार: बैंक के लोन का ब्याज60 हजार: अन्य खर्चनेट प्रॉफिट: 4.2 लाख रुपए सालाना मुद्रा स्कीम में करें अप्लाईइसके लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आप किसी भी बैंक में अप्लाई कर सकते हैं. इसके लिए आपको एक फॉर्म भरना होगा, जिसमें ये डिटेल देनी होगी… नाम, पता, बिजनेस एड्रेस, एजुकेशन, मौजूदा इनकम और कितना लोन चाहिए. इसमें किसी तरह की प्रोसेसिंग फीस या गारंटी फीस भी नहीं देनी होती. लोन का अमाउंट 5साल में लौटा सकते हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : September 19, 2021, 08:24 IST Source link

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