Last Updated:
बेंगलुरु में उद्योगपति गौतम अदाणी और कर्नाटक के सीएम डी.के. शिवकुमार की एक घंटे की मुलाकात ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है. इस शिष्टाचार मुलाकात को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है. यह मुलाकात बेंगलुरु के अरबों रुपये के टनल रोड प्रोजेक्ट के बीच हुई है, जिसमें अदाणी एंटरप्राइजेज सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी है. विपक्ष का आरोप है कि कांग्रेस दिल्ली में विरोध और राज्यों में अदाणी का स्वागत करती है.
इस मुलाकात के बाद राजनीति तेज हो गई है.
बेंगलुरु में देश के दिग्गज उद्योगपति गौतम अदाणी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार की बंद कमरे में हुई एक घंटे की मुलाकात ने राज्य की सियासत में नया भूचाल ला दिया है. कांग्रेस और भाजपा के बीच शुरू हुए इस नए राजनीतिक युद्ध ने एक बार फिर से उद्योगपतियों और राजनीति के रिश्तों पर बहस छेड़ दी है. अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने बेंगलुरु पहुंचे थे. वहां से लौटते समय वे सीधे मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता डी. के. शिवकुमार के सदाशिवनगर स्थित आवास पहुंचे. हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय और शिवकुमार के करीबियों ने इसे महज एक शिष्टाचार भेंट करार दिया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात के समय को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं.
सुरंग सड़क प्रोजेक्ट के बीच हुई मुलाकात
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब बेंगलुरु की हेब्बाल से सिल्क बोर्ड तक बनने वाली अरबों रुपये की महत्वकांक्षी टनल रोड (सुरंग सड़क) परियोजना के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज सबसे कम बोली लगाने वाली (L1) कंपनी बनकर उभरी है. हालांकि, निविदा प्रक्रिया को अभी आधिकारिक तौर पर अंतिम रूप नहीं दिया गया है. ऐसे में विपक्षी दल आरोप लगा रहे हैं कि मुलाकात का मकसद औपचारिक बातचीत से कहीं ज्यादा इस मेगा प्रोजेक्ट को रफ्तार देना था.
‘कांग्रेस का दोहरा मापदंड’
मुलाकात की खबर सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोला. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने सवाल उठाया कि एक तरफ दिल्ली में राहुल गांधी अदाणी समूह के खिलाफ मोर्चा खोले रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ कर्नाटक की कांग्रेस सरकार उनके लिए “लाल कालीन” बिछा रही है.
अशोक ने तंज कसते हुए पूछा, “क्या राहुल गांधी ने शिवकुमार को अदाणी से मिलने की इजाजत दी थी? यह कांग्रेस का दोहरा चरित्र है.” उन्होंने राहुल गांधी को बेंगलुरु आकर उन पेड़ों को गले लगाने की सलाह भी दी, जो इस सुरंग सड़क परियोजना के कारण काटे जाने वाले हैं.
विवादों के घेरे में टनल प्रोजेक्ट
बेंगलुरु की ट्रैफिक समस्या को सुलझाने के लिए प्रस्तावित इस टनल प्रोजेक्ट का भाजपा शुरू से ही विरोध कर रही है. भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने तो इस परियोजना के खिलाफ कर्नाटक उच्च न्यायालय का रुख भी किया है. अब अदाणी और शिवकुमार की इस मुलाकात ने विपक्ष को सरकार को घेरने का एक और बड़ा मौका दे दिया है, जिससे आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में और गरमाहट आना तय है.
About the Author
पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
और पढ़ें