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CJP Attack Row: CJP के आशुतोष रांका पर लगा Sc/ST एक्ट क्या है?...


CJP Attack Row:  कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक अभिषेक रांका और 50-60 कार्यकर्ताओं को के खिलाफ Sc/St एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. दरअसल, 21 अगस्त को अभिषेक रांका अपने कुछ साथियों के साथ जयपुर के एक स्कूल का दौरा करने जा रहे थे. इस बीच ग्रामीणों ने उन पर कथित तौर पर हमला कर दिया. रामपुर कंवरपुरा गांव के रहने वाले भगवान सहाय ढांका ने अभिषेक रांका और उनके साथियों खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई. जिसके आधार पर FIR दर्ज हुई.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, भगवान सहाय ने कहा कि शुक्रवार को, “सुबह करीब 9 बजे, CJP के आशुतोष रांका 50-60 लोगों के साथ स्कूल का निरीक्षण करने के बहाने हमारे गांव आए. उन्होंने मुझे और ग्रामीणों को गालियां देना शुरू कर दिया. उन्होंने हमारे गांव की महिलाओं के खिलाफ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. जब मैंने और ग्रामीणों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, तो उन्होंने हमें पीटना शुरू कर दिया. उन्होंने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर मुझे और अन्य ग्रामीणों को गाली दी और हमारा अपमान किया. इस घटना के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.”

अभिषेक रांका और CJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है. इनमें जानबूझकर चोट पहुंचाना, गलत तरीके से रोकना, गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा होना और शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना शामिल है. साथ ही SC/ST एक्ट की तीन धाराएं भी लगाई गई हैं. हम आपको बता रहे हैं कि एससी/एसटी एक्ट क्या है? अगर आरोप साबित हुआ तो अभिषेक रांका और उनके साथियों को कितनी सजा मिलेगी? अगर शिकायत झूठी निकली, तो शिकायतकर्ता के खिलाफ क्या एक्शन होगा?

SC/ST एक्ट क्या है?

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989, SC/ST जाति के लोगों के खिलाफ होने वाले भेदभाव, जातिसूचक अपमान, हिंसा और अत्याचार को रोकने और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया कानून है.

इस एक्ट के तहत दर्ज मामले संज्ञेय (Cognizable) और गैर-जमानती (Non-Bailable) होते हैं, यानी पुलिस बिना वारंट के आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है।

दोष साबित होने पर सजा

अगर कोर्ट में अभिषेक रांका और उनके सहयोगियों पर लगे आरोप साबित हो जाते हैं, तो उन्हें BNS और SC/ST एक्ट की धाराओं के तहत ये एक्शन होंगे:

SC/ST एक्ट की धाराओं के तहत:

  1. जातिसूचक शब्दों से अपमान (धारा 3(1)(R) & 3(1)(s)): सार्वजनिक स्थान पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करने पर कम से कम 6 महीने से लेकर अधिकतम 5 साल तक की जेल और जुर्माना.
  2. महिलाओं के खिलाफ अभद्र व्यवहार (धारा 3(1)(w)): SC/ST समुदाय की महिलाओं को अपमानित करने या अभद्र भाषा/व्यवहार के लिए कम से कम 6 महीने से 5 साल तक की जेल और जुर्माना.

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत:

  • गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा होना पर 6 महीने तक की जेल या जुर्माना या दोनों.
  • गलत तरीके से रोकने पर 1 महीने तक की जेल या जुर्माना.
  • जानबूझ कर चोट पहुंचाना पर 1 से 3 साल तक की जेल और जुर्माना.
  • शांति भंग करने के इरादे से अपमान करने पर 2 साल तक की जेल या जुर्माना.

शिकायत झूठी निकलने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?

अगर पुलिस जांच या अदालत की सुनवाई में यह साबित हो जाता है कि भगवान सहाय ढांका या ग्रामीणों द्वारा दर्ज कराई गई FIR पूरी तरह से झूठी और दुर्भावनापूर्ण (Malicious) थी, तो ये कानूनी एक्शन होगाः

  • BNS की धारा 248: किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के इरादे से झूठा आपराधिक मामला दर्ज कराने पर शिकायतकर्ता को 2 साल से लेकर 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है.
  • BNS की धारा 217: सरकारी कर्मचारी (पुलिस) को गुमराह करने के लिए झूठी सूचना देने पर 6 महीने तक की जेल या जुर्माना.
  • मानहानि का केसः अभिषेक रांका और CJP कार्यकर्ता अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए शिकायतकर्ता के खिलाफ BNS की धारा 356 (मानहानि) के तहत सिविल और क्रिमिनल मुकदमा दर्ज करा सकते हैं.
  • हाईकोर्ट में FIR रद्द करवानाः आरोपी पक्ष जांच के दौरान या बाद में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528 के तहत राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाकर झूठी FIR को रद्द (Quash) करने की याचिका लगा सकता है.

सीजेपी ने भी दर्ज करवाई एफआईआर

CJP कार्यकर्ता रेखा शर्मा ने भी गांव वालों के खिलाफ FIR कराई है. रेखा ने कहा, “हम CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत देश भर के स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं. हमें जानकारी मिली थी कि रामपुर कंवरपुरा में सरकारी स्कूल भैंसों के तबेलों में चलाया जा रहा है, इसलिए हमने वहां जाने का फैसला किया. आशुतोष रंका की अगुवाई में CJP की टीम गांव पहुंची, लेकिन हमारी गाड़ियों को स्कूल से दूर गांव की सीमा पर ही रोक दिया गया और हम पैदल जाने लगे. हमने देखा कि स्कूल से कुछ दूरी पर कुछ असामाजिक तत्व गाली-गलौज कर रहे थे… हमने बार-बार उनसे हमारी बात सुनने का अनुरोध किया कि हम खुद ग्रामीणों के बुलावे पर स्कूल का निरीक्षण करने आए हैं, लेकिन हमारी टीम पर चारों तरफ से ईंटों, डंडों और पत्थरों से भरी ट्यूबों से हमला किया गया.”

सीजेपी कार्यकर्ताओं को आई गंभीर चोटें

रेखा शर्मा ने कहा,”चार-पांच गुंडों ने हमारे हर कार्यकर्ता को घेर लिया और जान से मारने की नीयत से बेरहमी से हमला किया.” शिकायत में कहा गया कि सीजेपी के वॉलंटियर सुरेंद्र उर्फ ​​संजू वर्मा के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उनका हाथ टूट गया और उन्हें गंभीर चोट आई. इसमें आगे कहा गया कि एक अन्य वॉलंटियर, सलमान, को एक समूह ने घेर लिया और बेरहमी से पीटा, जिससे उनके पूरे शरीर पर गंभीर चोटें आईं. वहीं, CJP ने कहा, “रेखा शर्मा की आंखों में धूल झोंकी गई और उन पर चारों तरफ से हमला किया गया, उन्हें धक्का दिया गया और पीटा गया. उनके कंधे पर गंभीर चोट आई है.” CJP ने कहा है कि हमले के वीडियो मीडिया के पास उपलब्ध हैं और दावा किया कि हमले की साजिश रचने वाला व्यक्ति लालचंद शर्मा है, जो कैमरे में हमला करते हुए भी दिखाई दे रहा है.



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