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CUET-UG Exam Delayed | Technical Glitch Halts Nationwide Exams

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG 2026) की शनिवार सुबह आयोजित परीक्षा तकनीकी खामी के कारण निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी। सुबह 9 बजे शुरू होने वाली परीक्षा 11: 23 बजे शुरू हुई।कई परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जि . परीक्षा केंद्रों पर सुबह 8 बजे ही एंट्री बंद कर दी गई थी। बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स समय से पहले केंद्रों पर पहुंच गए थे। हालांकि परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले तकनीकी समस्या आने के कारण एग्जाम प्रक्रिया प्रभावित हो गई। लंबे इंतजार के चलते कई केंद्रों पर छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी रही। एग्जाम सेंटर्स पर मौजूद अभ्यर्थियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। वहीं जोधपुर के बालाजी नगर स्थित टेलनेट सेंटर के बाहर पेरेंट्स परेशान होते रहे। यहां पर पैरेंट के साथ अधिकारियों द्वारा मिसबिहेव भी किया गया। अभ्यर्थी लगातार परीक्षा अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास करते रहे, लेकिन तकनीकी समस्या दूर होने तक उन्हें इंतजार करने को कहा गया। कई छात्रों ने कहा कि वे सुबह से परीक्षा केंद्र पर मौजूद हैं और लंबे इंतजार के कारण मानसिक दबाव महसूस कर रहे हैं। अभिभावकों ने भी परीक्षा प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को समय पर पहुंचने और निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन तकनीकी तैयारियों में कमी का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ता है। देरी के चलते NTA ने सेंटर्स के बाहर ऐसे नोटिस चिपकाए। ऑनलाइन परीक्षाओं की तैयारियों और तकनीकी व्यवस्थाओं पर सवाल तकनीकी बाधा के कारण परीक्षा में हुई देरी ने एक बार फिर देशभर में आयोजित होने वाली बड़ी ऑनलाइन परीक्षाओं की तैयारियों और तकनीकी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बताया कि मेसर्स टीसीएस की तकनीकी खराबी के कारण 30 मई को आयोजित होने वाली CUET (UG)-2026 परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी। तकनीकी समस्या के चलते देशभर के एग्जाम सेंटर्स पर परीक्षा के संचालन में देरी हुई। एग्जाम से 1 घंटे पहले ही एंट्री बंद हो गई थी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी 8 बजे से पहले ही सेंटर पर पहुंच गए थे। NTA के अनुसार टीसीएस की तकनीकी टीम समस्या के समाधान और परीक्षा के सुरक्षित संचालन के लिए लगातार काम कर रही है। एजेंसी ने अभ्यर्थियों से परीक्षा कक्षों में बने रहने और केंद्र स्टाफ का सहयोग करने की अपील की है। साथ ही आश्वासन दिया है कि देरी के कारण किसी भी छात्र को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और आवश्यक अतिरिक्त समय उपलब्ध कराया जाएगा। जयपुर के दादी का फाटक स्थित श्री बालाजी इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी खराबी की वजह से पेपर तय समय पर शुरू नहीं हो पाया था, क्योंकि पेपर ही अपलोड नहीं हुआ था। एग्जाम करीब 2.23 घंटे की देरी से शुरू हुआ, जिससे अभ्यर्थी लंबे समय तक इंतजार करते रहे। उन्हें एंट्री देने के बाद बाहर भी नहीं निकलने दिया। ऐसा सिर्फ हमारे सेंटर पर ही नहीं बल्कि देशभर में हुआ था। लेकिन फिलहाल इस समस्या का समाधान हो गया है। लगभग 11:23 बजे पेपर शुरू हो गया है। ऐसे में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय देने की भी बात कही गई है। जिसे हम पालन करेंगे अभ्यर्थियों को पूरा वक्त दिया जाएगा। बता दें कि CUET-UG देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसके जरिए केंद्रीय विश्वविद्यालयों समेत कई उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक (ग्रेजुएशन) पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। इस परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है। परीक्षा में देशभर से लाखों विद्यार्थी शामिल होते हैं। — ये खबर भी पढ़ें… RPSC लेक्चरर और कोच-2025 एग्जाम कल से:3944 पदों के लिए 5.50 लाख कैंडिडेट देंगे परीक्षा,11 जून तक चलेगा एग्जाम; जानिए जरूरी नियम राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए लेक्चरर और कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 का आयोजन कल से शुरू होगा। इसमें प्रदेश के करीब 5.50 लाख कैंडिडेट्स शामिल होंगे। कुल 3944 पदों पर होने वाली भर्ती परीक्षाएं 31 मई से 11 जून 2026 तक ली जाएंगी। विभिन्न विषयों की परीक्षाओं को चार ग्रुप (ए, बी, सी एवं डी) में बांटा गया है। (पूरी खबर पढ़ें) Source link

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Rajasthan Lecturer Coach Exam 2025: 5.5 Lakh Candidates Appear

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए लेक्चरर और कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 का आयोजन कल से शुरू होगा। इसमें प्रदेश के करीब 5.50 लाख कैंडिडेट्स शामिल होंगे। . कुल 3944 पदों पर होने वाली भर्ती की परीक्षाएं 31 मई से 11 जून 2026 तक ली जाएंगी। विभिन्न विषयों की परीक्षाओं को चार ग्रुप (ए, बी, सी एवं डी) में बांटा गया है। एडमिट कार्ड पहले ही अपलोड कर दिए है। 31 मई से 5 जून तक 15 जिला मुख्यालयों पर एग्जाम होगा और 6 जून से 11 जून तक केवल जयपुर जिला मुख्यालय पर एग्जाम होगा। इसके लिए कुल 368 सेंटर बनाए गए है। इसमें अजमेर में 70 सेंटर है। एक घंटे पहले मिलेगी एन्ट्री परीक्षा केन्द्र पर किसी भी परीक्षार्थी को प्रत्येक परीक्षा के प्रारंभ होने के 60 मिनट पूर्व तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके पश्चात् किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अतः अभ्यर्थी परीक्षा के दिन प्रत्येक परीक्षा के प्रारंभ होने के लिए नियत समय से पर्याप्त समय पूर्व परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक रूप से उपस्थित हो जाएं ताकि सुरक्षा जांच एवं पहचान का कार्य समय पर पूर्ण हो सके। देरी से आने पर तलाशी में समय लगने के कारण परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो सकते हैं। फोटो युक्त पहचान पत्र जरूरी अभ्यर्थियों को पहचान के लिए परीक्षा केंद्र पर मूल आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) लेकर उपस्थित होना होगा। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी अथवा अस्पष्ट है तो अन्य मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र यथा मतदाता पहचान-पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस जिसमें रंगीन एवं नवीनतम स्पष्ट फोटो हो, लेकर परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होवें। इसके साथ ही अभ्यर्थी प्रवेश-पत्र पर भी नवीनतम रंगीन फोटो ही चस्पा करना सुनिश्चित करें। अभ्यर्थी प्रवेश-पत्र के साथ जारी आवश्यक अनुदेशों का अवलोकन अवश्य कर लेवें। किसी के बहकावें में नहीं आए आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, समाजकंटक या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य कोई प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी एवं आयोग कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचित करें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाये जाने एवं अनुचित कृत्यों में संलिप्त होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम, 2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने से दण्डित एवं चल अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। जानिए-कब कौनसा एग्जाम होगा और कब निकाली गई वैकेंसी… ग्रुप-C कोच और फिजिकल एजुकेशन ग्रुप-C के तहत विभिन्न कोच पदों (एथलेटिक्स, बास्केटबॉल, हैंडबॉल, कबड्डी, टेबल टेनिस और वॉलीबॉल) के लिए एग्जाम होगा। 10 जून को पहला पेपर जनरल स्टडीज का सुबह 10 से 11.30 बजे तक, जबकि दूसरा पेपर दोपहर 2.30 से शाम 5.30 बजे तक होगा। ग्रुप-D फिजिकल एजुकेशन ग्रुप-D का एग्जाम 11 जून को होगा। पहला पेपर सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक, दूसरा पेपर देपहर 2.30 से शाम 4.30 बजे तक फिजिकल एजुकेशन में जनरल स्टडीज सब्जेक्ट्स का होगा 3944 पदों पर भर्ती RPSC की ओर से माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए लेक्चरर (प्राध्यापक) एवं कोच (स्कूल शिक्षा) भर्ती परीक्षा-2025 का विज्ञापन 17 जुलाई 2025 को निकाला गया था। इसमें 27 विषयों के कुल 3225 पदों पर भर्ती होनी थी। बाद में पॉलिटिकल साइंस (क्रम संख्या 08) के पदों में 219 पद बढ़ाए गए थे। इसी प्रकार 28 अगस्त 2025 को आयोग ने 500 पदों पर एग्रीचकल्चर लेक्चरर की भर्ती निकाली थी। ऐसे में ये भर्ती 3944 पदों की हो गई। …. पढें ये खबर भी…. RAS रिजल्ट एनालिसिस: इंटरव्यू में गांवों के अभ्यर्थी ज्यादा पहुंचे:सबसे अधिक जयपुर फिर जोधपुर और बाड़मेर के कैंडिडेट; 14 डॉक्टर- 238 इंजीनियर हुए थे शामिल RPSC ने RAS- 2024 एग्जाम के रिजल्ट का एनालिसिस जारी किया है। 1096 पदों के लिए आयोजित हुई इस भर्ती में इंटरव्यू तक 2397 अभ्यर्थियों पहुंचे थे। खास बात ये रही कि प्री-मेंस क्लीयर कर इंटरव्यू तक पहुंचने वालों में सबसे ज्यादा जयपुर के 247 अभ्यर्थी थे। जोधपुर दूसरे और बाड़मेर तीसरे नंबर पर रहा है। इंटरव्यू में आधे से ज्यादा कैंडिडेट ग्रामीण क्षेत्रों के थे। 2397 में से 1343 अभ्यर्थी सरकारी या निजी क्षेत्रों में जॉब करते हुए इंटरव्यू तक पहुंचे थे। पूरी खबर पढें Source link

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Vice Admiral Ajay Kocher New Navy Vice Chief

Hindi News Career Vice Admiral Ajay Kocher New Navy Vice Chief | May 30 Current Affairs 9 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. वाइस एडमिरल अजय कोचर नौसेना के नए वाइस चीफ बने 29 मई को वाइस एडमिरल अजय कोचर भारतीय नौसेना के 48वें वाइस चीफ बने। अजय कोचर के पास गनरी और मिसाइल सिस्टम में स्पेशलाइजेशन है। वाइस एडमिरल अजय को 1 जुलाई 1988 में कमीशन मिला था। वाइस एडमिरल अजय अडमान-निकोबार में कमांडर इन चीफ रहे। अजय कमांडडेंट, नेशनल डिफेंस एकेडमी और चीफ ऑफ स्टाफ वेस्टर्न नेवल कमांड भी रहे। 2013 में अजय स्टील्थ फ्रिगेट INS त्रिकंद के कमीशनिंग कमांडिंग ऑफिसर बने। 2017 में एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रमादित्य की कमान संभाली और इसके तीसरे कमांडिंग ऑफिसर बने। इसके साथ ही वाइस एडमिरल अजय कोचर ने कई एडवांस फ्रंटलाइन वारशिप जैसे INS विद्युत, INS कुलिश, INS मैसूर, INS विक्रमादित्य में महत्वपूर्ण कमानों और ऑपरेशनों को लीड किया है। 2021 में वाइस एडमिरल अजय को परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM) से सम्मानित किया गया। वाइस एडमिरल अजय का ये अपॉइंटमेंट रक्षा मंत्रालय ने सीनियरीटी और योग्यता के आधार पर की गई है। वाइस एडमिरल अजय 2024 में वेस्टर्न नेवल कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ बने थे। निधन (DEATH) 2. CCI के पहले अध्यक्ष धनेंद्र कुमार का निधन 28 मई को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग यानी CCI के पहले अध्यक्ष और पूर्व IAS धनेंद्र कुमार का निधन हो गया। वे 80 साल के थे। धनेंद्र हरियाणा कैडर के 1968 बैच के IAS ऑफिसर थे। धनेंद्र 2009 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के पहले चेयरमैन बने। धनेंद्र ने भारत के प्रतिस्पर्धा कानून को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। धनेंद्र ने CCI में कॉम्पिटिशन रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाया, एंटी मोनोपॉली कॉम्पिटिशन कानून बनाए और कॉम्पिटिशन एक्ट लागू किया। धनेंद्र वर्ल्ड बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी रहे और धनेंद्र मिनिस्ट्री एंड कॉमर्स में सीनियर ऑफिसर रहे। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, भारत सरकार के कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत एक प्रमुख वैधानिक और अर्ध-न्यायिक नियामक संस्था है। CCI की स्थापना 14 अक्टूबर 2003 को प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 के तहत की गई थी। आयोग में केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त एक अध्यक्ष और छह सदस्य होते हैं। इसका हेडक्वाटर नई दिल्ली में है। धनेंद्र वर्ल्ड बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी रह चुके थे। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. NSA अजीत डोभाल मॉस्को की यात्रा पर पहुंचे 29 मई को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मॉस्को में रूसी NSA सर्गेई शोइगु से मुलाकात की। NSA अजीत डोभाल ने मॉस्को में 14वीं बैठक को संबोधित किया। इस बैठक के दौरान द्विपक्षीय डिफेंस सिक्योरिटी, एनर्जी और सुरक्षा संबंधों की समीक्षा की। इस दौरान डोभाल ने रूसी संघ की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से भी मुलाकात की। दोनों देशों के NSA प्रमुखों ने इस बैठक में मिडिल ईस्ट के संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा संकट पर भी चर्चा की। भारत और रूस के बीच S-400 मिसाइल प्रणाली और अन्य रक्षा सौदों से जुड़े मुद्दों पर भी बातकी। इस यात्रा का उद्देश्य सुरक्षा चुनौतियों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाना और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता पर बात करना है। रूस ने भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को बेहतर करने पर बात की। 4. ऑस्ट्रेलिया के डिप्टी पीएम भारत दौरे पर आएंगे 28 मई को ऑस्ट्रेलिया के डिप्टी पीएम और डिफेंस मिनिस्टर रिचर्ड मार्ल्स ऑस्ट्रेलिया-भारत डिफेंस मिनिस्टर वार्ता में हिस्सा लेने भारत दौरे पर आएंगे। रिचर्ड इस यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हाई लेवल मीटिंग करेंगे। इस यात्रा के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मिलिट्री को-ऑपरेशन पर बात हो सकती है। इसके साथ ही दोनों देश इंडो-पेसिफिक मैरीटाइम रीजन सिक्योरिटी, डिफेंस इंडस्ट्री कोलेबोरेशन और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप पर बात करेंगे। भारत आने से पहले, मार्लेस 29 से 31 मई तक सिंगापुर में आयोजित होने वाले 23वें शांगरी-ला संवाद में भाग लेंगे रक्षा मंत्रियों के संवाद का पहला संस्करण अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित किया गया था। स्पोर्ट्स (SPORTS) रेसलर विनेश फोगाट एशियन गेम्स के ट्रायल में हिस्सा ले सकेंगी 29 मई को सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा की ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के ट्रायल की मंजूरी दे दी है। 28 मई को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI ) ने फोगाट का ट्रायल रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी,जिसे जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की बेंच ने ठुकराया। ये ट्रायल 30- 31 मई को दिल्ली में होगा। इन ट्रायल में प्रदर्शन के आधार पर इसी साल सितंबर में जापान में होने वाली एशियन गेम्स में खिलाड़ियों का चयन होगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 मई को दिए आदेश में विनेश फोगाट को चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी थी। इसी फैसले को WFI ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। WFI ने एंटी-डोपिंग नियमों के तहत संन्यास से वापसी करने वाले एथलीटों के लिए अनिवार्य छह महीने की नोटिस का हवाला देते हुए फोगाट को 26 जून, 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित किया था। इसके साथ ही WFI ने अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप में कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। विनेश फोगाट ने 2024 में पेरिस ओलिंपिक में अपना आखिरी कुश्ती मैच खेला था। विनेश ने 50 किलोग्राम वेट कैटेगरी में 6 अगस्त 2024 को एक ही दिन में 3 मैच खेले थे। फाइनल खेलने से पहले वजन की जांच की गई तो उनका वजन 100 ग्राम ज्यादा निकला। इसके बाद उन्हें अयोग्य करार दे दिया गया। विनेश फोगाट ने 8 अगस्त 2024 को कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। 12 दिसंबर 2025 को विनेश ने संन्यास वापस लेने का ऐलान करते हुए कहा था कि वह 2028 में लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में हिस्सा लेना चाहती हैं। किसी भी रेसलर पर रोक लगने के बाद ट्रायल नियम; कोई भी रेसलर कोर्ट की मंजूरी के बाद ट्रायल में हिस्सा लेकर इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेल सकता है। यदि अदालत को लगता है कि फेडरेशन की चयन नीति भेदभावपूर्ण है, खिलाड़ी को ट्रायल में शामिल होने का निर्देश दे सकते हैं। अदालत ट्रायल के दौरान एक

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UPSC Prelims 2026 Answer Key Out

Hindi News Career UPSC Prelims 2026 Answer Key Out | Chairman Ajay Kumar Says Paper Tough, Challenging 3 घंटे पहले कॉपी लिंक यह पहली बार है जब लोक सेवा आयोग ने एग्जाम खत्म होते ही प्रोविजनल आंसर-की जारी की है। इस पर ऑब्जेक्शन दर्ज करने के लिए उम्मीदवारों को 31 मई तक तक का समय दिया गया है। कई एक्सपर्ट का भी कहना है कि 2026 का प्रीलिम्स शायद अब तक के सबसे अलग तरह के पेपर्स में से एक था। वहीं अब CSE प्रीलिम्स पर यूपीएससी चेयरमैन अजय कुमार का भी रिएक्शन सामने आया है। चेयरमैन ने माना आंसर की से मिलेगी स्पष्टता : यूपीएससी चेयरमैन अजय कुमार ने लिंक्डिन पर एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने कहा कि ‘मैं समझता हूं कि इस साल का प्रीलिम्स कई एस्पिरेंट्स के लिए टफ और चैलेंजिंग रहा। ऐसी स्थिति में ऑफिशियल प्रोविजनल आंसर-की से ज्यादा स्पष्टता मिलती है। आंसर-की में ज्यादातर उत्तर किताबें सरकारी वेबसाइट, गवर्नमेंट प्रेस विज्ञप्ति, प्रतिष्ठित अखबारों से हैं, जिससे एस्पिरेंट्स तैयारी करते हैं। अगर आंसर की में किसी भी जवाब को रिव्यू की जरूरत है, तो आप अपनी प्रतिक्रियां ऑफिशियल QPRep पोर्टल पर सब्मिट कर सकते हैं।’ चंडीगढ़ में UPSC की तैयारी कराने वाले शेखर दत्त ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि ‘ये अब तक की सबसे टफ UPSC प्रीलिम्स परीक्षाओं में से एक थी.’ उन्होंने UPSC को एक नया नाम दिया और कहा कि ये ‘Unprecedented (जो पहले न हुआ हो) Public Service Commission’ है। कला एवं संस्कृति से सबसे ज्यादा सवाल जनरल स्टडीज पेपर में इस बार इतिहास, कला एवं संस्कृति से सबसे ज्यादा 20 सवाल पूछे गए। इसके अलावा अर्थव्यवस्था से 19, विज्ञान एवं तकनीक से 18, भूगोल से 13, पर्यावरण से 11 और राजनीति एवं शासन से 8 प्रश्न आए। वहीं दूसरे सब्जेक्ट्स से 11 सवाल पूछे गए। मेन्स एग्जाम का आयोजन 21 अगस्त को : यूपीएससी प्रीलिम्स एग्जाम 2026 का आयोजन 24 मई को हुआ। वही मेन्स एग्जाम 21 अगस्त 2026 को होगा। सिलेक्ट होने वाले उम्मीदवारों का इंटरव्यू जनवरी – अप्रैल 2027 के बीच होगा। यूपीएससी का यह नया पैटर्न अब अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं पर भी असर डाल रहा है। बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी की परीक्षाओं में भी पिछले कुछ सालों से यूपीएससी जैसा एनालिटिकल पैटर्न देखने को मिल रहा है। जुलाई में होने वाली बीपीएससी 72वीं परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवार अब ज्यादा गहराई से परीक्षा की तैयारी में जुटेंगे। जीएस पेपर – 1 आंसर की लिंक जीएस पेपर – 2 आंसर की लिंक दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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CBSE 12th Revaluation Portal Launch June 1

नई दिल्ली11 मिनट पहले कॉपी लिंक री-इवैल्यूएशन के आवेदन करते समय CBSE की वेबसाइट खोलने पर साइट अंडर मेंटेनेंस लिखा आ रहा था। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12 के छात्रों के लिए री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन प्रक्रिया की तारीख आगे बढ़ा दी है। पहले यह पोर्टल 29 मई से शुरू होना था, लेकिन अब बोर्ड ने इसे 1 जून से खोलने का फैसला किया है। सीबीएसई ने 19 मई से री-इवैल्यूएशन और आंसर-शीट की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन आवेदन संख्या ज्यादा होने के कारण वेबसाइट क्रैश हो रही थी। इसके बाद तारीख बढ़ाकर 25 मई तक कर दी थी। स्टूडेंट्स को री-इवैल्यूएशन के दौरान पोर्टल पर सर्वर डाउन, पेमेंट फेल होने और ब्लर पेज जैसी तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं। स्टूडेंट्स की शिकायत के बाद सीबीएसई ने पोर्टल पर री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन प्रक्रिया को बंद कर दिया था। CBSE के अनुसार, बड़ी संख्या में आने वाले आवेदनों और कुछ तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। बोर्ड पोर्टल को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है, ताकि छात्रों को आवेदन करते समय परेशानी का सामना न करना पड़े। री-इवैल्युएशन के लिए 3 घंटे में ही 1.26 लाख आवेदन आए थे CBSE ने इस साल पहली बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया है। कई स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स ने OSM पर सवाल उठाते हुए शिकायत की थी कि इससे नंबर कम आए हैं। इसके बाद बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ने री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया था। री-इवैल्युएशन के लिए शुरुआती 3 घंटे में ही करीब 1.26 लाख आवेदन आए थे। सीबीएसई ने इसका डेटा अपडेट करना बंद कर दिया था। हालांकि बोर्ड ने दावा किया था कि लाखों छात्रों ने अपनी आंसर शीट की स्कैन कॉपी मांगी थी और ज्यादातर छात्रों को कॉपियां भेज दी गई हैं। इस साल ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से करीब 98 लाख 60 हजार कॉपियां जांची गईं हैं। इस बार कुल 17.68 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी। सीबीएसई स्टूडेंट्स ने कॉपी की ये तस्वीरें शेयर कर कहा था कि ब्लर नजर आने पर भी आंसर-शीट जांची गई। राहुल बोले- मोदी सरकार को छात्रों के भविष्य नहीं, सत्ता बचाने की चिंता कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी और शिक्षा मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई न होना दिखाता है कि सरकार को लाखों छात्रों के भविष्य की नहीं, बल्कि अपनी सरकार बचाने की चिंता है। राहुल गांधी ने X पर लिखा- वे शुरू से ही सीबीएसई के OSM और COEMPT कंपनी को दिए गए कॉन्ट्रैक्ट की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। देश के युवाओं को सच्चाई जानने का अधिकार है। वेबसाइट हैक करने का दावा सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर निसर्ग नाम के हैंडल ने एक बार फिर से सीबीएसई की वेबसाइट को हैक करने का दावा किया है। प्रधान बोले- CBSE मामले की जिम्मेदारी लेता हूं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को छात्रों की समस्याओं का अनियमित और समय पर समाधान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की फीस वसूल नहीं होगी और लाभार्थियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। राहुल गांधी के आरोपों पर प्रधान ने कहा कि सीबीएसई ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया है। कुछ श्रेणियां सामने आई हैं, जिनकी जिम्मेदारी वह लेते हैं और जल्द सुधार किया जाएगा। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित सीबीएसई मुख्यालय में हुई हाई-लेवल मीटिंग में शिक्षा मंत्रालय, सीबीएसई, आईआईटी मद्रास, आईआईटी कानपुर, केंद्रीय विद्यालय संगठन और कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। ———————————————— ये खबर भी पढ़ें… CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पेरेंट्स, 9वीं क्लास में लागू किए जाने का विरोध CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को सुप्रीम कोर्ट में 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। इनमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं। ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अगले हफ्ते सुनवाई करेगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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RPSC Exam Results: Rural Candidates Top, Job Holders Crack

RPSC ने RAS- 2024 एग्जाम के रिजल्ट का एनालिसिस जारी किया है। 1096 पदों के लिए आयोजित हुई इस भर्ती में इंटरव्यू तक 2397 अभ्यर्थियों पहुंचे थे। . खास बात ये रही कि प्री-मेंस क्लीयर कर इंटरव्यू तक पहुंचने वालों में सबसे ज्यादा जयपुर के 247 छात्र थे। जोधपुर दूसरे और बाड़मेर तीसरे नंबर पर रहा है। इंटरव्यू में आधे से ज्यादा छात्र ग्रामीण क्षेत्रों के थे। 2397 में से 1343 अभ्यर्थी ने सरकारी या निजी क्षेत्रों में जॉब करते हुए इंटरव्यू तक पहुंचे थे। पढ़िए- RPSC के एनालिसिस की ये रिपोर्ट… जयपुर-जोधपुर के सबसे ज्यादा कैंडिडेट्स इंटरव्यू के लिए सफल अभ्यर्थियों का जिलेवार विश्लेषण किया जाए तो राजधानी जयपुर के अभ्यर्थी सबसे ज्यादा थे। इंटरव्यू के लिए सफल अभ्यर्थियों की संख्या 2397 उम्मीदवारों में से अकेले जयपुर जिले से सबसे ज्यादा 247 (10.30 प्रतिशत) अभ्यर्थी शामिल थे। इसके अलावा जोधपुर से 114, बाड़मेर से 112, और बीकानेर व नागौर से 100-100 अभ्यर्थियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। साथ ही, अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों जैसे उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ से भी कुल 36 अभ्यर्थी साक्षात्कार के लिए सफल अभ्यर्थियों में सम्मिलित हुए। 80% कैंडिडेट्स 33 साल उम्र के इंटरव्यू के लिए सफल अभ्यर्थियों में शामिल कुल उम्मीदवारों में से 80.10 प्रतिशत (1920 अभ्यर्थी) 21 से 33 की आयु वर्ग के हैं। 21 से 25 आयु वर्ग में 725 अभ्यर्थी (30.25 प्रतिशत ) और 26 से 30 आयु वर्ग में सबसे ज्यादा 891 अभ्यर्थी (37.17 प्रतिशत) शामिल रहें। 31 से 33 आयु वर्ग में 304 अभ्यर्थी (12.68 प्रतिशत ), 34 से 40 आयु वर्ग में 405 अभ्यर्थी (16.90 प्रतिशत ), 41 से 45 आयु वर्ग में 62 अभ्यर्थी (2.59 प्रतिशत ) और 46 से 50 आयु वर्ग में 10 अभ्यर्थी (0.42 प्रतिशत ) शामिल हुए। ये परीक्षा के दिन का फोटो है, जिसमें अभ्यर्थी एग्जाम सेंटर पर परीक्षा देने पहुंचे थे। 14 डॉक्टर और 238 इंजीनियर्स इंटरव्यू के लिए सफल अभ्यर्थियों में से 1888 अभ्यर्थी अपनी ग्रेजुएशन में फर्स्ट डिवीजन, जबकि 39.60 प्रतिशत अभ्यर्थी पोस्ट ग्रेजुएट हैं। इस बार 14 डॉक्टर, 15 एलएलबी/एलएलएम डिग्रीधारी, 10 एमबीए और 238 इंजीनियर्स भी सफल रहे। कुल अभ्यर्थियों में से 87.86 प्रतिशत ने राजस्थान के अलग-अलग विश्वविद्यालयों से उच्च शिक्षा प्राप्त की है। इसमें राजस्थान विश्वविद्यालय (573 अभ्यर्थी), महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (205) अग्रणी रहे हैं। 18 अप्रैल को जारी हुआ था रिजल्ट पदों के लिए विज्ञापन जारी होने के बाद प्रारंभिक परीक्षा 2 फरवरी 2025 को हुई थी, जिसका परिणाम 20 फरवरी 2025 को घोषित किया गया था। इसके बाद मुख्य परीक्षा 17 व 18 जून 2025 को आयोजित हुई और परिणाम 8 अक्टूबर 2025 को आया। सफल अभ्यर्थियों के इंटरव्यू का दौर 1 दिसंबर 2025 से 17 अप्रैल 2026 तक संचालित हुआ और 18 अप्रैल 2026 को अंतिम परिणाम जारी किया गया, जिसमें कुल 2391 अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट जारी की गई। ………. यह खबर भी पढ़िए… RAS में आधा नंबर से टॉपर बने दिनेश विश्नोई:9वें स्थान पर रहे भूपेन्द्र के इन्टरव्यू में सबसे ज्यादा नंबर; पहले प्रयास में 23 साल की शालू सिलेक्ट राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा-2024 का रिजल्ट आरपीएससी ने जारी कर दिया। वैकेंसी निकालने से लेकर फाइनल रिजल्ट तक के सफर में इस बार महज 1 साल 7 महीने और 17 दिन का ही समय लगा। पढ़ें पूरी खबर… Source link

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Indias First Super Pressure Balloon Launched for Disaster Management

Hindi News Career Indias First Super Pressure Balloon Launched For Disaster Management | May 29 Current Affairs 8 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया का इस्तीफा 28 मई को कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। सिद्धारमैया ने एक दिन पहले बेंगलुरु में अपने घर पर मंत्रियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग भी बुलाई थी। इसी मीटिंग में उन्होंने सभी मंत्रियों को अपने फैसले के बारे में बताया था। कर्नाटक सरकार में मंत्री एच.के. पाटिल के मुताबिक, मीटिंग में अगले सीएम के लिए डी.के. शिवकुमार का नाम चुना गया है, वही अगले सीएम होंगे। सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात के लिए समय भी मांगा था, हालांकि राज्यपाल बेंगलुरु से बाहर हैं। नियमानुसार राज्यपाल राज्य में मौजूद न हों, तब भी मुख्यमंत्री लिखित इस्तीफा राजभवन के अधिकारियों को ई-मेल से या खुद जाकर सौंप सकते हैं। राज्यपाल बाद में उसे स्वीकार करते हैं। इस्तीफा मंजूर होने तक मौजूदा सीएम ही पद पर रहेंगे। पहली बार सिद्धारमैया 2013 में सीएम बने थे और इसके बाद 2023 में वे दोबारा सीएम बनाए गए थे। बुधवार को सिद्धारमैया ने बेंगलुरु में अपने घर पर मंत्रियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई। 2. राष्ट्रपति मुर्मू ने सिक्किम पुलिस को ‘प्रेसिडेंट कलर्स’ से सम्मानित किया 28 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सिक्किम पुलिस को ‘प्रेसिडेंट कलर्स’ से सम्मानित किया। ये सम्मान समारोह गंगटोक के पालजोर स्टेडियम में आयोजित किया गया था। सिक्किम ‘प्रेसिडेंट कलर्स’ पुरस्कार पाने वाला उत्तर-पूर्वी क्षेत्र का तीसरा और देश का 15वां राज्य है। प्रेसिडेंट कलर्स पुरस्कार किसी भी सैन्य या पुलिस इकाई को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। इस सम्मान के प्रतीक के रूप में एक ऑफिशियल फ्लैग और एक विशेष प्रतीक (इंसिग्निया) दिया जाता है। इस प्रतीक को पुलिस ऑफिसर्स अपनी यूनिफॉर्म की बाईं आस्तीन पर पहनते हैं और ये विशिष्ट सेवा और समर्पण के लिए दिया जाता है। प्रेसिडेंट कलर्स सम्मान सेना, नौसेना, वायु सेना की रेजिमेंटों के अलावा अर्धसैनिक बलों और राज्य की पुलिस को भी उनके अदम्य साहस और अनुशासन के लिए दिया जाता है। भारतीय नौसेना पहली भारतीय सशस्त्र बल शाखा थी, जिसे भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने प्रेसिडेंट कलर्स से सम्मानित किया था। भारत में प्रेसिडेंट कलर्स सैन्य इकाई (सशस्त्र बल) या राज्य/केंद्रीय पुलिस बल को देने वाला सर्वोच्च सम्मान है। निधन (DEATH) 3. उर्दू शायर डॉ. बशीर बद्र का निधन 28 मई को उर्दू गजल के मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र का निधन हो गया। वे 91 साल के थे। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद बशीर बद्र उत्तर प्रदेश के मशहूर मेरठ कॉलेज में उर्दू विभाग के अध्यक्ष बने। आधुनिक गजल को आम बोलचाल की भाषा में लोकप्रिय बनाने के लिए बशीर बद्र को 1999 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। 1999 में बशीर बद्र को उनके गजल संग्रह ‘आस’ के लिए साहित्य अकादमी मिला था। किया गया था। उनकी कई नज्में और गजल गायक जगजीत सिंह ने अपने एल्बम में शामिल की हैं। इनमें ‘रात आंखों में ढली पलकों पे जुगनू आए’, ‘लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में’ महशूर गजलें हैं। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. पीएम मोदी अगले महीने फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर जाएंगे 28 मई को मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी अगले महीने यानी, जून में फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर जाएंगे। इस दौरान मोदी फ्रांस में होने वाले G7 समिट में हिस्सा लेंगे। वे फ्रांस और स्लोवाकिया, दोनों देशों के नेताओं के साथ अहम बैठकें करेंगे। फ्रांस के एवियां-ले-बैंस शहर में 15 से 17 जून तक 52वीं G7 समिट होगी। भारत 2019 से लगातार G7 बैठकों में हिस्सा लेता रहा है। पीएम मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के आमंत्रण पर फ्रांस जाएंगे। पीएम मोदी इस यात्रा के दौरान G7 समिट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मिनरल्स सप्लाई बिजनेस, क्लाइमेट चेंज और एनर्जी सिक्योरिटी जैसे मुद्दों पर बात करेंगे। पीएम मोदी फ्रांस दौरे के बाद स्लोवाकिया भी जाएंगे। ये किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। भारत और स्लोवाकिया के बीच 1993 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे। फरवरी 2026 में स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी भारत आए थे और उन्होंने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लिया था। भारत और स्लोवाकिया के बीच हाल ही में व्यापार 1.3 अरब यूरो से ज्यादा पहुंच गया है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 5. आर. प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस 2026 में मैग्नस कार्लसन को हराया 28 मई को आर प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस 2026 में दुनिया के नंबर-1 चेस प्लेयर मैग्नस कार्लसन को हराया। प्रज्ञानंद नॉर्वे चेस (Norway Chess) 2026 के तीसरे राउंड में जीते हैं। ये टूर्नामेंट नॉर्वे के स्टेवेंजर में आयोजित किया जा रहा था, प्रज्ञानंद ने क्लासिकल शतरंज में कार्लसन को मात दी है। प्रज्ञानंद भारत के सबसे कम उम्र के सफल ग्रैंडमास्टर्स में से एक हैं। इससे पहले प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस 2024 में भी जीते थे। प्रज्ञानंद ने सबसे पहले 2013 में अंडर-8 में वर्ल्ड यूथ चेस चैंपियनशिप जीती थी। प्रज्ञानंद 2016 में 10 साल की उम्र में सबसे कम उम्र के इंटरनेशनल मास्टर (IAM) बने। प्रज्ञानंद 2018 में, 12 साल की उम्र में दुनिया के दूसरे सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर बने। 2019 में प्रज्ञानंद ने वर्ल्ड यूथ अंडर-18 चैंपियनशिप जीती। प्रज्ञानंद ने 2022 में 44वें चेस ओलंपियाड में भारत का प्रतिनिधित्व किया और कांस्य जीता। 2022 टूर्नामेंट के दौरान प्रज्ञानंद ने रैपिड फॉर्मेट में वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन को भी हराया था। प्रज्ञानंद को 2022 में भारत का दूसरा सबसे बड़ा खेल सम्मान अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया। प्रज्ञानंद ने FIDE सर्किट 2025 जीता और कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 के लिए क्वालीफाई किया। वे इस रूट से क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय बने। प्रज्ञानंद को 2025 में भारत के टॉप रेटेड चेस प्लेयर में शामिल किया गया था। 6. पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल ने अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा 27 मई को पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल ने अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर बेंगलुरु में 74.82 मीटर का भाला फेंककर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। सुमित

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CBSE Glitches: Minister Pradhan Takes Responsibility

नई दिल्ली33 मिनट पहले कॉपी लिंक नई दिल्ली में CBSE मुख्यालय शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि छात्रों की समस्याओं का समय पर, पारदर्शी और छात्र हित में समाधान किया जाए। सिस्टम के अंदर या बाहर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होगी। इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के CBSE और केंद्र सरकार पर उठाए सवालों पर प्रधान ने कहा- यह पहली बार था जब CBSE ने इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया। माना कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। इन्हें ठीक किया जाएगा और समाधान निकाला जाएगा। दरअसल, गुरुवार को प्रधान ने नई दिल्ली में CBSE मुख्यालय में हुई अधिकारियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग की। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार, CBSE चेयरपर्सन राहुल सिंह, IIT मद्रास और IIT कानपुर के डायरेक्टर, शिक्षा मंत्रालय, केंद्रीय विद्यालय संगठन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और CBSE के सीनियर अधिकारी शामिल हुए। प्रधान के सभी अधिकारियों को निर्देश CBSE पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता और पेमेंट सिस्टम की तकनीकी समीक्षा की जाए। CBSE की डिजिटल इवेल्यूशन और मॉनिटरिंग व्यवस्था मजबूत की जाए। छात्रों की समस्याओं का समय पर और पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाए। परीक्षा और पोस्ट-रिजल्ट सर्विस को ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट फ्रेंडली बनाया जाए। किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की जाए। एग्जाम से जुड़ी सर्विस ज्यादा आसान बनाएं। अधिकारी बोले- अबतक 11 लाख स्कैन आंसर सीट देखी गईं बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस साल लगभग 18 लाख छात्रों ने Class 12 की परीक्षा दी। इसके तहत करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और लगभग 40 करोड़ स्कैन पेज प्रोसेस किए गए। अब तक करीब चार लाख छात्र पोर्टल के जरिए लगभग 11 लाख स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं देख चुके हैं। शिक्षा मंत्री ने CBSE पोर्टल पर लॉगिन दिक्कतों, सर्वर पर ज्यादा लोड और पेमेंट से जुड़ी समस्याओं को लेकर IIT मद्रास के प्रोफेसरों और डिजिटल सिस्टम एक्सपर्ट्स की टेक्निकल टीम पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता, लॉगिन मैनेजमेंट और पेमेंट गेटवे सिस्टम की समीक्षा की जिम्मेदारी दी है। CBSE ने कहा- OSM प्रक्रिया सुरक्षित और मजबूत बैठक में CBSE ने कहा कि ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) डिजिटल इवेल्यूशन के लिए सेफ और मजबूत IT प्लेटफॉर्म पर आधारित है। इस सिस्टम का सिक्योरिटी ऑडिट कराया गया है और इसमें आंसर शीट की स्कैनिंग और प्रोसेसिंग के लिए कई लेयर की सेफ्टी और क्वालिटी चेक मौजूद हैं। राहुल गांधी ने Coempt Edutech पर सवाल खड़े किए 27 मई को राहुल गांधी ने CBSE एग्जाम के डिजिटल इवेल्यूशन का कॉन्ट्रैक्ट Coempt Edutech के पास होने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया है कि Coempt Edutech का पुराना नाम Globarena था और जिसका रिकॉर्ड विवादों से जुड़ा रहा है। इसलिए इस मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए। इसके लिए SIT गठन हो। राहुल गांधी ने X पर पोस्ट में पूछा था कि Coempt को यह कॉन्ट्रैक्ट किसके आदेश पर दिया गया और क्या कंपनी का बैकग्राउंड चेक किया गया था। अगर बैकग्राउंड चेक हुआ और फिर भी कॉन्ट्रैक्ट दिया गया, या जांच ही नहीं हुई, दोनों ही हालत में सरकार जिम्मेदार है। राहुल गांधी के COEMPT को लेकर 7 सवाल राहुल के सवाल पर प्रधान का जवाब राहुल के सवालों पर प्रधान ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार था जब CBSE ने इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया। माना कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। इन्हें ठीक किया जाएगा और समाधान निकाला जाएगा। प्रधान ने यह भी कहा है कि लगातार मिल रहीं चुनावी हार के कारण राहुल गांधी निराश हैं। इसलिए टेक्निकल प्रोग्रेस का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने SIR का विरोध किया, EVM का विरोध किया और Digital India का भी विरोध किया। वह भारत की वैज्ञानिक प्रगति के साथ खड़े नजर नहीं आते। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि यह राजनीति करने का समय नहीं है। छात्रों पर मानसिक दबाव और नहीं बढ़ना चाहिए और सभी पक्षों से अपील की कि कोई भी बयान या व्यवहार छात्रों के तनाव को और न बढ़ाए। प्रधान के जवाब पर राहुल का पलटवार शिक्षा मंत्री के बयान पर राहुल गांधी ने कहा है मुझ पर हमला करने से शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाएगी। अगर प्रधानमंत्री वास्तव में छात्रों की चिंता करते, तो इतने छात्रों का भविष्य खतरे में डालने के लिए धर्मेंद्र प्रधान को पहले ही हटा दिया गया होता। ……………………… CBSE विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… CBSE वेबसाइट पर कोई भी कर सकता है कॉपी चेक:19 साल के छात्र का दावा- मास्‍टर पासवर्ड कोई भी देख सकता है, पोर्टल पर सिक्‍योरिटी नहीं 19 साल के एक स्‍टूडेंट निसर्ग अधिकारी ने दावा किया है कि उसने CBSE की वेबसाइट आसानी से हैक कर ली। निसर्ग एक साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर है। निसर्ग के ब्लॉग को आंत्रप्रेन्योर डीडी दास ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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CBSE Glitches: Minister Pradhan Takes Responsibility

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक नई दिल्ली में CBSE मुख्यालय शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि छात्रों की समस्याओं का समय पर, पारदर्शी और छात्र हित में समाधान किया जाए। सिस्टम के अंदर या बाहर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होगी। इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के CBSE और केंद्र सरकार पर उठाए सवालों पर प्रधान ने कहा- यह पहली बार था जब CBSE ने इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया। माना कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। इन्हें ठीक किया जाएगा और समाधान निकाला जाएगा। दरअसल, गुरुवार को प्रधान ने नई दिल्ली में CBSE मुख्यालय में हुई अधिकारियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग की। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार, CBSE चेयरपर्सन राहुल सिंह, IIT मद्रास और IIT कानपुर के डायरेक्टर, शिक्षा मंत्रालय, केंद्रीय विद्यालय संगठन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और CBSE के सीनियर अधिकारी शामिल हुए। प्रधान के सभी अधिकारियों को निर्देश CBSE पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता और पेमेंट सिस्टम की तकनीकी समीक्षा की जाए। CBSE की डिजिटल इवेल्यूशन और मॉनिटरिंग व्यवस्था मजबूत की जाए। छात्रों की समस्याओं का समय पर और पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाए। परीक्षा और पोस्ट-रिजल्ट सर्विस को ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट फ्रेंडली बनाया जाए। किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की जाए। एग्जाम से जुड़ी सर्विस ज्यादा आसान बनाएं। अधिकारी बोले- अबतक 11 लाख स्कैन आंसर सीट देखी गईं बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस साल लगभग 18 लाख छात्रों ने Class 12 की परीक्षा दी। इसके तहत करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और लगभग 40 करोड़ स्कैन पेज प्रोसेस किए गए। अब तक करीब चार लाख छात्र पोर्टल के जरिए लगभग 11 लाख स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं देख चुके हैं। शिक्षा मंत्री ने CBSE पोर्टल पर लॉगिन दिक्कतों, सर्वर पर ज्यादा लोड और पेमेंट से जुड़ी समस्याओं को लेकर IIT मद्रास के प्रोफेसरों और डिजिटल सिस्टम एक्सपर्ट्स की टेक्निकल टीम पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता, लॉगिन मैनेजमेंट और पेमेंट गेटवे सिस्टम की समीक्षा की जिम्मेदारी दी है। राहुल गांधी ने Coempt Edutech पर सवाल खड़े किए 27 मई को राहुल गांधी ने CBSE एग्जाम के डिजिटल इवेल्यूशन का कॉन्ट्रैक्ट Coempt Edutech के पास होने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया है कि Coempt Edutech का पुराना नाम Globarena था और जिसका रिकॉर्ड विवादों से जुड़ा रहा है। इसलिए इस मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए। इसके लिए SIT गठन हो। राहुल गांधी ने X पर पोस्ट में पूछा था कि Coempt को यह कॉन्ट्रैक्ट किसके आदेश पर दिया गया और क्या कंपनी का बैकग्राउंड चेक किया गया था। अगर बैकग्राउंड चेक हुआ और फिर भी कॉन्ट्रैक्ट दिया गया, या जांच ही नहीं हुई, दोनों ही हालत में सरकार जिम्मेदार है। राहुल के सवाल पर प्रधान का जवाब राहुल के सवालों पर प्रधान ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार था जब CBSE ने इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया। माना कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। इन्हें ठीक किया जाएगा और समाधान निकाला जाएगा। प्रधान ने यह भी कहा है कि लगातार मिल रहीं चुनावी हार के कारण राहुल गांधी निराश हैं। इसलिए टेक्निकल प्रोग्रेस का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने SIR का विरोध किया, EVM का विरोध किया और Digital India का भी विरोध किया। वह भारत की वैज्ञानिक प्रगति के साथ खड़े नजर नहीं आते। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि यह राजनीति करने का समय नहीं है। छात्रों पर मानसिक दबाव और नहीं बढ़ना चाहिए और सभी पक्षों से अपील की कि कोई भी बयान या व्यवहार छात्रों के तनाव को और न बढ़ाए। प्रधान के जवाब पर राहुल का पलटवार शिक्षा मंत्री के बयान पर राहुल गांधी ने कहा है मुझ पर हमला करने से शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाएगी। अगर प्रधानमंत्री वास्तव में छात्रों की चिंता करते, तो इतने छात्रों का भविष्य खतरे में डालने के लिए धर्मेंद्र प्रधान को पहले ही हटा दिया गया होता। CBSE ने कहा- OSM प्रक्रिया सुरक्षित और मजबूत बैठक में CBSE ने कहा कि ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) डिजिटल इवेल्यूशन के लिए सेफ और मजबूत IT प्लेटफॉर्म पर आधारित है। इस सिस्टम का सिक्योरिटी ऑडिट कराया गया है और इसमें आंसर शीट की स्कैनिंग और प्रोसेसिंग के लिए कई लेयर की सेफ्टी और क्वालिटी चेक मौजूद हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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SC Probe CBSE 3-Language Rule

Hindi News Career SC Probe CBSE 3 Language Rule | Student Pressure Hearing July 1, 2026 56 मिनट पहले कॉपी लिंक 27 मई को सुप्रीम कोर्ट ने CBSE 9वीं क्लास में थ्री-लैंग्वेज रूल पर अपनी सुनवाई में कहा कि थ्री-लैंग्वेज रूल लागू करने के फैसले पर जांच की जाएगी। साथ ही SC ने कहा कि ये देखना होगा कि CBSE के थ्री-लैंग्वेज रूल की वजह से छात्रों और संसाधनों पर बेमतलब का दबाव तो नहीं पड़ रहा। CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने कहा कि इस पॉलिसी को लागू करने में आने वाली जमीनी और व्यवस्थागत दिक्कतों को समझना होगा, खासकर तब जब शिक्षकों और किताबों दोनों की ही कमी है। CBSE और NCERT से जवाब मांगा कोर्ट ने थ्री लैंग्वेज रूल को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार, CBSE और नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग यानी NCERT को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। CBSE थ्री-लैंग्वेज रूल पर अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी। पहले 15 जून की तारीख तय की गई थी, लेकिन एडिशनल सॉलिसीटर जनरल ऐश्वर्या भाटी के अनुरोध पर इस जुलाई में रखा गया है। 22 मई को कुछ याचिकाकर्ताओं ने थ्री-लैंग्वेज रूल के इस सत्र से लागू करने के खिलाफ PIL दाखिल की थी। CBSE ने इस सत्र से 9वीं में थर्ड-लैंग्वेज रूल लागू किया CBSE ने कक्षा 9वीं लिए इसी सत्र से थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूला लागू करने का फैसला किया है। इसके लिए CBSE ने 15 मई को सर्कुलर जारी कर इसकी जानकारी दी थी। सर्कुलर के मुताबिक, ये कक्षा 9वीं के लिए 1 जुलाई से लागू होना है। इसके लिए नोटिफिकेशन 1 जुलाई से लागू होगा और स्टूडेंट्स को 31 मई तक तीसरी लैंग्वेज चुनने का समय दिया गया है। CBSE बोला- थर्ड-लैंग्वेज के लिए बोर्ड एग्जाम नहीं होगा 15 मई को जारी सर्कुलर में कहा गया था कि तीन भाषाओं में से कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी हैं। ये नियम नेशनल एजुकेशन पॉलिसी यानी NEP-2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन 2023 का हिस्सा है। हालांकि, CBSE ने यह भी स्पष्ट किया कि कक्षा 10 में थर्ड लैंग्वेज के लिए कोई बोर्ड एग्जाम नहीं होगी। बोर्ड ने सर्कुलर में कहा, ‘R3 (तीसरी भाषा) का पूरा मूल्यांकन स्कूल स्तर पर और आंतरिक रूप से किया जाएगा। छात्रों के प्रदर्शन को CBSE सर्टिफिकेट में दर्ज किया जाएगा।’ ‘थर्ड-लैंग्वेज में फेल तो 10वीं का सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा’ CJI ने पूछा कि क्या इस नीति के तहत कक्षा 10वीं में कोई परीक्षा देनी होगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि इसके लिए ‘आंतरिक मूल्यांकन’ होगा। रोहतगी ने कहा, ‘यह आपके फाइनल सर्टिफिकेट में दिखेगा। आपको साबित करना होगा कि आपने इसे पास किया है। जब तक आप इस पेपर में पास नहीं करेंगे, तब तक कक्षा 10वीं का सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा।’ CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। इनमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं। ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अगले हफ्ते सुनवाई करेगा। CBSE ने 15 मई को एकेडमिक सेशन 2026-27 से थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का सर्कुलर जारी किया था। इसका नोटिफिकेशन 1 जुलाई से लागू होगा और स्टूडेंट्स को 31 मई तक तीसरी लैंग्वेज चुनने का समय दिया गया है। जस्टिस जॉयमाल्या और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच करेगी सुनवाई सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने इस मामले में पेरेंट्स की तरफ से पक्ष रखा। जस्टिस जॉयमाल्या और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बैच इस पर सुनवाई करेगी। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनावई कर सकता है। इस फैसले से 9वीं, 10वीं वलास के लगभग 50 लाख बच्चे प्रभावित होंगे। याचिकाकर्ताओं का आरोप CBSE बात से पलटा याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ये फैसला CBSE के पहले के फैसले से बिल्कुल उलट है। सीबीएसई ने 9 अप्रैल को साफ कहा था कि तीसरी भाषा वाला नियम (R3) 9वीं क्लास के छात्रों पर 2029-30 सत्र तक लागू नहीं होगा। याचिका में CBSE और NCERT पर आरोप लगाया है कि ये मनमाना फैसला है। पेरेंट्स और टीचर्स का कहना है कि CBSE पहले खुद मान चुका है कि ट्रेंड टीचर्स और टेक्स्टबुक की कमी है, फिर भी स्कूलों पर इसे लागू करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छी और सार्थक शिक्षा का मतलब सिर्फ एक नया विषय थोप देना नहीं होता, खासकर तब जब उसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रेंड टीचर्स और पढ़ाने का सिस्टम ही मौजूद न हो। याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि यह सर्कुलर नई शिक्षा नीति 2020 की भावना के खिलाफ है। NEP में साफ कहा गया है कि किसी भी राज्य या छात्र पर कोई भाषा नहीं थोपी जाएगी। 9वीं, 10वीं क्लास के लिए थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी अनिवार्य 15 मई को जारी सर्कुलर में CBSE ने अपने सभी स्‍कूलों में कक्षा 9वीं और 10वीं में थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी अनिवार्य किया था। इसके तहत 9वीं और 10वीं के बच्‍चों को तीन भाषाओं की पढ़ाई करनी होगी। इनमें से 2 भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। CBSC का नोटिफिकेशन 1 जुलाई से लागू होगा। इस फैसले से 9वीं और 10वीं के मिलाकर लगभग 50 लाख बच्‍चे प्रभावित होंगे। साथ ही इस साल 10 वीं के बच्चों को तीसरी भाषा का पेपर नहीं देना होगा। स्‍कूल 30 जून तक थर्ड लैंग्‍वेज चुनेंगे थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी के तहत, एक भारतीय और एक विदेशी भाषा के साथ एक क्षेत्रीय भाषा पढ़ाई जानी है। CBSE ने स्‍पष्‍ट किया है कि स्‍कूल, छात्रों की पसंद के अनुसार थर्ड लैंग्‍वेज चुन सकते हैं। सभी स्‍कूलों को अपनी चुनी हुई लैंग्‍वेज की जानकारी 30 जून तक बोर्ड को देनी होगी। बोर्ड ने कहा कि लैंग्वेज को लेकर ये डिसीजन हाल ही में 2026-27 के लिए रिलीज किए गए NCERT सिलेबस को देखकर लिया गया है। इस सेशन की शुरुआत अप्रैल 2026 से हो चुकी है। लेकिन स्‍कूलों को 1 जुलाई से थर्ड लैंग्‍वेज की पढ़ाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। 10वीं में थर्ड लैंग्‍वेज का पेपर नहीं होगा CBSE ने साफ किया है कि इस साल 10वीं बोर्ड परीक्षा में

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