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Railway Recruitment 6777 Apprentice Jobs

Hindi News Career Railway Recruitment 6777 Apprentice Jobs | Weekly Top Govt Vacancies 12 मिनट पहले कॉपी लिंक इस हफ्ते निकली हैं रेलवे और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन सहित कई विभागों में 12,116 पदों पर नौकरियां। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 6 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 6 ग्राफिक्स के जरिए जानिए: ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक महिला कॉन्स्टेबल की भर्ती का ऑफिशियल नोटिफिकेशन पुरुष कॉन्स्टेबल भर्ती का ऑफिशियल नोटिफिकेशन ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक . दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… IIT कानपुर स्टूडेंट ने एक दिन में 77 करोड़ कमाए: दो दोस्तों के साथ मिलकर खड़ा किया अपना स्टार्टअप, कंपनी की वैल्यू 415 करोड़ जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर अयोध्या के राम मंदिर में निकली सीईओ की भर्ती: ग्रेजुएट्स को मौका, एज लिमिट 70 साल, 3 सदस्यीय समिति करेगी सिलेक्शन जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर प्राइमरी स्कूल से बच्चों को मिलेगी सेक्स एजुकेशन: हफ्ते में 2 बार लगेगी 20 मिनट की क्लास; 26 सदस्यों के पैनल ने तैयार की रिपोर्ट जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर Source link

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CBSE 10th Board 2026 2nd Result Released

Hindi News Career CBSE 10th Board 2026 2nd Result Released | 6.7 Lakh Students Appeared 12 मिनट पहले कॉपी लिंक CBSE कक्षा 10वीं सेकंड बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए छात्रों का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। छात्र केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in के जरिये अपना रिजल्ट चेक व डाउनलोड कर सकते हैं। कुल 96.78% स्‍टूडेंट्स परीक्षा में पास हुए हैं। CBSE 10वीं मेन एग्जाम का रिजल्ट जारी होने के बाद लगभग 6.7 लाख छात्रों ने दूसरी बोर्ड की परीक्षा में भाग लेने के लिए आवेदन किया था। रिजल्ट चेक करने के लिए जरूरी डिटेल्स : रोल नंबर स्कूल नंबर एडमिट कार्ड आईडी रैंक या टॉपर लिस्ट जारी नहीं CBSE ने इस बार भी साफ किया है कि बोर्ड किसी भी छात्र की रैंक या टॉपर लिस्ट जारी नहीं करेगा। बोर्ड का कहना है कि इसका उद्देश्य छात्रों पर कॉम्पिटिशन का दबाव कम करना है। हालांकि जिन छात्रों ने अलग-अलग विषयों में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया होगा, उन्हें मेरिट सर्टिफिकेट दिया जाएगा। ये सर्टिफिकेट सेकेंड बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद DigiLocker के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। 33% अंक लाना जरूरी जो छात्र मेन एग्जाम में एक या दो विषय में असफल घोषित किए गए थे। उन्हें दूसरी बोर्ड की परीक्षा में पास होने के लिए न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करना जरूरी है। इसके साथ ही जो छात्र दूसरी बोर्ड की परीक्षा में फेल होंगे, वे छात्र अगले साल बोर्ड की परीक्षा में शामिल होकर अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं। इसी साल शुरू की गई 10वीं बोर्ड सेकंड परीक्षा CBSE ने कक्षा 10वीं के लिए सेकंड (दूसरी) बोर्ड परीक्षा 2026 से ही शुरू की है ताकि छात्रों को उसी शैक्षणिक वर्ष में अपना प्रदर्शन सुधारने का एक और मौका मिल सके। यह व्यवस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप लागू की गई है। ————– ये खबर भी पढ़ें… UPTET 2026 – 2 से 4 जुलाई तक:16 लाख उम्मीदवार परीक्षा में शामिल, मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग 2 से 4 जुलाई तक उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 का आयोजन करेगा। आयोग ने परीक्षा को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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NEET UG 2026 Re-Exam Result Controversy

Hindi News Career NEET UG 2026 Re Exam Result Controversy | Marks Change Issue & Demand 5 मिनट पहले कॉपी लिंक नीट यूजी 2026 (री-एग्जाम) का रिजल्ट जारी होने के बाद एक ओर जहां स्टूडेंट नीट के ऑफिशियल पोर्टल पर अपने मार्क्स बार-बार बदलने की वजह से परेशान हैं। वहीं 71 साल के अशोक बाहरा जैसे लोग भी है जिन्होंने इस साल नीट एग्जाम दिया। फिर री नीट भी दिया। वे नीट एग्जाम में सीनियर सिटीजन के लिए 1% आरक्षण की मांग कर रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आर्या ने नीट रिजल्ट पर उठाए सवाल कानपुर की छात्रा आर्या सिंह ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी नीट के रिजल्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आर्या का आरोप है कि उनकी ओएमआर (OMR) शीट के मिलान के हिसाब से जहां उनके 609 नंबर बन रहे थे, वहीं NTA की वेबसाइट पर उनका रिजल्ट देखने के दौरान महज दो घंटे के भीतर दो अलग-अलग स्कोर दिखाई दिए। परेशान छात्रा ने सबूत के साथ शिक्षा मंत्री और NTA को मेल भेजकर जांच की मांग की है। 13 तारीख की रात को जब NTA की ऑफिशियल वेबसाइट पर उनकी OMR शीट आई, तो उसमें प्रश्न नंबरों का सीक्वेंस (क्रम) गलत था। हालांकि, जब उन्होंने अपने प्रश्नों का मिलान किया तो उनके 609 नंबर बन रहे थे। इसके बाद आर्या ने तुरंत NTA के चैलेंज पोर्टल पर इस सीक्वेंस की शिकायत की। शिकायत के जवाब में NTA ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर अपडेटेड OMR शीट भेजी, जिसमें क्वेश्चन नंबर का सीक्वेंस तो सही कर दिया गया, लेकिन स्कोर 609 ही रहा। आर्या का सवाल है कि एक ही छात्र के कुछ घंटों के अंदर दो अलग-अलग रिजल्ट कैसे जारी हो सकते हैं। फिलहाल NTA की वेबसाइट पर उनका स्कोर 167 अंक दिख रहा है। इसी आधार पर उनकी ऑल इंडिया रैंक 12,52,036 और कैटेगरी रैंक 3,67,585 दिखाई जा रही है। एनटीए और शिक्षामंत्री को भेजी शिकायत रिजल्ट में सामने आए इस अंतर के बाद आर्या ने अपने पास मौजूद स्क्रीनशॉट, OMR शीट और अन्य डॉक्यूमेंट्स को जमा किया। इसे आर्या ने NTA तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ईमेल के जरिए भेजा। आर्या ने मांग की है कि उनके मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अगर कोई तकनीकी गलती हुई है तो उसे जल्द से जल्द सुधारा जाए। पिछले साल भी आई थी दिक्कत आर्या ने बताया कि यह उनका दूसरा प्रयास थ। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2025 में भी नीट परीक्षा दी थी। उनका कहना है कि उस समय भी उन्हें रिजल्ट से जुड़ी कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, लेकिन पर्याप्त डॉक्यूमेंट्स और सबूत नहीं होने की वजह से वह शिकायत दर्ज नहीं करा सकी थीं। इस बार आर्या ने सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स और स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखे हैं। उनका कहना है कि अगर उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती है, तो वह इस मामले को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय तक भी लेकर जाएंगी। अब आर्या NTA की ओर से आने वाले जवाब और कार्रवाई का इंतजार कर रही हैं। 70 साल की उम्र में बनना चाहते हैं डॉक्टर 70 वर्षीय अशोक बहरा डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने में जुटे हैं। NEET UG 2026 के सबसे उम्रदराज उम्मीदवार के रूप में अशोक बहरा को जाना जा रहा है। वे अब मेडिकल कॉलेजों में सीनियर सिटिजन के लिए आरक्षण की मांग को लेकर कोर्ट पहुंच गए हैं। उनका कहना है कि अगर सीनियर सिटीजन को मेडिकल शिक्षा हासिल करने का अधिकार है तो उन्हें एडमिशन में भी उचित अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में योग्य वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1% आरक्षण की मांग करते हुए 13 जुलाई को लखनऊ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस पर जल्द सुनवाई होने की संभावना है। सीनियर सिटीजन के लिए आरक्षण पर कोर्ट पहुंचे अशोक बहरा ने अपनी याचिका में कहा है कि NEET UG में दिव्यांग, स्वतंत्रता सेनानियों, पूर्व सैनिकों और अन्य विशेष वर्गों को आरक्षण का लाभ मिलता है लेकिन सीनियर सिटिजन के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। उनका कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर भी यदि कोई व्यक्ति मेडिकल शिक्षा हासिल करना चाहता है और परीक्षा पास करने की क्षमता रखता है तो उसे भी समान अवसर मिलना चाहिए। उनकी मांग पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अशोक बहरा ने इस मांग को लेकर 5 मई और 26 जून 2026 को केंद्र सरकार को आवेदन भी भेजे थे हालांकि उनकी मांग पर कोई सकारात्मक फैसला नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया। याचिका में उन्होंने केंद्र सरकार की मौजूदा नीति को मनमाना और तर्कहीन बताते हुए कहा है कि यह समानता और न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। याचिका में अशोक बहरा ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह सीनियर सिटिजन के लिए MBBS एडमिशन में आरक्षण या अलग कोटा देने पर विचार करे और इस संबंध में उचित नीति तैयार करे। पत्नी समेत परिवार में करीब 20 डॉक्टर अशोक बहरा का पूरा परिवार चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है. उनकी पत्नी डॉ.मंजू बहरा एक अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। इसके अलावा परिवार में करीब 20 डॉक्टर हैं जो कई वर्षों से चिकित्सा सेवा दे रहे हैं। बहरा कहते हैं कि पत्नी से उन्हें हमेशा प्रेरणा मिली। डॉक्टरों के बीच रहते हुए उनका मेडिकल क्षेत्र के प्रति लगाव और मजबूत होता गया। 1974 में पहली बार दी थी मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम अशोक बहरा ने बताया कि उन्होंने पहली बार 1974 में मेडिकल प्रवेश परीक्षा दी थी। लेकिन वह सफल नहीं हो पाए। इसके बाद उन्होंने 2023 में दोबारा कोशिश की लेकिन परीक्षा केंद्र देर से पहुंचने के कारण उन्हें परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिली7 करीब तीन साल बाद उन्होंने फिर हिम्मत जुटाई और 2026 में NEET UG परीक्षा दी। ये खबर भी पढ़ें IIT कानपुर स्टूडेंट ने एक दिन में 77 करोड़ कमाए:दो दोस्तों के साथ मिलकर खड़ा किया अपना स्टार्टअप, कंपनी की वैल्यू 415 करोड़ कम उम्र में करोड़ों की कमाई करने वाले युवाओं में सिद्धार्थ सक्सेना का नाम शामिल हो गया है। उन्होंने एक ही दिन में लगभग 8 मिलियन

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Lucknow School Assault | Nursery Student Beaten By Class Monitor

Hindi News Career Lucknow School Assault | Nursery Student Beaten By Class Monitor 13 मिनट पहले कॉपी लिंक लखनऊ में 5 साल के नर्सरी क्लास के बच्चे को क्लास की मॉनिटर ने 2 मिनट तक जमकर मारा। ये घटना क्लास टीचर की गैर मौजूदगी में हुई। क्लॉस मॉनिटर ने बच्चे को लगातार थप्पड़े मारे। उसने सिर पकड़कर लड़के के बाल भी खींचे। यह घटना लखनऊ के ALS एकेडमी की है। सिर नीचे करके न बैठने की दी सजा क्लास में टीचर ने लगभग 18 बच्चों को बेंच पर सिर नीचे करके बैठने की सजा दी थी। टीचर के क्लास से कुछ देर के लिए चले जाने के बाद मॉनिटर ने जब एक बच्चे को सिर ऊपर उठाते हुए देखा तो उसे पीटना शुरू कर दिया। घटना के समय चुपचाप बैठे रहे बाकी बच्चे मॉनिटर ने अंदर से क्लास का दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद बच्चे ने दूसरे दरवाजे को खोलने की कोशिश की, जो बंद था। मॉनिटर ने उसे फिर से खींचकर सीट पर बैठाया और पीटा। इस पूरी घटना के समय क्लास के दूसरे बच्चे सिर नीचे करके चुपचाप बैठे रहे। Lucknow – In a shocking incident of child abuse inside a school, a 5-year-old nursery student was allegedly beaten continuously for 12 minutes by a class monitor at ALS Academy in Vrindavan Yojana, Lucknow. The entire episode was captured on CCTV cameras. A girl monitor of the… pic.twitter.com/eYM6YkgL8y — NextMinute News (@nextminutenews7) July 17, 2026 कैमरे में कैद हुई पूरी घटना मारपीट में बच्चे के चेहरे पर चोटें आईं। जब बच्चे के पेरेंट्स ने स्कूल प्रिंसिपल से शिकायत की, तो CCTV फुटेज देखे गए। इसमें पूरी घटना कैद मिली। घटना सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अभिभावकों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद क्लास की मॉनिटर को स्कूल से निकाल दिया गया है। बच्चे के पेरेंट्स की शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस रजिस्टर्ड किया है। इससे संबंधित आगे की कार्रवाई की जा रही है। —————— ये खबर भी पढ़ें… देश की पहली AI यूनिवर्सिटी कर्नाटक में बनेगी: यहीं AI हब बनाया जाएगा, रिसर्च और स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा; मुख्यमंत्री शिवकुमार की घोषणा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी के महत्व को देखते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने आज यानी 14 जुलाई को घोषणा की है कि राज्य में देश की पहली सरकारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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RPSC Recruitment 2026 | Application Correction Window Open

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा-2026, निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा- 2025 एवं निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा -2025 के आवेदन फार्म में संशोधन का मौका दिया गया है। . इसमें अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम, फोटो, जन्म तिथि व जेंडर के अतिरिक्त अन्य संशोधन ऑनलाइन किए जा सकते है। साथ ही आवेदन फार्म विड्रो का अवसर भी दिया है। ऑनलाइन संशोधन 18 से 24 जुलाई 2026 तक किए जा सकेंगे। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया-सहायक अभियोजन अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा-2026 का आयोजन 2 सितंबर 2026 तथा निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा – 2025 एवं निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा -2025 का आयोजन 19 सितंबर 2026 को किया जाना है। परीक्षा के लिए जारी विज्ञापन में उल्लेखित शर्तों के अनुसार ऑनलाइन संशोधन का अवसर अभ्यर्थियों को दिया गया है। ऑनलाइन संशोधन का अवसर अभ्यर्थियों के लिए सुविधा मात्र है। ऑफलाइन संशोधन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम, फोटो, जन्म तिथि व जेंडर में नहीं होगा संशोधन। ऑनलाइन संशोधन के लिए फीस व प्रोसेस संशोधन चाहने वाले अभ्यर्थी को ई-मित्र/ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से 500 रुपए का शुल्क जमा कराना होगा। आयोग के ऑनलाइन पोर्टल https://rpsc.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध एप्लाई ऑनलाइन लिंक अथवा एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन ऐप्स में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर संबंधित परीक्षा में ऑनलाइन संशोधन किया जा सकेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ई-मेल से अथवा फोन नं. 9352323625 व 7340557555 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है। बिना योग्यता फार्म भरने वाले कर सकते है विड्रो असत्य एवं गलत सूचना के आधार पर आवेदन करना तथा अहर्ता न होने पर भी उसे विड्रॉ नहीं करना भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे अभ्यर्थी को बाद में काउंसलिंग/पात्रता जांच/ साक्षात्कार के दौरान अपात्र पाए जाने पर आगामी 1 वर्ष की अवधि के लिए भर्ती परीक्षाओं से डिबार भी किया जाएगा। अतः ऐसे अभ्यर्थी भी 18 से 24 जुलाई 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ कर सकते हैं। इसके लिए एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर माय रिक्रूटमेंट सेक्शन के अन्तर्गत संबंधित परीक्षा के समक्ष उपलब्ध विथड्रॉ बटन पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ किया जा सकता है। Source link

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Dr T Srinivas Kumar Appointed Earth Sciences Secretary

Hindi News Career Dr T Srinivas Kumar Appointed Earth Sciences Secretary | Vikram Rocket Launch 16 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) आज प्राइवेट ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट विक्रम-1 की पहली टेस्टिंग होगी 18 जुलाई को भारत की प्राइवेट स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस अपने पहले ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट विक्रम-1 की पहली टेस्टिंग करेगी। स्काईरूट एयरोस्पेस का ये मिशन आगमन के नाम से ऑपरेट किया जा रहा है। इसकी लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष सेंटर से की जाएगी। ये रॉकेट छोटे उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करेगा। इस मिशन में कई पेलोड ले जाए जाने की उम्मीद है। अपनी पहली टेस्ट फ्लाइट के दौरान, विक्रम-1 60 डिग्री के झुकाव पर 450 किलोमीटर की कक्षा (ऑर्बिट) तक पहुंचेगा। विक्रम-1 कॉस्मोसर्व का मकसद ऑर्बिट में दुनिया के पहले ‘सॉफ्ट रोबोटिक कैप्चर सिस्टम’ को टेस्ट करना है। इस टेक्नोलॉजी को फ्लेक्सिबल रोबोटिक आर्म्स का इस्तेमाल करके बेकार हो चुके सैटेलाइट और ऑर्बिटल मलबे को कैप्चर करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस टेक्नोलॉजी का मकसद स्पेस इंडस्ट्री के सामने मौजूद सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक – स्पेस जंक (अंतरिक्ष का कचरा) की समस्या को हल करना है। कंपनी ने कहा कि ‘मिशन आगमन’ का मकसद उड़ान के दौरान स्काईरूट के ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल और अहम टेक्नोलॉजी की परफॉर्मेंस को परखना भी है। विक्रम-1 स्काईरूट का दूसरा स्पेस मिशन है। इससे पहले 2022 में स्काईरूट विक्रम-S सबऑर्बिटल की भी सफल टेस्टिंग कर चुका है। विक्रम-S भारतीय जमीन से अंतरिक्ष तक पहुंचने वाला पहला प्राइवेट तौर पर बनाया गया रॉकेट था। विक्रम-1 विक्रम-1 को स्काईरूट एयरोस्पेस ने डिजाइन और विकसित किया है। इसका नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है। इस व्हीकल को 350 किलोग्राम तक वजन वाले छोटे सैटेलाइट्स को लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में के लिए डिजाइन किया गया है। ये रॉकेट पूरी तरह से कार्बन-कंपोजिट सामग्री से बना है, जो स्टील से 5 गुना हल्का और अत्यधिक मजबूत है 2. देश में पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू हुई 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस ट्रेन को हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से रवाना किया गया। इसका नाम ‘नमो ग्रीन रेल’ रखा गया है। ये पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित एक ‘जीरो पॉल्यूशन’ ट्रेन है। इसमें बिजली बनाने के लिए फ्यूल सेल का उपयोग किया जाता है, जिससे ट्रेन की इलेक्ट्रिक मोटर चलती है। इसके साथ ही भारत, जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन के बाद हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया है। हाइड्रोजन ट्रेन प्रदूषण कम करने और ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। ये हाइड्रोजन ट्रेन ‘हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज’ योजना का हिस्सा है। इसके तहत देश के अलग-अलग ऐतिहासिक (हेरिटेज) और पहाड़ी रूटों पर ऐसी 35 हाइड्रोजन ट्रेनें चलाने की योजना है। हाइड्रोजन ट्रेन ये ऐसी ट्रेन होती हैं जो डीजल के बजाय हाइड्रोजन ईंधन से चलती है। इसमें बिजली बनाने के लिए फ्यूल सेल का उपयोग किया जाता है, जिससे ट्रेन की इलेक्ट्रिक मोटर चलती है। ट्रेन की छत पर हाइड्रोजन गैस टैंकों में संग्रहित रहती है और फ्यूल सेल में हाइड्रोजन और हवा की ऑक्सीजन की रासायनिक अभिक्रिया होती है। इस प्रक्रिया से बिजली बनती है। यही बिजली ट्रेन के इलेक्ट्रिक मोटरों को चलाती है। पीएम मोदी ने जींद रेलवे स्टेशन पर हाइड्रोजन ट्रेन को सोनीपत के लिए रवाना किया। अपॉइंट (APPOINTMENT) 3. टी श्रीनिवास कुमार पृथ्वी विज्ञान के सचिव अपॉइंट हुए 16 जुलाई को केंद्र सरकार ने सीनियर ओशनोग्राफर डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार तुम्मला को अर्थ साइंस मिनिस्ट्री (MoES) का नया सेक्रेटरी अपॉइंट किया। अर्थ साइंस भारत सरकार का एक प्रमुख मंत्रालय है, जो मौसम, जलवायु, महासागर, भूकंप विज्ञान और प्राकृतिक आपदाओं के पूर्वानुमान और अनुसंधान के लिए काम करती है। वे इस पद पर 2 साल तक के लिए होंगे। उन्होंने 1998 में श्रीनाथ ISRO में वैज्ञानिक के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। श्रीनाथ ने 2001 में रिमोट सेंसिंग, भू-स्थानिक तकनीक और आपदा प्रबंधन परियोजनाओं पर कार्य किया। श्रीनाथ ने एड्वाइजर सर्विस एंड सैटेलाइट ओशियनग्राफी ग्रुप में भी काम कर चुके हैं। श्रीनाथ महासागर सूचना सेवाओं, समुद्री पूर्वानुमान और उपग्रह आधारित महासागर निगरानी कार्यक्रमों को लीड कर चुके हैं। 2024 में श्रीनाथ UNESCO-IOC के हेड, इंडियन ओसियन सुनामी वार्निंग एंड मिटिगेशन सिस्टम (IOTWMS) पर्थ (ऑस्ट्रेलिया) में सेक्रेट्रेट में काम किया। श्रीनाथ ने एड्वाइजर सर्विस एंड सैटेलाइट ओशियनग्राफी ग्रुप में भी काम कर चुके हैं। 4. पीएम नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ और पंजाब का दौरा किया 17 जुलाई को पीएम नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ और पंजाब का दौरा किया। पीएम मोदी ने ₹12,070 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्टों की नींव रखी और उद्घाटन किया। साथ ही पीएम मोदी जालंधर से देश के 75 अमृत भारत स्कीम वाले रेलवे स्टेशनों का भी उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी में जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का उद्धगहटन किया और अमृतसर-वाराणसी के बीच चलने वाली नई श्रीसंत रविदास एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 5. राफेल लड़ाकू विमान डार्विन पहुंचा 17 जुलाई को भारतीय वायुसेना (IAF) की एक टुकड़ी युद्धाभ्यास ‘पिच ब्लैक 2026’ में हिस्सा लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंची है। भारतीय वायुसेना ने चार राफेल और दो C-17 एयरक्राफ्ट के साथ 120 से ज्यादा सैनिकों की टुकड़ी युद्धाभ्यास के लिए ऑस्ट्रेलिया भेजा है। ‘पिच ब्लैक 2026’ युद्धाभ्यास 20 जुलाई से 7 अगस्त तक उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (RAAF) के डार्विन, टिंडल और एंबरली बेस पर आयोजित होगा। इस युद्धाभ्यास में 20 देशों के करीब 100 जेट एयरक्राफ्ट और 2,500 से अधिक जवान हिस्सा लेंगे। भारतीय वायुसेना की टुकड़ी इंडो-पैसिफिक और यूरोप के देशों की वायु सेनाओं के साथ मिलकर जटिल हवाई अभ्यास में हिस्सा लेगी। ये दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है। जिससे दोनों देशों के बीच आपसी तालमेल और ऑपरेशनल जानकारी बढ़ेगी। अभ्यास ‘पिच ब्लैक 2026’ हमारे सहयोगियों और मित्र देशों के साथ वायुसेना की सबसे बड़ी ट्रेनिंग है। 1983 से डार्विन में आयोजित होने वाला ‘पिच ब्लैक’ अभ्यास RAAF का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास है। इस अभ्यास में भारत, अमेरिका, जापान,

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IT Professional Moonlighting Controversy | 7 Lakh Monthly Salary Stress

Hindi News Career IT Professional Moonlighting Controversy | 7 Lakh Monthly Salary Stress 54 मिनट पहले कॉपी लिंक हाल के दिनों में 29 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल रोहित अपनी मूनलाइटिंग जॉब की वजह से चर्चा में हैं। यह मामला एक पर्सनल फायनेंस पॉडकास्ट ‘फिक्स योर फाइनेंस से सामने आया। इसमें रोहित ने खुद को आईटी कर्मचारी बताया। इसके बाद सोशल मीडिया और मीडिया में रोहित और उसके काम की चर्चा होने लगी। रोहित की मासिक आय 7 लाख रोहित एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। शो के दौरान रोहित ने बताया कि वे एक भारतीय कंपनी में दिन में और एक अमेरिकन कंपनी में रात में काम करते हैं। दोनों नौकरियों से उनकी मासिक आय लगभग 7 लाख बताई गई है। उनका सालाना सैलरी पैकेज 84 लाख रुपए है। वे प्रतिदिन लगभग 16 घंटे काम करते हैं। उनके पास दो घर, एक कार और लगभग 80–82 लाख की बचत है। एक साथ करते हैं दो नौकरियां रोहित को डर है कि भविष्य में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के कारण आईटी नौकरियों पर असर पड़ सकता है। बचपन की आर्थिक कठिनाइयों के कारण वे फायनेंशियल इनसिक्योरिटी महसूस करते हैं। इसी वजह से वे लगातार दो नौकरियां कर रहे हैं, हालांकि इससे उन पर मानसिक और शारीरिक दबाव भी बढ़ा है। रोहित को पढ़ाने के लिए भाई ने छोड़ी पढ़ाई शो में रोहित ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी जहां दो बच्चों को एक साथ पढ़ाया जा सके। इसलिए उसके बड़े भाई ने पढ़ाई छोड़ दी ताकि रोहित पढ़ाई कर सके। उसे लगता है कि अगर अब वह परिवार की जरूरतें पूरी नहीं सका तो यह उसके लिए परिवार की हार जैसा होगा। 80 लाख की सेविंग के बाद भी परेशान रोहित ने कहा कि उसके पास 80 लाख रुपये की सेविंग्स है। उसने 84 लाख का घर लिया है और पिता बनने के बाद एक कार ली है। इन दोनों की हर महीने अच्छी-खासी ईएमआई जाती है। इस महंगाई के जमाने में 80 लाख की सेविंग्स के बाद भी रोहित अपनी आर्थिक सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। 7 – 8 करोड़ की बचत के बाद एक नौकरी छोड़ देंगे जब शर्मा ने रोहित से पूछा कि क्या वह अपने काम और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन बनाने के लिए अपनी किसी एक नौकरी को छोड़ने पर विचार करेंगे, तो रोहित ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय लेने से पहले एक वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किया है। रोहित ने कहा – अगले 5 से 6 सालों में मैं 7 या 8 करोड़ रुपये बचाना चाहता हूं। फिर मैं वह नौकरी छोड़ दूंगा और सिर्फ अपनी अमेरिका वाली नौकरी जारी रखूंगा। मूनलाइटिंग वर्क क्या है? एक साथ कई नौकरियां करना मूनलाइटिंग होता है। यह एक पार्ट-टाइम जॉब या फ्रीलाइंसिंग वर्क होता है। क्योंकि इसमें काम लैपटॉप और इंटरनेट से हो सकता है। भारत में मूनलाइटिंग : भारत में मूनलाइटिंग पर कोई नेशनल लॉ नहीं है। इसकी अनुमति मुख्य रूप से रोजगार अनुबंध, कंपनी की HR नीति और लागू श्रम कानूनों पर निर्भर करती है। यदि कर्मचारी कंपनी की अनुमति के बिना प्रतिस्पर्धी कंपनी के लिए काम करता है या गोपनीय जानकारी साझा करता है, तो यह अनुबंध का उल्लंघन माना जा सकता है। मूनलाइटिंग का चलन कई दशकों से मौजूद है, लेकिन कोविड-19 के बाद (2020 से) और विशेष रूप से 2022 से भारत के आईटी सेक्टर में यह चर्चा का विषय बना। मूनलाइटिंग का उद्देश्य अतिरिक्त आय कमाना, नए कौशल सीखना या अनुभव प्राप्त करना है। ये खबर भी पढ़ें प्राइमरी स्कूल से बच्चों को मिलेगी सेक्स एजुकेशन:हफ्ते में 2 बार लगेगी 20 मिनट की क्लास; 26 सदस्यों के पैनल ने तैयार की रिपोर्ट भारत में सेक्स एजुकेशन स्कूलों के सिलेबस में शामिल होने जा रही है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह एक कमेटी की सिफारिश के अनुसार स्कूलों/कॉलेजों में कॉम्प्रिहेंसिव सेक्स एजुकेशन शुरू करने के लिए सहमत है। कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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Raghuram Rajan Joins US Fed Task Force & Aman Seharawat Wins Budapest...

Hindi News Career Raghuram Rajan Joins US Fed Task Force & Aman Seharawat Wins Budapest Gold 51 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. RBI पूर्व गवर्नर रघुराम राजन US फेडरल रिजर्व टास्क फोर्स में नियुक्त हुए 16 जुलाई को RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन US फेडरल रिजर्व की टास्क फोर्स में अपॉइंट हुए। ये 5 सदस्यों की एक हाईलेवल रिव्यू टास्क फोर्स है। ये टास्क फोर्स अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी के स्ट्रक्चर को एनालायज करेगी। इस टास्क फोर्स का काम फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी, डेटा एनालेसिस, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI), और बैलेंस शीट से जुड़े स्ट्रक्चर को रिव्यू करना होगा। इस टास्क फोर्स में रघुराम राजन बैलेंस शीट पॉलिसी की समीक्षा करने वाले पैनल का हिस्सा होंगे। साथ ही भारतीय मूल के विशेषज्ञ डेटा, प्रोडक्टिविटी और इंफलेशन के स्ट्रक्चर को रिव्यू करेंगे। इस टास्क फोर्स का उद्देश्य भविष्य की आर्थिक चुनौतियों के लिए फेडरल रिजर्व की नीति को बेहतर बनाना है। रघुराम राजन भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रह चुके हैं। साथ ही वे यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर भी रह चुके हैं। भारतीय मूल के राज चेट्टी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिस्ट हैं और वे डेटा टास्क फोर्स के डेटा टास्क को लीड करेंगे। भारतीय मूल की आशा शर्मा माइक्रोसॉफ्ट में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट हैं और वे इस टास्क फोर्स में प्रोडक्टिविटी पर काम करेंगी। इसके साथ ही इस टास्क फोर्स में बैंक ऑफ इंग्लैंड के पूर्व गवर्नर मर्विन किंग, वॉलमार्ट के पूर्व CEO डग मैकमिलन, नोबेल पुरस्कार विजेता थॉमस सार्जेंट शामिल हैं। केविन वॉर्श हाल ही में US Fed के चेयरमैन बने हैं । US फेडरल बैंक US फेडरल USA का केंद्रीय बैंक है। इसे आम बोलचाल में ‘फेड’ कहा जाता है। US फेडरल का मुख्य काम अमेरिकी अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाना, मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना और मौद्रिक नीति को ऑपरेट करना होता है। US फेडरल 1913 में स्थापित किया गया था, इसका हेडक्वार्टर वाशिंगटन, डीसी में है। 2003 से 2006 तक रघुराम राजन IMF में मुख्य अर्थशास्त्रीऔर रिसर्च डिपार्टमेंट के डायरेक्टर भी रहे। नेशनल (INTERNATIONAL) 2. वाराणसी में 2 एलीवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी 15 जुलाई को केंद्र सरकार ने ₹25,445.96 करोड़ की लागत वाली दो सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं के तहत वाराणसीशहर में कुल 89.26 किलोमीटर लंबे दो एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे। एक कॉरिडोर वरुण नदी किनारे बनेगा, जिसकी लंबाई 43.21 किमी होगी। ये परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) पर विकसित की जाएगी और इसकी अनुमानित लागत 10,998.32 करोड़ रुपए होगी। नए कॉरिडोर से NH-31 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। NH-19 से रिंग रोड तक बनेगा 46 किमी का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर कैबिनेट बनेगा। गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर गंगा नदी के समानांतर बनने वाली छह लेन की एलिवेटेड रोड होगी। ये नेशनल हाईवे-19 (NH-19) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा। इस कॉरिडोर के जरिए अस्सी घाट, मणिकर्णिका घाट, नमो घाट और काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंच आसान हो जाएगी। यह परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) पर विकसित की जाएगी। स्पोर्ट्स (SPORTS) 3. अमन सहरावत ने बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज 2026 जीती 16 जुलाई को भारतीय रेसलर अमन सहरावत ने बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज 2026 में गोल्ड मेडल जीता। अमन ने ये मेडल 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कैटेगरी में जीता है। अमन ने फाइनल में जॉर्जिया के रॉबर्टी डिंगाशविली को 13-3 से टेक्निकल सुपीरियरिटी के आधार पर हराकर खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही दीपक ने भी 61 किग्रा फ्रीस्टाइल में कड़े मुकाबले के बाद कांस्य पदक जीता। दीपक ने प्लेऑफ में अजरबैजान के नुरद्दीन नोवरुजोव को 9-8 से हराया। अमन ने 2013–14 में दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में फाइटिंग ट्रेनिंग शुरू की थी। 2022 में UWW अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता। 2023 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में 57 किग्रा कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता। 2023 में पेरिस ओलिंपिक गेम्स में 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कैटेगरी में सबसे कम उम्र में ब्रॉन्ज जीतने वाले रेसलर बने। अमन ने अप्रैल 2026 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप’ में सिल्वर मेडल जीता था। बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज 2026 बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज 2026 को पोल्याक इमरे, वर्गा जानोस और कोजमा इस्तवान मेमोरियल भी कहा जाता है। ये सीरीज 15 से 19 जुलाई तक हंगरी में आयोजित की जा रही है। अमन ने ये मेडल 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कैटेगरी में जीता है। 4. ICC ने वनडे वर्ल्ड कप, टी-20 का फॉर्मेट बदला 15 जुलाई को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने क्रिकेट के फॉर्मेट में बदलावों को मंजूरी दी। अब 2027 का वनडे वर्ल्ड कप और 2028 का टी-20 वर्ल्डकप नए फॉर्मेट में होगा। अब वनडे वर्ल्ड कप में 14 टीमों के साथ नया थ्री-स्टेज फॉर्मेट लागू होगा, जिसमें सेमीफाइनलिस्ट सुपर-7 राउंड से चुने जाएंगे। सब तक सुपर-6 से चुने जाते थे। वहीं, टी-20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 की जगह सुपर-10 स्टेज खेला जाएगा। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए दो नए एलिमिनेटर मुकाबले भी जोड़े गए हैं। दोनों ग्रुप की टॉप-3 टीमें सुपर सिक्स में पहुंचती थीं। सुपर सिक्स में 3-3 टीमों के दो ग्रुप बनते थे, जहां कुल 9 मैच खेले जाते थे। इसके बाद दोनों ग्रुप की टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल और फिर फाइनल में पहुंचती थीं। इसके अलावा 2028 टी-20 वर्ल्ड कप के लिए नया क्वालिफिकेशन स्ट्रक्चर बनाया गया है। इनका ऐलान एडिनबर्ग में हुआ। मिसलीनियस (Miscellaneous) 5. नेशनल इंवेस्टमेंट पॉलिसी फॉर यूरिया-2026 को मंजूरी 15 जुलाई को केंद्र सरकार ने नेशनल इंवेस्टमेंट पॉलिसी फॉर यूरिया-2026 (NIPU-2026) को मंजूरी दी। ये मंजूरी पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने दी। इसका उद्देश्य देश में गैस-आधारित नए यूरिया संयंत्रों में निवेश को बढ़ावा देना, घरेलू उत्पादन बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है। फिलहाल देश में 33 यूरिया प्रोडक्शन यूनिट हैं। जिनकी कुल क्षमता लगभग 269.42 लाख मीट्रिक टन (LMT) है। नई इंवेस्टमेंट पॉलिसी के तहत देश में लगने वाली सभी नई गैस आधारित यूरिया निर्माण इकाइयों को शामिल किया जाएगा। सरकार ने निवेशकों के लिए 12 से 16 फीसदी के बीच रिटर्न ऑन इक्विटी (आरओई) का प्रावधान किया है। इसके अलावा फिक्स्ड और वेरिएबल लागत को अलग-अलग रखी जाएगी, जिससे लागत निर्धारण

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NEET UG 2026 Result Declared

नई दिल्ली21 मिनट पहले कॉपी लिंक 3 मई की हुई NEET UG परीक्षा रद्द होने के बाद 21 जून को री-एग्जाम कराया गया था। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल करीब 20 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 11.21 लाख स्टूडेंट्स मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया टॉप किया। परीक्षा में 19 स्टूडेंट्स ने 700 से ज्यादा, जबकि 138 उम्मीदवारों ने 690 से अधिक अंक हासिल किए। टॉप स्कोरर्स में 93% से ज्यादा स्टूडेंट्स ने पहली बार परीक्षा दी थी। 99% टॉप रैंकर्स की उम्र 17 से 19 साल के बीच रही। क्वालिफाई करने वाले कुल उम्मीदवारों में 58% से ज्यादा छात्राएं और 55.1% छात्र हैं। स्टूडेंट्स अपना स्कोरकार्ड neet.nta.nic.in पर देख सकते हैं। पेपर लीक के कारण 3 मई को हुई NEET-UG 2026 की परीक्षा रद्द हो गई थी। इसके बाद NTA ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई। देश और विदेश के 551 शहरों में 5,440 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा 13 भाषाओं में हुई थी। NEET UG 2026: परीक्षा से रिजल्ट तक पूरी टाइमलाइन 3 मई 2026: NEET UG 2026 की पहली परीक्षा आयोजित 12 मई, 2026: पेपर लीक के आरोपों के बाद: 3 मई की परीक्षा रद्द की गई 21 जून 2026: देशभर में NEET UG की दोबारा परीक्षा हुई 25 जून 2026: प्रोविजनल आंसर-की जारी, ऑब्जेक्शन विंडो खुली 25–28 जून 2026: उम्मीदवारों से आंसर-की पर आपत्तियां मांगी गईं 13–15 जुलाई 2026: स्कैन की गई OMR शीट और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स जारी 16 जुलाई 2026: फाइनल आंसर-की जारी, NEET UG 2026 का रिजल्ट घोषित 2027 से कंप्यूटर आधारित होगी NEET परीक्षा पेपर लीक के बाद सरकार ने NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है। नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स कंप्यूटर पर सवाल हल करेंगे। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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NEET UG Result Declared | Over 80,000 Students Selected, Counseling to Start

Hindi News Career NEET UG Result Declared | Over 80,000 Students Selected, Counseling To Start 20 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने Re-NEET UG 2026 रिजल्ट जारी कर दिया है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट Re-NEET UG 2026 Result” या “NEET UG 2026 Score Card” पर जाकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं। 11.21 लाख कैंडिडेट्स क्‍वालिफाई कुल 11.21 लाख कैंडिडेट्स रीएग्‍जाम में क्‍वालिफाई हुए हैं। छात्राओं का पास पर्सेंट छात्रों से बेहतर रहा है। इस बार 138 उम्‍मीदवारों ने 720 में से 690 से ज्‍यादा स्‍कोर किया है। पंजाब के आर्यन गुप्‍ता आर हरियाणा के पांशुल बंसल 715 नंबर के साथ कंबाइंड टॉपर बने हैं। 2 भागों में होगी काउंसलिंग : MCC (AIQ) काउंसलिंग – 15% ऑल इंडिया कोटा सीटें, AIIMS, JIPMER, केंद्रीय विश्वविद्यालय, ESIC और Deemed Universities की सीटें। राज्य कोटा काउंसलिंग – प्रत्येक राज्य की 85% सरकारी मेडिकल सीटें और अधिकांश निजी मेडिकल कॉलेजों की सीटें। स्टूडेंट्स सोशल मीडिया पर चल रही रिजल्ट की फर्जी खबरों पर भरोसा न करें और सिर्फ ऑफिशियल अपडेट ही देखें। 21 जून को हुई थी परीक्षा री-NEET UG 2026 परीक्षा 21 जून 2026 (रविवार) को आयोजित की गई थी। यह परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक ऑफलाइन (OMR आधारित) मोड में हुई। इस एग्जाम के लिए 22 लाख स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इससे पहले NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई को हुई थी, लेकिन पेपर लीक विवाद के बाद उसे रद्द कर दिया गया और री-एग्जाम कराया गया। भारत के 551 शहरों में आयोजन Re-NEET यूजी 2026 भारत के 551 शहरों में 5,440 एग्जाम सेंटर पर और विदेशों में 14 केंद्रों पर आयोजित की गई। प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना की मदद ली गई। इसके तहत C – 17 परिवहन विमान और Mi – 17 हेलिकॉप्टर के जरिये नीट पेपर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए गए। ये खबर भी पढ़ें अंडरगारमेंट्स में मोबाइल लेकर NEET एग्जाम देने पहुंची छात्रा:MBBS स्टूडेंट्स एग्जाम देते अरेस्ट; 9 पसलियां टूटने के बाद भी सृष्टि ने दी परीक्षा रविवार 21 जून यानी को NEET का दोबारा एग्जाम हुआ। इस दौरान जहां बिहार में एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ। वहीं एक छात्रा अंडरगारमेंट्स में मोबाइल के साथ एग्जाम हॉल में पकड़ी गई। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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