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RPSC Grievance Portal | Rajasthan Commission Officials Fast Resolution

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वेबसाइट पर बने ग्रीवेंस पोर्टल पर दर्ज शिकायतें सीधे संबंधित अफसर तक पहुंचती हैं। आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने सभी अभ्यर्थियों (कैंडिडेट्स) से अपील की है कि वे अपनी शिकायतें ईमेल या अन्य माध्यमों के बजाय ग्रीवेंस पो . वर्तमान में कई अभ्यर्थी (कैंडिडेट्स) अपनी शिकायतें आयोग की फीडबैक ईमेल आईडी (feedback.rpsc@rajasthan.gov.in) पर भेज रहे हैं। इसके अलावा, आयोग के अलग-अलग विभागों की ईमेल आईडी पर भी अभ्यर्थियों द्वारा शिकायतें भेजी जा रही हैं। इन अलग-अलग ईमेल पर शिकायतें आने की वजह से आयोग को यह समझने और तय करने में बहुत ज्यादा समय लग जाता है कि कौन सी शिकायत किस विभाग की है। शिकायतों को अलग-अलग छांटने के इस काम के कारण मूल शिकायतों के समाधान में काफी देरी हो जाती है। तय ग्रीवेंस पोर्टल के अलावा किसी अन्य तरीके, प्रार्थना पत्र या ईमेल से आने वाली शिकायतें सही फॉर्मेट में नहीं होती हैं, इसलिए उनके निपटारे में बहुत समय लगता है। दूसरी ओर, ग्रीवेंस पोर्टल पूरी तरह से व्यवस्थित (स्ट्रक्चर्ड) है, जिससे यहां दर्ज की गई शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी के पास पहुँच जाती है। इसीलिए, अपनी शिकायतों के समय पर और जल्द समाधान के लिए केवल और केवल ‘कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल’ का ही इस्तेमाल करें। आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने बताया-ग्रीवेंस पोर्टल ही सबसे अच्छा माध्यम। आयोग के जॉइंट डायरेक्टर (IT) योगेश कुमार ने बताया- राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने अभ्यर्थियों की समस्याओं और शिकायतों के जल्द निपटारे के लिए अपने ऑनलाइन शिकायत निवारण सिस्टम (कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल) को अपडेट कर दिया है। अब यदि अभ्यर्थियों को वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR), आरपीएससी की किसी भी भर्ती परीक्षा, आवेदन प्रक्रिया (Application Process) या किसी भी तरह की तकनीकी समस्या आ रही है, तो इसके समाधान के लिए उन्हें अपनी शिकायत केवल आयोग के ‘कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल’ पर ही तय प्रक्रिया के अनुसार दर्ज करानी होगी। 2 तरीकों से दर्ज कराई जा सकती है शिकायत ओटीआर (OTR) आधारित: अगर समस्या किसी परीक्षा से जुड़ी नहीं है, बल्कि वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) के तकनीकी कारणों या प्रोफाइल में सुधार (संशोधन) से संबंधित है, तो इस विकल्प को चुनें। एप्लिकेशन नंबर (Application Number) आधारित: अगर समस्या किसी विशेष परीक्षा, एडमिट कार्ड या परीक्षा फॉर्म से जुड़ी है, तो आपको इस विकल्प को चुनना होगा। शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया.. स्टेप 1: कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल पर जाएं सबसे पहले राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल’ के लिंक पर क्लिक करें। स्टेप 2: वेरिफिकेशन और ओटीपी (OTP) पोर्टल पर अपनी समस्या के प्रकार के अनुसार ‘ओटीआर (OTR)’ या ‘एप्लिकेशन आईडी (Application ID)’ का विकल्प चुनें। इसके बाद अपना संबंधित नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करके ‘Validate & Send OTP’ पर क्लिक करें। आपके मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) और स्क्रीन पर दिख रहे कैप्चा कोड को भरकर सबमिट करें। स्टेप 3: शिकायत की कैटेगरी (Category) चुनें सफलतापूर्वक लॉग-इन होने के बाद, आपको अपनी समस्या के अनुसार ‘ग्रीवेंस कैटेगरी’ और ‘ग्रीवेंस सब-कैटेगरी’ का चुनाव करना होगा। स्टेप 4: विवरण लिखें और फाइनल सबमिट करें इसके बाद ‘ग्रीवेंस डिटेल’ वाले बॉक्स में कम से कम 30 अक्षरों (Characters) में अपनी समस्या को साफ-साफ लिखें। यदि आपके पास शिकायत से जुड़ा कोई दस्तावेज (Proof) है, तो उसे पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट (अधिकतम साइज 2 MB) में अपलोड करें। अंत में ‘Submit Grievance’ पर क्लिक करें। कैसे चेक करें अपनी शिकायत का स्टेटस? शिकायत दर्ज करने के बाद अभ्यर्थी कभी भी पोर्टल के होम पेज पर जा सकते हैं। वहाँ ऊपर दाईं ओर (Top Right) दिए गए ‘View Existing Grievance Status’ बटन पर क्लिक करें। इसके बाद अपना ग्रीवेंस नंबर, मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड डालकर सबमिट करते ही आपकी शिकायत की वर्तमान स्थिति (Status) या आयोग का जवाब (Reply) स्क्रीन पर दिख जाएगा। अभ्यर्थी ध्यान दें: आरटीआई (RTI) के लिए यह पोर्टल नहीं है: सूचना के अधिकार (RTI) के तहत किए जाने वाले आवेदन इस पोर्टल पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उसके लिए पहले से तय निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का ही पालन करें। विभागों की ईमेल आईडी केवल आंतरिक काम के लिए: आयोग के अलग-अलग विभागों की ईमेल आईडी केवल आंतरिक सरकारी कामकाज, विभागीय तालमेल और आधिकारिक पत्र-व्यवहार (Official Correspondence) के लिए तय हैं। गोपनीय तरीके से दें संवेदनशील सूचना: यदि कोई व्यक्ति परीक्षा की गोपनीयता, पवित्रता या परीक्षा प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाने वाले असामाजिक तत्वों (जैसे- नकल गिरोह या पेपर लीक) के बारे में कोई जानकारी देना चाहता है, तो वह आयोग कार्यालय को पूरी तरह गोपनीय तरीके से ‘पोस्टल डाक’ (स्पीड पोस्ट/रजिस्टर्ड डाक) के जरिए सूचित कर सकता है। ऐसी सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। Source link

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India Ambassador Vipul Appointed UAE

Hindi News Career India Ambassador Vipul Appointed UAE | Rudram 2 Missile Test Update 20 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. डीके शिवकुमार कर्नाटक के 24वें सीएम बने 3 जून को डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री की शपथ ली। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने शिवकुमार को पद की शपथ दिलाई। इसके साथ ही जी परमेश्वर कर्नाटक के नए डिप्टी CM बने। इनके अलावा 12 अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। पूर्व सीएम सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया भी इन विधायकों के साथ शपथ ली। शिवकुमार को 30 मई को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नेता चुना गया था। शिवकुमार ने सिद्धारमैया की जगह ली है। उन्होंने 28 मई को सीएम पद से इस्तीफा दिया था। 2. एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम-2 की सफल टेस्टिंग हुई 2 जून को DRDO ने एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम-2 की सफल टेस्टिंग की। रुद्रम-2 की ये टेस्टिंग वायुसेना के ( Su-30MKI) सुखोई फाइटर जेट से की गई। रुद्रम-2 मिसाइल हवा से जमीन पर 300km की रेंज में वार कर सकती है। एंटी-रेडिएशन मिसाइल ऐसा हथियार है जो दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, कम्युनिकेशन सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस नेटवर्क को टार्गेट करता है। रुद्रम-2 मिसाइल इनर्शियल नेविगेशन और सैटेलाइट नेविगेशन सिस्‍टम दोनों से लैस है। रूद्रम-1 2020 में डेवलप की गई थी और ये भारत की पहली एंटी रेडिएशन मिसाइल है। 3. लोखंडे प्रशांत CBSE के नए चेयरमैन बने 2 जून को केंद्र सरकार ने सीनियर IAS ऑफिसर लोखंडे प्रशांत सीताराम को CBSE का नया चेयरमैन अपॉइंट किया। लोखंडे प्रशांत सीताराम AGMUT कैडर (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) 2001 बैच के IAS ऑफिसर हैं। लोखंडे 2022 में होम मिनिस्ट्री में जॉइंट सेक्रेटरी के तौर पर अपॉइंट हुए थे और मार्च में एडिशनल सेक्रेटरी बनाए गए थे। इसके साथ ही CBSE ने वरुण भारद्वाज को नया सचिव अपॉइंट किया है। दोनों ही अपॉइंटमेंट CBSE 12वीं बोर्ड में ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद के बाद हुए हैं। एक दिन पहले ही केंद्र सरकार ने CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर किया है। CBSE के पूर्व चेयरमैन राहुल 1996 बैच के IAS हैं और 2024 में CBSE के चेयरमैन बने थे। इसके अलावा OSM सर्विस के टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी की अध्यक्षता 1988 बैच की IAS एस राधा चौहान करेंगी। कमेटी को एक माह के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। एस राधा 2025 से कैपिसिटी बिल्डिंग कमीशन (CBC) की चेयरपर्सन हैं। लोखंडे प्रशांत ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पुणे विश्वविद्यालय से की है। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. विपुल सऊदी अरब में भारत के नए राजदूत बने 3 जून को भारत सरकार ने सीनियर डिप्लोमेट विपुल को सऊदी अरब (UAE) में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया। विपुल 1998 बैच के इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) ऑफिसर हैं। विपुल 2014 से 2017 तक मिनिस्ट्री ऑफ एक्‍सटर्नल अफेयर्स में जॉइंट सेक्रेटरी रहे। 2017 से 2020 तक विपुल ने UAE में भारत के काउंसल जनरल के तौर पर काम किया। काउंसल जनरल दूसरे देश में अपने देश के एड्वाइजर के तौर पर काम करते हैं। विपुल 2023 से जून 2026 तक कतर में भारत के लीडिंग डिप्लोमेट भी रहे। विपुल, सोहेल एजाज खान की जगह लेंगे। 1984 में विपुल ने दिल्ली IIT से ग्रेजुएशन किया। 5. जर्मनी ने भारतीयों के लिए ट्रांजिट वीजा खत्म किया 3 जून को जर्मनी ने भारतीय नागरिकों के लिए ट्रांजिट वीजा खत्म कर दिया है। अब किसी भी भारतीय नागरिक को किसी तीसरे देश की यात्रा के दौरान जर्मनी एयरपोर्ट पर ट्रांजिट करने के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा (Type A) की जरूरत नहीं होगी। यह नियम जर्मन संघीय कानून राजपत्र (Bundesgesetzblatt) में प्रकाशित होने के बाद लागू किया गया है। ये छूट सिर्फ एयरपोर्ट के इंटरनेशनल ट्रांजिट एरिया (Type A) में रहने वाले यात्रियों के लिए ही है। ये जर्मनी में एंट्री के लिए नहीं है। यदि कोई भारतीय यात्री एयरपोर्ट से बाहर निकलना चाहते हैं या जर्मनी क्षेत्र में प्रवेश करना चाहते हैं, तो उन्हें वीजा लेना जरूरी होगा। ट्रांजिट वीजा ट्रांजिट वीजा किसी देश से किसी अन्य देश की यात्रा के दौरान हॉल्ट करने के लिए जारी किया जाता है। जैसे यदि आप भारत से किसी अन्य देश (जैसे अमेरिका, कनाडा, यूके) जा रहे हैं और आपकी उड़ान का ले ओवर (layover) जर्मनी के किसी एयरपोर्ट पर है, तो अब अलग से ट्रांजिट वीजा लेने की जरूरत नहीं होगी। मिसलीनियस (MISCELLENEOUS) 6. ओडिशा के कॉस्टल हाईवे को मंजूरी मिली 3 जून को केंद्र सरकार ने ओडिशा में कॉस्टल हाईवे (राजमार्ग परियोजना) को मंजूरी दी। ये कॉस्टल हाईवे 8,300 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। ये परियोजना 346 किमी लंबे ओडिशा तटीय राजमार्ग का हिस्सा है, जो भविष्य में राज्य के तटीय क्षेत्रों को बेहतर ढंग से जोड़ेगी। राजमार्ग परियोजना के पहले चरण में 160 किमी लंबे रामेश्वर-कोणार्क-पारादीप मार्ग को विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के मुताबिक राजमार्ग का रामेश्वर से कोणार्क 4 लेन और कोणार्क से पारादीप हिस्सा 2 लेन किया जाएगा। राजमार्ग से भुवनेश्वर और खुर्दा के विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZs), भुवनेश्वर का मेगा फूड पार्क, परादीप, कोणार्क, जगतसिंहपुर, पुरी और केंद्रपाड़ा के फिशरी क्लस्टर और कटक के फार्मा क्लस्टर को बेहतर ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिल सकेगी। परियोजना के तहत पुरी रेलवे स्टेशन, प्रस्तावित पुरी हवाई अड्डा, अस्तारंगा पोर्ट, पारादीप पोर्ट और जगतसिंहपुर स्थित मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क को भी जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के पूरे होने से चक्रवात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में भी आसानी होगी। आज का इतिहास 1946 में सिंगर एस पी. बालासुब्रह्मण्यम का जन्म हुआ था। 1989 में चीन की सरकार ने बीजिंग में प्रदर्शन कर रहे अपने ही नागरिकों पर तोप चढ़ा दी थी, जिसे थ्‍येनआनमन स्‍क्‍वायर नरसंहार के नाम से जानते हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें.. पहली वर्ल्‍ड योगासन चैंपियनशिप अहमदाबाद में शुरू होगी: काजीरंगा नेशनल पार्क के हैंडलूम अब Amazon पर मिलेंगे; 3 जून के करेंट अफेयर्स आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक

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RPSC की 3 बड़ी भर्ती एकसाथ:तहसीलदार के 148 पद समेत RAS में...

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई राजस्थान राज्य और अधीनस्थ सेवाएं (RAS) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2026 के 607 पदों के लिए आवेदन कल (4 जून) से शुरू होंगे। इच्छुक अभ्यर्थी 3 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 29 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस भर्ती में राज्य सेवा के 192 पद और अधीनस्थ सेवा के 415 पद शामिल हैं। 1 जनवरी 2027 को अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। अभ्यर्थियों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा में ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे, जबकि मुख्य परीक्षा में डिस्क्रिप्टिव (वर्णनात्मक) प्रश्न होंगे। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। राज्य सेवाएं (192 पद) अधीनस्थ सेवाएं (415 पद) सहायक अभियोजन-अधिकारी, पद 371, आवेदन 8 जून से शुरू होंगे राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) सहायक अभियोजन अधिकारी (गृह विभाग-अभियोजन) के 371 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 8 जून से आमंत्रित कर रहा है। आवेदन 7 जुलाई तक किए जा सकेंगे। इस भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा 2 सितंबर को आयोजित की जाएगी। 1 जनवरी 2027 को न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष से कम होनी चाहिए। आयोग ने इन पदों को 2024 में विज्ञापित किया था, जिसके बाद आयु की गणना 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर की गई थी। क्योंकि इन पदों के लिए कोई नया विज्ञापन जारी नहीं किया गया है, इसलिए अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। अभ्यर्थियों का चयन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से होगा, जो दो चरणों में प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी। 11 जून से कर सकेंगे आवेदन, 3 डिवीजन में भर्ती राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी के कुल 3 पदों पर भर्ती होगी। इसमें टॉक्सिकोलॉजी, फिजिक्स और बैलिस्टिक्स डिवीजन में 1-1 पद शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन 11 जून से शुरू होकर 10 जुलाई 2026 रात 12 बजे तक कर सकेंगे। खास बात ये है कि अगर कोई अभ्यर्थी एक से ज्यादा डिवीजन के लिए आवेदन करना चाहता है तो उसे प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग फॉर्म भरना होगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। परीक्षा तिथि बाद में घोषित होगी। शैक्षणिक योग्यता व वर्गवार जानकारी आयोग की वेबसाइट http://rpsc.rajasthan.gov.in पर देखी जा सकती है। लेक्चरर (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर भर्ती प्रोसेस जारी राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में लेक्चरर (विशेष शिक्षा) के 121 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन सोमवार से शुरू कर दिए हैं। कैंडिडेट्स 30 जून 2026 की रात 12 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कैंडिडेट की उम्र 1 जनवरी 2027 को 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं होंगे। कैंडिडेट का सिलेक्शन एग्जाम के माध्यम से होगा। परीक्षा तिथि और परीक्षा केंद्रों की जानकारी बाद में अलग से जारी की जाएगी। (अधिक जानकारी के लिए करें क्लिक) पढें ये खबर भी…. Source link

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India First Country Ebola Medicine | Kaziranga Handloom Amazon

Hindi News Career India First Country Ebola Medicine | Kaziranga Handloom Amazon | June 3 Current Affairs 9 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. भारत सरकार ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (संशोधन) नियम, 2026 लागू किया 2 जून को गृह मंत्रालय ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (संशोधन) नियम, 2026 का नोटिफिकेशन जारी किया। नए नियमों के मुताबिक, अब 180 दिन के वीजा पर भारत आए विदेशी कभी भी वीजा की अवधि बढ़ाने के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इससे पहले तक 180 दिन पूरे होने के बाद ही, 14 दिन के अंदर रजिस्‍ट्रेशन कराना होता था। सभी विदेशी नागरिकों को आदेश मिलने के 30 दिन के भीतर अपील करनी होगी। बच्चों की नागरिकता से जुड़े नियम भी बदले इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (संशोधन) नियम, 2026 के मुताबिक, अगर बच्चे के माता-पिता में से कोई एक यदि भारतीय नागरिक है और बच्चे की भारतीय नागरिकता बनाए रखना चाहता है, तो बच्चे पर विदेशी नागरिकों के रजिस्ट्रेशन वाले नियम लागू नहीं होंगे। वहीं, भारत में रह रहा कोई बच्चा किसी दूसरे देश की नागरिकता हासिल करता है, तो उसके माता-पिता को 30 दिन के भीतर इसकी जानकारी रजिस्ट्रेशन अधिकारी को देनी होगी। इसके अलावा कुछ मामलों में सूचना देने की समय-सीमा 24 घंटे तय की गई है। गृह मंत्रालय ने ये बदलाव इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 30 के तहत किए हैं। संसद ने मार्च 2025 में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 पास किया था। इस कानून में पासपोर्ट एक्ट 1920, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एक्ट 1939, फॉरेनर्स एक्ट 1946 और इमिग्रेशन एक्ट 2000 समेत कई पुराने कानूनों के प्रावधान शामिल हैं। कानून के तहत यदि कोई गैर कानूनी तरीके से किसी विदेशी को देश में लाता, ठहराता या बसाता है, तो उसे 3 साल जेल या 2 से 5 लाख रुपए का जुर्माना या फिर दोनों की सजा हो सकती है। 2. भारत ने अफ्रीका में इबोला प्रभावितों के लिए मेडिकल हेल्प भेजी 2 जून को भारत ने अफ्रीका में इबोला प्रभावितों के लिए मेडिकल हेल्प भेजी। इबोला प्रभावितों के लिए 43 टन की मेडिकल हेल्प भेजी गई है। भारत ने ये सहायता अफ्रीकी संघ की स्वास्थ्य एजेंसी ‘अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल’ (Africa CDC) को भेजी है। इस मेडिकल खेप में जीवन रक्षक दवाएं और हेल्थ इक्विपमेंट जैसे डायगनोस्टिक किट, इंफेक्शन प्रिवेंशन मटेरियल, प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट और केस मैनेजमेंट सप्लाई शामिल हैं। ये भारत सरकार की भेजी हुई दूसरी मेडिकल खेप भी। इससे पहले 24 मई को भी आपातकालीन चिकित्सा आपूर्ति खेप भेजी गई थीं। 17 मई को विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने कांगो और युगांडा में इबोला वायरस को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। इबोला वायरस की अभी तक कोई वैक्सीन नहीं है। हालांकि WHO ने कहा है कि ये वायरस कोविड-19 जितना खतरनाक नहीं है। भारत में 2014 के बाद इबोला का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। दुनिया में इबोला वायरस का पहला मामला और प्रकोप वर्ष 1976 में सामने आया था। भारत ने अपनी ‘वैक्सीन मैत्री’ और चिकित्सा सहायता नीति के तहत ये मेडिकल हेल्प भेजी है। 3.इलेक्ट्रॉनिक और आईटी मिनिस्ट्री ने DPIIT के साथ MoU साइन किया 2 जून को डिजिटल इंडिया भाषिनी (BHASINI) प्लेटफॉर्म ने डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) के साथ एक MoU साइन किया। इस MoU के तहत, भाषिनी के ‘उद्यत’, ‘मित्रा’, ‘ऐपमित्रा’ और ‘वक्ता’ जैसे मंचों के जरिए उद्यमियों, निवेशकों और स्टार्टअप्स के लिए वॉयस-बेस्ड बहुभाषी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इलेक्ट्रॉनिक और IT मिनिस्ट्री के मुताबिक इस MoU का उद्देश्य बहुभाषी डिजिटल कैपेबिलिटी को मजबूत करना है। इस MoU का उद्देश्य DPIIT के डिजिटल प्लेटफार्मों पर बहुभाषी पहुंच यानी एक से ज्यादा भाषाओ में जानकारी देने है। इसमें एक से ज्यादा भाषाओं में काम-काज शुरू करना और उससे जुड़ी सर्विस देना शामिल है। इससे सरकारी सूचना, स्टार्टअप और इंडस्ट्रियल सर्विस, कम्युनिकेशन को बढ़ावा मिलेगा। एक से ज्यादा भाषाओं में जानकारी होने से लोगों के बीच भाषाई मुश्किल कम होगी और इस MoU का उद्देशय संविधान के आठवें शेड्यूल में शामिल सभी 22 भाषाओं में एडमिनिस्ट्रेशन और सर्विस को शुरू करना है। DPIIT देश में इंडस्ट्री और इंटरनल ट्रेड इको-सिस्टम को मजबूत करने का काम करता है। भाषिनी के अनुवाद (ट्रांसलेशन) और टेक्नोलॉजी को DPIIT प्लेटफार्मों में मिलाया जाएगा। इस MoU में डोमेन-स्पेसिफिक बहुभाषी AI मॉडल डेवलप किए जाएंगे। साथ ही बहुभाषी वॉइस बेस्ड डेटा सेट बनाए जाएंगे। BHASINI (भाषिनी) भाषिनी (भारत के लिए भाषा इंटरफेस) भारत की राष्ट्रीय भाषा को बढ़ावा देने का काम करता है और ये सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आता है। ये अनुवाद, भाषण और बहुभाषी डिजिटल सेवाएं देने के लिए AI-बेस्ड लैंग्वेज टेक्नोलॉजी का उपयोग करता है। जिससे नागरिकों को उनकी पसंदीदा भाषा में डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में मदद मिलती है। BHASINI का उद्देशय AI बेस्ड डिजिटल एडमिनिस्ट्रेशन को मजबूती से पेश कर सकेगा। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप अहमदाबाद में शुरू होगी 4 जून से पहली ‘विश्व योगासन चैंपियनशिप’ गुजरात के अहमदाबाद में शुरू होगी। इस चैंपियनशिप में 40 से ज्यादा देशों के एथलीट हिस्सा लेंगे। अमेरिकी योगासन टीम भी इस चैंपियनशिप में हिस्सा लेने भारत आएगी। भारत का लक्ष्य 2036 के ओलिंपिक में योगासन को स्पोर्ट्स के तौर पर शामिल करवाना है। ये चैंपियनशिप युवा मामले और खेल मंत्रालय, आयुष मंत्रालय और योगासन बॉडी मिलकर करवा रहे हैं। चैंपियनशिप का उद्देश्य दुनिया भर में योगासन के लिए प्रतिस्पर्धा नियमों और स्कोरिंग स्टैंडर्ड को शुरू करना है। ये एक खेल के तौर में योगासन को व्यापक अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने के भारत के अभियान में एक प्रमुख कदम का प्रतिनिधित्व करता है। 27 मई को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स में ‘योगासन’ को शामिल करने का ऐलान भी किया था। भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा। मिसलीनियस (MISCELLENEOUS) 5. काजीरंगा नेशनल पार्क ने ‘ई-शॉप लॉन्च किया 2 जून को अमेजन और GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) ने एक MoU ‘ई-शॉप’ लॉन्च किया। इस MoU के तहत काजीरंगा नेशनल पार्क अमेजन के जरिए अपने हैंडलूम प्रोडक्ट्स बेचेगा। काजीरंगा में ‘ई-शॉप लॉन्च करने का उद्देश्य वन संरक्षण को बढ़ाना और आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देना है। काजीरंगा के

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SI में 61 और AEN भर्ती में 23 पद बढ़ाए:सीनियर साइंटिस्ट के...

राजस्थान लोक सेवा आयोग(RPSC) ने मंगलवार को एक तरफ वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी के 3 पदों पर नई भर्ती का विज्ञापन जारी किया है, वहीं दूसरी तरफ सब-इंस्पेक्टर और सहायक अभियंता भर्ती-2024 के पदों में बढ़ोतरी की है। उप निरीक्षक भर्ती में 61 पद बढाए गए है और अब 1086 पदों पर भर्ती होगी। इसी प्रकार AEN के 23 पद बढाए गए है और अब भर्ती 1027 पदों पर होगी। इसके लिए आयोग ने शुद्धि-पत्र भी जारी कर दिया है। SI भर्ती में 61 पद बढ़े, अब 1086 पदों पर होगी भर्ती गृह विभाग के लिए चल रही सब-इंस्पेक्टर/प्लाटून कमांडर भर्ती-2025 में भी पदों की बढ़ोतरी कर दी है। उप निरीक्षक एपी नॉन-शेड्यूल एरिया के 61 पद बढ़ाए गए हैं। पहले इस कैटेगरी में 896 पद थे, जो अब बढ़कर 957 हो गए हैं। हालांकि, शेड्यूल एरिया, सहरिया, आईबी और प्लाटून कमांडर के पदों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अब कुल 1086 पदों पर भर्ती होनी है। जल संसाधन विभाग में AEN के 23 पद बढ़े सहायक अभियंता भर्ती-2024 में भी पद बढ़ाए गए है। जल संसाधन विभाग में सहायक अभियंता सिविल के 23 पद बढ़ाए गए हैं। अब इस विभाग में कुल पद 156 से बढ़कर 179 हो गए हैं। पूरी भर्ती में AEN के अब कुल 1027 पद हो गए हैं। 11 जून से कर सकेंगे आवेदन, 3 डिवीजन में भर्ती राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी के कुल 3 पदों पर भर्ती होगी। इसमें टॉक्सिकोलॉजी, फिजिक्स और बैलिस्टिक्स डिवीजन में 1-1 पद शामिल है। ऑनलाइन आवेदन 11 जून से शुरू होकर 10 जुलाई 2026 रात 12 बजे तक चलेंगे। खास बात ये है कि अगर कोई अभ्यर्थी एक से ज्यादा डिवीजन के लिए आवेदन करना चाहता है तो उसे हर पद के लिए अलग-अलग फॉर्म भरना होगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। परीक्षा तिथि बाद में घोषित होगी। शैक्षणिक योग्यता व वर्गवार जानकारी आयोग की वेबसाइट http://rpsc.rajasthan.gov.in पर देखी जा सकती है। पीटीआई, सहायक आचार्य का भर्ती साक्षात्कार कार्यक्रम राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा शारीरिक प्रशिक्षण अनुदेशक (काॅलेज शिक्षा विभाग) भर्ती- 2023 के अन्तर्गत साक्षात्कार के पांचवे चरण एवं सहायक आचार्य (चिकित्सा शिक्षा विभाग) भर्ती-2024 अंतर्गत विभिन्न पदों का साक्षात्कार कार्यक्रम जारी किया गया है। विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। शारीरिक प्रशिक्षण अनुदेशक (कॉलेज शिक्षा विभाग) परीक्षा-2023 के पांचवें चरण के इंटरव्यू 15 और 16 जून को आयोजित होंगे। इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा विभाग भर्ती- 2024 के तहत सहायक आचार्य- यूरो ऑन्कोलॉजी (सुपर स्पेशियलिटी ) तथा जेरियाट्रिक्स मेडिसिन (ब्राॅड स्पेशियलिटी) के पदों हेतु 15 जून को साक्षात्कार का आयोजन किया जाएगा। वहीं सहायक आचार्य- एनेस्थिसियोलॉजी/एनेस्थीसिया (ब्राॅड स्पेशियलिटी) के पदों के लिए 15 व 16 जून 2026 को साक्षात्कार लिए जाएंगे। साक्षात्कार के समय सभी अभ्यर्थियों को अपने साथ स्वयं का नवीनतम पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो, नवीनतम स्पष्ट फोटोयुक्त मूल पहचान-पत्र एवं समस्त मूल प्रमाण-पत्र मय फोटो प्रति के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करना होगा अन्यथा साक्षात्कार से वंचित कर दिया जाएगा। अभ्यर्थियों के साक्षात्कार पत्र आयोग की वेबसाइट पर यथासमय अपलोड कर दिए जाएंगे। संरक्षण अधिकारी प्रतियोगी परीक्षा 2025 का पाठ्यक्रम जारी राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा संरक्षण अधिकारी (महिला एवं बाल विकास विभाग) प्रतियोगी परीक्षा, 2025 का पाठ्यक्रम अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। पाठ्यक्रम आरपीएससी की वेबसाइट पर https://rpsc.rajasthan.gov.in पर ‘Protection Officer, 2025’ के नाम से उपलब्ध है। Source link

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CBSE Chairman Secretary Transferred Over On-Screen Marking Controversy; Govt Probe

Hindi News Career CBSE Chairman Secretary Transferred Over On Screen Marking Controversy; Govt Probe 11 मिनट पहले कॉपी लिंक CBSE के नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर उठे विवाद के चलते बोर्ड अध्‍यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्‍ता का तबादला कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने नए मार्किंग सिस्‍टम में आई गड़बड़‍ियों की शिकायतों के चलते ये कदम उठाया है। इसके साथ ही सरकार ने OSM सर्विस की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक समिति भी गठित की है। कैपेसिटी बिल्डिंग कमिशन की चेयरमैन एस राधा चौहान इस एक सदस्यीय कमेटी की अध्यक्ष होंगी। जांच समिति यह पता लगाएगी कि इस सिस्‍टम की खरीद और लागू करने की प्रक्रिया में कहीं कोई अनियमितता या गड़बड़ी तो नहीं हुई। सीनियर IAS अधिकारी राहुल सिंह 13 मार्च 2024 को CBSE के अध्यक्ष बने थे। दरअसल, 13 मई को CBSE ने 12वीं का रिजल्ट जारी किया था। इस बार पहली बार कॉपियां कंप्यूटर स्क्रीन (OSM सर्विस) पर चेक की गई थीं। रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों ने नंबरों को लेकर शिकायत की, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई। ———— दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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अमेरिका का पहला एआई स्कूल:हाईटेक लैब होते हुए भी बच्चों को दिमाग...

जॉर्जिया राज्य के हार्मनी एलीमेंट्री स्कूल की लाइब्रेरी में पहली क्लास के बच्चे रंग-बिरंगे प्लास्टिक ब्लॉक्स से घर बनाने में जुटे हैं। टीचर शानाज लखानी प्लास्टिक के खिलौने को दिखाकर पूछती हैं,‘यह हमारा ‘यूजर’ है। हमें इसके लिए मजबूत घर बनाना है, जो भूकंप में भी न गिरे।’ टीचर यहां बच्चों को ‘यूजर एक्सपीरियंस’ और ‘एआई एप्लीकेशंस’ जैसे भारी-भरकम तकनीकी शब्द सिखा रही हैं। वाइटबोर्ड पर डेटा साइंस और प्रोग्रामिंग के रंग-बिरंगे ट्राएंगल्स बने हैं। पर, 7 साल के इन मासूमों को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि इसका एआई से क्या कनेक्शन है, वे तो बस अपनी टीचर की गोद में बैठकर, दोस्तों के साथ मिलकर खिलौनों का घर बनाने का आनंद ले रहे हैं। भविष्य की कल्पनाओं में अक्सर ऐसे स्कूल दिखते हैं जहां रोबोट पढ़ा रहे हों और बच्चे चैटबॉट्स से बातें कर रहे हों। लेकिन, हकीकत में यह स्कूल तकनीक से ज्यादा इंसानी जुड़ाव पर टिका है। असली शिक्षा वही है जहां टीचर्स का व्यक्तिगत मार्गदर्शन, बच्चों का आपसी जुड़ाव और खुद से सोचने की क्षमता अहम रहती है। इस हाई स्कूल को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ‘नौकरियां बदलने वाली’ रिपोर्ट देखकर डिजाइन किया गया था। पूर्व छात्र मोहम्मद रिजवान व जोसेफ श्राग ने बताया कि ‘एआई स्कूल’ का दावा हकीकत से अलग था। उन्होंने कहा कि हम एआई का उतना इस्तेमाल नहीं करते। रोबोटिक्स जैसी कुछ क्लास छोड़ दें तो बाकी पढ़ाई पारंपरिक तरीके से होती है। भाषा व इतिहास में टीचर्स बच्चों से हाथ से निबंध लिखवाते हैं ताकि वे एआई से मदद न ले सकें। स्कूल के मैकेनिकल इंजीनियरिंग रूम में कार्डबोर्ड से बड़ा स्पिनिंग गेम बना रहे एक छात्र से जब पूछा गया कि क्या उसने इसके लिए किसी एआई टूल या चैटबॉट का इस्तेमाल किया? तो उसका जवाब था, ‘नहीं, मैं सिर्फ अपने दिमाग का इस्तेमाल कर रहा हूं।’ इतिहास की क्लास में जब बच्चे चैटबॉट से सवाल-जवाब करते हैं, तो टीचर केसी होलीक्रॉस उनका मार्गदर्शन करती हैं। पैरेंट लिडिया क्लार्क कहती हैं,‘हमारे बच्चे तकनीक की वजह से नहीं, बल्कि स्कूल के सुरक्षित माहौल और बेहतरीन टीचर्स के मानवीय जुड़ाव की वजह से आगे बढ़ रहे हैं। एआई सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी ‘खान एकेडमी’ के प्रमुख सलमान खान ने स्वीकार किया है कि कई छात्रों के लिए एआई टूल से पढ़ना बेहद निराशाजनक रहा, क्योंकि मशीनें बच्चों की मानसिक उलझन को इंसानों की तरह नहीं समझ सकतीं। ’ स्कूल के अधिकारियों ने भी अंततः माना कि उनके लिए एआई का मतलब सिर्फ कोडिंग सिखाना नहीं, बल्कि उन ‘ड्यूरेबल स्किल्स’ (जैसे- नैतिक सोच, आपसी सहयोग और रचनात्मकता को बचाना है जो मशीनें कभी नहीं सीख सकतीं। आपसी चर्चा, एक्टिविटी को महत्व ताकि मौलिक सोच बनी रहे स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ने 800 से ज्यादा रिसर्च पेपर्स की स्टडी करके चेतावनी दी है कि एआई टूल तुरंत काम पूरा करने में तो मदद करते हैं, पर लंबे वक्त में बच्चों की खुद सोचने की क्षमता खत्म हो रही है। इसे वैज्ञानिकों ने ‘कॉग्निटिव सरेंडर’ कहा है, जहां इंसान अपने फैसले मशीनों पर छोड़ देता है। हार्मनी स्कूल इस खतरे को भांपते हुए ‘ह्यूमन टच’ पर जोर दे रहा है। यहां एआई सिर्फ टूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है, जबकि मुख्य फोकस आपसी चर्चा, फिजिकल एक्टिविटी और टीचर्स के मार्गदर्शन पर है ताकि बच्चों की मौलिक सोच बनी रहे। Source link

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JEE Advanced 2026: Record Girls Qualify

51 मिनट पहले कॉपी लिंक पुणे की आरोही देशपांडे JEE Advanced 2026 की गर्ल्‍स टॉपर हैं। सोमवार को जारी JEE एडवांस्‍ड 2026 रिजल्‍ट में पहली बार 10,000 से ज्यादा लड़कियों ने क्‍वालिफाई किया है। ये पहली बार है जब इतनी संख्‍या में लड़कियों ने IITs में दाखिले के लिए क्वालिफाई किया है। इस साल परीक्षा में शामिल होने वाली हर चार लड़कियों में से लगभग एक ने सफलता हासिल की। लड़कियों का सक्‍सेस रेट 89% बढ़ा 2019 में IITs में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सुपरन्‍यूमरेरी सीटें लागू होने के बाद से हर साल लड़कियों की भागीदारी STEM एजुकेशन में बढ़ी है। 2019 में IITs के लिए क्वालिफाई करने वाली लड़कियों की संख्या 5,356 थी, जो 2026 में बढ़कर 10,107 हो गई है। यानी करीब 89% की बढ़ोतरी। वहीं, JEE Advanced में शामिल होने वाली लड़कियों की संख्या 33,249 से बढ़कर 40,562 हो गई है, जो लगभग 22% की वृद्धि है। ये दिखाता है कि IITs में लड़कियों की भागीदारी और सफलता दोनों लगातार बढ़ रही हैं। 1,79 लाख कैंडिडेट्स शामिल हुए थे कुल 1,87,389 कैंडिडेट्स ने JEE Advanced 2026 के लिए रजिस्‍टर क‍िया था जिसमें से 1,79,694 कैंडिडेट्स एग्‍जाम में शामिल हुए। इनमें से कुल 56,880 कैंडिडेट्स ने परीक्षा पास की है। कैंडिडेट्स रोल नंबर/मोबाइल नंबर और DOB का यूज करके अपना JEE Advanced स्कोर 2026 देख सकते हैं। हालांकि, अभी तक JEE फाइनल आंसर की को लेकर को अपडेट नहीं दिया गया है। पुणे की आरोही देशपांडे बनीं गर्ल्‍स टॉपर पुणे की आरोही देशपांडे ने JEE Advanced 2026 में लड़कियों के बीच टॉप किया है। आरोही की ऑल इंडिया रैंक 77 है। कक्षा 9 के बाद आरोही की IIT की तैयारी के लिए उनका परिवार कोटा शिफ्ट हो गया था। यहां आरोही ने एलन करियर इंस्टिट्यूट से तैयारी की। आरोही देशपांडे ने JEE Mains में AIR 99 हासिल की थी। उनके पिता प्रसाद देशपांडे IT प्रोफेशनल हैं, जबकि मां अमिता देशपांडे पर्यावरण इंजीनियर हैं। दोनों ने वर्क फ्रॉम होम लेकर बेटी की तैयारी में पूरा सहयोग दिया। अरोही ने द इंडियन एक्‍सप्रेस को बताया कि उनका फोकस सिर्फ अच्छे नंबर लाना था, न कि रैंक हासिल करना। —————– ये खबर भी पढ़ें.. NEET, CBSE के बाद CUET एग्जाम में भी गड़बड़ी: 2 घंटे देरी से शुरू हुआ एग्जाम, सेंटर पर छात्रों की नारेबाजी 30 मई को तकनीकी गड़बड़ी की वजह से कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट यानी CUET-UG की पहली शिफ्ट की परीक्षा दो घंटे देर से शुरू हुई। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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CBSE OSM Tender Probe | Rahul Allegations; Govt Demands Report

नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक CBSE की ओएसएम प्रोसेस में गलतियों को लेकर NSUI ने 1 जून को दिल्ली में बोर्ड ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। CBSE ने छात्रों की आंसरशीट बदले जाने और कम नंबर के विवाद में एक्‍शन लेना शुरू कर दिया है। शिक्षा मंत्रालय ने कोएम्प्ट (COEMPT) को टेंडर देने को लेकर बोर्ड से रिपोर्ट मांगी है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शिक्षा मंत्रालय ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश का मन बना लिया है। हालांकि, CBSE अधिकारियों ने गड़बड़ी के आरोपों से इनकार किया और कहा है कि टेंडर सामान्य वित्तीय नियमों और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं के अनुसार ही दिया गया था। CBSE ने यह ठेका 5 दिसंबर को कोएम्प्ट एडुटेक को दिया गया था। यानी 17 फरवरी को पहली बोर्ड परीक्षा शुरू होने से ठीक 74 दिन पहले। राहुल गांधी भी लगातार बोर्ड और शिक्षा मंत्री पर हमलावर हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने आरोप लगाया था कि OSM के लिए टेंडर प्रक्रिया से किसी खास वेंडर को फायदा पहुंचाया गया। पोर्टल आज से फिर चालू, कल दिनभर नहीं खुला बोर्ड की रीवैल्युएशन साइट सोमवार देर शाम तक नहीं खुल सकी। इससे लाखों छात्र परेशान हुए। बोर्ड की तरफ से दिनभर यही कहा गया कि ‘पोर्टल विल गो लाइव सून’। बोर्ड से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पोर्टल पर लगातार ‘अनॉथराइज इंटरफियरेंस’ जारी है यानी हैकिंग की कोशिशें की जा रही हैं। हालांकि, मंगलवार को बोर्ड ने घोषणा की कि 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए उसका बहुप्रतीक्षित वेरिफिकेशन और रीवैल्युएशन पोर्टल अब लाइव हो गया है। अभी तक क्या-क्या हुआ…. 13 मई- CBSE ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित किए। 19 मई- पोस्ट रिजल्ट शिकायतों के समाधान के लिए पोर्टल खोला, लेकिन पहले ही दिन क्रैश हो गया। 22 मई- तीन बार एक-एक दिन के लिए आंसरशीट की फोटोकॉपी लेने की तारीख बढ़ाई गई। 25 मई- पोर्टल दुरुस्त करने के लिए देश के दो आईआईटी से मदद मांगी गई। 1 जून- OSM का रीवैल से जुड़ा पोर्टल दिन भर नहीं खुल सका। 2 जून- बोर्ड ने पोर्टल लाइव करने की घोषणा की, यह 6 जून तक ओपन रहेगा। CBSE-ओएसएम में गड़बड़ी के व्हिसल ब्लोअर कौन हैं वेदांत: दिल्ली के वेदांत श्रीवास्तव ने भी 12वीं की परीक्षा दी थी। फिजिक्स में 65 नंबर मिले तो उन्होंने आवाज उठाई। रीवैल्युएशन में कॉपी मिली तो गड़बड़ी का पता चला। पहले उन्हें ​सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। ट्रोलर्स ने उन्हें देशद्रोही तक कहा, बाद में बोर्ड ने गलती मानी और माफी मांगी। कौन हैं सार्थक: रांची के 17 साल के सार्थक सिद्धांत टेक रिसर्चर हैं। उन्होंने भी परीक्षा दी थी। उन्होंने एक आम छात्र से आगे बढ़कर एक खोजी पत्रकार/डेटा साइंटिस्ट की तरह काम किया। सीबीएसई की तरफ से जारी पिछले 576 दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन और तुलना कर टेंडर में गड़बड़ी का खुलासा किया। COEMPT पर तेलंगाना बोर्ड एग्जाम में गड़बड़ी के आरोप COEMPT एडुटेक तेलंगाना के हैदराबाद की कंपनी है। ये फर्म तेलंगाना, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में डिजिटल इवैल्युएशन का काम करती है। 2019 में इसका नाम ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड था। तब इस पर तेलंगाना में 12वीं के बोर्ड एग्जाम में डेटा प्रोसेसिंग में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। उस साल राज्य में 9.74 लाख में से 3 लाख से ज्यादा बच्चे फेल हो गए थे। यूथ कांग्रेस देशभर में प्रदर्शन तेज करेगा इंडियन यूथ कांग्रेस ने परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर अपने देशव्यापी आंदोलन को तेज करने की योजना की घोषणा की है। कांग्रेस का यूथ विंग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की अपनी मांग कर रही है। विरोध प्रदर्शनों में मशाल जुलूस, छात्र संपर्क कार्यक्रम, प्रदर्शन और घेराव शामिल होंगे। इस अभियान में महाराष्ट्र, तेलंगाना, असम, हरियाणा, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, पंजाब और तमिलनाडु सहित अन्य राज्य शामिल होंगे। हालांकि, इसकी तय तारीख के बारे में नहीं बताया है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर 6 जून को भारत लौटेंगे: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके 6 जून को भारत लौटेंगे। इसके बाद वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन में वे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे। दिपके ने इसकी जानकारी अपने X अकाउंट ‘कॉकरोच इज बैक’ पर दी है। कॉकरोच जनता पार्टी एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जो भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की हालिया कॉकरोच टिप्पणी के बाद सामने आया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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CBSE OSM Tender Probe | Rahul Allegations; Govt Demands Report

नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक CBSE के ओएसएम प्रोसेस में गलतियों को लेकर NSUI ने 1 जून को दिल्ली में बोर्ड के ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। CBSE ने छात्रों की आंसरशीट बदले जाने और कम नंबर के विवाद में एक्‍शन लेना शुरू कर दिया है। शिक्षा मंत्रालय ने COEMPT को टेंडर देने को लेकर बोर्ड से रिपोर्ट मांगी है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शिक्षा मंत्रालय ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश का मन बना लिया है। हालांकि CBSE अधिकारियों ने गड़बड़ी के आरोपों से इनकार किया और कहा है कि टेंडर सामान्य वित्तीय नियमों (जीएफआर) और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं के अनुसार ही दिया गया था। गौरतलब है कि CBSE ने यह ठेका 5 दिसंबर को कोएम्प्ट एडु टेक को दिया गया था। यानी 17 फरवरी को पहली बोर्ड परीक्षा शुरू होने से ठीक 74 दिन पहले। राहुल गांधी भी लगातार बोर्ड और शिक्षा मंत्री पर हमलावर हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने आरोप लगाया था कि OSM के लिए टेंडर प्रक्रिया से किसी खास वेंडर को फायदा पहुंचाया गया है। पोर्टल आज से फिर चालू, कल दिनभर नहीं खुला बोर्ड की रीवैल्युएशन साइट सोमवार देर शाम तक नहीं खुल सकी। इससे लाखों छात्र परेशान हुए। बोर्ड की तरफ से दिनभर यही कहा गया कि ‘पोर्टल विल गो लाइव सून’। इतना ही नहीं बोर्ड से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पोर्टल पर लगातार ‘अनॉथराइज इंटरफियरेंस’ जारी है यानी हैकिंग की कोशिशें की जा रही हैं। हालांकि मंगलवार को बोर्ड ने घोषणा की कि 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए उसका बहुप्रतीक्षित वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन पोर्टल अब लाइव हो गया है। अभी तक क्या-क्या हुआ…. 13 मई- CBSE ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित किए। 19 मई- पोस्ट रिजल्ट शिकायतों के समाधान के लिए पोर्टल खोला, लेकिन पहले ही दिन क्रैश हो गया। 22 मई- तीन बार एक-एक दिन के लिए आंसरशीट की फोटोकॉपी लेने की तारीख बढ़ाई गई। 25 मई- पोर्टल दुरुस्त करने के लिए देश के दो आईआईटी से मदद मांगी गई। 1 जून- OSM का रीवैल से जुड़ा पोर्टल दिन भर नहीं खुल सका। 2 जून- बोर्ड ने पोर्टल लाइव करने की घोषणा की, यह 6 जून तक ओपन रहेगा। CBSE-ओएसएम में गड़बड़ी के व्हिसिल ब्लोअर कौन हैं सार्थक: रांची के 17 साल के सार्थक सिद्धांत टेक रिसर्चर हैं। उन्होंने भी परीक्षा दी थी। उन्होंने एक आम छात्र से आगे बढ़कर एक खोजी पत्रकार/डेटा साइंटिस्ट की तरह काम किया। सीबीएसई की तरफ से जारी पिछले 576 दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन और तुलना कर टेंडर में गड़बड़ी का खुलासा किया। कौन हैं वेदांत: दिल्ली के वेदांत श्रीवास्तव ने भी 12वीं की परीक्षा दी थी। फिजिक्स में 65 नंबर मिले तो उन्होंने आवाज उठाई। रीवैल्युएशन में कॉपी मिली तो गड़बड़ी का पता चला। पहले उन्हें ​सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। ट्रोलर्स ने उन्हें देशद्रोही तक कहा, बाद में बोर्ड ने गलती मानी और माफी मांगी। COEMPT पर तेलंगाना बोर्ड एग्जाम में गड़बड़ी के आरोप COEMPT एडुटेक तेलंगाना के हैदराबाद की कंपनी है। ये फर्म तेलंगाना, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों मे डिजिटल इवैल्यूएशन का काम करती है। 2019 में इसका नाम ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड था। तब इस पर तेलंगाना में 12वीं के बोर्ड एग्जाम में डेटा प्रोसेसिंग में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। उस साल राज्य में 9.74 लाख में से 3 लाख से ज्यादा बच्चे फेल हो गए थे। यूथ कांग्रेस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन तेज करेगा इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर अपने देशव्यापी आंदोलन को तेज करने की योजना की घोषणा की है। कांग्रेस की यूथ विंग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की अपनी मांग कर रही है। विरोध प्रदर्शनों में मशाल जुलूस, छात्र संपर्क कार्यक्रम, प्रदर्शन और घेराव शामिल होंगे। इस अभियान में महाराष्ट्र, तेलंगाना, असम, हरियाणा, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, पंजाब और तमिलनाडु सहित अन्य राज्य शामिल होंगे। हालांकि इसकी तय तारीख के बारे में नहीं बताया है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर 6 जून को भारत लौटेंगे: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके 6 जून को भारत लौटेंगे। इसके बाद वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन में वे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे। दिपके ने इसकी जानकारी अपने X अकाउंट ‘कॉकरोच इज बैक’ पर दी है। कॉकरोच जनता पार्टी एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जो भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की हालिया कॉकरोच टिप्पणी के बाद सामने आया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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